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  • रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    मुंबई के वडाला इलाके में बड़ा रियल एस्टेट घोटाला सामने आया है। बीपी गंगार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 102 फ्लैट खरीदारों से ₹100 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। इमारत का काम सिर्फ नींव तक पहुंचा, बाकी निर्माण ठप पड़ा है।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. नामक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने वडाला में बन रही “Skye 31” इमारत के 102 फ्लैट खरीदारों से लगभग ₹100 करोड़ की ठगी की।

    पुलिस के अनुसार, बिल्डर को दिसंबर 2024 तक खरीदारों को फ्लैट का कब्जा देना था, लेकिन आज तक इमारत की सिर्फ प्लिंथ लेवल तक की ही कंस्ट्रक्शन हुई है।

    🏗️ 2018 से ले रहा था बुकिंग, लेकिन निर्माण नहीं बढ़ा

    पुलिस जांच में सामने आया है कि BP Gangar Constructions ने 2018 से फ्लैट बुकिंग शुरू की, और कई लोगों से बड़ी रकम ली।
    शिकायतकर्ता अनिल ड्रोन (62), जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने 2022 में 2-BHK फ्लैट खरीदा था। उन्होंने शिकायत में बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया, यानी एक ही यूनिट से दो बार पैसा वसूला गया।

    🧾 RERA नियमों का उल्लंघन, पैसा निजी उपयोग में लगाया

    EOW के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपर ने अब तक 159 में से 102 फ्लैट बेच दिए, लेकिन उस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरी कंपनियों या व्यक्तिगत कामों में उपयोग किया गया।
    यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) का गंभीर उल्लंघन है।

    👮‍♂️ दो डायरेक्टरों पर FIR, IPC की कई धाराएं लागू

    पुलिस ने कंपनी के दो डायरेक्टरों — सुब्बारमन आनंद विलायनूर और उमा सुब्बारमन — और कुछ अन्य अज्ञात अधिकारियों पर IPC की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
    पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर ठगी की रकम करीब ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है।

    📉 खरीदारों में रोष, कहा, “हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर”

    पीड़ित फ्लैट खरीदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगाई थी।
    “हम हर महीने EMI दे रहे हैं, लेकिन घर सिर्फ नक्शे में है। बिल्डर जवाब नहीं दे रहा,” — एक खरीदार ने बताया।
    अब खरीदारों की मांग है कि सरकार RERA के तहत तुरंत हस्तक्षेप करे और इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरी विश्वसनीय कंपनी को सौंपा जाए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस डेवलपर के खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
    Q2. कितने खरीदार ठगी के शिकार हुए हैं?
    👉 कुल 102 फ्लैट खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई है।
    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 पुलिस के अनुसार, रकम लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है।
    Q4. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
    👉 IPC की धारा 406, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5. क्या इमारत का निर्माण पूरा हुआ है?
    👉 नहीं, अब तक केवल प्लिंथ लेवल तक ही काम हुआ है।

  • उपपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में मालवणी के सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त!

    उपपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में मालवणी के सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त!

    मुंबई के मालाड-मालवणी इलाके में बीएमसी और कलेक्टर विभाग ने मिलकर बड़ी कार्रवाई की। 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन से अवैध झोपड़ियां हटाई गईं। कार्रवाई पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेश पर की गई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) के मालवणी इलाके में बृहन्मुंबई महानगर पालिका और कलेक्टर विभाग की सरकारी यंत्रणाओं ने मिलकर बड़ी अतिक्रमणविरोधी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में करीब 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त किया गया। यह कार्रवाई बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के अतिक्रमण की शिकायतों के बाद की गई।

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया, जिन्होंने इस पर तीन बार — 17 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और 6 नवंबर को लगातार बैठकें लेकर स्थिति की समीक्षा की थी। लोढ़ा ने साफ शब्दों में कहा कि “सरकारी जमीन पर कोई भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

    🏗️ पहले चरण में मिली बड़ी सफलता

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में मालवणी और मालाड के आसपास स्थित सरकारी जमीन से झोपड़पट्टियों को हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बने घरों, झोपड़ियों और टीन के शेड को जेसीबी मशीन की मदद से तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की अतिक्रमणविरोधी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसी को भी दोबारा अवैध निर्माण करने का मौका न मिले।

