Category: National News

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  • Malad Protest Viral: ‘America Murdabad, Israel Murdabad’ के नारे, Khamenei की मौत पर Malwani में प्रदर्शन

    Malad Protest Viral: ‘America Murdabad, Israel Murdabad’ के नारे, Khamenei की मौत पर Malwani में प्रदर्शन

    Mumbai के Malwani (Malad West) इलाके में Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद विरोध प्रदर्शन का वीडियो वायरल। प्रदर्शनकारियों ने “America Murdabad” और “Israel Murdabad” के नारे लगाए। Shia नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया।

    मुंबई: Malad West के Malwani इलाके से एक Viral Video सामने आया है, जिसमें लोगों की भीड़ America और Israel के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आ रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में प्रदर्शनकारी पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के पोस्टर और प्लेकार्ड हाथ में लिए दिखाई दे रहे हैं और “America Murdabad” तथा “Israel Murdabad” जैसे नारे लगा रहे हैं।

    Malwani का Video Viral

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Malwani, Malad West इलाके का है।

    वीडियो में एक बड़ी भीड़ सड़कों पर खड़ी दिखाई देती है, जहां कई लोग Khamenei की तस्वीरों वाले पोस्टर पकड़े हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

    Khamenei की मौत की खबर के बाद भावनात्मक प्रतिक्रिया

    रिपोर्ट के मुताबिक, Khamenei की मौत की खबर सामने आने के बाद कुछ Shia समुदाय के लोगों में गहरा दुख और गुस्सा देखने को मिला।

    इसी के चलते Malwani इलाके में प्रदर्शन हुआ, जहां लोगों ने United States और Israel के खिलाफ नारे लगाए और Khamenei के प्रति समर्थन जताया।

    Shia धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रिया

    Shia समुदाय के धार्मिक नेता Syed Saif Abbas Naqvi ने इस घटना को लेकर अमेरिका और इजराइल की नीतियों की आलोचना की।

    उनका कहना है कि West Asia में चल रहे घटनाक्रम क्षेत्र की स्थिरता को और कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने Khamenei की मौत को मुस्लिम समुदाय के लिए दुखद बताया।

    All India Shia Personal Law Board का बयान

    वहीं Maulana Yasoob Abbas, जो All India Shia Personal Law Board के General Secretary हैं, उन्होंने भी इस घटना की निंदा की।

    उन्होंने Khamenei को “शहीद” बताते हुए कहा कि उनकी मौत दुनिया भर के Shia मुसलमानों के लिए बड़ी क्षति है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना इस्लामिक दुनिया के नेतृत्व पर हमला है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

    West Asia में बढ़ता Geopolitical Tension

    विशेषज्ञों का कहना है कि Iran, United States और Israel के बीच पहले से ही तनाव काफी बढ़ा हुआ है।

    ऐसे में इस तरह की घटनाएं और प्रतिक्रियाएं West Asia Geopolitics को और जटिल बना सकती हैं।

    मुंबई प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहें।


    FAQ Section

    1. यह प्रदर्शन मुंबई के किस इलाके में हुआ?

    यह प्रदर्शन Malwani, Malad West इलाके में हुआ।

    2. प्रदर्शन क्यों हुआ?

    Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

    3. वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?

    भीड़ “America Murdabad” और “Israel Murdabad” जैसे नारे लगाते हुए और Khamenei के पोस्टर पकड़े हुए दिखाई दे रही है।

    4. क्या प्रदर्शन के दौरान कोई हिंसा हुई?

    अब तक किसी हिंसक घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

  • Iran-Israel War: ओमान की खाड़ी में Drone Attack, Kandivali के 25 वर्षीय युवक की मौत

    Iran-Israel War: ओमान की खाड़ी में Drone Attack, Kandivali के 25 वर्षीय युवक की मौत

    Iran-Israel conflict के बीच Gulf of Oman में ऑयल टैंकर ‘MKD Vyom’ पर Drone Attack में Mumbai के Kandivali निवासी Dixit Solanki (25) की मौत। Engine room में धमाका और आग से गई जान। उधर UAE में फंसे 164 Maharashtra tourists सुरक्षित लौटे।

