मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आज़ाद मैदान में चल रहा आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन उपवास शुरू किया है। उनका मुख्य आग्रह है कि मराठा समुदाय को OBC श्रेणी में 10% आरक्षण दिया जाए।Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food
तेज़ बारिश और खराब मौसम ने प्रदर्शनकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। कई लोग ट्रेन और बस से मुंबई पहुँचे हैं, लेकिन उन्हें भोजन, पानी और रहने की जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रदर्शनकारी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास सड़क किनारे डेरा जमाए बैठे हैं और खुद ही खाना पकाने को मजबूर हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आंदोलन स्थल के आसपास की दुकानें और होटल बंद करा दिए गए हैं। उनका कहना है कि सरकार और BMC ने जानबूझकर भोजन और पानी की आपूर्ति रोक दी है। वहीं दूसरी तरफ, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने दावा किया है कि सभी जरूरी इंतज़ाम किए गए हैं। Maratha reservation movement: Protesters in Mumbai face shortage of water and food
BMC के अनुसार –
11 पानी के टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं।
29 मुफ्त शौचालय मैदान में खोले गए हैं।
मोबाइल और पोर्टेबल टॉयलेट्स आसपास लगाए गए हैं।
गड्ढों में भरे पानी को सुखाने के लिए दो ट्रक बजरी मैदान में डाली गई है।
चिकित्सा सहायता केंद्र, चार मेडिकल टीम और दो एम्बुलेंस 24 घंटे तैनात हैं।
मैदान में अंधेरा न रहे, इसके लिए हाई इंटेंसिटी फ्लडलाइट्स लगाई गई हैं।
मनोज जरांगे ने मीडिया से बात करते हुए कहा – “BMC प्रशासन मुख्यमंत्री के दबाव में काम कर रहा है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी रोक दिया है। गरीब मराठाओं को परेशान किया जा रहा है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”
मुंबई पुलिस और प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, आंदोलन और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है।
मुंबई: अंधेरी इलाके के एक पिज्जा आउटलेट पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। एक 23 वर्षीय स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि उसने वेज पनीर टाको ऑर्डर किया था लेकिन उसे डिलीवरी में चिकन टाको सर्व कर दिया गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस तक पहुंच गया और अब आउटलेट मैनेजर और एक स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg
📌 कैसे शुरू हुआ मामला?
जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट जो डेटा साइंस की पढ़ाई कर रहा है, 26 अगस्त की रात करीब 9 बजे उसने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान घर पर पिज्जा आउटलेट से खाना मंगवाया। उसने वेज पनीर टाको और मैक्सिकन टाको ऑर्डर किया।
जब ऑर्डर आया, उसने पहला बाइट लिया तो उसे स्वाद कुछ अजीब लगा। तुरंत जांच करने पर पता चला कि टाको में पनीर नहीं बल्कि चिकन था। चूंकि वह सख्त शाकाहारी है, यह गलती उसे बहुत अखर गई। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg
📞 मैनेजर से शिकायत और माफी
स्टूडेंट ने तुरंत आउटलेट मैनेजर को फोन किया। मैनेजर ने इस गलती के लिए माफी मांगी और आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। लेकिन स्टूडेंट ने इसे सिर्फ “माफ़ी” तक सीमित नहीं रखा और कानून का सहारा लेने का फैसला किया।
मुंबई जैसे महानगर में जहां वेज और नॉनवेज खाने वालों की बड़ी तादाद है, वहां इस तरह का मिक्सअप गंभीर विवाद खड़ा कर सकता है। कई लोग धार्मिक और व्यक्तिगत कारणों से नॉनवेज नहीं खाते। ऐसे में गलती से भी नॉनवेज परोसना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg
⚖️ सोशल मीडिया पर चर्चा
यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग स्टूडेंट के फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यह आउटलेट की मानवीय गलती हो सकती है। लेकिन ज्यादातर यूज़र्स का कहना है कि फूड इंडस्ट्री में इतनी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg
विश्वासघात का मामला
यह घटना सिर्फ एक स्टूडेंट और पिज्जा आउटलेट का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे फूड इंडस्ट्री के लिए चेतावनी है कि ग्राहक की डिमांड और उनकी डाइटरी प्राथमिकताओं का सम्मान करना बेहद ज़रूरी है। छोटी-सी गलती भी विश्वास तोड़ सकती है और कानूनी कार्रवाई तक ले जा सकती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg
डिजिटल डेस्क मुंबई: जब 2003 में वैज्ञानिकों ने ह्यूमन जीनोम (मानव का पूरा जेनेटिक कोड) सीक्वेंस किया था, तब उम्मीद थी कि इससे बीमारियों के रहस्य खुल जाएंगे। लेकिन रिसर्च से पता चला कि जेनेटिक्स यानी हमारे जीन्स, बीमारियों का सिर्फ 10% कारण बनते हैं। बाकी 90% फैक्टर हमारे एनवायरनमेंट और डाइट (खानपान) से जुड़े हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
पूरी दुनिया में खराब खानपान हर साल 25 साल से ऊपर के करीब हर 5 में से 1 व्यक्ति की मौत से जुड़ा है। यूरोप में लगभग आधी हार्ट डिजीज मौतें पुअर डाइट के कारण होती हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
पिछले कई दशकों से हमें कम फैट, कम नमक और कम शुगर खाने की सलाह मिलती रही है। लेकिन मोटापा और डाइट-रिलेटेड बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। यानी कहीं न कहीं न्यूट्रिशन को समझने के हमारे तरीके में कुछ कमी है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
न्यूट्रिशन सिर्फ प्रोटीन और विटामिन तक नहीं
अब तक डाइट को अक्सर सरल रूप में समझा गया है – खाना यानी ईंधन, और न्यूट्रिएंट्स यानी शरीर की ईंटें। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट और विटामिन – यानी लगभग 150 ज्ञात केमिकल्स ही हमारी थाली के मुख्य किरदार माने गए। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
जैसे अंतरिक्ष में डार्क मैटर, वैसे ही हमारे खाने में भी
खगोल विज्ञान (Astronomy) बताता है कि ब्रह्मांड का लगभग 27% हिस्सा डार्क मैटर से भरा है। ये दिखाई नहीं देता, लेकिन उसके ग्रेविटेशनल असर से वैज्ञानिक जानते हैं कि यह मौजूद है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
इसी तरह न्यूट्रिशन साइंस भी डार्क मैटर की तरह एक रहस्य से भरा है। हमारी थाली में ढेर सारे ऐसे केमिकल्स हैं जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन हमें नहीं पता कि उनका शरीर पर क्या असर पड़ता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
इन्हें ही वैज्ञानिक “Nutritional Dark Matter” कहते हैं।
मेडिटेरेनियन डाइट (Mediterranean Diet) में फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, होल ग्रेन्स, लेग्यूम्स, नट्स, ऑलिव ऑयल और मछली शामिल होती है। इसे हार्ट डिजीज से बचाव के लिए बेस्ट माना जाता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
लेकिन क्यों?
👉 रिसर्च से पता चला है कि जब हम रेड मीट और अंडे खाते हैं तो गट बैक्टीरिया उन्हें तोड़कर TMAO (Trimethylamine N-oxide) बनाते हैं। TMAO की हाई लेवल हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाती है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
उदाहरण: दूसरे विश्व युद्ध में जब नीदरलैंड में अकाल पड़ा, उस समय गर्भवती माताओं के बच्चों में आगे चलकर हार्ट डिजीज, डायबिटीज और स्किज़ोफ्रेनिया का खतरा ज्यादा पाया गया। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
हमारी थाली में सिर्फ कैलोरी और न्यूट्रिएंट्स ही नहीं, बल्कि हजारों छुपे हुए केमिकल्स भी हैं। यह डार्क मैटर ऑफ न्यूट्रिशन हमारी सेहत, जीन्स और आने वाली पीढ़ियों पर असर डाल सकता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?
