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  • जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    मुंबई में एक युवक के जन्मदिन पर उसके ही दोस्तों ने पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। आग मे गंभीर झुलस चुके युवक का इलाज जारी, पांच आरोपी नामजद।

    अहमद शेख
    मुंबई: सांताक्रूज़ पूर्व में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जन्मदिन मनाने के बहाने दोस्तों ने 21 वर्षीय युवक को बुलाकर उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसे युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    केक काटते ही हमला शुरू

    पीड़ित अबुल रहमान मकसूद आलम खान, बीएएफ के दूसरे वर्ष का छात्र है। 24 नवंबर की रात उसके दोस्त अयाज़ मलिक ने आधी रात को केक कटिंग का प्लान बताया। खुशी-खुशी अबुल कोहिनूर फेज-3 सोसायटी के विंग 26 पर पहुंच गया।

    अचानक जैसे ही उसने जन्मदिन का केक काटने के लिए चाकू उठाया, उसके ही पांच दोस्तों —
    अयाज़ मलिक, अशरफ मलिक, कासिम चौधरी, हुसैफा खान और शरीफ शेख — ने उस पर हमला शुरू कर दिया।

    वे उसे पत्थर मारने लगे। इसी दौरान अयाज़ और अशरफ बोतल में लाया गया पेट्रोल उस पर उड़ेलने लगे।

    लाइटर से लगाई आग, दौड़कर बचाई जान

    अबुल गंध सूंघते ही चिल्लाते हुए भागने लगा, पर तभी अयाज़ ने लाइटर जलाकर आग लगा दी।

    कुछ ही सेकंड में उसके कपड़े धधकने लगे।
    वह जान बचाने के लिए पास की बिल्डिंग की ओर दौड़ा।

    गेट पर मौजूद गार्ड से पानी लेकर खुद पर डाला, फिर पास के नल पर जाकर आग बुझाई।

    अस्पताल में भर्ती, शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर जलन

    अबुल के चेहरे, कानों, बालों, छाती, दोनों हाथों और दाएँ हाथ पर गहरी जलन है।
    आरोपियों में से हुसैफा उसे खुद अस्पताल भी लेकर गया।

    पुलिस ने दर्ज किया Attempt to Murder का केस

    वाकोला पुलिस के मुताबिक—

    “आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। हम घटना के असली कारण की जांच कर रहे हैं।”


    ❓ FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ घटना कहां हुई?
    कोहिनूर फेज-3 सोसायटी, वाकोला, मुंबई में।

    2️⃣ पीड़ित कौन है?
    अबुल रहमान मकसूद आलम खान, 21 वर्ष, BAF छात्र।

    3️⃣ कितने आरोपी हैं?
    पांच नामजद आरोपी: अयाज़, अशरफ, कासिम, हुसैफ़ा और शरीफ।

    4️⃣ क्या मामला दर्ज हो गया है?
    हाँ, हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है।

    5️⃣ क्या पीड़ित की हालत खतरे से बाहर है?
    उसे गंभीर जलन है, इलाज जारी है।

  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    ❓ FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।

  • गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    मुंबई के गोरेगांव में 17 वर्षीय लड़की ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड द्वारा पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पर BNS की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

    मुंबई: गोरेगांव पश्चिम इलाके में एक 17 साल की किशोरी ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके एक्स बॉयफ्रेंड ने पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड (एडिटेड) इंटिमेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी थी। भावनात्मक शोषण और एक्सटॉर्शन से परेशान किशोरी ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। गोरेगांव पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने की FIR दर्ज की है और आरोपी युवक की तलाश जारी है।

    🔹 मामला कैसे शुरू हुआ — रिलेशनशिप से ब्लैकमेलिंग तक

    पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की उसी इलाके के आरोपी युवक के साथ रिलेशनशिप में थी।
    अगस्त में दोनों चेन्नई भाग गए, लेकिन परिवार ने लड़की को ढूंढकर वापस घर ले आया और लड़के से सारे कॉन्टैक्ट खत्म करने को कहा।

    कुछ समय बाद आरोप है कि लड़के ने लड़की की मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाईं और पैसे मांगने लगा।
    पैसे न देने पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था।

    🔹 चोरी करके दिए पैसे — लेकिन दहशत खत्म नहीं हुई

    ब्लैकमेलिंग के डर से पीड़ित किशोरी घर से पैसे चुराकर आरोपी को दे चुकी थी।
    15 नवंबर को जब पिता ने पैसे गायब देखे, तो गोरगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

    उस समय लड़के के खिलाफ सिर्फ नॉन-कॉग्निजेबल (NC) दर्ज हुआ और पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।
    लेकिन इसके बाद भी किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहती थी और घरवालों से बात नहीं कर रही थी।

