Mumbai Airport पर अबुधाबी से आए दो यात्रियों को Gold Smuggling के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
इस्माईल शेख मुम्बई– राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने शनिवार को अबु धाबी से मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Mumbai International Airport) पर आए दो यात्रियों को सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना मोम के रूप में 4.52 किलोग्राम सोने की भस्म रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
अधिकारी ने बताया कि यात्रियों से जब्त किए गए सोने की कीमत लगभग 3.33 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि यात्री को गुप्त सूचना के आधार पर उस दौरान गिरफ्तार किया गया जब वह कस्टम के ग्रीन चैनल को पार कर चले गए थे। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
क्या होता है कस्टम ग्रीन चैनल?
बता दें कि जीन यात्रियों के पास कस्टम के पैसे भरने लायक सामान नहीं होता, उसी यात्री को ग्रीन चैनल पार करने के अनुमति है और जिस किसी यात्री के पास कस्टम भरने लायक सामान हो उसे पहले खुद कस्टम के पैसे भरने होते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों की इमानदारी परखने का काम करती है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi t
लेकिन अबुधाबी से आया हुआ गिरफ्तार आरोपी कस्टम अधिकारी को चकमा देकर ग्रीन चैनल पार कर गया था। जबकि कस्टम अधिकारी अनजान बनकर संदिग्ध यात्री पर नजर बनाए हुए थे। डीआरआई अधिकारियों को एक यात्री की जैकेट की जेब में विदेशी सोने (मोम के रूप में सोने की भस्म) के चार पैकेट मिले। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
अधिकारी ने कहा, कि जांच में गिरफ्तार आरोपी के बयान से पता चला कि ये पैकेट अबु धाबी में एक अन्य यात्री ने उसे सौंपे थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
आईपीएस अधिकारी ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
विशेष संवाददाता नई दिल्ली– गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
क्या है सरकारी आदेश?
गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, कि “आंध्र प्रदेश कैडर से अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में शामिल होने के परिणामस्वरूप, श्री. नलिन प्रभात, आईपीएस (एपी: 1992) को तत्काल प्रभाव से 30.09.2024 तक जम्मू और कश्मीर पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजी) के रूप में जम्मू और कश्मीर में तैनात किया जाता है।” (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
आदेश में कहा गया है कि श्री प्रभात को 1 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के रूप में भी नियुक्त किया गया है। वह आरआर स्वैन (आईपीएस) का स्थान लेंगे। जो इस साल 30 सितंबर को सेवानिवृत्ति प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त होंगे। केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद, श्री स्वैन को 2020 में जम्मू-कश्मीर में पुलिस आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) का अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया था। श्री स्वैन ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक का पद भी संभाला था। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
कौन है ips Officer नलिन प्रभात?
श्री प्रभात ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। इस साल जून से अब तक जम्मू-कश्मीर में 18 से अधिक गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
श्री प्रभात को कश्मीर में विद्रोह में पुराना हाथ माना जाता है, और अतीत में जम्मू-कश्मीर में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के भीतर सद्भावना अर्जित की थी। वह पहले ही दक्षिण कश्मीर, ऑप्स रेंज और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के श्रीनगर सेक्टर में उप महानिरीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने महानिरीक्षक, कश्मीर, ऑप्स सेक्टर, सीआरपीएफ के रूप में भी कार्य किया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की थी। उनके काम ने उन्हें आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, और जम्मू-कश्मीर में पुलिस (विशेष कर्तव्य) पदक और बार अर्जित किया है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
Increasing subscribers on YouTube is a common goal for many content creators. A robust subscriber base not only boosts your channel’s visibility but also enhances your credibility. In this article, we will explore effective strategies to gain subscribers, including a unique method that promises to deliver free subscribers quickly.
The Importance of Subscribers
Subscribers are vital to the success of any YouTube channel. They represent your audience and are more likely to engage with your content. A higher subscriber count can lead to:
Improved Visibility: More subscribers can increase your chances of being recommended by YouTube’s algorithm.
Better Engagement: Subscribers are more likely to watch, like, and comment on your videos.
Increased Revenue: More views and engagement can lead to higher advertising revenue.
15 ways to get free YouTube subscribers
If you’re just starting out, look at our guide to creating a YouTube channel. You should have your channel’s basics in place before diving into the tips below.
These practices are the best way to grow your YouTube channel with organic subscribers. But don’t tackle them all at once. Try one of these tips for each new video you post, or implement one or two a week.