मुंबई: ऑनलाइन गेमिंग का नशा और कर्ज़ ने एक युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। मामला मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन का है, जहां एक बिजनेसमैन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि बिजनेसमैन पर ₹25 लाख नकद और 1 किलो सोने की सुपारी दी गई है। जान बचाने के लिए उससे और ज्यादा फिरौती मांगी गई। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming
धमकी का खौफ और पुलिस की चालाकी
कॉलर ने कहा – “हम जानते हैं आप जुहू में रहते हो, आपका ऑफिस गोरेगांव में है और फैक्ट्री वसई में। ऊपर से ऑर्डर आया है, आपकी दोनों बेटियों पर भी नज़र है। शूटर भेज दिए गए हैं।” बिजनेसमैन घबराकर बोला कि वह पैसा देने को तैयार है और रकम गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचाने की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस स्टेशन का नाम आया, कॉलर ने फ़ौरन फोन काट दिया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming
जांच में निकला चौंकाने वाला सच
मुंबई पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर सूर्यकांत खरात ने टीम बनाकर नंबर ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि बिजनेसमैन का ही कर्मचारी तेजस सेलार (26) है। तेजस ने ऑनलाइन गेमिंग में ₹3 लाख हारे और कर्ज़ चुकाने के लिए यह प्लान बनाया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming
पुलिस ने बताया कि तेजस ने किसी और के नाम से नया सिम लिया और अपने मालिक की पूरी दिनचर्या का इस्तेमाल करके डराने की साजिश रचीवह जानता था कि बॉस के ऑफिस, फैक्ट्री और घर कहां हैं। इस वजह से धमकी असली लग रही थी। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming
मुंबई: एक सनसनीखेज मामला भायखला इलाके से सामने आया है। यहाँ मज़गांव स्थित सूर्यकुंड सोसायटी के ड्रेनेज लाइन में एक युवक का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान बिहार निवासी केशव कुमार चौधरी (झा) के रूप में हुई, जो महज़ दो हफ्ते पहले काम की तलाश में मुंबई आया था। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested
चाचा समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अपने मामा मृत्युञ्जय झा (36) के पास रह रहा था, जो मझगांव के एक सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इसी सोसायटी में गांव के दो अन्य परिचित — सनी कुमार चौधरी (31) और गिरिधारी रॉय — भी काम करते थे। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested
सोमवार की रात चारों लोग एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव की पुश्तैनी ज़मीन को लेकर विवाद छिड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मृत्युञ्जय ने गुस्से में अपने भांजे के गले पर पैर रखकर उसकी हत्या कर दी। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested
भायखला पुलिस ने तीनों आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद की जड़ तक पहुँचने के लिए आगे की जांच जारी है। यह घटना मुंबई जैसे महानगर में भी पारिवारिक और सामाजिक विवाद कैसे खून-खराबे में बदल सकते हैं, इसका बड़ा उदाहरण है। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested
महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे मनोज जारंगे पाटिल का आंदोलन अब और तेज़ हो गया है। “चलो मुंबई” के नारे के बाद पूरे महाराष्ट्र में मराठा समाज बड़ी संख्या में उनके साथ खड़ा हो रहा है। खास बात यह है कि पहले चुप रहने वाले विधायक और सांसद अब समर्थन जताने के लिए आगे आने लगे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
जारंगे की यह स्पष्ट चेतावनी कि “जो विधायक और सांसद मराठा समाज के साथ नहीं होंगे, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी”, नेताओं पर दबाव डालने लगी है। नतीजा यह हुआ कि अब विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि खुले तौर पर जारंगे के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
बीड जिले से बढ़ा समर्थन
बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अंतरवली सराटी जाकर मनोज जारंगे से मुलाकात की और आंदोलन का समर्थन किया। इतना ही नहीं, वे मराठा युवकों के साथ रैली में भी शामिल हुए। बीड से ही सांसद बजरंग सोनवणे और माजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंके ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
धाराशिव के विधायक कैलास पाटिल ने फेसबुक पोस्ट कर जारंगे के आंदोलन को जॉइन करने की अपील की है। ओमराजे निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि मराठा समाज की मांगों को तुरंत सुलझाया जाए। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
