मुम्बई के जेवेरी बाज़ार से 1 करोड़ 25 लाख का सोना लेकर दो कारीगर फरार हो गये हैं। करोड़ों का सोना हाथ लगते ही गहने तैयार करने वाले कारीगरों का माथा ठनका और वो रफूचक्कर हो गए। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। (Mumbai 2 absconded with gold worth Rs 1.25 crore from Zaveri Bazaar)
मुम्बई: धोखाधड़ी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो भरोसे को करोड़ों रुपये का चूना लगा गया। मुम्बई के जवेरी बाजार मे हमेशा की तरह एक सोना व्यापारी ने अपने पहचान के कारागार को मरम्मत के लिए सोने के गहने दिये। जो लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये का सोना था। लेकिन कारीगरों के नियत में खोट आ गया और वो सोने के गहने लेकर फरार हो गये। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। (Mumbai 2 absconded with gold worth Rs 1.25 crore from Zaveri Bazaar)
22 कैरेट सोने के गहने
ज्वेलरी व्यापारी की शिकायत पर एलटी मार्ग पुलिस ने वरुण जाना और श्रीकांत नाम के दोनों आरोपियों के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एलटी मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नितिन शंकर तडाखे ने बताया कि फरियादी नीलेश जैन कालाचौकी एरिया में रहते हैं और ये जावेरी बाजार के उस्ताद बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर थोक सोने का कारोबार करते हैं। शिकायतकर्ता ने हमेशा की तरह इस बार भी दोनों को पुराने गहनों के बदले नए डिजाइन में गहने तैयार करने का काम दिया था। शिकायत में उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से 19 जनवरी, 2025 के बीच, उन्होंने मरम्मत के लिए 1,536 ग्राम 22 कैरेट सोने के आभूषण सौंपे। (Mumbai 2 absconded with gold worth Rs 1.25 crore from Zaveri Bazaar)
कब पता चला?
हालांकि, मरम्मत किए गए आभूषण वापस करने के बजाय, कारीगर ही गायब हो गए। जैन ने उनसे संपर्क करने का काफी प्रयास किया लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। जैन ने बार-बार कॉल किया। लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला और आखिरकार, उनके फोन बंद हो गए। फोन बंद हो जाने के बाद जैन को विश्वास हो गया कि उनके साथ धोखा हुआ है।(Mumbai 2 absconded with gold worth Rs 1.25 crore from Zaveri Bazaar)
जैन की शिकायत के बाद, एलटी मार्ग पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले दावों की पुष्टि करते हुए जांच शुरू की और पुलिस को भी विश्वास हो गया कि आरोपियों ने लालच में आकर सोना लेकर फरार हो गये हैं। फिलहाल पुलिस की तलाशी अभियान जारी है, भगोड़ों का पता लगाने के लिए मुम्बई के बाहर दो टीमों को तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे और चुराए हुए गहने भी बरामद कर लेंगे। (Mumbai 2 absconded with gold worth Rs 1.25 crore from Zaveri Bazaar)
मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी बम्बई के मशहूर एवं जाने-माने लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर 1200 करोड़ रुपये का घोटाला और काला जादू करने का आरोप लगाया है। प्रशांत मेहता और परमवीर सिंह की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूर्व ट्रस्टियों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष के बैठने वाले केबिन में काला जादू किया और जमीन में गाड़ दिया। बता दे कि पूर्व ट्रस्टियों मे से एक दिवंगत और बाकी 7 विदेश चले गए हैं। सभी आपस में रिश्तेदार भी हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)
बकौल प्रशांत मेहता वह अभी जिस केबिन में बैठ रहे हैं वहां के बारे में अस्पताल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इस कमरे में काला जादू किया गया है। इसके बाद प्रशांत मेहता ने उस कमरे की खुदाई कराई और फर्श के नीचे से 8 कलश मिले जिसमें इंसानी हड्डियां, बाल और काला जादू में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग समान मिले हैं। ख़ुदाई के दौरान उन्होंने विडियोग्राफी और कुछ बाहर के लोगों को पंच के तौर पर खड़ा किया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)
कोर्ट कर रही है तफतिश