Ask your viewers to subscribe
End your video by teasing what you’re working on next
Verify your Google account
Interact with your audience and make friends (build community)
Create effective channel branding
Customize your video spotlights
Brand your video thumbnails
Use YouTube’s clickable subscription tools in your videos
Think in terms of playlists
Showcase your content strategically on your channel page
Publish on a consistent schedule
Bring your audience from other platforms to your YouTube channel
Do your keyword research for titles, descriptions, and hashtags
Pay attention to your data
Common Challenges in Growing Subscribers
Many creators struggle to grow their subscriber count due to various reasons. Some common challenges include:
Inconsistent content quality
Lack of promotion
Not engaging with the audience
Failure to optimize video titles and descriptions
Understanding these challenges is the first step towards overcoming them.
Unique Method to Gain Free Subscribers
One of the most intriguing methods involves leveraging specific strategies that can yield significant results in a short time. This method claims to provide 1260 subscribers for free, within just an hour. Let’s break down how you can achieve this.
Step 1: Prepare Your Channel
Before diving into the subscriber-boosting process, ensure your channel is ready. This includes having at least one video uploaded, as this will be crucial for the subsequent steps.
Step 2: Use the Right Tools
To facilitate the process, you will need to use specific online tools. One recommended tool is a browser that allows you to access various functionalities without needing an account. This tool can help you in submitting your video links effectively.
Step 3: Create Engaging Content
Content is king on YouTube. Ensure your videos are engaging, informative, and of high quality. This will not only attract viewers but also encourage them to subscribe. Remember, the more value you provide, the more likely viewers are to hit that subscribe button.
Step 4: Submit Your Video Link
After preparing your content, the next step is to submit your video link to specific platforms or groups that focus on subscriber exchange. This method involves sharing your video in groups where members are looking to subscribe to new channels.
When submitting your link, make sure to choose the correct category that aligns with your video type, whether it’s a short or long video. This ensures you connect with the right audience.
Step 5: Monitor Your Progress
Once you’ve submitted your video link, monitor the progress of your subscriber count. It’s essential to keep track of how many subscribers you gain after using this method. You should see a significant increase in a short period.
Best Practices to Maintain Subscriber Growth
After implementing the above method, it’s crucial to maintain your subscriber growth. Here are some best practices:
Consistency: Regularly upload new content to keep your audience engaged.
Engagement: Respond to comments and engage with your audience to build a community.
Quality Over Quantity: Focus on creating high-quality content rather than just increasing the number of uploads.
Promote Across Platforms: Share your videos on social media to increase visibility.
Conclusion
Increasing your YouTube subscribers is a rewarding yet challenging task. By employing unique methods and maintaining best practices, you can significantly boost your subscriber count. Remember, the key is to offer value through your content while engaging with your audience consistently. Start implementing these strategies today, and watch your subscriber count soar!
Final Thoughts
Growing your YouTube channel is not just about the numbers; it’s about building a community. Focus on creating meaningful content that resonates with your audience. Good luck on your journey to becoming a successful YouTuber!
भारत 1947 से आज तक कट्टरपंथी विचारों को भोग रहा है। देखिये – भारत-पाकिस्तान, रूस-यूक्रेन, इजराइल-फिलिस्तीन-गांजा और अब बांग्लादेश में कट्टरपंथी जो आतंकवादी हैं। बांग्लादेश का आपस में मरना मारने की शुरुआत हों गई हैं।
The world History (संपादकीय) भारत- सोचने समझने की बात है। कट्टरपंथी सोच क्या है? कट्टरपंथी कोई समाज या कोई धर्म नहीं है। कट्टरपंथी कोई भी हों सकता है जैसे देखा जाए, तो दुनिया में 197 देश हैं सभी देशों में अलग-अलग भाषा, अलग-अलग धर्म के नाम पर लोज जाने जाते हैं और पहचाने जाते हैं। 197 देश में लगभग 5600 से अधिक भाषाएं है और अनेक छोटे-बड़े संख्या के रूप में धर्म के आधार पर लोग अपने जीवन जीते हैं। धर्म क्या है? कैसा है? अपने-अपने स्थान पर स्थित है। धर्म के चलने वाले धर्म गुरु कैसे होनें चाहिए? किन सोच विचार से बने हुए धर्मगुरु हैं? उसी प्रकार से उनको मानने वाले को चाहने वाले उनके शिष्य इस प्रकार से ढल जाते हैं।
बांग्लादेश और पाकिस्तान का कट्टरपंथी सोच क्या है?
बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों दक्षिण एशियाई मुस्लिम बहुल देश हैं। भारत में ब्रिटिश शासन की समाप्ति के बाद, दोनों देशों ने 24 वर्षों तक एक ही राज्य का गठन किया। 1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान का पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ बांग्लादेश के रूप में अलगाव हुआ। भारत देश से 1947 में पाकिस्तान बना 1971 में बांग्लादेश बना। धर्म के आधार पर दो देश बनाने के उद्देश्य से पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ। जबकि धर्म की मानवता एक होनी चाहिए। दुनिया में मनुष्य का एक ही माता – पिता से सभी संसार के मानवों का जन्म हुआ है।
धर्म गुरु किस प्रकार होनें चाहिए?
