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  • ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    ‘जाट’ फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की चर्चा

    फिल्म एक्टर और कास्टिंग डायरेक्टर की तस्वीर

    बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में जाट फिल्म ने धमाल मचा दिया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार इंट्री के बाद फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की खूब प्रशंसा की जा रही है। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    उत्तरप्रदेश/प्रयागराज- हाल ही में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म “जाट” ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतते हुए बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। एक ओर जहां फिल्म की दमदार कहानी और प्रभावशाली अभिनय की चर्चा हो रही है, तो वहीं पर्दे के पीछे एक अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर “आलोक सिंह” को भी खूब सराहा जा रहा है। एक्टर, कोएक्टर के साथ साथ डायरेक्ट भी आलोक सिंह की प्रशंसा करते नही थक रहे हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    कास्टिंग का महत्व

    कास्टिंग असल में फिल्म की जान होती है। फिल्म और कहानी के हिसाब से कैरेक्टर का चयन ही फिल्म की कामयाबी का अहम हिस्सा होता है। जाट फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर आलोक सिंह की प्रशंसा इसी बात को लेकर हो रही है। जाट फिल्म एक गंभीर सामाजिक एवं राजनीतिक विषय पर आधारित है, इस फिल्म में पहचान, आत्मसम्मान और सत्ता की जंग को बेहद वास्तविक अंदाज में दर्शाया गया है। फिल्म की प्रामाणिकता और भावनात्मक गहराई का सबसे बड़ा श्रेय आलोक सिंह को ही जाता है, जिन्होंने पात्रों के अनुरूप सटीक कलाकारों का चयन कर फिल्म में जान डाल दी। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    डायरेक्टर से मुलाकात

    फिल्म के डायरेक्टर ‘गोपीचंद मलिनेनी’ ने आलोक सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘आलोक ने फिल्म की आत्मा को शुरुआत से ही समझ लिया था। उनकी कास्टिंग इतनी सटीक थी कि हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली। यह फिल्म उनकी कास्टिंग एक्सपीरिएन्स के बिना अधूरी होती।’ (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    नए चेहरों का एडजस्टमेंट

    फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले एक्टर की प्रदर्शन की तुलना बॉलीवुड की कुछ सबसे यादगार कैरेक्टरों से की जा रही है। वहीं सहायक किरदारों में भी नए चेहरों की मौजूदगी ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ दी। आलोक सिंह की खासियत यही मानी जा रही है कि वे नए और प्रतिभाशाली कलाकारों को मौके देते हैं और उन्हें सही दिशा में तराशते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    फिल्म इंडस्ट्री

    आलोक सिंह ने पिछले कुछ वर्षों में कास्टिंग के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जाट फिल्म की सफलता ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी है। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अब एक ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी समझ न सिर्फ तकनीकी है, बल्कि वह कहानी की आत्मा को समझते हुए कास्टिंग को एक कलात्मक रूप देते हैं। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

    चर्चा हुई तेज़

    जैसे-जैसे जाट फिल्म की बॉलीवुड में लोकप्रियता बढ़ रही है और फिल्म विभिन्न पुरस्कारों की दौड़ में शामिल हो रही है, वैसे-वैसे आलोक सिंह की प्रतिभा की चर्चा भी तेज़ हो रही है। फिल्म के साथ-साथ उनके काम को भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। (Jaat movie rocks at the box office, casting director Alok Singh in the)

  • सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट करते हुए मुस्लिम व्यक्ति और उसके परिवार पर दर्ज FIR को रद्द कर दिया, कि तलाक-ए-अहसन 2019 के एकसाथ तत्काल तीन तलाक पर लगे प्रतिबंधित अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 केवल तत्काल तीन तलाक को ही अपराध की श्रेणी में लाता है। इस तरह के तलाक को तलाक-ए-बिद्दत या ट्रिपल तलाक भी कहा जाता है। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत तलाक-ए-अहसन जैसे अन्य वैध इस्लामी तलाक के तरीकों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इस फैसले के तहत, हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    क्या है तलाक-ए-अहसन?