राज्य के अन्य हिस्सों में भी नेताओं की ओर से समर्थन मिलने लगा है। एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस—all पार्टियों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भी मराठा समाज की मांगों को जायज़ बताते हुए आंदोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
गाँवों से उमड़ा जनसैलाब
सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों से मराठा समाज के लोग ट्रैक्टर, बस और गाड़ियों में भरकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। कई गांवों के युवा अपने गाँव के बैनर और झंडे लेकर जारंगे की रैली में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
सरकार पर बढ़ता दबाव
जारंगे के आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नेताओं का झुकाव और जनता का बढ़ता दबाव यह साफ दिखा रहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मुंबई में बड़ा जनसैलाब खड़ा हो सकता है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs
डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सिर्फ एक इंस्टाग्राम मैसेज ने 24 वर्षीय युवक की जान ले ली। मृतक युवक की पहचान प्रतीक वाघे (24) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक लड़की को मैसेज किया था। लड़की ने यह बात अपने बॉयफ्रेंड भूषण पाटिल को बताई, जिसके बाद मामला इतना बिगड़ा कि बेरहमी से हत्या तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रतीक की शर्ट उतार दी गई थी और वह हाथ जोड़कर आरोपियों से अपनी जान की भीख मांग रहा था। वह बार-बार कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। भीड़ के सामने युवक को तब तक पीटा गया जब तक वह ज़मीन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल नहीं हो गया। Young man brutally murdered in Nallasopara over Instagram message, video goes viral | Mumbai Crime News
इसी बीच पुणे से भी हिंसा की खबर आई है। यहां एक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कर्मचारी और उसके दोस्त पर चार युवकों ने हमला कर दिया। झगड़े की वजह बनी गलत दिशा में वाहन चलाने को लेकर हुई बहस। मारपीट में एक युवक की नाक टूट गई, जबकि दूसरे का कंधा डिसलोकेट हो गया। यह घटना खड़की इलाके में सोमवार शाम करीब 5.45 बजे हुई। पुलिस ने इस मामले में भी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।
मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।
हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।
जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।
राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।
अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।
महेंद्र मुंगेकर का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। वे लंबे समय से वर्षा गायकवाड़ के बेहद करीबी और संगठनात्मक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता रहे हैं।
मुंबई कांग्रेस की राजनीति में उनका नाम बड़े चेहरे के रूप में लिया जाता था। स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत रही है और वे पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुंगेकर के जाने से पार्टी न केवल संगठनात्मक रूप से कमजोर होगी बल्कि आगामी बीएमसी चुनावों में भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
🔹 शिवसेना (शिंदे गुट) की चुनावी रणनीति को मिला बल
एकनाथ शिंदे की शिवसेना फिलहाल मुंबई में अपनी पकड़ और मजबूत करने के मूड में है। बीएमसी चुनाव 2025 को लेकर पार्टी लगातार नए-नए नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है।
1. कांग्रेस की कमजोरी: मुंगेकर के कांग्रेस छोड़ने से यह संदेश गया है कि पार्टी अपने ही बड़े नेताओं को संभाल नहीं पा रही है।
2. शिंदे गुट का आत्मविश्वास: बीएमसी चुनाव से पहले लगातार नेताओं का पार्टी में आना यह दर्शाता है कि शिंदे गुट खुद को आक्रामक मोड में लेकर चल रहा है।
3. गठबंधन की राजनीति: बीजेपी-शिंदे गुट की जोड़ी बनाम कांग्रेस-उद्धव ठाकरे गुट की लड़ाई और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है।
🔹 आगे की राह
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में और भी कांग्रेस नेता शिंदे गुट या बीजेपी का रुख कर सकते हैं। बीएमसी चुनाव में अब मुकाबला सीधा और कड़ा होने की संभावना है।
मुंबई की राजनीति में यह साफ हो गया है कि सत्ता पक्ष (शिंदे-बीजेपी गठबंधन) कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहता और विपक्ष की कमजोरी का भरपूर फायदा उठा रहा है।
मुंबई एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे में अतिरिक्त यात्रियों को संभालने की क्षमता नहीं है। ऐसे में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद ही यह फैसला लागू किया जाएगा।
नवी मुंबई एयरपोर्ट से यात्री भार का दबाव कम होगा।
इसके बाद टर्मिनल-1 को हटाकर आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर्स के मुताबिक, नई इमारत बनने में कई साल लग सकते हैं।