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  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Oमुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया

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    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

  • Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Mumbai में प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project के खिलाफ Kandivali के Turzon Point पर नागरिकों ने ‘March for Mangroves’ निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो शहर को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Kandivali के Charkop इलाके में शुक्रवार (6 मार्च 2026) को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक Turzon Point पर जुटे और “March for Mangroves” नाम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस हाई-स्पीड कोस्टल कॉरिडोर के निर्माण से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो मुंबई के लिए Natural Flood Protection System की तरह काम करते हैं।

    BMC का 26 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर प्लान

    इस प्रोजेक्ट को Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) विकसित करना चाहती है। योजना के मुताबिक Versova से Bhayander तक 26 किलोमीटर लंबा Coastal Road Corridor बनाया जाएगा।

    BMC का दावा है कि इस हाई-स्पीड सड़क से Versova-Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर सिर्फ 18 मिनट रह जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे Traffic Congestion कम होगा और Fuel Consumption भी घटेगा

    45,000 Mangroves कटने की आशंका

    लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की कीमत 45,000 mangroves के विनाश के रूप में चुकानी पड़ेगी।

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    Mangroves को Mumbai की Natural Coastal Defence माना जाता है, जो समुद्री लहरों और बाढ़ के असर को कम करने में मदद करते हैं।

    “यह सड़क कुछ अमीर कार मालिकों के लिए”

    प्रदर्शन में शामिल Gaurang Vora ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों के हित में नहीं है।

    उनका कहना था:
    Mangroves are life. आखिर यह coastal road क्यों बनाई जा रही है? यह सिर्फ कुछ कार मालिकों के लिए है, जबकि इसका नुकसान लाखों लोगों को झेलना पड़ेगा।”

    Inland Afforestation को बताया गलत विकल्प

    सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बदले Compensatory Afforestation यानी दूसरे इलाकों में पेड़ लगाने की योजना पेश की है।

    बताया गया है कि 1.3 लाख से ज्यादा पौधे Palghar और Chandrapur जैसे दूरदराज क्षेत्रों में लगाए जाएंगे

    लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Inland Forest कभी भी Coastal Mangroves का विकल्प नहीं हो सकता

    गौरंग वोरा ने कहा:
    “आप यहां mangroves काटकर कहीं और पेड़ नहीं लगा सकते। Inland forest कभी भी Coastal Shield नहीं बन सकता।”

    Mumbai में पहले ही घट चुके हैं Mangroves

    विशेषज्ञों के मुताबिक 1970 से 2000 के शुरुआती वर्षों के बीच Mumbai अपने 40% से ज्यादा mangroves खो चुका है

    हालांकि Bombay High Court ने 2000 के दशक में कई आदेश देकर mangroves के संरक्षण को बढ़ावा दिया, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण फिर से इन जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है।

    Sea Level Rise और Flooding की चिंता

    प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि Mumbai में हर साल लगभग 4.5 mm Sea Level Rise दर्ज किया जा रहा है।

    ऐसे में अगर mangroves खत्म होते हैं, तो शहर को भविष्य में और ज्यादा गंभीर Flooding का सामना करना पड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों ने महसूस किए ‘Tremors’

    प्रदर्शन में मौजूद Chandrakant Suvarna ने एक और गंभीर चिंता जताई।

    उन्होंने बताया कि mangrove क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को इमारतों में हल्के झटके (Tremors) महसूस हो रहे हैं।

    उनका आरोप है कि यह Land Filling और Construction Activity के कारण हो सकता है, जिससे जमीन की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

    ‘Builder Nexus’ के आरोप

    चंद्रकांत सुवर्णा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में Builder-Nexus काम कर रहा है।

    उनका कहना था कि
    “अधिकारियों को लोगों की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा और प्रोजेक्ट दिखाई देता है।”

    Turzon Point पर बनी मानव श्रृंखला

    शाम ढलते-ढलते Turzon Point पर नागरिकों ने Human Chain बनाकर mangroves को बचाने का संदेश दिया।

    यह विरोध सिर्फ पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए था।

    लड़ाई अभी खत्म नहीं

    “March for Mangroves” खत्म हो गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Mangroves Protection Movement अभी शुरू हुआ है

    उनका सवाल है कि कुछ लोगों के 18 मिनट के सफर के लिए क्या लाखों लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?


