Category: Breaking News

  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/28/electoral-bond-bag
    Indian Fasttrack News Network

    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)

  • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    • इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
    • कौन से दल ने कितना किया झोल?
    • रिपोर्ट अभी और बाकी है..
    • Electoral Bond Indian Government Political News

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए।
    अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)

    ‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/25/bharatiya-janata-party-leaders-have-cooled-down
    Indian Fasttrack Political News

    किसने कितने खरीदे इलेक्टोरल बॉन्ड ?

    पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    इलेक्टोरल बॉन्ड,

    कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है।
    प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/22/why-do-corporates-donate-its-a-business-but-its-dirty-electoral-bond
    Electoral Bond News

    जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए।
    इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)

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    टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

    जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)

  • मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    मालाड़ BMC का चाईना मुकादम मालवनी इलाके में सुर्खियां बटोर रहा है।

    बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।

    बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/19/malvani-police-is-cleaning

    अवैध निर्माणों की रिपोर्ट ..

    मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।

    चाईना, मुकदमा,
    मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर

    एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..

    बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

    अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।

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  • मालाड़ में दो सफाई कर्मचारियों की टैंक में उतरने से मौत

    मालाड़ में दो सफाई कर्मचारियों की टैंक में उतरने से मौत

    • हाथ से मैला ढोना एक दंडनीय अपराध है।
    • बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने जारी किया शोकाज नोटिस।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में एक सेप्टिक टैंक में 18 वर्षीय सूरज केवट और 20 वर्षीय बिकास केवट नामक दो सफाई कर्मचारियों की जान चली जाने के एक दिन बाद, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित टैंक को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए उसमें उतरे थे। मनपा (BMC) ने टैंक से जुड़े सार्वजनिक शौचालय की देखरेख और रखरखाव में शामिल निजी एजेंसियों को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है।

    भारतीय हाथ से मैला ढोना (manual scavenging) 2013 में पारित अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या एजेंसी किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के लिए नियुक्त नहीं कर सकती है। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी जो एमएस अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करके किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के काम में लगाती है, वह अधिनियम की धारा 8 के तहत दंडनीय है।

    मालाड़ मे दो की मौत ..

    गुरुवार की शाम, 18 वर्षीय सूरज केवट, 20 वर्षीय बिकास केवट और 45 वर्षीय रामलगन केवट तीन व्यक्ति टैंक से जुड़े सेप्टिक टैंक में घुस गए थे। ये तीनों शौचालय के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार निजी एजेंसी द्वारा नियुक्त सफ़ाई कर्मचारी थे। टैंक में गिरे तीन लोगों में से सूरज और बिकास की मौत हो गई। मनपा (BMC) अधिकारियों ने कहा कि शौचालय का निर्माण 2018 में किया गया था और रखरखाव के लिए इसे एक स्थानीय एजेंसी को सौंप दिया गया था।

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/20/gang-that-stole-valuables-from-mobile-tower-arrested

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की रिपोर्ट के मुताबिक, “तीन लोग सार्वजनिक शौचालय में काम कर रहे थे और शौचालय को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए सेप्टिक टैंक परिसर में प्रवेश किया था। सेप्टिक टैंक के अंदर अप्रिय गैसों की होने के कारण, तीन लोगों का दम घुट गया और वे बेहोश पाए गए। उन्हें सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परिसर का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को जहरीली गंध महसूस हुई और टैंक का ढक्कन खुला पाया गया, जिससे यह अनुमान हुआ कि तीनों पीड़ित इसे साफ करने के लिए टैंक में उतरे होंगे। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है, कि “चेंबर के बगल में नायलॉन की मोटी रस्सी देखी गई थी जिसका इस्तेमाल पीड़ितों ने टैंक में प्रवेश करने के लिए किया होगा।”

    मालाड़,
    मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग की फाइल तस्वीर

    मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघवकर ने शुक्रवार को इंडियन फास्ट्रैक को जानकारी देते हुए कहा, कि “मालवणी पुलिस स्टेशन को भी कारण बताओ नोटिस के बारे में सूचित किया गया है। हमने उस एजेंसी को नोटिस जारी किया है जो शौचालय की देखभाल कर रही थी। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं और अगर हमें उनका जवाब असंतोषजनक लगता है, तो हम पुलिस विभाग में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल हमने उन्हें अपनी पूछताछ के बारे में सचेत कर दिया है।”

