Category: Civic Issues

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  • 🚨 कांग्रेस को बड़ा झटका: महेंद्र मुंगेकर शिंदे शिवसेना में शामिल, बीएमसी चुनाव से पहले बदला सियासी समीकरण

    🚨 कांग्रेस को बड़ा झटका: महेंद्र मुंगेकर शिंदे शिवसेना में शामिल, बीएमसी चुनाव से पहले बदला सियासी समीकरण

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका कार्यालय (BMC) चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका। महेंद्र मुंगेकर, उनकी पत्नी पल्लवी मुंगेकर और सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर शिंदे शिवसेना में शामिल हुए। जानें पूरी खबर और राजनीतिक असर। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। मुंबई कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद व मुंबई कांग्रेस महासचिव वर्षा गायकवाड़ के करीबी माने जाने वाले महेंद्र मुंगेकर ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया है। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    मुंगेकर के साथ उनकी पत्नी और पूर्व नगरसेविका पल्लवी मुंगेकर और सैकड़ों समर्थक भी कांग्रेस से अलग होकर शिवसेना में शामिल हो गए। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनाव सिर पर हैं। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    🔹 मुंबई कांग्रेस को लगा करारा झटका

    महेंद्र मुंगेकर का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। वे लंबे समय से वर्षा गायकवाड़ के बेहद करीबी और संगठनात्मक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता रहे हैं।

    मुंबई कांग्रेस की राजनीति में उनका नाम बड़े चेहरे के रूप में लिया जाता था। स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत रही है और वे पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं।

    कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुंगेकर के जाने से पार्टी न केवल संगठनात्मक रूप से कमजोर होगी बल्कि आगामी बीएमसी चुनावों में भी इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

    🔹 शिवसेना (शिंदे गुट) की चुनावी रणनीति को मिला बल

    एकनाथ शिंदे की शिवसेना फिलहाल मुंबई में अपनी पकड़ और मजबूत करने के मूड में है। बीएमसी चुनाव 2025 को लेकर पार्टी लगातार नए-नए नेताओं और कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है।

    महेंद्र मुंगेकर के जुड़ने से शिवसेना को स्थानीय नेटवर्क और कांग्रेस से असंतुष्ट वोटरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे गुट आने वाले दिनों में मुंगेकर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकता है ताकि कांग्रेस के वोट बैंक को सीधे तौर पर चुनौती दी जा सके। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    🔹 कांग्रेस में बढ़ रहा है असंतोष?

    पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र कांग्रेस में आंतरिक मतभेद और असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। महेंद्र मुंगेकर जैसे बड़े नेता का जाना इस बात का सबूत माना जा रहा है कि पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर होती जा रही है। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    विशेषज्ञ मानते हैं कि कांग्रेस के कई नेता खुद को पार्टी संगठन में दरकिनार महसूस कर रहे हैं। यही वजह है कि वे चुनाव से पहले विकल्प तलाशने में जुटे हैं।

    🔹 बीएमसी चुनाव 2025 पर असर

    बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका मानी जाती है और यहां के चुनाव हमेशा बेहद अहम होते हैं।

    • कांग्रेस को उम्मीद थी कि मुंबई कांग्रेस का नेटवर्क और पुराने नेता पार्टी को मजबूती देंगे।
    • लेकिन महेंद्र मुंगेकर के जाने से कांग्रेस की रणनीति को बड़ा झटका लगा है।
    • अब शिंदे गुट इस मौके का फायदा उठाकर कांग्रेस के वोट बैंक को अपने पाले में करने की कोशिश करेगा।

    बीजेपी पहले से ही शिंदे गुट की सहयोगी है। ऐसे में दोनों दलों की एकजुटता कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    🔹 राजनीतिक विश्लेषण

    1. कांग्रेस की कमजोरी:
       मुंगेकर के कांग्रेस छोड़ने से यह संदेश गया है कि पार्टी अपने ही बड़े नेताओं को संभाल नहीं पा रही है।

    2. शिंदे गुट का आत्मविश्वास:
       बीएमसी चुनाव से पहले लगातार नेताओं का पार्टी में आना यह दर्शाता है कि शिंदे गुट खुद को आक्रामक मोड में लेकर चल रहा है।

    3. गठबंधन की राजनीति:
       बीजेपी-शिंदे गुट की जोड़ी बनाम कांग्रेस-उद्धव ठाकरे गुट की लड़ाई और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है।

