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    Disha Salian Case: Bombay HC ने Mumbai Police को लगाई फटकार, 5 साल बाद भी Final Report नहीं!

    Disha Salian Death Case में Bombay High Court ने Mumbai Police को देरी पर फटकार लगाई। जानें पूरा मामला, SIT जांच, CBI रिपोर्ट और लेटेस्ट अपडेट।

    मुंबई: 2020 के हाई-प्रोफाइल Disha Salian Death Case लगभग 5 साल बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। Bombay High Court ने 23 मार्च को सुनवाई के दौरान Mumbai Police को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “Final Report में देरी के लिए कोई भी वजह सही नहीं ठहराई जा सकती।”

    ⚖️ Court Strict: “Delay बिल्कुल भी Acceptable नहीं”

    चीफ जस्टिस Shree Chandrashekhar और जस्टिस Suman Shyam की बेंच ने साफ कहा कि जब preliminary report तैयार है, तो उसे magistrate के सामने पेश क्यों नहीं किया गया?

    कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई नया evidence आता है, तो उस पर आधारित रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर फाइल करनी होगी

    👨‍👧 Family Angle: पिता ने उठाए सवाल

    दिशा सालियान के पिता Satish Salian ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस में कथित cover-up और बड़े लोगों की भूमिका का आरोप लगाया है।

    उन्होंने pendrive के जरिए कुछ नए सबूत भी दिए हैं, जिनकी जांच अभी चल रही है।

    👮 Police का जवाब: “Investigation अभी पूरा नहीं”

    सरकार की तरफ से पेश हुईं APP Mankuwar Deshmukh ने कोर्ट को बताया कि preliminary report तैयार है, लेकिन investigation अभी complete नहीं हुआ क्योंकि family की तरफ से नया evidence आया है।

    🏢 Case Background: Malad की घटना से शुरू हुआ मामला

    8 जून 2020 को Disha Salian की मौत Regent Galaxy Building की 12वीं मंजिल से गिरने से हुई थी।

    Malvani Police Station ने उस समय FIR के बजाय ADR (Accidental Death Report) दर्ज की थी, जिससे जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई।

    🧾 ADR vs FIR: जांच पर क्या असर पड़ा?

    ADR दर्ज होने का मतलब था कि केस को सीधे criminal investigation की तरह नहीं लिया गया।

    इससे forensic जांच, arrests और charge sheet जैसे प्रोसेस में देरी हुई और कई अहम पहलुओं की जांच शुरुआती दौर में नहीं हो सकी।

    🔍 Confusion & Theories: Suicide या Murder?

    जहां पुलिस ने इसे suicide बताया, वहीं सोशल मीडिया, कुछ political leaders और public ने murder और conspiracy के एंगल उठाए।

    इसी वजह से केस लगातार controversy में बना रहा।

    🕵️ SIT Probe: जांच बढ़ी, लेकिन speed नहीं

    दिसंबर 2023 में Special Investigation Team (SIT) बनाई गई ताकि केस की फिर से जांच हो सके।

    लेकिन अब तक SIT भी final report पेश नहीं कर पाई है।

    🏛️ Court Hearings और Delay

    पिछले कुछ सालों में इस केस पर कई petitions दायर हुईं—CBI जांच की मांग, FIR दर्ज करने की मांग और documents access की मांग।

    नवंबर 2025 में भी हाई कोर्ट ने delay पर सवाल उठाए थे।

    🧠 CBI Report: Suicide, No Link to SSR Case

    CBI ने अपनी closure report में इसे suicide बताया और Sushant Singh Rajput केस से कोई संबंध नहीं पाया।

    फिर भी परिवार इस रिपोर्ट से सहमत नहीं है।

    Political Pressure & Late Allegations

    इस केस में political angle भी जुड़ा रहा है।

    परिवार ने rape और murder जैसे गंभीर आरोप काफी देर बाद लगाए, जिससे पुराने evidence और witnesses की फिर से जांच करनी पड़ी—और delay बढ़ गया।

    📊 Current Status: 5 साल बाद भी No Closure

    • Mumbai Police और SIT दोनों जांच कर रहे हैं
    • Court लगातार monitoring कर रहा है
    • Family अब भी justice की मांग पर अड़ी है

