Tag: crime

  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।

  • भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    मुंबई के भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद ने हिंसक रूप लिया। 65 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, बिल्डर और उसके साथियों पर BNS 2023 की धाराओं में FIR दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: भांडुप इलाके में चल रहे एक पुनर्विकास विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। सनबीम सोसाइटी के 65 वर्षीय निवासी रमेश प्रकाश मोहन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि एक बिल्डर और उसके सहयोगियों ने कोर्ट के आदेशों के खिलाफ चल रहे काम का विरोध करने पर बुजुर्ग पर हमला किया। इस मामले में भांडुप पुलिस ने बिल्डर विनोद शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏘️ कहां का है मामला?

    यह पूरा मामला भांडुप स्थित सनबीम सोसाइटी और उससे जुड़े बादल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पुनर्विकास प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी के कुछ सदस्य और बिल्डर के बीच लंबे समय से काम को लेकर विवाद चल रहा था।

    ⚠️ घटना का पूरा विवरण

    पीड़ित रमेश प्रकाश मोहन के अनुसार,
    29 जनवरी 2026, दोपहर के समय वह बादल बिल्डिंग के पास चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। उसी दौरान एक सफेद कार मौके पर रुकी। कार से बिल्डर विनोद शर्मा अपने दो साथियों अब्दुल, नरेंद्र कटारिया के साथ बाहर आया

    आरोप है कि:

    • विनोद शर्मा ने लकड़ी की छड़ी से रमेश मोहन के सिर पर वार किया
    • उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई
    • अचानक हुए हमले से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए

    ⚖️ रिडेवलपमेंट विवाद ही बना हमले की वजह

    पीड़ित का कहना है कि:

    • सोसाइटी के पुनर्विकास में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था
    • उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया
    • मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से
      👉 Status Quo (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश दिया गया

    इसके बावजूद काम जारी रहने से नाराज़ होकर, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए यह हमला किया।

    👮 पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?

    भांडुप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:

    • धारा 118(2) – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट
    • धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
    • धारा 351(3) – आपराधिक धमकी
    • धारा 352 – शांति भंग करने के इरादे से अपमान
    • धारा 3(5) – साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन)

    🏥 पीड़ित का इलाज जारी

    हमले में घायल रमेश प्रकाश मोहन को:

    • मुलुंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है
    • सिर में गंभीर चोटें आई हैं
    • फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है

    🔍 जांच की जिम्मेदारी किसके पास?

    इस पूरे मामले की जांच:

    • पुलिस सब-इंस्पेक्टर केतकी जगताप कर रही हैं
    • आरोपियों से पूछताछ और
    • घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के भांडुप इलाके में, बादल बिल्डिंग के पास।

    Q2. पीड़ित कौन हैं?
    ➡️ 65 वर्षीय रमेश प्रकाश मोहन, सनबीम सोसाइटी के निवासी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    ➡️ रिडेवलपमेंट के नियमों के उल्लंघन का विरोध करने के कारण।

    Q4. पुलिस ने किन पर केस दर्ज किया है?
    ➡️ बिल्डर विनोद शर्मा और उनके दो सहयोगियों पर।

    Q5. पीड़ित की हालत कैसी है?
    ➡️ अस्पताल में इलाज चल रहा है, हालत स्थिर बताई जा रही है।

  • मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मुंबई के मालाड और आसपास के इलाकों में एक्टिवा चोरी करने वाले आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से 5 स्कूटर बरामद कर कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें।

    मुंबई: मालाड और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर मालाड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 3.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस गिरफ्तारी से मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर पुलिस थानों में दर्ज 4 मोटरसाइकिल चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे हुआ चोरी का मामला दर्ज?

    दिनांक 20 दिसंबर 2025 को मालाड पश्चिम स्थित न्यू लिंक रोड पर क्लाउड नाइन हॉस्पिटल के सामने गली से एक होंडा एक्टिवा स्कूटर चोरी हो गया था। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस थाने में गु.र.क्र. 929/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) में मामला दर्ज किया गया था।

    CCTV फुटेज से खुली चोरी की परतें

    मामले की जांच के दौरान मालाड पुलिस के गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे 40 से 50 CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की। फुटेज खंगालने पर सामने आया कि अलग-अलग जगहों से एक्टिवा चोरी करने वाला आरोपी एक ही व्यक्ति है।
    CCTV में आरोपी स्कूटर लेकर मालवणी की दिशा में जाते हुए दिखाई दिया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।

    दो दिन-रात की मेहनत के बाद आरोपी दबोचा

    पुलिस उपनिरीक्षक तुषार सुखदेवे और गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार दो दिन तक निगरानी रखी। आखिरकार आरोपी को उसके रहने वाले इलाके से हिरासत में लिया गया।
    पूछताछ के दौरान आरोपी ने पिछले 5 से 6 महीनों में मालाड, जोगेश्वरी और वी.बी. नगर इलाके से कई मोटरसाइकिल चोरी करने की कबूलनामा किया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:

    • सुरेंद्र बोम्मा (उम्र 18 साल 3 महीने)
    • पता: रूम नं. 1, कर्मभूमि सोसायटी, राठोड़ी गांव, शंकर मंदिर के सामने, मालवणी, मालाड (पश्चिम), मुंबई