    FAQ (People Also Ask)

    1. Versova–Bhayander Coastal Road Project क्या है?

    यह 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कोस्टल रोड प्रोजेक्ट है, जिसे BMC प्रस्तावित कर रही है।

    2. इस प्रोजेक्ट से कितना समय बचेगा?

    BMC के अनुसार Versova से Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर 18 मिनट हो जाएगा।

    3. प्रदर्शन क्यों हुआ?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं

    4. सरकार का समाधान क्या है?

    सरकार ने Compensatory Afforestation के तहत 1.3 लाख पौधे लगाने का प्रस्ताव दिया है।

    5. प्रदर्शन कहां हुआ?

    यह विरोध Kandivali के Turzon Point और Charkop क्षेत्र में आयोजित किया गया।

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Mumbai BMC Ward 31 Controversy: गटर ओवरफ्लो पर भड़के लोग, नगरसेविका Manisha Yadav और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार के आरोप

    Mumbai BMC Ward 31 Controversy: गटर ओवरफ्लो पर भड़के लोग, नगरसेविका Manisha Yadav और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार के आरोप

    Mumbai के BMC R/South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही नाले और गटर ओवरफ्लो होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के R South Ward के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 31 में गटर और नालों की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही चेंबर टाइप गटर और नाले गंदे पानी और कीचड़ से भरकर ओवरफ्लो होने लगे हैं, जिससे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थिति स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की अनदेखी और BMC अधिकारियों की लापरवाही के कारण पैदा हुई है।

    बिना बारिश के ही गटर और नाले लबालब

    एकता नगर के निवासियों के अनुसार इलाके में बिना बरसात के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।

    चेंबर टाइप गटरों में कीचड़ मिला गंदा पानी ऊपर तक भर गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हालत है, तो मॉनसून (Monsoon Season) में हालात और भी खराब हो सकते हैं।

    “जुम्मा-जुम्मा 8 दिन में ही दिखा असली रंग” – स्थानीय लोग

    इलाके में चर्चा है कि स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav को पद संभाले अभी सिर्फ कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि उन्होंने अभी से “तेरा-मेरा” की राजनीति शुरू कर दी है।

    कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे समस्या लेकर उनके पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “आप लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, फिर मेरे पास शिकायत क्यों लेकर आते हैं?”

    लोगों का कहना है कि इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक भावना (Democratic Values) के बिल्कुल खिलाफ है।

    Maintenance Department की जिम्मेदारी

    जानकारी के मुताबिक वार्ड नंबर 31 के Ekta Nagar क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदारी BMC के Maintenance Department के पास है।

    इस क्षेत्र की तकनीकी जवाबदेही Assistant Engineer Amol Gavit के पास बताई जाती है, जिन्हें Executive Engineer का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है

    लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि Amol Gavit अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल साबित हो रहे हैं या फिर जानबूझकर लापरवाही कर रहे हैं।

    ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के आरोप

    इलाके में यह भी चर्चा है कि Executive Engineer Amol Gavit का ध्यान सिर्फ ठेकेदारों से मिलने वाले कमीशन पर है

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के कारण क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

    लोगों का कहना है कि काम के नाम पर पैसा तो मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा

    भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप

    एकता नगर में रहने वाले लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि Executive Engineer Amol Gavit, ठेकेदार और स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की तिकड़ी का भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है

    लोगों का कहना है कि तीनों की आपसी सेटिंग के कारण इलाके की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा

    BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तैयारी

    स्थानीय निवासियों ने अब इस मामले को लेकर BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी शुरू कर दी है।

    लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गटर और नालों की सफाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस इलाके का है?