दुनिया का सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म है, यहूदी धर्म, पारसी धर्म, जैन पंथ, बुद्ध पंथ ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म, सिख पंथ, इसी प्रकार से दुनिया में ईश्वर परमात्मा भगवान धर्म गुरु को मान कर लोग अपने जीवन जीते हैं। धर्मगुरु का कार्य क्या है? धर्म गुरु को कैसा होना चाहिए? किसी भी धर्म में कोई भी व्यक्ति बड़ा हो या कट्टरपंथी हो उसे एक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों के कारण उसे धर्म पर लोग उंगली उठने लगते हैं। धर्म के लोग उन अधर्मियों के प्रति उंगली नहीं उठाते। क्योंकि अधर्मियों द्वारा कट्टरपंथियों के द्वारा अनेक धर्म को नुकसान पहुंचाना उन लोगों के लिए प्रेरणा दायक हो जाते हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्या कट्टरपंथियों के कारण आम जनता दुखी है?
पाकिस्तान हो या बांग्लादेश या भारत जैसा दुनिया का एशियाई देश, कृषि देश, वैधकीय देश, शिक्षा से संबंधित देश सदियों से जाना जाता और माना जाता रहा है। मगर भारत देश में शिक्षित लोग भी अशिक्षित बन बैठे हैं। जिस देश में शिक्षा होता है वहां मानवता जाति धर्म से बढ़कर एक सच्चा इंसान का देश कहा जाता है। कुछ अनपढ़, गवार, नशेड़ी, चरसूल्ले, चिलम बाज जैसे लोगों को भाड़े के ट्ट्टू जैसे नेताओं, उसकी अनपढ़ गवारों को अपराधी बनाने में पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान का आज जो अनपढ़ गवार के रूप में कट्टरपंथी बन बैठे हैं। इस धर्म के लोग शर्मिंदा है दुखी हैं। इसका कारण दो कौड़ी के कट्टरपंथियों की देन हैं। इसी कट्टरपंथियों के कारण चाहे बांगलादेशी चाहे पाकिस्तानी जो अच्छे पढ़े-लिखे लोग हैं स्वयं से दुखी है और शर्मिंदा भी हैं।
जैसे नेहरू और जिन्ना, वैसे इंदिरा और फिरोज गांधी, शेख मुजीबर रहमान..
सनातन भारत के इतिहास दुनिया के पन्नों में आज भी दर्ज है। 1945 के बाद 1947 तक नेहरू और जिन्ना दोनों मिलकर एक प्लान बनाया। दो देश बना दो प्रधानमंत्री बनो और धर्म के नाम पर हिंदू और मुसलमान को लड़ा दो। 1947 में शुरुआती दौर से लेकर अगस्त महीने तक हिंदू मुस्लिम में इन दोनों नेताओं के खेल-खेलकर लाखों हिंदू मुसलमान आपस में मर कट रहे थे। नेहरू और जिन्ना तमाशा देख रहे थे। इसका कारण है, कि दो प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा हो रहा था।
वैसे ही 1971 से लेकर 1972 तक नेहरू की बेटी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उनकी बहुत करीबी शेख मुजीबुर रहमान, दोनों मिलकर भारत और बांग्लादेश बनाने में जुड़े हुए थे। भारत का राज्य बंगाल में कुछ कट्टरपंथी मुसलमान को उकसाया गया जिससे दंगा फसाद करते रहे। हजारों लाखों की संख्या में हिंदू मुसलमान मरते रहे। इंदिरा गांधी और शेख रहमान बैठकर तमाशा देखते रहे। सपना यह था वह प्रधानमंत्री थी। शेख हसीना के पिता शेख मुजीबर रहमान को भारत के कई राज्य के टुकड़े करके उन्हें राष्ट्रपति बनने का सपना पूरा किया जा रहा था। नेहरू ने जो कार्य किया वहीं उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी किया। हजारों लाखों की संख्या में महिला, बच्चे, जवान, बुजुर्ग मारे गए, काटे गए। धन दौलत संपत्ति जलाए गए। नुकसान आम जनता का हुआ फायदा इन दोनों नेताओं को होता रहा।
किसी भी देश में मंत्री, नेता और उनका परिवार क्यों नहीं मरते?