    मुंबई: West Asia में चल रहे Iran-Israel-US conflict की आंच अब मुंबई तक पहुंच गई है। ओमान के मस्कट तट के पास Gulf of Oman में एक मालवाहक ऑयल टैंकर पर हुए भीषण Drone Attack में मुंबई के कांदिवली निवासी 25 वर्षीय दीक्षित सोलंकी की मौत हो गई। वह ‘MKD Vyom’ नामक जहाज पर crew member के तौर पर ड्यूटी पर तैनात थे, जब यह हमला हुआ।

    52 Nautical Mile दूर हमला, Engine Room में धमाका

    सूत्रों के मुताबिक, यह हमला ओमान के मस्कट तट से करीब 52 nautical miles दूर हुआ। जहाज पर विस्फोटकों से लदी एक unmanned drone boat ने टक्कर मारी। धमाका इतना तेज था कि जहाज के engine room में भीषण आग लग गई।

    दीक्षित सोलंकी उस समय इंजन सेक्शन में ड्यूटी कर रहे थे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जहाज Marshall Islands flag के तहत संचालित ऑयल टैंकर था।

    यह हमला मौजूदा Iran-Israel War escalation से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक जांच अभी जारी है।

    कौन थे दीक्षित सोलंकी?

    दीक्षित सोलंकी (25) मूल रूप से Diu (गुजरात) के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के Kandivali इलाके में रह रहे थे।

    उनके पिता अमृतलाल सोलंकी दीव में मछली पकड़ने का व्यवसाय करते हैं। दीक्षित परिवार का सबसे छोटा बेटा था और मर्चेंट नेवी में काम कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रहा था।

    एक महीने पहले मां का निधन, अब बेटे की मौत

    परिवार के लिए यह खबर किसी पहाड़ से कम नहीं है। एक महीने पहले ही दीक्षित की मां का निधन हुआ था। मां के अंतिम संस्कार के बाद वह दोबारा जहाज पर ड्यूटी जॉइन करने गया था।

    परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि West Asia में बढ़ते tension का असर सीधे उनके घर तक पहुंचेगा।

    Gulf of Oman क्यों बना Conflict Zone?

    Gulf of Oman पिछले कुछ वर्षों से geopolitical tension का केंद्र बना हुआ है। Iran-Israel hostility और US naval presence के चलते यहां कई बार merchant vessels को निशाना बनाए जाने की खबरें आती रही हैं।

    Shipping industry के लिए यह route बेहद अहम है क्योंकि यहीं से global oil supply गुजरती है।

    UAE में फंसे 164 महाराष्ट्र के पर्यटक सुरक्षित लौटे

    इस बीच West Asia conflict के कारण UAE में फंसे भारतीय पर्यटकों को लेकर राहत की खबर आई है।

    Shiv Sena (एकनाथ शिंदे गुट) की पहल पर महाराष्ट्र के 164 पर्यटक सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं।

    शिवसेना पदाधिकारी के मुताबिक, Eknath Shinde के निर्देश पर UAE के Fujairah Airport से दो विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई।

    दो Flights से Mumbai Arrival

    दोनों फ्लाइट्स मंगलवार रात मुंबई उतरीं।

    • पहली फ्लाइट – 76 यात्री
    • दूसरी फ्लाइट – 88 यात्री

    इनमें पुणे स्थित Indira School of Business Studies के 84 MBA छात्र और स्टाफ भी शामिल थे।

    यह राहत अभियान Maharashtra government के लिए एक बड़ी diplomatic और humanitarian सफलता माना जा रहा है।

    India पर क्या असर?

    Experts का कहना है कि अगर Iran-Israel conflict और बढ़ता है तो Indian merchant navy sailors और Middle East में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता बन सकती है।

    सरकार की ओर से advisory जारी की जा सकती है, खासकर high-risk maritime routes के लिए।


    FAQ

    Q1. हमला कहां हुआ?

    Gulf of Oman में, Muscat coast से करीब 52 nautical miles दूर।

    Q2. किस जहाज पर हमला हुआ?

    ‘MKD Vyom’ नामक oil tanker पर।

    Q3. मृतक कौन थे?

    Kandivali निवासी 25 वर्षीय Dixit Solanki, जो मूल रूप से Diu के थे।

    Q4. UAE में कितने पर्यटक लौटे?

