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  • Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद Mumbai Mayor पद को लेकर सियासी हलचल तेज है। संजय राउत का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट बहुमत से सिर्फ 6 सीट दूर है और मुंबई की राजनीति में अभी बहुत कुछ बाकी है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर राजनीति गरमा गई है। भले ही महायुति गठबंधन के पास फिलहाल बहुमत के आंकड़े पूरे होते दिख रहे हों, लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने दावा किया है कि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पार्टी नेता संजय राउत का कहना है कि उनके गठबंधन के पास 108 पार्षद हैं और बहुमत से वे सिर्फ 6 सीट दूर हैं। ऐसे में मुंबई की राजनीति में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

    बीएमसी चुनाव का पूरा गणित

    227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बहुमत का आंकड़ा 114 है।
    चुनाव नतीजों के अनुसार:

    • भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं
    • एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं

    इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत से ऊपर हैं।

    वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने 65 सीटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

    राउत का दावा: 108 पर हैं, सिर्फ 6 कम

    संजय राउत का कहना है कि उद्धव गुट अकेला नहीं है। सहयोगी दलों को मिलाकर उनके पास कुल 108 पार्षदों का समर्थन है।
    उनके मुताबिक:

    • शिवसेना (UBT): 65
    • मनसे (MNS): 6
    • कांग्रेस: 24
    • AIMIM: 8
    • समाजवादी पार्टी: 2
    • एनसीपी (अजित पवार गुट): 3
    • एनसीपी (शरद पवार गुट): 1

    राउत ने कहा, “हमें बहुमत के लिए 114 चाहिए और हम सिर्फ 6 सीट पीछे हैं। मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर सस्पेंस क्यों?

    संजय राउत का कहना है कि कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं देखना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अंदरखाने हलचल है और आने वाले दिनों में समीकरण बदल सकते हैं।
    उनका कहना है कि यह मुकाबला 118 बनाम 108 का है, जो दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना नहीं है।

    एकनाथ शिंदे पर राउत का तीखा हमला

    संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पार्षद डर के माहौल में हैं।
    उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
    “हमारे पार्षद घर पर हैं, सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। शिंदे अपने पार्षदों को होटलों में रख रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके लोग टूट सकते हैं।”

    राउत ने यह भी कहा,
    “आप लोगों को होटल में बंद कर सकते हैं, लेकिन उनके दिमाग को नहीं। कई लोग भाजपा का मेयर नहीं चाहते।”

    शिंदे गुट का जवाब

    इन आरोपों को शिंदे गुट ने खारिज किया है।
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए रखा गया है।
    सूत्रों का कहना है कि यह कोई ‘होटल पॉलिटिक्स’ नहीं बल्कि नए पार्षदों को प्रशासनिक कामकाज समझाने की प्रक्रिया है।

    मुंबई की राजनीति में आगे क्या?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी जैसी देश की सबसे अमीर नगरपालिका, जिसका सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, वहां मेयर पद की लड़ाई बेहद अहम है।
    आने वाले दिनों में गठजोड़, टूट-फूट और रणनीति का खेल और तेज हो सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा क्या है?
    👉 बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है।

    Q2. उद्धव ठाकरे गुट के पास अभी कितनी सीटें हैं?
    👉 सहयोगियों के साथ मिलाकर दावा है कि उनके पास 108 सीटें हैं।

    Q3. महायुति के पास कितनी सीटें हैं?
    👉 भाजपा और शिंदे गुट मिलाकर 118 सीटें हैं।

    Q4. क्या मेयर पद की तस्वीर बदल सकती है?
    👉 उद्धव गुट का दावा है कि मुंबई की राजनीति में कुछ भी संभव है।

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  • मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    BMC चुनाव में कांग्रेस के 24 नगरसेवकों की जीत के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि पार्टी मुंबईकरों के भरोसे को सार्थक करेगी और महापालिका में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 24 नगरसेवक विजयी होने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड के हाथों नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान किया गया। इस मौके पर वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबईकरों ने कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, पार्टी उस पर पूरी तरह खरी उतरेगी और बीएमसी में आम जनता के सवालों को मजबूती से उठाया जाएगा।

    BMC नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान समारोह

    मुंबई में आयोजित इस सम्मान समारोह में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित 24 नगरसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और विधायक असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली।

