Tag: Indian Fasttrack

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू इलाके में एक घर से अवैध रूप से रखे गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग और क्राइम ब्रांच ने रेस्क्यू किया। वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत युवक पर केस दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: विलेपार्ले पश्चिम के जूहू इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी घर के अंदर मगरमच्छ और कछुए को अवैध रूप से रखा गया था। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और NGO की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों जानवरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    गुप्त सूचना के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, वन विभाग को सूचना मिली थी कि जूहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज के फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया।
    इसके बाद पुलिस, वन विभाग और NGO ‘Serp India’ की संयुक्त टीम बनाई गई।

    जूहू के रुइया पार्क इलाके में छापा

    संयुक्त टीम ने जूहू स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चॉल, जे.आर. म्हात्रे मार्ग पर छापा मारा।
    कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे। जैसे ही टीम ने घर का दरवाजा खोला, अंदर एक महिला और युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उसके भाई इमरान शेख के रूप में हुई।

    कांच के टैंक में रखा था मगरमच्छ

    घर की तलाशी के दौरान एक छोटे कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ (Indian Spotted Turtle) बरामद किया गया।
    दोनों जानवरों को तुरंत सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर सुरक्षित पिंजरों में रखा गया।

    शेड्यूल-1 में शामिल हैं दोनों जानवर

    पुलिस ने बताया कि मगरमच्छ और कछुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की शेड्यूल-1 सूची में शामिल हैं।
    इस श्रेणी के जानवरों को निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

    भाई पर लगाया आरोप, जानकारी देने से बचा

    पूछताछ के दौरान शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उसके भाई इमरान घर लेकर आया था। वहीं इमरान शेख ने यह बताने से बचने की कोशिश की कि उसने ये जानवर कहां से और कैसे हासिल किए

    वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत मामला दर्ज

    मुंबई पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत केस दर्ज किया है।
    पूरी कार्रवाई की डिजिटल रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

    वन विभाग को सौंपे गए जानवर

    रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जानवरों को अब उचित देखभाल और पुनर्वास दिया जाएगा।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला मुंबई के किस इलाके से सामने आया?
    👉 जूहू इलाके से।

    Q2. घर से कौन-कौन से जानवर मिले?
    👉 एक भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ।

    Q3. किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ है?
    👉 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act)।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख।

    Q5. रेस्क्यू किए गए जानवरों का क्या हुआ?
    👉 दोनों को वन विभाग को सौंप दिया गया है, जहां उनका पुनर्वास किया जाएगा।

  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।

  • Versova–Dahisar Coastal Road को मिली हरी झंडी, CRZ अड़चन खत्म, काम तेज

    Versova–Dahisar Coastal Road को मिली हरी झंडी, CRZ अड़चन खत्म, काम तेज

    Mumbai News: वर्सोवा से दहिसर तक 22 किमी लंबे सागरी किनारा मार्ग को CRZ और वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। जानिए लागत, रूट, फायदे और लेटेस्ट अपडेट।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगरों के लिए गेमचेंजर माने जा रहे वर्सोवा से दहिसर Coastal Road को लेकर बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से CRZ (कोस्टल रेगुलेशन ज़ोन) की वजह से अटका हुआ प्रोजेक्ट अब तेज़ी से आगे बढ़ेगा। वन विभाग की ज़रूरी मंजूरी मिलते ही इस रूट के CRZ इलाकों में रुका काम दोबारा शुरू होने जा रहा है। करीब 22 किलोमीटर लंबे इस सागरी मार्ग के पूरा होने से पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

    CRZ की वजह से क्यों रुका था काम?

    वर्सोवा–दहिसर Coastal Road के कुछ हिस्से ऐसे इलाकों से गुजरते हैं, जहां कांदळवन (मैंग्रोव) और घने पेड़ मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में निर्माण के लिए CRZ के तहत अलग-अलग मंजूरियां जरूरी थीं।
    हालांकि ज़्यादातर अनुमति पहले ही मिल चुकी थीं, लेकिन वन विभाग की अंतिम मंजूरी न मिलने से इन हिस्सों का काम ठप पड़ा था।
    अब मुंबई महानगरपालिका (BMC) को यह मंजूरी मिल गई है, जिससे लंबे समय से रुका काम दोबारा रफ्तार पकड़ेगा।

    BMC का बयान: अब तेज़ी से आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट

    BMC के अतिरिक्त आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर के मुताबिक,

    “वन विभाग से जरूरी अनुमति मिल चुकी है। CRZ क्षेत्र में भी जल्द काम शुरू किया जाएगा। बाकी हिस्सों में निर्माण पहले से जारी है।”

