Category: National News

Read today’s national news, breaking updates and top headlines from across India. Stay informed with the latest coverage on politics, government policies, crime, economy, education, technology, sports and major events, only on Indian FastTrack.

  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

    इसे भी पढ़े:- मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया। With DIRECT DOWNLOAD LINK

    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    • जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
    • मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
    • धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
    • बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
    • आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
    • तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
    • अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा

    मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?

    जनता का अधिकार

    चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।

    ट्रेंडिंग फोटो

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।

    इसे भी पढ़े:- क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    दुखद घड़ी

    दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।

    हेलीकॉप्टर दुर्घटना

    धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    विमान हादसे को लेकर सवाल?

    एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?

    इसे भी पढ़े:- हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी

    क्या है पर्सनल डेटा?

    जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।

    महामानव की राजनैतिक चाल

    जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।

    इसे भी पढ़े:- BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    साजिश या टेक्निकल ?

    मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।

    गैर जिम्मेदार

    अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।

    उत्तर प्रदेश में योगी का नारा.. महिलाएं बेसहारा.

    दुर्घटना का सही कारण?

    कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
    मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।

  • 100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    • कौन सी चौथी इकॉनमी बन गया भारत?
    • एस आई पी एकाउंट क्यों बंद कर रहे हैं लोग ?
    • जनता के एकाउंट से हो चुका है अब तक ३६ करोड़ का फ्रॉड …!
    • दो लाख करोड़ की साप्ताहिक GST की हो रही वसूली
    • GDP किनकी बदौलत बढ़ी?
    • विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई लोकप्रिय नहीं होता..!

    मुंबई: बड़े गर्व से मुनादी पीटी जा रही है, कि “जापान को पछाड़ कर भारत विश्व की चौथी आर्थिक व्यवस्था बन गई है।” अब कहा जा रहा है, कि “चंद दिनों में जर्मनी को पिछाड़कर तीसरी अर्थ व्यवस्था बन जायेगा भारत।” कौन सा भारत बन गया चौथी इकॉनमी? उन गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 80 करोड़ ग़रीबों की या फिर 65% बेरोजगार युवा मजदूरों की?

    लोग एस आई पी बंद कर रहे हैं। बैंक के कर्ज तले दबकर किसान और छोटे व्यवसायी आत्महत्या कर रहे हैं। गोल्ड लोन भी मंहगा हो गया है। रुपया डॉलर के मुकाबले 87 के निचले स्तर पर आ चुका है। नकली करेंसी पर कोई रोकटोक नहीं लग पाई है। डिजिटल देन लेने वाले ईमानदार लोगों के बैंक एकाउंट से अब तक 36 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया जा चुका है। मंहगाई सरकार के कागजों में गुलाबी हो गई है। दो जून की रोटी के लाले पड़ गए हैं।

    मनरेगा, शिक्षा, चिकित्सा का बजट कम कर दिया है। प्राइवेट स्कूल हों या प्राइवेट अस्पताल तो गहना और जमीन तक बिकवा दे रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में न योग्य डॉक्टर न मशीन जिनसे जांच की जा सके। सरकार केवल दो कार्यों में जुटी है। जनता से हर एक चीज़ पर जी एस टी लेने जिस पर फख्र करती है सरकार। जबकि दो लाख करोड़ की साप्ताहिक जी एस टी वसूली हो रही धन कम से कम जनता के हित में तो खर्च हो ही रहे हैं।

    इसे भी पढ़े:- पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    दूसरा काम हैं चुनाव प्रचार में जनता के पैसों की बर्बादी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री क्यों जाए जनता के पैसों पर चुनाव प्रचार करने? क्या इतने मूर्ख होते हैं उनके प्रत्याशी कि सरकार को प्रचार करने के लिए गालीबाज नेता और नफरत का जहर घोलने वाले दुर्बुद्धि नेता की जरूरत पड़ती है। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के सोलह लाख बैंक कर्ज माफ कर सकती है। धनिकों की संपत्ति बढ़ाने का ही काम करती है। कल तक लल्लू सेठ आज अरबपति बन गए। बैंक का कर्ज लेकर देश से बाहर भगाने का काम भी सरकार कराती है।