आम जनता जिस दिन यूरोप जैसे देश या विदेशियों की तरह शिक्षित और ज्ञानी बुद्धिमान बन जाएंगे। भाड़े के टट्टू की तरह भारत देश में या पाकिस्तान, बांग्लादेश में अनपढ़, गवार, नशेड़ियों को नेता के नाम पर कट्टरपंथी सोच बनाने वाले नेताओं ने खूब फायदा उठाते हैं। देश की जनसंख्या बढ़ाते हुए बेरोजगारी और धर्म के नाम पर अधर्मी लोगों ने अनपढ़, गवारों को अपराधी, आतंकवादी बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। आज यही कारण है, कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की आम जनता को सोचने की बात है, कि नेता या मंत्री क्यों नहीं मरते और आम जनता ही क्यों मरती हैं। मगर यह नेतागिरी के कट्टरपंथी होते हैं। ऐसे पार्टी के नेता मंत्र फूंक दे और वहां पर दंगे फसाद होना शुरू हो जाता है। मरता कौन है? जैसे आम इंसान मरता है, महिलाएं मरती है, बच्चे मरते हैं, यहां तक कि जानवर भी मरते हैं। मगर कोई मंत्री, नेता और उसका परिवार नहीं मरता। क्योंकि वह देश-विदेश में मौज मस्ती में मस्त हैं और आम जनता भेड़ बकरी की तरह आपस में लड़ मर रहे हैं।
यह कमियां दूर करने के लिए धर्म के सत्य धर्म गुरुओं को उन व्यक्तियों को शिक्षा देने की जरुरत है। ज्ञान दे की आपस में न लड़ें। यह नेता अपने स्वार्थ के लिए देश के साथ भी गद्दारी कर देते हैं आम जनता के साथ क्या नहीं कर सकते हैं। इसलिए हर एक व्यक्ति को जागरूकता लाने की जरूरत है। किसी भी मनुष्य का जन्म हुआ तो उसकी मृत्यु भी होगी। मगर आपस में लड़ना एक दूसरे को मार-काट करके मारना ठीक नहीं है। यह मानवता का घोर हनन हैं। आज की दुनिया में अब मानव की मानवता खत्म होती जा रही हैं।
दुनिया के कट्टरपंथियों के साथ क्या करना चाहिए?
दुनिया में कोई जाती या धर्म नहीं होता। कट्टरपंथी एक गिरी हुई सोच है। आज भी जिससे सनातन धर्म हो इसाई धर्म हो इस्लाम धर्म हो पारसी धर्म हो, यह सभी धर्म आपस में भाईचारा के संबंध से बनाया गया है। अब कुछ-कुछ धर्म से निकलकर कट्टरपंथी विचारधारा बनाकर एक दूसरे पर हमला करना मार-काट करना, लूटपाट करना, एक व्यापार बन गया है। मगर सोचने वाली बात है, जहां लाखों करोड़ों की संख्या होती है। उस देश की, उस राज्य की सरकार क्या करती हैं? क्या सरकार चलने वाले चंद गुंडे और कट्टरपंथ्यों का खात्मा नहीं कर सकते हैं? यही दुनिया की राजनीति है लडो-लडाओ और सत्ता पर शासन करो। मरता कौन है बेगुनाह इंसान जानवर पंछी, इसकी जिम्मेदार कौन आम जनता या अशिक्षित शहर या देश। आज अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार बनाकर बेच रहा है। यह अभी तक व्यापार है। हथियार खरीदो, लड़ो, मरो। अगर देखा जाए तो शर्म की बात है। चंद कागज़ के टुकड़े के लिए इंसान इंसान के टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं। इंसान से ज्यादा दुनियाँ में कोई गिरा हुआ जानवर भी नहीं हैं।
आने वाले समय के लिए मानवता को जागाना होगा। मानव-मानव एक समान करना होगा। इसी में दुनिया की भलाई हैं।
भारत का पड़ोसी बना बांग्लादेश 1971 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत से अलग करके बांग्लादेश बनाया। भारत के कई राज्य को मिलाकर बांगलादेश की स्थापना।
The world History (न्यूज़ डेस्क) भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक अजब कहानी है जो धर्म के नाम पर दोनों देश बने। भारत देश से हिंदू और मुस्लिम के नाम पर बांग्लादेश और पाकिस्तान को बनाया गया था। 1947 में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और जिन्ना की मिलीभगत से दो देश बनाए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दो अलग-अलग प्रधानमंत्री हो सकें। 1947 में भारत और पाकिस्तान अलग होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और जिन्ना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से पहले, उनकी मृत्यु हो गई।
The world History
16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की सेना के भारत के सामने आत्मसमर्पण करने के साथ ही ये संघर्ष खत्म हुआ। 16 दिसंबर को बांग्लादेश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1947 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली तो इसके दो टुकड़े भी हुए। मोहम्मद अली जिन्ना की मांग के मुताबिक मुस्लिम बहुल आबादी के लिए अलग राष्ट्र पाकिस्तान बना 1947 के समय में भी बंगाल राज्य में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा बंगाल खाड़ी स्थित कई गांवों को मिलाकर अलग से बंगाल देश बनाने की मांग की थी मगर उस समय बंगाल भारत का राज्य हुआ करता था।
भारत के बंगाल राज्य को अलग करने के लिए बांग्लादेशी कट्टरपंथियों ने भी मांग उठाई। उस समय मांग में कहा जा रहा था, कि जिस राज्य में ज्यादा मुसलमान है उसे मुस्लिम देश घोषित कर देना चाहिए। उसी समय भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुआ था। उसके कुछ साल बाद 1971 में इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश को एक अलग देश बना दिया।
बांग्लादेश भारत से अलग क्यों हुआ?