    🧱 लोढ़ा ने दिए नए निर्देश: संरक्षक दिवार और अंगणवाड़ी के लिए निधी

    कार्रवाई के बाद पालक मंत्री लोढ़ा ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जहाँ जमीन खाली कराई गई है, वहाँ तुरंत “संरक्षक दिवार” (बाउंड्री वॉल) का निर्माण किया जाए, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
    साथ ही, स्थानीय बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोढ़ा ने अंगणवाड़ी केंद्रों के लिए निधी जारी करने के निर्देश भी दिए।

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    सैकड़ों परिवार हुए बेघर

    इस तोड़क कार्रवाई से प्रभावित परिवारों पर अगर नजर डालें, तो अली तलाव गावदेवी मंदिर के पास, राठोडी और चिकूवाडी मे हुए तोड़क कार्रवाई से सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं। पीड़ितों का कहना है कि सरकार को अगर इस जमीन की इतनी ज्यादा जरूरत थी तो हमारे लिए भी पर्याय व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ये रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम पर हमारे उपर ज़ुल्म किया गया है। बांगलादेशी और रोहिंग्या के नाम पर हमारी जांच तो करते, लेकिन इन्होंने जांच नही की। कुछ लोगों ने प्रशासन की सख्ती को लेकर बददुआएं भी दी।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मालवणी में कितनी जमीन अतिक्रमणमुक्त की गई?
    👉 करीब 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन बीएमसी और कलेक्टर प्रशासन ने खाली कराई।
    Q2. यह कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    👉 कार्रवाई उपपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेशानुसार हुई।
    Q3. क्या कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी?
    👉 हाँ, अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    Q4. खाली जमीन का क्या उपयोग होगा?
    👉 वहाँ संरक्षक दिवार और अंगणवाड़ी केंद्र बनाए जाने की योजना है।

  • Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    मुंबई के मालाड इलाके में एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। कांदिवली के बिल्डर से तीन डेवलपर्स ने झूठे दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की। अब मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    मुंबई: करोड़ों रुपये की ठगी के मामले मे मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मालाड वेस्ट में हुए एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड केस की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तीन डेवलपर्स — अपूर्व शाह, शीतल शाह और विशेश शाह — ने कांदिवली के बिल्डर राकेश वीरेंद्र सिंह (51) को झूठे मालिकाना दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की है।

    राकेश सिंह ने बताया कि ये आरोपी खुद को मालाड (वेस्ट) स्थित राम निवास और कमल कुंज नामक दो संपत्तियों के एकमात्र मालिक बताते थे, जबकि असल में ये प्रॉपर्टीज पहले से ही कानूनी विवादों में उलझी हुई थीं।

    🔹 झूठे दस्तावेज़ और फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट

    एफआईआर के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने राकेश सिंह को लुभाकर Joint Development Agreement (JDA) किया और नकली दस्तावेज़ पेश कर खुद को वैध मालिक बताया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से भारी मुनाफा होगा।

    सिंह ने अनुमतियों, किरायेदारों के स्थानांतरण और निर्माण कार्यों के लिए ₹18.09 करोड़ का निवेश किया। मगर रकम मिलने के बाद न तो कोई काम शुरू हुआ, न पैसा वापस किया गया।

    🔹 पैसे गायब, प्रोजेक्ट ठप

    सिंह के मुताबिक, सभी दस्तावेज़ और वादे झूठे निकले। रकम को इधर-उधर कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर कानूनी विवाद छिपाकर निवेशक को भ्रमित किया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    🔹 EOW ने संभाली जांच

    मालाड पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब यह मामला आगे की गहराई से जांच के लिए EOW यूनिट-12 को सौंपा गया है।

    EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया, और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मालाड (वेस्ट), मुंबई में दो संपत्तियों — राम निवास और कमल कुंज — के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में यह धोखाधड़ी हुई।
    Q2. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    कांदिवली के बिल्डर राकेश सिंह से ₹18.09 करोड़ की ठगी की गई है।
    Q3. अब इस केस की जांच कौन कर रहा है?
    मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) यूनिट-12 कर रही है।
    Q4. आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    BNS की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप दर्ज किए गए हैं।

  • मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में 7 साल के बच्चे को कार से कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गैर-जमानती अपराध के तहत आता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक सात वर्षीय बच्चा अपनी सोसाइटी के अंदर खेलते समय एक महिला की कार की चपेट में आ गया। बच्चे का पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय सिर्फ नोटिस जारी किया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मामला गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आता है।

