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मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।
कैसे बनता था शिकार ?
अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।
कैसे हुई आरोपी की पहचान ?
क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।
क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।
नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.
मस्कट से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। कैबिन क्रू और एक यात्री नर्स की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। पायलटों ने प्रायोरिटी लैंडिंग कराई। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
मुंबई: एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान में उस वक्त एक भावुक और अद्भुत क्षण सामने आया, जब मस्कट से मुंबई आ रही एक फ्लाइट में एक महिला यात्री ने बच्चे को जन्म दिया। यह घटना फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए बेहद खास बन गई, क्योंकि यह बच्चा हवा में, 30,000 फीट की ऊंचाई पर जन्मा। खास बात यह रही कि पैसेंजर में एक नर्स भी मौजूद थी।
जैसे ही थाईलैंड की एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, कैबिन क्रू ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग के अनुसार स्थिति को संभाला। फ्लाइट में मौजूद एक नर्स ने भी महिला की सहायता की। पेशेवर तरीके से काम करते हुए क्रू ने नतो केवल सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को भावनात्मक सहयोग भी दिया। फ्लाइट के अंदर जन्मे बच्चे और मां को तुरंत देखभाल मिली।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने कराई लैंडिंग
पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और मुंबई एयरपोर्ट पर प्राथमिक लैंडिंग की अनुमति मांगी। जैसे ही विमान ने लैंड किया, पहले से तैनात मेडिकल टीम और एम्बुलेंस ने मां और नवजात बच्चे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। एयरलाइंस की एक महिला कर्मचारी उनके साथ गई ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके।
टीमवर्क ने बचाई जान
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को संकट में सेवा का प्रतीक बताया। क्रू मेंबर्स की सूझबूझ, ट्रेनिंग और इंसानियत ने मिलकर एक संभावित आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। केबिन और कॉकपिट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट प्रशासन और इमरजेंसी सेवाओं के बीच समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहें।
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह मुंबई स्थित थाईलैंड के कॉन्सुलेट जनरल से संपर्क में है ताकि महिला को उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। फ्लाइट की कमान कैप्टन आशीष वाघानी और कैप्टन फराज अहमद के हाथों में थी, जबकि केबिन क्रू मेंबर्स स्नेहा नागा, ऐश्वर्या शिर्के, आसिया खालिद और मुस्कान चौहान ने अद्भुत संयम और सेवा भाव दिखाया।
एयर इंडिया की सफलता
यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित डिलीवरी भर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि जब सेवा भावना, पेशेवरता और टीमवर्क एक साथ होते हैं, तो आकाश में भी जीवन के चमत्कार संभव हो सकते हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में वह अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।
भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए।
मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।
देश में शिक्षा का भगवाकरण
विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है।
शिक्षा और परीक्षा का सौदा
सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।
विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा
इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education
शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
धर्म की राजनीति
हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।
सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education
जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।
मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार
तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।
एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।
राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।
दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।
मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला
दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।
नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर चार लोगों ने हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। विवाद मराठी नही बोलने का बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी ने छात्र के सिर पर वार किया
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र: मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीडित छात्र से आरोपियों ने मराठी में बात करने को कहा था, जिसकी वजह से उनके बीच बहस हुई।
इस घटना के बाद से लोग मराठी भाषा विवाद के नाम पर आपसी रंजीश को अंजाम देने का हथियार बताने लगे हैं। लोगों का कहना है कि समाज में अचानक इतना गुस्सा कहां से आ गया। जो एक दूसरे को लोग अपने गुस्से का शिकार बना रहे हैं। किसी का तिरस्कार और मार पीट यह मानवता के खिलाफ सरारस हमले हैं, जो कतई बर्दाश्त के बाहर है। समय रहते इसपर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/पालघर: मुंबई से सटे विरार पश्चिम की एक रेसिडेंटल बिल्डिंग में ब्लिंकिट कंपनी के एक डिलीवरी एजेंट द्वारा लिफ्ट में पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह घटना पालघर जिले के विरार पश्चिम में सीडी गुरुदेव बिल्डिंग की है, जहां पूरी वारदात की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीसीटीवी कैमरे मे क्या देखा?
