Category: Maharashtra Crime

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।

  • खार स्टेशन के सामने जानलेवा हमला, पुलिस की मुस्तैदी से बची कारोबारी की जान

    खार स्टेशन के सामने जानलेवा हमला, पुलिस की मुस्तैदी से बची कारोबारी की जान

    खार पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद के चलते एक व्यक्ति पर कोयते से जानलेवा हमला किया गया। खार पुलिस के जवान अनिल जाधव की बहादुरी से घायल की जान बची, आरोपी मौके पर गिरफ्तार।

    मुंबई: खार पश्चिम इलाके में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक इमारत में प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने खुलेआम कोयते से एक व्यक्ति की हत्या की कोशिश की, लेकिन खार पुलिस के जवान की सतर्कता और साहस से बड़ी वारदात टल गई। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    प्रॉपर्टी विवाद से भड़का झगड़ा

    मिली जानकारी के अनुसार, खार पुलिस स्टेशन में गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 1203/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद नीरा-विला बिल्डिंग, खार रेलवे स्टेशन के सामने, खार पश्चिम में स्थित प्रॉपर्टी को लेकर था।
    जख्मी व्यक्ति का नाम हेमंत दलाल है, जबकि आरोपी की पहचान रोशन रमेश पाटील उर्फ सिंग के रूप में हुई है।

    दिनदहाड़े कोयते से हमला

    घटना 24 दिसंबर 2025, दोपहर करीब 2:30 बजे की है। हेमंत दलाल जब संबंधित प्रॉपर्टी पर पहुंचे, तभी आरोपी रोशन पाटील से उनका तीखा विवाद हो गया। पहले आरोपी ने बांबू से मारपीट की और फिर घर के अंदर से कोयता लाकर हेमंत दलाल पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

    पुलिस जवान की बहादुरी से टली हत्या

    हमले के दौरान शोर सुनकर खार रेलवे स्टेशन के पास पुलिस चौकी पर ड्यूटी कर रहे पोलीस अंमलदार अनिल दत्तू जाधव (क्र. 113540) तुरंत मौके पर पहुंचे।
    आरोपी जब हेमंत दलाल के सिर पर कोयते से वार कर रहा था, तब अनिल जाधव ने अपनी पुलिस लाठी पर वार झेलते हुए आरोपी को पीछे धकेल दिया और उसे हथियार समेत काबू में ले लिया।

    घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती

    घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद खार-1 मोबाइल वैन की मदद से घायल हेमंत दलाल को भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल की हालत गंभीर जरूर थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी स्थिति स्थिर है।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ
    भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 351(3), 49, 3(5),
    शस्त्र अधिनियम की धारा 4 और 25,
    और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 135
    के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है।

    पुलिस जवान को सराहना

    खार पुलिस के जवान अनिल जाधव की तत्परता और साहस की हर ओर सराहना हो रही है। उनकी वजह से न केवल एक व्यक्ति की जान बची, बल्कि आरोपी को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग ने उनके साहसिक कार्य के लिए उन्हें बधाई दी है।


    FAQ

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    खार पश्चिम में खार रेलवे स्टेशन के सामने नीरा-विला बिल्डिंग में।

    Q2. घायल व्यक्ति कौन है?
    हेमंत दलाल।

    Q3. आरोपी की पहचान क्या है?
    रोशन रमेश पाटील उर्फ सिंग।

    Q4. घायल की हालत कैसी है?
    वह गंभीर रूप से घायल था, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।

    Q5. पुलिस जवान कौन थे जिन्होंने जान बचाई?
    पोलीस अंमलदार अनिल दत्तू जाधव।

  • ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    मुंबई में एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने वाली दो महिलाओं को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    कौन हैं आरोपी महिलाएं?

    गिरफ्तार महिलाओं की पहचान

    • हेमलता आदित्य पाटकर उर्फ हेमलता बाने (39)
    • अमरिना इक़बाल ज़वेरी उर्फ एलिस उर्फ अमरिना मैथ्यू फर्नांडिस (33)
      के रूप में हुई है।

    क्या है पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता अरविंद गोयल, गोरेगांव पश्चिम में स्थित Goyal & Sons Infra LLP नाम की कंपनी चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे रितम गोयल की सगाई 5 नवंबर को यश्वी शाह से हुई थी।