बांग्लादेश का स्वतंत्रता संग्राम 1971 में हुआ था। इसे ‘मुक्ति संग्राम’ भी कहते हैं। यह युद्ध वर्ष 1971 में 25 मार्च से 16 दिसम्बर तक चला था। इस रक्तरंजित युद्ध के माध्यम सेे बांलादेश ने पाकिस्तान से स्वाधीनता प्राप्त की। 16 दिसम्बर सन् 1971 को बांग्लादेश बना।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनने के बाद बांग्लादेश को भारत से आर्थिक मदद भी दे रही थी। भारत में आम जनता से पैसे की टैक्स वसूली करके बांग्लादेश को इंदिरा गांधी मदद करती रही जो आज भी मदद किया जा रहा है।
बांग्लादेश के कट्टरपंथी की क्या देन हैं?
1971 में भारत और बांग्लादेश बनने के बाद में लाखों हिंदू बांग्लादेश से भारत चले आए। कुछ हिंदू वहां पर रह गए थे जिन्होंने अपना जमीन घर मकान नहीं छोड़ा उसी बांग्लादेश में रह गए।
बांग्लादेश बनने के बाद वहां सबसे ज्यादा माफियागिरी, गुंडागर्दी होता रहा। वहां के रह रहे हिंदुओं को हमेशा धर्म बदलने की हेतु धमकी देना मारपीट करना यही बांग्लादेशियों का कारण रहा है। वहां की आम जनता में इसी प्रकार से उतार-चढ़ाव चल रहा हैं।
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में क्या हुआ?
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी इस्तीफा दे दी उसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठा मिडिया ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कई मासूम लोगों की हत्याऐं हुई। उसमें सबसे ज्यादा हिंदुओं को मारा गया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी नेता भी मारे गए। उसके बाद बांग्लादेश में काफी हिंसा भड़क गई लगभग 240 लोग मारे गए।
बांग्लादेश के राजधानी ढाका में क्या हुआ?
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद उनके कार्यालय को जला दिया गया। तोड़फोड़ किया गया। शेख हसीना वहां से कैसे भी भाग कर भारत में अपनी प्राण बचाई ली है। बांग्लादेशी कट्टर उग्रवादी आतंकवादियों ने पूरे बांग्लादेश के सैकड़ो, हजारों हिंदुओं की दुकान जला दिए, लूट लिया। सैकड़ो हिंदू महिलाओं की हत्या करना मौलाना की धमकी हिंदू देश छोड़े याँ इस्लाम धर्म अपना लें। कट्टरपंथी बांग्लादेशियों ने हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं। आज भी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की हाहाकार और आगजनी जैसी हालत है। बांग्लादेश कट्टरपंथी आतंकवादियों के विरोध में बांग्लादेश की कट्टरपंथियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अब तक दुनिया के किसी भी देश ने कोई कदम नहीं उठाया।
भारत बांग्लादेश बटवारे में शेख हसीना के पिता..