    मालाड वेस्ट की इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हादसा

    यह हादसा 19 अक्टूबर को मालाड वेस्ट स्थित इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ। सात साल का अन्वय मजूमदार अपने भाई और दोस्तों के साथ सोसाइटी के परिसर में खेल रहा था, जब आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ ने अपनी कार तेज गति से परिसर में चलाई और अन्वय के पैर पर चढ़ा दी।
    CCTV फुटेज में घटना साफ कैद हुई है। बच्चे की मां महुआ मजूमदार (45) ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे उनके दूसरे बेटे ने इंटरकॉम से कॉल कर कहा – “माँ, अन्वय का पैर कुचल गया।”

    बच्चे की हालत गंभीर, सर्जरी जरूरी

    घटना के बाद अन्वय को तुरंत एवर्शाइन नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे के टखने और पिंडली की हड्डी टूट गई है और सर्जरी करनी पड़ी।
    डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्यों नहीं की गई गिरफ्तारी?

    बांगुर नगर पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ रैश ड्राइविंग (धारा 281 BNS) और जीवन को खतरे में डालने (125b BNS) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 110 BNS (attempt to commit culpable homicide) जोड़ी गई, जो गैर-जमानती अपराध है।
    इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस जारी कर छोड़ दिया

    इस पर एडवोकेट अभा सिंह ने कहा —

    “धारा 110 BNS के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है। जब सीसीटीवी फुटेज में सबूत साफ हैं, तो पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार था। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।”

    आरोपी महिला कौन है?

    आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़ एक एचआर कंसल्टेंट हैं और इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी के सचिव संजय राठौड़ की पत्नी हैं। पुलिस के अनुसार, वह घटना के समय अपनी कार चला रही थीं जब यह दुर्घटना हुई।

    एफआईआर में दर्ज धाराएं

    मजूमदार परिवार की शिकायत पर पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग)
    • धारा 125(b) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना)
    • धारा 110 (गैर-जमानती अपराध – हत्या के प्रयास जैसा अपराध)
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 134(a), 134(b) — (खतरनाक ड्राइविंग, मदद न देना, घटना की रिपोर्ट न करना)

    कानूनी नजरिया – अभा सिंह का बयान

    अभा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत यदि किसी व्यक्ति के कार्य से मृत्यु की संभावना होती है, तो यह अपराध ‘culpable homicide not amounting to murder’ की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा —

    “इस मामले में बच्चा बहुत छोटा था और उसकी जान को गंभीर खतरा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दिख रही है, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी बनती है।”

    पुलिस की सफाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों को देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ चल रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह घटना कहाँ हुई थी?
    A1. यह हादसा मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ।
    Q2. आरोपी महिला कौन हैं?
    A2. आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़, जो सोसाइटी सचिव की पत्नी और एक HR कंसल्टेंट हैं।
    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A3. पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया।
    Q4. बच्चा अभी कहाँ इलाज करवा रहा है?
    A4. बच्चा कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी में भर्ती है और उसकी सर्जरी हो चुकी है।
    Q5. क्या आरोपी पर गैर-जमानती धारा लगी है?
    A5. हाँ, धारा 110 BNS गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आती है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।

  • मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी की संयुक्त कार्रवाई में 135 अवैध झोपड़ों को तोड़ा गया। कार्रवाई अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में हुई। प्रशासन ने कहा – अवैध निर्माण पर आगे भी सख्त कदम जारी रहेंगे।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए 135 अवैध झोपड़े बीएमसी और कलेक्टर ऑफिस की संयुक्त कार्रवाई में ढहा दिए गए। यह अभियान अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में चलाया गया, जिसमें भारी मशीनरी और मजदूरों की मदद से अवैध निर्माण हटाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे दोबारा न हों।

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    अवैध झोपड़ियों पर चला बुलडोजर

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सोमवार और मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर ऑफिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की टीम ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए 135 झोपड़ियों को तोड़ डाला।
    इस संयुक्त ऑपरेशन में बीएमसी के कई विभागों ने सहयोग किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।

    कहाँ हुई कार्रवाई — अली तालाव और चिकूवाड़ी में हटाए गए कब्जे

    बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई दो प्रमुख जगहों — अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।

    • अली तालाव क्षेत्र में 127 अवैध झोपड़ियाँ हटाई गईं।
    • वहीं चिकूवाड़ी इलाके में 6 झोपड़ियाँ और 2 अन्य अवैध संरचनाएँ गिराई गईं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों में पिछले कुछ महीनों में झोपड़ियाँ बढ़ती जा रही थीं। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आखिरकार बुलडोज़र चलाना पड़ा।

