Category: Maharashtra Crime

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏙️ कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    🚖 कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    🏢 एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    💰 तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    🤝 दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    🚨 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    ➡️ करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    ➡️ मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    ➡️ कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    ➡️ कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव 2026 से पहले चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, 4,521 पर 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई के आदेश।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025-26 से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 4,521 कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिनके खिलाफ 12 जनवरी 2026 से पुलिस कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि चुनावी जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    🏛️ BMC चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया संविधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, मतदान ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियों से लगातार गैरहाजिर पाए गए। बार-बार निर्देश देने और अंतिम मौका देने के बावजूद जब हाजिरी नहीं लगी, तब प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

    📄 6,871 कर्मचारियों को नोटिस, 2,350 लौटे ड्यूटी पर

    प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई थी। इनमें से 2,350 कर्मचारी नोटिस के बाद चुनाव कार्य में शामिल हो गए हैं। लेकिन 4,521 कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं, जिन पर अब सीधी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

    🚨 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई शुरू

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देशानुसार सोमवार, 12 जनवरी 2026 से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके कार्यालय जाकर नोटिस तामील कराना, मामला दर्ज करना, जुर्माना और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल होगी।

    🧑‍💼 कई विभागों के कर्मचारी कार्रवाई की जद में

    इस कार्रवाई में केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक, बेस्ट उपक्रम, दूरसंचार विभाग, तेल कंपनी, बीमा कंपनियां, जीवन बीमा निगम, म्हाडा, डाक विभाग, रेलवे, उर्वरक कंपनी और अन्य सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

    🗳️ 15 जनवरी को मतदान, कर्मचारियों की भारी जरूरत

    महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। मुंबई में करीब 1 करोड़ 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। इतने बड़े चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    ⚠️ डॉ. अश्विनी जोशी की सख्त चेतावनी

    डॉ. अश्विनी जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही गंभीर अपराध है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अनदेखी, देरी या गैरजिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को तुरंत अपनी ड्यूटी संभालनी होगी, अन्यथा कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई तय है।


    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न 1: कितने कर्मचारियों को नोटिस दी गई है?
    उत्तर: कुल 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस दी गई है।

    प्रश्न 2: पुलिस कार्रवाई कब से शुरू होगी?
    उत्तर: 12 जनवरी 2026 से।

    प्रश्न 3: किन विभागों के कर्मचारी शामिल हैं?
    उत्तर: महानगरपालिका, बैंक, बेस्ट, बीमा कंपनियां, रेलवे, डाक विभाग सहित कई सरकारी संस्थान।

    प्रश्न 4: मतदान और मतगणना कब है?
    उत्तर: मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी।

  • मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में स्कूल के पास 7 नाबालिग बच्चियों से सरेआम छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में मंगलवार सुबह एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां 36 साल के एक युवक ने स्कूल जा रही 7 नाबालिग छात्राओं से सरेआम छेड़छाड़ की। सभी पीड़ित बच्चियों की उम्र 14 से 15 साल के बीच है। घटना स्कूल के पास एक व्यस्त रिहायशी सड़क पर हुई। बच्चियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी भाग निकला। शिकायत मिलते ही मालवनी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ POCSO एक्ट व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

    🚨 घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़ितों में से एक 14 वर्षीय छात्रा, जो सांताक्रूज़ की रहने वाली है, सुबह करीब 7:30 बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल परिसर के पास खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा।

    आरोपी ने अचानक बच्चियों के बेहद पास जाकर उन्हें जबरन गले लगाया, अश्लील हरकतें कीं और एक-एक कर सभी सातों नाबालिगों से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 कार में घुमाने का झांसा

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बच्चियों को कार में घुमाने का लालच दिया। उसने उनसे कहा कि वे रोज उसी जगह उससे मिलें। आरोपी की इन हरकतों से बच्चियां बुरी तरह घबरा गईं।

    🗣️ बच्चियों ने मचाया शोर

    घटना के बाद बच्चियों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। खुद को घिरा देख आरोपी वहां से फरार हो गया।

    🚓 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित बच्ची की मां मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे हिरासत में ले लिया।

    दोपहर में आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे आगे की जांच के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज

    आरोपी के खिलाफ:

    POCSO एक्ट

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं

    लगाई गई हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।

    😟 इलाके में डर का माहौल

    इस घटना के बाद मालवणी इलाके में दहशत का माहौल है। खासतौर पर माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी का मकसद इलाके में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना है।

    👮‍♂️ पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है क्योंकि पीड़ित नाबालिग हैं। इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
    Q1. घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के मालवणी इलाके में, स्कूल के पास।

    Q2. कितनी बच्चियां पीड़ित हैं?
    ➡️ कुल 7 नाबालिग स्कूली छात्राएं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    ➡️ आरोपी 36 साल का है।