    कुल 164 Maharashtra tourists दो फ्लाइट्स से मुंबई लौटे।

    Q5. क्या हमला Iran-Israel conflict से जुड़ा है?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसे उसी conflict escalation से जोड़ा जा रहा है, जांच जारी है।

  • Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreement breach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।

    मुंबई: Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।

    📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?

    MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।

    लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।

    💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा

    जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।

    इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।

    MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।

    📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice

    इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।

    Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।

    ⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति

    सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।

    मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।

    🤝 Consent Agreement में क्या था?

    Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।

    साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।

    ❌ फिर हुआ Agreement Breach

    MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।

    40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।

    इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।

    🏠 Retired Employees से Recovery की मांग

    MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।

    🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action

    राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।

    Samant के अनुसार:

    • MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
    • साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।

    🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल

    Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है?
    Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।

    Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं?
    Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।

    Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है?
    आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।

    Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है?
    MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।

  • Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।

    मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।

    ⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal

    मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।

    यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।

    👤 कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।

    📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला

    Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।

    डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।

    🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया

    Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

    हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।

    📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?

    डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:

    • Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
    • Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी

    लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।

    🔎 Legal Procedure पर फिर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. किसे रिहा किया गया है?
    MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।

    Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना?
    क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।

    Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।

    Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी?
    Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।

    Q5. Supreme Court का क्या आदेश है?
    जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।

  • Iran-Afghanistan Tension से Mumbai में Dry Fruits महंगे, कीमतों में 30% तक उछाल

    Iran-Afghanistan Tension से Mumbai में Dry Fruits महंगे, कीमतों में 30% तक उछाल

    Iran-Israel conflict और Afghanistan-Pakistan war के असर से Mumbai में imported dry fruits जैसे pista, mamra badam, anjeer, saffron और apricot की कीमतों में 20-30% तक बढ़ोतरी। APMC Vashi, Crawford Market, Masjid Bunder और Malad में हड़कंप, wedding season पर असर।

    मुंबई: Middle East में बढ़ते Iran-Israel conflict और Afghanistan-Pakistan tension का सीधा असर अब मुंबई की थाली पर दिखने लगा है। Iran और Afghanistan से आने वाले imported dry fruits जैसे figs (anjeer), almonds (badam), pistachios (pista), raisins (kishmish), saffron (kesar) और apricots (khubani) की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ गया है। व्यापारियों के मुताबिक हालात और बिगड़े तो सप्लाई पूरी तरह रुक सकती है।

    US Attack on Iran के बाद से बढ़ने लगी थीं कीमतें

    सूत्रों के मुताबिक, June 2025 में US द्वारा Iran पर किए गए हमले के बाद से ही दाम चढ़ने शुरू हो गए थे। इसके बाद October में Pakistan ने Afghanistan में घुसकर हमला किया, जिससे भारत को होने वाली सप्लाई में बड़ी रुकावट आई।

    अब शनिवार को Middle East में हुए ताजा घटनाक्रम के बाद संकट और गहरा गया है। Traders का कहना है कि अगर Iranian route बंद हुआ तो imports पूरी तरह ठप हो जाएंगे।

    Wagah Border बंद, अब Iran Port ही Mumbai एकमात्र रास्ता

    पहले Afghanistan से dry fruits सीधे Amritsar के Wagah Border के रास्ते आते थे, लेकिन India-Pakistan conflict के बाद यह रास्ता दो साल पहले बंद हो गया।

    अब माल Iran के port के जरिए भारत पहुंच रहा है। Mumbai Dryfruit and Date Merchants Association के अध्यक्ष और APMC director विजय भुटा ने कहा कि अगर यह Iranian route भी बंद हुआ तो arrivals पूरी तरह choke हो जाएंगी।

    उनके मुताबिक फिलहाल औसतन 5% की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बाकी व्यापारी इससे ज्यादा उछाल बता रहे हैं।

    Crawford Market और Malad में 20-30% तक महंगाई

    Crawford Market के A-1 Dryfruit के बाबन पवार ने बताया:

    • Mamra badam: ₹1,800 (Oct) से बढ़कर ₹2,800/kg
    • Irani pista: ₹840 से ₹1,300/kg
    • Irani apricot: ₹750 (Dec 2025) से ₹1,400/kg
    • कुछ मामलों में कीमतें दोगुनी

