Category: Crime News

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  • दहल उठा बीड: सतीश उर्फ ‘खोक्या’ भोसले के परिवार पर आधी रात में जानलेवा हमला, महिलाओं को धारदार हथियारों से काटा गया

    बीड जिले के शिरुर तालुका में भाजपा विधायक सुरेश धास के करीबी सतीश उर्फ ‘खोक्या’ भोसले के परिवार पर 10-15 लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत का माहौल।

    बीड ज़िले के शिरुर तालुका में शनिवार देर रात एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया।
    जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक सुरेश धास के करीबी माने जाने वाले सतीश उर्फ ‘खोक्या’ भोसले के परिवार पर 10 से 15 लोगों के गिरोह ने हमला कर दिया।
    यह घटना गायरान बस्ती, तहसील कार्यालय के पास की बताई जा रही है।

    🔪 हाथों में कुल्हाड़ी और दरांती लिए पहुंचे हमलावर

    रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब साढ़े 11 बजे हमलावरों का एक झुंड अचानक भोसले परिवार के घर में घुस आया।
    उनके हाथों में लकड़ी के डंडे, दरांती और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार थे।
    उन्होंने परिवार की महिलाओं पर अंधाधुंध वार किए — किसी के सिर पर, किसी की पीठ पर तो किसी के पैरों पर।

    गांववालों का कहना है कि महिलाएं जान बचाने के लिए चीखती रहीं, लेकिन हमलावरों ने रहम नहीं दिखाया।

    🩸 चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल, एक की हालत नाज़ुक

    इस हमले में चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं।
    उनमें से एक महिला की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
    घायल महिलाएं किसी तरह शिरुर पुलिस स्टेशन तक पहुंचीं और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत बीड जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी का इलाज जारी है।

    😨 ‘तुम यहाँ क्यों रहते हो?’ — हमलावरों ने दी धमकी

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमले से पहले हमलावरों ने भोसले परिवार की बुज़ुर्ग माँ से कहा —

    “तुम यहाँ क्यों रहती हो?”
    इसके बाद ही उन्होंने हमला शुरू कर दिया।

    घटना के बाद से इलाके में खौफ और तनाव का माहौल है।
    गांव के लोगों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

    🚔 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की तलाश तेज़

    शिरुर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
    अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह पुरानी रंजिश या राजनीतिक दुश्मनी का मामला हो सकता है।
    इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

    ⚠️ इलाके में दहशत, लोग बोले – ‘रात में घर से निकलने में डर लगता है’

    गायरान बस्ती के लोगों ने बताया कि इस तरह की हिंसा ने पूरे इलाके को डरा दिया है।
    स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि रात में गश्त बढ़ाई जाए और दोषियों को जल्द पकड़ा जाए।
    कई लोगों का कहना है कि “राजनीतिक दबाव के चलते ऐसे हमले आम हो रहे हैं।”


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: हमला कब और कहाँ हुआ?
    A: हमला बीड जिले के शिरुर तालुका में, तहसील कार्यालय के पास गायरान बस्ती में आधी रात को हुआ।

    Q2: सतीश उर्फ ‘खोक्या’ भोसले कौन हैं?
    A: वे भाजपा विधायक सुरेश धास के करीबी माने जाते हैं।

    Q3: इस हमले में कितने लोग घायल हुए?
    A: चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिनमें एक की हालत नाज़ुक है।

    Q4: पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A: पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है।

    Q5: हमले की वजह क्या मानी जा रही है?
    A: फिलहाल प्राथमिक जांच में पुरानी रंजिश या राजनीतिक विवाद को कारण माना जा रहा है।

  • मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाला: लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल फंसाया, सोशल मीडिया बोला — ‘भाई, न्यूज़ नहीं पढ़ते क्या?’

    मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाला: लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल फंसाया, सोशल मीडिया बोला — ‘भाई, न्यूज़ नहीं पढ़ते क्या?’

    मुंबई के एक शख्स को डेटिंग ऐप Aisle पर मिली लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल थमा दिया। युवक ने Reddit पर पूरी कहानी बताई तो सोशल मीडिया ने चेतावनी दी — ये स्कैम थाणे में आम है!

    मुंबई: ऑनलाइन डेटिंग के शौकीन एक युवक के साथ बड़ा डेटिंग स्कैम हुआ। युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपना अनुभव साझा किया और बताया कि कैसे एक लड़की ने उसे बार में बुलाकर ठग लिया।
    यह घटना थाणे के उपवन लेक के पास हुई, जहां मुलाकात के बाद युवक से करीब ₹10,000 वसूले गए।

    📱 Aisle ऐप पर हुई मुलाकात, और शुरू हुई कहानी

    रेडिट पोस्ट के मुताबिक, युवक की मुलाकात उस लड़की से डेटिंग ऐप Aisle पर हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद लड़की ने उपवन लेक के पास मिलने का सुझाव दिया।
    युवक ने लिखा, “मैं करीब एक घंटे तक उसका इंतज़ार करता रहा। फिर वो आई और बोली चलो पास के बार में बैठते हैं।”

    वो दोनों पास के एक Paablo Baar & Lounch नाम के बार में गए। वहाँ माहौल थोड़ा अजीब था — कुछ लोग, तेज़ म्यूज़िक और डिम लाइट्स।

    🍸 ब्लू लेबल के चार पैग और ₹24,000 का झटका

    युवक ने बताया कि लड़की ने बिना हिचकिचाए प्रीमियम Blue Label Whisky ऑर्डर करनी शुरू कर दी।
    “मैंने सिर्फ एक बीयर और बाद में वोडका ली, लेकिन उसने चार पैग मंगा लिए,” उसने लिखा।

    जब बिल आया तो होश उड़ गए — ₹24,000 का बिल और ₹2,000 सर्विस चार्ज!
    युवक के पास सिर्फ ₹2,000 ही थे, बाकी राशि उसने दबाव में आकर ₹10,000 तक दी क्योंकि बार में मौजूद वेटर “काफी डराने वाले लग रहे थे।”

    🚶‍♀️ लड़की ने ‘डरी’ बोलकर ली विदाई और गायब हो गई

    पैसे देने के बाद लड़की ने बहाना बनाया कि वो डर गई है और थोड़ी देर में निकल जाएगी।
    फिर उसने थोड़ी दूरी पर जाकर एक ऑटो बुलाया और गायब हो गई।
    इसके बाद उसने संपर्क भी बंद कर दिया।

    युवक ने Reddit पर लड़की और बिल की ब्लर की हुई तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा —

    “दोस्तों, माफ करना, मुझे खुद ठगे जाने का अनुभव हुआ ताकि बाकी लोग सतर्क रहें।”

    🌐 सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

    इस घटना ने इंटरनेट पर चर्चा छेड़ दी।
    कई लोगों ने लिखा कि ऐसा “बार स्कैम” थाणे में पिछले 3-4 सालों से चल रहा है।

    एक यूजर ने कमेंट किया —

    “भाई, न्यूज़ और Reddit नहीं पढ़ते क्या? ये स्कैम बहुत कॉमन है।”

    दूसरे ने लिखा —

    “मुझे भी वही लड़की मिली थी, Manpada बुला रही थी ड्रिंक्स के बहाने। मैंने मना कर दिया।”