प्रशांत मेहता के मुताबिक उन्होंने इस खुदाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है और इंडिपेंडेंस विटनेस को भी उस दौरान यहां पर मौजूद रखा था। काला जादू को लेकर एक शिकायत बांद्रा पुलिस थाने में लीलावती अस्पताल की तरफ से की गई है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। लीलावती अस्पताल के मुताबिक उन्होंने काला जादू के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट खुद इस मामले की इंक्वारी कर रही है और अगर कोर्ट को लगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए, तो कोर्ट पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)
मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता और अस्पताल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर परमबीर सिंह (पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर) के मुताबिक अस्पताल का निर्माण साल 1997 में प्रशांत मेहता के पिता किशोर मेहता ने करवाया था। फिलहाल अस्पताल का ट्रस्ट प्रशांत मेहता के हाथ में ही है। 1200 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है जिसमें पूर्व ट्रस्टी विजय मेहता (दिवंगत) के सात रिश्तेदार भी हैं जो कभी न कभी लीलावती ट्रस्ट का हिस्सा रहे हैं जिन लोगों पर आरोप लगा है वो फ़िलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)
मुम्बई: गोरेगांव पूर्व एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक वनराई पुलिस ने एक बच्चा चोर गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने मासूम के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए चार आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में 2 महिला और 2 पुरुष शामिल हैं। गैंग ने 5 लाख में डेढ़ महीने के मासूम को बेचने का मंसूबा बनाया था। गोरेगांव पूर्व से मालाड़ पश्चिम के मालवनी का बच्चा चोर गैंग का कनेक्शन पुलिस ने आखिरकार समय रहते सुलझा ही लिया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
बंजारे का बच्चा गायब
पिछले कुछ दिनों से वनराई पुलिस मासूम के अपहरण का मामला दर्ज कर जांच में जुटी थी। गुजरात से कुछ बंजारे समाज के लोग त्योहारी सीज़न के लिए अपने कारोबार को लेकर मुम्बई आए हुए थे। दिनभर अपना कारोबार करते और रात को सड़क किनारे अपने परिवार के साथ सो जाते। अचानक 2 मार्च की सुबह करीब 4 बजे उनका सोया हुआ डेढ़ माह का बच्चा गायब हो गया। गुजरात का बंजारा परिवार वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास खिलौने बेचने का काम करता है। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
मालवनी का ऑटो रिक्शा
वनराई थाने में बंजारा परिवार ने बच्चे की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। बच्चे का सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मुम्बई परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मिता पाटील के मार्गदर्शन में 6 टीम बनाई गई। टीम ने अलग अलग एंगल से जांच शुरू किया। इस बीच पुलिस ने करीब 11 हजार ऑटो रिक्शा की जांच पड़ताल की। सीसीटीवी कैमरे के जरिए एक ऑटो रिक्शा चालक पर संदेह हुआ। गोरेगांव पूर्व के घटनास्थल से मालाड़ पश्चिम के मालवानी की तरफ ऑटो रिक्शा के जाने की जानकारी पुलिस को मिली। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
चौकाने वाला खुलासा
जांच पड़ताल के दौरान चौकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी राजू मोरे की पहली पत्नी मंगल मोरे और दूसरी पत्नी फातिमा शेख है। मंगल मोरे को बच्चा नहीं हो रहा था। पुलिस को जानकारी मिली कुछ दिन पहले ही ऑटो चालक के घर नन्हा बच्चा आया हुआ है। इसके पहले राजू की पत्नी बच्चे को गोद लेने का आग्रह कर रही थी। लेकिन गोद लेने की प्रक्रिया में ज्यादा पैसे लगते हैं। इसलिए पहली पत्नी के आग्रह पर राजू ने सड़क किनारे बच्चा चुराने का फैसला किया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
दूसरी पत्नी फातिमा शेख ने चोरी के बच्चे को 5 लाख रुपये में देने का वादा किया था। राजू मोरे ने बच्चा चुराने से पहले 3 दिन तक वनराई वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घटनास्थल का रेकी किया। गुजरात के बंजारा परिवार के बच्चे पर राजू की नजर पड़ी। ऑटो रिक्शा की मदद से बच्चा चुराकर फरार हो गया। पीड़ित परिवार गुजरात से रमजान के महीने में खिलौना और गुब्बारा बेचने के लिये मुंबई आया हुआ था। डेढ़ महीने का बच्चा मां के साथ सोया हुआ था। रिक्शा चालक मां के आंचल से बच्चे को छीनकर फरार हो गया। (Mumbai Child thief gang busted between Malad and Goregaon, four including two women arrested)