बांग्लादेश में कट्टरपंथी विचार धारा पूर्व व प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान की देन है। शेख हसीना के पिता मुजीबर रहमान ने 1971 में पूर्व इंदिरा गांधी से मिलकर बांग्लादेश का स्थापना किया था। आज शेख हसीना उसी कदम पर अपने स्वार्थ के लिए राजनैतिक बदलाव करते हुए विरोध का शिकार हुई है। इस समय बांगलादेश के लोग प्रधानमंत्री शेख हसीना को मारने के लिए गली गली ढूंढ रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना अपनी प्राण बचाने के लिए भारत में शरण ले रखी है।
The world History
शेख हसीना के पिता कट्टरपंथी थे। आज वही कट्टरपंथी लोगों ने शेख हसीना को मार भगाया। जैसा को तैसा। शेख हसीना के पिता भारत से विद्रोह करके भारत से अलग होकर बांग्लादेश बनाया था और आज वही कट्टरपंथी बने वहां के लोगों ने आज उसी की बेटी को मार भगाया। बांग्लादेश भारत की जमीन है। मगर बांग्लादेश में रह रहे कट्टरपंथी वह उनकी सोच है मगर भारत की संपत्ति थी। और आज वही कट्टरपंथी सोच बांग्लादेश के और भी लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है।
लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने पाकिस्तान बनाया। नेहरू की बेटी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाया। कट्टरपंथियों के कारण दो देश बने जो धर्म का नाम हिंदू और मुस्लिम देश। मगर इतिहास यही रही है, कि इतिहास के सच्चाई को कोई बताते नहीं हैं। शेख हसीना के पिता बांग्लादेश का प्रथम पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भारत अलग बांग्लादेश बनाया गया था। अब आज बांग्लादेश में उन्हीं कट्टरपंथियों की देन है जो आज कट्टरपंथी बांग्लादेश को जला रहे हैं। लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं। किसी भी देश का धर्म, जाति या समाज के नाम पर कट्टरपंथी चरम सीमा पर पहुँच जाए, तो उसका खात्मा किया जाना चाहिए ना कि देश छोड़ कर भाग जाना चाहिए।
इस्माईल शेख मुंबई- म्हाडा ने बुधवार को मुंबई मंडल के 2030 मकानों के आवंटन की तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके अनुसार गुरुवार को लॉटरी का विज्ञापन प्रकाशित किया गया। इसके साथ ही 13 सितंबर को लॉटरी की घोषणा की जाएगी और इसके बाद आवेदन बिक्री-स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।
लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण हुई देरी..
2019 के ठीक बाद म्हाडा के मुंबई मंडल ने 2023 में 4,082 मकानों की लॉटरी निकाली थी। इस लॉटरी में बड़ी संख्या में मकान खाली रह गए थे। इसलिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इन मकानों के साथ नए मकानों की लॉटरी निकालने का विचार शुरू किया गया। लेकिन मकानों के मिलान में समय लग गया और लॉटरी में देरी हुई। अब विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में म्हाडा ने लॉटरी निकालने का फैसला किया है और अब आखिरकार मुंबई मंडल ने लॉटरी की घोषणा कर दी है।
मुंबई मे अलग अलग जगहों पर घर..
मुंबई के ताड़देव, दादर, कोले कल्याण, पवई, जेवीपीडी, गोरेगांव, बोरीवली, विक्रोली-कन्नमवार नगर, पवई आदि में 2023 घरों की लॉटरी की घोषणा की गई है। इस ड्रॉ में सबसे कम समूह में 359 घर, सबसे कम समूह में 627 घर, मध्यम समूह में 768 घर और सबसे अधिक समूह में 276 घर शामिल हैं। लॉटरी में शामिल 2030 घरों में म्हाडा 33 (5), 33 (7) और 58 के तहत विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं से प्राप्त 370 घर शामिल हैं। जबकि 333 घर बिखरे हुए हैं और 1,327 घर मुंबई बोर्ड की हाउसिंग परियोजना में हैं।
MHADA lottery 2024 लॉट्री की ड्रॉ कब से शुरू की जाएगी?
ड्रॉ 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल प्री-लॉटरी प्रक्रिया शुरू करेंगे। प्री-ड्रा प्रक्रिया पूरी करने के बाद 13 सितंबर को ड्रॉ का परिणाम घोषित किया जाएगा। जमा राशि और आय समूह की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आवेदन शुल्क भी 590 रुपये रखा गया है।
विज्ञापन – 8 अगस्त
आवेदन बिक्री एवं स्वीकृति प्रारंभ – 9 अगस्त दोपहर 12 बजे से
अंतिम तिथि, समय – 4 सितंबर दोपहर 3 बजे तक
आरटीजीएस, डेबिट कार्ड आदि सुविधा के माध्यम से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि – 4 सितंबर रात 11.59 बजे तक
Olympic Games Paris 2024 गूगल पेरिस ओलंपिक का जश्न एक अलग अंदाज में मना रहा है। इवेंट शुरू होने के साथ ही गूगल ने ओलंपिक गेम्स के लिए डूडल जारी करना शुरू कर दिया था। गूगल ने पेरिस ओलंपिक के लिए सबसे पहला डूडल 26 जुलाई को बनाया था। आज यानी ओलंपिक के 12वें दिन गूगल डूडल में एक नीली चिड़िया चढ़ाई करते हुए नजर आ रही है।
(Indian fasttrack Desk) मुंबई- आज पेरिस ओलंपिक का 12वां दिन है। इसी कड़ी में गूगल ने एक नया डूडल जारी कर दिया है। आज का गूगल डूडल Sport Climbing पर बनाया गया है। बता दें कि गूगल पेरिस ओलंपिक शुरू होने के साथ ही रोज एक नया डूडल जारी कर रहा है। पेरिस ओलंपिक के लिए सबसे पहला डूडल 26 जुलाई को बनाया गया था। इसके बाद रोज ओलंपिक से जुड़े एक खास खेल को लेकर डूडल जारी किया जा रहा है।
डूडल में नीली चिड़िया कर रही चढ़ाई..