    उन्होंने कहा, “जो ग्राहक पहले 1 किलो लेते थे, अब 250 ग्राम ले रहे हैं। 2025 से बिक्री 50% तक गिर गई है।”

    Malad के मेहुल गाला ने कहा कि अगर Iran ने borders पूरी तरह बंद किए तो imports halt हो जाएंगे और short term में supply scarcity और price hike दोनों देखने को मिलेंगे। Mumbai और Delhi के बड़े बाजारों ने पुराने rate वापस ले लिए हैं और नए rate जल्द घोषित होंगे।

    Wedding Season और Mithai Industry पर असर

    Bulk buyers जैसे:

    • Sweetmeat makers
    • Hotels & Restaurants
    • Bakers & Confectioners
    • Caterers
    • Dairy Industry
    • Snack Makers
    • Processed Food Industry
    • Cosmetics Sector

    सभी पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

    Ulhasnagar के A-1 Sweets के विक्की जैसिंघानी ने कहा:
    “Imported Pishori pista ₹2,600 से बढ़कर ₹3,400/kg हो गया। Iranian pista ₹1,650 से ₹2,400 हो गया। लेकिन mithai का स्वाद बनाए रखने के लिए हमें Pishori pista लेना ही पड़ेगा।”

    Masjid Bunder के Pravinchandra & Co. के मयूर शाह ने कहा कि फिलहाल उन्होंने rate नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन stock खत्म होने के बाद बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने बताया कि cashew भारत से आता है और almonds California से भी आते हैं, लेकिन imported anjeer, pista, saffron और apricots सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसका असर upcoming wedding season पर भी पड़ेगा।


    FAQ Section

    Q1. Dry fruits की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
    Iran-Israel conflict और Afghanistan-Pakistan war के कारण supply chain प्रभावित हुई है।

    Q2. कौन-कौन से dry fruits महंगे हुए हैं?
    Pista, mamra badam, anjeer, saffron, apricot, raisins।

    Q3. कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
    औसतन 20-30%, कुछ मामलों में दोगुनी।

    Q4. क्या wedding season पर असर पड़ेगा?
    हां, mithai और catering industry पर सीधा असर पड़ेगा।

    Q5. क्या आगे और महंगाई बढ़ सकती है?
    अगर Iran का route बंद हुआ तो supply पूरी तरह रुक सकती है और कीमतें और बढ़ सकती हैं।

  • Mental Healthcare Act को Litigation Weapon नहीं बना सकते: Bombay HC

    Mental Healthcare Act को Litigation Weapon नहीं बना सकते: Bombay HC

    Bombay High Court ने साफ किया कि Mental Healthcare Act 2017 और Section 105 का इस्तेमाल property dispute या किसी भी litigation में विरोधी की mental capacity पर सवाल उठाने के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा – यह कानून protection के लिए है, harassment के लिए नहीं।

    मुंबई: शहर में चल रहे एक अहम property dispute case में Bombay High Court ने बड़ा और साफ संदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि Mental Healthcare Act, 2017 को किसी भी पक्ष द्वारा सामने वाले की mental capacity पर सवाल उठाने के लिए “litigation weapon” की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह कानून कमजोर और जरूरतमंद लोगों की हिफाज़त के लिए है, न कि कोर्ट में बढ़त लेने की चाल के लिए।

    ⚖️ Welfare Law के Misuse पर सख्त टिप्पणी

    17 फरवरी को जस्टिस Farhan Dubash ने सुनवाई के दौरान कहा कि सिर्फ एक पक्ष के आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति की जांच के लिए Mental Health Review Board (MHRB) को रेफर करना कानून के गलत इस्तेमाल का रास्ता खोल सकता है।

    कोर्ट ने साफ कहा कि अगर ऐसा होने लगा तो welfare legislation को adversarial parties अपने फायदे के लिए “weaponise” करने लगेंगी। इससे कानून का असली मकसद ही खत्म हो जाएगा।

    📜 Section 105 की सही व्याख्या

    कोर्ट ने समझाया कि Section 105 of Mental Healthcare Act 2017 अदालत को यह अधिकार देता है कि अगर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान mental illness का पुख्ता सबूत हो, तभी मामले को Mental Health Review Board के पास भेजा जा सकता है।