    🔹 3 दिन बाद दुखद घटना — घर में फांसी

    अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जब घर में कोई नहीं था, किशोरी ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
    परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज किया गया।

    🔹 कानूनी कार्रवाई — आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR

    गोरेगांव पुलिस के एक अधिकारी ने बताया:

    👉 आरोपी पर BNS की धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
    👉 आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


    ❓ FAQ — गोरगांव किशोरी मामले पर सवाल-जवाब

    प्रश्नउत्तर
    लड़की ने आत्महत्या क्यों की?एक्स बॉयफ्रेंड के ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर।
    आरोपी पर किस धारा में केस दर्ज हुआ है?BNS धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना।
    क्या आरोपी पकड़ा गया है?अभी फरार है, पुलिस तलाश कर रही है।
    क्या पीड़ित के परिवार ने पहले शिकायत की थी?हां, 15 नवंबर को, लेकिन तब सिर्फ NC दर्ज हुआ था।
    क्या पुलिस इस मामले में साइबर क्राइम यूनिट से मदद लेगी?जांच टीम के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर साइबर टीम को जोड़ा जाएगा।
  • गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में ऑटो रिक्शा ड्राइवर का मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी स्टीयरिंग पर बंधा फोन झटके में उड़ाकर फरार होते थे। दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में ऑटो रिक्शा ड्राइवर के स्टीयरिंग पर बंधा मोबाइल फोन चोरी करने वाले दो कुख्यात चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सोहेल खान और संदीप मोहिते बताए गए हैं, जो गोरेगांव लिंक रोड़ स्थित भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी के रहने वाले हैं। आधी रात हुई चोरी की वारदात के बाद बांगुर नगर पुलिस की टीम ने कुछ ही घंटों में दोनों को पकड़ लिया।

    वारदात कैसे हुई: रात 12:30 बजे रिक्शा में बैठे ड्राइवर का फोन उड़ाया

    44 वर्षीय ऑटो ड्राइवर मनोज साव लिंक रोड पर यात्रियों का इंतज़ार कर रहे थे। उनका फोन स्टीयरिंग पर रबर बैंड से बंधा हुआ था ताकि वे नेविगेशन आसानी से देख सकें।
    इसी दौरान आरोपी वहां आए और झटके में मोबाइल (कीमत ₹6,000) उड़ाकर फरार हो गए। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में खुलासा: दोनों आरोपी बेरोजगार, इलाके में कई चोरी की वारदातों में शामिल

    पुलिस की जांच में सबसे पहले सोहेल खान पकड़ा गया। उससे पूछताछ में संदीप मोहिते का नाम सामने आया।
    दोनों से कुल दो चोरी के मोबाइल फोन (कुल कीमत ₹11,000) बरामद हुए। पुलिस को शक है कि वे इसी तरह की कई चोरियों में शामिल रहे हैं।

    संदीप मोहिते का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

    संदीप मोहिते पर

    • 22 पुराने मामले दर्ज हैं
    • बांगुर नगर, गोरेगांव और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चोरी और गैरकानूनी गतिविधियों के केस
    • पहले भी DCP संदीप जाधव ने उसे शहर की सीमा में दाखिल होने से प्रतिबंधित किया था
      सोहेल खान पर भी 2 पुराने केस दर्ज हैं।

    पुलिस का कहना है कि दोनों चोरी को अपना “नियमित धंधा” बना चुके थे और रिक्शा ड्राइवरों के स्टीयरिंग पर लगे फोन उनकी खास टारगेट लिस्ट में थे।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी की घटना कब और कहां हुई थी?

    वारदात आधी रात करीब 12:30 बजे गोरेगांव लिंक रोड पर भगत सिंह नगर के पास हुई।

    2. गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं?

    सोहेल खान और संदीप मोहिते, दोनों भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी इलाके के निवासी हैं।

    3. आरोपियों से क्या बरामद हुआ?

    पुलिस ने दोनों के पास से दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत करीब ₹11,000 है।

    4. क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?

    हाँ, संदीप मोहिते पर 22 पुराने केस और सोहेल खान पर 2 पुराने केस दर्ज हैं।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी।

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी।
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था।
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया।

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले।

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती।
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर की हत्या के सनसनीखेज मामले को सुलझाने पर मुंबई पुलिस विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस टीम को सम्मानित किया। जानिए पूरा मामला और पुलिस की तफ्तीश कैसे पहुंची हत्यारे तक।

    मुंबई: मालाड पश्चिम मालवनी इलाके में हुए महिला हत्या केस को सुलझाने वाली मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने सम्मानित किया।
    उन्होंने पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे और उनकी टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा।
    आयुक्त भारती ने कहा,

    “इस तरह की तत्परता और पेशेवर जांच से पुलिस विभाग की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होते हैं।”

    🔹 किस मामले में दिया गया सम्मान?