    इस मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट की टाइमलाइन पर पड़े असर को कम करने की कोशिश की जाएगी।

    छह चरणों में बनेगा 22 KM लंबा Coastal Road

    वर्सोवा से दहिसर तक बनने वाला यह सागरी किनारा मार्ग कुल छह चरणों (Phases) में विकसित किया जाएगा।

    मुख्य डिटेल्स:

    • 📏 कुल लंबाई: लगभग 22 किलोमीटर
    • 💰 कुल लागत: करीब ₹16,621 करोड़
    • 🛣️ डिज़ाइन:
    • कुछ हिस्सों में डबल डेकर एलिवेटेड रोड
    • कुछ जगहों पर खाड़ी के नीचे टनल (Tunnel)

    यह प्रोजेक्ट टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों के लिहाज से मुंबई के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।

    पश्चिम–पूर्व एक्सप्रेस हाईवे को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

    इस सागरी मार्ग को गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड (GMLR) से जोड़ा जाएगा। इससे:

    • पश्चिमी उपनगरों से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक पहुंच आसान होगी
    • रोज़ाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी

    इसके अलावा, इस रोड को भविष्य में दहिसर–भाईंदर एलिवेटेड रोड से जोड़ने का भी प्रस्ताव है, जिससे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

    ट्रैफिक में बड़ा बदलाव, सफर होगा फास्ट

    मरिन ड्राइव–वरळी सागरी मार्ग के बाद अब वर्सोवा–दहिसर सागरी रोड से मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

    • लिंक रोड और SV रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा
    • पीक आवर्स में सफर का समय घटेगा
    • पश्चिमी उपनगरों का कोस्टल एरिया सीधे हाई-स्पीड रोड से जुड़ेगा

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. वर्सोवा–दहिसर सागरी मार्ग की कुल लंबाई कितनी है?
    👉 लगभग 22 किलोमीटर।

    Q2. यह प्रोजेक्ट क्यों अटका हुआ था?
    👉 CRZ क्षेत्र में वन विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण।

    Q3. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
    👉 करीब ₹16,621 करोड़।

    Q4. इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    👉 ट्रैफिक कम होगा, सफर तेज़ और आरामदायक बनेगा।

    Q5. क्या यह रोड पूर्वी मुंबई से भी जुड़ेगा?
    👉 हां, गोरेगांव–मुलुंड लिंक रोड के ज़रिए।

  • नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

  • मलाड ईस्ट में 3 महीने का नो-पार्किंग नियम, ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन

    मलाड ईस्ट में 3 महीने का नो-पार्किंग नियम, ट्रैफिक पुलिस का सख्त एक्शन

    मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर ट्रैफिक जाम से राहत के लिए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 3 महीने का नो-पार्किंग नियम लागू किया। नियम तोड़ने पर चालान और टोइंग होगी।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिस ने मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए तीन महीने का नो-पार्किंग नियम लागू किया है। यह प्रतिबंध आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग तक सड़क के दोनों ओर लागू रहेगा। अवैध पार्किंग के कारण हो रही भीड़, पैदल यात्रियों की परेशानी और इमरजेंसी वाहनों की दिक्कत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    🚦 कहां लागू हुआ नो-पार्किंग नियम

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक,

    • लोकेशन: कुरार विलेज रोड, मलाड ईस्ट
    • स्ट्रेच: आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग
    • दायरा: सड़क के दोनों किनारे
    • अवधि: 3 महीने (अस्थायी)

    यह इलाका पहले से ही संकरी सड़क और भारी ट्रैफिक के लिए जाना जाता है, जहां गलत तरीके से खड़ी गाड़ियों के कारण रोज़ लंबा जाम लगता था।

    🚗 संकरी सड़क और रोज़ का जाम बना वजह

    कुरार विलेज रोड मलाड ईस्ट का एक अहम कनेक्टर रोड है, जिससे

    • ऑफिस जाने वाले लोग
    • लोकल रहवासी
    • कमर्शियल वाहन

    लगातार गुजरते हैं।
    अवैध पार्किंग की वजह से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती थी, गाड़ियां एक लाइन में चलने को मजबूर होती थीं और पीक ऑवर में लंबी कतारें लग जाती थीं। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही थी बल्कि छोटे-मोटे हादसों का खतरा भी बढ़ गया था।