    बीएमसी की तैयारी और भारी मशीनरी का इस्तेमाल

    कार्रवाई के दौरान बीएमसी की ओर से भारी जेसीबी मशीनें, ट्रक और बड़ी संख्या में मजदूर तैनात किए गए। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति न बने।
    बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, और भविष्य में भी ऐसे एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव (Encroachment Drive) लगातार चलाए जाएंगे ताकि सरकारी संपत्ति पर कोई नया कब्जा न कर सके।

    सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने का अभियान जारी

    प्रशासन का कहना है कि मालवनी और आसपास के इलाके में कई ऐसी सरकारी भूमि हैं जिन पर वर्षों से अवैध झोपड़पट्टियाँ बनी हैं। इस ऑपरेशन के जरिए न सिर्फ जमीन को खाली कराया गया, बल्कि आगे पुनः कब्जा रोकने के लिए निगरानी टीम भी तैनात की गई है।
    बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

    “यह कार्रवाई केवल आज की नहीं है। आने वाले हफ्तों में भी अन्य जगहों पर इसी तरह की सख्त कार्यवाही की जाएगी। हमारा उद्देश्य सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना है।”

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अवैध झोपड़ियों से इलाके में गंदगी और भीड़भाड़ बढ़ रही थी। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से पुनर्वास की मांग भी की, क्योंकि तोड़ी गई झोपड़ियों में रहने वाले कई मजदूरों के पास अब रहने की जगह नहीं है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह कार्रवाई कहाँ हुई?
    A1. यह कार्रवाई मुंबई के मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।
    Q2. कितनी झोपड़ियाँ तोड़ी गईं?
    A2. कुल 135 अवैध झोपड़ियाँ और संरचनाएँ गिराई गईं।
    Q3. कार्रवाई किसने की?
    A3. कार्रवाई कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी (BMC) की संयुक्त टीम ने की।
    Q4. क्या आगे और कार्रवाई होगी?
    A4. हाँ, बीएमसी ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
    Q5. क्या किसी को पुनर्वास दिया जाएगा?
    A5. फिलहाल कोई आधिकारिक पुनर्वास योजना घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन इस दिशा में विचार कर रहा है।

  • नालासोपारा में लाइव-इन कपल ने की आत्महत्या, दोनो की सिर पर गंभीर चोटे

    नालासोपारा में लाइव-इन कपल ने की आत्महत्या, दोनो की सिर पर गंभीर चोटे

    महाराष्ट्र के नालासोपारा वेस्ट में एक लाइव-इन जोड़े ने कथित रूप से आत्महत्या की है। दोनों बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सफाई कर्मचारी थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा वेस्ट में हनुमान नगर इलाके में सोमवार को एक मध्य आयु का पुरुष और महिला, जो कि लाइव-इन रिलेशनशिप में थे, मृत पाए गए। दोनों का सिर व अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गईं। पुलिस ने अक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर मृतक के परिजनों व मित्रों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    घटना का विवरण

    नालासोपारा वेस्ट के हनुमान नगर इलाके में सोमवार सुबह एक किराए के फ्लैट में रहने वाले एक कपल — पुरुष व महिला (दोनों लगभग 30-35 वर्ष के) — मृत पाए गए। जानकारी के अनुसार दोनों ने कथित रूप से आत्महत्या की है। पुलिस को वहां से कोई स्पष्ट आत्महत्या नोट नहीं मिला है।
    पुलिस के मुताबिक दोनों बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में, सफाईकर्मी के पद पर काम करते थे जिनकी पोस्टिंग मुंबई सेंट्रल इलाके के अंतर्गत तैनात थी। वे 2022 से हनुमान नगर में रह रहे थे।
    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पुरुष की शादी पहले हो चुकी थी और उसकी एक 12 साल की संतान है। लेकिन पिछले करीब तीन साल से वह इस महिला के साथ किराए के फ्लैट में रह रहा था।
    पुलिस ने बताया कि दोनों में अक्सर विवाद होते थे — पड़ोसियों ने कई बार लड़ाई की आवाजें सुनी थीं। लेकिन जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन उन्होंने क्या किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    चोटों की स्थिति और अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया

    पुलिस ने बताया कि दोनों के सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें थीं। पड़ोसी और इमारत के अन्य निवासी उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय किस प्रकार की चोटें लगी थीं, और या यह आत्महत्या थी या किसी तीसरे पक्ष का हाथ था — इस पर भी जांच जारी है।

    पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच

    इसे लेकर नालासोपारा पुलिस ने अक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है। पुलिस मृतक के रिश्तेदारों, काम के साथियों, पड़ोसियों व फ्लैट मालिक से पूछताछ कर रही है। फ्लैट में सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस तीसरे पक्ष की भूमिका पर भी विचार कर रही है।
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों बीएमसी में सफाईकर्मी थे और उनकी नौकरी-स्थिति, आर्थिक दबाव या व्यक्तिगत संबंधों की समस्या जांच का हिस्सा हैं।

    संबंध और सामाजिक पहलु

    यह मामला उस बढ़ती समस्या को सामने लाता है जिसमें जान-पछान वाले संबंध, आर्थिक अस्थिरता व व्यक्तिगत तनाव मिलकर जीवन पर अत्यधिक दबाव डाल सकते हैं। लाइव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को विशेष रूप से सामाजिक समर्थन, मानसिक स्वास्थ्य संसाधन व रहने की सुरक्षित स्थिति की आवश्यकता होती है।
    यह घटना मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले मजदूर वर्ग के जीवन-संघर्ष की ओर भी ध्यान खींचती है — जहाँ काम, रोजगार, साइट-परिवर्तन व निजी समस्या एक साथ मौजूद होती है।

    महत्वपूर्ण बिंदु

    • दोनों मृतक पीड़ित गत तीन साल से हनुमान नगर, नालासोपारा वेस्ट में किराए के फ्लैट में थे।
    • दोनों बीएमसी में सफाईकर्मी के रूप में थे, मुंबई सेंट्रल इलाके में तैनात।
    • पुरुष की शादी पहले हुई थी, एक 12 साल का बेटा है।
    • दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे।
    • सिलसिला किस कारण शुरू हुआ और घटना के दिन क्या स्थितियां थीं — इनकी जांच जारी है।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. पुलिस ने मामला क्यों ‘अक्सीडेंटल डेथ’ दर्ज किया है?
    A1. पुलिस को आत्महत्या का पक्का सबूत नहीं मिला है (जैसे सुसाइड नोट) इसलिए प्रारंभ में अक्सीडेंटल डेथ के रूप में मामला दर्ज किया गया है।
    Q2. दोनों का रोजगार क्या था और किसके लिए काम करते थे?
    A2. दोनों Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) में सफाईकर्मी थे और मुंबई सेंट्रल इलाके में तैनात थे।
    Q3. क्या किसी तीसरे पक्ष का हाथ माना जा रहा है?
    A3. फिलहाल पुलिस तीसरे पक्ष की भूमिका पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही — चोटों व घटनास्थल की जांच जारी है।
    Q4. क्या पड़ोसियों ने विवाद की सूचना दी थी?
    A4. पड़ोसियों ने कहा कि दोनों की बातचीत में अक्सर तीखी तकरार होती थी और कई बार आवाजाही सुनाई देती थी।

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  • मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड के मार्वे रोड पर बीच सड़क बने गड्ढे से हादसे की आशंका थी। समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से खुद गड्ढा भरवाकर दुर्घटना रोकी। पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी और टीम का सराहनीय योगदान।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर गड्ढे बन गए थे।
    इन गड्ढों कारण वाहनों की गति रुक जाती और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी। कई बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ने से चोटें भी आईं।
    स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की कोशिश की, लेकिन प्रशासन तक इसकी भनक तक नही हुई।

    💪 समाजसेवक जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर किया काम

    ऐसे में समाजसेवक जावेद सैय्यद ने खुद पहल करते हुए ट्रैफिक पुलिस की मदद से सड़क की मरम्मत करवाई।
    उन्होंने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस से बात की और तुरंत एक अस्थायी समाधान निकाला ताकि यातायात सुचारु रूप से चले और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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    इस कार्य में ट्रैफिक विभाग के पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास, और सुवर्णा निषाद ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

    🚦 स्थानीय नागरिकों ने किया पुलिस की सराहना

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    स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य की खुलकर तारीफ की।
    एक दुकानदार ने कहा –

    “जहां प्रशासन समय पर काम नहीं करता, वहां पुलिस और समाजसेवक जावेद भाई ने मिलकर मिसाल पेश की है।”