    🔹 आगे की राह

    राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में और भी कांग्रेस नेता शिंदे गुट या बीजेपी का रुख कर सकते हैं। बीएमसी चुनाव में अब मुकाबला सीधा और कड़ा होने की संभावना है।

    मुंबई की राजनीति में यह साफ हो गया है कि सत्ता पक्ष (शिंदे-बीजेपी गठबंधन) कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहता और विपक्ष की कमजोरी का भरपूर फायदा उठा रहा है।

    📝 निष्कर्ष

    महेंद्र मुंगेकर का कांग्रेस छोड़ना और शिंदे शिवसेना में शामिल होना न सिर्फ कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है बल्कि यह आने वाले बीएमसी चुनाव 2025 के लिए राजनीतिक समीकरण बदलने वाला कदम है। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

    मुंबई की सियासत में इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि शिंदे गुट अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रहा है, जबकि कांग्रेस के सामने अब अपनी साख बचाने की चुनौती है। Big blow to Congress: Mahendra Mungekar Shinde joins Shiv Sena, political equation changes before BMC elections

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का ऐलान किया है। 27 अगस्त से जालना से यात्रा शुरू होगी और 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। जानिए पूरी खबर।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा समाज के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि अब आरक्षण की लड़ाई सीधी मुंबई की सड़कों पर लड़ी जाएगी।
    उन्होंने रविवार 24 अगस्त को मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त को ‘चलो मुंबई’ मार्च में शामिल हों और 29 अगस्त से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    “अब मुकाबला मुंबई में होगा” – जरांगे

    बीड जिले के मंजरसुम्बा गांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि अगर गांव-गांव में जुटी भीड़ से सरकार को फर्क नहीं पड़ा तो असली दबाव मुंबई पहुंचने के बाद ही महसूस होगा।
    जरांगे ने कहा, “अब मुकाबला मुंबई में होगा। यह हमारी आखिरी लड़ाई है और हम मराठा आरक्षण लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    मराठा आरक्षण: ओबीसी कोटे में शामिल करने की मांग

    जरांगे और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल किया जाए, ताकि समाज के युवाओं को सरकारी नौकरी और शिक्षा में समान अवसर मिल सके।
    जरांगे 27 अगस्त को अपने पैतृक स्थान अंतरवाली सरती (जालना जिला) से मुंबई कूच करेंगे और हजारों समर्थकों के साथ आज़ाद मैदान तक पहुंचेंगे। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सीएम फडणवीस पर गंभीर आरोप

    जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि वे छोटी-छोटी अड़चनें खड़ी करके मराठा समाज को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा –
    “सीएम फडणवीस हमें पुलिस के जरिए परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। पुलिस को हमें परेशान करने की बजाय बीड के महादेव मुंडे के हत्यारों को पकड़ना चाहिए।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील

    जरांगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने मराठा समाज से अपील की कि अगर कोई आंदोलन को भटकाने की कोशिश करे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाए।
    उन्होंने यह भी कहा कि “अगर कोई पत्थर फेंकेगा तो वह हमारा आदमी नहीं होगा, बल्कि यह सरकार की साज़िश भी हो सकती है।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सरकार के लिए बड़ी चुनौती

    जरांगे का यह आंदोलन महाराष्ट्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से चल रही है और हर बार यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गरमा जाता है। जरांगे का यह ऐलान साफ संकेत देता है कि मुंबई में मराठा आरक्षण की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

  • मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका। शशांक राव पैनल ने 14 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी नेताओं का पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। नौ साल बाद हुए इस चुनाव में शशांक राव पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, बीजेपी नेताओं प्रसाद लाड और प्रवीण डेरेकर के नेतृत्व वाला ‘सहकार समृद्धि’ पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के ‘उत्कर्ष पैनल’ को एक भी सीट नहीं मिली। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    ठाकरे ब्रांड को झटका, विपक्ष के तंज

    इस हार पर विपक्षी नेताओं ने ठाकरे परिवार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “लोगों ने ठाकरे ब्रांड को नकार दिया है। जिन्होंने EVM पर सवाल उठाए थे, उन्हें जनता ने करारा जवाब दिया है।” वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि “जो काम करते हैं उन्हें मौका मिलेगा, और जो घर पर बैठते हैं उन्हें जनता घर पर ही बैठा देगी।” Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    शिवसेना (UBT) और MNS के आरोप