    तीसरे ने चेताया —

    “अगर कोई लड़की थाणे में बार मिलने को कहे तो दो बार सोचो। वहाँ ऐसे कई फर्जी बार हैं।”

    ⚠️ डेटिंग ऐप यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • पहली मुलाकात में कभी बार या महंगे रेस्टोरेंट में न जाएं।
    • हमेशा पब्लिक जगह पर मिलें, जैसे कैफ़े या पार्क।
    • किसी के कहने पर पेय या ऑर्डर में भाग न लें।
    • शक हो तो तुरंत लोकल पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: क्या ये डेटिंग स्कैम मुंबई में नया है?
    A: नहीं, ये पिछले 3-4 सालों से थाणे और आसपास के बार में देखा जा रहा है।

    Q2: स्कैम कैसे होता है?
    A: लड़की डेटिंग ऐप पर भरोसा दिलाकर बार में बुलाती है, प्रीमियम ड्रिंक्स ऑर्डर करती है और फिर बिल में फंसा देती है।

    Q3: इससे बचने का तरीका क्या है?
    A: अजनबी से पहली बार मिलने पर कैफ़े या ओपन पब्लिक जगह चुनें।

    Q4: क्या पुलिस में शिकायत की जा सकती है?
    A: हाँ, साइबर क्राइम सेल या लोकल पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।

  • ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    मुंबई में ईडी (ED) ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े ड्रग और हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। 9 ठिकानों पर छापे के दौरान 42 लाख रुपए कैश, BMW जैसी लग्ज़री कारें और कई बैंक अकाउंट्स सीज़ किए गए।

    मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने एक और बड़ा प्रहार किया है। बुधवार को ईडी की टीम ने मुंबई के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें नकदी, लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ बरामद हुए।

    यह कार्रवाई मुंबई के ड्रग ट्रैफिकिंग और हवाला नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई थी, जो दाऊद गैंग के लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है।

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    छापे में बरामद हुई नकदी और लग्जरी गाड़ियां

    ईडी की टीम ने इस ऑपरेशन के दौरान करीब ₹42 लाख नकद, तीन सेकंड हैंड लक्जरी गाड़ियां (दो BMW समेत), कई बैंक डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस और संपत्ति के पेपर्स ज़ब्त किए हैं।
    इसके अलावा, एक बैंक लॉकर और कई बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज़ (freeze) किया गया है, जिनमें ड्रग के पैसों के होने का शक है।

    NCB की जांच से खुली थी कड़ी

    यह पूरा मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच से सामने आया। NCB ने पहले फैसल जावेद शेख, अल्फिया फैसल शेख, आशिक वरिस अली, नासिर खान समेत कई लोगों के खिलाफ ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क चलाने के आरोप में केस दर्ज किया था।

    जांच में पता चला कि फैसल शेख सलिम डोला नाम के ड्रग किंगपिन से MD ड्रग्स (मेथेड्रोन) मंगवाता था — जो सीधे दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के नेटवर्क से जुड़ा है।

    दाऊद के नेटवर्क से कनेक्शन

    ईडी के सूत्रों के मुताबिक, सलिम डोला लंबे समय से दाऊद गैंग के लिए ड्रग मनी को हवाला के ज़रिए बाहर भेजने का काम कर रहा था। उसके संपर्क में कई लोकल एजेंट, हवाला ऑपरेटर और स्मगलर हैं जो मुंबई, गुजरात और दिल्ली में फैले हुए हैं।

    ईडी का मानना है कि यह नेटवर्क नाइजीरियन ड्रग कार्टेल्स, गल्फ देशों के हवाला चैनल्स और दाऊद के पुराने रैकेट्स से जुड़ा है।

    फैसल शेख पहले भी गिरफ्तार हो चुका है

    फैसल शेख को NCB ने पहले भी गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, उसे कोर्ट से जमानत मिलने के बाद PIT-NDPS एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (Preventive Detention) में रखा गया था, क्योंकि वह फिर से ड्रग नेटवर्क एक्टिव करने की कोशिश कर रहा था।

    ईडी की टीम ने कब और कहां की छापेमारी

    बुधवार सुबह से ही ईडी की अलग-अलग टीमों ने मुंबई के निम्न इलाकों में छापे मारे —

    • पायधोनी (Pydhonie)
    • भिंडी बाजार (Bhindi Bazaar)
    • बांद्रा (Bandra)
    • डोंगरी (Dongri)
    • अंधेरी (Andheri)
    • माहिम (Mahim)
    • मिरा रोड (Mira Road)

    कई जगहों से डिजिटल डेटा, लेजर बुक्स और बैंकिंग एंट्रीज़ भी जब्त की गई हैं जो हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि करती हैं।

    सरकार ने कहा – संगठित अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस

    एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी ने बताया —

    “यह सिर्फ एक रेड नहीं, बल्कि दाऊद के उस नेटवर्क पर वार है जो मुंबई की सड़कों से लेकर दुबई तक फैला हुआ है। सरकार की नीति साफ है — ड्रग्स और हवाला पर ज़ीरो टॉलरेंस।”

    ईडी की कार्रवाई का अगला चरण

    ईडी अब बरामद डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग डाटा की फॉरेंसिक जांच करेगी। साथ ही, उन कंपनियों और बिचौलियों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है जिन्होंने हवाला चैनल के ज़रिए पैसे बाहर भेजे या प्राप्त किए।

    संभावना है कि आने वाले हफ्तों में और भी गिरफ्तारियाँ हों।

    क्या दाऊद इब्राहिम मुंबई में फिर से एक्टिव है?

    हाल के महीनों में मुंबई में कई ऐसे केस सामने आए हैं जहां दाऊद से जुड़े पुराने गुर्गे और हवाला ऑपरेटर फिर से सक्रिय पाए गए हैं। इसी वजह से ईडी, NIA और NCB की टीमें मिलकर दाऊद के नेटवर्क की नई मॉड्यूल स्ट्रक्चर को तोड़ने में जुटी हैं।


    FAQ सेक्शन — इस मामले से जुड़े आम सवाल

    Q1. ईडी ने किन-किन जगहों पर रेड की?
    मुंबई के कुल 9 इलाकों में — पायधोनी, डोंगरी, बांद्रा, अंधेरी, भिंडी बाजार, माहिम, मिरा रोड, और कुछ अन्य स्थानों पर छापे मारे गए।

    Q2. कितनी रकम बरामद हुई?
    कुल ₹42 लाख नकद, तीन लग्ज़री कारें (दो BMW समेत), और कई बैंक अकाउंट फ्रीज़ किए गए हैं।

    Q3. फैसल शेख कौन है?
    फैसल जावेद शेख मुंबई का ड्रग सप्लायर है जो सलिम डोला और दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़ा बताया जाता है।

    Q4. सलिम डोला कौन है?
    सलिम डोला दाऊद का पुराना सहयोगी और मुंबई का ड्रग किंगपिन है। उस पर भारत और विदेश दोनों जगहों पर मनी लॉन्ड्रिंग और स्मगलिंग के केस दर्ज हैं।

    Q5. क्या ईडी को और गिरफ्तारियाँ करनी हैं?
    हाँ, एजेंसी के अनुसार यह ऑपरेशन जारी रहेगा और कई और लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।

    Q6. क्या दाऊद का नेटवर्क मुंबई में अभी भी चालू है?
    अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुराने लोग अब भी हवाला, ड्रग और रियल एस्टेट चैनलों के ज़रिए सक्रिय हैं।