    यह मामला मुंबई के BMC R South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके का बताया जा रहा है।

    2. लोगों की मुख्य शिकायत क्या है?

    स्थानीय लोगों के अनुसार बिना बारिश के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और इलाके में गंदगी फैल रही है।

    3. आरोप किन पर लगाए गए हैं?

    लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

    4. BMC का कौन सा विभाग जिम्मेदार है?

    इस क्षेत्र की देखरेख BMC Maintenance Department के पास बताई जा रही है।

    5. अब आगे क्या होगा?

    स्थानीय लोग BMC के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreement breach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।

    मुंबई: Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।

    📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?

    MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।

    लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।

    💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा

    जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।

    इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।

    MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।

    📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice

    इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।

    Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।

    ⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति

    सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।

    मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।

    🤝 Consent Agreement में क्या था?

    Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।

    साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।

    ❌ फिर हुआ Agreement Breach

    MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।

    40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।

    इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।

    🏠 Retired Employees से Recovery की मांग

    MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।

    🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action

    राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।

    Samant के अनुसार:

    • MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
    • साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।

    🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल

    Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है?
    Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।

    Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं?
    Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।

    Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है?
    आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।

    Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है?
    MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।

  • Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Andheri West के JP Road स्थित Dhake Colony CHS का main entry gate cabling work के बाद 25 दिनों से टूटा पड़ा है। Mud, stones और uneven patch की वजह से Ambulance access, senior citizens और school children की safety पर खतरा।

    मुंबई: Andheri West के JP Road पर स्थित Dhake Colony Co-operative Housing Society (CHS) का इकलौता concrete entry/exit gate पिछले करीब 25 दिनों से खुदाई के बाद बदहाल पड़ा है। Cabling work के लिए फरवरी की शुरुआत में गेट को खोदा गया था। काम तो कुछ ही दिनों में पूरा हो गया, लेकिन गेट का हिस्सा आज भी टूटा-फूटा और असमतल (Uneven Patch) है, जिससे करीब 150 residents की daily life प्रभावित हो रही है।

    🚧 Cabling Work के बाद अधूरा Repair

    फरवरी की शुरुआत में गेट पर heavy industrial metal sheet रखकर नीचे cabling का काम किया गया। उस दौरान गाड़ियां metal sheet के ऊपर से आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं। Residents को उम्मीद थी कि काम खत्म होते ही पुरानी smooth concrete surface बहाल कर दी जाएगी।

    Dhake-Colony-Gate-in-bad-shape-after-excavation-150-residents-troubled

    लेकिन metal sheet हटने के बाद भी गेट पर पड़े tiles, blocks, मिट्टी, पत्थर और ईंटें वैसे ही पड़ी हैं। Patch अभी तक concreted नहीं हुआ है और entry पूरी तरह uneven बनी हुई है।

    🏢 150 Residents पर असर

    Dhake Colony CHS में पांच इमारतें हैं और लगभग 150 लोग यहां रहते हैं। Society का यह main gate ही vehicles और pedestrians के लिए एकमात्र बड़ा प्रवेश-द्वार है। बगल में एक छोटा gate है, लेकिन वह सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए है, गाड़ियों के लिए नहीं।

    🗣️ “अंदर आने के लिए Skilled Driver चाहिए” – Anand Shirali

    सोसाइटी के चेयरमैन Anand Shirali ने कहा:

    “यह patch सीधे हमारे gate पर है। गाड़ी अंदर लाने के लिए बेहद skilled driver होना चाहिए। काम कम से कम पंद्रह दिन पहले खत्म हो चुका है, लेकिन gate अभी भी खुदा हुआ है। Mud, stones और bricks की वजह से surface पूरी तरह uneven है। अगर किसी को Ambulance या Fire Brigade की जरूरत पड़े तो अंदर आना लगभग नामुमकिन होगा। कॉलोनी में एक doctor हैं जिनकी बड़ी car है, वे emergency के लिए अपनी गाड़ी colony के बाहर road पर पार्क करते हैं। अभी turning radius भी बहुत tight हो गया है, manoeuvre करना मुश्किल है।”