    शिवसेना (UBT) नेता सुहास सामंत और मनसे नेता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में पैसे का खेल हुआ। उनका कहना था कि ठाकरे पैनल पैसे की ताकत के आगे टिक नहीं सका। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    शशांक राव का बयान

    चुनाव जीतने के बाद शशांक राव ने कहा कि यह जीत BEST कर्मचारियों की आवाज है। उन्होंने शिवसेना (UBT) पर आरोप लगाते हुए कहा कि “ठाकरे पैनल ने कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, प्राइवेटाइजेशन की नीति अपनाई और ग्रेच्युटी फंड का गलत इस्तेमाल किया। कर्मचारियों की भर्तियां सालों से लंबित थीं और सातवें वेतन आयोग का लाभ भी नहीं मिला। यही वजह रही कि इस बार कर्मचारियों ने बदलाव का मन बनाया।” Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    चुनाव का राजनीतिक महत्व

    करीब 17,000 सदस्यों वाली इस क्रेडिट सोसायटी के चुनाव को आगामी बीएमसी चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव में कुल 15,093 मतदाता दर्ज थे और हर विजयी उम्मीदवार को औसतन 4000 से ज्यादा वोट मिले। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

  • ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    महाराष्ट्र में पुणे जिला परिषद ने एक अनोखी पहल की है। इसमें साइकिल बैंक के उपयोग से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    पुणे: ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। पुणे जिला परिषद ने इसके लिए ‘साइकिल बैंक’ नाम का अनोखा उपक्रम शुरू किया है। इस पहल को समाज से भी जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक प्रशासन को 1,430 साइकिलें दान में मिल चुकी हैं। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    कैसे काम करेगी ‘साइकिल बैंक’?

    यह योजना फिलहाल पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई गांवों में साइकिलें बच्चियों को दी गईं।
    नियम यह है कि आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को साइकिल वापस ‘साइकिल बैंक’ में जमा करनी होगी, ताकि वही साइकिल दूसरी ज़रूरतमंद बच्ची को मिल सके। इस तरह एक साइकिल से कई छात्राओं को फायदा मिलेगा। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    उद्देश्य क्या है?

    ग्रामीण छात्राओं को अक्सर स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार पैदल दूरी ज्यादा होने की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ भी देती हैं। इस समस्या को हल करने और नियमित हाज़िरी बढ़ाने के मकसद से जिला परिषद ने यह पहल शुरू की है।
    मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया – “इस उपक्रम से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी।” Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    अब तक कितनी साइकिलें मिलीं?

    अब तक पुणे जिले के अलग-अलग तालुकों से 1,430 साइकिलें जमा हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा साइकिलें शिरूर (331) और खेड (250) से आई हैं। इसके अलावा मुळशी (125), जुन्नर (112), मावळ (112), बारामती (110), पुरंदर (108), इंदापूर (101), आंबेगाव (60), दौंड (51), हवेली (30), भोर (15) और राजगड/वेल्हे (25) तालुकों से भी योगदान मिला है। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    खास बातें

    • यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू हुई है।
    • जिले में पांचवीं से आठवीं तक करीब 32 से 35 हजार छात्राएं हैं।
    • साइकिलें ज्यादातर CSR फंड से खरीदी जाएंगी, जरूरत पड़ने पर जिला निधि से भी खरीदी होगी।
    • इन साइकिलों का लाभ सिर्फ जरूरतमंद और ग़रीब परिवार की बच्चियों को मिलेगा।
  • कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    मुंबई – 19 अगस्त 2025 को हुई तेज़ बरसात ने कांदिवली इलाके के कई घरों में पानी भर दिया। नालों के आसपास रहने वाले ग़रीब परिवारों की रसोई ठप हो गई, खाने–पीने की भारी दिक्कत खड़ी हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में साईंराम सेवा संस्था लोगों के लिए राहत लेकर पहुँची।

    संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित मोहल्लों में जाकर गरमागरम चाय, नाश्ता और वडापाव बाँटे। बरसात से भीगे और भूखे–प्यासे लोगों के चेहरे पर उस वक्त राहत की मुस्कान आ गई।