    Q7. बरामद गाड़ियों का क्या होगा?
    सभी कारें ED की कस्टडी में हैं। कोर्ट प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी।

    Q8. क्या यह मामला NCB और ED दोनों की संयुक्त जांच में है?
    हाँ, यह केस पहले NCB से शुरू हुआ और अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल के कारण ED ने इसे अपने हाथों में लिया है।

  • Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    तेलंगाना की EAGLE टीम ने मुंबई में हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल का पैसा हवाला नेटवर्क के ज़रिए लॉन्डर करता था। पुलिस ने 3 करोड़ रुपए कैश जब्त किए हैं।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: तेलंगाना कनेक्शन मे यहां मुंबई में ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। तेलंगाना पुलिस की EAGLE टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क का प्रमुख मनी हैंडलर बताया जा रहा है। पुलिस ने इस ऑपरेशन में ₹3 करोड़ कैश जब्त किया है, जो नशीले पदार्थों की अवैध कमाई से जुड़ा हुआ था।

    तेलंगाना EAGLE टीम की मुंबई में बड़ी कार्रवाई

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    यह कार्रवाई मुंबई में उस समय हुई जब टीम को हवाला नेटवर्क से जुड़े ठिकानों की जानकारी मिली। EAGLE टीम ने छापा मारकर दारगराम को गिरफ्तार किया। इससे पहले, मुंबई के फूल गली, कालबादेवी स्थित भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर रेड के दौरान दारगराम पुलिस के हाथों से बच निकला था। यह कंपनी नाइजीरियन ड्रग तस्करों के पैसों को हवाला चैनल से भेजने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।

    दारगराम का नेटवर्क तीन शहरों में फैला था

    जांच में सामने आया कि दारगराम का नेटवर्क सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली, अहमदाबाद और सूरत तक फैला हुआ था। वह हवाला के ज़रिए ड्रग्स मनी को घुमाकर नाइजीरियन एजेंट्स तक पहुंचाता था। उसके संपर्क में कई हवाला व्यापारी और एजेंट्स थे जो हर महीने करोड़ों की रकम को देशभर में ट्रांसफर करते थे।

    मुख्य आरोपी पहले भी था पुलिस की रडार पर

    पुलिस ने बताया कि दारगराम की गिरफ्तारी पहले भी कई बार टली थी। भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर जब रेड की गई थी, तब वह फरार हो गया था और बाद में बार-बार लोकेशन बदलता रहा। उसने अपने सभी मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप चैट्स डिलीट कर दिए थे ताकि ट्रैक न हो सके। आखिरकार EAGLE टीम को सटीक जानकारी मिली और उसे मुंबई से हिरासत में ले लिया गया।

    दारगराम ने कबूला – और भी साथी हैं शामिल

    पूछताछ में दारगराम ने अपने कई साथियों के नाम भी उजागर किए। उसने बताया कि चेतन सिंह, रोनक प्रजापति (मैनेजर) और चेतन मवजी मिलकर कैश कलेक्शन और डिलीवरी का काम संभालते थे। इसके अलावा अहमदाबाद के रतनपुर स्थित जावेरी चैंबर्स में देवजी और दिलीप, और दिल्ली के चांदनी चौक में मुकेश हवाला ऑपरेशन्स संभालते थे।

    ड्रग मनी से विदेश भेजा जा रहा था माल

    जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि नाइजीरियन ड्रग कार्टेल हवाला से मिले पैसों का इस्तेमाल नाइजीरिया में कपड़े, फैब्रिक, ह्यूमन हेयर और अन्य प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करने में करता था। मुंबई के पायधोनी और मांडवी इलाके में इनके कई कार्गो ऑफिस हैं, जहां से यह माल विदेश भेजा जाता था। भारतीय मुद्रा को हवाला के ज़रिए डॉलर या नाइरा (नाइजीरिया की करेंसी) में बदलकर विदेश ट्रांसफर किया जा रहा था।

    अब तक 25 लोग गिरफ्तार, 3.08 करोड़ की बरामदगी

    इस पूरे नेटवर्क में अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने ₹3.084 करोड़ कैश बरामद किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाइजीरियन आरोपी Onyeisi Esomchi Kenneth, जो खुद को Maxwell या Emmanuel Bediako बताता था, भारत में पांच अलग-अलग पासपोर्ट के ज़रिए काम कर रहा था –
    चार नाइजीरियन और एक घानाई नागरिक के नाम से।

    फर्जी पासपोर्ट से भारत में दोबारा दाखिल होते हैं तस्कर

    यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि डीपोर्ट किए गए विदेशी नागरिक कैसे फिर से भारत में फर्जी पहचान के साथ प्रवेश कर लेते हैं। कई नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क इसी तरह भारत लौटकर अपने पुराने धंधे में सक्रिय हो जाते हैं, जिससे नारकोटिक्स एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।

    मनी लॉन्ड्रिंग और नारकोटिक्स कनेक्शन

    EAGLE टीम ने बताया कि यह नेटवर्क NDPS Act और PMLA (Prevention of Money Laundering Act) दोनों के तहत गंभीर अपराधों में शामिल है। सभी बरामद रकम और दस्तावेज़ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपे जा सकते हैं ताकि आगे की वित्तीय जांच हो सके।


    FAQ: नाइजीरियन ड्रग हवाला नेटवर्क केस

    Q1. दारगराम रताजी प्रजापति कौन है?
    वह एक हवाला ऑपरेटर है जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था।

    Q2. कितने पैसे बरामद किए गए हैं?
    पुलिस ने ₹3 करोड़ से ज़्यादा नकदी जब्त की है।

    Q3. दारगराम को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    उसे मुंबई से EAGLE टीम ने गिरफ्तार किया।

    Q4. इस नेटवर्क में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    अब तक कुल 25 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

    Q5. इस केस में आगे क्या कार्रवाई होगी?
    मामला ED को भेजा जा सकता है और विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।

  • मुंबई में अस्पताल में ‘वार्ड बॉय’ ने किया ECG, मानवाधिकार आयोग ने BMC को ठोंका ₹12 लाख का जुर्माना

    मुंबई में अस्पताल में ‘वार्ड बॉय’ ने किया ECG, मानवाधिकार आयोग ने BMC को ठोंका ₹12 लाख का जुर्माना

    चेंबूर स्थित शताब्दी अस्पताल में एक वार्ड बॉय द्वारा ECG मशीन संचालित करने की घटना में मानवाधिकार आयोग ने BMC को 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी चूक और सुरक्षा की दिशा में चेतावनी।

    मुंबई: चेंबूर के ‘पं. मदन मोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल’ में एक हैरतअंगेज खुलासा हुआ — एक वार्ड बॉय (स्वीपर/असाहाय कर्मचारी) को ECG मशीन चलाते हुए देखा गया। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने इस घटना को गंभीर माना और बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) पर ₹12 लाख का जुर्माना लगाया। इस फैसले ने न केवल स्वास्थ्य तंत्र की अनदेखी को उजागर किया, बल्कि यह भी सवाल उठाया कि क्या बड़े शहरी अस्पतालों में सक्षम और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की कमी हो सकती है।

