Category: Corruption

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  • Fake Caste Certificate से जीता चुनाव? पूर्व BMC Corporator पर FIR दर्ज

    Fake Caste Certificate से जीता चुनाव? पूर्व BMC Corporator पर FIR दर्ज

    Mumbai fake caste certificate case: Former corporator Ramesh Kamble booked by Chembur Police for contesting BMC elections using forged caste documents. Full investigation update.

    मुंबई: Mumbai में एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व नगरसेवक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए चुनाव लड़ने और जनता व सरकार को धोखा देने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    कहां दर्ज हुआ मामला और कौन है आरोपी

    यह मामला Chembur Police Station में दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान
    👉 Ramesh Suresh Kamble
    के रूप में हुई है, जो BMC के Ward No. 192 (Borla North–Deonar Abattoir) से पूर्व नगरसेवक रह चुका है।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ केस

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • 193 (झूठा साक्ष्य)
    • 199 (गलत घोषणा)
    • 406 (Criminal breach of trust)
    • 420 (Cheating)
    • 465, 466, 467, 468, 469 (Forgery से जुड़ी धाराएं)
    • 470, 471 (Forged document का इस्तेमाल)

    यह सभी धाराएं गंभीर आर्थिक और दस्तावेजी अपराधों से जुड़ी हैं।

    कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा

    शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने साल 2002 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) चुनाव लड़ा था।

    यह सीट Scheduled Caste के लिए रिजर्व थी, और आरोप है कि:

    • उसने खुद को “Hindu Mahar” समुदाय का बताया
    • फर्जी caste certificate जमा किया
    • 4,721 वोट लेकर चुनाव जीत भी गया

    शिकायत और जांच की शुरुआत

    चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे
    👉 Rajendra Vaman Waghmare
    ने इस पर आपत्ति जताई और मामला उठाया।

    इसके बाद उन्होंने Divisional Caste Scrutiny Committee, Konkan Bhavan में शिकायत दर्ज कराई।

    Caste Scrutiny Committee का बड़ा खुलासा

    लंबी जांच के बाद 11 नवंबर 2005 को कमेटी ने बड़ा फैसला सुनाया:

    • आरोपी Scheduled Caste से नहीं है
    • वह जन्म से Christian है
    • उसके दावों के समर्थन में कोई वैध सबूत नहीं मिला

    यह निष्कर्ष स्कूल रिकॉर्ड और Matunga के एक चर्च के baptism certificate के आधार पर निकाला गया।

    Certificate रद्द, कोर्ट में भी नहीं मिली राहत

    कमेटी ने 1998 में Sub-Divisional Officer Mulund द्वारा जारी caste certificate को invalid घोषित कर दिया।

    इसके बाद आरोपी ने कई अदालतों में चुनौती दी:

    • Small Causes Court
    • Bombay High Court
    • Supreme Court of India

    लेकिन सभी कोर्ट्स ने Scrutiny Committee के फैसले को सही ठहराया।

    पद से हटाया गया, दूसरे उम्मीदवार को मिला मौका

    आरोपी के अयोग्य घोषित होने के बाद:

    • Rajendra Vaman Waghmare को विजेता घोषित किया गया
    • उन्होंने बाकी कार्यकाल तक नगरसेवक की जिम्मेदारी संभाली

    सरकार और जनता को हुआ नुकसान

    शिकायत में यह भी आरोप है कि आरोपी ने:

    • जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया
    • फरवरी 2002 से 23 नवंबर 2006 तक पद का फायदा उठाया
    • सरकारी लाभ और राजनीतिक शक्ति हासिल की

    यह मामला सीधे तौर पर public trust और election integrity से जुड़ा हुआ है।

    अब क्या होगी आगे की कार्रवाई

    पुलिस के मुताबिक:

    • FIR दर्ज कर ली गई है
    • दस्तावेजों की जांच जारी है
    • आगे गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किसके खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 पूर्व BMC corporator Ramesh Suresh Kamble के खिलाफ।

    Q2. आरोप क्या है?
    👉 फर्जी caste certificate के जरिए चुनाव लड़ने और धोखाधड़ी करने का।

    Q3. मामला कब का है?
    👉 2002 BMC चुनाव से जुड़ा मामला है।

    Q4. कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 सभी अदालतों ने caste scrutiny committee के फैसले को सही माना।

    Q5. अब क्या होगा?
    👉 पुलिस जांच जारी है, आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • Mumbai : ‘मुन्ना भाई’ स्टाइल इलाज का खेल खत्म! गोवंडी-शिवाजीनगर में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार

    Mumbai : ‘मुन्ना भाई’ स्टाइल इलाज का खेल खत्म! गोवंडी-शिवाजीनगर में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार

    Mumbai Fake Doctors case exposed in Govandi and Shivajinagar. Crime Branch Unit 6 arrests two fake doctors running illegal clinics without degree. Full investigation update here.