    लोगों ने कहा कि यह कदम “जनसेवा का असली उदाहरण” है और अगर ऐसे छोटे-छोटे प्रयास हर वार्ड में किए जाएं तो शहर की स्थिति काफी सुधर सकती है।

    🛠️ ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा

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    बीएमसी की लापरवाही से बना यह गड्ढा रोज़ाना हजारों गाड़ियों के लिए खतरा बन चुका था।
    लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और जावेद सैय्यद की पहल ने न केवल सड़क को दुरुस्त कराया बल्कि सैकड़ों लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।

    🌇 मुंबई में बढ़ रही सड़क सुरक्षा की चिंता

    मुंबई में हर साल मॉनसून और मरम्मत कार्यों के कारण सैकड़ों गड्ढे बनते हैं, जिनसे कई हादसे होते हैं।
    यह घटना बताती है कि यदि स्थानीय नागरिक और पुलिस मिलकर काम करें, तो सड़क सुरक्षा को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

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    FAQ सेक्शन:

    Q1: सड़क का गड्ढा कहाँ बना था?
    👉 यह गड्ढा मालाड पश्चिम के मार्वे रोड, चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर था।
    Q2: किसने गड्ढा भरवाने का काम किया?
    👉 समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से यह कार्य किया।
    Q3: कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे?
    👉 पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास और सुवर्णा निषाद ने इस काम में योगदान दिया।
    Q4: क्या इससे सड़क हादसे रुक गए?
    👉 हाँ, फिलहाल ट्रैफिक सामान्य है और गड्ढे से होने वाले हादसे की आशंका खत्म हो गई है।
    Q5: स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 लोगों ने जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस की तारीफ की और उन्हें “जनसेवा का उदाहरण” बताया।

  • मुंबई बीएमसी चुनाव की तारीख़ों का आज ऐलान संभव! महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव पर दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मुंबई बीएमसी चुनाव की तारीख़ों का आज ऐलान संभव! महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव पर दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    महाराष्ट्र में लंबे इंतज़ार के बाद बीएमसी समेत सभी स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा आज होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने दोपहर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें चुनाव की तारीख़ें घोषित की जा सकती हैं।

    मुंबई: 4 नवंबर महाराष्ट्र में लंबे इंतज़ार के बाद बीएमसी (BMC) समेत राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा आज होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission – SEC) ने आज दोपहर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर सकते हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, घोषणा के तुरंत बाद आचार संहिता (Model Code of Conduct) पूरे राज्य में लागू हो जाएगी।

    🏙️ तीन चरणों में होंगे महाराष्ट्र के निकाय चुनाव

    राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस बार स्थानीय निकाय चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना है।

    1️⃣ पहला चरण: 246 नगरपालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनाव होंगे।
    2️⃣ दूसरा चरण: जिल्हा परिषद (Zilla Parishad) और पंचायत समितियों के लिए मतदान होगा।
    3️⃣ अंतिम चरण: बड़े नगर निगमों — मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे और नासिक के चुनाव होंगे।

    संभावना है कि पहले चरण का मतदान नवंबर के अंत तक कराया जाएगा, यानी चुनावी प्रक्रिया इसी हफ्ते शुरू हो सकती है।

    🏛️ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समयसीमा तय

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, जिन निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनके चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले संपन्न कराना अनिवार्य है।
    इसी वजह से राज्य निर्वाचन आयोग पर समय पर चुनाव कराने का दबाव बढ़ गया है।

    इस चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे —

    • 289 नगरपालिका परिषदें
    • 32 जिल्हा परिषदें
    • 331 पंचायत समितियाँ
    • 29 नगर निगम (Municipal Corporations)

    यह हाल के वर्षों में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव होगा।

    ⚡ राजनीतिक दलों के लिए लिटमस टेस्ट

    बीएमसी चुनाव हमेशा से महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र रहे हैं।
    इस बार का नतीजा 2026 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
    राज्य के प्रमुख दल —
    भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गट), कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गट) — सभी इस चुनाव को अपनी साख से जोड़कर देख रहे हैं।

    बीएमसी पर फिलहाल प्रशासक का शासन है, और अब चुनावी बिगुल बजते ही मुंबई की सियासत में गर्मी तेज़ होना तय है।

    🕓 चुनाव कार्यक्रम का ऐलान आज शाम

    राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे आज शाम 4 बजे प्रेस से बातचीत करेंगे।
    सूत्रों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही चुनावी अधिसूचना जारी की जाएगी और पूरे महाराष्ट्र में चुनावी माहौल बन जाएगा।