    लेकिन 5 साल बाद भी केस में final closure नहीं आया है।

    🔗 सरकारी और ऑफिशियल लिंक


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Disha Salian Case क्या है?
    यह 2020 में मुंबई में हुई एक संदिग्ध मौत का मामला है, जिसमें अब तक suicide और murder दोनों एंगल पर बहस जारी है।

    Q2. Bombay High Court ने क्या कहा?
    कोर्ट ने Mumbai Police को delay के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि “कोई भी वजह देरी को justify नहीं करती।”

    Q3. क्या CBI ने केस बंद कर दिया है?
    CBI ने closure report में इसे suicide बताया, लेकिन family इससे सहमत नहीं है।

    Q4. SIT जांच कब शुरू हुई?
    दिसंबर 2023 में SIT बनाई गई थी, लेकिन अभी तक final report नहीं आई।

    Q5. अभी केस की स्थिति क्या है?
    Case ongoing है, कोर्ट monitoring कर रहा है, लेकिन final conclusion अभी बाकी है।

  • नाशिक ‘गॉडमैन’ कांड: Ashok Kharat गिरफ्तार, 58 अश्लील वीडियो से खुला राज; Rupali Chakankar का इस्तीफा, महाराष्ट्र में सियासी तूफान

    नाशिक ‘गॉडमैन’ कांड: Ashok Kharat गिरफ्तार, 58 अश्लील वीडियो से खुला राज; Rupali Chakankar का इस्तीफा, महाराष्ट्र में सियासी तूफान

    नाशिक से सामने आया मामला, जिसने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया। Ashok Kharat Nashik case latest update 2026, Rupali Chakankar resignation reason, obscene video scandal Maharashtra, Nashik godman arrest, SIT probe Maharashtra.

    मुंबई: महाराष्ट्र के नाशिक से सामने आया Ashok Kharat केस अब “Maharashtra Epstein Files” के नाम से चर्चा में है। इस केस में महिलाओं के साथ रेप, ब्लैकमेल, अश्लील वीडियो रिकॉर्डिंग और अंधश्रद्धा के नाम पर शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच Rupali Chakankar का नाम सामने आने के बाद मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।

    🧩 कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? (Why & How it started)

    मामले की शुरुआत एक महिला की शिकायत से हुई, जिसने आरोप लगाया कि Ashok Kharat ने “धार्मिक अनुष्ठान” और “भविष्य सुधारने” के नाम पर उसका विश्वास जीता।

    • आरोपी खुद को ज्योतिषी और “दैवी शक्ति वाला व्यक्ति” बताता था
    • महिलाओं को “समस्या समाधान” के नाम पर बुलाता था
    • खाने-पीने में नशीला पदार्थ मिलाकर उनका शोषण करता था

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कई सालों तक इसी तरीके से महिलाओं को फंसाया।

    📅 टाइमलाइन: कब क्या हुआ? (Timeline of Events)

    • 2020–2025: कई महिलाओं का कथित शोषण, शिकायतें सामने नहीं आईं
    • 2025 (दिसंबर): पहली बार ब्लैकमेल और फोटो वायरल का मामला दर्ज
    • 12 मार्च 2026: शिर्डी कनेक्शन से केस खुलना शुरू
    • 17 मार्च 2026: नाशिक क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार किया
    • 18 मार्च 2026: SIT जांच गठित
    • 20 मार्च 2026: मामला मीडिया में बड़ा बना
    • 21–23 मार्च 2026: नई FIR और पीड़ित सामने आए

    🚔 गिरफ्तारी और पुलिस जांच (Arrest & Evidence)

    नाशिक पुलिस और क्राइम ब्रांच ने Ashok Kharat को गिरफ्तार किया। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए:

    • पेन ड्राइव से 58 अश्लील वीडियो क्लिप बरामद ([The Economic Times][3])
    • कई महिलाओं के साथ रेप और ब्लैकमेल के आरोप
    • IT डिवाइस, DVR और दस्तावेज जब्त
    • कई जिलों (नाशिक, शिर्डी, वावी) में केस दर्ज

    SIT अब पूरे नेटवर्क और संभावित “हाई प्रोफाइल लिंक” की जांच कर रही है।

    ⚠️ पीड़ित महिलाओं के गंभीर आरोप (Victims Allegations)

    ताजा FIR में बेहद चौंकाने वाले आरोप सामने आए:

    • महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर रेप
    • अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल
    • गर्भवती महिला के साथ भी दुष्कर्म
    • जबरन गर्भपात करवाने के आरोप