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एक खतरनाक खेल चल रहा था। Mumbai के Govandi और Shivajinagar इलाके में ‘मुन्ना भाई’ स्टाइल में फर्जी क्लिनिक चलाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नकली डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है।

    Crime Branch की बड़ी रेड – कैसे हुआ खुलासा

    Mumbai Police Crime Branch की यूनिट 6 को गुप्त सूचना मिली थी कि इन इलाकों में बिना मेडिकल डिग्री के कुछ लोग क्लिनिक चला रहे हैं।

    इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर Bharat Dhone के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई। इस टीम ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के मेडिकल अधिकारियों के साथ मिलकर जॉइंट ऑपरेशन प्लान किया।

    एक साथ दो जगह छापेमारी

    पुलिस और BMC की टीम ने शिवाजीनगर और गोवंडी में दो अलग-अलग क्लिनिकों पर एक साथ छापा मारा।

    जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां का नजारा चौंकाने वाला था — दोनों आरोपी खुलेआम मरीजों की जांच और इलाज करते हुए पाए गए।

    इलाज करते पकड़े गए ‘फर्जी डॉक्टर’

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया:

    • Rajeev Kapil Dev Ranjan
    • Kubernath Gomti Yadav

    जांच में सामने आया कि दोनों के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी और न ही उनका नाम Maharashtra Medical Council में रजिस्टर्ड था।

    मरीजों से ठगी और जान से खिलवाड़

    दोनों आरोपी खुद को “डॉक्टर” बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे और बदले में मोटी फीस वसूल रहे थे।

    • गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा
    • गलत दवाइयां देने की आशंका
    • बिना लाइसेंस मेडिकल प्रैक्टिस

    इस पूरे मामले में सबसे खतरनाक बात यह है कि आरोपी सीधे मरीजों की जान से खेल रहे थे।

    मुन्ना भाई स्टाइल फर्जीवाड़ा – क्यों है खतरनाक

    इस तरह के मामलों को आम भाषा में “Munna Bhai MBBS style fraud” कहा जाता है, जहां बिना पढ़ाई और डिग्री के लोग डॉक्टर बन जाते हैं।

    इससे:

    • गलत इलाज का खतरा बढ़ता है
    • मरीजों की हालत बिगड़ सकती है
    • कई मामलों में जान भी जा सकती है

    शहरभर में चल सकता है बड़ा अभियान

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है।

    • शहर में फर्जी डॉक्टरों की लिस्ट तैयार की जा रही है
    • जल्द ही बड़े स्तर पर crackdown होगा
    • अवैध क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई तय

    फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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    FAQ Section

    Q1. मुंबई में फर्जी डॉक्टर कहां पकड़े गए?
    👉 गोवंडी और शिवाजीनगर इलाके में।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
    👉 दो फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार किए गए हैं।

    Q3. क्या उनके पास मेडिकल डिग्री थी?
    👉 नहीं, दोनों के पास कोई वैध डिग्री नहीं थी।

    Q4. क्या वे रजिस्टर्ड डॉक्टर थे?
    👉 नहीं, उनका नाम Maharashtra Medical Council में दर्ज नहीं था।

    Q5. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    👉 पुलिस शहरभर में ऐसे फर्जी क्लिनिकों पर बड़ा अभियान चलाने की तैयारी में है।

  • Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali West Ekta Nagar illegal furnace factories causing fire hazards and pollution. Despite BMC notice, illegal burning of lead and scrap continues, locals allege inaction.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 31 के झोपड़पट्टी इलाके में अवैध “आग की भट्टी” कारखानों ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद BMC प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर मामला ठंडा करता नजर आ रहा है, जबकि इलाके में कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं।

    🚨 Illegal Furnace Factories से खतरे में जान

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में खुलेआम अवैध भट्टियां चलाई जा रही हैं, जहां सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा जलाया जाता है। इससे जहरीला धुआं निकल रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है।
    बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।

    🔥 Fire Hazard: पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं

    प्रशासनिक और फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के अनुसार, इन अवैध भट्टियों की वजह से इलाके में कई बार आग लग चुकी है। इसके बावजूद इन खतरनाक यूनिट्स को बंद कराने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
    यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

    👥 कौन चला रहा है ये अवैध कारोबार?