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि डिलीवरी बॉय बाएं हाथ में एक पार्सल लेकर लिफ्ट के अंदर गया। इसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए पैंट की चेन खोला और लिफ्ट के सामने के गेट पर ही पेशाब करने लगा। दोपहर का समय होने के कारण सोसायटी में सन्नाटा छाया हुआ था। मौका पाकर डिलीवरी बॉय ने पार्सल दिया और वहां से निकल गया।
विरार पश्चिम स्थित तुलिंज पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और आगे की जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग इस असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/ पालघर: मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।
वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।
मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़
यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
नेशनल डेस्क उत्तर प्रदेश के ललितपुर के शहजाद बांध के पास भराव क्षेत्र में बोरी में बंद मिली थी मृतक महिला। अवैध संबंध के शक में उसी के प्रेमी ने हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कोल्ड्रिंक मे कीटनाशक दवा मिला कर पिला दिया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने यूट्यूब और गूगल से हत्या के तरीके सीखकर हत्या को अंजाम दिया। हत्या का कारण पुलिस ने बताया कि मृतक महिला आरोपी के साथ अवैध संबंध मे रहते एक और युवक के साथ नजदीकी चला रही थी। जिसके साथ उसका इंस्ट्राग्राम के जरिए दोस्ती हो गई थी। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram
मृतका के परिजनों के मुताबिक रानी जून 2024 में जगदीश निवासी ग्राम करमई के साथ प्रेम-प्रसंग में चली गई थी। पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को जगदीश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जगदीश ने बताया कि उसके गांव करमई का रहने वाला नरेंद्र रैकवार की पत्नी रानी से उसका प्रेम प्रसंग था और वह एक साल से दोनों साथ में रह रहे थे।
कुछ समय पूर्व उसकी भी शादी कहीं और तय हुई तो उसमें और रानी में मन-मुटाव रहने लगा। इसी बीच रानी इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्त बने एक युवक के साथ रहने को चली गई थी। 6 जुलाई 2025 को रानी उसके पास कोतवाली सदर अंतर्गत शहर के मोहल्ला नईबस्ती में किराए के मकान में वापस आ कर रहने लगी थी। लेकिन उन दोनों के बीच विवाद होता रहता था। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram
इस पर उसने रानी की हत्या करने का षड्यंत्र रचा। इसके लिए उसने यूट्यूब वीडियो और गूगल से हत्या करने और पुलिस से बचने के तरीके सीखा। इसके बाद वह कीटनाशक दवा बाजार से खरीदकर लाया और 7 जुलाई 2025 को उसने कोल्डड्रिंक में कीटनाशक दवा मिलाकर रानी को पिला दिया। जिससे रानी की मौत हो गई।
रात के समय उसने रानी के शव के हाथ और पैर बांधकर एक बोरी में रखा और शव को बाइक पर रखकर ग्राम चीरा के पास शहजाद नदी में फेंक आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक बाइक और कीटनाशक दवा की शीशी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram
पुलिस से बचने के लिए इंस्टाग्राम का इस्तेमाल
आरोपी जगदीश ने बताया कि रानी को मार डालने और शव को ठिकाने लगाने के बाद पुलिस से बचने के लिए उसने 8 जुलाई को रानी के फोन से रानी और उसके इंस्टाग्राम दोस्त की रील इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दी थी। जिससे ऐसा प्रतीत हो कि रानी अपने इंस्टाग्राम दोस्त के साथ है और रानी की पहचान हो जाए तो पुलिस को लगे कि रानी की हत्या यशवंत ने ही की है। रानी के शव को ठिकाने लगाने के बाद वह ग्राम करमई अपने गांव में आकर रहने लगा था। लेकिन उसके षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया।
दो बच्चों और पति को छोड़कर बनाया अवैध संबंध
मृतक का पति नरेंद्र जगदीश का ही दोस्त था। इस वजह से जगदीश का नरेंद्र के घर आना जाना था। इस बीच नरेंद्र की पत्नी रानी और जगदीश के बीच प्रेम-प्रसंग हो गया। जिसकी जानकारी नरेंद्र को होने पर वह रानी से झगड़ा करने लगा। जिसके बाद जून 2024 में रानी अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी जगदीश के पास चली गई थी और उसके साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी। लेकिन एक साल बाद ही रानी के प्रेमी जगदीश ने उसे धोखे से कीटनाशक दवा पिलाकर हत्या कर दी।
कैसे हुई मृतक की पहचान?