    कई पीड़ितों ने कहा कि आरोपी ने “आध्यात्मिक डर” और “श्राप” का हवाला देकर उन्हें चुप कराया।

    🧠 कौन है Ashok Kharat? (Background)

    • पूर्व Merchant Navy अधिकारी
    • बाद में ज्योतिषी और “Numerologist” बना
    • खुद को “भगवान का अवतार” बताता था
    • 15 भाषाओं का ज्ञान और करोड़ों की संपत्ति

    जांच में सामने आया कि उसने करीब 200 करोड़ की संपत्ति बनाई और बड़े नेताओं तक पहुंच बनाई।

    🏛️ Rupali Chakankar पर क्यों उठे सवाल?

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    जैसे ही Ashok Kharat का मामला सामने आया, वैसे ही Rupali Chakankar विवादों में घिर गईं।

    आरोप:

    • आरोपी के साथ फोटो और संबंध सामने आए
    • ट्रस्ट और कार्यक्रमों में मौजूदगी पर सवाल
    • महिला आयोग की भूमिका पर सवाल

    विपक्ष ने पूछा — “जब महिलाओं का शोषण हो रहा था, तब आयोग क्या कर रहा था?”

    📢 इस्तीफा और राजनीतिक भूचाल

    बढ़ते दबाव के बाद Rupali Chakankar ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    इसके बाद:

    • विपक्ष ने इसे “सरकार की नाकामी” बताया
    • NCP के अंदर भी नाराजगी बढ़ी
    • उन्हें पार्टी पद से हटाने की भी चर्चा

    🔥 राजनीतिक विवाद: ‘Maharashtra Epstein Files’

    इस केस को विपक्ष ने “Maharashtra Epstein Case” बताया क्योंकि:

    • कई महिलाओं का शोषण
    • वीडियो रिकॉर्डिंग
    • हाई-प्रोफाइल कनेक्शन

    इसने पूरे राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया।

    🔍 सरकारी कार्रवाई और SIT जांच

    सरकार ने केस की गंभीरता देखते हुए:

    • SIT टीम गठित की
    • साइबर फॉरेंसिक जांच शुरू
    • आरोपी की संपत्ति और नेटवर्क की जांच

    📌 ऑफिशियल लिंक:

    ⚠️ जनता के लिए चेतावनी

    • “धार्मिक या ज्योतिष के नाम पर किसी पर भरोसा न करें”
    • “निजी जानकारी और फोटो शेयर न करें”
    • “ब्लैकमेल होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें”

    🧠 विश्लेषण: क्यों बड़ा बन गया यह केस?

    यह मामला सिर्फ एक क्राइम नहीं बल्कि:

    • अंधश्रद्धा vs कानून
    • महिला सुरक्षा vs सिस्टम
    • राजनीति vs जवाबदेही

    इन तीनों के टकराव का बड़ा उदाहरण बन गया है।


    FAQ

    Q1. Ashok Kharat कौन है?
    ➡️ नाशिक का स्वयंभू ज्योतिषी जिस पर रेप और ब्लैकमेल के आरोप हैं।

    Q2. कितने वीडियो मिले?
    ➡️ पुलिस को 58 अश्लील वीडियो मिले हैं।

    Q3. Rupali Chakankar ने इस्तीफा क्यों दिया?
    ➡️ आरोपी से कथित संबंध और राजनीतिक दबाव के कारण।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आए हैं?
    ➡️ हां, लगातार नई FIR दर्ज हो रही हैं।

    Q5. क्या केस अभी जारी है?
    ➡️ हां, SIT जांच जारी है और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Mumbai के Kandivali East में कचरे का अंबार, road block और traffic chaos। BMC की लापरवाही से लोगों को बदबू, गंदगी और accident risk का सामना।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट (Kandivali East) में इन दिनों garbage crisis ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लोखंडवाला (Lokhandwala) इलाके के क्रांति नगर रिक्शा स्टैंड के पास 60 फीट चौड़ी सड़क पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे पूरा रास्ता लगभग बंद हो गया है। इस वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को मजबूरी में रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है।

    60 फीट सड़क पर कचरे का कब्जा

    यह सड़क दुर्गा नगर (Durga Nagar) और कुरार (Kurar) को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां रोजाना कचरे का अंबार लगा रहता है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे के ढेर इतने बड़े हैं कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी, बढ़ा हादसों का खतरा

