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  • कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने मुख्य साजिशकर्ता राजेश रमैश चौहान और चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर फ्रेडी डी’मेलो पर हुई फायरिंग के मामले को मुंबई क्राईम ब्रांच ने सुलझाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान ने प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के चलते चार शूटरों को सुपारी दी थी। चारों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया है, जबकि इससे पहले चारकोप पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    🔹 कांदिवली फायरिंग केस कैसे हुआ सॉल्व

    क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। शुक्रवार दोपहर सभी शूटर पुणे के भोर गांव में पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी सुपारी राजेश चौहान ने दी थी।

    🔹 मुख्य साजिशकर्ता कौन है?

    मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान (42), कांदिवली निवासी है। उसका पीड़ित फ्रेडी डी’मेलो से
    🔸 प्रॉपर्टी
    🔸 पैसों के लेन-देन
    को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

    इसी विवाद के चलते चौहान ने डी’मेलो को रास्ते से हटाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया।

    🔹 गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

    आरोपी का नामउम्रपता
    राजेश रमैश चौहान उर्फ दया42कांदिवली
    सुभाष भीकाजी मोहिटे44विरार
    मंगेश एकनाथ चौधरी30भोर (पुणे)
    रोशन बसंतकुमार सिंह उर्फ कृष्णा25काशिगांव, ठाणे
    पहले गिरफ्तार — मुन्ना मयुद्दीन शेख उर्फ गुड्डू35मुंबई

    🔹 सुपारी किलर्स का रोल

    जांच में पता चला कि चौहान ने शूटरों को
    ▪ फायरिंग की प्लानिंग
    ▪ पैसों का ऑफर
    ▪ हथियार की व्यवस्था
    सब कुछ खुद किया।
    पुलिस ने बरामद पिस्टल का टेस्ट भी शुरू कर दिया है।

    🔹 आगे की कार्रवाई

    क्राइम ब्रांच अब यह जांच रही है कि
    🔸 कितने पैसे में सुपारी दी गई?
    🔸 क्या और लोग शामिल थे?
    🔸 हथियार की सप्लाई चेन किसने की?


    ❓ FAQ — कांदिवली फायरिंग केस

    प्रश्नउत्तर
    कांदिवली फायरिंग केस का मास्टरमाइंड कौन है?राजेश रमैश चौहान, जिसने सुपारी दी थी।
    कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?कुल पाँच — चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स और एक मुख्य आरोपी।
    फ्रेडी डी’मेलो पर हमला क्यों किया गया?प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के कारण।
    आरोपियों को कहाँ से पकड़ा गया?चार आरोपियों को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया।
    क्या वारदात में इस्तेमाल हथियार मिला?हाँ, पिस्टल बरामद कर ली गई है।
  • BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    बीएमसी मुख्यालय में महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अहम बैठक हुई। योजनाओं, निधि उपयोग, रिक्त पदों की भरती और सफाई कर्मी आवास पर चर्चा हुई।

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष आनंदराव अडसूळ ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएमसी द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तबकों पर किए गए खर्च, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए मिलने वाले फंड का उपयोग, और अनुकंपा आधारित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अडसूळ ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बीएमसी में अनुसूचित जाति वर्ग के रिक्त पद जल्द भरे जाएं और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निपटारा बिना देर किए किया जाए।

    🔍 बैठक में किन मुद्दों की समीक्षा हुई? — मुख्य बिंदु

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    1️⃣ बीएमसी के योजनागत खर्च और अनुसूचित जाति फंड का आढावा

    बैठक में सबसे पहले उस फंड का विस्तृत विवरण रखा गया जो अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों के लिए योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक सहायता के तहत बीएमसी को प्राप्त होता है।
    अडसूळ ने कहा कि—

    • फंड का उपयोग समयबद्ध तरीके से हो,
    • योजनाएँ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचे,
    • और रिपोर्टिंग पारदर्शी रहे।

    2️⃣ लाड पागे समिति और अनुकंपा नियुक्तियों पर चर्चा

    लाड पागे समिति से संबंधित प्रकरणों, लंबित प्रस्तावों और अनुकंपा पर नियुक्ति मामलों पर भी विस्तृत जानकारी आयोग के सामने प्रस्तुत की गई।
    आयोग ने प्रशासन से कहा कि ऐसी फाइलें लंबित न रहें और निर्धारित समय में निर्णय दिए जाएँ।