    इस खुशी में 14 नवंबर की रात अंबोली इलाके के एक होटल में पार्टी रखी गई थी।

    लिफ्ट में हुआ विवाद, दर्ज हुआ केस

    पार्टी खत्म होने के बाद 15 नवंबर तड़के करीब 2:40 बजे, रितम, उनकी मंगेतर, उसका भाई और एक दोस्त लिफ्ट में थे। उसी दौरान एक अज्ञात महिला लिफ्ट में आई और रितम पर लेज़र लाइट दिखाने का आरोप लगाया।

    लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचते ही महिला ने हंगामा किया, जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया।

    ₹10 करोड़ की मांग, डराने-धमकाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं ने इस मामले को “सेटल” करने के बदले गोयल परिवार से ₹10 करोड़ की मांग की।
    20 दिसंबर को हेमलता पाटकर ने अंधेरी पश्चिम के एक कैफे में अरविंद गोयल को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके बेटे को उम्रकैद हो सकती है।

    बातचीत के बाद रकम घटाकर ₹5.5 करोड़ तय की गई।

    लोअर परेल में बिछाया गया जाल

    इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जाल बिछाया।
    आरोपियों को लोअर परेल बुलाकर ₹1.5 करोड़ नकद देने का नाटक किया गया, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे।

    जैसे ही पैसे लेने की कोशिश हुई, पुलिस ने दोनों महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की।

    तीसरा आरोपी फरार

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में उत्कर्ष नाम का एक तीसरा आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


    FAQ

    Q1. आरोपी महिलाओं पर क्या आरोप है?
    फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही का।

    Q2. गिरफ्तारी किसने की?
    मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने।

    Q3. घटना कहां की है?
    अंबोली, अंधेरी और लोअर परेल इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q4. क्या कोई आरोपी फरार है?
    हां, उत्कर्ष नाम का तीसरा आरोपी फरार है।

  • वर्ली सी फेस पर दिखे डॉल्फ़िन, मुंबईकरों में खुशी; वीडियो हुआ वायरल

    वर्ली सी फेस पर दिखे डॉल्फ़िन, मुंबईकरों में खुशी; वीडियो हुआ वायरल

    मुंबई के वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में डॉल्फ़िन का झुंड नजर आया। दुर्लभ नज़ारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर मुंबईकरों ने जमकर प्रतिक्रिया दी।

    मुंबई: कंक्रीट और भागदौड़ से भरी मुंबई के बीच गुरुवार को एक खूबसूरत और दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला, जब वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में डॉल्फ़िन का झुंड तैरता हुआ दिखा। इस नज़ारे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में मुंबईकर वर्ली सी फेस की ओर पहुंच गए।

    अरब सागर में ‘फ्लिपर’ की मस्ती

    डॉल्फ़िन को उनके चंचल स्वभाव के कारण अक्सर ‘फ्लिपर’ कहा जाता है। वायरल वीडियो में डॉल्फ़िन समुद्र की लहरों के बीच उछलते-कूदते और मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं।
    एक वीडियो इंस्टाग्राम यूज़र सविन चौहान ने शेयर किया, जिसका कैप्शन था –
    “Between concrete and chaos… A Dolphin moment.”
    इस रील में हालिया बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ का ट्रेंडिंग गाना “FA9LA” भी इस्तेमाल किया गया है।

    Dolphins-spotted-at-Worli-Sea-Face-Mumbaikars-rejoice-video-goes-viral-mumbai

    पहले भी दिख चुके हैं डॉल्फ़िन

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई के तट पर डॉल्फ़िन देखे गए हों। इससे पहले भी कभी-कभी डॉल्फ़िन या उनके अवशेष शहर के समुद्री किनारों पर देखे जा चुके हैं। खासकर मानसून और सर्दियों के मौसम में इनके दिखने की संभावना बढ़ जाती है।

    सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
    एक यूज़र ने लिखा,

    “अगर हम समुद्र को साफ रखें और कचरा फेंकना बंद करें, तो और भी खूबसूरत समुद्री जीव साफ-साफ देख पाएंगे।”

    एक अन्य यूज़र ने दावा किया,

    “बांद्रा-वर्ली सी लिंक के पास सुबह करीब 10 बजे अक्सर डॉल्फ़िन दिखाई देते हैं।”

    कौन-सी प्रजाति के हैं ये डॉल्फ़िन?

