पूजा से पहले 100 से ज्यादा महिलाओं की जमा पूंजी फंसने का आरोप है। ज्यादा ब्याज का भरोसा देकर पैसे जमा कराने वाली महिला के लापता होने की शिकायत पुलिस से की गई।
पश्चिम बंगाल: पूजा का त्योहार करीब है, लेकिन 100 से ज्यादा महिलाओं के सामने अपनी वर्षों की जमा पूंजी को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। आरोप है कि अधिक ब्याज देने का भरोसा देकर मासिक फंड के नाम पर महिलाओं से लाखों रुपये जमा कराए गए, लेकिन रकम वापस मांगने पर भुगतान नहीं किया गया। जिस महिला पर पैसे जमा कराने का आरोप है, उसके कथित तौर पर लापता होने के बाद पीड़ित महिलाएं पुलिस के पास पहुंचीं।
ज्यादा ब्याज का भरोसा देकर जमा कराए पैसे
मामला पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले का बताया जा रहा है। महिलाओं का आरोप है कि चंपा बाउरी नाम की महिला पिछले कई वर्षों से मासिक फंड के जरिए उनसे पैसे जमा करवा रही थी। उन्हें जमा रकम पर अधिक ब्याज के साथ पैसा वापस करने का भरोसा दिया गया था।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, 100 से अधिक महिलाएं इस फंड में नियमित रूप से पैसे जमा करती थीं। महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई और वर्षों की बचत इस व्यवस्था में लगाई थी।
रकम वापस मांगने पर बढ़ी परेशानी
कुछ समय पहले जब महिलाओं ने अपनी जमा रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित तौर पर परेशानी बढ़ गई। महिलाओं ने चंपा बाउरी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि इसके बाद वह उपलब्ध नहीं हुई।
महिलाओं ने उसके परिवार से भी संपर्क कर उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि वे उसके पति और मां के घर भी पहुंचीं, लेकिन वहां से भी चंपा के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
100 से ज्यादा महिलाएं थाने पहुंचीं
इसके बाद शनिवार रात बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर कोकओवन थाने पहुंचीं। महिलाओं ने चंपा बाउरी के खिलाफ लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और उनकी जमा रकम वापस दिलाने की मांग की।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने कई वर्षों तक नियमित रूप से पैसे जमा किए थे और अब रकम वापस नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
पूजा से पहले पैसों की चिंता
त्योहार नजदीक होने के कारण महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि पूजा के समय घरेलू जरूरतों और अन्य खर्चों के लिए उन्हें अपनी बचत की जरूरत है, लेकिन जमा रकम वापस नहीं मिलने से परिवारों के सामने मुश्किल पैदा हो गई है।
फिलहाल शिकायत के आधार पर पुलिस से पूरे मामले की जांच और जमा रकम से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की मांग की गई है। मामले में आरोपों की वास्तविकता, कुल जमा राशि और कितनी महिलाओं की रकम प्रभावित हुई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