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    सेवा का असली रूप

    संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ ने साफ कहा कि,
    “हम सेवा करते समय किसी भी गरीब का फोटो नहीं खींचते। यह मदद उनका सम्मान बनाए रखने के लिए है, दिखावा करने के लिए नहीं।”

    साथ देने वाले कार्यकर्ता

    इस नेक काम में संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ के साथ नरेंद्र जयवंत काळे, सुधीर खंडू कराळे और अन्य कार्यकर्ता भी दिनभर जुटे रहे।

    समाज के लिए संदेश

    साईंराम सेवा संस्था ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जो लोग ग़रीब और ज़रूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं, वे संस्था से सीधे जुड़ सकते हैं। इसमें संपर्क क्रमांक: 7039816812 दिया गया है।
    “मुसीबत के समय हाथ बढ़ाना ही सबसे बड़ी इंसानियत है।”

  • Mumbai Rain Update: सड़कों पर सैलाब से बुरा हाल, मुंबई लोकल ट्रेनें भी ठप

    Mumbai Rain Update: सड़कों पर सैलाब से बुरा हाल, मुंबई लोकल ट्रेनें भी ठप

    रविवार रात से ही मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। सोमवार सुबह से बारिश और भी तेज हो गई है। जिसकी वजह से मंगलवार को मुंबई के कई इलाकों में पानी भर गया। मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्से इस वक्त भारी बारिश के कहर से जूझ रहे हैं। पिछले कई दिनों से मुंबईकरों का बारिश से बुरा हाल है। शनिवार से ही लगातार तेज बारिश जारी है। सोमवार सुबह से बारिश और भी तेज हो गई है। इस वजह से मुंबई के कई इलाकों में पानी भर गया है। मुंबई और आसपास के इलाकों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया हुआ है और प्रशासन ने सोमवार से ही स्कूल कॉलेज बंद कर दिया है। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled

    राज्य में 7 लोगों की मौत

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश की वजह से सात लोगों की मौत हो गई है। वहीं नांदेड़ जिले में 200 से अधिक ग्रामीण फंस गए, जिसकी वजह से बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना को तैनात किया गया है। कोंकण में कुछ नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है और जलगांव में भारी नुकसान हुआ है। बारिश को लेकर लाइव अपडेट आप यहां देख सकते हैं। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled

    MUMBAI RAIN LIVE UPDATES…

    Vasai-virar-rain-update

    वसई विरार महानगरपालिका मुख्यालय परिसर हुआ जलमग्न
    नालासोपारा और वसई रोड स्टेशन के बीच भारी बारिश और जलभराव के कारण, कई ट्रेनें प्रभावित हो गई है। पश्चिम रेलवे ने दी जानकारी

    नवी मुंबई सब-वे बंद, 4 से 5 फीट तक पानी जमा

    • ठाणे-बेलापुर राजमार्ग पर महापे सर्कल स्थित सब-वे में पानी जमा होने के कारण बंद
    • 4 से 5 फीट तक पानी जमा हो गया
    • सब-वे बंद होने के कारण यातायात प्रभावित
    • ठाणे से बेलापुर जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक जाम

    अंधेरी सब-वे से पानी निकल गया
    बारिश को लेकर मौसम विभाग की जानकारी
    दक्षिणी आंतरिक ओडिशा पर अवदाब के प्रभाव के कारण, उत्तरी कोंकण (मुंबई सहित), दक्षिणी गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 19 और 20, सौराष्ट्र और कच्छ में 19-21 के दौरान और विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना में 19 अगस्त को अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है।

    22 से और बढ़ेगा बारिश का प्रभाव
    प्रायद्वीपीय और आसपास के मध्य भारत में अगले 2-3 दिनों के दौरान मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और आसपास के पूर्वी भारत में 22 अगस्त से वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।

    300 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश
    मुंबई में भारी बारिश से भी ज्यादा बारिश हुई है। यहां कुछ इलाकों में 300 मिलीमीटर से भी ज्यादा बारिश हुई है। यह रिकॉर्ड बारिश बताया जा रहा है। इसके चलते मुंबई के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। हालांकि कुछ जगहों पर से पानी निकल गया और यातायात शुरू हो गई है। मुंबई की जीवन रेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन भी धीमी गति से चल रही है। अब जब पानी कम हो रहा है, तो लोकल ट्रेन यातायात बहाल कर दिया जाएगा। इसकी सूचना पश्चिम रेलवे ने जारी की है।