    यह निर्णय उस मामले में आया जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता पर 2019 के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि व्यक्ति ने तलाक-ए-अहसन की प्रक्रिया अपनाई थी। तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक कहा जाता है, जिसके बाद महिला को इद्दत या तीन महीने की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कानून का दुरुपयोग

    खबरों के मुताबिक, न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख की पीठ ने कहा, “जब तथ्यों को स्वीकार किया गया है और कानून को ध्यान में रखा गया है, तो यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध केवल तलाक-ए-बिद्दत पर है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। ऐसे में यदि आरोपियों को मुकदमे का सामना करने को कहा जाए तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।” (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    महिला का आरोप

    पति-पत्नी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। कुछ महीनों तक साथ रहने के बाद वैवाहिक मतभेद उत्पन्न हुए। दिसंबर 2023 में पति ने तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक बोला और गवाहों की उपस्थिति में नोटिस भेजा। 90 दिन की इद्दत अवधि के दौरान पति-पत्नी ने पुनः साथ नहीं रहना शुरू किया, जिससे तलाक प्रभावी हो गया। हालांकि, पत्नी ने बाद में भुसावल बाजार पेठ पुलिस स्टेशन (जलगांव) में एफआईआर दर्ज कराते हुए दावा किया कि यह तलाक 2019 के अधिनियम के अंतर्गत अवैध है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने भी इसमें भूमिका निभाई। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कोर्ट का निर्णय

    कोर्ट ने कहा कि 2019 का कानून केवल तलाक-ए-बिद्दत पर लागू होता है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। तलाक-ए-अहसन मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक मान्य प्रक्रिया है, जिसमें सुलह की संभावना बनी रहती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ससुरालवालों पर एफआईआर करना उचित नहीं है क्योंकि तलाक का निर्णय पति द्वारा अकेले लिया गया होता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) को भी इस मामले में लागू नहीं माना गया। आखिरकार हाईकोर्ट ने एफआईआर और भुसावल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

  • बिना ब्याज लोन का झांसा देकर 1 करोड़ 14 लाख रूपये की ठगी

    बिना ब्याज लोन का झांसा देकर 1 करोड़ 14 लाख रूपये की ठगी

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई के साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली की एक नकली कॉल सेंटर पर छापामारी कर करोड़ों रुपये के फर्जीवाडे का खुलासा किया है। जो नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम विभाग ने दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापामारी के दौरान 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी आम लोगों को ज़ीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देकर ठगी करते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    नकली मुहर और डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल

    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को फोन करते थे और उनसे कहते थे कि वह बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और यस बैंक (Yes Bank) से बोल रहे हैं। उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए जीरो इंटरेस्ट रेट पर लोन देने का झांसा देते थे। इसके बाद जैसे ही उनका शिकार लोन के लिए अपने डॉक्यूमेंट भेज देते थे, तो उनपर नकली मुहर और डॉक्यूमेंट बनाकर अलग-अलग माध्यमों से उनकी ठगी किया करते थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    बजाज फायनेंस पर भरोसा

    पुलिस ने बताया कि मुंबई के एक बुजुर्ग व्यक्ति को इसी तरिके से 1 करोड़ 14 लाख रूपये का धोखा दिया गया। शिकायत में पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि बीना ब्याज के लोन का झांसा देकर पहले आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस मांगे। बजाज फायनेंस का नाम सुनकर उन्हें भरोसा हुआ और जैसे ही लोन के लिए उन्होंने अपने डॉक्यूमेंटस भेजे इसके बाद अकाउंट डिटेल और ओटीपी शेयर किया, आरोपियों ने उनके डॉक्यूमेंटस से छेड़छाड़ कर उनके अकाउंट में लोन का पैसा ट्रान्सफर करवाया और बाद में उनके अकाउंट से सारे पैसे उड़ा लिए। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    नकली कल सेंटर का खुलासा

    मुंबई साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत के आधार पर मुंबई साइबर पुलिस की टीम ने दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मैक्सिमाइजर मार्केटिंग (OPC) प्राइवेट लिमिटेड, आनंद विहार, हरी नगर, नई दिल्ली के नाम से कॉल सेंटर ऑपरेट कर रहे थे। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    105 मोबाइल फोन

    गिरफ्तार किये गए आरोपियों के नाम शहजाद लाल मोहम्मद खान उर्फ रहमान, अनुज उत्तम सिंह रावत उर्फ अनिल कुमार यादव और मोहम्मद आमिर हुसैन बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 105 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किए गए है। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    132 मामलों में शामिल

    पुलिस को जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे वो नंबर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज देशभर के अलग-अलग 132 मामलों में शामिल है। जांच में यह भी बात सामने आई है कि आरोपियों ने अलग-अलग प्रकार से नागरिकों का भरोसा जीतकर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की है। (1 crore 14 lakh rupees were defrauded by giving the false promise of interest free loan)

    पुलिस ने क्या कहा?

    मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और BNS की तमाम धाराओं के तहत केस रजिस्टर किय गया है और मामले की अभी और अधिक तहकीकात की जा रही है।

  • बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे पुलिस ने सोने के गहनों के साथ चोर को किया गिरफ्तार।

    बोरीवली रेलवे प्लेटफार्म से ट्रॉली बैग लेकर रफूचक्कर होनेवाले शातिर चोर को रेलवे पुलिस ने 1 लाख 30 हजार के सोने के गहनों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चुराए हुए कीमती गहनों को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज लेजाकर बेच आया था। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    मुंबई- बोरीवली रेलवे पुलिस ने एक ऐसा केस सुलझाने में कामियाबी हासिल की है। जिसको लेकर मुंबई रेलवे पुलिस बल में चर्चा का विषय बना हुआ है। 1 मार्च 2025 की चोरी की घटना में पीड़ित परिवार का ट्रॉली बैग गाड़ी से उतरते समय प्लेटफॉर्म पर ही छुट गया था। जिसमें उनके कपड़ों के साथ कीमती सोने के लगभग 1 लाख 30 हजार रुपये के गहने भी शामिल थे। मौके का फायदा उठाते हुए अज्ञात आरोपी बैंग चुराकर रफूचक्कर हो गया और जब पकड़ा भी गया तो मालूम हुआ कि आरोपी ने चोरी के गहने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लेजाकर बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पुलिस की टीम

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि घटना की जानकारी मिलते ही क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे की निगरानी में एक टीम गठित की गई। जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक राजेश वरणे, पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश साळुंके, पुलिस हवलदार एजाज शेख, पुलिस हवलदार निलेश देवरूखकर, महिला पुलिस हवलदार संगीता दुबे, सिपाही धनराज कोळी, विजय शिरोसे, निलेश घुटे, तुषार पवार को नियुक्त कर केस की छानबीन शुरू की गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    घटना की जानकारी

    बोरीवली रेलवे पुलिस थाने के क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक कांबळे ने बताया कि घटना 1 मार्च की है। जब 29 वर्षीय शिकायतकर्ता आकाश शिवदास मेवाती अपने तीन परिवारिक सदस्यों के साथ गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन से बोरीवली प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर उतरा तो आनन फानन में उसे अगली ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर 10 पर जाना था। जब पीड़ित अपने परिवार के साथ 10 नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंचा तो उसे याद आया कि उसका एक ट्रॉली बैग प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर ही छुट गया है। वहां जाकर पता लगाया तो बैग नही मिला। आस पास पूछताछ के बाद उसने शिकायत काउंटर पर इसकी सूचना दी। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कब मिला चोर ?

    रेलवे पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही जब प्लेटफॉर्म का सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया तो पता चला कोई अज्ञात व्यक्ति ट्रॉली बैग लेकर जमा करने के बजाय रेलवे स्टेशन के बाहर लेकर जा रहा है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज और फोटो FRS सिस्टम में स्थापित कर चोर की खोजबीन शुरू कर दी गई। आखिरकार 14 अप्रैल को प्लेटफार्म नंबर 10 पर एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा गया। जब उसे पुलिस स्टेशन में लाकर पूछताछ की गई तो मामला साफ हो गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    पीड़ित परिवार

    पीड़ित परिवार ठाणे जिले के भिवंडी पश्चिम, कोल्हेर भिवंडी रोड़, कशेनी टोल नाका, नीलकंठ कॉम्पलेक्स का रहने वाला है। जो 28 फरवरी हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी नंबर 12 में सवार हुए थे। जब 1 मार्च को ट्रेन बोरीवली रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो उनके साथ घटना हो गई। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    कहाँ का निकला चोर?

    पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 35 वर्षीय आरोपी का नाम अरविंदकुमार राधेश्याम हरिजन है। जो पेशे से मजदूरी करता है और बोरीवली पश्चिम के गोराई पेप्सी ग्राउंड के नजदीक बनी नई इमारत का रहने वाला है। पुलिस ने जब चोरी के गहने जिसमें सोने के पेंडल वाला 18 ग्राम मंगलसूत्र और 8 ग्राम सोने के कान के झुमके के बारे पूछताछ की तो आरोपी ने बताया कि वह अपने मुल निवास किराव धनुपुर, हण्डिया तालुका, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में बेच दिया है। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतिश शिंदे ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों से सारे कानूनी परवानगी प्राप्त करने के बाद एक टीम गठित की गई और टीम को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेजा गया जहां से चुराए हुए 26 ग्राम कुल 1 लाख 30 हजार रुपये के सोने के गहनों को वापस मुंबई लाया गया। (Borivali Railway Police arrested thief with gold jewellery)

  • Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सूना दिया, जिसके बाद से बैंक सेक्टर में हाहाकार मच गया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक लोन डिफॉल्ट के मामलों अब कोई भी बैंक एलओसी जारी नहीं कर सकेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    मुंबई- आजकल लोन लेना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज चुकाने के लिए एक निश्चित समय सीमा देती है और इसके साथ ब्याज भी लेती है। यदि कोई व्यक्ति समय पर लोन का भुगतान नहीं करता, तो बैंक उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हाल ही में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया, कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कर्ज न चुकाने वालों यानी किसी भी लोन डिफॉल्ट के खिलाफ लुकआउट सकुलर (LOC) जारी करने का अधिकार नहीं है। इस निर्णय के बाद, ऐसे बैंकों द्वारा जारी किए गए सभी एलओसी रह्द कर दिए गए हैं। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत का आदेश और प्रभाव

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की बेंच ने केंद्र सरकार के उस ज्ञापन को भी असंविधानिक घोषित किया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था। केंद्र सरकार की और से पेश हुए वकील आदित्य ठक्कर ने अदालत से अपने आदेश पर रोक लगाने की अपील की, लेकिन पीठ ने इसे अस्वीकार कर दिया। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    बैंकों का लक्ष्य सिर्फ व्यापार

    देखा जाता है कि ज्यादातर बैंक लोन देने की होड़ में उपभोक्ता से कई दस्तावेजों पर सिग्नेचर  करवा कर उसे फंसा कर रखने की कोशिश करती है। बैंकों का लक्ष्य अपना व्यापार करना होता है। जबतक उपभोक्ता अपने किश्त के पैसे जमा करता है और बैंक को मुनाफा मिलता रहता है, तब तक सब ठिक चलता है। लेकिन जैसे ही परिस्थिति बिगड़ती है और उपभोक्ता पैसे देने में असमर्थ होता है वैसे-वैसे बैंक का रुख कड़ा होने लगता है। हालांकि बैंक अपने पैसों के अलावा ब्याज के पैसौं को मिलाकर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर वसूली शुरू कर देती है और वैसे में जब उपभोगकर्ता और अधिक समस्या में फंस जाता है तब बैंक लुकाउट नोटिस जारी कर कानूनी कार्यवाही करती है। अब बम्बई हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऐसा नही चलेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत के फैसले में क्या कहा?

    बम्बई हाईकोर्ट की अदालत ने कई याचिकाओं पर अपना निर्णय सुनाया और कहा कि ब्यूरो ऐसे एलओसी पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका निर्णय किसी भी चूककर्ता के खिलाफ न्यायाधिकरण या आपराधिक अदालत के आदेशों को प्रभावित नहीं करेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

  • नगरपालिका का समर कैंप 11 साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत 6 पर केस दर्ज

    नगरपालिका का समर कैंप 11 साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत 6 पर केस दर्ज

    Mumbai News: मुंबई के नजदीक महानगर पालिका के एक स्विमिंग पूल में 11 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हो गई है। इसमे ठेकेदार समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बच्चा पूल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    Mumbai News: समर कैम्प में स्विमिंग सीखने गए 11 साल के बच्चे की पूल में डूबने से मौत हो गई है. यह घटना रविवार 21 अप्रैल लगभग सवेरे 10:30 बजे की है। मृतक छात्र का नाम ग्रंथ मुथा बताया गया है। जिस स्विमिंग पूल में हादसा हुआ, वह मीरा भाईंदर महानगरपालिका (MBMC) का है। इस मामले में 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। नवघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    किस पर करें भरोसा?