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    मुंबई कांग्रेस मुख्यालय मे बैठक की तस्वीर

    विपरीत हालात में मिली जीत

    मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि चुनाव के दौरान एक तरफ धनबल और सत्ता का दबाव था, तो दूसरी तरफ जनता की ताकत। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटे गए, विरोधियों को धमकाया गया और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए 24 नगरसेवकों को जिताया।

    BMC में उठेंगे मुंबईकरों के मुद्दे

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि भले ही कांग्रेस की संख्या कम हो, लेकिन पार्टी के नगरसेवक बीएमसी में मजबूती से मुंबईकरों की आवाज़ उठाएंगे।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस अच्छे रास्ते, साफ पीने का पानी, ट्रैफिक जाम से राहत, बेस्ट बस सेवा में सुधार और प्रदूषण मुक्त मुंबई पर रहेगा। इसके साथ ही मनपा की विभिन्न सेवाओं में हो रहे निजीकरण पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

    भ्रष्टाचार पर रहेगा कड़ा पहरा

    सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। नगरसेवकों के माध्यम से गलत कामों को उजागर किया जाएगा और जनता के हितों की रक्षा की जाएगी।

    कांग्रेस में लोकतंत्र, भाजपा पर तंज

    एक सवाल के जवाब में वर्षा गायकवाड ने कहा कि भाजपा में तानाशाही है, जबकि कांग्रेस में लोकतंत्र है। कांग्रेस में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। अगर कोई पार्टी के खिलाफ बयान देता है तो उस पर फैसला पार्टी नेतृत्व करता है।

    संगठन मजबूत करने पर जोर

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है और कार्यकर्ताओं का उन पर पूरा भरोसा है। आने वाले समय में मुंबई में कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा ताकि जनता के मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

    होटल राजनीति पर चुटकी

    इस दौरान वर्षा गायकवाड ने तंज कसते हुए कहा, “हमें अपने नगरसेवकों पर पूरा भरोसा है, इसलिए उन्हें किसी होटल में रखने की जरूरत नहीं पड़ती।” उनके इस बयान पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के कितने नगरसेवक जीते हैं?
    👉 कांग्रेस के 24 नगरसेवक चुने गए हैं।

    Q2. कांग्रेस बीएमसी में किन मुद्दों पर जोर देगी?
    👉 सड़क, पानी, ट्रैफिक, बेस्ट बस सेवा, प्रदूषण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर।

    Q3. क्या कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा?
    👉 हां, मुंबई में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की योजना है।

  • Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन शहर को मेयर मिलने में वक्त लगेगा। जानिए मेयर पद का आरक्षण लॉटरी से कैसे तय होता है, कानून क्या कहता है और इसमें एक हफ्ता क्यों लग सकता है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव खत्म हो चुके हैं और नई जनरल बॉडी भी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को तुरंत नया मेयर नहीं मिलेगा। इसकी वजह सिर्फ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि मेयर के चुनाव से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया भी है। कानून के मुताबिक, मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय होता है और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मेयर का चुनाव संभव नहीं है। इसी कारण मुंबई को नया मेयर मिलने में कम से कम एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    🏛️ Mumbai का मेयर तुरंत क्यों नहीं चुना जा सकता?

    बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद आमतौर पर लोगों को लगता है कि मेयर का नाम भी तुरंत सामने आ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और उससे पहले कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है।
    सबसे अहम प्रक्रिया है मेयर पद का आरक्षण तय होना, जो सीधे चुनाव से नहीं बल्कि लॉटरी यानी ड्रॉ ऑफ लॉट्स से तय किया जाता है।

    🎟️ क्या है मेयर पद का आरक्षण सिस्टम?

    देशभर की शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
    इस व्यवस्था के तहत मेयर का पद अलग-अलग वर्गों के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षित किया जाता है, जैसे:

    • अनुसूचित जाति (SC)
    • अनुसूचित जनजाति (ST)
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • महिलाएं
    • सामान्य (ओपन) वर्ग

    यह आरक्षण पहले से तय नहीं होता, बल्कि हर कार्यकाल में लॉटरी के ज़रिए तय किया जाता है।

    📜 आरक्षण रोटेशन क्यों जरूरी है?