    🚑 पैदल यात्रियों और इमरजेंसी वाहनों को राहत

    ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि गलत पार्किंग के कारण

    • फुटपाथ पूरी तरह ब्लॉक हो जाते थे
    • पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता था
    • एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी गाड़ियों को निकलने में दिक्कत होती थी

    नो-पार्किंग नियम से सड़क की पूरी चौड़ाई मिलेगी और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।

    📢 आधिकारिक आदेश और सख्त कार्रवाई

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि

    • नियम तोड़ने वालों पर चालान
    • ज़रूरत पड़ने पर टोइंग एक्शन

    लिया जाएगा।
    इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की टीमें नियमित पेट्रोलिंग और अचानक जांच करेंगी। तीन महीने बाद हालात की समीक्षा की जाएगी।

    👮‍♂️ नागरिकों से सहयोग की अपील

    डिप्टी कमिश्नर ऑफ ट्रैफिक पुलिस अजीत बोराडे ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें।
    उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

    स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों से भी अपील की गई है कि वे गाड़ियां तय पार्किंग ज़ोन में ही खड़ी करें।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. नो-पार्किंग नियम कितने समय के लिए है?
    👉 तीन महीने के लिए।

    Q2. किस इलाके में नियम लागू है?
    👉 मलाड ईस्ट के कुरार विलेज रोड पर।

    Q3. कौन-सा स्ट्रेच कवर होगा?
    👉 आकाश पान शॉप से बाबाजी कोंसे मार्ग तक।

    Q4. नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
    👉 चालान और टोइंग की कार्रवाई।

    Q5. क्या यह नियम स्थायी होगा?
    👉 फिलहाल अस्थायी है, तीन महीने बाद समीक्षा होगी।

  • इन्फिनिटी मॉल मलाड में लाइव परफॉर्म करेंगी Madhubanti Bagchi, 21 फरवरी को सजेगी सुरों की शाम

    इन्फिनिटी मॉल मलाड में लाइव परफॉर्म करेंगी Madhubanti Bagchi, 21 फरवरी को सजेगी सुरों की शाम

    इन्फिनिटी मॉल मलाड में 21 फरवरी 2026 को मशहूर प्लेबैक सिंगर Madhubanti Bagchi का लाइव कॉन्सर्ट। ‘आज की रात’ और ‘नजरिया की मारी’ जैसी हिट्स पर थिरकेगा मुंबई। टिकट BookMyShow पर उपलब्ध।

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के इन्फिनिटी मॉल में 21 फरवरी 2026 को म्यूजिक लवर्स के लिए खास शाम होने जा रही है। बॉलीवुड की चर्चित प्लेबैक सिंगर और कंपोज़र Madhubanti Bagchi यहां लाइव परफॉर्म करेंगी। ‘स्त्री 2’ का सुपरहिट गाना ‘आज की रात’ और ‘हीरामंडी’ का ‘नजरिया की मारी’ जैसी दिल छू लेने वाली आवाज़ अब मुंबईकरों को लाइव सुनने को मिलेगी। इस म्यूजिकल इवेंट के टिकट BookMyShow पर उपलब्ध हैं।

    🎶 Madhubanti Bagchi: सुरों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम

    क्लासिकल म्यूजिक की मजबूत ट्रेनिंग और मॉडर्न एक्सप्रेशन के साथ Madhubanti Bagchi ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी आवाज़ में एक खास ठहराव और गहराई है, जो हर गाने को इमोशनल बना देती है।
    हाल ही में ‘आज की रात’ (Stree 2) ने म्यूजिक चार्ट्स पर धमाल मचाया और उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा में और मजबूत जगह दिलाई।

    🏬 इन्फिनिटी मॉल मलाड में फिर सजेगा लाइव म्यूजिक

    इन्फिनिटी मॉल मलाड अब सिर्फ शॉपिंग और डाइनिंग तक सीमित नहीं रहा।
    मॉल लगातार लाइव एंटरटेनमेंट, म्यूजिक इवेंट्स और कल्चरल प्रोग्राम्स के जरिए लोगों को नया अनुभव देने पर फोकस कर रहा है।
    Madhubanti Bagchi जैसे नेशनल लेवल आर्टिस्ट का लाइव शो इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।

    🎟️ टिकट और एंट्री डिटेल्स

    • इवेंट: Madhubanti Bagchi Live Concert
    • तारीख: 21 फरवरी 2026
    • स्थान: इन्फिनिटी मॉल, मलाड (मुंबई)
    • टिकट: BookMyShow पर उपलब्ध

    👉 म्यूजिक पसंद करने वालों के लिए ये इवेंट मिस करना मुश्किल होगा।

    📌 क्यों खास है ये कॉन्सर्ट?