    Mumbai-latest-rain-update

    मुंबई – घाटकोपर अंधेरी लिंक रोड पर भारी जलभराव
    सड़कें तालाब बनीं, बड़ी संख्या में गाड़ियां पानी में डूबी हुईं दिखीं।

    वसई पूर्व के सरजा मोरी में बाढ़ के पानी में 5 लोग फंसे, 497 निकाले गए
    वसई पूर्व के सरजा मोरी में बाढ़ के पानी में 5 लोग फंस गए। उनको बचाने का प्रयास जारी है। अब तक 497 लोगों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित निकाल लिया है। ये सभी लोग लगभग छाती तक गहरे पानी में फंसे हुए थे। रस्सियों की मदद से लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है।

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    मुंबई के भांडुप में गिरा पेड़, 10-12 रिक्शे दबे
    सुबह से हो रही बारिश की वजह से भांडुप लेख रोड इलाके में एक पेड़ गिर गया, दस-बारह रिक्शे उसके नीचे दब गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।

    कल्याण के थानकर पाड़ा इलाके में बारिश से ढही दीवार
    मुंबई के कल्याण के थानकर पाड़ा इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से एक घर की दीवार ढह गई। कल्याण डोंबिवली नगर निगम के सहायक आयुक्त धनंजय थोरात ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा,
    “यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।”

    मीठी नदी का जलस्तर बढ़ा, 350 लोग सुरक्षित जगहों पर भेजे गए
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में जारी भारी बारिश की वजह से मीठी नदी का जलस्तर 3.9 मीटर तक बढ़ गया है। इसे देखते हुए, एहतियाती उपाय के तौर पर, क्रांति नगर, कुर्ला के निचले इलाकों से लगभग 350 नागरिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के मगनदास माथुरम बीएमसी स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जो एक अस्थायी आश्रय स्थल है। BMC ने नागरिकों के लिए यहां भोजन की भी व्यवस्था की है।

    मुंबई में बारिश से हाहाकार, पानी में डूब गई कार
    मुंबई का बारिश से कितना बुरा हाल है, इस बात का अंदाजा तस्वीरों और वीडियो से आसानी से लगाया जा सकता है। सड़कों पर कमर तक पानी भरा हुआ है। मुंबई के एक इलाके में सड़क पर इतना पानी भर गया कि कार इसमें लगभग डूब गई।

    मुंबई में पिछले 24 घंटों में कहां कितनी बारिश
    मुंबई में 18 अगस्त को सुबह 8 बजे से 19 अगस्त को सुबह 8 बजे तक कहां हुई कितनी बारिश

    पश्चिमी उपनगर:

    1. चिंचोली अग्निशमन केंद्र – 361 मिमी.
    2. कांदिवली अग्निशमन केंद्र – 337 मिमी.
    3. डिंडोशी कॉलोनी नगर निगम स्कूल – 305 मिमी.
    4. मगथाने बस डिपो – 304 मिमी.
    5. वर्सोवा पंपिंग स्टेशन – 240 मिमी.

    मुंबई सिटी:

    1. एसडब्ल्यूडी वर्कशॉप, दादर – 300 मिमी..
    2. बी. नाडकर्णी नगर निगम स्कूल, वडाला – 282 मिमी.
    3. फोर्सबेरी रोड जलाशय, एफ/दक्षिण वार्ड – 265 मिमी
    4. प्रतीक्षा नगर नगर निगम स्कूल, सायन – 252 मिमी.
    5. सावित्रीबाई फुले नगर निगम स्कूल, वर्ली – 250 मिमी.

    पूर्वी उपनगर:

    1. चेंबूर अग्निशमन केंद्र – 297 मिमी.
    2. भवन प्रस्ताव कार्यालय, विक्रोली – 293 मिमी.
    3. पासपोली नगर निगम स्कूल, पवई – 290 मिमी.
    4. वीणा नगर निगम स्कूल – 288 मिमी.
    5. टैगोर नगर निगम स्कूल – 287 मिमी.