    FAQ सेक्शन

    प्रश्न 1: बीएमसी और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव कब होंगे?
    👉 राज्य निर्वाचन आयोग आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीख़ों का ऐलान करेगा।
    प्रश्न 2: कितने चरणों में होंगे चुनाव?
    👉 तीन चरणों में — नगरपालिका परिषद, पंचायत समितियाँ और बड़े नगर निगम (जैसे मुंबई, पुणे, नागपुर)।
    प्रश्न 3: क्या आज से आचार संहिता लागू होगी?
    👉 हाँ, घोषणा के तुरंत बाद आचार संहिता लागू होने की संभावना है।
    प्रश्न 4: कौन से शहर अंतिम चरण में रहेंगे?
    👉 मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे और नासिक।
    प्रश्न 5: यह चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
    👉 क्योंकि यह 2026 विधानसभा चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दलों के लिए बड़ा टेस्ट साबित होगा।

  • अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के हवाले करो, नहीं तो आंदोलन – राजेश शर्मा

    अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के हवाले करो, नहीं तो आंदोलन – राजेश शर्मा

    अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को मुंबई महानगरपालिका के ताबे में लेने की मांग तेज़ हो गई है। कांग्रेस नेता राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार इसे मुकेश अंबानी को देने की तैयारी कर रही है। 6 नवंबर को अंधेरी विकास समिति करेगी तीव्र आंदोलन।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल को लेकर अब सियासी माहौल गरमाता जा रहा है।
    मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,
    “सेवन हिल्स हॉस्पिटल को मुकेश अंबानी को सौंपने की तैयारी चल रही है, जबकि इसे बीएमसी के ताबे में लिया जाना चाहिए।”

    🔥 6 नवंबर को होगा तीव्र आंदोलन

    अंधेरी विकास समिति ने घोषणा की है कि 6 नवंबर को सुबह 11 बजे हॉस्पिटल के बाहर तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
    राजेश शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इस हॉस्पिटल को पूरी तरह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ताबे में नहीं देती।

    💬 राजेश शर्मा का बयान

    राजेश शर्मा ने कहा,

    “पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बीएमसी और अन्य संबंधित विभागों से इस मुद्दे पर संपर्क किया गया है,
    लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सरकार को सिर्फ उद्योगपतियों के फायदे की चिंता है, जनता की नहीं।”

    उन्होंने आगे कहा कि,
    “सेवन हिल्स हॉस्पिटल को प्राइवेट हाथों में देने का मतलब मुंबईकरों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना है।”

    🏗️ बीएमसी का मालिकाना हक़ और प्रस्ताव

    राजेश शर्मा ने यह भी याद दिलाया कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल की ज़मीन बीएमसी की है,
    जो फिलहाल लीज़ पर दी गई है। उनका कहना है कि,
    अगर बीएमसी इसे अपने ताबे में लेकर चलाए,
    तो यह अस्पताल मुंबई के लिए एक आधुनिक, विशाल और विश्वस्तरीय मेडिकल सेंटर बन सकता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि इस अस्पताल परिसर में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज भी शुरू किया जा सकता है,
    जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार दोनों मिल सकें।

    💰 4000 करोड़ की संपत्ति, लेकिन जनता की ज़रूरत ज़्यादा

    शर्मा ने कहा कि अंधेरी के इस इलाके में स्थित यह जमीन करीब 3000 से 4000 करोड़ रुपये की है।
    लेकिन इसे केवल व्यापारिक नजरिए से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि मुंबई की बढ़ती आबादी को देखते हुए,
    यह हॉस्पिटल शहर की जनस्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकता है।

    ⚠️ अंधेरी विकास समिति का अल्टीमेटम

    अंधेरी विकास समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार ने
    6 नवंबर तक हॉस्पिटल बीएमसी को देने का निर्णय नहीं लिया,
    तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. आंदोलन कब और कहाँ होगा?
    👉 आंदोलन 6 नवंबर की सुबह 11 बजे, अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल के सामने आयोजित किया जाएगा।
    Q2. आंदोलन की अगुवाई कौन करेगा?
    👉 आंदोलन का नेतृत्व अंधेरी विकास समिति करेगी, जिसमें कांग्रेस नेता राजेश शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
    Q3. विवाद की जड़ क्या है?
    👉 विवाद का मुद्दा है कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के ताबे में लिया जाए या किसी प्राइवेट कंपनी (मुकेश अंबानी के ग्रुप) को सौंपा जाए।
    Q4. बीएमसी का क्या कहना है?
    👉 बीएमसी का कहना है कि मामला विचाराधीन है, और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