    टेक्निशियन पद खाली और ‘प्रशिक्षित कर्मचारी’ का बहाना

    BMC ने आयोग को बताया कि ECG तकनीशियन की पोस्ट एक वर्ष से खाली थी, और इस कमी को पूरा करने के लिए किसी “प्रशिक्षित कर्मचारी” को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, BMC ने इस “प्रशिक्षण” का कोई दस्तावेज पेश नहीं किया। इस दौरान आयोग ने पूछा कि “प्रशिक्षित कर्मचारी” से क्या मतलब है, और अस्पताल के प्रतिनिधि ने जवाब दिया कि लंबे समय से काम करने वाला वार्ड बॉय ही वह व्यक्ति था।

    इस बहाने ने आयोग को संतुष्ट नहीं किया — उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों को संवेदनशील उपकरण संचालित करने के लिए जाकर योग्य तकनीशियन ही नियुक्त करना चाहिए, क्योंकि गलत संचालन से “गलत निष्कर्ष” निकल सकते हैं और यह रोगी की जान को खतरे में डाल सकता है।

    मानवाधिकार आयोग का फैसला और सख्ती

    MSHRC की अध्यक्षता करते हुए न्यायमूर्ति ए.एम. बादर ने इस मामले में निष्कर्ष दिया कि BMC की यह लापरवाही सीधे मानवाधिकारों (विशेष रूप से जीवन से जुड़ा अधिकार — अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है। आयोग ने BMC को यह निर्देश दिया:

    • शताब्दी अस्पताल में तत्काल एक प्रशिक्षित ECG तकनीशियन नियुक्त किया जाए।
    • ₹12,00,000 की क्षतिपूर्ति (कम्पेनसेशन) महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को देनी होगी।
    • BMC को इस घटना पर एक “Action Taken Report” (कार्रवाई रिपोर्ट) एक महीने के भीतर आयोग को प्रस्तुत करनी होगी।
    • आयोग ने BMC को कड़ा फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी चूक “अस्पताल के समृद्धता में भी कहीं न कहीं चिकित्सा तंत्र की दुर्बलता का प्रतीक” है। न्यायमूर्ति बादर ने कहा कि “इस आयोग ने कभी यह नहीं सोचा था कि ज़ोला-चाप डॉक्टरों की तरह की हालत किसी समृद्ध नगरपालिका अस्पताल में होगी।”

    प्रभावित मरीजों की संख्या और व्यापक प्रभाव

    आयोग ने यह भी बताया कि जनवरी से अगस्त 2025 तक मात्र इस अस्पताल में 3,344 ECG परीक्षण ऐसे कर्मचारियों द्वारा किए गए, जिनकी योग्यता स्पष्ट नहीं थी। यदि इसी दर को पूरे वर्ष पर लिया जाए, तो अनुमानतः 5,000 से अधिक मरीज इस लापरवाही की चपेट में आ सकते हैं।

    इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इसे “class action complaint” (समूह शिकायत) कहा है — अर्थात् यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि अनेक अज्ञात रोगियों का अधिकार प्रभावित हुआ है।

    इस घटना ने न केवल शताब्दी अस्पताल बल्कि अन्य BMC-चालित अस्पतालों में ऐसी ही चूक की आशंका को भी हवा दी है — कहीं और भी ऐसे अनियोजित व्यवस्थाएं हो रही हों। आयोग ने चेतावनी दी कि अन्य अस्पतालों में भी निदान उपकरणों का संचालन गैरप्रशिक्षित कर्मियों से हो रहा हो सकता है।

    लापरवाही कैसे हुई — कारण और आलोचना

    1. कर्मचारी रिक्तता और भर्ती न करना

    BMC ने स्वीकार किया कि तकनीशियन की पोस्ट एक वर्ष से रिक्त थी, लेकिन इस रिक्तता को भरने के लिए उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं अपनाई। आयोग ने इस बात की ओर विशेष ध्यान दिया कि BMC ने उस पद के लिए विज्ञापन तक जारी नहीं किया।

    2. अनुदृष्टिपूर्ण अपील – “प्रशिक्षित कर्मचारी” की अवधारणा

    BMC का यह कहना कि एक लंबे कार्यकाल वाला वार्ड बॉय “प्रशिक्षित” हो गया, स्वास्थ्य तंत्र और तकनीकी परीक्षा संचालन की संवेदनशीलता को कम आंकने जैसा है। ECG एक ऐसी जटिल जांच है जिसमें सही पॉजिशनिंग, सिग्नल क्लीनिंग, एवं दुष्प्रभावों को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए।

    3. मानव जीवन की अनदेखी और प्रशासन की निष्क्रियता

    न्यायमूर्ति बादर ने बीएमसी की “उपेक्षा” को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने प्रश्न किया कि कैसे इतने संवेदनशील उपकरणों को बिना योग्य कर्मी के संचालित होने दिया गया। इस तरह की उदासीनता मरीजों की जान के प्रति तिरस्कार है।

    4. नियंत्रण और निगरानी की कमी

    यदि अस्पताल का प्रशासन नियमित ऑडिट, विभागीय निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण रखता होता, तो इस तरह की भूल आसानी से पकड़ में आ सकती थी। लेकिन इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि निगरानी तंत्र भी चरम सीमा तक ढीला था।

    मरीजों के लिए जोखिम और दायित्व

    • गलत परिणाम एवं निष्कर्ष: ECG रिपोर्ट स्वास्थ्य स्थिति का एक आधार है। गलत सिग्नल या निष्कर्ष से डॉक्टर गलत उपचार योजना बना सकते हैं।
    • सर्जरी से पहले चयन: ऑपरेशन से पहले ECG की विश्वसनीयता अहम होती है — यदि त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट दी जाए, तो मरीज का जोखिम बढ़ जाता है।
    • वैधानिक जिम्मेदारी: अस्पताल प्रबंधन को कानूनी रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि सिर्फ प्रशिक्षित कर्मी ही संवेदनशील जांच कर सकें।
    • भरोसा टूटना: इस तरह की घटना से मरीजों और आम जनता का सरकारी अस्पतालों पर से भरोसा कमजोर होगा।

    क्या होना चाहिए — सुधार के सुझाव

    1. तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करना
      BMC को तुरंत ECG तकनीशियन की नियमित भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना चाहिए और चयन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
    2. मानक प्रशिक्षण एवं प्रमाणन
      नए तकनीशियन को मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण देना और प्रमाणित करना चाहिए।
    3. निगरानी तंत्र और गुणवत्ता नियंत्रण
      प्रत्येक अस्पताल में ऑडिट टीम होनी चाहिए, जो समय-समय पर जाँचे कि संवेदनशील उपकरण कौन चला रहा है।
    4. दायित्व निर्धारण
      अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा निदेशक को स्पष्ट दायित्व सौंपे जाएँ — अगर कोई गलती होगी तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
    5. रोजगार सुरक्षा एवं संसाधन प्रबंधन
      रिक्त पदों को तुरंत अप्रूव व भरा जाना चाहिए, न कि बार-बार अधूरे कार्यकाल बनाए रखें।
    6. मरीज जागरूकता कार्यक्रम
      मरीजों को यह सूचना होनी चाहिए कि कौन सी जांच किस कर्मी द्वारा की जा रही है, और वे मांग कर सकें कि प्रशिक्षित कर्मी ही जांच करें।