    एक जानकार इंस्टाग्राम यूज़र ने कमेंट में बताया कि ये इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फ़िन हो सकती हैं।
    उनके मुताबिक,

    “ये तट के पास रहने वाली डॉल्फ़िन प्रजाति है, जो भारत के पश्चिमी तट पर आम तौर पर पाई जाती है। मुंबई में ये कोलाबा, वर्ली, मढ़ और खासकर क्रीक इलाकों के पास अक्सर नजर आती हैं।”

    प्रकृति और शहर के बीच खास पल

    विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्री जैव विविधता का दिखना इस बात का संकेत है कि कुछ इलाकों में समुद्र अब भी जीवंत है। हालांकि, प्रदूषण और तटीय विकास के चलते इन जीवों के लिए खतरे भी बढ़ रहे हैं।


    FAQ

    Q1. डॉल्फ़िन मुंबई में कहां दिखे?
    वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में।

    Q2. क्या यह पहली बार हुआ है?
    नहीं, पहले भी मुंबई के तट पर डॉल्फ़िन देखे जा चुके हैं।

    Q3. ये कौन-सी डॉल्फ़िन प्रजाति हो सकती है?
    संभावना है कि ये इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फ़िन हों।

    Q4. वीडियो कहां वायरल हुआ?
    इंस्टाग्राम और X (पूर्व में ट्विटर) पर।

  • गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    मुंबई के गोरगांव इलाके में एक स्पा की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सात युवतियों को मुक्त कराया गया।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पा की आड़ में चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में स्पा मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात युवतियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। यह कार्रवाई गोरगांव पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।

    मालिश के नाम पर चल रहा था अवैध धंधा

    पुलिस के अनुसार, एम.जी. रोड स्थित एकवीरा प्रसाद बिल्डिंग में मौजूद अरोमा लग्ज़री स्पा में मसाज सर्विस के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा था।
    गोरगांव के पुलिस निरीक्षक मनोज पाटिल को इस संबंध में पुख्ता जानकारी मिली थी कि स्पा का मैनेजर ग्राहकों को “स्पेशल सर्विस” देने के नाम पर युवतियां उपलब्ध करवा रहा है।

    नकली ग्राहक भेजकर पकड़ा गया रैकेट

    सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने नकली ग्राहक भेजा। ग्राहक ने स्पा मैनेजर से मसाज के साथ अतिरिक्त सेवाओं की मांग की।
    आरोप है कि मैनेजर श्रवण संतोष दुबे और उसके सहायक दिलीप संजीव यादव ने ग्राहक के सामने कई युवतियों को पेश किया और सौदा तय किया।
    जैसे ही तय इशारे पर पुलिस को संकेत मिला, टीम ने अचानक छापा मार दिया।

    छापे में दो गिरफ्तार, सात महिलाएं मुक्त

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय पैसों का लेन-देन भी चल रहा था।
    मौके पर मौजूद कुछ महिलाएं भागने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
    इस कार्रवाई में कुल सात युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया है।

    कमाई का बड़ा हिस्सा रखता था मैनेजर

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्पा मैनेजर ग्राहकों से मोटी रकम वसूलता था।
    कमाई का बड़ा हिस्सा खुद रखता था, जबकि बाकी रकम महिलाओं को दी जाती थी।
    यह पूरा रैकेट सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम – PITA
      की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
      दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है।

    FAQ

    Q1. यह मामला कहां का है?
    मुंबई के गोरगांव इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    दो लोग, जिनमें स्पा मैनेजर और उसका सहायक शामिल हैं।

    Q3. कितनी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया?
    कुल सात युवतियों को मुक्त कराया गया है।

    Q4. आरोपियों पर कौन-सा कानून लगाया गया है?
    BNS और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    अंधेरी में सीट बेल्ट चेक के दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल से गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी परिवार को राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा— FIR रद्द हुई तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी के एक बुजुर्ग दंपति और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले में सबूत मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में केस रद्द करना पुलिस बल का मनोबल तोड़ने जैसा होगा।

    ⚖️ हाईकोर्ट का अहम फैसला

    इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले वीडियो सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं। ऐसे में आरोपियों को ट्रायल का सामना करना ही होगा।

    अदालत ने टिप्पणी की कि
    👉 “अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द की गई, तो यह समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।”

    🚦 कब और कहां हुआ था विवाद?