    • बॉलीवुड की लेटेस्ट चार्टबस्टर आवाज़ लाइव
    • क्लासिकल टच के साथ मॉडर्न म्यूजिक
    • मॉल के अंदर फैमिली और यूथ-फ्रेंडली इवेंट
    • वीकेंड से पहले परफेक्ट म्यूजिकल प्लान

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Madhubanti Bagchi का लाइव शो कब है?
    👉 21 फरवरी 2026 को।

    Q2. इवेंट कहां आयोजित होगा?
    👉 इन्फिनिटी मॉल, मलाड (मुंबई) में।

    Q3. टिकट कहां मिलेंगे?
    👉 BookMyShow पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या ये फैमिली के साथ जाने लायक इवेंट है?
    👉 हां, ये फैमिली और यूथ दोनों के लिए उपयुक्त है।

    Q5. कौन-कौन से गाने सुनने को मिल सकते हैं?
    👉 ‘आज की रात’, ‘नजरिया की मारी’ समेत उनके पॉपुलर और सोलफुल ट्रैक्स।

  • मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA 120 फ्लैट First Come First Served आधार पर बेच रही है। मलाड, कांदिवली, अंधेरी समेत कई इलाकों में ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक के घर।

    मुंबई: घर खरीदने का सपना देख रहे मुंबईकरों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 120 फ्लैट First Come First Served (पहले आओ-पहले पाओ) आधार पर बेचने का ऐलान किया है। ये वे फ्लैट हैं जो पहले लॉटरी में आए थे लेकिन नहीं बिके थे। अब इन्हें सीधे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खरीदा जा सकेगा।

    🏙️ किन इलाकों में मिलेंगे MHADA फ्लैट

    MHADA के अनुसार ये फ्लैट मुंबई के कई प्रमुख और रिहायशी इलाकों में स्थित हैं, जिनमें शामिल हैं:

    • मलाड
    • कांदिवली
    • अंधेरी
    • चारकोप
    • शिंपोली
    • अंटोप हिल
    • वडाला
    • पवई
    • मानखुर्द
    • घाटकोपर
    • विक्रोली
    • बायकुला
    • टारदेव
    • लोअर परेल
    • सायन
    • जुहू

    इन इलाकों में फ्लैट की कीमत ₹38 लाख से लेकर ₹8 करोड़ तक रखी गई है।

    💰 पहले लॉटरी में आए थे ये घर

    MHADA ने साफ किया है कि ये सभी फ्लैट पहले लॉटरी स्कीम के तहत उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आवेदन न मिलने या अन्य कारणों से अनसोल्ड रह गए थे। अब इन्हें डायरेक्ट सेल के लिए खोला गया है।

    🖥️ आवेदन कब और कैसे करें

    MHADA फ्लैट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

    📅 जरूरी तारीखें

    • 5 फरवरी 2026: रजिस्ट्रेशन शुरू
    • 12 फरवरी 2026:
    • ऑनलाइन आवेदन
    • सिक्योरिटी डिपॉजिट
    • आवेदन शुल्क
    • फ्लैट सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू

    👉 आधिकारिक वेबसाइट: bookmyhome.mhada.gov.in

    🧾 फ्लैट बुक करने की प्रक्रिया

    1. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
    2. सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना
    3. “Book My Home” विकल्प से
    • बिल्डिंग / विंग
    • फ्लोर
    • फ्लैट नंबर चुनना
    1. फ्लैट फाइनल होने के 48 घंटे के भीतर 10% राशि जमा करना अनिवार्य

    अगर 48 घंटे में भुगतान नहीं किया गया तो:
    ❌ फ्लैट की बुकिंग रद्द
    ❌ पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त

    📄 पात्रता और जरूरी दस्तावेज

    MHADA के अनुसार:

    ✅ पात्रता

    • आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल
    • भारतीय नागरिक होना जरूरी

    📑 दस्तावेज

    • अविवाहित आवेदक:
    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • विवाहित आवेदक:
    • पति-पत्नी दोनों का आधार और पैन
    • डिक्री सर्टिफिकेट:
    • फ्लैट अलॉटमेंट के लिए अनिवार्य

    🏦 होम लोन लेने वालों के लिए नियम

    जो आवेदक होम लोन लेना चाहते हैं, उन्हें:

    • बैंक/वित्तीय संस्था का Pre-Sanction Letter अपलोड करना होगा
    • सत्यापन के बाद MHADA की ओर से NOC (No Objection Certificate) जारी की जाएगी