    लेकिन जस्टिस दुबाश ने कहा कि इस प्रावधान को पूरे कानून के उद्देश्य के साथ पढ़ना जरूरी है। इसका मकसद है rights protection, न कि किसी विरोधी पक्ष के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने का तरीका।

    कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा:

    “यह कानून मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है, न कि किसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इस्तेमाल होने वाला हथियार।”

    🏠 Property Dispute का पूरा मामला

    यह फैसला एक ongoing property dispute in Mumbai के दौरान आया। बेटे ने अपने पिता की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए एक independent medical board बनाने की मांग की थी।

    बेटे का दावा था कि उसके पिता मुकदमे को समझने और लड़ने में सक्षम नहीं हैं। उसने एक medical certificate भी पेश किया, जिसमें confusion और forgetfulness के एपिसोड का जिक्र था। डॉक्टरों ने इन लक्षणों को diabetes से जुड़ी hypoglycaemia की वजह बताया था।

    🩺 Temporary Symptoms को Mental Illness नहीं माना

    कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया और कहा कि जिन लक्षणों का जिक्र है, वे अस्थायी (temporary) और medically reversible थे। ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण ऐसी स्थिति बन सकती है।

    इसलिए इसे mental illness under Mental Healthcare Act की कानूनी परिभाषा में नहीं रखा जा सकता।

    🚫 Harassment का रास्ता नहीं खुलेगा

    कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा:

    “अगर ऐसी मांगों को मंजूरी दी गई तो बेईमान litigants कानून को harassment के हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे।”

    कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा होने से हर मुकदमे में एक पक्ष दूसरे की mental fitness पर सवाल उठाकर litigation strategy के तहत फायदा उठाने की कोशिश करेगा।

    🔄 Mental Health Law में बदलाव की याद दिलाई

    कोर्ट ने कहा कि 2017 का कानून भारत में mental health law का बड़ा बदलाव है। पहले की व्यवस्था custodial और stigma-driven थी, लेकिन अब यह rights-based framework है, जो dignity, autonomy, treatment और rehabilitation पर फोकस करता है।

    🛡️ “Shield है, Sword नहीं”

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि Section 105 एक “shield” है, जो मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों की सुरक्षा करता है, न कि एक “sword” जो किसी के खिलाफ कोर्ट में चलाया जाए।

    ❌ कोर्ट ने याचिका खारिज की

    अदालत ने पाया कि बेटे की अर्जी पिता के welfare से ज्यादा ongoing litigation में advantage लेने की कोशिश थी।

    साथ ही कोर्ट ने यह भी नोट किया कि इसी तरह की एक अर्जी पहले भी दायर की गई थी, जिसे बिना दोबारा दाखिल करने की अनुमति के वापस ले लिया गया था।

    इसी आधार पर कोर्ट ने अंतरिम आवेदन (interim application) खारिज कर दिया।


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Bombay High Court ने क्या फैसला दिया?

    कोर्ट ने कहा कि Mental Healthcare Act 2017 को property dispute या किसी भी litigation में विरोधी की mental capacity पर सवाल उठाने के हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

    Q2. Section 105 क्या है?

    Section 105 अदालत को यह अधिकार देता है कि यदि मानसिक बीमारी का सबूत हो तो मामले को Mental Health Review Board को भेजा जा सकता है।

    Q3. इस केस में मेडिकल रिपोर्ट में क्या था?

    रिपोर्ट में confusion और भूलने की समस्या बताई गई थी, जो diabetes से जुड़ी hypoglycaemia के कारण अस्थायी रूप से हुई थी।

    Q4. कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?