    3️⃣ रिक्त पदों की भरती और पदोन्नति—तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं।
    अध्यक्ष अडसूळ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

    • भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाए
    • और जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी हुई है, उनके मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।

    4️⃣ सफाई कर्मचारियों के आवास और कल्याण योजनाएँ

    बैठक में बीएमसी द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए चल रही आश्रय (हाउसिंग) योजनाओं की समीक्षा भी की गई।
    आयोग को बताया गया कि—

    • सफाई कर्मचारियों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है।
    • कई परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भी तेज़ है।

    5️⃣ दलित बस्तियों में बीएमसी की सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत

    बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि दलित वस्तियों में—

    • स्वास्थ्य सुविधा
    • सफाई व्यवस्था
    • पानी
    • सड़कें
    • और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ
      नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
      आयोग ने सुझाव दिया कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और भी बेहतर की जाए।

    👥 बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:

    • सदस्य सचिव — गोरक्ष लोखंडे
    • उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) — किशोर गांधी
    • उपायुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) — यतीन दळवी
    • उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) — किरण दिघावकर
    • संचालक (अभियांत्रिकी सेवा व प्रकल्प) — पुरुषोत्तम माळवदे
      साथ ही विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।

    FAQ — सवाल और जवाब

    1. यह बैठक किस उद्देश्य से आयोजित की गई थी?

    बीएमसी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों पर किए गए खर्च, योजनाओं की प्रगति, रिक्त पदों और आवास योजनाओं की समीक्षा के लिए।

    2. बैठक में मुख्य निर्देश क्या दिए गए?

    रिक्त पदों की भर्ती तेज़ करने, पदोन्नति के मामलों को तत्काल निपटाने और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

    3. क्या सफाई कर्मचारियों की आवास योजना पर भी चर्चा हुई?

    हाँ, बीएमसी ने बताया कि स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हो रही है।

    4. क्या आयोग ने दलित बस्तियों की स्थिति पर भी चर्चा की?

    बीएमसी ने दलित बस्तियों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं की जानकारी दी और आयोग ने इनके सुधार के सुझाव दिए।

    5. बैठक में कौन-कौन अधिकारी मौजूद थे?

    महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें किशोर गांधी, यतीन दळवी, किरण दिघावकर आदि शामिल रहे।

  • मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यान अब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

    उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश

    मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

    🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें

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    1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट

    विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।

    ✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन

    • बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
    • नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया

    ✔ फिटनेस कॉर्नर

    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें

    ✔ वॉकिंग ट्रैक

    • मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
    • एंटी-स्किड सरफेस

    ✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर

    • आरामदायक आसन व्यवस्था
    • शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह

    ✔ व्यूइंग गैलरी

    • कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
    • परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण

    ✔ हरियाली और साफ-सुथरापन

    • पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
    • उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी

    🧑‍⚖️ निरीक्षण के दौरान कौन-कौन मौजूद रहा?

    निरीक्षण दौरे में विधायक एवं विभाग प्रमुख सुनील प्रभू के साथ कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

    • शिवसेना महिला विधानसभा संघटक रीनाताई सुर्वे
    • वॉर्ड 36 के पूर्व नगरसेवक सुनील गुजर
    • रुचिता आरोसकर
    • कृष्णा सुर्वे
    • अशोक राणे
    • अल्पेश चव्हाण
    • बाळा शिरोडकर
    • वामन तिरोडकर
    • सुरेश करपे
    • सुशांत पांचाळ
    • सुशांत पारकर
    • अतुल पाखरे
      …और अन्य शिवसेना पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

    विधायक ने अधिकारियों अमोल हितापे और ज्योती तुडस के साथ उद्यान का पूरा निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. विजय सालसकर उद्यान कब तक खुलेगा?

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभू ने बताया कि नवीनीकरण लगभग पूरा है और उद्यान जल्द ही नागरिकों के लिए खुल जाएगा।

    2. उद्यान में कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?