    Q4. आरोपी पर कौन सा कानून लगा है?
    ➡️ POCSO एक्ट और BNS की धाराएं।

    Q5. क्या आरोपी को जेल भेजा गया है?
    ➡️ फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है, जांच जारी है।

  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।

  • BMC चुनाव 2025–26: फोटो वाली अंतिम मतदाता सूची बिक्री के लिए उपलब्ध

    BMC चुनाव 2025–26: फोटो वाली अंतिम मतदाता सूची बिक्री के लिए उपलब्ध

    BMC चुनाव 2025–26 के तहत मतदान केंद्रवार फोटो सहित अंतिम मतदाता सूची जारी। 226 प्रभागों की सूची 7 जनवरी 2026 से मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025–26 की तैयारियों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के हिसाब से फोटो सहित अंतिम मतदाता सूचियों को जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज 6 जनवरी 2026 को 227 में से 226 प्रभागों की मतदाता सूची बीएमसी को प्राप्त हो चुकी है, जो कल बुधवार 7 जनवरी 2026 से संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।

    🏛️ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जारी हुई सूची

    माननीय राज्य निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र ने महानगरपालिका सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूचियों के प्रकाशन का संशोधित कार्यक्रम घोषित किया है।
    निर्देशों के अनुसार, महानगरपालिका-वार मतदाता सूची जैसे-जैसे पूरी होगी, वैसे-वैसे उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

    📋 226 प्रभागों की फोटो सहित मतदाता सूची तैयार

    बीएमसी प्रशासन को 6 जनवरी 2026 को 227 प्रभागों में से 226 प्रभागों की मतदान केंद्रनिहाय अंतिम मतदाता सूची प्राप्त हुई है।
    इन सूचियों में प्रत्येक मतदाता का नाम, पता और पहचान के लिए छायाचित्र (फोटो) शामिल है, जिससे मतदाता सत्यापन और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

    🗓️ 7 जनवरी से बिक्री के लिए उपलब्ध

    बीएमसी जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    यह मतदाता सूची बुधवार, 7 जनवरी 2026 से संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी।

    नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे सीधे संबंधित चुनाव कार्यालय से ही सूची खरीदें।

    👥 नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए अहम सूचना

    • मतदाता सूची चुनावी तैयारियों का अहम दस्तावेज है
    • राजनीतिक दलों को प्रचार और बूथ प्रबंधन में मदद मिलेगी
    • नागरिक अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं
    • मतदान के दिन किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाव होगा

    बीएमसी प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से समय रहते मतदाता सूची प्राप्त करने का अनुरोध किया है।

    🗳️ बीएमसी चुनाव 2025–26 की तैयारियां तेज

    मतदाता सूची की उपलब्धता के साथ ही बीएमसी चुनाव 2025–26 की तैयारियां तेज हो गई हैं।
    प्रशासन का उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मतदाता सूची कब से उपलब्ध है?
    7 जनवरी 2026 से।

    Q2. कितने प्रभागों की सूची जारी हुई है?
    227 में से 226 प्रभागों की।

    Q3. सूची कहां मिलेगी?
    संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में।

    Q4. क्या सूची में फोटो शामिल है?
    हां, मतदाता छायाचित्र सहित अंतिम सूची है।

    Q5. कौन सूची खरीद सकता है?
    सामान्य नागरिक और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल।

  • BMC चुनाव 2025–26: मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान से मतदाता जागरूक

    BMC चुनाव 2025–26: मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान से मतदाता जागरूक

    Bmc चुनाव 2025–26 को लेकर मुंबई में मतदाता जागरूकता तेज। मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान के तहत पथनाट्य और जनजागृति रैली के जरिए लोगों को मतदान के महत्व की जानकारी दी गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की आगामी चुनाव 2025–26 के मद्देनज़र मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए SVEEP यानी ‘मतदारों का सुनियोजित शिक्षण और चुनावी सहभाग’ अभियान के तहत आज मुंबादेवी मंदिर परिसर में पथनाट्य और जनजागृति रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक कर चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

    🟠 SVEEP अभियान क्या है और क्यों जरूरी है?

    SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) अभियान चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष जनजागृति कार्यक्रम है, जिसका मकसद मतदाताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और मतदान प्रक्रिया की सही जानकारी देना है।

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    बीएमसी चुनाव जैसे बड़े स्थानीय निकाय चुनावों में आम नागरिकों की भागीदारी बेहद अहम होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जा रहा है।

    🔵 मुंबादेवी मंदिर परिसर क्यों चुना गया?