महाराष्ट्र से मल्हार सर्टिफिकेट की शुरुआत हुई है। क्या किसी प्रोडक्ट को धार्मिक आधार पर प्रमाण पत्र देना कानूनी है? क्या यह हलाल सर्टिफिकेट के जवाब में नया कारोबारी शुरू किया गया है। नितेश राणे की इस पहल पर सियासी रूख़ जानते हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में हलाल सर्टिफिकेशन के जवाब में मल्हार सर्टिफाइड यानी झटके वाली मीट की दुकानें खुल गई हैं। खासकर इसका ऐलान होली के त्योहार से पहले हुआ है। इस ऐलान के बाद से राजनैतिक गलियारों में हलचल देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन
मल्हार सार्टिफिकेशन की पहल महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने की है। सर्टिफाइड दुकानों की लिस्ट भी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसमें बताया गया है कि मल्हार सर्टिफाइड मटन खटीक समुदाय के वेंडर के पास ही उपलब्ध है। वेबसाइट में बताया गया है कि यह प्लेटफॉर्म उन मटन विक्रेताओं को बढ़ावा देता है जो बकरा या भेड़ को काटते के दौरान सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन करते हैं। हलाल प्रोडक्ट में भी इस्लामी मान्यताओं का ख्याल रखने का दावा किया जाता है। राणे की इस पहल का एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने आलोचना की है, जबकि शिंदे सेना और बीजेपी ने समर्थन किया है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने इसका स्वागत किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश
आधिकारिक तौर से मल्हार सर्टिफिकेशन मटन यानी गोश्त का ही किया गया है, जबकि हलाल सर्टिफिकेशन में फूड प्रोडक्ट के अलावा कपड़ा, साबुन, चाय, तेल, शैंपू जैसे उत्पाद शामिल हैं। मल्हार वेबसाइट पर मौजूद दुकानों की संख्या भी गिनी चुनी है, मगर आने वाले कुछ वर्षों में यह सिस्टम गली-मुहल्लों में दिखने लगे तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। यह अभी हलाल के मुकाबले खड़ा नया ब्रांड है, जिसे यह खाने के तौर-तरीकों से अधिक वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश है। महाराष्ट्र में हलाल बनाम मल्हार के बिजनेस कॉम्पिटिशन और वैचारिक लड़ाई के लिए पर्याप्त स्पेस के तौर पर देखा जा रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हस्बेंड्री के अनुसार, बंगाल के बाद महाराष्ट्र मटन खाने में दूसरे नंबर पर है, जहां 11 फीसदी उत्पादन होता है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
भारत में सालाना 640 मीट्रिक टन बकरे के गोश्त की खपत होती है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु बकरे के मांस के उत्पादन में 75 फीसदी योगदान करते हैं। अगर बकरे के साथ चिकन को भी शामिल कर दिया जाए तो नॉनवेज का मार्केट काफी बड़ा है। हिंदू संगठनों ने हलाल सर्टिफिकेशन को सुनियोजित साजिश करार दिया था। आरोप है कि हलाल का तमगा देने वाली कंपनियां और संगठन कारोबारी मुनाफे के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। राजनीतिक नजरिये से देखें तो इनमें से छह राज्यों में झटका बनाम हलाल पर बहस होती रही है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में ऐसा विवाद ज्यादा नजर नहीं आया है। हिंदू और सिख कम्यूनिटी के लोग झटका मांस की वकालत करते रहे हैं, मगर इसके लिए उनके पास हलाल सर्टिफिकेशन जैसा प्लेटफॉर्म नहीं था। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
हलाल और मल्हार सर्टिफिकेट पर कानूनी विचार
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हलाल सर्टिफिकेशन को गैरकानूनी घोषित कर चुकी है, क्योंकि कोई सरकारी एजेंसी इसके लिए प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है। यूपी सरकार गैरकानूनी तौर से सर्टिफिकेट जारी करने के लिए हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत-उलेमा-ए-महाराष्ट्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर चुकी है। ऐसे में मल्हार सर्टिफिकेट की वैधता पर सवाल खड़े हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
क्या मल्हार सरकारी योजना है?