    मुंबई के इस मामले ने दिखाया कि सिर्फ बड़ी मात्रा में अस्पताल और संसाधन होने भर से स्वास्थ्य तंत्र सुरक्षित नहीं रहता — उसमें जानबूझ कर होने वाली लापरवाही कहीं ज़्यादा खतरनाक है। यदि संवेदनशील उपकरणों को गैरप्रशिक्षित व्यक्ति चला सकते हैं, तो मरीजों की जान सीधे जोखिम में है।

    मानवाधिकार आयोग का यह कदम एक चेतावनी है — स्वास्थ्य सेवा सिर्फ नाम की नहीं होनी चाहिए, बल्कि सुरक्षित, विश्वसनीय और संवेदनशील होनी चाहिए। BMC जैसे शक्तिशाली निकायों को इस दोष को सुधारना ही पड़ेगा — न कि केवल जुर्माना भरकर आँखे बंद करना।


    ❓Frequently Asked Questions (FAQ)

    प्रश्नउत्तर
    क्या वार्ड बॉय को कभी चिकित्सा उपकरण चलाने की अनुमति है?सामान्यतः नहीं, जब तक उसने उचित प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन न लिया हो। ECG जैसी जांच में सावधानी और तकनीकी ज्ञान ज़रूरी है।
    इस घटना पर किस तरह की कानूनी कार्रवाई हो सकती है?MSHRC ने ₹12 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही, प्रभावित मरीज या परिवार इलाज में हुई हानि के लिए अदालत में नागरिक मुकदमा कर सकते हैं।
    क्या इस तरह की घटना केवल इस अस्पताल तक सीमित है?आयोग ने चेतावनी दी है कि अन्य BMC-अस्पतालों में भी समान चूक हो सकती है, इसलिए व्यापक जाँच आवश्यक है।
    BMC को आगे क्या करना चाहिए?तत्काल योग्य तकनीशियन नियुक्त करना, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाना, निरीक्षण तंत्र मजबूत करना और जवाबदेही तय करना।
    मरीजों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?यदि संभव हो, जानना चाहिए कि कौन जांच कर रहा है; शक हो तो प्रशिक्षित तकनीशियन की मांग की जा सकती है।
  • BMC Election 2025: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, मुंबई को बांटा गया 227 चुनावी वार्डों में — जानिए पूरी डिटेल

    BMC Election 2025: महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, मुंबई को बांटा गया 227 चुनावी वार्डों में — जानिए पूरी डिटेल

    BMC Election 2025 की तैयारियां शुरू! महाराष्ट्र सरकार ने जारी की अधिसूचना, मुंबई को 227 वार्डों में बांटा गया। जानिए वार्ड सीमांकन, राजनीतिक हलचल और आगे की चुनावी रणनीति की पूरी जानकारी।

    मनपा प्रतिनिधि वी.बी. माणिक
    मुंबई: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों को लेकर अब शहर में हलचल तेज़ हो गई है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें बताया गया है कि मुंबई को कुल 227 चुनावी वार्डों में बांटा गया है।
    यह अधिसूचना मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5 और 19 के तहत जारी की गई है। इसके साथ ही राज्य चुनाव आयोग (SEC) की मंजूरी भी प्राप्त हो चुकी है।

    इस फैसले के बाद मुंबई की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। क्योंकि अब सभी राजनीतिक दल — शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस, मनसे और अन्य — अपने-अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति पर मंथन शुरू कर चुके हैं।

    📜 वार्ड सीमांकन का अंतिम फैसला — मुंबई में कुल 227 वार्ड

    सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में यह साफ कर दिया गया है कि मुंबई को 227 चुनावी वार्डों में विभाजित किया गया है।
    प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद (Corporator) चुना जाएगा।

    इससे पहले, 22 अगस्त 2025 को मसौदा (Draft) वार्ड संरचना जारी की गई थी। तब नागरिकों, संगठनों और राजनीतिक पार्टियों से आपत्तियाँ और सुझाव मांगे गए थे।
    अब सरकार ने उन सभी आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लिया है।

    📍 हर वार्ड की सीमाएं और जनसंख्या का खुलासा

    नोटिफिकेशन में हर वार्ड की भौगोलिक सीमा और जनसंख्या का ज़िक्र विस्तार से किया गया है।
    इस डिटेल से यह पता चलता है कि किस वार्ड में कितने वोटर्स हैं, और किस इलाके में किस समुदाय की जनसंख्या ज़्यादा है।

    राजनीतिक दलों के लिए यह जानकारी बेहद अहम है, क्योंकि यही तय करेगी कि किस क्षेत्र में उनकी पकड़ मज़बूत है और कहां उन्हें ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

    🗳️ राजनीतिक दलों में बढ़ी हलचल — चुनावी समीकरणों की गणित शुरू

    जैसे ही वार्ड सीमांकन का नोटिफिकेशन जारी हुआ, मुंबई की राजनीति में हलचल बढ़ गई।
    शिवसेना (UBT), शिवसेना (शिंदे गुट), भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी (अजित पवार गुट और शरद पवार गुट) — सभी पार्टियों ने अपनी टीमों को एक्शन में लगा दिया है।

    पार्टी रणनीतिकार अब बैठकों में जुटे हैं —
    कहां नया उम्मीदवार उतारना है, कहां पुराने चेहरों पर भरोसा करना है, और किन वार्डों में सहयोगी दलों से तालमेल बैठाना है।

    बीएमसी मुंबई की सबसे अमीर नगर निकाय है और इस पर नियंत्रण हासिल करना राजनीतिक रूप से बेहद प्रतिष्ठा का विषय है।
    यही वजह है कि हर दल इस चुनाव को ‘प्रतिष्ठा की जंग’ मानकर चल रहा है।

    👥 स्थानीय प्रतिनिधित्व और लोगों की उम्मीदें

    वार्डों के तय होने के बाद अब नागरिकों में भी उम्मीदें बढ़ी हैं।
    हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाएगा, जो वहां के लोगों की स्थानीय समस्याओं — पानी, सड़क, सफाई, ट्रैफिक और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आवाज उठाएगा।

    लोकल नागरिक संगठनों का कहना है कि इस बार चुनाव में लोग सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि उम्मीदवार की लोकल कनेक्टिविटी और कामकाज देखकर वोट देंगे।
    क्योंकि पिछले कुछ सालों में बीएमसी प्रशासन पर जनता की नाराज़गी भी देखी गई है।

    🏗️ बीएमसी की ताकत और बजट का महत्व

    बृहन्मुंबई नगर निगम देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है।
    इसका सालाना बजट 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का होता है — जो कई छोटे राज्यों के बजट से भी बड़ा है।
    इस वजह से बीएमसी पर कब्जा राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम है।

    बीएमसी शहर की सड़कों, पानी की सप्लाई, अस्पतालों, स्कूलों और सीवेज सिस्टम का संचालन करती है।
    यही वजह है कि मुंबई का नागरिक चुनाव, असल में महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल माना जाता है।

    🔍 अधिसूचना जारी होने के बाद अगला कदम क्या?