    Residents का कहना है कि संबंधित phone numbers और X (Twitter) handles पर शिकायत करने के बावजूद कोई response नहीं मिला।

    🐦 Tweet Heat: सोशल मीडिया पर गुहार

    X पर Shira Lee ने @mybmc को टैग करते हुए लिखा:

    “Main arterial JP Road Dhake Colony CHS gate entry 20 दिन पहले खोदी गई और अब तक repair नहीं हुई। Cars अंदर-बाहर लाना मुश्किल है। Society में कई senior citizens हैं जिन्हें ambulance की जरूरत पड़ सकती है। Bus Route No. 425 भी प्रभावित है। K West Ward – HELP!”

    यह मुद्दा अब Social Media पर भी उठने लगा है, लेकिन ground level पर अभी तक repair शुरू नहीं हुआ।

    ⚠️ Injury का खतरा: Residents की नाराजगी

    👴 Senior Citizens और बच्चों पर Risk

    सोसाइटी निवासी Shailesh Bhat ने कहा:

    “यह unattended work बिल्कुल unacceptable है। Senior citizens और छोटे बच्चे accident के सबसे ज्यादा खतरे में हैं। High probability है कि कोई भी गिर सकता है। इसे तुरंत repair किया जाना चाहिए।”

    🛵 Exam से पहले Scooter Slip

    एक और resident Nilesh Sawant ने बताया:

    “कुछ दिन पहले मैं सुबह 7:15 बजे अपनी 11 साल की बेटी को scooter से school छोड़ने जा रहा था। उसके exams थे। Uneven patch पर scooter डगमगाई और हम दोनों गिर गए। Thankfully, हमें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हम हिल गए थे। यह बेहद dangerous है और urgent attention की जरूरत है।”

    🚶‍♀️ Walking भी मुश्किल

    Resident Ramila Gala ने कहा:

    “हम 25 दिनों से इस stretch के concreted और smooth होने का इंतजार कर रहे हैं। Senior citizens अब बाहर निकलने से डरते हैं। हाल ही में मेरे घर मेहमान आए थे, उनमें से एक का पैर इस uneven stretch पर मुड़ गया। समझ नहीं आता कि इतना समय क्यों लग रहा है।”

    🚑 Emergency Access पर बड़ा सवाल

    Residents का सबसे बड़ा डर Emergency Access को लेकर है। Ambulance, Fire Brigade या Medical Emergency की स्थिति में main gate की खराब हालत बड़ी समस्या बन सकती है। Colony में रहने वाले doctor भी अपनी बड़ी car बाहर park कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकल सकें।

    📊 Local Infrastructure Issue या Negligence?

    JP Road Andheri West का यह हिस्सा एक busy arterial road है। ऐसे में Entry Gate Repair Delay से न सिर्फ Society Residents बल्कि आसपास के traffic flow पर भी असर पड़ रहा है। Bus Route No. 425 का संचालन भी प्रभावित बताया जा रहा है।

    यह मामला अब Mumbai Civic Issue, Road Repair Delay, और Public Safety Concern के तौर पर देखा जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Dhake Colony Gate कब खोदा गया था?
    ➡️ फरवरी की शुरुआत में cabling work के लिए।

    Q2. काम कब पूरा हुआ?
    ➡️ Residents के मुताबिक करीब 15–20 दिन पहले काम पूरा हो चुका है।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हैं?
    ➡️ लगभग 150 residents (5 buildings)।

    Q4. सबसे बड़ी समस्या क्या है?
    ➡️ Uneven Patch के कारण vehicle entry मुश्किल, senior citizens और बच्चों के लिए injury risk, और ambulance access में बाधा।

    Q5. क्या BMC या Ward Office ने जवाब दिया?
    ➡️ Residents के अनुसार शिकायतों पर अभी तक कोई response नहीं मिला।