मल्हार सर्टिफिकेशन को भी सरकारी वैधता प्राप्त नहीं है। शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि अगर मल्हार सर्टिफिकेट देना सरकार की योजना है तो सीएम को उद्घाटन करना चाहिए था। सरकार बताए कि कंपनी किसकी है। बता दें कि जिस तरह हलाल वाले हरे मुहर को बेरोकटोक शॉपिंग मार्ट से लेकर फाइव स्टार सर्विस तक स्थापित किया गया, उससे मल्हार के लिए रास्ते खुल गए हैं। संभव है कि आने वाले समय में फूड डिलिवर करने वाले होटलों और कंपनियों को बताना पड़े कि मेन्यू में हलाल और मल्हार प्रोडक्ट क्या-क्या हैं? (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
राजनीतिक तौर से संरक्षण और मार्केटिंग हुई तो मल्हार सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियां भी पैदा हो जाएंगी, जैसा हलाल प्रोडक्ट को लेकर हुआ है। भारत में करीब 12 कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट देती हैं। बीजेपी नेता नीतेश राणे ने मल्हार वेबसाइट की शुरुआत करते हुए कहा कि यह हिंदू मांस विक्रेताओं को एक ही मंच पर लाने की कोशिश है। राजनीतिक नजरिये से देखें तो मल्हार को हलाल के मुकाबले के लिए लाया गया है, जिस पर प्रतिक्रिया आनी अभी और भी बाकी है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)
बम्बई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मशहूर पार्लेजी कंपनी पर छापामारी की है। शुक्रवार सवेरे से ही ये छापामारी की प्रक्रिया जारी है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च किया जा रहा है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
मुम्बई: शुक्रवार 7 मार्च, पार्ले ग्रुप ऑफ कंपनी पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की है। पारले ग्रुप Parle-G, मोनाको और अन्य ब्रांड के नाम से बिस्कुट बेचने वाली कंपनी है। मुम्बई में कंपनी के कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, जो सुबह से ही चल रही है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है। इसके अलावा अभी तक कोई भी जानकारी नही मिल पाई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
हालांकि यह सर्च क्यों हो रहा है? इसकी वजह कोई बताने को तैयार नही है। छापेमारी पूरी होने के बाद इसके पीछे के कारणों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल इनकम टैक्स विभाग कंपनी के दस्तावेजों को खंगालने का काम कर रही है। कहा जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी ने अचानक उछाल मारा था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
2024 में पारले-जी का प्रॉफिट
सबसे पहले बात कर लेते हैं Parle-G बिस्कुट को वित्त वर्ष 2023-24 में हुए प्रॉफिट के बारे में, तो खबर के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 24 में इसका मुनाफा दोगुना होकर 1,606.95 करोड़ रुपये रहा, जो कि 23 में 743.66 करोड़ रुपये था। इसके बीते वित्त वर्ष में पारले बिस्कुल की ऑपरेशनल इनकम दो प्रतिशत के इजाफे के साथ बढ़कर 14,349.4 करोड़ रुपये हो गई। अगर रेवेन्यू की बात करें, तो ये 5.31 फीसदी उछलकर 15,085.76 करोड़ रुपये रहा। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि Parle Biscuit की डिमांड अभी भी जोरदार बनी हुई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
कितनी पुरानी है कंपनी ?