    अब जबकि सीमांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, राज्य चुनाव आयोग (SEC) की ओर से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किसी भी समय की जा सकती है।
    संभावना जताई जा रही है कि नवंबर या दिसंबर 2025 में चुनाव कराए जा सकते हैं।

    राज्य सरकार और चुनाव आयोग अब वोटर लिस्ट अपडेट, पोलिंग बूथ फाइनलाइजेशन और चुनावी तैयारी पर काम शुरू करेंगे।

    ⚙️ मुंबई में राजनीतिक गणित — किसके लिए कितनी मुश्किल

    • शिवसेना (UBT) के लिए चुनौती यह है कि अब सीमांकन के बाद कई पुराने गढ़ टूटे हैं।
    • शिंदे गुट सरकार में होने का फायदा उठाने की कोशिश करेगा।
    • भाजपा का लक्ष्य है कि वो दक्षिण और पूर्व मुंबई में अपना जनाधार बढ़ाए।
    • कांग्रेस और एनसीपी पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन के लिए रणनीति बना रही हैं।

    इस बार जातीय और स्थानीय समीकरण दोनों का अहम रोल रहेगा।
    कई वार्डों में नई सीमाएं बनने से पिछले चुनाव के परिणामों पर असर पड़ सकता है।

    🧭 नागरिकों की नज़र – अब किस मुद्दे पर वोट मिलेगा?

    बीएमसी चुनाव में इस बार लोगों की सबसे बड़ी चिंताएं होंगी —

    • खराब सड़के
    • बढ़ता ट्रैफिक
    • गंदगी और कचरा प्रबंधन
    • अस्पतालों की हालत
    • और बारिश के वक्त जलजमाव

    स्थानीय नागरिक अब चाहते हैं कि उनका पार्षद सिर्फ पार्टी नहीं बल्कि काम के आधार पर चुना जाए।

    📅 बीएमसी चुनाव 2025 की संभावित टाइमलाइन

    चरणसंभावित तारीख
    अधिसूचना जारी06 अक्टूबर 2025
    वोटर लिस्ट अपडेटअक्टूबर अंत
    चुनाव कार्यक्रम घोषणानवंबर 2025
    मतदानदिसंबर 2025 (संभावित)
    परिणामजनवरी 2026 (अनुमानित)

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ बीएमसी चुनाव 2025 के लिए मुंबई में कुल कितने वार्ड हैं?
    👉 कुल 227 चुनावी वार्ड बनाए गए हैं।

    2️⃣ वार्ड सीमांकन किस कानून के तहत हुआ?
    👉 यह प्रक्रिया मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5 और 19 के तहत की गई है।

    3️⃣ क्या बीएमसी चुनाव की तारीख तय हो गई है?
    👉 अभी नहीं, लेकिन चुनाव आयोग नवंबर-दिसंबर 2025 में तारीख घोषित कर सकता है।

    4️⃣ प्रत्येक वार्ड से कितने पार्षद चुने जाएंगे?
    👉 हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाएगा।

    5️⃣ बीएमसी चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
    👉 क्योंकि बीएमसी देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी है और इसका बजट कई राज्यों से बड़ा है। यही वजह है कि इस पर राजनीतिक दलों की नजर रहती है।

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    FAQ

    1- कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2- इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3- क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4- स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5- कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • Indian Coast Guard Civilian Recruitment 2025: भारतीय तटरक्षक में निकली बंपर भर्तियाँ, MTS से लेकर फायरमैन तक मौका

    Indian Coast Guard Civilian Recruitment 2025: भारतीय तटरक्षक में निकली बंपर भर्तियाँ, MTS से लेकर फायरमैन तक मौका

    Indian Coast Guard ने 2025 के लिए सिविलियन भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया है। मुंबई समेत पश्चिमी तटरक्षक क्षेत्र में MTS, फायरमैन, ड्राफ्ट्समैन और कई अन्य पदों पर आवेदन शुरू हो चुके हैं। जानिए पूरी डिटेल्स, योग्यता, सैलरी, और आवेदन की आखिरी तारीख।


    सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका

    सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए खुशखबरी! भारतीय तटरक्षक (Indian Coast Guard) ने सिविलियन ग्रुप ‘C’ पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
    यह भर्ती Coast Guard Region (West), मुंबई के अंतर्गत की जा रही है। अगर आप 10वीं या 12वीं पास हैं और सरकारी सेवा में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन मौका है।

    ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 सितंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और 11 नवंबर 2025 तक चलेगी।

    कौन-कौन से पदों पर निकली है भर्ती

    इस बार Coast Guard में कुल 13 पदों पर भर्तियाँ की जा रही हैं। नीचे देखें पोस्टवार पूरी लिस्ट

    पद का नामकुल पद
    Store Keeper-II1
    Engine Driver1
    Draughtsman1
    Lascar4
    Fireman1
    MTS (Daftary)1
    MTS (Peon)1
    MTS (Chowkidar)1
    Unskilled Labourer2
    कुल पद13

    सैलरी कितनी मिलेगी?

    इस भर्ती में वेतनमान लेवल 1 से लेकर लेवल 4 (₹18,000 से ₹81,100 प्रति माह) तक रहेगा।
    सैलरी के साथ-साथ सेंट्रल गवर्नमेंट के सभी फायदे भी मिलेंगे —

    • महंगाई भत्ता (DA)
    • हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
    • ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA)
    • मेडिकल और NPS बेनिफिट्स

    यानी बेसिक पे के अलावा हाथ में सैलरी और सुविधाएँ दोनों ही शानदार हैं।

    योग्यता और अनुभव (Eligibility Criteria)

    1- Store Keeper-II:

    • 12वीं पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से
    • स्टोर हैंडलिंग में 1 साल का अनुभव

    2- Engine Driver:

    • 10वीं पास + इंजन ड्राइवर का कंपिटेंसी सर्टिफिकेट
    • 2 साल का अनुभव वांछनीय

    3- Draughtsman:

    • 10वीं पास + Civil / Electrical / Mechanical / Marine Engineering में डिप्लोमा
    • या Draughtsmanship का सर्टिफिकेट

    4- Lascar:

    • 10वीं पास
    • बोट सर्विस का 3 साल का अनुभव

    5- Fireman:

    • 10वीं पास
    • शारीरिक फिटनेस के साथ विशेष परीक्षण पास करना आवश्यक

    6- MTS (Daftary, Peon, Chowkidar):

    • 10वीं पास
    • ऑफिस या चौकीदारी का 2 साल का अनुभव

    7- Unskilled Labourer:

    • 10वीं पास या ITI
    • संबंधित कार्य में 3 साल का अनुभव

    आयु सीमा (Age Limit)

    पदआयु सीमा
    Engine Driver, Lascar18 से 30 वर्ष
    Fireman, MTS, Unskilled Labourer18 से 27 वर्ष
    Store Keeper-II, Draughtsman18 से 25 वर्ष

    सरकारी नियमों के अनुसार ST उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों को छूट दी जाएगी।

    Fireman पोस्ट के लिए शारीरिक योग्यता

    • ऊँचाई: 165 से.मी. (ST या पहाड़ी इलाकों के लिए 2.5 से.मी. की छूट)
    • वजन: न्यूनतम 50 किलो
    • छाती: 81.5 से.मी. (फुलाकर 85 से.मी.)
    • टेस्ट:
    • 63.5 किलो वजन उठाकर दौड़
    • 2.7 मीटर लंबी छलांग
    • 3 मीटर वर्टिकल रस्सी चढ़ना