    मेयर पद पर आरक्षण की व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इस संशोधन के तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और यह तय किया गया कि SC, ST और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
    महाराष्ट्र में यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम (Municipal Corporations Act) के तहत लागू होती है, जिसमें OBC आरक्षण भी शामिल है।
    रोटेशन सिस्टम का मकसद यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर मेयर बनने का मौका मिले और कोई एक वर्ग लगातार फायदे में न रहे।

    🎲 मेयर पद का फैसला लॉटरी से ही क्यों?

    लॉटरी सिस्टम इसलिए अपनाया गया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
    अगर सरकार या राजनीतिक दल तय करें कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा, तो उस पर पक्षपात और राजनीतिक दखल के आरोप लग सकते हैं।
    ड्रॉ ऑफ लॉट्स से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तय हो।

    🗂️ लॉटरी की प्रक्रिया कैसे होती है?

    1. शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) लॉटरी कराने का नोटिफिकेशन जारी करता है
    2. पिछले कार्यकालों के आधार पर आरक्षण रोटेशन की सूची तैयार की जाती है
    3. सार्वजनिक रूप से लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाती है
    4. जिस वर्ग का नाम निकलता है, वही मेयर पद के लिए आरक्षित माना जाता है
    5. इसके बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है

    जब तक यह पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती, कोई भी पार्टी अपने मेयर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर सकती।

    🗳️ मेयर का चुनाव कैसे होता है?

    आरक्षण तय होने के बाद बीएमसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है।
    मेयर का चुनाव पार्षदों के बीच से ही किया जाता है।
    मुंबई की 227 सदस्यीय जनरल बॉडी में मेयर बनने के लिए कम से कम 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है।
    पिछले दो कार्यकालों में लॉटरी के ज़रिए मेयर पद ओपन जनरल कैटेगरी में गया था।

    👑 मुंबई मेयर के पास कितनी ताकत होती है?

    कानून के मुताबिक, मुंबई का मेयर बीएमसी का औपचारिक (Ceremonial) प्रमुख होता है।
    मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है और उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

    • जनरल बॉडी की बैठकों की अध्यक्षता
    • सदन में व्यवस्था बनाए रखना
    • बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देना
    • शहर के “First Citizen” के तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करना

    हालांकि, बीएमसी का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होता है, जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त IAS अधिकारी होते हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या चुनाव नतीजों के तुरंत बाद मेयर चुना जा सकता है?
    👉 नहीं, पहले मेयर पद का आरक्षण तय होना जरूरी है।

    Q2. मेयर पद का आरक्षण कौन तय करता है?
    👉 शहरी विकास विभाग लॉटरी के ज़रिए आरक्षण तय करता है।

    Q3. मुंबई को नया मेयर मिलने में कितना वक्त लग सकता है?
    👉 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक हफ्ता लग सकता है।

  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • बोरीवली में ‘चीन-जापान’ वाला नज़ारा! स्काई सिटी मॉल की रूफटॉप वॉकवे बनी लोगों की नई पसंद

    बोरीवली में ‘चीन-जापान’ वाला नज़ारा! स्काई सिटी मॉल की रूफटॉप वॉकवे बनी लोगों की नई पसंद

    मुंबई के बोरीवली स्थित स्काई सिटी मॉल में बनी रूफटॉप वॉकिंग स्पेस लोगों को कर रही है आकर्षित। शाम की सैर, जगमगाती लाइट्स और मुंबई स्काईलाइन का शानदार नज़ारा।

    मुंबई: अब मुंबई में घूमने और सुकून भरी शाम बिताने के लिए चीन या जापान जाने की ज़रूरत नहीं। बोरीवली का स्काई सिटी मॉल इन दिनों अपनी अनोखी रूफटॉप वॉकिंग स्पेस की वजह से चर्चा में है। जगमगाती लाइट्स, खुला माहौल, आरामदायक बैठने की जगह और सामने फैली मुंबई की स्काईलाइन लोगों को खूब लुभा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद यहां आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    क्या है स्काई सिटी मॉल की खासियत

    स्काई सिटी मॉल पहले से ही बोरीवली इलाके का एक बड़ा शॉपिंग और एंटरटेनमेंट हब है। यहां शॉपिंग, फूड कोर्ट और मल्टीप्लेक्स की सुविधा मौजूद है। अब मॉल में जोड़ी गई रूफटॉप वॉकवे और ओपन एरिया ने इसकी पहचान को और खास बना दिया है।

    यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो शॉपिंग या मूवी के बाद कुछ समय शांति से बिताना चाहते हैं।

    रूफटॉप वॉकिंग स्पेस का अनुभव

    मॉल की छत पर बनी यह वॉकिंग स्पेस एक तरह से

    • शाम की सैर (Evening Walk)
    • ओपन एयर रिलैक्सिंग ज़ोन
    • फोटोग्राफी और वीडियो के लिए परफेक्ट स्पॉट

    मानी जा रही है।
    यहां की फर्श पर लगी लाइट्स रात के समय अलग ही माहौल बना देती हैं। ऊपर खुला आसमान, आसपास ऊंची-ऊंची इमारतें और सामने फैली मुंबई की स्काईलाइन इस जगह को बेहद खास बना देती है।

    सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा

    मुंबई के मशहूर व्लॉगर आवी वाडेकर ने इस रूफटॉप वॉकिंग स्पेस का वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा –

    “ये चीन नहीं, मुंबई है!”

    इसके बाद यह जगह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग हैरान हैं कि बोरीवली में भी ऐसा इंटरनेशनल फील देने वाला स्पेस मौजूद है।

    क्यों पसंद कर रहे हैं लोग

    इस रूफटॉप स्पेस को पसंद करने के पीछे कई वजहें हैं:

    • भीड़भाड़ से दूर खुला माहौल
    • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए बढ़िया जगह
    • शाम के वक्त सुकून और हल्की-फुल्की वॉक
    • सोशल मीडिया रील्स और फोटोज़ के लिए शानदार लोकेशन

    बोरीवली वालों के लिए नई पहचान

    अब तक लोग बांद्रा, लोअर परेल या साउथ मुंबई में ऐसे नज़ारों की उम्मीद करते थे, लेकिन स्काई सिटी मॉल ने बोरीवली को भी इस लिस्ट में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि आसपास के इलाकों से भी लोग खास तौर पर इस रूफटॉप वॉकवे को देखने आ रहे हैं।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. स्काई सिटी मॉल कहां स्थित है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके में।

    Q2. रूफटॉप वॉकिंग स्पेस क्या है?
    👉 मॉल की छत पर बना खुला एरिया, जहां लोग टहल सकते हैं, बैठ सकते हैं और नज़ारा देख सकते हैं।

    Q3. क्या यहां एंट्री फ्री है?
    👉 मॉल में आने वाले सभी विज़िटर्स के लिए यह स्पेस उपलब्ध है।

    Q4. घूमने का सही समय क्या है?
    👉 शाम और रात के समय, जब लाइट्स ऑन होती हैं।

    Q5. क्या यहां फैमिली के साथ आ सकते हैं?
    👉 हां, यह फैमिली और फ्रेंड्स दोनों के लिए सुरक्षित और आरामदायक जगह है।

  • मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में मेट्रो लाइन 7A के काम के चलते 20 से 22 जनवरी तक 44 घंटे पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में कम दबाव या पूरी तरह पानी बंद रहेगा।

    मुंबई: मेट्रो लाइन 7A परियोजना के लिए जलवाहिनी की जोड़णी का काम किए जाने के कारण शहर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक पानी की परेशानी रहने वाली है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार मंगलवार 20 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे से गुरुवार 22 जनवरी 2026 तड़के 5 बजे तक कुल 44 घंटे तक कुछ इलाकों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी, जबकि कुछ जगहों पर पानी पूरी तरह बंद रहेगा।

    मुंबई में क्यों बाधित होगी पानी की सप्लाई?

    MMRDA की मेट्रो लाइन 7A परियोजना के तहत अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी (2400 मिमी व्यास) का कुछ हिस्सा मोड़ा गया है। इसी बदले हुए हिस्से की क्रॉस कनेक्शन प्रक्रिया बीएमसी द्वारा के पूर्व विभाग में की जा रही है। इसी तकनीकी कार्य के चलते पानी की सप्लाई प्रभावित होगी।

    किन-किन विभागों में असर पड़ेगा?