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    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अजगर, जमाल, अज्जू, लड्डन, नसिबूल्ला और यादव नाम के लोग यहां बेखौफ होकर ये अवैध भट्टी का धंधा चला रहे हैं।
    इनके खिलाफ कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    🏚️ गाला मालिक का चौंकाने वाला बयान

    एक गाला मालिक चौहान से जब इस बारे में शिकायत की गई तो उसने साफ शब्दों में कहा:
    👉 “मुझे ये भट्टी वाले अच्छा खासा भाड़ा देते हैं, वो क्या करते हैं उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं।”

    इस बयान ने साफ कर दिया कि पैसों के लालच में लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

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    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    कांदिवली BMC प्रशासन ने स्थल निरीक्षण के बाद नोटिस जरूर जारी किया, लेकिन उसके बाद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
    स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि:
    👉 क्या सिर्फ नोटिस देना ही BMC की जिम्मेदारी है?
    👉 कब बंद होंगी ये खतरनाक अवैध भट्टियां?

    😡 स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

    लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई ना होने से लोग हताश और गुस्से में हैं।
    लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


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    FAQ Section

    Q1. कांदिवली में ये अवैध भट्टियां कहां चल रही हैं?
    👉 एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 32 के झोपड़पट्टी इलाके में।

    Q2. इन भट्टियों में क्या जलाया जाता है?
    👉 सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा।

    Q3. क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
    👉 BMC ने नोटिस जारी किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    Q4. इससे क्या खतरा है?
    👉 आग लगने का खतरा और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं।

    Q5. स्थानीय लोग क्या चाहते हैं?
    👉 अवैध भट्टियों को तुरंत बंद कर सख्त कार्रवाई।

  • BIG BREAKING: Ashok Kharat Case में सियासी भूचाल! Rupali Chakankar का इस्तीफा, Mamta Kulkarni के बयान से मचा हंगामा

    BIG BREAKING: Ashok Kharat Case में सियासी भूचाल! Rupali Chakankar का इस्तीफा, Mamta Kulkarni के बयान से मचा हंगामा

    Rupali Chakankar Resigns amid Ashok Kharat Case controversy. Rohini Khadse attack and Mamta Kulkarni controversial statement sparks debate.

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति और क्राइम जगत इस समय Ashok Kharat Case को लेकर पूरी तरह गरमाया हुआ है। एक तरफ Rupali Chakankar Resignation ने सियासी हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस Mamta Kulkarni के बयान ने इस मामले को और ज्यादा विवादित बना दिया है।

    ⚠️ अशोक खरात केस से मचा हड़कंप

    नासिक में सामने आए कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है।
    आरोप है कि वह महिलाओं को “शुद्ध करने” के नाम पर बुलाकर गलत काम करता था।
    उसका एक कथित प्राइवेट वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

    🚓 गिरफ्तारी और जांच

    नासिक पुलिस ने 18 मार्च 2026 को अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया है।
    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले समय में बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

    📝 रुपाली चाकणकर का इस्तीफा

    इस विवाद के चलते राष्ट्रवादी कांग्रेस (NCP) की नेत्या रुपाली चाकणकर पर भी दबाव बढ़ा।
    उन्होंने शुक्रवार रात को महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पत्र भेजकर इसे स्वीकार करने की मांग की।

    🪑 दो बड़े पद गंवाने पड़े

    इस पूरे विवाद का असर इतना बड़ा रहा कि रुपाली चाकणकर को

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    • राज्य महिला आयोग अध्यक्ष पद
    • पार्टी का अहम पद
      छोड़ना पड़ा।

    🗣️ रोहिणी खडसे और अन्य नेताओं का हमला

    इस्तीफे के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    रोहिणी खडसे ने तंज कसते हुए कहा:
    “वैयक्तिक कारणों से शुरू हुआ माज अब दो लाइन के इस्तीफे पर आ गया।”

    वहीं रुपाली ठोंबरे पाटील ने Facebook पोस्ट में लिखा:
    “राजीनामा दिया नहीं गया, लिया गया है… अब जांच पर कोई सीमा नहीं है।”

    🛑 चाकणकर का साफ इनकार

    रुपाली चाकणकर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
    उन्होंने कहा:
    “मेरा अशोक खरात केस से कोई संबंध नहीं है… जांच में सच्चाई सामने आएगी।”

    उन्होंने fair and transparent investigation की मांग भी की है।

    🎬 ममता कुलकर्णी का विवादित बयान

    इस केस पर बॉलीवुड एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी का बयान भी चर्चा में आ गया है।

    उन्होंने कहा:
    “जब महिलाएं उसके पास गईं, तो उनकी बुद्धि कहां थी?”