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    Tier 1: लिखित परीक्षा

    • अवधि: 1 घंटा
    • कुल प्रश्न: 80 (Objective Type)
    • विषय: GK, Math, English और संबंधित ट्रेड
    • क्वालीफाइंग मार्क्स:
    • UR/EWS – 50%
    • SC/ST – 45%
    • कोई Negative Marking नहीं होगी

    Tier 2: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और स्किल टेस्ट

    • लिखित परीक्षा पास करने वालों को बुलाया जाएगा
    • सभी मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा
    • कुछ पदों पर ट्रेड/स्किल टेस्ट भी लिया जाएगा

    अंतिम मेरिट लिस्ट सिर्फ लिखित परीक्षा के अंकों पर तैयार होगी।

    आवेदन प्रक्रिया (Offline Form भरने का तरीका)

    1- सबसे पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन डाउनलोड करें।
    2- Annexure-I में दिया गया फॉर्म प्रिंट करें।
    3- सभी विवरण इंग्लिश या हिंदी में भरें।
    4- एक हालिया पासपोर्ट फोटो लगाएं।
    5- सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्वयं सत्यापित फोटोकॉपी लगाएँ —

    • 10वीं / 12वीं सर्टिफिकेट
    • ITI/डिप्लोमा सर्टिफिकेट
    • आधार या वोटर आईडी
    • अनुभव प्रमाणपत्र
    • कैटेगरी सर्टिफिकेट

    6- लिफाफे पर साफ़ लिखें —
    “APPLICATION FOR THE POST OF [Post Name]”
    7- ₹50 का डाक टिकट लगाकर एक खाली लिफाफा साथ भेजें।
    8- आवेदन केवल Ordinary Post से भेजें:

    The Commander, Coast Guard Region (West), Alexander Graham Bell Road, Malabar Hill PO, Mumbai – 400006

    महत्वपूर्ण तारीखें (Important Dates)

    इवेंटतारीख
    विज्ञापन जारी27 सितंबर – 3 अक्टूबर 2025
    आवेदन शुरू27 सितंबर 2025
    अंतिम तिथि11 नवंबर 2025

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    सभी वर्गों के लिए आवेदन फ्री है। बस ₹50 का पोस्टल स्टैम्प वाला लिफाफा अपने पते के साथ जोड़ना अनिवार्य है।

    क्यों खास है ये नौकरी?

    Indian Coast Guard न सिर्फ देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करता है बल्कि यह एक सम्मानित और स्थिर सरकारी सेवा भी है।
    इसमें नौकरी मिलने पर आपको न केवल स्थाई वेतन और सुविधाएँ मिलेंगी बल्कि राष्ट्र सेवा का गर्व भी महसूस होगा।


    FAQ

    Q1. आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    11 नवंबर 2025 तक आवेदन भेजे जा सकते हैं।

    Q2. आवेदन ऑनलाइन है या ऑफलाइन?
    आवेदन पूरी तरह ऑफलाइन है। फॉर्म Ordinary Post से भेजना होगा।

    Q3. सैलरी कितनी मिलेगी?
    ₹18,000 से ₹81,100 तक, पद के अनुसार।

    Q4. कौन से उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं?
    10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार, जिनके पास निर्धारित अनुभव है।

    Q5. परीक्षा का पैटर्न क्या होगा?
    80 प्रश्नों की ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा होगी, कुल अवधि 1 घंटा।

  • भायखला कारागृह में बदलाव की हवा

    भायखला कारागृह में बदलाव की हवा

    मुंबई के भायखला कारागृह में कैदियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए नई मॉड्युलर किचन और तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं – जानिए कैसे ये कदम जेल सुधार की दिशा में एक बड़ी पहल बन सकते हैं।

    मुंबई: शहर के सबसे पुराने कारागृहों में से एक, भायखला (Byculla) जेल में एक बड़े स्तर पर नई पहल शुरू की गई है, जिसमें कैदियों के लिए एक मॉड्युलर किचन बनवाया गया है। इस किचन के ज़रिए पारंपरिक विधियों पर आधारित स्वयंपाक व्यवस्था को आधुनिक उपकरणों के साथ बदलने का काम किया गया है।

    नए किचन में ऑटोमेटिक कटिंग मशीन, शीतगृह (cold storage) जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे सब्ज़ियों की कटिंग, भंडारण और सफाई आसान हो गई है। इसके अलावा अब बची हुई सब्ज़ियां बर्बाद नहीं होंगी और उन्हें चार दिन तक संरक्षित रखा जा सकेगा। पारंपरिक पद्धति में अनेक अड़चने थीं – स्वच्छता, समय की खपत और वेस्टेज—इन समस्याें को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    जेल प्रशासन के अनुसार, इस किचन के ज़रिए प्रतिदिन लगभग 900 कैदियों के लिए भोजन बनाए जाने की प्रक्रिया तेज, स्वच्छ और कारगर होगी। कारागृह अधीक्षक विकास रजनलवार ने भी कहा है कि इस सुविधा से कैदियों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी।

    तृतीयपंथी बंदियों के लिए अलग सेल का निर्माण

    भायखला जेल सुधार योजना में एक अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन है कि तृतीयपंथी (transgender / अन्य लिंग पहचान वाले) कैदियों के लिए स्वतंत्र सेल बनाए गए हैं। पहले ये कैदी सामान्य पुरुष या महिला ब्लॉकों में रखे जाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता था।

    अब इस जेल में छह (6) भागों में तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं। हर एक सेल में स्वच्छतागृह की सुविधा दी गई है, और कुछ सेल ऐसे हैं, जो विशेष रूप से बिमार कैदियों के लिए उपयोग किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया गया है कि इन कैदियों को अलगाव, सम्मान और सुरक्षा मिले।

    इससे पहले महाराष्ट्र राज्य में तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग स्थान सुनिश्चित करना एक गंभीर समस्या थी। अब यह कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार की पहल माना जा रहा है।

    सुधार कार्यक्रम: व्यापक और बहुआयामी

    भायखला जेल में सिर्फ किचन और सेल तक ही सीमित नहीं, बल्कि कैदियों के शारीरिक–मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक पुनर्वसन की दिशा में भी कई कदम उठाए गए हैं। निम्नलिखित सुधार प्रयास किए जा रहे हैं:

    1. वी़डियो कॉन्फ्रेंसिंग

    न्यायालय सुनवाई और मेडिकल सलाह हेतु कैदियों को जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता कम की गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा अब उपलब्ध होगी, जिससे उनका समय एवं संसाधन की बचत होगी।

    2. अंगणवाड़ी सुविधा

    महिला कैदियों के साथ रहने वाले छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जेल परिसर में अंगणवाड़ी व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।

    3. प्रशिक्षण और कौशल विकास

    महिला कैदियों के पुनर्वास हेतु डिजिटल फोटोग्राफी, बेडसाइड केयर, फाइन आर्ट प्रशिक्षण, योग क्लासेस आदि का आयोजन किया गया है। यह उपाय उन्हें जेल से बाहर निकलने पर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में सहायक हो सकते हैं।

    4. मनोरंजन एवं हित गतिविधियाँ

    कैदियों के मनोरंजन हेतु “दिवाळी पहाट” जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इससे मानसिक तनाव कम होगा और सामाजिक माहौल बेहतर बनेगा।