    कचरे की वजह से वाहन चालकों को रॉन्ग साइड से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे accident risk काफी बढ़ गया है।

    लोगों का कहना है कि रोजाना यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    सीवर लाइन की खुदाई से और बिगड़ी स्थिति

    स्थिति और ज्यादा खराब इसलिए हो गई है क्योंकि इसी सड़क पर sewer line के काम के नाम पर खुदाई भी की गई है।

    इससे सड़क और संकरी हो गई है और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है।

    बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों की मुश्किलें

    सबसे खराब हालात बस स्टॉप के पास देखने को मिलते हैं, जहां लोगों को कचरे के ढेर के बीच खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

    • लंबी कतारों में लोग खड़े रहते हैं
    • बदबू और गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ता है
    • health risk भी बढ़ गया है

    यह स्थिति BMC की लापरवाही को साफ दिखाती है।

    रोजाना जमा हो रहा कचरा, कोई सुनवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।

    इसके बावजूद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थानीय नगरसेविका का बयान

    स्थानीय नगरसेविका नीलम गुरौव ने कहा:

    “यह कचरा ‘पी नॉर्थ’ यानी क्रांति नगर स्लम का है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। मेरा मानना है कि कचरा कहीं का भी हो, पूरा इलाका साफ रहना चाहिए और इसमें BMC को मदद करनी चाहिए।”

    रिक्शा चालक ने उठाए सवाल

    एक स्थानीय रिक्शा चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा:

    “BMC को कचरा पेटी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। जब घर-घर से कचरा उठाया जाता है, तो इतना कचरा सड़क पर कैसे आ जाता है? BMC का काम संदिग्ध लग रहा है।”

    जनता की मांग: तुरंत समाधान चाहिए

    Residents की मांग है कि:

    • कचरा तुरंत हटाया जाए
    • कचरा पेटी को relocate किया जाए
    • सड़क की मरम्मत और सफाई की जाए
    • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. Kandivali में garbage problem क्यों बढ़ रही है?
    कचरे का सही disposal न होना और BMC की लापरवाही इसकी मुख्य वजह है।

    Q2. क्या इससे accident risk बढ़ रहा है?
    हाँ, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप BMC के official portal पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q4. क्या इसका जल्दी समाधान होगा?
    अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों का दबाव बढ़ रहा है।

  • LPG Crisis: मुंबई में लंबी लाइनें, मलाड में कालाबाजारी का भंडाफोड़, देशभर में Cylinder Theft से हड़कंप

    LPG Crisis: मुंबई में लंबी लाइनें, मलाड में कालाबाजारी का भंडाफोड़, देशभर में Cylinder Theft से हड़कंप

    Mumbai में LPG shortage से Kandivali में लंबी कतारें, Malad में गैस सिलेंडर black marketing का खुलासा, Bengaluru में cylinder theft CCTV में कैद और Jhansi में 500+ सिलेंडर बरामद।

    मुंबई: देशभर में चल रहे LPG crisis का असर अब मुंबई की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। कांदिवली (Kandivali) के चर्कोप इलाके में लोग गैस सिलेंडर refill के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं, वहीं मलाड (Malad) में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा हुआ है। इसी बीच बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी की घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं और झांसी (Jhansi) में 500 से ज्यादा सिलेंडर बरामद किए गए हैं।

    Kandivali में LPG के लिए लंबी कतारें

    मुंबई के चर्कोप (Charkop) इलाके में residents खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए।

    West Asia conflict की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे LPG shortage बढ़ गया है। इसका सीधा असर आम जनता और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है।

    Malad में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़

    मुंबई के मलाड (Malad) इलाके में गैस की कमी का फायदा उठाकर एक गैंग द्वारा cylinder black marketing करने का मामला सामने आया है।

    मलाड पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत छापा मारकर कार्रवाई की गई, जिसमें 13 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 12 घरेलू और commercial गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। यह गैंग सिलेंडरों को दोगुनी कीमत पर बेच रहा था।

    छोटे दुकानदारों और स्टॉल पर सबसे ज्यादा असर

    LPG shortage का सबसे ज्यादा असर छोटे दुकानदारों पर पड़ा है।

    • वड़ा पाव और चाय के स्टॉल बंद होने लगे हैं
    • कई खाने-पीने की दुकानों पर ताले लग गए हैं
    • कुछ होटल मालिकों ने भी अस्थायी रूप से काम बंद कर दिया है