आज के डूडल में गूगल ने एक नीली चिड़िया को चढ़ाई करते दिखाया है। चिड़िया चढ़ाई करते हुए आखिरी शिखर पर पहुंचते हुए भी नजर आती है। आज के गूगल डूडल का डिस्क्रिप्शन है- दूसरी योजनाओं को फिलहाल के लिए रोक दें, क्योंकि यह मुख्य कार्यक्रम मनोरंजक है! चढ़ाई करने वाले प्रतियोगियों के लिए जीत बस हाथ में है!
क्या है स्पोर्ट क्लाइम्बिंग..
स्पोर्ट क्लाइम्बिंग एक चढ़ाई से जुड़ा कॉम्पटीशन है। यह 1940 के दशक में पूर्व यूएसएसआर में शुरू हुआ। यह खेल 1991 में पहली विश्व चैम्पियनशिप से पहले 1980 के दशक में पॉपुलर होना शुरू हो गया था। स्पोर्ट क्लाइम्बिंग में कई तरह के खेल शामिल होते हैं। Olympic Games Paris 2024 में स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को लेकर दी गई जानकारी के मुताबिक, आज मेन सेमीफाइनल मुकाबला होगा। खेल में दक्षिण अफ्रीका से एम. जांसे वैन रेंसबर्ग, ऑस्ट्रेलिया से सी. हैरिसन, ग्रेट ब्रिटेन से एच. मैकआर्थर जैसे दूसरे एथलीट शामिल होंगे।
टोक्यो 2020 में हुई थी शुरुआत..
Google अक्सर बड़े आयोजनों और अवसरों पर अपने होमपेज पर विशेष डूडल बनाता है, जो न केवल मनोरंजक होते हैं, बल्कि लोगों को उस खास इवेंट के बारे में जानकारी भी देते हैं। Paris Olympics डूडल में कई खेलों की झलकियां और खिलाड़ियों के जोश से भरे दृश्य दिखाए गए हैं, जो इस वैश्विक इवेंट के प्रति उत्साह को दर्शाते हैं।
टोक्यो 2020 में ओलंपिक खेल के रूप में अपनी शुरुआत करते हुए चढ़ाई ने तेजी से वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता हासिल की है। दुनिया भर से कुल 68 पर्वतारोही पेरिस में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। प्रतियोगिता में दो अलग-अलग प्रारूप हैं: गति और बोल्डर-एंड-लीड संयुक्त। प्रत्येक राष्ट्र को अधिकतम चार पर्वतारोहियों की अनुमति है, जिसमें प्रत्येक प्रारूप में प्रत्येक लिंग का प्रतिनिधित्व करने वाले दो एथलीट शामिल हैं।
बड़े आयोजनों पर गूगल बनाता है विशेष डूडल
एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह प्रतियोगिता चढ़ाई के अपेक्षाकृत नए ओलंपिक खेल का हिस्सा है, जिसमें दो पर्वतारोही एक-दूसरे के खिलाफ खड़े होते हैं, क्योंकि वे 15 मीटर की दीवार पर एक साथ दौड़ते हैं। महिलाओं के बोल्डर और लीड सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन स्लोवेनिया की जंजा गार्नब्रेट ने भीड़ को रोमांचित करते हुए 99.6 का प्रभावशाली स्कोर हासिल किया। उनका लक्ष्य 10 अगस्त को अपने टोक्यो 2020 के संयुक्त स्वर्ण में पेरिस 2024 का स्वर्ण जोड़ना है।
Google Doodle का इतिहास..
बता दें कि इंटरनेट सर्च इंजन के तौर पर गूगल आज दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। व्यक्ति को जब भी किसी बारे में जानकारी लेने की जरूरत होती है तो गूगल के जरिए ही सर्च करते हैं। सबसे पहला डूडल 1998 में सितंबर महीने में Google के संस्थापकों लैरी पेज(Larry Page) और सर्गेई ब्रिन(Sergey Brin) ने की थी।
बर्निंग मैन फेस्टिवल Doodle..