    मुंबादेवी मंदिर परिसर मुंबई के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाकों में से एक है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहते हैं। ऐसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचाना था।

    🎭 पथनाट्य के ज़रिए आसान भाषा में समझाया गया मतदान का महत्व

    SVEEP अभियान के तहत आयोजित पथनाट्य में कलाकारों ने आम मुंबईकर की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि—

    • मतदान क्यों जरूरी है
    • वोट न देने से लोकतंत्र को क्या नुकसान होता है
    • हर वोट कैसे विकास में भूमिका निभाता है

    पथनाट्य की भाषा सरल, प्रभावी और आम आदमी से जुड़ी हुई थी, जिससे वहां मौजूद लोगों ने इसे गंभीरता से सुना और सराहा।

    🚶 जनजागृति रैली ने खींचा लोगों का ध्यान

    पथनाट्य के बाद इलाके में जनजागृति रैली भी निकाली गई। रैली में “मतदान हमारा अधिकार है”, “लोकतंत्र मजबूत करें, वोट जरूर करें” जैसे नारे लगाए गए।
    रैली के दौरान नागरिकों को मतदान से जुड़ी जानकारी वाले पर्चे भी वितरित किए गए।

    🗳️ BMC चुनाव 2025–26 में बढ़ेगी मतदाता भागीदारी की उम्मीद

    प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभियान से खासतौर पर युवा मतदाता, पहली बार वोट डालने वाले नागरिक और शहरी क्षेत्र के व्यस्त लोग मतदान के लिए प्रेरित होंगे।
    SVEEP जैसे कार्यक्रमों से चुनाव को लेकर फैली गलतफहमियां भी दूर होती हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. SVEEP अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    SVEEP अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।

    Q2. बीएमसी चुनाव 2025–26 कब होने की संभावना है?
    बीएमसी चुनाव 2025–26 के दौरान कराए जाने की संभावना है, जिसकी तैयारी प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।

    Q3. पथनाट्य का चुनाव क्यों किया गया?
    पथनाट्य एक प्रभावी और आसान माध्यम है, जिससे आम जनता तक गंभीर संदेश सरल तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

    Q4. क्या यह अभियान आगे भी चलेगा?
    हां, SVEEP अभियान मुंबई के विभिन्न हिस्सों में आगे भी जारी रहेगा।

  • ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।

    महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

    राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

    कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान

    मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ

    शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:

    • महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
    • उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
    • उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
    • उपशाखा प्रमुख विजय यादव
    • उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
    • उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
    • उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल

    इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।

    मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत

    इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कांग्रेस को भी लगा झटका

    शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई बड़े नेता रहे मौजूद

    इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।

    राजनीतिक विश्लेषण

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
    कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।

    Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।

  • मालाड में लूट नाकाम होने पर महिला से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

    मालाड में लूट नाकाम होने पर महिला से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

    मालाड के कुरार इलाके में लूट की कोशिश नाकाम होने पर आरोपी ने महिला से छेड़छाड़ की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नोटिस पर छोड़ा, जांच जारी।

    मुंबई: मालाड स्थित कुरार इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां लूट की कोशिश नाकाम होने पर एक युवक ने अकेली महिला से छेड़छाड़ की और फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को नोटिस देकर छोड़ा गया है और मामले की जांच जारी है।

    घटना कब और कहां हुई

    यह घटना 3 जनवरी को मालाड (पूर्व) के कुरार इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक, 38 वर्षीय महिला उस समय घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी जबरन घर में घुस आया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    लूट की कोशिश और छेड़छाड़ का आरोप

    पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उसका मुंह दबाया और घर में मौजूद नकदी, कीमती सामान, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड देने की मांग की। महिला ने जब बताया कि घर में कोई कीमती सामान नहीं है, तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे जबरन किस किया और मौके से भाग गया।

    कुरार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज

    घटना के बाद महिला ने कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

    आरोपी उसी इलाके का रहने वाला

    पुलिस ने शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को उसी शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी उसी इलाके का रहने वाला है और फिलहाल बेरोजगार है। वह अपने परिवार के साथ रहता है।

    कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, जांच जारी

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है।

    पुलिस की अपील: महिलाएं सतर्क रहें

    पुलिस ने नागरिकों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अनजान लोगों के प्रति सतर्क रहें।


    FAQ Section

    ❓ घटना कब हुई थी?

    ➡️ 3 जनवरी को मालाड के कुरार इलाके में।

    ❓ आरोपी पर क्या आरोप हैं?

    ➡️ लूट की कोशिश और महिला से छेड़छाड़ का आरोप।

    ❓ क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

    ➡️ हां, आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार किया गया और नोटिस पर छोड़ा गया।

    ❓ क्या आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड था?

    ➡️ नहीं, पुलिस के अनुसार उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

  • कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।

    मुंबई।
    मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।

    राजेश का बचपन और पुराना घर

    राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे।
    राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

    एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति

    एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।

    ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।

    दो साल बाद सामने आई सच्चाई

    करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।

    इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

    घर बिका और शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा।
    यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।

    घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।

    निकम परिवार पर भी टूटा कहर

    निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई।
    एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।

    ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी

    जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही।
    उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।

    वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।

    आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी

    यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।


    नोट

    यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।


    FAQ

    Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है?
    यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है?
    ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

    Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है?
    इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।

  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।