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    घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। जिस सीवर में पीड़ित गिरे थे वह 15 फीट गहरा था और स्थानीय निवासियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पीड़ितों को बाहर निकाला और कांदीवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने सूरज केवट और बिकास केवट मृत घोषित कर दिया रामलगन केवट का इलाज चल रहा है। जिसकी स्थिति अब समान्य है।

  • कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    • कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
    • चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
    • Electoral Bond ADR Report

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

    चंदा देश में गंदा काम ..

    चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/17/the-first-phase-of-maharashtra-elections-will-be-held-on-april-19-mumbai-on-may-20
    Member of Parliament Election 2024 India

    एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)

    किसने कितना दिया चंदा ?

    चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    Electoral Bond ADR Report

    चंदा, Electoral Bond,

    चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)

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    टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)

    सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

  • दहिसर में दहशत का पर्याय बन गई है संगीता विनोद नायर

    दहिसर में दहशत का पर्याय बन गई है संगीता विनोद नायर

    • अपने गुंडो के मदद से कर रही है सरकारी भूखंडों पर मिट्टी की अवैध भरनी..
    • मैंग्रोवस का कर रहे हैं खात्मा .. हो रहा है पर्यावरण को नुकसान..

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    दहिसर पश्चिम आर.टी.ओ. ऑफिस के पास, फायर ब्रिगेड की गली, श्मशान भूमि के सामने के खाली पड़े क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर मिट्टी की भरनी करने का कार्य अवांछित तत्वों द्वारा गुंडागर्दी पूर्ण तरीके से किया जा रहा है। इन खाली पड़े सरकारी भूखंडों पर पर्यावरण संतुलित करने वाले मैंग्रोज के वृक्षों को काटकर गिराने व उसके ऊपर मिट्टी डालकर अवैध भरनी किए जाने का कार्य एक आपराधिक कार्यों को अंजाम देने वाला गिरोह बे-खटके कर रहा है। किंतु, मनपा आर/उत्तर विभाग के अधिकारी कर्मचारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

    दहिसर में दहशत गर्दी का माहौल

    बताया जा रहा है, कि अवैध भरनी करने वाले गिरोह में संगीता विनोद नायर, अनूप नायर, प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार एवं कुछ अज्ञात गुंडे शामिल है, जो आसपास के आम नागरिकों के भरनी के बाबत पूछने पर उन्हें डराते धमकाते हैं तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उक्त तीनों ही बहुत शातिर है। तथा उन पर कुछ पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। यही कारण है, कि उनके द्वारा की जाने वाली अवैध भरनी व भूखंडों पर अतिक्रमण के विरुद्ध लोग शिकायत करने से घबराते हैं।

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    बता दें, कि उक्त भरनी गैंग की प्रमुख लीडर संगीता विनोद नायर का पति वर्ष 2019 में परेल के एक ज्वेलर्स अशोक सकरिया से चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पास 55 लाख के स्वर्ण भूषणों की लूट मामले का मुख्य आरोपी है। जिसकी धौंस जमाकर संगीता विनोद नायर दहशत फैलाती है और अपने अवैध कार्यों को अंजाम देती है। वह कुख्यात लुटेरे अयूब अलीमुद्दीन चिकना की दूसरी बीवी है। उसके नाम पर काला चौकी पुलिस थाने में सी आर नंबर 70/ 2019 का मामला दर्ज है।

    दहिसर,
    अवैध भर्नी के साथ संगीता शशि नायर और उसके गुर्गों की तस्वीर

    इसी तरह अनूप नायर पर भी दहिसर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार पर कई अपराधिक मामले दर्ज है। उसे तडीपार भी किया गया है, किंतु उसने अपनी तड़ीपरी पर स्टे हासिल कर लिया है। हाल ही में बबली पवार द्वारा महिला पत्रकार नीलम चौहान को धमकाने व अपशब्द के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। घटना के समय उक्त महिला पत्रकार बबली पवार द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी की रिपोर्टिंग के लिए वीडियो बना रही थी।