    कम उम्र में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

    सुलझाए गए चोरी के मामले

    इस गिरफ्तारी से कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं:

    मालाड पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 929/2025 – धारा 303(2)
    2. गु.र.क्र. 293/2025 – धारा 303(2)

    विनोबा भावे नगर पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 815/2025 – धारा 303(2)

    जोगेश्वरी पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 504/2025 – धारा 303(2)

    आरोपी से बरामद की गई स्कूटर

    पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर जब्त की हैं:

    1. MH-48-AV-2569 (सिल्वर) – ₹70,000
    2. MH-02-DH-4545 (सफेद) – ₹70,000
    3. MH-31-EB-7240 (ग्रे) – ₹70,000
    4. MH-47-S-6328 (ग्रे) – ₹70,000
    5. MH-03-CC-1916 (सफेद) – ₹70,000

    👉 कुल कीमत: ₹3,50,000

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त शशि कुमार मीना, पुलिस उप आयुक्त संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल के मार्गदर्शन में की गई।
    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चव्हाण और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) संजय बेडवाल के निर्देशन में यह सफल ऑपरेशन अंजाम दिया गया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितनी गाड़ियों की चोरी में शामिल था?
    आरोपी ने 5 से ज्यादा मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की है, जिनमें से 4 मामले सुलझाए गए हैं।

    Q2. पुलिस ने कितनी स्कूटर बरामद की हैं?
    कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद की गई हैं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    आरोपी की उम्र 18 साल 3 महीने है।

    Q4. चोरी किन इलाकों में हुई थी?
    मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर इलाकों में चोरी की घटनाएं हुई थीं।

  • ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    मुंबई में एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने वाली दो महिलाओं को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    कौन हैं आरोपी महिलाएं?

    गिरफ्तार महिलाओं की पहचान

    • हेमलता आदित्य पाटकर उर्फ हेमलता बाने (39)
    • अमरिना इक़बाल ज़वेरी उर्फ एलिस उर्फ अमरिना मैथ्यू फर्नांडिस (33)
      के रूप में हुई है।

    क्या है पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता अरविंद गोयल, गोरेगांव पश्चिम में स्थित Goyal & Sons Infra LLP नाम की कंपनी चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे रितम गोयल की सगाई 5 नवंबर को यश्वी शाह से हुई थी।

    इस खुशी में 14 नवंबर की रात अंबोली इलाके के एक होटल में पार्टी रखी गई थी।

    लिफ्ट में हुआ विवाद, दर्ज हुआ केस

    पार्टी खत्म होने के बाद 15 नवंबर तड़के करीब 2:40 बजे, रितम, उनकी मंगेतर, उसका भाई और एक दोस्त लिफ्ट में थे। उसी दौरान एक अज्ञात महिला लिफ्ट में आई और रितम पर लेज़र लाइट दिखाने का आरोप लगाया।

    लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचते ही महिला ने हंगामा किया, जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया।

    ₹10 करोड़ की मांग, डराने-धमकाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं ने इस मामले को “सेटल” करने के बदले गोयल परिवार से ₹10 करोड़ की मांग की।
    20 दिसंबर को हेमलता पाटकर ने अंधेरी पश्चिम के एक कैफे में अरविंद गोयल को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके बेटे को उम्रकैद हो सकती है।

    बातचीत के बाद रकम घटाकर ₹5.5 करोड़ तय की गई।

    लोअर परेल में बिछाया गया जाल

    इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जाल बिछाया।
    आरोपियों को लोअर परेल बुलाकर ₹1.5 करोड़ नकद देने का नाटक किया गया, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे।

    जैसे ही पैसे लेने की कोशिश हुई, पुलिस ने दोनों महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की।

    तीसरा आरोपी फरार

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में उत्कर्ष नाम का एक तीसरा आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


    FAQ

    Q1. आरोपी महिलाओं पर क्या आरोप है?
    फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही का।

    Q2. गिरफ्तारी किसने की?
    मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने।

    Q3. घटना कहां की है?
    अंबोली, अंधेरी और लोअर परेल इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q4. क्या कोई आरोपी फरार है?
    हां, उत्कर्ष नाम का तीसरा आरोपी फरार है।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • 2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    मुंबई के कंदिवली में 2013 में हुए एलपीजी गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में सेशन कोर्ट ने कबाड़ी बाबलू पासवान को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।

    मुंबई: करीब 12 साल पुराने कंदिवली गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कबाड़ का व्यवसाय करने वाले बाबलू पासवान को लापरवाही का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। यह हादसा मार्च 2013 में हुआ था, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    2013-cylinder-fire-incident-Kandivali-scrap-dealer-sentenced-to-one-year-in-jail-for-negligence-1

    कबाड़ से गैस निकालते वक्त हुआ था भीषण हादसा

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 7 मार्च 2013 की शाम करीब 6 बजे, बाबलू पासवान अपने दो साथियों की मदद से एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकाल रहा था। यह काम कंदिवली पूर्व के फ्रेंड्स शेजार कमेटी चॉल के पास एक खुले नाले में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से रिहायशी इलाका था।