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    इसके साथ ही ममता कुलकर्णी ने यह भी कहा कि इस मामले में सिर्फ बाबा ही नहीं, बल्कि वहां जाने वाली महिलाओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई गलत तरीके से छुए तो तुरंत विरोध करना चाहिए।

    हालांकि, उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर पीड़ित महिलाओं पर सवाल उठाए।

    ⚠️ ढोंगी बाबाओं से सावधान रहने की सलाह

    ममता कुलकर्णी ने यह भी कहा कि वह ऐसे बाबाओं पर भरोसा नहीं करतीं और लोगों को भी उनसे दूर रहने की सलाह दी।

    उनके मुताबिक, कुछ लोग धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाकर फायदा उठाते हैं।

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    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. रुपाली चाकणकर ने इस्तीफा क्यों दिया?
    अशोक खरात केस से जुड़े विवाद और दबाव के कारण।

    Q2. अशोक खरात पर क्या आरोप हैं?
    महिलाओं को बहाने से बुलाकर गलत काम करने के गंभीर आरोप।

    Q3. ममता कुलकर्णी ने क्या कहा?
    उन्होंने महिलाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सतर्क रहना चाहिए था।

    Q4. क्या जांच जारी है?
    हाँ, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

  • Godman Culture पर शिवसेना (UBT) का हमला, ‘Maharashtra की Progressive Identity खतरे में’

    Godman Culture पर शिवसेना (UBT) का हमला, ‘Maharashtra की Progressive Identity खतरे में’

    Shiv Sena (UBT) ने Saamana Editorial में Godman Culture और Superstition पर बड़ा हमला बोला। Ashok Kharat Controversy के बीच Maharashtra Politics में बढ़ते अंधविश्वास पर सवाल।

    मुंबई: Mumbai में सियासी माहौल गरम है। Shiv Sena (UBT) ने अपने मुखपत्र Saamana में छपे तीखे Editorial के जरिए महाराष्ट्र में बढ़ते Godman Culture और Superstition पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि यह ट्रेंड राज्य की Progressive Roots को कमजोर कर रहा है।

    🔮 Ashok Kharat Controversy से उठा बड़ा मुद्दा

    Editorial में खुद को ज्योतिषी बताने वाले Ashok Kharat के विवाद का जिक्र करते हुए कहा गया कि इस मामले ने दिखा दिया है कि कैसे Political Leaders और Officials सत्ता और प्रभाव के लिए अंधविश्वास का सहारा ले रहे हैं।

    ⚠️ राजनीति में बढ़ रहा Superstition Trend

    Editorial के मुताबिक, Maharashtra की राजनीति अब Rational Thinking से हटकर Superstition Culture की तरफ बढ़ रही है।
    पार्टी ने इसे राज्य की पहचान के लिए खतरनाक बताया।

    🏛️ Senior Leaders पर भी लगाए आरोप

    Saamana में दावा किया गया कि कई बड़े मंत्री और अधिकारी Ashok Kharat के आश्रम गए थे।

    • कुछ नेताओं ने Political Gain के लिए Occult Practices भी किए
    • इससे Governance पर भी सवाल उठ रहे हैं

    👩‍⚖️ Women’s Commission Controversy पर भी निशाना

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    Editorial में State Women’s Commission की पूर्व अध्यक्ष की आलोचना करते हुए कहा गया:

    • सिर्फ Resignation देना काफी नहीं
    • Systemic Failure को Address करना जरूरी
    • समय रहते Action होता तो Victims को नुकसान नहीं होता

    📢 सिर्फ Kharat नहीं, समर्थकों की भी जिम्मेदारी

    Shiv Sena (UBT) ने साफ कहा:

    👉 जिम्मेदारी सिर्फ Ashok Kharat तक सीमित नहीं होनी चाहिए
    👉 जो लोग उनके संपर्क में थे, उनकी भी Accountability तय होनी चाहिए

    📚 Phule-Ambedkar Legacy का दिया हवाला

    Editorial में Maharashtra के महान समाज सुधारकों का जिक्र करते हुए कहा गया कि:

    • Mahatma Jyotiba Phule
    • B. R. Ambedkar
    • Bahinabai Chaudhari

    इन सभी ने Rational Thinking और Social Reform को बढ़ावा दिया था।
    लेकिन आज का Superstition Trend इन मूल्यों को कमजोर कर रहा है।

    🧠 Governance और Merit पर उठे सवाल

    Editorial में कहा गया कि:

    • नेताओं का Rituals और Occult Practices पर Dependence
    • उनके Confidence की कमी दिखाता है
    • Merit-Based Governance से ध्यान भटक रहा है

    🔥 Political Fallout जारी

    Ashok Kharat मामले में गिरफ्तारी के बाद:

    • Opposition Parties ने व्यापक जांच की मांग की
    • Maharashtra की Progressive Image को नुकसान बताया गया

    Shiv Sena (UBT) ने Constitutional Values और Rational सोच की ओर लौटने की अपील की।

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    FAQ Section

    Q1. Ashok Kharat कौन हैं?
    👉 एक self-proclaimed astrologer, जिनका नाम विवादों में आया है।

    Q2. Shiv Sena (UBT) ने क्या आरोप लगाए?
    👉 नेताओं पर अंधविश्वास और occult practices अपनाने का आरोप।

    Q3. Editorial में मुख्य चिंता क्या है?
    👉 Maharashtra की Progressive Identity को खतरा।

    Q4. क्या Action की मांग की गई है?
    👉 Wider Accountability और Systemic Reform।

  • Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Mumbai के Kandivali East में कचरे का अंबार, road block और traffic chaos। BMC की लापरवाही से लोगों को बदबू, गंदगी और accident risk का सामना।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट (Kandivali East) में इन दिनों garbage crisis ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लोखंडवाला (Lokhandwala) इलाके के क्रांति नगर रिक्शा स्टैंड के पास 60 फीट चौड़ी सड़क पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे पूरा रास्ता लगभग बंद हो गया है। इस वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को मजबूरी में रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है।

    60 फीट सड़क पर कचरे का कब्जा

    यह सड़क दुर्गा नगर (Durga Nagar) और कुरार (Kurar) को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां रोजाना कचरे का अंबार लगा रहता है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे के ढेर इतने बड़े हैं कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी, बढ़ा हादसों का खतरा

    कचरे की वजह से वाहन चालकों को रॉन्ग साइड से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे accident risk काफी बढ़ गया है।

    लोगों का कहना है कि रोजाना यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    सीवर लाइन की खुदाई से और बिगड़ी स्थिति

    स्थिति और ज्यादा खराब इसलिए हो गई है क्योंकि इसी सड़क पर sewer line के काम के नाम पर खुदाई भी की गई है।

    इससे सड़क और संकरी हो गई है और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है।

    बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों की मुश्किलें

    सबसे खराब हालात बस स्टॉप के पास देखने को मिलते हैं, जहां लोगों को कचरे के ढेर के बीच खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

    • लंबी कतारों में लोग खड़े रहते हैं
    • बदबू और गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ता है
    • health risk भी बढ़ गया है

    यह स्थिति BMC की लापरवाही को साफ दिखाती है।

    रोजाना जमा हो रहा कचरा, कोई सुनवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।

    इसके बावजूद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थानीय नगरसेविका का बयान

    स्थानीय नगरसेविका नीलम गुरौव ने कहा:

    “यह कचरा ‘पी नॉर्थ’ यानी क्रांति नगर स्लम का है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। मेरा मानना है कि कचरा कहीं का भी हो, पूरा इलाका साफ रहना चाहिए और इसमें BMC को मदद करनी चाहिए।”

    रिक्शा चालक ने उठाए सवाल

    एक स्थानीय रिक्शा चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा:

    “BMC को कचरा पेटी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। जब घर-घर से कचरा उठाया जाता है, तो इतना कचरा सड़क पर कैसे आ जाता है? BMC का काम संदिग्ध लग रहा है।”

    जनता की मांग: तुरंत समाधान चाहिए

    Residents की मांग है कि:

    • कचरा तुरंत हटाया जाए
    • कचरा पेटी को relocate किया जाए
    • सड़क की मरम्मत और सफाई की जाए
    • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. Kandivali में garbage problem क्यों बढ़ रही है?
    कचरे का सही disposal न होना और BMC की लापरवाही इसकी मुख्य वजह है।

    Q2. क्या इससे accident risk बढ़ रहा है?
    हाँ, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप BMC के official portal पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q4. क्या इसका जल्दी समाधान होगा?
    अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों का दबाव बढ़ रहा है।

  • कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    Mumbai के Kandivali स्थित Pawar Public School पर RTE छात्रों के parents से books और uniform fees लेने का आरोप। MLA Yogesh Sagar ने विधानसभा में उठाया मामला, free education नियमों का उल्लंघन बताया।

    मुंबई: कांदिवली (Kandivali) के नामी Pawar Public School एक बार फिर विवादों में घिर गया है। Right to Education (RTE) के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों के parents से books, notebooks और school uniform के लिए पैसे मांगे जाने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर चारकोप के MLA योगेश सागर ने महाराष्ट्र विधानसभा में गंभीर सवाल उठाया है और इसे RTE कानून का खुला उल्लंघन बताया है।

    RTE नियमों का उल्लंघन होने का आरोप

    MLA योगेश सागर ने कहा कि भारत के संविधान के तहत शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। RTE Act के मुताबिक, private schools में 25% सीटें economically weaker section (EWS) के बच्चों के लिए reserved होती हैं। इन छात्रों की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है।

    इसके बावजूद Pawar Public School द्वारा parents से पैसे मांगना सीधा कानून का उल्लंघन है। उन्होंने साफ कहा कि RTE students से किसी भी प्रकार की fee लेना illegal है।

    Parents पर दबाव बनाने के आरोप

    इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल प्रशासन parents को individually बुलाकर उन पर पैसे जमा करने का दबाव बना रहा है।

    Parents का कहना है कि उन्हें कोई written notice नहीं दिया गया, बल्कि principal के cabin में बुलाकर books और uniform के नाम पर पैसे भरने के लिए कहा जा रहा है।

    कई parents ने शिकायत की है कि अगर पैसे नहीं दिए तो बच्चों को indirect तरीके से परेशान किया जा सकता है।

    क्या कहता है RTE Act?

    RTE Act और महाराष्ट्र सरकार के guidelines के अनुसार:

    • RTE छात्रों को free education देना अनिवार्य है
    • इसमें books, notebooks, uniform और study material शामिल हैं
    • स्कूल किसी भी तरह का hidden charges या extra fee नहीं ले सकता

    👉 अधिक जानकारी के लिए सरकारी लिंक:

    स्कूल की छवि पर असर

    Pawar Public School कांदिवली और बोरीवली इलाके की reputed schools में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से स्कूल की image पर भी असर पड़ सकता है।

    Parents का कहना है कि “नाम बड़ी चीज है, लेकिन अगर गरीब बच्चों से ही पैसे लिए जाएंगे तो RTE का मकसद ही खत्म हो जाएगा।”

    विधानसभा में उठा मुद्दा

    MLA योगेश सागर ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि:

    • इस मामले की जांच हो
    • दोषी स्कूल प्रशासन पर action लिया जाए
    • RTE students के rights को protect किया जाए

    शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल

    इस पूरे मामले के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि education department इस तरह की शिकायतों पर timely action क्यों नहीं लेता।

    अगर parents बार-बार शिकायत कर रहे हैं, तो monitoring system को और मजबूत करने की जरूरत है।

    Parents की बढ़ती चिंता

    मुंबई जैसे महंगे शहर में गरीब और middle-class families के लिए बच्चों की पढ़ाई पहले ही चुनौती है। ऐसे में RTE ही उनके लिए उम्मीद की किरण होती है।

    लेकिन अगर उसी में irregularities हों, तो parents के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।


    FAQ Section

    Q1. क्या RTE छात्रों से स्कूल फीस ली जा सकती है?
    नहीं, RTE Act के तहत किसी भी प्रकार की फीस लेना illegal है।

    Q2. RTE में क्या-क्या free मिलता है?
    Books, notebooks, uniform और basic study material।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप महाराष्ट्र RTE पोर्टल या स्थानीय शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    Q4. क्या स्कूल action का सामना कर सकता है?
    हाँ, अगर आरोप सही पाए गए तो स्कूल पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।