Mumbai University Certificate Mistake : मुम्बई यूनिवर्सिटी ने इतनी बड़ी गलती कर दी है कि अब लाखों छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। मुम्बई यूनिवर्सिटी ने 2023-24 बैच के ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पर अपने नाम की स्पेलिंग ही गलत छाप दी है। छात्रों को सही सर्टिफिकेट मिलने में देरी होगी। यूनिवर्सिटी अब इस गलती को सुधारने में लगी है।
मुम्बई : अक्सर जरूरी दस्तावेजों पर नाम में गडबडी या स्पेलिंग मिस्टेक के कारण लोगों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। उनमें ख़ासकर पढाई के सर्टिफिकेट में अगर मिस्टेक हो जाए तो लोग उसे जाली समझ लेते हैं। मुम्बई यूनिवर्सिटी ने भी कई बार ऐसी गलती की है। लेकिन इस बार तो यूनिवर्सिटी ने खुद अपने नाम की स्पेलिंग ही गलत छाप दी है। 2023-24 बैच के ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट पर ‘University of Mumabai‘ लिखा हुआ है। इसमें “Mumbai” की जगह “Mumabai” लिखे होने से पूरा सर्टीफिकेट ही जाली नजर आ रहा है। ये सारे सर्टिफिकेट कई कॉलेजों को भेज दिए गए हैं। अब कई कॉलेज इन सर्टिफिकेटों को वापस कर रहे हैं।
एक कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, ‘अपने ही नाम की स्पेलिंग गलत करना मुम्बई युनिवर्सिटी के लिए शर्मनाक बात है।’ एक दूसरे प्रिंसिपल ने कहा, ‘ऊपर गलत नाम की वजह से लोगो को सर्टिफिकेट नकली लग रहे हैं। सोचिए, अगर छात्र नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए इन सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करेंगे तो क्या होगा?’
सर्टिफिकेट की वापस से होगी मांग
प्रिंसिपल ने आगे कहा, ‘नए सर्टिफिकेट छपवाने से छात्रों को उन्हें मिलने में देरी होगी। कई छात्रों को आगे की पढ़ाई या नौकरी मिल चुकी होगी, और शायद उन्होंने इस गलती पर ध्यान भी नहीं दिया होगा।’ प्रिंसिपल ने बताया कि अब सभी गलत सर्टिफिकेट उन बच्चों से वापस मंगवाने पड़ेंगे।
हैदराबाद की कंपनी ने की गड़बड़ी
मुम्बई विश्वविद्यालय ने सर्टिफिकेट छापने का काम हैदराबाद की एक कंपनी को दिया था। अब यूनिवर्सिटी इस गलती को सुधारने में लगी है। Mumbai University के प्रवक्ता ने बताया कि ‘छपाई की समस्या के कारण कुछ सर्टिफिकेट में गलतियां हो गई हैं।’ लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने सर्टिफिकेट में गलती हुई है? प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इसे सुधार रहे हैं। छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नए सर्टिफिकेट मिलेंगे।’ उन्होंने यह भी बताया कि गलती का पता चलते ही यूनिवर्सिटी ने इसे सुधारना शुरू कर दिया है। सभी कॉलेजों को अभी तक सर्टिफिकेट नहीं भेजे गए हैं। बाकी कॉलेजों को सही सर्टिफिकेट भेजे जाएंगे।
लापरवाही पर नाराज
एक प्रिंसिपल ने बताया कि पिछले कुछ सालों में सर्टिफिकेट में गलतियां कम हुई हैं। क्योंकि मुम्बई युनिवर्सिटी छात्रों को अपनी जानकारी जांचने और उसमें सुधार करने का मौका देता है। यह सब छपाई से पहले होता है। इससे गलतियां कम हो जाती हैं। इस बार हुई गलती वाकई में बड़ी है और उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। छात्रों के भविष्य से जुड़े इन दस्तावेजों को तैयार करने में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। यूनिवर्सिटी को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। यह घटना छात्रों और उनके माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी जल्द से जल्द सही सर्टिफिकेट उपलब्ध करा देगी।