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    समाचार यह है कि पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं को अपशब्दों द्वारा जानलेवा धमकियां देने और दिलाने वाली संगीता विनोद नायर के गिरोह द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी के विरुद्ध मनपा आर/ उत्तर के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जो कानून अपराध है। इसके साथ ही, ना तो महसूल विभाग भरनी की जाने वाली मिट्टी की रॉयल्टी वसूल रही है।

    स्थानीय जनों ने उच्च पुलिस अधिकारियों से अपील की है, कि उक्त संगीता विनोद नायर और उसके गिरोह की दहशत के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करें, ताकि संगीता विनोद नायर व उसके गिरोह की दहशत पर समय रहते रोक लग सकें। अन्यथा पर्यावरण को क्षति तो पहुंचेगी साथ ही संगीता और उसके गिरोह की इलाके में दहशत और बढ़ जाएगी।

  • हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    देश में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी जोरों-शोरों से की जा रही है। किसी का टिकट कटा तो किसी ने पाला बदला। समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – समय आ गया चुनावी बिगुल बजने वाला है। सारे योद्धा मल्ल युद्ध की तैयारी में जी-जान से जुट गए है। जिन पहलवानों को टिकट नही मिलने वाला है वह अपने भाग्य की आज़माइश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अखाड़े में उतरेंगे और अपने दल का सत्यानाश करेंगे। (indian politics and election News)

    सभी राजनीतिक दल अपने सारे हथियारों पर धार देना शुरू कर दिया है। टीवी चैनलों पर ओपिनियन पोल आने शुरू हो गए है। सारे चैनल कौन जीतेगा? कौन हारेगा? इसकी भविष्यवाणी कर रहे है। जो कि परिणाम के बाद सब गलत साबित होता है। इसके साथ ही इन नेताओं की पत्नियां मन्दिरो में जाकर बड़े-बड़े मन्नत चुनाव जीतने के लिए मांग रही है। भले ही पांच वर्ष मंदिर में पूजा नही करती है। बड़े पैमाने पर दल बदल भी शुरू हो गया है। हर जगह चुनावी सभाएं, संपर्क अभियान, भारत जोड़ो यात्रा, लूट हत्या, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही है। (indian politics and election News)

    अपराधियों को लोकसभा में घुसाने की तैयारी ..

    अनेको प्रकार के आश्वासन, प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस बार तो कई माफियाओ और अपराधियों को टिकट देकर लोकसभा में भेजने की तैयारी की जा रही है। जन मानस सोच में पड़ गया है कल ये गुंडा इस पार्टी में था अब इसको दूसरी पार्टी ने चुनाव का टिकट दिया? अगर सही मायने में देखा जाय तो करीब 50 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से मतदान करना ही नही चाहते 30 प्रतिशत लोग मतदान के दिन अपना घर छोड़कर घूमने निकल जाते है। (indian politics and election News)

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    Mumbai congress and shivsena maha vikas aghadi gatbandhan news

    मुफ्त की शराब ..

    इनके नाम पर फर्जी मतदान करवाया जाता है। बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी गायब करना बंदूक की नोक पर बूथ पर पूरी तरह कब्जा करके अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए राजनीतिक पार्टीया पूरी तैयारियां करती है। फिर भी साफ सुथरी चरित्रवान छवि ईमानदार कर्मठ नेता कहलाते है और वोट के लिए नोटों के बंडल के साथ शराब मुफ्त में वितरण करवाना ये सब तैयारियां शुरू हो गयी है। (indian politics and election News)

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    Indian वोट किसे दें ?