    जलती सिगरेट से भड़की आग

    शिकायतकर्ता सलीम शेख, जो कंदिवली पश्चिम की जन एकता वेलफेयर सोसायटी में रहते हैं, ने अदालत को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान, आरोप है कि पासवान के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जलती हुई सिगरेट नाले में फेंक दी, जहां गैस छोड़ी जा रही थी।
    इसके बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया।


    बच्चे समेत कई लोग झुलसे

    हादसे में दो नाबालिग बच्चे और करीब 10 से 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों — शिवम अस्पताल (चारकोप), चव्हाण अस्पताल, भगवती अस्पताल और ऑस्कर अस्पताल — में भर्ती कराया गया।

    पांच लोगों की गई जान

    इलाज के दौरान प्रीति यादव, मोहम्मद अफजल शेख, शरतूनिसा खान, सोफिया खातून और मोहम्मद हवेलदार की मौत हो गई। वहीं कई अन्य जैसे नदीम खान, अमन खान, आमिर खान और जीतू बुधाहांडी गंभीर रूप से घायल होकर किसी तरह बच पाए।

    सह-आरोपी बरी, कबाड़ी दोषी

    पुलिस ने इस मामले में अब्दुल सिद्दीक जब्बार खान को भी आरोपी बनाया था, जिस पर सिगरेट फेंकने का आरोप था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, लेकिन मुख्य आरोपी बाबलू पासवान को दोषी ठहराया

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    अदालत ने फैसले में कहा कि बाबलू पासवान ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को खाली करना सुरक्षित और नियंत्रित स्थान पर किया जाना चाहिए, न कि रिहायशी इलाके के खुले नाले में। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हादसा कब और कहां हुआ था?
    A: 7 मार्च 2013 को कंदिवली पूर्व के एक रिहायशी इलाके में।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A: कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

    Q3: कोर्ट ने आरोपी को क्या सजा दी?
    A: एक साल की जेल की सजा।

    Q4: आरोपी पर किस तरह की लापरवाही साबित हुई?
    A: रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडर खाली करना।

  • Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में चार aspiring actors ने एक कारोबारी को उसका Nude Video वायरल करने की धमकी देकर 6 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मायानगरी मुंबई शहर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चार उभरते कलाकारों (aspiring actors) ने एक कारोबारी को उसके न्यूड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस ने गोराई इलाके में जाल बिछाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

    🚨 क्या है Nude Video का पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के मुताबिक,

    • पीड़ित कारोबारी की उम्र 37 साल है
    • सोमवार को उसे अचानक उसके न्यूड वीडियो भेजे गए
    • साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई

    आरोपियों ने पहले
    👉 9 लाख रुपये की मांग की
    बाद में रकम घटाकर
    👉 6 लाख रुपये कर दी

    घबराए कारोबारी ने पैसे देने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क किया।

    Malad-pilice-station-latest-news

    👥 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • अनमोल राज अरोड़ा
    • लकी संतोष वर्मा
    • हिमांशु योगेश कुमार
    • दीपाली विनोद सिंह

    पुलिस के अनुसार, ये सभी
    👉 फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रहे aspiring actors हैं।

    🎥 कैसे रिकॉर्ड हुआ न्यूड वीडियो?

    जांच में सामने आया कि:

    • आरोपी अनमोल अरोड़ा पीड़ित का परिचित था
    • दोनों साथ में पार्टी किया करते थे
    • इसी दौरान अनमोल ने चुपचाप न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल कर
    👉 कारोबारी को ब्लैकमेल किया गया।

    🚔 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

    मालाड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद
    👉 पीड़ित को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को
    👉 गोराई इलाके में पैसे लेने के लिए बुलाए

    जैसे ही चारों आरोपी तय जगह पर पहुंचे,
    👉 पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • आईटी एक्ट (Information Technology Act)

    के तहत
    👉 ब्लैकमेलिंग
    👉 जबरन वसूली
    👉 साइबर अपराध
    जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    🔍 आगे की जांच जारी

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या आरोपियों ने पहले भी किसी और को ब्लैकमेल किया है?
    • वीडियो कहां-कहां शेयर किया गया?
    • क्या इसमें कोई और भी शामिल है?

    डिजिटल सबूतों और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
    👉 निजी पलों के वीडियो/फोटो को लेकर सतर्क रहें
    👉 ब्लैकमेलिंग की स्थिति में डरें नहीं
    👉 तुरंत पुलिस से संपर्क करें


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 चार आरोपी।

    Q3. कितनी रकम की मांग की गई थी?
    👉 पहले 9 लाख, बाद में 6 लाख रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 सभी उभरते अभिनेता (aspiring actors) हैं।

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📚 किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    👉 कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    🏫 गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    👉 एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    👉 वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    📱 “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    👉 वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    👩‍🏫 पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    👉 खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    🚔 टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    👉 ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    👉 फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    👉 और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    ❗ छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    ⚖️ पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    👉 क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    ⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    👉 और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    👉 14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    👉 मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 छात्र की ट्यूशन टीचर।

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।