    यह घटना 13 अगस्त 2024 को
    📍 MHADA कॉलोनी जंक्शन, अंधेरी में हुई थी।

    उस समय ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल

    • गणेश सोनावणे
    • भारत चौधरी

    सीट बेल्ट चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

    🚗 सीट बेल्ट न पहनने पर शुरू हुआ विवाद

    कांस्टेबल सोनावणे ने देखा कि एक कार में आगे की सीट पर बैठी महिला ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की।

    इसी दौरान पुलिस के अनुसार:

    • महिला और उसके पति ने गंदी गालियां देना शुरू कर दिया
    • ड्राइवर ने कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी
    • महिला ने कथित तौर पर
      👉 कांस्टेबल को थप्पड़ मारा
      👉 सीने में मुक्का मारा

    👨‍👩‍👦 कौन हैं आरोपी?

    बाद में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

    • कपिल भगवानप्रसाद आनंद (70)
    • साधना आनंद (60)
    • उनका बेटा अद्वैत आनंद (30)

    तीनों लोकhandwala कॉम्प्लेक्स, अंधेरी के निवासी हैं।

    📹 वीडियो बना मजबूत सबूत

    पुलिस ने अदालत को बताया कि
    👉 पूरी घटना कांस्टेबल भारत चौधरी ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की थी।
    यह वीडियो चार्जशीट का हिस्सा है।

    हाईकोर्ट ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि
    👉 “यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपियों को ट्रायल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।”

    🛑 FIR रद्द करने की मांग खारिज

    परिवार की ओर से दलील दी गई थी कि

    • उन्हें झूठा फंसाया गया है
    • ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं

    लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि
    👉 सबूत साफ तौर पर आरोपों की पुष्टि करते हैं।

    👮‍♂️ पुलिस और समाज को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने कहा कि
    👉 अगर पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में नरमी बरती गई,
    👉 तो पुलिसकर्मी डर के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे,
    जो कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस इलाके का है?
    👉 अंधेरी, MHADA कॉलोनी जंक्शन।

    Q2. FIR क्यों दर्ज की गई थी?
    👉 ट्रैफिक पुलिस से गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 FIR रद्द करने से इनकार, ट्रायल जारी रखने का आदेश।

    Q4. पुलिस के पास क्या सबूत हैं?
    👉 मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान।

  • Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के अंधेरी में नशे में धुत एक युवक ने अभिनेत्री नोरा फतेही की मर्सिडीज़ कार को टक्कर मार दी। हादसे में नोरा को हल्की चोट आई, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: नशे में ड्राइविंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंधेरी (पश्चिम) इलाके में एक 27 वर्षीय युवक ने शराब के नशे में अपनी कार से बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को टक्कर मार दी। यह हादसा उस वक्त हुआ जब नोरा सनबर्न फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए सीवरी जा रही थीं। पुलिस ने मौके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पुष्टि हुई है कि ड्राइवर शराब के नशे में था।

    🚗 कैसे हुआ हादसा?

    Mumbai पुलिस के मुताबिक यह घटना
    📍 लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट, अंधेरी (पश्चिम)
    🕓 शनिवार शाम करीब 4 बजे की है।

    नोरा फतेही अपनी टीम के साथ मर्सिडीज़ कार में
    👉 सीवरी स्थित सनबर्न फेस्टिवल के लिए रवाना हुई थीं,
    जहां उन्हें मशहूर DJ डेविड गुएटा के साथ मंच साझा करना था।

    इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार ने
    👉 पहले नोरा की गाड़ी को टक्कर मारी
    👉 फिर डिवाइडर से जा टकराई।

    🍺 शराब के नशे में था आरोपी

    हादसे के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और
    👉 ड्राइवर को वहीं से हिरासत में ले लिया।

    आरोपी की पहचान
    विनय एस. (27)
    निवासी – गोरेगांव
    के रूप में हुई है।

    पुलिस ने जब उसे
    👉 ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट कराया,
    तो यह साफ हो गया कि वह शराब के नशे में था।

    🏥 नोरा फतेही की हालत कैसी है?

    हादसे के बाद नोरा फतेही की टीम ने
    👉 उन्हें एहतियात के तौर पर
    👉 नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने

    • CT स्कैन किया
    • गंभीर चोट की जांच की

    पुलिस अधिकारी के अनुसार:
    👉 “टक्कर के कारण नोरा को हल्का कन्कशन (Concussion) हुआ है,
    लेकिन उनकी हालत स्थिर है।”

    ⚖️ आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं?