    मुंबई में रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है।

    गैस बुकिंग के नए नियम से बढ़ी टेंशन

    गैस वितरण के नियमों में भी बदलाव किया गया है:

    • शहरी इलाकों में 25 दिन में सिलेंडर
    • ग्रामीण इलाकों में 45 दिन में सिलेंडर

    इन नियमों से लोगों में panic buying बढ़ी है, जिससे shortage और गहरा गया।

    Bengaluru में Cylinder Theft CCTV में कैद

    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में cylinder चोरी के दो मामले सामने आए हैं।

    • कल्याण नगर (Kalyan Nagar) में एक व्यक्ति बाइक पर आकर सिलेंडर चुरा ले गया
    • चन्नपटना (Channapatna) में दो लोग स्कूटर पर सिलेंडर उठाकर फरार हो गए


    इन घटनाओं का CCTV वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस ने जारी किया अलर्ट

    बेंगलुरु पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

    • सिलेंडर घर के अंदर रखें
    • बाहर unattended न छोड़ें
    • संदिग्ध गतिविधि तुरंत रिपोर्ट करें

    Jhansi में 500+ Cylinder बरामद

    उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 से ज्यादा LPG cylinders बरामद किए हैं।

    7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें जावेद और रितिक इस चोरी के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।

    ₹11.10 लाख cash और ₹83,820 अतिरिक्त रकम भी जब्त की गई है।

    कैसे हुआ इतना बड़ा गैस घोटाला

    2 मार्च को 524 सिलेंडरों से भरा ट्रक Bharat Petroleum (BPCL) डिपो से गायब हो गया था।

    बाद में ट्रक बरागांव इलाके में मिला, जिसमें GPS system भी damage किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जल्दी पैसा कमाने के लिए इस चोरी को अंजाम दिया।

    LPG Crisis के पीछे बड़ी वजह

    Experts के मुताबिक LPG shortage के पीछे मुख्य कारण हैं:

    • West Asia conflict
    • Supply chain disruption
    • Transport issues

    इसका असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है।

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. LPG shortage क्यों हो रहा है?
    West Asia conflict और supply chain issues इसकी मुख्य वजह हैं।

    Q2. Malad में क्या हुआ?
    गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    Q3. Cylinder चोरी से कैसे बचें?
    सिलेंडर घर के अंदर रखें और CCTV निगरानी रखें।

    Q4. क्या गैस जल्दी मिल सकती है?
    नए नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है।

  • कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    Mumbai के Kandivali स्थित Pawar Public School पर RTE छात्रों के parents से books और uniform fees लेने का आरोप। MLA Yogesh Sagar ने विधानसभा में उठाया मामला, free education नियमों का उल्लंघन बताया।

    मुंबई: कांदिवली (Kandivali) के नामी Pawar Public School एक बार फिर विवादों में घिर गया है। Right to Education (RTE) के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों के parents से books, notebooks और school uniform के लिए पैसे मांगे जाने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर चारकोप के MLA योगेश सागर ने महाराष्ट्र विधानसभा में गंभीर सवाल उठाया है और इसे RTE कानून का खुला उल्लंघन बताया है।

    RTE नियमों का उल्लंघन होने का आरोप

    MLA योगेश सागर ने कहा कि भारत के संविधान के तहत शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। RTE Act के मुताबिक, private schools में 25% सीटें economically weaker section (EWS) के बच्चों के लिए reserved होती हैं। इन छात्रों की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है।

    इसके बावजूद Pawar Public School द्वारा parents से पैसे मांगना सीधा कानून का उल्लंघन है। उन्होंने साफ कहा कि RTE students से किसी भी प्रकार की fee लेना illegal है।

    Parents पर दबाव बनाने के आरोप

    इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल प्रशासन parents को individually बुलाकर उन पर पैसे जमा करने का दबाव बना रहा है।

    Parents का कहना है कि उन्हें कोई written notice नहीं दिया गया, बल्कि principal के cabin में बुलाकर books और uniform के नाम पर पैसे भरने के लिए कहा जा रहा है।

    कई parents ने शिकायत की है कि अगर पैसे नहीं दिए तो बच्चों को indirect तरीके से परेशान किया जा सकता है।

    क्या कहता है RTE Act?