    यहाँ बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, वॉकिंग ट्रैक, एक्सरसाइज उपकरण, सीनियर सिटिजन बैठने की जगह, व्यूइंग गैलरी और नई हरियाली जोड़ी जा रही है।

    3. उद्यान कितनी बड़ी जगह में फैला है?

    पूरा उद्यान करीब 6,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।

    4. यह उद्यान किस इलाके में स्थित है?

    यह मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स, वॉर्ड 36 में स्थित है।

  • विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    बीएमसी ने विक्रोली पार्कसाइट के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में तीन अतिधोकादायक इमारतें खाली कराईं। कुल 28 इमारतों के पुनर्निर्माण का काम शुरू।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMc) ने विक्रोली पार्कसाइट क्षेत्र में चल रहे 28 इमारतों के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मंगलवार (18 नवंबर 2025) तीन अतिधोकादायक (C-1 श्रेणी) इमारतों को खाली करा दिया। यह पहली बार है जब बीएमसी खुद पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संभाल रही है। पहले चरण में 9 इमारतों को खाली किया जाना था, जिनमें से 5 पहले ही खाली हो चुकी थीं।

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    🔹 प्रोजेक्ट का आकार: 28 इमारतें, दो चरणों में काम

    विक्रोली पार्कसाइट इलाके में सभी 28 इमारतें C-1 श्रेणी में आती हैं, जिन्हें नही रहने लायक खतरनाक घोषित किया गया है।

    • कुल प्रभावित इमारतें: 28
    • पहले चरण की इमारतें: 9
    • पहले से खाली की गईं: 5
    • मंगलवार खाली हुईं: 3
    • शेष के लिए कार्रवाई जल्द

    बीएमसी अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई इमारतों का निष्कासन (Demolition) जल्द शुरू किया जाएगा।

    🔹 बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

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    कार्रवाई बीएमसी आयुक्त तथा प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    पूरी प्रक्रिया की निगरानी में शामिल अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर): डॉ. अमित सैनी
    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (एन-वार्ड): डॉ. गजानन बेल्लाळे

    बीएमसी टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया।

    🔹 67 परिवारों को मिला तात्कालिक आश्रय

    खाली कराई गई तीन इमारतों में कुल 67 भाड़ोत्री रह रहे थे।

    इन्हें भांडुप स्थित ओबेरॉय रियल्टी के PAP क्वार्टर्स में अस्थायी रूप से पुनर्वसित किया गया है।
    बीएमसी का कहना है कि किसी भी भाड़ोत्री को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा।

    🔹 पुराने 280 sq ft के बदले मिलेगा 405 sq ft का नया घर

    पुनर्विकास पूरा होने पर भाड़ोत्रीओं को—

    पुराने 280 वर्ग फुट की जगह
    405 वर्ग फुट का नया घर

    विक्रोली पार्कसाइट में ही मालकी हक के साथ दिया जाएगा।

    यह बीएमसी के सबसे बड़े स्वनिर्मित पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

    🔹 नए एस-3 विंग में 13 मंज़िलों तक निर्माण पूरा

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    पहले चरण में प्रस्तावित S-3 बिल्डिंग के:

    • कुल मंज़िलें: 23
    • पूरा हुआ निर्माण: 13 मंज़िलें

    बीएमसी का दावा है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में आगे बढ़ रहा है।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. विक्रोली पार्कसाइट में कितनी इमारतों का पुनर्विकास हो रहा है?

    बीएमसी कुल 28 इमारतों का पुनर्विकास कर रही है।

    Q2. मंगलवार को कितनी इमारतें खाली कराई गईं?

    मंगलवार को तीन अतिधोकादायक (C-1) इमारतों को खाली कराया गया।

    Q3. भाड़ोत्रीओं को अस्थायी घर कहाँ दिया गया है?

    उन्हें भांडुप के ओबेरॉय रियल्टी में पीएपी क्वार्टर्स में ठहराया गया है।

    Q4. पुनर्विकास के बाद उन्हें कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?

    पहले के 280 sq ft के बदले 405 sq ft का फ्लैट मिलेगा।

    Q5. निर्माण कार्य कितनी प्रगति पर है?