    🏡 कब्जा कब मिलेगा

    • पूरी रकम और स्टांप ड्यूटी भुगतान के बाद
    • MHADA की ओर से
    • अलॉटमेंट लेटर
    • पजेशन लेटर जारी किया जाएगा

    ❓ FAQ

    Q1. MHADA के फ्लैट कितने हैं?
    👉 कुल 120 फ्लैट।

    Q2. फ्लैट की कीमत कितनी है?
    👉 ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक।

    Q3. आवेदन कहां करना है?
    👉 bookmyhome.mhada.gov.in पर।

    Q4. क्या लॉटरी होगी?
    👉 नहीं, यह First Come First Serve आधार पर है।

  • Maharashtra: बार काउंसिल चुनाव पर हाईकोर्ट में याचिका, वोटर लिस्ट पर सवाल

    Maharashtra: बार काउंसिल चुनाव पर हाईकोर्ट में याचिका, वोटर लिस्ट पर सवाल

    बार काउंसिल ऑफ Maharashtra चुनाव 2026 की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर एडवोकेट नितिन सतपुते की याचिका, 2.70 लाख वकीलों का सत्यापन बाकी।

    मुंबई: महाराष्ट्र बार काउंसिल चुनाव 2026 को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। एडवोकेट नितिन शिवराम सतपुते ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर 24 मार्च 2026 को प्रस्तावित चुनाव की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि करीब 2 लाख 70 हजार वकीलों का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ, जिससे वे आगामी चुनाव में मतदान से वंचित रह जाएंगे।

    ⚖️ किसके खिलाफ दायर हुई याचिका

    Petition-in-High-Court-on-Maharashtra-Bar-Council-elections-question-on-voter-list

    यह रिट याचिका
    Adv. Nitin Shivram Satpute & Others बनाम Bar Council of Maharashtra एवं संबंधित प्राधिकरणों के खिलाफ दायर की गई है।

    याचिका का मुख्य तर्क है कि मौजूदा वोटर लिस्ट में गंभीर विसंगतियां हैं और बड़ी संख्या में पात्र वकीलों को मतदाता सूची से बाहर रखा गया है।

    📋 Maharashtra कितने वकील अब भी वेरिफाई नहीं

    याचिका के अनुसार, महाराष्ट्र भर में
    👉 2,70,000 से अधिक वकीलों का सत्यापन अभी अधूरा है
    👉 ये वकील फिलहाल वोटर नहीं हैं
    👉 चुनाव तय तारीख पर हुए तो हजारों अधिवक्ताओं का मताधिकार खत्म हो जाएगा

    याचिकाकर्ता का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वकीलों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

    🧾 वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप

    याचिका में यह भी कहा गया है कि:

    • वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम हैं
    • कई सक्रिय वकीलों के नाम गायब हैं
    • कुछ अयोग्य नाम सूची में शामिल हैं

    इन खामियों को दूर किए बिना चुनाव कराना अन्यायपूर्ण और अवैध होगा।

    🏛️ किस बेंच में होगी सुनवाई

    यह मामला
    सीनियर नंबर 912
    WPL/3468/2026
    कोर्ट रूम नंबर 52 में सूचीबद्ध है।

    मामले की सुनवाई
    👉 जस्टिस रविंद्र वी. घुगे
    👉 एवं माननीय डिवीजन बेंच द्वारा की जाएगी।

    👨‍⚖️ याचिकाकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील

    एडवोकेट नितिन सतपुते की ओर से निम्न वरिष्ठ वकील पेश होंगे:

    • एडवोकेट श्रवण गिरी
    • एडवोकेट एजाज नकवी
    • एडवोकेट शोभा बुद्धिवंत
    • एडवोकेट रचित सिंह
    • एडवोकेट अभिषेक बांदेकर
    • एडवोकेट दयानंद उडबाले
    • एडवोकेट मानाली गवली
    • एडवोकेट दीपक जगदेव

    📌 क्यों अहम है यह मामला

    बार काउंसिल चुनाव केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि पूरे वकील समुदाय की लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा विषय है। अगर समय रहते सत्यापन और वोटर लिस्ट सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर चुनाव की वैधता पर पड़ सकता है।


    ❓ FAQ

    Q1. बार काउंसिल चुनाव कब होने हैं?
    24 मार्च 2026 को प्रस्तावित हैं।

    Q2. याचिका किसने दायर की है?
    एडवोकेट नितिन शिवराम सतपुते ने।

    Q3. मुख्य आपत्ति क्या है?
    2.70 लाख वकीलों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हैं।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    बॉम्बे हाईकोर्ट, कोर्ट रूम नंबर 52।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।