  • MLA Aslam Shaikh के जन्मदिन पर ज़रूरतमंदों को मिलेगा राशन, धूमधाम से होगी सेलिब्रेशन

    MLA Aslam Shaikh के जन्मदिन पर ज़रूरतमंदों को मिलेगा राशन, धूमधाम से होगी सेलिब्रेशन

    मुंबई के लोकप्रिय नेता और MLA असलम शेख के जन्मदिन पर 4 नवंबर को भव्य सेलिब्रेशन का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर ज़रूरतमंद लोगों के लिए राशन वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन अरिफ़ शेख द्वारा किया गया है, जिसमें इस्माईल सैय्यद का खास सहयोग रहेगा।

    मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मुंबई कांग्रेस के जाने-माने नेता और लोगों के बीच लोकप्रिय चेहरा MLA असलम शेख का जन्मदिन इस बार खास अंदाज़ में मनाया जाएगा।
    4 नवंबर की शाम को Gate No. 1, Opp. MLA Aslam Shaikh Saheb Office पर 8 बजे से एक भव्य बर्थडे सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया है।

    इस मौके पर न सिर्फ जश्न होगा, बल्कि समाजसेवा की भी एक शानदार मिसाल देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को राशन वितरण किया जाएगा ताकि उन्हें मदद मिल सके।

    💫 आयोजन की जिम्मेदारी और सहयोग

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    Mla-aslam-Shaikh-Birthday-calibration

    इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी Aslam Shaikh Help Line के प्रेसीडेंट अरिफ़ शेख के पास है।
    उन्होंने बताया कि यह सेलिब्रेशन सिर्फ जन्मदिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक तरीका भी होगा। हालांकि हर साल अनाज तो बांटा ही जाता है लेकिन इस साल कुछ खास इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा, कि
    इस मौके पर इस्माईल सैय्यद का भी खास सहयोग रहेगा। इस वजह से इस बार ज्यादा लोगों के लिए तैयारियां की गई है।

    कार्यक्रम पूरी तरह से पब्लिक ओपन रहेगा और जो लोग राशन वितरण का लाभ लेना चाहते हैं, वे अरिफ़ शेख (9702100786) से संपर्क कर सकते हैं। कूपन इसी नंबर पर उपलब्ध होंगे।

    💖 असलम शेख: जनता के बीच हमेशा सक्रिय

    असलम शेख, मुंबई के सबसे सक्रिय और ज़मीन से जुड़े नेताओं में गिने जाते हैं।
    चाहे वो लॉकडाउन के दौरान राशन वितरण हो या बारिश में फंसे लोगों की मदद — MLA असलम शेख हमेशा फ्रंटलाइन पर नज़र आते हैं।
    उनका जन्मदिन हर साल समाजसेवा के नए मिशन के साथ मनाया जाता है। इस बार भी उनके समर्थक “सेलिब्रेशन विद सोशल कॉज़” की थीम पर काम कर रहे हैं।

    🌆 मालाड़ एवं मालवनी में बढ़ी उत्सुकता

    इलाके में बैनर और होर्डिंग्स लग चुके हैं, और लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
    स्थानीय निवासी और समर्थक इस मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचने की तैयारी में हैं।
    लोगों का कहना है कि MLA असलम शेख के जन्मदिन पर इस तरह का आयोजन समाज को जोड़ने का बेहतरीन उदाहरण है।


    FAQ Section

    Q1. MLA Aslam Shaikh का जन्मदिन कब और कहां मनाया जाएगा?
    👉 4 नवंबर को रात 8 बजे से, Gate No.1, Opp. MLA Aslam Shaikh Office पर।
    Q2. इस इवेंट का आयोजन किसने किया है?
    👉 आयोजन Aslam Shaikh Help Line के प्रेसीडेंट अरिफ़ शेख ने किया है।
    Q3. क्या इस मौके पर कोई सामाजिक पहल भी होगी?
    👉 हां, ज़रूरतमंद लोगों के लिए राशन वितरण किया जाएगा।
    Q4. राशन कूपन कैसे मिलेंगे?
    👉 इच्छुक लोग अरिफ़ शेख (9702100786) से संपर्क कर सकते हैं।