    S-3 इमारत में 23 में से 13 मंज़िलें बन चुकी हैं।

  • सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “ज्येष्ठ नागरिकों को 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट” वाले संदेश को BMC ने फर्जी बताया। निगम ने अपील की—नागरिक वॉर्ड ऑफिस न पहुंचें।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उस संदेश को BMC ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि महाराष्ट्र सरकार के हाउसिंग पॉलिसी 2025 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% टैक्स छूट दी जा रही है। BMC ने साफ कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1888 में ऐसी कोई भी प्रावधान नहीं है और वरिष्ठ नागरिक अनावश्यक रूप से वॉर्ड ऑफिसों में भीड़ न लगाएँ।

    सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज से बढ़ी वॉर्ड ऑफिसों में भीड़

    पिछले कुछ दिनों से WhatsApp, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा था।
    उसमें लिखा था कि “ज्येष्ठ नागरिक को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट मिलेगी”।

    इस संदेश को सच मानकर कई वरिष्ठ नागरिक मुंबई के अलग–अलग BMC वॉर्ड ऑफिसों में जानकारी के लिए पहुंच रहे थे।
    प्रशासन को अचानक बढ़ी भीड़ से दिक्कतें भी हुईं।

    BMC ने दिया स्पष्ट बयान: यह मैसेज 100% फर्जी

    बीएमसी ने प्रेस नोट जारी कर कहा—

    • नगर निगम अधिनियम 1888 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का कोई नियम नहीं है।
    • नागरिक ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें।
    • किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए वॉर्ड ऑफिस न आएँ, ताकि उन्हें बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े।

    प्रशासन ने इसे सोशल मीडिया अफवाह करार दिया है।

    कौन-सी छूट वास्तव में लागू है? BMC ने बताया

    BMC ने सही जानकारी साझा करते हुए कहा—

    ✔ 1. 500 sq ft से कम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट

    1 जनवरी 2022 से मुंबई में 500 वर्ग फुट या उससे कम क्षेत्र वाली रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को टैक्स में छूट दी गई है।

    ✔ 2. माजी सैनिक और शहीद परिवार को भी छूट

    • पूर्व सैनिक
    • उनकी विधवा
    • शहीद सैनिकों के अविवाहित परिवारजन
      इनकी एक प्रॉपर्टी को टैक्स में छूट मिलती है (शासन के टैक्स को छोड़कर)।

    ✔ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग से छूट नहीं

    बीएमसी ने दोहराया कि ज्येष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का संदेश पूरी तरह गलत है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या मुंबई में वरिष्ठ नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में 30% छूट मिलती है?

    नहीं, बीएमसी ने साफ कहा है कि ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है। वायरल मैसेज पूरी तरह फर्जी है।

    2. क्या इस फर्जी मैसेज के कारण बीएमसी कार्यालयों में भीड़ बढ़ी?

    हाँ, कई वरिष्ठ नागरिक वॉर्ड ऑफिस पहुंच गए थे, इसलिए बीएमसी ने स्पष्टीकरण जारी किया।

    3. वास्तव में मुंबई में किसे टैक्स छूट मिलती है?

    500 sq ft से कम क्षेत्र वाली रिहायशी प्रॉपर्टी को और पूर्व सैनिक/शहीद परिवार को छूट मिलती है।

    4. वरिष्ठ नागरिकों को कोई विशेष टैक्स छूट है?

    नहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई छूट लागू नहीं है।

    5. सही जानकारी कहाँ से लें?

    बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट, प्रेस नोट या वॉर्ड ऑफिस में अधिकृत अधिकारियों से।

  • मुंबई में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, एम-वेस्ट में डिजिटल सर्वे

    मुंबई में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, एम-वेस्ट में डिजिटल सर्वे

    मुंबई के एम-वेस्ट वार्ड में जनगणना-2027 की पूर्व जांच शुरू हो गई है। डिजिटल तरीके से घरयादी व घरगणना की प्रक्रिया 30 नवंबर 2025 तक चलेगी। कुल 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।