    सभी राजनीतिक दल नए-नए हथकंडे अपनाएंगे। अभी भी लोग असमंजस में है, वो किसको वोट दें? किसको न दें? वही दूसरी ओर चुनाव आयोग भी पूरी निष्पक्षता से काम नही करता। सभी उम्मीदवारों की आपराधिक घटनाओं की जाँच करवाना चाहिए जिसके ऊपर एक भी केस विचारसधीन हो या पुलिस में दर्ज हो उसको चुनाव लड़ने से वंचित कर देना चाहिए। पर चुनाव आयोग इस तरह की न्यायिक कार्यवाही कर नही सकता। क्योंकि चुनाव आयोग कोई कार्य, निष्पक्षता से नही करता है। अपने समय पर चुनाव करवाये समय पर सारे कार्य करे ये भी राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। (indian politics and election News)

    आजकल में ही आचार संहिता लगने वाला है ये सभी दलों को मालूम है। कुछ पार्टीयो ने तो अभी तक अपने प्रत्याशियों का चयन भी नही किया है। सभी प्रत्याशियों के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पर चुनाव आयोग ये कभी नही करवाएगा। जो उम्मीदवार पहले जीतकर लोकसभा में रह चुके है। उनकी जाँच काफी गम्भीरतापूर्वक होनी चाहिए, कि इस सांसद के पास इतना धन संपत्ति कहां से आया है। इसके पहले कितना था चुनावी चंदे के चक्कर मे बैंक ही आरोप के कटघरे में खड़ा हो गया। (indian politics and election News)

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    कौन है ईमानदार ?

    अब ईमानदार कौन रह गया? ये सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जहाँ आचार संहिता लागू हुआ कोई भी आम नागरिक लाख पचास हजार रुपये लेकर नही चल पाएगा। उसको स्थानीय पुलिस परेशान करेगी इसके अलावा ईडी, सीबीआई छापेमारी और तेज हो जाएगी। कुछ पकड़े जाएंगे, कुछ छोड़े जाएंगे। हर पार्टीया दावा कर रही है, कि इस बार सत्ता हमारी आएगी। पर इसका फैसला तो देश का मतदाता करने वाला है। पर नेताओ के दावे बड़े बड़े है काम किसी का नही दिखाई पड़ रहा है। अब आगे चलकर देखना है, कि ऊंट किस करवट बैठता है। (indian politics and election News)

  • Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

    Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

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    • सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघावकर के सलाह और संरक्षण में 43 रुम का अवैध बांधकाम
    • क्या मनपा में एक भी इमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – एक तरफ राज्य के मुखिया ने आदेश दिया है, कि किसी भी क्षेत्र में अवैध बांधकाम ना किया जाए। अवैध निर्माण कै अचानक ढ़ह जाने से राज्य के कई घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन दूसरी ओर मनपा के वार्ड ऑफिसर और अभियंता, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेश की खुली अवहेलना ही नहीं बगावत करके ढेर सारे गैर कानूनी बांधकाम के निर्माण को शह और संरक्षण देकर मोटी रकम की काली कमाई करते हैं पत्रकार द्वारा निकाली गई गैर कानूनी बांधकाम की वीडियो चिख चिख कर वार्ड ऑफिसर और अभियंता की काली कमाई और अवैध बांधकाम के सबूत दे रही है। मौत के इस खेल की तस्वीर मालवनी इलाके की है। जहां पिछले कई हादसों के नीचे दबकर लोगों की मौत होने की तस्वीरें लोगों ने देखी है। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    कहां हो रहा है अवैध बांधकाम ..?

    विदित हो कि मलाड (पश्चिम), वैति वाडी, मालवनी गांव, सुंदर गली, राम मंदीर के पीछे, मार्वे रोड़, मुंबई- 400095 स्थित ठेकेदार विक्की कमलाकर भंडारी द्वारा 4,500 वर्गफूट के रिक्त भूखंड पर एक दो नहीं अंदाजन 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) की चाली का अवैध निर्माण किया जा रहा है। जिसे गैरकानूनी ढंग से कोई भू माफिया या ठेकेदार नहीं बना सकता जब तक की कोतवाल यानी वार्ड ऑफिसर और अभियंता का वरदहस्त उनके सिर पर न हो। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