    RTE Act और महाराष्ट्र सरकार के guidelines के अनुसार:

    • RTE छात्रों को free education देना अनिवार्य है
    • इसमें books, notebooks, uniform और study material शामिल हैं
    • स्कूल किसी भी तरह का hidden charges या extra fee नहीं ले सकता

    👉 अधिक जानकारी के लिए सरकारी लिंक:

    स्कूल की छवि पर असर

    Pawar Public School कांदिवली और बोरीवली इलाके की reputed schools में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से स्कूल की image पर भी असर पड़ सकता है।

    Parents का कहना है कि “नाम बड़ी चीज है, लेकिन अगर गरीब बच्चों से ही पैसे लिए जाएंगे तो RTE का मकसद ही खत्म हो जाएगा।”

    विधानसभा में उठा मुद्दा

    MLA योगेश सागर ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि:

    • इस मामले की जांच हो
    • दोषी स्कूल प्रशासन पर action लिया जाए
    • RTE students के rights को protect किया जाए

    शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल

    इस पूरे मामले के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि education department इस तरह की शिकायतों पर timely action क्यों नहीं लेता।

    अगर parents बार-बार शिकायत कर रहे हैं, तो monitoring system को और मजबूत करने की जरूरत है।

    Parents की बढ़ती चिंता

    मुंबई जैसे महंगे शहर में गरीब और middle-class families के लिए बच्चों की पढ़ाई पहले ही चुनौती है। ऐसे में RTE ही उनके लिए उम्मीद की किरण होती है।

    लेकिन अगर उसी में irregularities हों, तो parents के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।


    FAQ Section

    Q1. क्या RTE छात्रों से स्कूल फीस ली जा सकती है?
    नहीं, RTE Act के तहत किसी भी प्रकार की फीस लेना illegal है।

    Q2. RTE में क्या-क्या free मिलता है?
    Books, notebooks, uniform और basic study material।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप महाराष्ट्र RTE पोर्टल या स्थानीय शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    Q4. क्या स्कूल action का सामना कर सकता है?
    हाँ, अगर आरोप सही पाए गए तो स्कूल पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Vacancy 2026: Baba Farid University of Health Sciences, Faridkot ने 672 Staff Nurse पदों पर भर्ती निकाली है। सैलरी ₹29,200 से ₹92,300 तक। जानिए eligibility, age limit, selection process और apply online link।

    नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे Nursing Diploma (GNM) धारकों के लिए बड़ी खबर है। Baba Farid University of Health Sciences (BFUHS), Faridkot ने Department of Health and Family Welfare, Punjab के तहत Staff Nurse के 672 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

    इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 के मुख्य Highlights

    यह भर्ती Punjab Government Health Department के लिए की जा रही है, जिसके तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्स की नियुक्ति होगी।

    • Post Name: Staff Nurse
    • Total Vacancies: 672
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300
    • Job Location: Government Hospitals in Punjab
    • Application Mode: Online
    • Last Date: 2 April 2026

    Category-wise Vacancy Details

    BFUHS द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 672 पद अलग-अलग श्रेणियों में बांटे गए हैं।

    CategoryMaleVacancies
    General (UR)113187
    OBC5674
    SC (Mazbi & Balmiki)2441
    SC (Ravidasia & Others)1327
    BC2441
    EWS2767
    ESM / LDESM2754
    Sports Quota1117
    Freedom Fighter47
    PwBD1627

    Total Vacancies:
    351 (Male) + 321 (Female) = 672 Posts

    BFUHS Staff Nurse 2026 के लिए Eligibility Criteria

    इस सरकारी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ जरूरी योग्यता पूरी करनी होगी।

    Educational Qualification

    • उम्मीदवार Senior Secondary (10+2) पास होना चाहिए
    • Diploma in General Nursing and Midwifery (GNM) मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए
    • Punjab Nursing Registration Council में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी
    • Punjabi language proficiency जरूरी है

    उम्मीदवारों को या तो Matriculation में Punjabi subject पास होना चाहिए या भर्ती परीक्षा के साथ होने वाले Punjabi qualifying test में कम से कम 50% अंक लाने होंगे

    Age Limit (1 January 2026 के अनुसार)

    • Minimum Age: 18 Years
    • Maximum Age: 37 Years

    Age Relaxation

    • SC / BC: 5 साल
    • PwBD: 10 साल
    • Punjab Govt Employees: 45 साल तक
    • Widows / Divorcees: 40 साल तक