जब बांध के भराव क्षेत्र में महिला का सड़ा गला बोरी में बंद शव मिला तो उसके हाथ पर आर जगदीश नाम गुदा था। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। तब ग्राम करमई निवासी एक परिवार ने हाथ पर गुदे नाम के चलते शव की पहचान नरेंद्र की पत्नी रानी रैकवार के रूप में करने का दावा किया था। पहचान के दावे को पुख्ता करने के लिए रानी के पिता लल्लू रैकवार निवासी ग्राम कारीकंचनपुरा टीकमगढ़ मध्य प्रदेश जोकि दिल्ली में था उन्हें को बुलाया गया। लल्लू रैकवार ने भी शव की पहचान रानी के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने जगदीश को गिरफ्तार कर घटना के रहस्य से पर्दा फाश किया। Illegal relationship led to woman’s death, she fell in love with Instagram
नेशनल डेस्क मुंबई: पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना और उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना, अपने पति पर क्रूरता का एक स्वरूप है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा, कि ऐसा करना तलाक का एक वैध आधार माना जा सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी एक पारिवारिक मामलों के तलाक के आदेश को चुनौती देने वाली एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए उसे राहत देने से इनकार करते हुए की। Denial and doubt of sex with husband is reason for divorce- Bombay High Court
तलाक से इंकार, एक लाख रुपये मासिक भत्ते की मांग
बम्बई हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि महिला के व्यवहार को उसके पति के प्रति “क्रूरता” माना जा सकता है। अदालत ने पत्नी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने पति के तलाक के आवेदन को स्वीकार करने वाले पारिवारिक न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। महिला ने अपने पति को एक लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का भी निर्देश देने की मांग की थी।
पुणे की अदालत ने कर दी थी सुनवाई
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस जोड़े की शादी 2013 में हुई थी। लेकिन दिसंबर 2014 में वे दोनों अलग रहने लगे। 2015 में, पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए पुणे की एक पारिवारिक अदालत में अर्जी की थी। अदालत ने उस समय उसकी अर्जी मंजूर कर ली और सुनवाई के दौरान पति के तलाक की अर्जी को कबूल करते हुए दोनों को अलग कर दिया।
तलाक का कारण ?