    जी डी पी किनकी बदौलत बढ़ी? एक प्रतिशत धन्नासेठों की जो सरकार को चुनाव में अरबों चंदा देते हैं इसके बदले में धन्नासेठों को सरकार धंधा देती है। भारत सरकार जिस चौथी अर्थव्यवस्था का दंभ भर रही है उसमें सौ करोड़ लोगों की आय कितनी है? केवल चंद अरबपतियों के बूते सरकार विश्व की पहली अर्थव्यवस्था होने के दावे भी कर दे तो ताज्जुब नहीं। ताज्जुब तो तब होगा जब सौ करोड़ लोगों को निःशुल्क शिक्षा सुविधा रोजगार और चिकित्सा की अच्छी व्यवस्था कर सके। जो करना ही नहीं चाहती।

    इसे भी पढ़े:- क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    क्योंकि देश को मूर्ख रखकर गुलाम बनाना और हिंदुत्व का जहर उनकी रगो में भरकर वोट ले सकती है। मोदी जो प्रधानमंत्री हैं ग्यारह वर्षों में एक भी उपलब्धि बताकर जनता से वोट मांगने की हिम्मत तो दिखाते। सबकी जमानत जब्त हो जाएगी। विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई भी लोकप्रिय नहीं हो जाता। उसके लिए जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाला होना चाहिए। झूठ बोलकर शब्ज़ बाग दिखने और वादे पूरा करने वाला बेहद क्रूर और तानाशाह हो सकता है जन नेता नहीं।

  • महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    Shubham-arrested-for-targeting-women-and-girls-on-social-media

    सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।

    कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार

    दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।

    वायरल पोस्ट

    दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।

    जांच अधिकारी ने क्या कहा?

    मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।

  • पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां इंद्रायणी नदी पर बने पुल पर खड़े होकर प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने पहुंचे 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में बह गए। काफी पुराने पुल को प्रशासन ने पहले ही बंद कर दिया था। अब राहत और बचाव कार्य जारी ..

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के पुणे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मावल तालुका के कुंदमाला के पास इंद्रायणी नदी पर बना पुराना पुल ढहने से करीब 50 से ज्यादा लोग नदी में बह गए हैं। घटना के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया। बचाव कार्य दल अभी तक किसी भी नागरिक को नहीं ढूंढ पाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमों ने पर्यटकों की तलाश में सर्च अभियान चलाया हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय 50 से ज्यादा पर्यटक इस पुल पर खड़े थे।

    दशकों पुराना पुल ढह गया

    इंद्रायणी नदी पर बना पुल पुराना होने के कारण इसे दो महीने पहले ही बंद किया गया था, लेकिन बारिश के बाद लोग पुल पर इकट्ठा हो गए। अचानक पुल गिरने से कई लोग नदी में बह गए, जबकि कुछ मलबे में दब गए हैं। राहत कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि यह पुल कई दशक पुराना था और जर्जर स्थिति के कारण ही इसे बंद किया गया था। बारिश के बाद जब मौसम सुहावना हुआ तो बड़ी संख्या में लोग पुल पर एकत्रित हो गए थे, इसके बाद हादसा हो गया।

    मलबे में दबे लोग

    कई लोग नदी में गिरे और बह गए। कुछ लोग पुल गिरने के बाद मलबे में दब गए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। यह हादसा रविवार दोपहर के समय हुआ, जब छुट्टी की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे थे। दशकों पुराना और कमजोर हो चुका यह पुल तालेगांव दाभाड़े के पास सुंदर कुंड माला क्षेत्र में घूमने आए पर्यटकों के वजन के कारण ढह गया।

    बचाव कार्य में मुश्किलें

    शुरूआती जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव तेज हो गया था। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबन्धन और ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। हालांकि नदी की धारा तेज होने की वजह से रहत-बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। कुछ लोगों को बचाया गया है लेकिन कई लोगों के तेज बहाव में बहने की आशंका है। A big accident happened in Pune- more than 50 people got washed away in Indrayani river, everything got destroyed in one stroke

  • Maharashtra Breaking News LIVE Updates: किसान मुआवजा घोटाला- जालना में 10 तलाठी निलंबित

    Maharashtra Breaking News LIVE Updates: किसान मुआवजा घोटाला- जालना में 10 तलाठी निलंबित

    महाराष्ट्र में किसान मुआवजा घोटाले को लेकर अबतक 87 सरकारी अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। हालही में जालना के 10 तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। इसी के साथ महाराष्ट्र की और भी ताज़ा खबरें यहा अपडेट किए गये हैं।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र के जालना जिले में 34.97 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में शुक्रवार को दस तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में एक अधिकारी ने कहा कि यह घोटाला 2022 और 2024 के बीच अंबड़ और घनसावंगी तहसीलों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे से संबंधित हुआ था। जिला कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, कि ‘प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने के बाद दस तलाठी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और कई अन्य तलाठी से जवाब मांगा गया है।’