    अंबोली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ:

    • BNS धारा 110 – गैर इरादतन हत्या का प्रयास
    • धारा 281 – लापरवाही से वाहन चलाना
    • धारा 125(a) – मानव जीवन को खतरे में डालना
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 – शराब के नशे में गाड़ी चलाना

    के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपी को
    👉 मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया
    👉 रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

    🚨 Mumbai पुलिस कर रही है आगे की जांच

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • आरोपी कहां जा रहा था
    • गाड़ी की स्पीड कितनी थी
    • हादसे के समय ट्रैफिक की स्थिति क्या थी

    सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं।

    ⚠️ नशे में ड्राइविंग

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि
    👉 नशे में गाड़ी चलाना कितना खतरनाक हो सकता है।
    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि

    • शराब पीकर वाहन न चलाएं
    • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 अंधेरी (पश्चिम), लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास।

    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 27 वर्षीय विनय एस., गोरेगांव निवासी।

    Q3. क्या नोरा फतेही को गंभीर चोट आई?
    👉 नहीं, उन्हें हल्का कन्कशन हुआ है।

    Q4. आरोपी पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
    👉 BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की कई गंभीर धाराएं।

  • एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    मुंबई के बंगुर नगर इलाके में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा और पड़ोसी प्रदीप सिंह के बीच पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: बंगुर नगर पुलिस स्टेशन में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा से जुड़े मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया है। जहां पहले अभिनेता की शिकायत पर उनके पड़ोसी प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, वहीं अब पुलिस ने सिंह की शिकायत के आधार पर अनुज सचदेवा के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया है। पूरा विवाद सोसायटी की पार्किंग को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई और चोट लगने तक पहुंच गया।

    📍 क्या है पूरा मामला?

    घटना 14 दिसंबर की रात करीब 10 बजे की है।
    प्रदीप सिंह ने अपनी BMW कार सोसायटी की ओपन पार्किंग में खड़ी की थी। कुछ देर बाद सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक मैसेज आया, जिसमें अभिनेता अनुज सचदेवा ने कार की फोटो डालते हुए लिखा कि अगर गाड़ी नहीं हटाई गई तो टोइंग कर दी जाएगी।

    यह मैसेज देखकर प्रदीप सिंह नीचे पार्किंग में पहुंचे। वहां उन्होंने अनुज सचदेवा को एक अन्य सोसायटी मेंबर के साथ टहलते हुए देखा और उनसे इस पोस्ट को लेकर सवाल किया।

    🗣️ बहस से मारपीट तक कैसे पहुंचा मामला?

    प्रदीप सिंह की शिकायत के मुताबिक:

    • सोसायटी में ओपन पार्किंग की सुविधा है
    • इसी नियम के तहत उन्होंने गाड़ी खड़ी की थी

    जब उन्होंने अनुज सचदेवा से बात की, तो:

    • दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई
    • सचदेवा ने कथित तौर पर गाली-गलौज की
    • साथ मौजूद एक सदस्य की ओर इशारा किया, जिसके पास पालतू कुत्ता था

    आरोप है कि
    👉 कुत्ते ने प्रदीप सिंह के दाहिने हाथ की कलाई पर काट लिया, जिससे उन्हें चोट लगी।

    🐕 कुत्ते के हमले के बाद क्या हुआ?

    सिंह का कहना है कि

    • उन्होंने खुद को बचाने के लिए एक डंडा उठाया
    • इसके बाद अनुज सचदेवा ने कथित तौर पर
      👉 किसी सख्त वस्तु से हमला किया, जिससे उन्हें और चोटें आईं

    शोर सुनकर सोसायटी के वॉचमैन मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग किया।

    ⚖️ पहले और अब: दो FIR

    • 15 दिसंबर:
      👉 अनुज सचदेवा की शिकायत पर
      👉 प्रदीप सिंह के खिलाफ
      👉 मारपीट और आपराधिक धमकी की FIR दर्ज
    • अब:
      👉 प्रदीप सिंह की शिकायत पर
      👉 अनुज सचदेवा के खिलाफ
      👉 क्रॉस FIR दर्ज

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    👮‍♂️ पुलिस का कहना

    बंगुर नगर पुलिस के अनुसार,

    • दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।
    • जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. अनुज सचदेवा पर किस मामले में FIR दर्ज हुई है?
    👉 पार्किंग विवाद के बाद मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में।

    Q2. घटना कब और कहां हुई?
    👉 14 दिसंबर की रात, बंगुर नगर इलाके की एक हाउसिंग सोसायटी में।

    Q3. क्या पहले भी कोई FIR दर्ज हुई थी?
    👉 हां, पहले अनुज सचदेवा की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR हुई थी।

    Q4. पुलिस आगे क्या कर रही है?
    👉 दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।