महिला ने आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित किया। हालाँकि, वह अब भी अपने पति से प्यार करती थी और शादी को बरकरार रखना चाहती थी। हालाँकि, पति ने अपनी पत्नी को तलाक देने के कई कारण बताए थे। इनमें शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना, उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना और उसपर झूठे क्रूरता का दावा करते हुए अपने परिवार, दोस्तों और कर्मचारियों के सामने मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शामिल था। इसमें उसने यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी उसका घर छोड़कर अपने माता-पिता के घर रह रही है।
विवाह हुआ खत्म
पुणे के आदेश को चुनौती करते हुए महिला ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। जबकि महिला को वहां भी मुंहकी खानी पड़ी। हाईकोर्ट ने कहा, “अपीलकर्ता (महिला) का पुरुष के कर्मचारियों के प्रति व्यवहार निश्चित रूप से उसे परेशान करेगा। इसी तरह, उसके दोस्तों के सामने उसका अपमान करना भी अपने पति के प्रति क्रूरता है।” कोर्ट ने यह भी कहा, कि पुरुष की दिव्यांग बहन के प्रति महिला का उदासीन व्यवहार भी उसे और उसके परिवार को परेशान करेगा। महिला की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा, दंपति के बीच शादी के टिकने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए यह खत्म हो गई है।
महाराष्ट्र/पालघर: वसई-विरार इलाके में ट्रैफिक पुलिस पर हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं नालासोपारा में हुई एक चौंकाने वाली घटना इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रही है। प्रगति नगर इलाके के एक व्यस्त चौराहे पर पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना का रोमांचक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और हर जगह हलचल मचा दिया है।
दिनदहाड़े सड़क पर हमला
जब ट्रैफ़िक पुलिस प्रगति नगर के पास एक गोलचक्कर पर अपनी नियमित ड्यूटी कर रही थे, तभी मंगेश नारकर और उसके बेटे पार्थ नारकर ने अचानक दो ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मी हनुमंत सांगले और शेष नारायण अत्रे को बीच सड़क पर पीट-पीटकर मारा गया। पिता ने पुलिसकर्मी को पकड़कर सड़क पर लिटा दिया, जिसके बाद बेटे ने उसके पेट और सीने पर लात-घूंसों से वार करना शुरू कर दिया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection
जैसे ही यह आम लोगों के लिए रोमांचक घटना घटी, कई नागरिक घटनास्थल पर जमा हो गए। कुछ ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। आखिरकार, एक अन्य पुलिस अधिकारी के दौड़कर आने पर आरोपियों को रोका गया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection
हालाँकि घटना के पीछे का असली कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि वाहन निरीक्षण के दौरान हुई बहस ने हमले का रूप ले लिया होगा। हालाँकि, पुलिस आगे की जाँच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई शुरू
इस घटना के बाद, नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन में मंगेश नारकर और पार्थ नारकर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों का आक्रोशित, सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद लोग पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह सवाल भी उठाया है कि, “यदि यातायात पुलिस के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिकों के बारे में क्या?”
एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आयोजित रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है
मुंबई: शहर के तीन वकीलों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखकर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के खिलाफ हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी भाषी लोगों पर कथित हमलों के लिए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया गया है। इसमें दावा किया गया है कि ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, स्थानीय दुकानदारों पर हमला किया और धमकियाँ दीं।
देश के लिए खतरा बताया
रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को देश की एकता, शांति और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए, पत्र में पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं और “राष्ट्र-विरोधी” तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, अधिवक्ता पंकज मिश्रा, नित्यानंद शर्मा और आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में इन घटनाओं को “गंभीर और गैरकानूनी स्थितियाँ” बताया गया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं।
हमले और अपमान
इसके अलावा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का मराठी भाषा का सम्मान करना कर्तव्य है, पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ता हाल ही में राज्य में रहने वाले गैर-मराठी भाषी व्यक्तियों पर हमले और सार्वजनिक रूप से अपमान करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें दावा किया गया है कि ऐसी घटनाएँ राष्ट्रीय अखंडता और सह-अस्तित्व के लिए गंभीर ख़तरा हैं और न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ख़राब कर दी है।
वकीलों ने डीजीपी से मनसे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें वर्तमान में पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, के भाषणों और हिंसक कार्रवाइयों की जाँच शुरू करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि भय का माहौल बनाने के दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में सद्भाव को नुकसान पहुँचेगा, और यह भी कहा, कि असंवैधानिक बयान देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।
मार पीट और तोडफोड
इसके अलावा, एक अलग घटना में, मनसे कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मुंबई से सटे मिराभायंदर क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में, मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई के शेयर बाजार निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर पथराव करते हुए शीशे के दरवाज़े को तोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह मराठी नहीं बोलेंगे और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को चुनौती दी थी।