    BFUHS Staff Nurse Salary 2026

    BFUHS में Staff Nurse पद की सैलरी Punjab Health and Family Welfare Technical (Group C) Service Rules 2025 के तहत दी जाएगी।

    • Basic Pay: ₹29,200 प्रति माह
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300

    Allowances

    • Dearness Allowance (DA)
    • House Rent Allowance (HRA)
    • Transport Allowance (TA)

    इन सभी को मिलाकर In-hand salary लगभग ₹38,000 से ₹48,000 प्रति माह तक हो सकती है।

    अन्य Benefits

    • NPS (National Pension System)
    • Medical reimbursement
    • Leave encashment
    • Punjab Govt employee benefits

    Selection Process और Exam Pattern

    BFUHS Staff Nurse भर्ती में चयन written test और experience marks के आधार पर होगा।

    Stage 1: Written Exam (90 Marks)

    • लिखित परीक्षा BFUHS Faridkot द्वारा आयोजित होगी
    • उम्मीदवारों को कम से कम 33% अंक लाने होंगे

    Stage 2: Punjabi Qualifying Test

    • Matric level Punjabi test अनिवार्य होगा
    • कम से कम 50% अंक जरूरी

    Stage 3: Experience Marks (10 Marks)

    • संबंधित काम के अनुभव के लिए अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे

    Stage 4: Document Verification

    • Original documents verification
    • Police verification
    • Medical fitness test

    Application Fees

    CategoryFee
    General / OBC / BC / EWS / PwBD₹2,360
    SC₹1,180

    Payment Mode: Online

    Important Dates

    EventDate
    Notification Release13 March 2026
    Online Application Start13 March 2026
    Last Date to Apply2 April 2026

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 Apply Online

    आवेदन करने से पहले ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें:

    • 10+2 Certificate
    • GNM Diploma
    • Punjab Nursing Registration Certificate
    • Category Certificate (अगर लागू हो)
    • Passport size photo
    • Signature scan

    Apply करने के Steps

    1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    2. Recruitment Section में Staff Nurse Recruitment 2026 पर क्लिक करें
    3. Email ID और मोबाइल नंबर से Registration करें
    4. Personal details और qualification भरें
    5. Photo और signature upload करें
    6. Application fee online pay करें
    7. Form submit कर confirmation slip download करें

    Online Apply Link


    FAQ

    Q1: BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 में कितनी vacancies हैं?

    इस भर्ती में कुल 672 Staff Nurse पद हैं।

    Q2: BFUHS Staff Nurse की सैलरी कितनी है?

    Basic salary ₹29,200 से ₹92,300 के बीच है।

    Q3: आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

    2 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q4: चयन प्रक्रिया क्या है?

    Selection written exam (90 marks) + experience marks (10 marks) के आधार पर होगा।

    Q5: क्या Punjabi language जरूरी है?

    हाँ, Punjabi language qualifying test में कम से कम 50% अंक जरूरी हैं

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    Kandivali East Lokhandwala Township में BMC ने abandoned vehicles यानी ‘खटारे’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। 48 घंटे का notice देने के बाद luxury bus, motorcycles और autorickshaw हटाए गए। Pay-and-Park सिस्टम लाने की भी तैयारी।

    मुंबई: Kandivali East Lokhandwala Township में illegal hawkers पर बड़ी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने सड़कों पर महीनों से खड़े abandoned vehicles यानी स्थानीय भाषा में कहे जाने वाले ‘khataras’ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

    बुधवार को R-South ward की टीम ने traffic police के साथ मिलकर कई ऐसे वाहनों को हटाया जो लंबे समय से सड़क किनारे पड़े थे और residents के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice चिपकाया गया था, लेकिन मालिकों के सामने न आने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया।

    🚧 48 घंटे का नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई

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    R-South ward के assistant engineer (maintenance) Hemant Pant ने बताया कि मुंबई में abandoned vehicles हटाने के लिए BMC ने तीन अलग-अलग contractors नियुक्त किए हैं —

    • एक Mumbai city के लिए
    • एक Eastern suburbs के लिए
    • और एक Western suburbs के लिए

    Pant के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद उन पर 48-hour warning notice लगाया गया था।

    उन्होंने कहा,
    “अगर 48 घंटे में वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो BMC उन्हें seize कर लेती है। Lokhandwala Township में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। किसी ने वाहन claim नहीं किया, इसलिए उन्हें सड़क से हटा दिया गया।”