    इससे पहले 74 अधिकारी दोषी

    इससे पहले, एक जांच समिति ने 74 अधिकारियों को दोषी ठहराया था, जिनमें 26 तलाठी, 31 ग्राम सेवक और 17 कृषि सहायक शामिल थे। समिति में अंबड़ उप-मंडल अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर (पुनर्वास) और एक नायब तहसीलदार शामिल थे। अधिकारी ने कहा, “जांच में पता चला कि फर्जी लाभार्थी बनाए गए हैं, क्रेडेंशियल का दुरुपयोग किया गया है, दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई और एक ही व्यक्ति को कई बार भुगतान किए गए हैं। जांच 54 अधिकारियों और इस उद्देश्य के लिए तैनात छह समर्पित टीमों की मदद से की गई।”

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

    ठाणे में नाबिलग लड़की से दुष्कर्म का आरोपी IIT छात्र गिरफ्तार

    महाराष्ट्र के ठाणे में 13 वर्षीय लड़की से कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर के एक छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि लड़की की मां की शिकायत के आधार पर 23 वर्षीय आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी कलवा इलाके का रहने वाला है। उसने दिव्यांग लड़की को नए कपड़े पहनाने के बहाने बहलाया-फुसलाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। अधिकारी के अनुसार, जांच टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन से यौन उत्पीड़न का वीडियो बरामद किया है, जिसमें अन्य लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें भी हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी ने इससे पहले और भी महिलाओं को निशाना बनाया होगा। पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    भिवंडी के महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने पर UP के व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर में एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। एक अधिकारी ने बताया कि घटना मार्च 2024 की है। पीड़िता रीता साहनी 22 मार्च को कल्हेर इलाके में अपने घर में फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। हाल ही में रीता की बहन ने मामले में पुलिस को शिकायत दी। उसे आरोपी के नाम के कुछ सूसाइड नोट मिले थे। जिसमें लिखा था, कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले नवनीत राजपूत के साथ रिलेशनशिप में थी। वह किसी और से शादी कर रहा था। पीड़िता ने अपने नोट में व्यक्ति पर गुमराह करने और धमकाने का आरोप लगाया था। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुणे में वृद्ध महिला नाले में गिरी, एक दिन बाद मिला शव

    पुणे के नार्हे इलाके में एक 65 वर्षीय महिला की लापता होने के एक दिन बाद शुक्रवार को उसका शव बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार महिला भारी बारिश के दौरान नाले में गिर गई थी। भारती विद्यापीठ पुलिस थाने के निरीक्षक राहुल खिलारे ने बताया कि मृतका की पहचान फुरसुंगी निवासी शोभा माहिमाने के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात अपने परिजनों के साथ कोल्हापुर से कार में बैठकर लौट रही थीं।

    इसे भी पढ़े:- बकरी पालन की आड़ में ड्रग्स की फैक्ट्री, 24 करोड़ रुपये का माल जब्त

    अधिकारी ने बताया, कि उनके रिश्तेदार उसी कार से पिंपरी जा रहे थे, इसलिए शोभा माहिमाने मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर नवले ब्रिज के पास रात करीब 10 बजे गाड़ी से उतरीं ताकि वे फुरसुंगी जा सकें। तभी तेज बारिश के बीच सड़क पार करते समय वह हाईवे और सर्विस रोड के बीच स्थित एक नाले में गिर गईं।

  • Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

    Mumbai: मालाड़ में बनेगा समुद्र के पानी को मिठा करने का प्रोजेक्ट, 21 कंपनियों ने भेजा प्रस्ताव

    Mumbai-A-project-to-sweeten-sea-water-will-be-built-in-Malad-21-companies-have-sent-proposals

    Manori Seawater Desalination Project Cost: कांग्रेस के भ्रष्टाचार के आरोप के बाद टेंडर को निरस्थ कर दिया गया था। अब फिर एक बार लागत बढाकर टेंडर प्रकृया की गई। जिसमें विदेशी कंपनियों के साथ कुल 21 कंपनियों ने इंट्रेस्ट दिखाया है।

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के मनोरी आईलैंड में प्रस्तावित समुद्र के पानी को मीठा करने के प्रोजेक्ट की लागत इस बार पिछले आंकड़ो की तुलना लगभग डेढ़ गुना बढ़ गई है। पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़ कर 3000-3200 करोड़ रुपये हो गई है। यह जानकारी देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि पिछली बार टेंडर को लेकर विवाद होने पर उसे रद्द कर दिया गया था। 25 मई को दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसके लिए अब तक 21 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें एक कंपनी स्पेन और एक मध्य पूर्वी देश से है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    भ्रष्टाचार का आरोप