Google के पहले Doodle में लोगो के दूसरे “o” के पीछे एक स्टिक फिगर ड्रॉइंग करके दिखाया गया था। यह स्टिक फिगर बर्निंग मैन फेस्टिवल का चित्रण था। इसके बाद से ही दुनिया भर के बड़े आयोजनों और अवसरों पर अपने होमपेज में जश्न मनाने के लिए Google डूडल की लंबी परंपरा की शुरुआत हुई।
९०℅ जल भंडारण के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेश किया जाहिरनामा।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली छोटी झील विहार, तुलसी के साथ साथ बांधों (झील) मोडक सागर, मध्य वैतरना, अपर वैतरना, भातसा और तानसा से प्रतिदिन ३ हजार ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है।
पानी की कटौती से मिली राहत ..
मुंबईकरों को साल भर की पानी की आपूर्ति के लिए सभी सात झीलों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ मीलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। हालांकि जैसे ही बरसात ने अपने शुरुआती दिनों में इन सभी सात झीलों से मुंह मोड़ लिया, वहीं ५ जून से मुंबई में ५ ℅ पानी की कटौती की गयी। हालांकि जुलाई महीने के पहले सप्ताह से सात झीलों का जल स्तर लगातार बढ़ता गया।
जबकि भातसा और तानसा नामक सात झीलों से प्रतिदिन ३ हजार, ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों को प्रति वर्ष पीने के पानी की जरूरत के हिसाब से सभी सात झीलों में १४ लाख, ४७ हजार, ३६३ मीलियन लिटर पानी की जरूरत है। हालांकि इन दिनों झीलों में जल भंडारण ६६.७७℅ होने के कारण २९ जुलाई से ५℅ पानी की कटौती रद्द कर दी गयी है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका का जाहिरनामा
आप को जानकर खुशी होगी, कि पिछले कुछ दिनों से झीलों के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। इस बीच मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में ९०℅ जल भंडारण (१२ लाख, ८९ हजार, ६१५ मीलियन लीटर, जल भंडारण) इकठ्ठा दूर हो चुकी है। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक विज्ञप्ति निकालकर इसका जाहिरनामा पेश किया है।
Bangladesh Violence: बांग्लादेश सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को 5 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्टूडेंट्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान हिंदूओं के घर पर हमले हो रहे हैं। इसी हिंसा के दौरान छात्र संगठन हिंदूओं की रक्षा के लिए मस्जिदों से ऐलान कर रहे हैं।
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में लगातार हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक 300 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने पीएम आवास, संसद भवन समेत सभी सरकारी दफ़्तरों पर कब्ज़ा कर लिया है। जारी हिंसा के दौरान ही शेख़ हसीना ने 5 अगस्त को पीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया और भारत आ गईं है। अब वो लंदन में शरण लेना चाहती हैं, लेकिन ब्रिटेन से अभी तक कोई ख़बर नहीं आई है।
इस बीच मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब प्रदर्शनकारी हिंदुओं के घरों को निशाना बनाने लगे हैं। वहां, हिंदूओं के घर में आगजनी की जा रही है। यहां तक कि बांग्लादेश के गृह मंत्री के घर को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। इन सबके बीच छात्र संघ बांग्लादेश में मस्जिदों से हिंदुओं की सुरक्षा की अपील कर रहे है। इसके साथ ही छात्र संगठन के लोग हिंदूओं के घर पर रात-दिन में पहरा दे रहे हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
मस्जिद से हिंदू अल्पसंख्यकों की रक्षा की ये अपील
वायरल वीडियों में कहा जा रहा है कि प्रिय नागरिकों, हम ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ आपसे अपील करते हैं कि देश में अशांति के इस दौरान हम सभी को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना है। हमें हिंदू अल्पसंख्यकों की रक्षा करनी है। उपद्रवियों से उनके जान-माल की रक्षा करें। ये आपकी, हमारी और हम सबकी जिम्मेदारी है।
बांग्लादेश में क्यों हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन?
दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को 5 प्रतिशत रिजर्वेशन देने का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्टूडेंट्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान बांग्लादेश पुलिस ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए बल का प्रयोग किया, जिसके बाद और हिंसा भड़क उठी। इसके बाद शेख हसीना सरकार ने हाल ही में जमात-ए-इस्लामी, उसकी स्टूडेंट यूनियन और उससे जुड़े अन्य संगठनों पर बैन लगा दिया। सरकार के इस कदम से बांग्लादेश में प्रदर्शन और हिंसक हो गया। सरकार की इस कार्रवाई के बाद ये संगठन शेख हसीना सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।
उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
मनपा कानून क्या कहता है?
उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।
कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी
वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।
सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?
हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।