    कोर्ट को लगा कि यह अर्जी पिता के हित के बजाय litigation advantage पाने के लिए दाखिल की गई थी।

    Q5. Mental Healthcare Act 2017 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

    यह एक rights-based law है, जिसका मकसद mental illness से जूझ रहे लोगों की dignity, autonomy और protection सुनिश्चित करना है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

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    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • Holi Special Trains 2026: मुंबई से UP-बिहार के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट और डेट्स देखें

    Holi Special Trains 2026: मुंबई से UP-बिहार के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट और डेट्स देखें

    Holi Special Trains 2026: होली पर मुंबई से यूपी-बिहार जाने वालों के लिए बड़ी खबर। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर, वाराणसी, रक्सौल, सहरसा और धनबाद के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें। जानें ट्रेन नंबर, तारीख, स्टॉपेज और बुकिंग डिटेल।

    मुंबई: होली 2026 पर यूपी, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ और वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने 30 अतिरिक्त Holi Special Trains चलाने का फैसला किया है। इनमें से 8 स्पेशल ट्रेनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से सुल्तानपुर और वाराणसी के बीच चलेंगी, जबकि 22 ट्रेनें रक्सौल, सहरसा और धनबाद रूट पर पहले से चल रही सेवाओं का विस्तार हैं।

    रेलवे का यह स्पेशल प्लान खासतौर पर पूर्वांचल, बिहार और झारखंड के यात्रियों को राहत देने के लिए तैयार किया गया है।

    मुंबई से सुल्तानपुर के लिए Holi Special Train

    मुंबई से सुल्तानपुर के बीच चार होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं:

    • ट्रेन नंबर 04211 (Holi Special)
      27.02.2026 और 03.03.2026
      दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना
      अगले दिन रात 23:00 बजे सुल्तानपुर पहुंचेगी
    • वापसी ट्रेन नंबर 04212
      26.02.2026 और 02.03.2026
      सुबह 04:00 बजे सुल्तानपुर से प्रस्थान
      अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी

    इन ट्रेनों में 16 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी कोच और 2 जनरेटर वैन लगाए गए हैं।

    मुंबई से वाराणसी के लिए Holi Special Train

    वाराणसी जाने वालों के लिए भी चार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं:

    • ट्रेन नंबर 04225
      26.02.2026 और 02.03.2026
      दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना
      तीसरे दिन सुबह 02:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी
    • वापसी ट्रेन नंबर 04226
      25.02.2026 और 01.03.2026
      सुबह 01:35 बजे वाराणसी से प्रस्थान
      अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी

    वाराणसी वाली ट्रेनों में सुल्तानपुर और जौनपुर सिटी स्टेशन भी शामिल हैं।

    प्रमुख स्टॉपेज की पूरी लिस्ट

    इन Holi Special Trains के प्रमुख ठहराव इस प्रकार हैं:
    ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, चालीसगांव, पचोरा, भुसावल, खंडवा, इटारसी जंक्शन, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ओराई, कानपुर सेंट्रल और लखनऊ।

    मुंबई से रक्सौल (बिहार) के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 05558 (हर गुरुवार)
      12.03.2026 से 02.04.2026 तक विस्तारित
    • वापसी ट्रेन नंबर 05557
      10.03.2026 से 31.03.2026 तक

    कुल 8 स्पेशल सेवाएं
    कोच संरचना:
    1 फर्स्ट कम एसी टू-टियर
    2 एसी टू-टियर
    6 एसी थ्री-टियर
    7 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    मुंबई से सहरसा के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 05586 (हर रविवार)
      08.03.2026 से 29.03.2026 तक
    • वापसी ट्रेन नंबर 05585
      06.03.2026 से 27.03.2026 तक

    कुल 8 स्पेशल सेवाएं
    कोच:
    2 एसी टू-टियर
    6 एसी थ्री-टियर
    2 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी
    6 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    मुंबई से धनबाद के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 03380 (हर गुरुवार)
      12.03.2026 से 26.03.2026 तक
    • वापसी ट्रेन नंबर 03379
      10.03.2026 से 24.03.2026 तक

    कुल 6 स्पेशल सेवाएं
    कोच:
    2 एसी टू-टियर
    2 एसी थ्री-टियर
    6 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी
    6 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    Holi Special Train 2026: बुकिंग कब से शुरू?