साल 1929 देश की आजादी के एक साल बाद पारले कंपनी की शुरुआत हुई थी। 90 के दशक के बच्चों को तो अपना वह दौर भी याद होगा, जब चाय के साथ पारले-जी का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा फेमस हुआ करता था। खबरों की मानें तो ऐसा कहा जाता है कि कंपनी ने पारले नाम बम्बई के विले-पार्ले इलाके से लिया था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
पारले ने पहली बार 1938 में पारले-ग्लूको (Parle-Gluco) नाम से बिस्कुट का प्रोडक्शन शुरू किया। आजादी से पहले पारले-जी (Parle-G) का नाम ग्लूको बिस्किट (Gluco Biscuit) ही हुआ करता था। लेकिन, आजादी के बाद ग्लूको बिस्किट का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया। क्योंकि देश में उस समय अन्न संकट का खतरा बन गया था। जबकि इस बिस्कुट को बनाने के लिए गेंहू का इस्तेमाल किया जाता था। जब संकट कम हुआ, तो कंपनी ने इसका प्रोडक्शन फिर से शुरू किया, लेकिन तब तक इस सेक्टर में कॉम्पिटीशन काफी बढ़ गई थी और बाकि कंपनियों की मार्केट में एंट्री हो चुकी थी। खासकर ब्रिटानिया ने ग्लूकोज-डी (Glucose-D) बिस्किट से अपनी धमक जमा ली थी। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)
Mumbai Crime News: 12 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुम्बई के जोगेश्वरी पूर्व की घटना। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
Mumbai Jogeshwari Rape Case : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां जोगेश्वरी (पूर्व) इलाके की एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ पांच लोगों ने दुष्कर्म किया। इस गैंगरेप की घटना से जोगेश्वरी पूर्व इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीँ, अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित समझे जाने वाली मुम्बई शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि मुंबई पुलिस ने इस घिनौने अपराध के लिए पांच दरिंदो को गिरफ्तार कर लिया है। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवराजसिंग बोरसे से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची अपने रिश्तेदार के साथ बम्बई के जोगेश्वरी पूर्व इलाके में रहती है। 24 फरवरी को वह लापता हो गई थी। पीड़ित बच्ची के चाचा ने 26 फरवरी को अपहरण का मामला दर्ज कराया। लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
रेलवे पुलिस को मिली बच्ची
इस बीच, 27 फरवरी को पीड़ित बच्ची मुम्बई के दादर रेलवे स्टेशन पर अकेले भटकते हुए पाई गई, वहां रेलवे पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ की तो नाबालिग ने अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में रेलवे सुरक्षा बल को बताया। बच्ची के बताए पते और जानकारी के अनुसार, दादर रेलवे पुलिस ने तुरंत जोगेश्वरी पुलिस से संपर्क किया। वहां से पूरी जानकारी मिलने के बाद, रेलवे पुलिस ने बच्ची को जोगेश्वरी पुलिस के हवाले किया। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
जोगेश्वरी में सामुहिक बलात्कार
जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवराजसिंग बोरसे ने बताया, कि जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग का जोगेश्वरी इलाके में यौन उत्पीड़न किया गया था। पीड़ित बच्ची के बयान के आधार पर सामूहिक बलात्कार और पॉस्को एक्ट के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म करने वाले सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया। गिरफ्तारी में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया था। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
शुरुआती जांच में पता चला है कि एसी मैकेनिक आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया था। लड़की को अकेला देखकर आरोपी ने उसे जोगेश्वरी के संजय नगर इलाके में स्थित अपने घर ले गया। जहां कथित तौर पर 26 फरवरी की रात तीन युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार किया। 27 फरवरी की सुबह पीड़िता वहां से भागने में कामयाब रही और वह किसी तरह घाटकोपर पहुंची। जहां दो अन्य युवकों ने उसे मदद के बहाने झांसे में लिया और पहले मरीन ड्राइव, फिर दादर ले गए। पीड़िता ने बताया कि दोनों ने उसके साथ छेड़खानी की। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
घर में झगड़ा
जोगेश्वरी पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच कर रही है। इस मामले में सीसीटीवी कैमरों के और भी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की घर में झगड़े के बाद नाराज होकर गई थी। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बलात्कार किया। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
कुली ने किया बलात्कार
इससे पहले 3 फरवरी को बम्बई के बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर एक महिला से रेप का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में एक कुली को गिरफ्तार किया। आरोपी कुली ने खाली ट्रेन में ले जाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित महिला अपने दामाद के साथ मुम्बई घूमने आई थी और दूसरी ट्रेन के इंतजार में अपने दामाद के साथ प्लेटफार्म पर सो रही थी। आरोपी ने उसके दामाद के सामने से महिला का मुंह दबाकर घसीटते हुए पास खड़ी खाली ट्रेन में ले गया और उसके साथ बलात्कार कर फरार हो गया। (12-year-old girl gangraped in Jogeshwari, Mumbai, 5 arrested)
मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार की ओर से झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) के तहत चलाए जाने वाली स्कीम में घर आवंटन को लेकर महिलाओं के लिए अच्छी खबर का ऐलान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर एसआरए योजना के तहत आवंटित घरों पर अब परिवार के मुखिया के अलावा महिला यानी पत्नी का भी नाम दर्ज किया जाएगा। सरकारी दस्तावेजों में महिलाओं को होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इसका फैसला किया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
दोनों के नाम हागा फ़्लैट अलॉट
एसआरए ने महिलाओं में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए घरों को पति-पत्नी दोनों के नाम पर अलॉटमेंट लेटर देने का फैसला किया है। अब तक SRA योजना के घर परिवार के मुखिया के तौर पर केवल पति के नाम पर ही अलॉट होते हैं। वहीं, पति की मौत के बाद घर अपने नाम कराने में महिलाओं को कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और उनकी अड़चनों को दूर करने के लिए SRA ने घर का मालिकाना हक पुरुष के साथ ही महिला को भी देने का फैसला किया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
दोनों की होगी सोसायटी मे सदस्यता
सभी सक्षम प्राधिकारी पात्रता सूची में पति और पत्नी दोनों का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। वहीं, घर अलॉट करते वक्त भी अलॉटमेंट लेटर पर पति के साथ पत्नी का भी नाम होगा। सभी सहकारी गृह निर्माण संस्थान को भी संयुक्त सदस्य के तौर पर पति और पत्नी दोनों को सदस्यता देने का आदेश दिया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
क्या थी समस्या ?