    मुंबई: जनगणना-2027 की तैयारी अब तेज़ हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के एम-वेस्ट विभाग में घरयादी और घरगणना की पूर्व जांच शुरू हो चुकी है। 10 से 30 नवंबर 2025 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में पहली बार पूरी जनगणना को डिजिटल फॉर्मेट में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वे के लिए 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि DLM App और HLO App के ज़रिए पूरा डेटा ऑनलाइन कैप्चर किया जाएगा।

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    पूर्व जांच में डिजिटल गणना, BMC ने संभाली जिम्मेदारी

    जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में मुंबई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एम-वेस्ट वार्ड में घरों की सीमा, बिल्डिंगों की संख्या और परिवारों की जानकारी DLM App और HLO App के ज़रिए दर्ज की जा रही है। इसके लिए CMMS पोर्टल पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि किसी तरह की त्रुटि न रह जाए।

    135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक तैनात

    पूर्व जांच के लिए BMC ने एम-वेस्ट वार्ड में 142 घरयादी गट बनाए हैं। हर क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने के लिए कुल 135 प्रगणक और 22 सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। इन सभी को 6 से 8 नवंबर तक डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि ऐप आधारित सर्वे सुचारू रूप से हो सके।

    राज्यभर में तीन जिलों में हो रही टेस्टिंग

    महाराष्ट्र में जनगणना की यह पूर्व जांच सिर्फ तीन स्थानों पर हो रही है—

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    • मुंबई का एम-वेस्ट वार्ड (आंशिक)
    • जलगांव जिला – चोपड़ा तहसील (आंशिक)
    • कोल्हापुर जिला – गगनबावड़ा तहसील

    ये क्षेत्र नमूना परीक्षण के तौर पर चुने गए हैं, ताकि 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया निरीक्षण दौरा

    पूर्व जांच के कामकाज की समीक्षा हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में की गई, जिसमें—

    • महाराष्ट्र सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव (GAD) सीमा व्यास,
    • जनगणना विभाग की महानिदेशक डॉ. निरुपमा डांगे,
    • उप महानिबंधक ए. एन. राजीव,
    • तथा BMC की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शहा शामिल हुईं।

    इस दौरान प्रगणकों के काम की प्रत्यक्ष समीक्षा भी की गई और निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. जनगणना 2027 की पूर्वचाचणी क्या है?

    यह जनगणना की वास्तविक प्रक्रिया से पहले की टेस्टिंग है, जिसके जरिए सिस्टम, ऐप, सर्वे प्रक्रिया और फील्ड वर्क का परीक्षण किया जाता है।

    2. यह पूर्वचाचणी मुंबई में कहाँ हो रही है?

    मुंबई में यह प्रक्रिया बृहन्मुंबई महानगरपालिका के एम-वेस्ट वार्ड में चल रही है।

    3. जनगणना पहली बार डिजिटल क्यों की जा रही है?

    डिजिटल प्रक्रिया से डेटा तेजी से और अधिक सटीकता के साथ इकट्ठा होता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर की रिपोर्ट बनाना आसान होता है।

    4. कितने कर्मचारी तैनात किए गए हैं?

    कुल 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक इस सर्वे में काम कर रहे हैं।

    5. सर्वे कब तक चलेगा?

    10 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक पूर्वचाचणी का फील्ड वर्क चलेगा।

  • गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में ऑटो रिक्शा ड्राइवर का मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी स्टीयरिंग पर बंधा फोन झटके में उड़ाकर फरार होते थे। दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में ऑटो रिक्शा ड्राइवर के स्टीयरिंग पर बंधा मोबाइल फोन चोरी करने वाले दो कुख्यात चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सोहेल खान और संदीप मोहिते बताए गए हैं, जो गोरेगांव लिंक रोड़ स्थित भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी के रहने वाले हैं। आधी रात हुई चोरी की वारदात के बाद बांगुर नगर पुलिस की टीम ने कुछ ही घंटों में दोनों को पकड़ लिया।