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    जांच में सूचना मिली कि पी/नॉर्थ वार्ड के वार्ड ऑफिसर किरण शिवाजीराव दिघावकर और सहायक अभियंता अनिल पुनतांबेकर की सलाह और संरक्षण में 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) रूम की चाली के अवैध बांधकाम कराए जा रहे हैं। यह निर्माण कई करोड़ के हैं। जिसे संरक्षण देने के लिए वार्ड ऑफिसर और सहायक अभियंता के माध्यम से करोड रुपए की रिश्वत ली है। वरना इतने बड़े पैमाने पर गैर कानूनी निर्माण कैसे संभव होता? क्या मनपा में एक भी ईमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है ? जो भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को पद का दुरुपयोग करने, काली कमाई करने वाले भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को सजा दिला सके? अब ऐसे में मुख्यमंत्री जी आपके आदेश की हुक्म उलुदी का मतलब है। आपकी मनपा के अधिकारियों के मन में साख कम हुई है। यह भ्रष्ट मनपा अधिकारी ऐसे ही गैर कानूनी निर्माण कराते रहते हैं। क्योंकि इनको किसी कार्रवाई का डर है ही नहीं। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    अवैध बांधकाम,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    शुबहा तो आप पर भी किया जा सकता है। क्योंकि आपने इतने गैरकानूनी बांधकाम की ‘ indian fasttrack’ न्यूज़ में प्रकाशित खबरों, पर कभी एक्शन ही नहीं लिया। क्या ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए की काली कमाई का हिस्सा आपको और आपके मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री तक जरूर पहुंचता होगा? अन्यथा भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया? हम चाहते हैं, कि आप अपनी छवि को बेदाग रखने के लिए सभी वार्डों में कराए गये और कराए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम की न्यायिक अथवा विजिलेंस के माध्यम से जांच कराकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें। अन्यथा लोग ऐसे ही बेरहमी की मौत मरते रहेंगे और तमाशा देखने वाले नोट गिनते रहेंगे। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

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  • Air india पर लगा 30 लाख जुर्माना, पैसेंजर को व्हील चेयर नहीं दिया

    Air india पर लगा 30 लाख जुर्माना, पैसेंजर को व्हील चेयर नहीं दिया

    Air India कै 80 साल के बुजुर्ग पैसेंजर की मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल पर मौत हो गई। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एअर इंडिया (Air india) पर लगाया 30 लाख का जुर्माना।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – न्यूयार्क से 11 फरवरी को मुंबई के लिए रवाना हुई एयर इंडिया (Air India) की फ्लाइट AI-116 से आए 80 साल के एक बुजुर्ग को व्हीलचेयर नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई। जबकि बुजुर्ग ने टिकट बुकिंग के समय ही व्हीलचेयर की डिमांड की हुई थी। खुलासे मे पता चला है, कि 12 फरवरी को न्यूयार्क से मुंबई आई इस फ्लाइट में 32 व्हीलचेयर पैसेंजर्स थे। हालांकि, एयरपोर्ट पर इस फ्लाइट के लिए सिर्फ 15 व्हीलचेयर मौजूद थीं।

    12 फरवरी को व्हीलचेयर के कारण हुए मौत पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि दरअसल, बुजुर्ग ने व्हीलचेयर की डिमांड की थी, जो पूरी नहीं की गई। पैदल चलने के कारण बुजुर्ग को हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसकी जानकारी एयरलाइंस ने 16 फरवरी को दी थी।

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    Air India: उन्हें इंतजार करने को कहा था।

    DGCA ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस भेजा था। इसके जवाब में एयर इंडिया एयरलाइन (Air India Airlines) ने बताया- कपल अमेरिका से आया था। पति-पत्नी दोनों ने व्हीलचेयर की डिमांड की थी। उनकी पत्नी व्हीलचेयर पर थीं। वे अपनी पत्नी के साथ इमिग्रेशन क्लीयरैंस की प्रॉसेस पूरी कर रहे थे। उस दिन व्हीलचेयर की डिमांड भी बहुत ज्यादा थी। इसके चलते हमने उन्हें थोड़ा इंतजार करने को कहा, ताकि हम दूसरी व्हीलचेयर का इंतजाम कर सकें। लेकिन, वो पत्नी के साथ पैदल ही चल पड़े।
    कुछ देर चलने के बाद बुजुर्ग गिर गए। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर मेडिकल की सुविधा देने के बाद नानावटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था।

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    एयरपोर्ट के एक सूत्र ने बताया, कि फ्लाइट में 32 व्हीलचेयर पैसेंजर्स थे। जबकि, एयरपोर्ट पर सिर्फ 15 व्हीलचेयर मौजूद थीं। (फाइल फोटो)