    बीएमसी के मुताबिक,
    जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर पानी की सप्लाई कम दबाव से होगी। कुछ क्षेत्रों में नियमित समय बदल जाएगा, जबकि कुछ इलाकों में सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।

    जी उत्तर विभाग (धारावी क्षेत्र)

    धारावी के जस्मिन मिल रोड, 60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर, महात्मा गांधी रोड समेत कई इलाकों में

    • सुबह और शाम दोनों समय कम दबाव से पानी मिलेगा।
    • 20 और 21 जनवरी को सुबह 9 से शाम 5 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक असर रहेगा।

    के पूर्व विभाग (अंधेरी पूर्व)

    मुलगांव डोंगरी, एमआईडीसी, कोंडिविटा, महेश्वरी नगर, मरोळ, चकाला, जेबी नगर, एयरपोर्ट एरिया समेत कई इलाकों में

    • पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
    • अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और SEEPZ क्षेत्र में भी 24 घंटे पानी नहीं मिलेगा।

    एस विभाग (भांडुप–विक्रोली)

    भांडुप और विक्रोली पश्चिम के कई हिस्सों में

    • कहीं कम दबाव,
    • तो कहीं पूरी तरह पानी बंद रहेगा।
      BEST नगर, फिल्टरपाड़ा, आरे रोड, पठाणवाड़ी, जयभीम नगर जैसे इलाकों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

    एच पूर्व विभाग (बीकेसी)

    पूरा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और आसपास के इलाके

    • रात के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    एन विभाग (घाटकोपर–विक्रोली)

    आर सिटी मॉल क्षेत्र, कैलाश कॉम्प्लेक्स, सागर नगर, डिपो पाड़ा, नित्यानंद नगर सहित कई इलाकों में

    • दोपहर और शाम के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि

    • पहले से जरूरी पानी का स्टॉक कर लें,
    • मरम्मत के दौरान पानी का मितव्ययी उपयोग करें,
    • अगले कुछ दिनों तक पानी उबालकर और छानकर पीएं,
    • और महानगरपालिका को सहयोग करें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पानी की सप्लाई कितने समय तक प्रभावित रहेगी?
    👉 20 जनवरी सुबह 9 बजे से 22 जनवरी तड़के 5 बजे तक, कुल 44 घंटे।

    Q2. किन इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 के पूर्व विभाग के कई हिस्सों, एयरपोर्ट और SEEPZ क्षेत्र में।

    Q3. क्या सभी इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 नहीं, कुछ इलाकों में सिर्फ कम दबाव से पानी मिलेगा।

    Q4. पानी कब से सामान्य होगा?
    👉 22 जनवरी 2026 की सुबह के बाद सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।

  • BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव 2026 से पहले चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, 4,521 पर 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई के आदेश।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025-26 से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 4,521 कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिनके खिलाफ 12 जनवरी 2026 से पुलिस कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि चुनावी जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    🏛️ BMC चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया संविधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, मतदान ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियों से लगातार गैरहाजिर पाए गए। बार-बार निर्देश देने और अंतिम मौका देने के बावजूद जब हाजिरी नहीं लगी, तब प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

    📄 6,871 कर्मचारियों को नोटिस, 2,350 लौटे ड्यूटी पर

    प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई थी। इनमें से 2,350 कर्मचारी नोटिस के बाद चुनाव कार्य में शामिल हो गए हैं। लेकिन 4,521 कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं, जिन पर अब सीधी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

    🚨 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई शुरू

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देशानुसार सोमवार, 12 जनवरी 2026 से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके कार्यालय जाकर नोटिस तामील कराना, मामला दर्ज करना, जुर्माना और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल होगी।

    🧑‍💼 कई विभागों के कर्मचारी कार्रवाई की जद में

    इस कार्रवाई में केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक, बेस्ट उपक्रम, दूरसंचार विभाग, तेल कंपनी, बीमा कंपनियां, जीवन बीमा निगम, म्हाडा, डाक विभाग, रेलवे, उर्वरक कंपनी और अन्य सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

    🗳️ 15 जनवरी को मतदान, कर्मचारियों की भारी जरूरत

    महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। मुंबई में करीब 1 करोड़ 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। इतने बड़े चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    ⚠️ डॉ. अश्विनी जोशी की सख्त चेतावनी

    डॉ. अश्विनी जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही गंभीर अपराध है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अनदेखी, देरी या गैरजिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को तुरंत अपनी ड्यूटी संभालनी होगी, अन्यथा कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई तय है।


    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न 1: कितने कर्मचारियों को नोटिस दी गई है?
    उत्तर: कुल 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस दी गई है।