    वारदात कैसे हुई: रात 12:30 बजे रिक्शा में बैठे ड्राइवर का फोन उड़ाया

    44 वर्षीय ऑटो ड्राइवर मनोज साव लिंक रोड पर यात्रियों का इंतज़ार कर रहे थे। उनका फोन स्टीयरिंग पर रबर बैंड से बंधा हुआ था ताकि वे नेविगेशन आसानी से देख सकें।
    इसी दौरान आरोपी वहां आए और झटके में मोबाइल (कीमत ₹6,000) उड़ाकर फरार हो गए। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में खुलासा: दोनों आरोपी बेरोजगार, इलाके में कई चोरी की वारदातों में शामिल

    पुलिस की जांच में सबसे पहले सोहेल खान पकड़ा गया। उससे पूछताछ में संदीप मोहिते का नाम सामने आया।
    दोनों से कुल दो चोरी के मोबाइल फोन (कुल कीमत ₹11,000) बरामद हुए। पुलिस को शक है कि वे इसी तरह की कई चोरियों में शामिल रहे हैं।

    संदीप मोहिते का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

    संदीप मोहिते पर

    • 22 पुराने मामले दर्ज हैं
    • बांगुर नगर, गोरेगांव और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चोरी और गैरकानूनी गतिविधियों के केस
    • पहले भी DCP संदीप जाधव ने उसे शहर की सीमा में दाखिल होने से प्रतिबंधित किया था
      सोहेल खान पर भी 2 पुराने केस दर्ज हैं।

    पुलिस का कहना है कि दोनों चोरी को अपना “नियमित धंधा” बना चुके थे और रिक्शा ड्राइवरों के स्टीयरिंग पर लगे फोन उनकी खास टारगेट लिस्ट में थे।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी की घटना कब और कहां हुई थी?

    वारदात आधी रात करीब 12:30 बजे गोरेगांव लिंक रोड पर भगत सिंह नगर के पास हुई।

    2. गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं?

    सोहेल खान और संदीप मोहिते, दोनों भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी इलाके के निवासी हैं।

    3. आरोपियों से क्या बरामद हुआ?

    पुलिस ने दोनों के पास से दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत करीब ₹11,000 है।

    4. क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?

    हाँ, संदीप मोहिते पर 22 पुराने केस और सोहेल खान पर 2 पुराने केस दर्ज हैं।

  • घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल परियोजना के काम के चलते मुल्लाबाग इलाके में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक बदलाव 11 मई 2026 तक लागू रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर रोज बढ़ रही जाम की समस्या और बदली गई रूट डिटेल पढ़ें।

    मुंबई: ठाणे और बोरीवली के बीच डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण के चलते ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने मुल्लाबाग क्षेत्र में करीब छह महीने के लिए बड़े ट्रैफिक बदलाव लागू किए हैं। यह बदलाव 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर पहले से ही भारी जाम की स्थिति है, और नए रूट बदलाव का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने की संभावना है।

    घोड़बंदर रोड पर रोज़ाना जाम, यात्रियों का बुरा हाल

    ठाणे, भिवंडी और कल्याण से बोरिवली की ओर आने और जाने वाले यात्रियों को घोड़बंदर घाट रोड पर पहले से भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। सड़क की खराब हालत और रोज-रोज की जाम से लोग परेशान हो चुके हैं। इसी बीच टनल प्रोजेक्ट के कारण ट्रैफिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल का काम तेज़, मशीनों की आवाजाही शुरू

    एमएमआरडीए द्वारा बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट का काम मुल्लाबाग, घोड़बंदर रोड की तरफ़ तेज़ी से जारी है। संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से 11.8 किमी लंबा भारत का सबसे बड़ा और सबसे लंबा डबल टनल बनाया जा रहा है।
    यह टनल पूरा होने पर मौजूदा 60–90 मिनट का सफर घटकर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होने का दावा किया गया है।

    6 महीने तक रहेगा ट्रैफिक बदलाव

    ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रूट बदले रहेंगे।
    मुल्लाबाग इलाके में टनल के निर्माण के लिए भारी वाहन, मशीनें और कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाले ट्रक लगातार आवाजाही करेंगे, इसलिए सड़क पर सामान्य वाहनों की मूवमेंट में बदलाव किया गया है।

    असली बदलाव क्या है?

