- ढाई सौ गाड़ीयां और झोपड़े जलकर खाक हो जाते।
- अभी गाड़ी मेरा भाई ने जलाया है। जामीन होने के बाद दीनानाथ तिवारी के परिवार के साथ घर को भी फुकवा दूंगा।
मन्सूर शेख
मुंबई- मलाड (पूर्व), गांधीनगर सार्वजनिक शिव शंकर हनुमान मंदिर के ग्राउंड में रात 11:00 से देर रात 3 से 4 बजे तक शिवम सिंह गैंग के राहुल, सत्यम सिंह सहित कई गुंडे खुलेआम दारू, गांजा पीते और चापर, तलवार निकाल कर धमाल मचाते हैं। अगर किसी ने विरोध किया तो मारामारी से बाज नहीं आते हैं। 24 मार्च 2024 को इसी गैग के लोगों ने होली दहन के पहले रात 10:00 बजे मुर्गी का अंडा और गटर का गंदा पानी बलून में भरकर आने-जाने वाले मां-बहन, बेटियों पर मार रहे थे। इसके अलावा लोगों के घरों में अंडा और गंदे पानी वाला बलून मारा। जिसका विरोध करते हुए पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने पुलिस कंट्रोल को फोन करके शिकायत की जब पुलिस आई तो गुंडे भाग गए।
मालाड़ में गुंडो व टपोरियों का आतंक!
मालाड़ पूर्व घटना स्थल से पुलिस के जाने के बाद पुन: होली दहन के समय गंदे पानी वाला बलून मारना शुरू किया जब लोगों ने कहा कि रात 11:00 बजे है। फुग्गा मत मारो मगर शिवम और राहुल के साथ सत्यम ने कहा मैं तो मारूंगा जिसको जो करना हो कर लो, इस पर विवाद बढ़ गया मारपीट की नौबत आ गई। मगर किसी तरह लोगों के बीच बचाव में मामला शांत हुआ अन्यथा विवाद इतना बढ़ गया था कि खून खराबा हो सकता था।
गौरतलब है कि मालाड़ पूर्व मे शिवम सिंह, राहुल और सत्यम सिंह ने मिलकर रात लगभग 3:30 बजे वरिष्ठ पत्रकार दीनानाथ तिवारी की गाड़ी क्रमांक MH47Ap 5962 पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पत्रकार दीनानाथ तिवारी का बेटा लवकुश तिवारी ने भागते हुए शिवम सिंह को देखा और चिल्लाते हुए कहा, “हमारी गाड़ी में शिवम आग लगाकर भाग रहा है। उसे पकड़ो-पकड़ो।” लोगों ने आवाज सुनकर बाहर जब तक आए तब तलक शिवम भाग चुका था और गाड़ी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने पुलिस कंट्रोल को शिकायत की।

घटना स्थल पर पुलिस पहुंचकर पुलिस उप निरीक्षक मिलिंद चौहान ने पंचनामा करके एफआईआर दर्ज किया फरार आरोपी को पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों और पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, जोन- 12 के डीसीपी और एसीपी सहित कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से मांग किया है, कि ‘समय रहते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए शिवम सिंह व उसके गैग को तड़ीपार करें। जिससे पूरे कुरार में जो इनके गुंडागर्दी से लोगों की नींद हराम हो गई है, वे नींद भर के सो सके और लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन पर बना रहे। अन्यथा अगर कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन के अधिकारी गण होंगे।’
ढाई सौ गाड़ीयां और झोपड़े जलकर खाक हो जाते।
स्थानीय लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया, कि शिवम सिंह, सत्यम सिंह को पूरे परिवार का समर्थन मिलने की वजह से वह गैग चल रहा है। खुले आम परिवार के लोग पुलिस थाने के अंदर पुलिस ऑफिसर के सामने कहा, “अभी गाड़ी मेरा भाई ने जलाया है। जामीन होने के बाद दीनानाथ तिवारी के परिवार के साथ घर को भी फुकवा दूंगा।” पुलिस थाने के अंदर ही गाली देते हुए इस तरह की धमकी दी जा रही थी।पुलिस विभाग मुक दर्शक बनके केवल देख रहा था और सुन रहा था। सोचिए कि इन गुंडो और उनके परिवार की गुंडागर्दी पुलिस थाने में इतनी ज्यादा है, तो इलाके में इन गुंडो की गुंडागर्दी किस तरह से आतंक मचा के रखा होगा? अगर जल्द आग ना बुझी होती, तो लगभग ढाई सौ गाड़ीयां और झोपड़े जलकर खाक हो जाते।