    प्रश्न 2: पुलिस कार्रवाई कब से शुरू होगी?
    उत्तर: 12 जनवरी 2026 से।

    प्रश्न 3: किन विभागों के कर्मचारी शामिल हैं?
    उत्तर: महानगरपालिका, बैंक, बेस्ट, बीमा कंपनियां, रेलवे, डाक विभाग सहित कई सरकारी संस्थान।

    प्रश्न 4: मतदान और मतगणना कब है?
    उत्तर: मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी।

  • एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026 को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में 57 अतिरिक्त बसें चलाने का ऐलान किया है। बस रूट, समय और पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) में हर साल लगने वाले एरंगल मेले 2026 को लेकर BEST प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में कुल 57 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की है। ये बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी, जिससे एरंगल गांव और सेंट बोनावेंचर चर्च जाने वाले भक्तों को यात्रा में कोई परेशानी न हो।

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    मेले की फाइल तस्वीर

    ✝️ एरंगल मेला 2026 क्या है?

    एरंगल मेला हर साल जनवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह धार्मिक मेला मालाड (पश्चिम) स्थित एरंगल गांव में सेंट बोनावेंचर चर्च में आयोजित होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ईस्ट इंडियन समुदाय के लोग और अन्य श्रद्धालु मुंबई के अलग-अलग गांवों और इलाकों से यहां पहुंचते हैं।

    करीब पांच सौ साल पुराना यह चर्च पुर्तगाली काल में बना था और आज भी मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

    🚌 57 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था

    BEST प्रशासन के अनुसार, इस साल एरंगल मेले के लिए पूरे दिन में 57 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का मकसद भारी भीड़ को संभालना और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर देना है।

    बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

    🛣️ कौन-कौन से रूट पर चलेंगी स्पेशल बसें?

    BEST की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन रूट्स पर विशेष बस सेवाएं रहेंगी:

    🚍 रूट नंबर 271

    • मालाड स्टेशन (पश्चिम) – एरंगल गांव
    • मढ जेट्टी – एरंगल गांव

    🚍 रूट नंबर A-269

    • बोरीवली स्टेशन (पश्चिम) – मढ जेट्टी

    यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन रूट्स पर जरूरत के हिसाब से बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी।

    🚉 मालाड स्टेशन से खास सुविधा

    BEST अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोकल ट्रेन से मालाड स्टेशन (पश्चिम) पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मालाड स्टेशन से एरंगल गांव, मढ जेट्टी और मढ चौपाटी तक अतिरिक्त बस ट्रिप्स चलाई जाएंगी।

    👮‍♂️ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती

    भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए BEST ने पास के डिपो से अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इनमें शामिल हैं:

    • मगठाणे
    • पोईंसूर
    • दिंडोशी
    • गोरेगांव
    • ओशिवारा

    यहां से बस इंस्पेक्टर और ट्रैफिक अधिकारी अस्थायी रूप से तैनात रहेंगे।

    ⛪ सेंट बोनावेंचर चर्च का महत्व

    सेंट बोनावेंचर चर्च लगभग पांच शताब्दी पुराना है और पत्थर व चूने से बना है। चर्च में संगमरमर की पट्टिका लगी है, जिस पर इसका इतिहास दर्ज है। मेले से पहले नौ दिनों तक नवना (Novena) प्रार्थनाएं होती हैं, जिसके बाद मुख्य पर्व मनाया जाता है।

    मुंबई के अन्य इलाकों से आने वाले श्रद्धालु वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी लेकर भी चर्च पहुंच सकते हैं।

    🗣️ BEST की अपील

    BEST प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एरंगल मेले के दौरान निजी वाहनों के बजाय इन अतिरिक्त बस सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, ताकि ट्रैफिक कम रहे और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. एरंगल मेला 2026 कब है?
    ➡️ जनवरी के दूसरे रविवार को।

    Q2. BEST कितनी अतिरिक्त बसें चला रहा है?
    ➡️ कुल 57 अतिरिक्त बसें।

    Q3. बस सेवाएं किस समय तक रहेंगी?
    ➡️ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक।

    Q4. कौन से रूट सबसे अहम हैं?
    ➡️ रूट 271 (मालाड स्टेशन–एरंगल) और A-269 (बोरीवली–मढ जेट्टी)।