    गढ़चिरौली में भारी बारिश से नाले में बहा 19 साल का लड़का
    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में भी बारिश से हाल बहुत बुरा है। भामरागढ़ तालुका में बाढ़ में 19 साल का युवक बह गया। उसकी तलाशी अभियान जारी है। पिछले दो दिनों से मौसम विभाग ने गढ़चिरौली जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। इसका असर दक्षिण गढ़चिरौली क्षेत्र में देखा जा रहा है। कल हुई बारिश के कारण पर्लकोटा नदी पर बने पुल से पानी बह रहा है, इसलिए भामरागढ़ से अलापल्ली मार्ग कल रात से यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled

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    ठाणे में भारी भीड़, रेलवे ट्रैक पर से ट्रेन पकड़ने की कोशिश
    मुंबई और इसके आसपास हो रही भारी बारिश की वजह से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जिसकी वजह से ठाणे रेलवे ट्रैक पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मध्य रेलवे यातायात बाधित होने की वजह से लोग ठाणे में रेलवे ट्रैक पर उतर आए। कई यात्री भारी बारिश में अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक से ही ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai Rain Update: Roads are in bad condition due to floods, Mumbai local trains are also stalled

  • मुंबई में डबल-डेकर मेट्रो से सफर होगा आसान

    मुंबई में डबल-डेकर मेट्रो से सफर होगा आसान

    मुंबई में डबल डेकर मेट्रो लाईन से सफर आसान होने वाला है। रेड लाइन कहे जाने वाला डबल डेकर मेट्रो लाइन-9, शहर में जल्द ही शुरू होने जा रहा है। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में कामकाजी लोगों को जल्द ही भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों के अलावा दूसरा विकल्प मिलने वाला है। शहर में डबल-डेकर मेट्रो लाइन-9, जिसे रेड लाइन भी कहा जाता है, शुरू किया जा रहा है। यह मेट्रो दहिसर पूर्व से मीरा-भायंदर तक दौड़ेगी और उत्तरी उपनगरों को दक्षिणी मुंबई और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के साथ-साथ अंधेरी जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों से जोड़ेगी। लगभग 13.58 किलोमीटर लंबी इस लाइन में 11.38 किलोमीटर एलिवेटेड और 2.19 किलोमीटर अंडरग्राउंड हिस्सा होगा। परियोजना पूरी होने पर यात्रियों को ट्रैफिक की परेशानी से राहत मिलेगी और समय की बचत के साथ यात्रा हो सकेंगी। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai

    मेट्रो 9 में क्या होगी खासियत?

    मेट्रो-9 पर कुल 10 मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं—दहिसर पूर्व, पांडुरंग वाडी, मीरागांव (अमर पैलेस), काशीगांव (झनकार कंपनी), साईं बाबा नगर, मेडिटिया नगर (दीपक हॉस्पिटल), शहीद भगत सिंह गार्डन (मैक्सस मॉल), सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम, एमबीएमसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और इंद्रलोक। यह लाइन ठाणे जिले के कुछ हिस्सों को भी कवर करेगी, जिससे मीरा-भायंदर और आसपास के सफर करने वाले लोगों को बड़ा फायदा होगा। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai

    कहां कहां जुड़ेगा मेट्रो 9

    मेट्रो-9 को कई अन्य लाइनों से जोड़े जाने वाला है। दहिसर पूर्व में इसे मेट्रो लाइन-7 (दहिसर पूर्व–अंधेरी पूर्व) और मेट्रो लाइन-2A (दहिसर पश्चिम–डीएन नगर) से कनेक्ट किया जाएगा। इसके अलावा, यह कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज़ कॉरिडोर (मेट्रो-3) से भी जुड़ने वाला है, जो पूरी तरह अंडरग्राउंड रहेगा। इस कनेक्टिविटी से यात्री दहिसर से कोलाबा, बीकेसी और अंधेरी तक बिना सड़क ट्रैफिक के जल्दी पहुंच सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, दहिसर से कोलाबा तक का सफर मेट्रो-9, मेट्रो-7 और मेट्रो-3 के जरिये आसानी से किया जा सकेगा। Double-decker metro will make travelling easier in Mumbai

    मेट्रो 9 पूरी जानकारी

    मेट्रो-9 में 8-कोच के ट्रेन होंगे, जिनमें 2,352 यात्री बैठ सकेंगे। यह सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। पीक आवर्स में हर 5-7 मिनट और सामान्य समय में हर 8 से 10 मिनट पर ट्रेन उपलब्ध होगी। मेट्रो-9 और -7A की कुल लागत लगभग 6,607 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मई 2025 तक परियोजना का 96-97% सिविल कार्य और 75% सिस्टम इंटीग्रेशन पूरा हो चुका है। दहिसर पूर्व से काशीगांव (4.4 किमी) तक पहले चरण का ट्रायल रन शुरू हो गया है और यह खंड 2025 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि पूरी लाइन 2026 के अंत तक परिचालन किया जा सकता है।