    🔧 जब्त वाहनों को किया जाएगा dismantle

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इन वाहनों को आगे dismantle किया जाएगा।

    उनके spare parts को बेचकर इस ऑपरेशन में आने वाला खर्च recover किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुंबई में abandoned vehicles हटाने के standard civic rules के तहत की जाती है।

    🚌 पहले चरण में luxury bus समेत कई वाहन हटाए गए

    स्थानीय corporator Neelam Gurav ने बताया कि बुधवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    इसमें शामिल थे:

    • 1 Luxury Bus
    • 6 से 7 Motorcycles
    • 1 Autorickshaw

    उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में heavy vehicles पर भी कार्रवाई होगी जो सड़क पर जगह घेरकर nuisance पैदा कर रहे हैं।

    ⚠️ abandoned bus बन गया था असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

    Neelam Gurav ने बताया कि Lokhandwala में खड़ी एक बड़ी बस लंबे समय से abandoned थी।

    उन्होंने कहा,
    “उस बस का इस्तेमाल कुछ anti-social elements पेशाब करने और गंदगी फैलाने के लिए कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को बहुत बदबू और परेशानी हो रही थी। ऐसे abandoned vehicles इलाके की safety के लिए भी खतरा बन जाते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों के हटने के बाद अब BMC sweepers को सड़क साफ करने में भी आसानी होगी।

    🧹 Residents ने कहा – अब सड़कें होंगी साफ और सुरक्षित

    Lokhandwala Township के निवासी Manish Bhatnagar ने बताया कि उनके building के पीछे वाली सड़क अक्सर abandoned vehicles की वजह से blocked रहती थी।

    उन्होंने कहा,
    “सुबह walk करते समय कई बार सड़क पर शराब की बोतलें, needles और यहां तक कि condoms भी पड़े दिखते थे। यह जगह धीरे-धीरे unsafe बन रही थी। अच्छा है कि अब BMC ने कार्रवाई शुरू कर दी है।”


    ⚡ Hawkers drive के बाद अब vehicles पर BMC की कार्रवाई

    गौरतलब है कि हाल ही में Lokhandwala Township में illegal hawkers और shop extensions के खिलाफ बड़ा anti-encroachment drive चलाया गया था।

    उस दौरान कुछ hawkers ने civic team पर हमला भी कर दिया था और उनके equipment को नुकसान पहुंचाया था।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को अदालत ने 20 मार्च तक judicial custody में भेज दिया है।

    🚗 Street Parking बनी बड़ी समस्या

    Samata Nagar traffic division के Senior Police Inspector Jagdish Bhopale ने बताया कि Kandivali East में abandoned vehicles हटाना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा कि इलाके में street parking बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है।

    “कई residents के पास एक से ज्यादा cars हैं, लेकिन society parking में जगह नहीं होने के कारण वे उन्हें सड़क पर पार्क कर देते हैं।”

    💰 Kandivali East में Pay-and-Park योजना की तैयारी

    Traffic police अब Pay-and-Park system लागू करने की सिफारिश कर रही है।

    यह योजना इन इलाकों में लागू हो सकती है:

    • Lokhandwala Township
    • Thakur Complex
    • Thakur Village
    • Ashok Nagar

    अधिकारियों के मुताबिक, इससे

    • सड़क पर parking व्यवस्थित होगी
    • traffic congestion कम होगा
    • और सरकार को revenue generation में भी मदद मिलेगी।

    📌 FAQ

    1. BMC ने Kandivali East में क्या कार्रवाई शुरू की है?

    BMC ने Lokhandwala Township में abandoned vehicles (khataras) हटाने का अभियान शुरू किया है।

    2. वाहन हटाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?

    वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice लगाया जाता है। अगर मालिक नहीं आते तो वाहन जब्त कर लिए जाते हैं।

    3. जब्त किए गए वाहनों का क्या होता है?

    उन्हें dismantle करके उनके spare parts बेच दिए जाते हैं।

    4. पहले चरण में कितने वाहन हटाए गए?

    पहले चरण में 1 luxury bus, 6-7 motorcycles और 1 autorickshaw हटाए गए।

    5. Kandivali East में parking समस्या का समाधान क्या हो सकता है?

    Traffic police ने Pay-and-Park system लागू करने का सुझाव दिया है।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।