    Q5. चर्च तक पहुंचने का दूसरा तरीका क्या है?
    ➡️ वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी सेवा।

  • घोड़बंदर रोड पर भीषण हादसा: 12 वाहन टकराए, ठाणे-बोरीवली रूट जाम

    घोड़बंदर रोड पर भीषण हादसा: 12 वाहन टकराए, ठाणे-बोरीवली रूट जाम

    ठाणे के घोड़बंदर रोड पर गोमुख घाट में सुबह हुए मल्टी-व्हीकल एक्सीडेंट में 12 वाहन आपस में टकरा गए। चार लोग घायल, NH-48 पर भारी ट्रैफिक जाम।

    मुंबई: ठाणे की ओर जाने वाली घोड़बंदर रोड पर शुक्रवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। गौमुख घाट में NH-48 पर करीब 7 बजे हुए इस मल्टी-व्हीकल एक्सीडेंट में एक भारी कंटेनर ट्रक समेत कम से कम 12 वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद ठाणे से बोरीवली और गुजरात की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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    🚨 कैसे हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गौमुख घाट के मोड़ पर अचानक कई गाड़ियां आमने-सामने टकरा गईं। हादसा इतना भीषण था कि कई कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि कुछ वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।

    🚑 चार लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

    हादसे में घायल हुए चार लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी की जान जाने की खबर नहीं है, लेकिन घायलों की हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

    🚧 घोड़बंदर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम

    दुर्घटना के बाद घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया। ठाणे से बोरीवली और गुजरात की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चूंकि हादसा सुबह ऑफिस टाइम में हुआ, इसलिए स्कूल बसों, ऑफिस जाने वालों और मालवाहक वाहनों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।

    🚓 पुलिस और क्रेन मौके पर

    सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और क्रेन मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन सड़क पूरी तरह साफ होने में काफी समय लगने की संभावना जताई गई जिसके बाद पुलिस ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

    🛣️ घोड़बंदर रोड के लिए बड़ी योजनाएं

    लगातार बढ़ते ट्रैफिक और हादसों को देखते हुए घोड़बंदर रोड पर कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:

    🚇 मुंबई मेट्रो लाइन-4

    वडाला से कासरवडवली तक घोड़बंदर रोड से गुजरने वाली यह एलिवेटेड मेट्रो लाइन लगभग पूरी हो चुकी है। इससे यात्रा समय 75% तक कम होने की उम्मीद है। कापुरबावड़ी स्टेशन लाइन-5 से इंटरचेंज बनेगा।

    🛣️ घोड़बंदर रोड चौड़ीकरण

    भीड़ कम करने के लिए दोनों तरफ की सर्विस रोड को मुख्य सड़क में मिलाकर इसे छह लेन का हाईवे बनाया जा रहा है।

    🌊 बालकुम–गौमुख कोस्टल रोड

    घोड़बंदर रोड के समानांतर 13.44 किलोमीटर लंबी कोस्टल रोड का निर्माण कार्य जारी है।

    🕳️ ठाणे–बोरीवली टनल

    संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से गुजरने वाली करीब 12 किमी लंबी टनल बन रही है, जिससे ठाणे से बोरीवली का सफर सिर्फ 10–15 मिनट में पूरा हो सकेगा।

    🚧 ठाणे–भायंदर टनल और एलिवेटेड रोड

    MMRDA की इस योजना में 5.5 किमी की टनल और 9.8 किमी की एलिवेटेड रोड शामिल है, जो गौमुख से मीरा-भायंदर को जोड़ेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    ➡️ ठाणे के गaimukh घाट में, घोड़बंदर रोड (NH-48) पर।

    Q2. कितने वाहन हादसे में शामिल थे?
    ➡️ करीब 12 वाहन, जिनमें एक भारी कंटेनर ट्रक भी शामिल है।

    Q3. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, लेकिन चार लोग घायल हुए हैं।

    Q4. ट्रैफिक कब तक सामान्य होगा?
    ➡️ क्षतिग्रस्त वाहन हटाने का काम जारी है, इसमें कुछ समय लग सकता है।

    Q5. घोड़बंदर रोड पर जाम कम करने के लिए क्या योजनाएं हैं?
    ➡️ मेट्रो लाइन-4, रोड चौड़ीकरण, कोस्टल रोड और ठाणे-बोरीवली टनल जैसी बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं।

  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।