    नवघर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी नारायण सुभाष नायक, हिंगोला सीमांचल नायक, प्रथमेश मोहन कदम, अर्जुन लक्ष्मण कदम, साहस चैरिटेबल ट्रस्ट के ठेकेदार और प्रबंधन वर्ग एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ग्रन्थ मुथा ने अपने दोस्त के साथ एक स्विमिंग पूल में तैराकी सीखने के लिए 15 दिन के समर कैंप में एडमिशन लिया था। उनकी सात दिन की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी थी। हालांकि, ग्रंथ दोपहर के बैच में स्विमिंग के लिए गया और डूब गया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जब वह डूब रहा था, तब पूल में मौजूद किसी भी कोच या प्रबंधन को इस बात का पता नहीं चला। जब ग्रन्थ का शव पानी से बाहर आया तो उसे तुंगा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    पिता ने लगाया आरोप

    इस घटना के बाद ग्रंथ के पिता ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और कैंप आयोजकों की लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान चली गई। इस शिकायत के आधार पर नवघर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस दुर्घटना ने महानगर पालिका द्वारा प्रायोजित तैराकी केंद्र में सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए है। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

  • क्यों नहीं हो रही घपले की जांच? रिश्वत की बेड़ियों में जकड़ा आर/ दक्षिण वार्ड

    क्यों नहीं हो रही घपले की जांच? रिश्वत की बेड़ियों में जकड़ा आर/ दक्षिण वार्ड

    कांदीवली बीएमसी का एक ऐसा घपला आज आपके सामने पेश किया जा रहा है, जिसकी जांच और पड़ताल में ही हमारा दिमाग काम करना बंद कर दिया। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी एवं कर्मचारी हमेशा से ही हेराफेरी और घपले बाज़ी के लिए मशहूर रहे हैं। लेकिन आज आपके सामने कांदीवली पश्चिम का एक ऐसा मामला पेश करने जा रहे हैं, जो घपलेबाजों को भी शर्मसार कर दे। कहते हैं, बीएमसी जो कर दे, कोई पूछने वाला नहीं है। सत्ता या कुर्सी ही सर्वोपरि है। जब तक साहेब कुर्सी पर बैठे रहेंगे दीवान ही रहेंगे। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    क्या है पूरा मामला ?

    वाकया है कि 14 अगस्त 1993 में अपने झोपड़े जिसकी माप 15 गुने 10 फीट रही। जिसके मालिक अब्दुल रहमान 90 हज़ार रुपये में सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या को बेच देते हैं जिसे 1976 के सेंसस में भी 15 गुने 10 का ही दर्ज किया गया है। बीएमसी के जल आपूर्ति विभाग ने 25/09/2017 को पेय जल का कनेक्शन सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या का पता शॉप नियर आकांक्षा बिल्डिंग, त्रिकम दास रोड, कांदिवली (पश्चिम) के नाम पर दिया। जबकि बिजली का बिल आकांक्षा आर्केड CHS वड़ापाव शॉप त्रिकम दास रोड के पते पर आता है यानी फर्जी तरीके से आकांक्षा सोसाइटी द्वारा मौर्या फास्ट फूड टी एंड कोलड्रिंक का प्रीमाइस में होने का पत्र सोसाइटी सेक्रेटरी द्वारा एक पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण वॉर्ड को 12/03/2018 को लिखित रूप में दिया गया था। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    चाय की दुकान या फास्ट फूड की दुकान?

    लेकिन बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 13/03/2018 को मौर्या फास्ट फूड को लेंथ ऑफ फ्रेंच 6.5 मीटर बताया गया। बीएमसी द्वारा यह पत्र mr. सावंत के नाम का केयर ऑफ दिया गया। जबकि बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स को सिर्फ चाय बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को सिर्फ दो साल के लिए दिया गया। जिसमें शॉप आकांक्षा आर्केड का पता दर्ज किया गया था। हैरानी की बात यह कि गुमास्ता लाइसेंस मौर्या फास्ट फूड सेंटर के नाम से वड़ा पाव बेचने का दर्ज किया गया है। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    क्या है घपला?

    इस घपलेबाजी पर तमाम सवाल उठ खड़े होते हैं। वड़ा पाव का लाइट बिल आकांक्षा आर्केड और एप्लिकेशन फॉर्म में नियर आकांक्षा आर्केड क्यों लिखा गया? यदि वड़ा पाव शॉप लाइट बिल आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग का है, तो 394 का लाइसेंस मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स शॉप का एक्सेप्ट कैसे हुआ? नेचर ऑफ बिजनेस के अनुसार सिर्फ मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स लिखा गया है तो लाइट बिल में आकांक्षा वड़ा पाव कैसे लिखा जा सकता है? शॉप एंड एस्टेब्लिश यानी गुमास्ता लाइसेंस में आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग के पते पर नेचर ऑफ बिजनेस वड़ा पाव है, तो टी एंड कोल्ड्रिंक्स का क्यों नहीं है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    बिल्डिंग एंड फैक्ट्री विभाग