कई बार SRA प्रॉजेक्ट पूरा होने से पहले ही पति की मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में परिवार के अन्य सदस्यों को घर प्राप्त करने में काफी कानूनी अड़चनों से जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए ही मालिकाना हक पति के साथ पत्नी को भी देने का फैसला किया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
राज्य सरकार ने म्हाडा को एसआरए के 17 अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का काम सौंपा है। जिन प्रोजेक्ट्स में स्थानीय नागरिकों की पात्रता तय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि एसआरए की तरफ से एलओआई प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने के लिए टेंडर जल्द आमंत्रित किए जा सकें। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
25 हजार घरों का निर्माण
म्हाडा को गोरेगांव, बांद्रा, कुर्ला, बोरीवली और दहिसर परिसर के एसआरए के अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने हैं। इसके लिए म्हाडा को करीब 25 हजार घरों का निर्माण करना होगा। 25 हजार घरों में से स्थानीय पात्र परिवारों को बसाने के बाद भी म्हाडा को बिक्री के लिए 15 हजार से अधिक घर मिलने की उम्मीद है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)
महाराष्ट्र/पालघर: सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने राह चलते एक ऐसे ड्रग डीलर को गिरफ्तार किया है। जो दिन दहाड़े प्लास्टिक की थैली में 933 ग्राम चरस लगभग 5 लाख रुपये के नशीला पदार्थ किसी को बेचने के लिए ले जा रहा था। मौके पर गश्त कर रही पुलिस को शक हुआ, उसे रोक कर पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने ठाणे से इसके एक और साथी को गिरफ्तार किया। मूल रूप से दोनों ही आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)
पुलिस पर नजर पड़ी तो ..
सेंट्रल क्राइम ब्रांच के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अधिराज कुराडे ने बताया कि 3 मार्च को शाम 8 बजे के आसपास अहमदाबाद मुम्बई हाईवे रोड़ पर मुम्बई ई की तरफ जय अंबे पेट्रोल पंप के पास नायगांव पूर्व में गश्त कर रही हमारी पुलिस टिम को एक व्यक्ति संदेहास्पद दिखाई दिया। पुलिस पर नजर पडते ही वह भागने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोक कर पूछताछ की तो उसके पास से 933 ग्राम वजनी चरस नामक ड्रग्स बरामद हुआ। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 5 लाख रुपये आंकी जा रही है। तुरंत उसे हिरासत में लेकर नायगांव पुलिस के हवाले किया गया। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)
दूसरे की ठाणे से गिरफ्तारी
अधिकारी ने बताया कि 45 वर्षीय आरोपी नवीन निरज झा के खिलाफ नायगांव पुलिस थाने में गु.र.क्र. 88/2025 में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 20(ब) के तहत मुकदमा दर्ज कर 4 मार्च को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिलसिले में नवीन निरज झा के साथी 28 वर्षीय मुकेश कुमार शंकर शाह को ठाणे के टिटवाला से गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मूलरूप से बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जबकि निरज झा नायगांव पूर्व के पाटिल पाडा, चिंचवट में रहता था और मुकेश कुमार ठाणे जिले के टिटवाला मे मोर्या नगर में रहता था। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)
एक अनुमान के मुताबिक दोनों बिहार के होने की वजह से इनकी पहचान वहीं से होने और अवैध कारोबार की योजना बनाई होने पर पुलिस जांच कर रही है। लेकिन पुलिस ने यह भी बताया कि इन दोनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले से 2021 और 2022 मे दो मामले दर्ज हैं। इन दोनों मामलों में भी दर्ज शिकायत के मुताबिक एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात नायगांव पुलिस कर रही है। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)