    • ट्रेन नंबर 05558, 05586 और 03380 की बुकिंग 20.02.2026 से शुरू
    • एसी स्पेशल ट्रेन नंबर 04211 और 04225 की बुकिंग 22.02.2026 से खुलेगी

    रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर टिकट बुक करें और Holi Special Trains का लाभ उठाएं।


    FAQ – Holi Special Train 2026

    Q1. होली पर मुंबई से यूपी-बिहार के लिए कितनी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं?
    कुल 30 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन सेवाएं।

    Q2. कौन-कौन से प्रमुख रूट शामिल हैं?
    सुल्तानपुर, वाराणसी, रक्सौल, सहरसा और धनबाद।

    Q3. बुकिंग कब से शुरू हुई है?
    20 फरवरी और 22 फरवरी 2026 से अलग-अलग ट्रेनों की बुकिंग शुरू।

    Q4. क्या स्टॉपेज में कोई बदलाव हुआ है?
    नहीं, समय और ठहराव में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    उत्तर प्रदेश के बांदा में 33 मासूम नाबालिगों को बरसों तक यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले पूर्व जूनियर इंजीनियर और उसकी पत्नी को POCSO कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।

    उत्तर प्रदेश: बांदा जिले की एक विशेष पीओसीएसओ अदालत (Protection of Children from Sexual Offences Act) ने 20 फरवरी 2026 को एक ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में दोषी पाए गए पति-पत्नी को मौत तक की सज़ा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

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    राम भवन (50), जो पहले सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, और उनकी पत्नी दुर्गावती (47) को 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के दोष में फांसी की सज़ा दी गई।

    मामला कितना भयानक था?

    अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी सबसे दुर्लभ और घृणास्पद माना, क्योंकि:

    • यह अपराध लगभग 10 साल (2010-2020) तक चला।
    • 33 से अधिक नाबालिग लड़कों को शोषित किया गया।
    • कुछ बच्चों की उम्र केवल 3 साल तक थी।
    • आरोपी जो वीडियो और फ़ोटो बनाते थे, उन्हें डार्क वेब पर बेचते थे, जिनकी पहुँच लगभग 47 देशों तक थी।
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    आरोपी पति पत्नी की तस्वीर

    वे बच्चों को कैसे फँसाते थे?

    जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति बच्चों को लुभाने के लिए ऑनलाइन वीडियो-गेम, पैसे, खिलौने या मिठाई जैसी चीज़ें देते थे। फिर उन्हें अपने किराए के कमरे में ले जाकर यौन शोषण करते और उस दौरान वीडियो-फ़ोटो बनाकर डिजिटल रूप से स्टोर करते थे।

    डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क

    इस भयावह कृत्य के वीडियो और फ़ोटो को डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्मों पर बेचा गया, जिससे यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मामला भी बन गया।

    अदालत का विश्लेषण: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्यों?

    अदालत ने फ़ैसला सुनाते समय कहा कि इस तरह के व्यवस्थित, लंबे समय तक चलने वाले और बच्चों को गहरा मानसिक तथा शारीरिक आघात पहुंचाने वाले अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। इसलिए इसे सबसे दुर्लभ और घृणास्पद मामला माना गया और मृत्युदंड सुनिश्चित किया गया।

    जांच-प्रक्रिया और सबूतों का महत्व

    सीबीआई ने 2020 में इस मामले की गहन जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड-डिस्क और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ मिले, जिनमें बच्चों के शोषण की सामग्री पाई गई। जांच के बाद 2021 में चार्जशीट दायर की गई, और 2023 में आरोप तय हुए।

    पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश

    अदालत ने 33 पीड़ित बच्चों को ₹10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जेल में मिले नकदी हिस्से को बंटवाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाए जा सकें।

    ख़बर का सामाजिक प्रभाव

    इस फ़ैसले को बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके दर्द के निशान जीवन भर नहीं मिटेंगे।


    FAQ

    Q1: इस मामले में कितने बच्चों का यौन शोषण हुआ?
    A1: लगभग 33 नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया, जिनमें कुछ बच्चे केवल 3 साल के थे।

    Q2: अदालत ने दंपति को किस वजह से मौत की सज़ा दी?
    A2: अदालत ने अपराध की गंभीरता, लंबे दौर, मानसिक-शारीरिक पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामग्री बेचने को देखते हुए इसे सबसे दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई।

    Q3: क्या पीड़ितों को मुआवज़ा मिलेगा?
    A3: हाँ, हर पीड़ित को ₹10-10 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।

    Q4: मामला कब से चल रहा था?
    A4: यह कृत्य 2010 से 2020 तक लगभग 10 साल तक चलता रहा।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

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    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।