    इतना ही नहीं सवाल यह भी है कि जब सेंसस में 150 वर्ग फीट है तो गुमास्ता में 120 वर्ग फीट कैसे दर्ज किया गया है? इसमें कौन सा सही है? जबकि झोपड़े की खरीदी में एरिया 150 वर्ग फीट है और फॉर्म P में आकांक्षा आर्केड लिखा है तो बिल्डिंग एंड फैक्टरी विभाग की एन ओ सी जो केवल चाल में लिया जाता है, तो बिल्डिंग में कैसे लिया गया? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    जांच कौन करेगा?

    इतने सारे घपलों घोटालों में कौन सा बीएमसी विभाग, एप्लीकेंट और आर्केड बिल्डिंग का सेक्रेटरी सहित तमाम लोग शामिल हैं और तमाम अनियमितताएं हुई या जानबूझकर की गई, कहीं धोखाधड़ी के लिए तो साजिश नहीं की गई? जांच कौन करेगा? और गलत करने वालों को कानून के हवाले कौन करेगा? करेगा भी या नहीं? कौन बता सकता है नियमों कानूनों की हत्या में शामिल तमाम किरदार कौन है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

  • Mumbai: भगवती अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत होगा सस्ता इलाज

    Mumbai: भगवती अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत होगा सस्ता इलाज

    केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    सस्ती चिकित्सा का लाभ

    गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    राजनीतिक दलों का विरोध

    बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    अमृत भारत योजना

    उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

  • Mumbai: 16 साल के लड़के ने तलवार लेकर मचाया उत्पात, सरकारी बस में की तोड़फोड़

    Mumbai: 16 साल के लड़के ने तलवार लेकर मचाया उत्पात, सरकारी बस में की तोड़फोड़

    मुंबई के भांडुप इलाके में एक 16 वर्षीय किशोर ने गुस्से में आकर सार्वजनिक सड़क पर तलवार से हमला कर दिया। किशोर ने बस को रोका, तलवार निकालकर ड्राइवर को धमकाया और बस की विंडशील्ड व खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया। (Mumbai 16 year old boy created a ruckus with a sword, vandalized a government bus)

    मुंबई- भांडुप पुलिस ने एक 16 वर्षीय किशोर को तलवार के साथ गिरफ्तार किया है। जिसने दिन दहाड़े भरी सड़क पर नंगी तलवार लिए उत्पात मचाया। शनिवार दोपहर एक 16 वर्षीय किशोर ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा किया। तलवार लेकर उसने एक चलती सरकारी BEST बस पर हमला कर दिया और बस के ड्राइवर पर हल्ला बोल दिया। घटना में बस की विंडशील्ड और खिड़कियां टूट गईं, जिससे लगभग 70,000 रुपये का नुकसान हुआ है। (Mumbai 16 year old boy created a ruckus with a sword, vandalized a government bus)

    चाचा से मिली डांट तो मचाया उत्पात

    घटना दोपहर करीब 3:10 बजे टैंक रोड, भांडुप पश्चिम की है। पुलिस के मुताबिक, किशोर को अपने चाचा से डांट मिली थी, जिसके बाद किशोर का पारा चढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उस पर चोरी का आरोप लगाया गया था, जिससे गुस्से में आकर उसने यह कदम उठाया। किशोर के इस उत्पात की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है। (Mumbai 16 year old boy created a ruckus with a sword, vandalized a government bus)

    पुलिस की गिरफ्तार में किशोर

    हमले के दौरान बस ड्राइवर ज्ञानेश्वर राठौड़ ने समय रहते खुद को बचाया और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर सरकारी बाल सुधार गृह भेज दिया। किशोर के खिलाफ अब आपराधिक धमकी, शस्त्र अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। (Mumbai 16 year old boy created a ruckus with a sword, vandalized a government bus)

    बता दें कि किशोर पर इससे पहले से भी मारपीट और शांति भंग करने जैसे मामलों में केस दर्ज हो चुके हैं। इस घटना के दौरान पास में खड़े एक ऑटो और पानी के टैंकर के शीशे भी टूट गए, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पुलिस पूरे मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (Mumbai 16 year old boy created a ruckus with a sword, vandalized a government bus)

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)