    इस पहल का प्रभाव और चुनौतियाँ

    सकारात्मक प्रभाव

    • भोजन निर्माण प्रक्रिया में समय की कमी, स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार होगा
    • तृतीयपंथी कैदियों को सम्मान और सुरक्षा मिल सकेगी
    • स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक पुनर्वासन की गतिविधियाँ कैदियों की मनोशिक्षा को बेहतर बनाएंगी
    • इस प्रकार की सुधार गतिविधियाँ जेल को ‘शिक्षा केंद्र’ की तरह रूपांतरित कर सकती हैं

    चुनौतियाँ

    • बजट एवं संसाधन की कमी: नए उपकरण, रखरखाव एवं प्रशिक्षण पर खर्च बढ़ेगा
    • कार्मिक प्रशिक्षण की ज़रूरत: जेल पुलिस, प्रशासन और संसाधन दलों को आधुनिक उपकरण उपयोग करना आना चाहिए
    • सुरक्षा व निगरानी: नए सुविधाओं में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा
    • सामाजिक विरोध: कुछ लोग इस तरह के सुधारों को “बहुत नरम” या “अनावश्यक” मान सकते हैं

    तीन वर्ष पहले की स्थिति और अन्य जेलों में अभ्यास

    भायखला जेल जैसी सुधार पहल महाराष्ट्र की जेल व्यवस्था में नई नहीं है। पहले अन्य जिलों में भी तृतीयपंथी कैदियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। और नागपुर सेंट्रल जेल में अलग बैरक बनाने की मंजूरी राज्य सरकार ने दी है।

    माना जा रहा है कि मुंबई में भायखला जेल को आगे चलकर ऊँची इमारत (vertical prison) के रूप में पुनर्निर्मित करने की योजना है, ताकि सीमित जमीन में अधिक क्षमता सुनिश्चित की जा सके।

    भायखला कारागृह में यह बदलाव, अर्थात् मॉड्युलर किचन और तृतीयपंथी कैदियों के लिए स्वतंत्र सेल, जेल सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कदम हैं। यह पहल दिखाती है कि कैदियों को सिर्फ ‘सजा’ न देकर उनका जीवन थोड़ा बेहतर और मानवतावादी बनाया जाना संभव है।

    भविष्य में अन्य जेलों में भी ऐसे ही सुधार लागू हो सकते हैं और यह उम्मीद है कि इन प्रयासों से अपराधियों की पुनर्स्थापना व समाज में पुन: स्वीकार्यता बेहतर होगी।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

    Q1. यह मॉड्युलर किचन क्या है और यह परंपरागत किचन से कैसे अलग है?
    A. मॉड्युलर किचन आधुनिक स्टील और सीएनसी (कम्पोनेंट) आधारित इकाइयां होती हैं। इसमें कटिंग मशीन, स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण उपकरण शामिल होते हैं। पारंपरिक किचन में मैन्युअल कटिंग, मिट्टी या साधारण स्टोवा आदि होते हैं, जिससे समय और स्वच्छता की समस्या रहती है।

    Q2. अन्य जेलों में पहले से तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सुविधा थी क्या?
    A. कुछ केंद्रीय जेलों में अलग सेल बनाए गए थे, लेकिन समुचित व्यवस्था हिमाचल में नहीं होती थी। महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अब कई जेलों में सुविधा विस्तार का फैसला लिया है।

    Q3. यह सुधार पहल कितनी लागत में पूरी की गई?
    A. मीडिया रिपोर्ट में विशेष लागत का खुलासा नहीं किया गया है। संभव है कि इस परियोजना को जिल्हा नियोजन निधि से वित्तपोषित किया गया हो।

    Q4. ऐसे सुधारों से अपराध नियंत्रण में क्या अंतर आएगा?
    A. सीधे तौर पर सुधारों से अपराध नियंत्रण नहीं होगा, लेकिन बेहतर जीवन, पुनर्स्थापना तथा सुधार कार्यक्रमों से अपराधियों के सुधार की संभावना बढ़ सकती है।

    Q5. अन्य राज्यों में इस तरह की सुधार प्रथाएँ हैं क्या?
    A. हाँ, भारत के कई राज्यों में जेल सुधार योजनाएँ चल रही हैं, जैसे स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और विशेष सेल व्यवस्था।

  • मुंबई रोड रेज: एसयूवी से भिड़ंत के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, दहिसर चेक नाका हाईवे पर हंगामा; वीडियो वायरल

    मुंबई रोड रेज: एसयूवी से भिड़ंत के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, दहिसर चेक नाका हाईवे पर हंगामा; वीडियो वायरल

    मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दहिसर चेक नाका के पास रोड रेज का बड़ा मामला। कार और एसयूवी की टक्कर के बाद कार ड्राइवर चढ़ा बोनट पर, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रोड रेज का खतरनाक मामला सामने आया है। दहिसर चेक नाका के पास वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (Western Express Highway) पर एक एसयूवी और कार की टक्कर के बाद सड़क पर जबरदस्त हंगामा हुआ। इतना ही नहीं, गुस्से में आकर कार ड्राइवर सीधे एसयूवी के बोनट पर चढ़ गया और वहां बैठकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

    कार और एसयूवी की भिड़ंत से शुरू हुआ विवाद

    पुलिस के मुताबिक यह घटना शुक्रवार सुबह की है। एक टोयोटा फॉर्च्यूनर (MH 12 NL 2511) और एक कार की हल्की भिड़ंत हुई। टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों में बहस शुरू हो गई, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। गुस्से में कार ड्राइवर फॉर्च्यूनर के बोनट पर चढ़ गया और वहां बैठकर मोबाइल से वीडियो बनाने लगा।

    ट्रैफिक जाम और लोगों की भीड़

    घटना व्यस्त समय में हुई, जिस वजह से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। राहगीर और अन्य ड्राइवर इस नजारे को देखकर हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फॉर्च्यूनर धीरे-धीरे चल रही है और बोनट पर बैठा शख्स मोबाइल से लगातार रिकॉर्डिंग कर रहा है।

    वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

    वीडियो में दूसरे वाहन चालक की आवाज सुनाई देती है जो कहता है, “गाड़ी साइड में लगाओ।” इस घटना ने मुंबईकरों के बीच रोड रेज और लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दोनों ड्राइवर पहुंचे थाने

    हंगामे के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों ड्राइवर दहिसर पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वायरल वीडियो जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    रोड रेज क्यों बन रहा खतरा?

    मुंबई जैसे महानगरों में ट्रैफिक और गाड़ियों की भीड़ के चलते अक्सर झगड़े की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। कई बार यह झगड़े हादसों और हिंसा का रूप ले लेते हैं। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि धैर्य रखें और गुस्से में आकर सड़क पर हंगामा न करें।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 दहिसर चेक नाका, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, मुंबई।

    Q2. वीडियो में क्या दिख रहा है?
    👉 एक कार ड्राइवर फॉर्च्यूनर एसयूवी के बोनट पर बैठा वीडियो बना रहा है जबकि गाड़ी धीरे-धीरे चल रही है।

    Q3. पुलिस ने क्या कदम उठाया है?
    👉 पुलिस ने वायरल वीडियो जब्त कर लिया है और दोनों ड्राइवरों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की है।

    Q4. रोड रेज के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
    👉 ट्रैफिक जाम, धैर्य की कमी और गुस्से में लिया गया गलत कदम, रोड रेज को बढ़ावा दे रहे हैं।