    बता दें कि पिछली बार टेंडर में 5 कंपनियों ने टेंडर भरा था, हालांकि बाद में सिर्फ एक कंपनी रह गई। कांग्रेस ने इस टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद बीएमसी ने टेंडर रद्द कर दिया। नए टेंडर की लागत 3000 से 3200 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछली अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये से डेढ़ गुना अधिक है।

    कैसे होगा प्रोजेक्ट?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत टनल बनाई जाएंगी। इसमें दो समुद्र से पानी खींचने के लिए और एक अवशेष जल (नमकीन पानी) को निकालने के लिए बनाई जाएगी। अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के गहरे हिस्से लगभग 2-3 किलोमीटर दूर से पानी खींचा जाएगा, जिससे प्रदूषण होने का खतरा नही होगा। यहां बिजली की जगह ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

    रोजाना मिलेगा 400 एमएलडी मिठा पानी

    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्ट को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में खारे पानी को शुद्ध करने पर 200 एमएलडी पीने योग्य पानी प्रतिदिन प्राप्त होगा। दूसरे चरण में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी प्राप्त होगा। यानी दोनों चरणों के शुरू होने पर मुंबई को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी मिलेगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals

  • दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    मुंबई सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर 74 वर्षीय क्लाइंट से 2.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके पहले भी एड्वोकेट पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खातू पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रहने वाली 74 वर्षीय महिला क्लाइंट के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप है कि विनय कुमार खातू ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जाली आदेश दिखाकर महिला से 2.57 करोड़ रुपये की ठगी की। न्यायालय ने कहा, कि अगर इस मामले में विनय कुमार खातू को जमानत दी जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट के खिलाफ कई मामले दर्ज

    सत्र न्यायाधीश वीजी रघुवंशी ने कहा कि यह अदालत खातू के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पहले भी विनय कुमार खातू पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के दो मामले दर्ज हैं। अगर अदालत खातू के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता और खातू के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, मैं उन्हें जमानत नहीं दे सकता।

    वॉट्सएप पर भेजे फर्जी दस्तावेज

    जज ने यह भी कहा कि अगर कोई WhatsApp चैट पर भरोसा करता है, तो उसे यह भी देखना होगा कि आरोपी ने अकाउंटेंट के साथ चैट में हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कही थी। यह भी साफ है कि जाली आदेशों की तारीख के बाद बड़ी रकम उसके दोस्तों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    जज ने कहा कि सिविल कोर्ट के फैसले को भी एक मूल्यवान सुरक्षा माना जा सकता है। अदालती फैसले अक्सर कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बनाते या बदलते हैं। इसलिए, ये फैसले मूल्यवान सुरक्षा की परिभाषा में आते हैं।

    क्या है पूरा मामला ?

    पीड़ित महिला, उर्मिला ताल्यार खान, अलीबाग में एक जमीन के विवाद में फंसी हुई थीं। निचली अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद ताल्यार खान ने जिला अदालत में अपील की थी। उनके वकील सुनवाई के लिए नहीं आए, जिसके कारण 13 मार्च, 2018 को उनकी अपील खारिज हो गई। उस समय दिल्ली में रहने के कारण, उन्हें इस बारे में 2022 तक पता ही नहीं चला, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    दो करोड़ रुपये किया ट्रांसफर

    आरोप है कि ताल्यार खान की मुलाकात एक व्यापारी के जानकार के जरिए विनय कुमार खातू से हुई थी। उन्होंने खातू को छह मामलों के लिए वकील रखा, जिसमें जमीन विवाद की अपील और उनके पति के खिलाफ मुकदमा भी शामिल था। खातू ने कथित तौर पर प्रति मामले 10 लाख रुपये की भारी फीस ली। आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्त के खाते से आरोपी से जुड़े लोगों के खातों में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट ने दी सफाई

    एड्वोकेट विनय कुमार खातू की सलाह पर, उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की, जिसमें चार साल की देरी को माफ करने और स्टे ऑर्डर के लिए आवेदन किया गया था। फिलहाल आरोपों को नकारते हुए, आरोपी ने कहा कि उन्हें 19 अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वकील ने कहा कि उनसे कुछ भी बरामद करने की जरूरत नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

    इसे भी पढ़े:- एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

    इसे भी पढ़े:- बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”