  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

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    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।

  • सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार सलमान खान ने 2017 में जिस सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन किया था उसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है। घटना मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) आरे मिल्क कॉलोनी की है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 30 का सार्वजनिक शौचालय कब्जा हो चुका है। साल 2017 में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने यहां दो सार्वजानिक शौचालयों का उद्घाटन किया था। जिसमें से एक जो फिल्म सिटी के पिछले गेट के पास यूनिट क्रमांक 30 में स्थित है उसकी हालत खस्ता हो गई है। इस सार्वजनिक शौचालय के एक हिस्से पर एक परिवार ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसका दावा है कि उसे शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    जमीनी हकीकत

    जब पत्रकार ने घटनास्थल का दौरा किया, तो ललिता राणे नामक एक महिला यहां कपड़े धोती हुई दिखाई दीं, जबकि उनकी एक और रिश्तेदार जानकी नामक वृद्ध महिला शौचालय के महिला खंड में सो रही थीं, जिसे रहने के लिए जगह और सामान रखने के लिए स्टोरेज रुम में बदल दिया गया है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    कब्ज़ेदारों ने क्या कहा?

    ललिता ने पत्रकार से बात करते हुए बताया, कि “मेरा जन्म यहीं आरे मिल्क कॉलोनी में हुआ है, और मेरी सास, कमलदेवी राणे, जो पहले शौचालय का रखरखाव संभालती थीं, वह भी इसी इलाके में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। दो साल पहले उनका निधन हो गया। बीएमसी ने सालों पहले इस शौचालय का निर्माण कराया था, उसे तोड़ दिया और फिर से बनवाया। सलमान खान भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। अब सालों से बीएमसी ने इसका रखरखाव नहीं किया है। इसलिए इसकी हालत खस्ता हो गई है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    रखरखाव की समस्या

    उसने ये भी कहा, कि इसमें पानी का कनेक्शन नहीं है और इसे चालू रखने के लिए कोई धनराशि भी नहीं दी गई है। इस इलाके में अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं, जो हमारी जान के लिए खतरा बने रहते हैं। हमने पास में ही एक छोटा सा कुआँ खोदा है, जिसका इस्तेमाल हम नहाने और बर्तन धोने के लिए करते हैं। अगर बीएमसी पानी और रखरखाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दे, तो यह शौचालय फिर से लोगों की सेवा के लिए चालू किया जा सकता है।”

    टूट गये हैं सभी दरवाजे

    उनकी मौसी ने आगे कहा, “हम शौचालय के इस हिस्से का इस्तेमाल सोने और सामान रखने के लिए करते हैं। यहाँ बिजली या पानी का कनेक्शन नहीं है। महिलाओं का सेक्शन असुरक्षित है – सभी दरवाजे टूटे हुए हैं, इसलिए हमें इसे हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। हम बीएमसी और सलमान खान से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और हमारी मदद करें।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मिडिया लेंस

    शौचालय ब्लॉक का वह हिस्सा, जिस पर अतिक्रमण नहीं हुआ था, बेहद खराब हालत में था, जहाँ बुनियादी स्वच्छता, पानी की आपूर्ति और यहाँ तक कि दरवाज़े भी नहीं थे। परिसर में गुटखे के पैकेट, शराब की बोतलें और सिगरेट के टुकड़ों से भरा पड़ा था। इसके अलावा, उद्घाटन और उसमें शामिल लोगों का विवरण देने वाली स्मारक टाइल भी गायब था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    प्रशासन से मरम्मत की मांग

    आरे मिल्क कॉलोनी के शिवसेना (यूबीटी) शाखा प्रमुख संदीप गढ़वे ने कहा, “सलमान खान ने छह रूमों वाले दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया था – एक मद्रासपाड़ा में और दूसरा यूनिट 30 में। दुर्भाग्य से, अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यूनिट 30 की हालत बेहद खराब हो गई है। एक तरफ एक परिवार ने अतिक्रमण कर उसे घर बना लिया है। पानी, दरवाज़ों और रखरखाव की कमी के कारण दूसरा आधा हिस्सा अनुपयोगी है, जिससे लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आरे के सीईओ और बीएमसी को तत्काल इस शौचालय की मरम्मत करानी चाहिए।”

    रहिवासियों ने क्या कहा ?