मुम्बई: घाटकोपर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी चार महीने की बच्ची की हत्या कर दी। वही दूसरी तरफ रविवार तडके पालघर के एक पहाड़ी पर 6 साल की बच्ची का शव मिलने से अफरा तफरी मच गई है। पुलिस हैरान है कि इस तरह कौन कर हो सकता है जो सूनसान पहाड़ी पर बच्ची को लाकर हत्या कर दी। पुलिस परिजनों का पता लगाकर आगे की पड़ताल कर रही है। (Four month old girl murdered in Ghatkopar, Mumbai, body of 6 year old girl found in Palghar)
चार महीने की बच्ची
मुम्बई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक घाटकोपर मामले मे आरोपी के तीन बच्चे हैं। जब से तीसरी बच्ची हुई, तब से ही आरोपी पति और उसके पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा हो रहा था। पति लड़की होने की वजह से अपनी पत्नी को कोसा करता था। पिछले दिनों जब आरोपी की पत्नी किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर गई, तब आरोपी ने अपनी ही चार महीने की बच्ची का पर्दे की डोरी से गला कस कर उसे मौत के घाट उतार दिया। (Four month old girl murdered in Ghatkopar, Mumbai, body of 6 year old girl found in Palghar)
पालघर में रविवार तडके एक पहाड़ी पर 6 साल की बच्ची का शव मिलने से यहां सनसनी फैल गई है। उसकी मौत और घटना स्थल तक उसके पहुंचने के कारण को लेकर पुलिस खुद हैरान हो गई है। फिलहाल पुलिस पडताल कर रही है। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह 4.30 बजे श्रीराम नगर पहाड़ी पर शव मिला। पुलिस ने यह भी बताया कि लड़की की पहचान हो गई और उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है और मामले की पड़ताल बड़ी गहनता के साथ कर रही है। (Four month old girl murdered in Ghatkopar, Mumbai, body of 6 year old girl found in Palghar)
Mumbai Airport News: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल मुम्बई एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां लाखों की संख्या में देश विदेश से लोग हर दिन आते-जाते रहते हैं। इसी भीड़ का एक खुबसूरत महिला फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी करना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पेट में छिपा लगभग 10.96 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद कर लिया। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुम्बई में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में 10.96 करोड़ रुपये के कोकीन से भरा 100 कैप्सूल निगलने के मामले में ब्राजील की एक महिला को गिरफ्तार किया है। DRI ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी महिला के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)
कैसे हुई गिरफ्तारी?
अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर महिला को संदेहास्पद पाया। जब महिला बार बार अपने पेट पर हाथ फिरा रही थी तो अधिकारियों ने पूछा, क्या कोई प्रोब्लम तो नही है? महिला हकलाहट में अलग-अलग जवाब दे रही थी। जबकि डीआरआइ अधिकारियों को इसकी खुफिया जानकारी पहले से मिल गई थी। उन्होंने तुरंत महिला को डॉक्टरों के हवाले किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महिला भारत में कोकीन तस्करी करने के लिए 100 कैप्सूल निगल ली थी। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)
महिला को तुरंत एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पेट से 1,096 ग्राम कोकीन निकाला। ये कोकीन 100 कैप्सूल में भरी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कैप्सूल में 10.96 करोड़ रुपये मूल्य का कोकीन मिला, जो अवैध रूप से बाजार में बेचा जा सकता था। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)
मौत का कारण
अधिकारियों की मानें तो महिला को भारतीय कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स के खिलाफ भारतीय अधिनियम (NDPS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए नए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जान का खतरा भी होता है। अगर सफर के दौरान समय ज्यादा हो गया तो इंसानी पेट की गर्मी कैप्सूल को पिघला सकती है और एक साथ इतनी ज्यादा मात्रा में ड्रग्स शरीर में फैलने से नशा बढ़कर उस व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इस तरह के ड्रग्स की तस्करी पुलिस और कस्टम अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)