    • हिलक्रेस्ट हाउसिंग सोसाइटी से नीलकंठ ग्रीन की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।
    • इस क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश सत्या शंकर हाउसिंग सोसाइटी के पास बंद कर दिया गया है।
    • वाहन अब विपरीत दिशा वाली लेन से आवाजाही करेंगे, जिससे इस हिस्से में जाम बढ़ने की संभावना है।

    ट्रैफिक डीसीपी पंकज शिरसाट ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

    यात्रियों को अगले कई महीनों तक परेशानी का अनुमान

    चूंकि मुल्लाबाग रूट पहले से ही घोड़बंदर रोड की कंजेशन का विकल्प माना जाता रहा है, इसलिए यहां ट्रैफिक बदले जाने से दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और यात्रा समय बढ़ाकर चलें।


    FAQ सेक्शन

    1. ट्रैफिक बदलाव कितने समय तक लागू रहेंगे?

    14 नवंबर 2024 से 11 मई 2026 तक, यानी लगभग छह महीने से भी ज़्यादा।

    2. ट्रैफिक बदलाव किस वजह से किया गया है?

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण, मशीनरी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण।

    3. कौन-सा रूट बंद किया गया है?

    हिलक्रेस्ट सोसायटी से नीलकंठ ग्रीन की ओर जाने वाला मार्ग बंद किया गया है।

    4. यात्रा पर इसका क्या असर पड़ेगा?

    विपरीत लेन से आवाजाही होने के कारण जाम बढ़ेगा और यात्रा समय ज्यादा लगेगा।

    5. टनल बनने के बाद क्या फायदा होगा?

    ठाणे से बोरीवली का 1 घंटे से अधिक का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा।

  • बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    वेस्टर्न रेलवे ने बोरीवली स्टेशन पर खराब सफाई और घटिया गुणवत्ता के कारण दो फूड स्टॉल सील कर दिए। अचानक की गई जांच में खानपान की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: वेस्टर्न रेलवे ने गुरुवार को बोरीवली स्टेशन पर अचानक जांच के दौरान खराब सफाई और असंतोषजनक खाद्य गुणवत्ता पाए जाने पर दो फूड स्टॉल पर कार्रवाई की। प्लेटफॉर्म 4/5 और 6/7 पर चल रहे इन स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई के पूरे सबअर्बन नेटवर्क में चल रही खाद्य सुरक्षा चेकिंग ड्राइव का हिस्सा है।

    अचानक जांच में मिली गंदगी, स्टॉल तुरंत सील

    वेस्टर्न रेलवे की टीम ने नियमित निरीक्षण के दौरान बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—में गंदगी, खराब सफाई और घटिया भोजन की गुणवत्ता पाई।
    निरीक्षण रिपोर्ट “अनसैटिस्फैक्टरी” आने के बाद दोनों स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।

    Borivali-railway-station

    मुंबई लोकल नेटवर्क में जारी है सफाई ड्राइव

    अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि मुंबई के पूरे लोकल रेल नेटवर्क में चल रहे फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा है।
    बोरीवली जैसे हाई-फुटफॉल स्टेशनों पर रोज़ाना लाखों यात्री आते हैं, ऐसे में रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि खाने-पीने की दुकानों में सफाई और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

    यात्रियों की शिकायतें बनी वजह

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों की ओर से कई बार स्टेशनों के स्टॉल्स पर महीन सफाई, बदबूदार तेल, बेस्वाद चाय-कॉफी, और खराब पैक्ड आइटम्स की शिकायतें मिलती रही हैं।
    दैनिक चेकिंग से न सिर्फ़ दुकानदारों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।

    स्टॉल्स को दोबारा खोलने से पहले कड़ी जांच होगी

    अधिकारियों ने बताया कि दोनों स्टॉल्स को तभी दोबारा चालू करने की अनुमति दी जाएगी, जब वे रेलवे के सभी तय सेफ्टी और हाइजीन मानकों को पूरा करेंगे।
    रेलवे उनकी कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद ही आगे निर्णय लेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. बोरीवली स्टेशन पर किन फूड स्टॉल्स को बंद किया गया?

    दो स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—को बंद किया गया है।

    2. रेलवे ने कार्रवाई क्यों की?