    एक निवासी ने कहा, “रात में, फिल्म सिटी गेट के पास के इलाके में नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर आते हैं। कोई भी वहाँ जाना नहीं चाहता। एक परिवार ने शौचालय के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। लेकिन बीएमसी, आरे के सीईओ और पुलिस इसपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करती।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    एक स्थानीय निवासी विनोद एकनाथ कांबले ने कहा, “शौचालय की सुविधा न होने के कारण हमें सड़क पर या जंगल में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। नशेड़ी रात में घूमते रहते हैं। यह हमारे परिवारों के लिए जोखिम भरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम लाचार हैं और अपने घरों से दूर स्थित शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं।”

    बीएमसी अधिकारी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) उपआयुक्त किरण दिघावकर ने कहा, “आरे मिल्क कॉलोनी और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के अंतर्गत आते हैं और इसका प्रशासन आरे के सीईओ द्वारा किया जाता है। मरम्मत या रखरखाव के लिए, सीईओ कार्यालय और ईएसजेड निगरानी समिति से अनुमति लेना आवश्यक होता है। 2017 में जब हमने सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय ब्लॉक का विकास किया था, तब हमने आरे मिल्क कॉलोनी के सीईओ से अनुमति ली थी। सीईओ की स्वीकृति मिलने के बाद हम सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत और रखरखाव कर पाएंगे।”

    शौचालय के बाहर ट्यूबवेल की व्यवस्था

    इस बीच, आई लव मुंबई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सदस्य राहुल कनाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिकारी इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगे। आरे सीईओ कार्यालय और वन विभाग से अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण, बीएमसी पानी का कनेक्शन नहीं दे पा रही है। इस पर हमने सार्वजनिक शौचालय के बाहर एक ट्यूबवेल की व्यवस्था की थी।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

  • मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई के पक्षी प्रेमियों को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत की खबर सुनाईं है। कबूतरों को दाना डालने के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मुख्यमंत्री के इस पहल से कबूतरों के संरक्षण की मांग कर रहे कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शहर में कबूतरखानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरखानों के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शुरू की गई कार्रवाई अब थम सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्होंने शहर में कबूतरखानों को अचानक बंद करने के कदम को उचित नहीं माना।

    मंत्रालय में हुए उच्चस्तरीय बैठक

    मंत्रालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम फडणवीस ने कहा, कि “कबूतर-खानों यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह को अचानक बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि यदि कबूतरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, न कि सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, कि “कबूतरों को दाना डालने के लिए एक निर्धारित समय तय किया जा सकता है।”

    मुख्यमंत्री ने दिया सुझाव

    सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान फडणवीस ने कहा कि कबूतरों की विष्ठा से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। कबूतरखानों से नागरिकों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    सरकार करेगी अदालत में अपील

    सीएम फडणवीस ने राज्य सरकार और बीएमसी को निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट में कबूतरखानों के पक्ष में मजबूत ढंग से अपनी बात रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘नियंत्रित फीडिंग’ जैसी व्यवस्था लागू की जा सकती है, और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी सरकार जाएगी। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    विशेष मशीन का होगा उपयोग

    बीजेपी विधायक एवं मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि सरकार कबूतरखानों को अचानक बंद करने के पक्ष में नहीं है और बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार पक्ष रखेगी। जो कबूतरखाने प्लास्टिक शीट से ढंककर बंद किए गए है, उन्हें जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कबूतरों को अब नियंत्रित ढंग से ही दाना दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। कबूतरों की विष्ठा की सफाई के लिए ‘टाटा’ कंपनी द्वारा निर्मित एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा।

    FIR दर्ज करने का दिया था आदेश

    मुंबई शहर में 51 ‘कबूतर खाने’ यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह हैं। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कबूतरों के झुंड को दाना डालने को ‘सार्वजनिक उपद्रव’ करार देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने दादर का मशहूर ‘कबूतर खाना’ बंद कर दिया और उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक दिया। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में पक्षी प्रेमियों और जैन समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किए। हालांकि अब सीएम फडणवीस की इस पहल से कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।