    भारतीय मूल के बुजुर्ग के पास US का पासपोर्ट था। वे अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया की फ्लाइट AI-116 की इकोनॉमी क्लास में आए थे। ये फ्लाइट 11 फरवरी को न्यूयॉर्क से रवाना हुई थी और 12 फरवरी को मुंबई पहुंची थी। कपल ने पहले से व्हीलचेयर पैसेंजर्स के रूप में टिकट बुक की थी। हालांकि, मुंबई एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की किल्लत के कारण उन्हें सिर्फ एक व्हीलचेयर मिली। खबरों के मुताबिक, एयरपोर्ट के एक सूत्र ने बताया कि जिस Air India फ्लाइट से कपल मुंबई आए थे, उसमें 32 व्हीलचेयर पैसेंजर्स थे। हालांकि, एयरपोर्ट पर इस फ्लाइट के लिए सिर्फ 15 व्हीलचेयर मौजूद थीं।

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  • मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई नही होगी

    मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई नही होगी

    • बीएमसी के पंपिंग स्टेशन में आग लगने से मुंबई के इन इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं।
    • सोमवार शाम को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस वॉटर पंपिंग स्टेशन में आग लग गई इसके कारण मुंबई के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। डिटेल्स देखें….

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जो भारत के सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय शहरों में से एक है और कभी न थमने वाला शहर भी कहा जाता है। लेकिन शहर को चलाने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की तरफ से मुंबईकरों के लिए बुरी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस पंपिंग स्टेशन में सोमवार शाम यानी 26 फरवरी को आग लग गई और इससे महाराष्ट्र की राजधानी के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह मनपा द्वारा पाली हिल जलाशय के रिपेयरिंग और पुनर्वास के कारण जल आपूर्ति में कटौती की घोषणा की गई है। समय और प्रभावित क्षेत्रों की सूची पर एक नजर…

    BMC पंपिंग स्टेशन में लगी आग, इन इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस पंपिंग स्टेशन में सोमवार शाम को आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति में कटौती हुई। मनपा के एक अधिकारी ने कहा कि आग के कारण पूर्वी उपनगरों और गोलाजी, फॉस्बेरी, रावली और भंडारवाड़ा जलाशयों से पानी की आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे तक पानी की सप्लाई नहीं होगी।

    पानी की सप्लाई,
    मुंबई के पाइस पंपिंग स्टेशन मैं लगी आग की तस्वीर
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    दो सप्ताह से पानी की सप्लाई प्रभावित

    उपर्युक्त क्षेत्रों के अलावा जहां 24 घंटे तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी, इससे पहले, पाली हिल जलाशय के पुनर्वास के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमस) द्वारा मुंबई में दस प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की गई थी। मनपा ने कहा है, कि पानी की आपूर्ति कम कर दी जाएगी क्योंकि पाली हिल जलाशय की पुरानी 600-मिमी मुख्य लाइन जो एच/वेस्ट वार्ड के अंतर्गत स्थित है, उसके रिपेयरिंग और पुनर्वास के लिए काम चल रहा है। बीएमसी द्वारा सूचना जारी कर कहा, एच/वेस्ट वार्ड में नियमित पानी की आपूर्ति 11 मार्च (सोमवार) के बाद फिर से शुरू होगी। मनपा प्रशासन निवासियों से इस अवधि के दौरान सहयोग करने और जरूरत के मुताबिक पानी का उपयोग करने का आग्रह किया है। जलापूर्ति में कटौती आज 27 फरवरी से 11 मार्च तक है।

    मुंबई में पानी की कटौती वाले प्रभावित क्षेत्र
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अनुसार मुंबई में इन दो सप्ताह के लिए पानी कटौती से जो क्षेत्र प्रभावित होंगे, वे एच/वार्ड के कई इलाके हैं जिनमें खारदांडा, खार पश्चिम, गजधरबांद, कांटवाड़ी, शेरली राजन, दिलीप कुमार ज़ोन, ज़िग ज़ैग रोड ज़ोन, बांद्रा पश्चिम के कुछ हिस्से, कोल डोंगरी ज़ोन, यूनियन पार्क ज़ोन और पाली हिल ज़ोन शामिल हैं।

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