    अचानक जांच में दोनों स्टॉल्स पर खराब सफाई, गंदगी और असंतोषजनक भोजन गुणवत्ता पाई गई।

    3. क्या यह एक नियमित ड्राइव का हिस्सा है?

    जी हाँ, मुंबई के सभी स्टेशनों पर रेलवे द्वारा चलाए जा रहे फूड सेफ्टी ड्राइव के तहत यह कार्रवाई की गई।

    4. स्टॉल कब दोबारा खुलेंगे?

    जब तक वे रेलवे की सभी हाइजीन और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर लेते, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

    5. क्या यात्रियों से शिकायतें मिली थीं?

    हां, यात्रियों ने पहले भी कई बार खराब क्वालिटी और गंदगी की शिकायतें की थीं। यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

  • मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। गांजे की कीमत ₹28.75 लाख बताई गई। दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

    मुंबई: एक विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जब्त गांजे की कीमत करीब ₹28.75 लाख बताई गई है।
    दोषी पाए गए आरोपियों के नाम इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) हैं, जिन्हें पुलिस ने जनवरी 2022 में घाटकोपर बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया था।
    अदालत ने दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

    🚨 पुलिस को मिली थी गांजा डिलीवरी की गुप्त जानकारी

    कांदिवली यूनिट की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) को 23 जनवरी 2022 को सूचना मिली कि दो व्यक्ति घाटकोपर बस डिपो के पास गांजा बेचने पहुंचने वाले हैं।
    सूत्रों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और आरोपियों का पूरा विवरण भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया।

    🚗 घाटकोपर बस स्टॉप पर कार से मिली 115 किलो गांजा

    पुलिस ने होंडा एकॉर्ड कार को रोका और तलाशी में 115 किलो गांजा बरामद किया।
    पकड़े गए आरोपियों इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
    पुलिस के अनुसार, बरामद माल की बाजार कीमत लगभग ₹28.75 लाख है।

    🔬 फॉरेंसिक जांच में गांजा की पुष्टि

    बरामद किए गए पदार्थ का नमूना फॉरेंसिक लैब भेजा गया, जहां रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि यह पदार्थ गांजा (कैनाबिस) ही था।
    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह खेप अल्ताफ शेख (अंधेरी निवासी) ने सप्लाई की थी।

    ⚖️ दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में मिली राहत

    पुलिस ने अल्ताफ शेख और चक्रपाणि गौड़ा (ओडिशा निवासी) को अक्टूबर 2022 में गुजरात से गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।
    नतीजतन, विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों को बरी कर दिया।

    👨‍⚖️ कोर्ट ने कहा – “समाज में नशे के कारोबार पर कड़ी सजा जरूरी”

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नशे के व्यापार में लिप्त अपराधियों को सख्त सजा देना समाज और युवाओं के भविष्य के लिए आवश्यक है।
    इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को अदालत ने 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।

    📊 केस से जुड़ी अहम जानकारी:

    • 📍 स्थान: घाटकोपर, मुंबई
    • 📅 गिरफ्तारी की तारीख: 23 जनवरी 2022
    • ⚖️ कोर्ट: विशेष एनडीपीएस कोर्ट, मुंबई
    • 🚓 जब्त गांजा: 115 किलो
    • 💰 कीमत: ₹28.75 लाख
    • 👨‍⚖️ सजा: 15 साल की कैद (2 आरोपी)
    • 🙅‍♂️ बरी: 2 सप्लायर

    FAQ सेक्शन

    Q1. एनडीपीएस केस में कौन-कौन दोषी पाए गए?
    👉 इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) को दोषी करार दिया गया है।
    Q2. पुलिस ने कितनी मात्रा में गांजा जब्त किया था?
    👉 कुल 115 किलो गांजा, जिसकी कीमत लगभग ₹28.75 लाख बताई गई।
    Q3. सप्लायरों का क्या हुआ?
    👉 अल्ताफ शेख और ओडिशा के चक्रपाणि गौड़ा सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए।
    Q4. गिरफ्तारी कब हुई थी?
    👉 23 जनवरी 2022 को घाटकोपर बस डिपो के पास से दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
    Q5. अदालत ने क्या सजा सुनाई?
    👉 दोनों दोषियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा दी गई है।