    यह सम्मान पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला हत्या केस को सुलझाने के लिए दिया गया।
    पुलिस के मुताबिक, 40 वर्षीय रानी शुक्ला का शव मालाड-मालवनी इलाके के पुराने चर्च के पास झाड़ियों में अर्धनग्न अवस्था में मिला था।
    स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    संबंधित क्राईम रिपोर्ट

    🔹 पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज

    शुरुआत में पुलिस ने मामले को अपमृत्यु (Accidental Death) समझा, क्योंकि शव पर गहरी चोटों के निशान नहीं थे।
    लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी।
    इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    सूत्रों के अनुसार, महिला का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था, जिसके बाद यह हत्या हुई।
    मालवनी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों को तलाशा और मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया।

    🔹 पेशेवर जांच पर देवेंद्र भारती की सराहना

    सम्मान समारोह में विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि

    “ऐसे अपराधिक मामलो में तुरंत कार्रवाई और पेशेवर जांच से जनता का पुलिस पर भरोसा कायम रहता है। मालवनी टीम ने साबित किया है कि तेज़ और सटीक जांच से न्याय दिलाया जा सकता है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान पूरी मुंबई पुलिस के लिए प्रेरणा है।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. मालवनी पुलिस को किस मामले में सम्मान मिला?
    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला की हत्या का मामला सुलझाने पर पुलिस टीम को सम्मानित किया गया।
    Q2. सम्मान किसने दिया?
    मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा।
    Q3. रानी शुक्ला की मौत कैसे हुई थी?
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी।
    Q4. जांच में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
    पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले और सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे की टीम ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
    Q5. क्या मामला पूरी तरह सुलझ गया है?
    हाँ, पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया है और संबंधित आरोपी की पहचान कर ली गई है।

  • लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री के सिर पर चोट लगने से उसे छह टांके लगे। सेशंस कोर्ट ने कहा — “चोटिल व्यक्ति का अस्पताल से डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं।

    मुंबई: लोकल ट्रेन मे मार पीट को लेकर एक मुकदमे में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री को घायल कर दिया।
    कोर्ट ने साफ कहा कि “घायल का अस्पताल से डिस्चार्ज होना, जमानत देने का आधार नहीं हो सकता।”

    यह मामला 4 अक्टूबर का है, जब शिकायतकर्ता ने दादर से गोरेगांव स्लो लोकल ट्रेन पकड़ी थी और उसे सांताक्रूज़ स्टेशन पर उतरना था। भीड़ के कारण जब यात्री उतर नहीं पाए, तो दो लोगों में झगड़ा हुआ, जिससे एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट लगी और उसे 6 टांके लगाने पड़े।

    🚨 कौन हैं आरोपी और क्या हैं आरोप

    पुलिस ने इस मामले में दो यात्रियों — नौशाद अहमद (20) और रामसूरत राय (35) — को गिरफ्तार किया है।
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा

    • 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और
    • 118 (खतरनाक हथियार या साधन से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना)
      के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    दोनों आरोपी पिछले एक महीने से जेल में बंद हैं।

    🧾 “हम निर्दोष हैं”, आरोपियों की दलील

    आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि दोनों गरीब मजदूर हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है।
    उनका कहना था कि शिकायतकर्ता को साधारण चोट लगी थी और वह पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है।

    लेकिन अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और शिकायतकर्ता को सिर पर गंभीर चोट आई थी।

    🧑‍⚖️ जज का सख्त रुख — ‘घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं’

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत सी. काले ने 1 नवंबर को अपने आदेश में कहा:

    “आरोपियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। घायल व्यक्ति का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं हो सकता। पुलिस के कागज़ों के अनुसार, शिकायतकर्ता को लगी चोट सिर के अहम हिस्से पर गंभीर चोट है।”

    कोर्ट ने यह भी बताया कि हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया गया है।
    इसी वजह से अदालत ने कहा कि जांच अधूरी है, इसलिए इस चरण में जमानत नहीं दी जा सकती।

    🚉 मुंबई लोकल में बढ़ रहे विवाद

    मुंबई की लोकल ट्रेनें “शहर की लाइफ़लाइन” कही जाती हैं, लेकिन रोज़ाना की भीड़ और तनाव के बीच झगड़ों के मामले बढ़ रहे हैं।
    रेलवे पुलिस (GRP) के अनुसार, हर महीने दर्जनों झगड़ों और धक्कामुक्की की शिकायतें मिलती हैं, जिनमें कई बार यात्रियों को चोटें भी लगती हैं।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह घटना कब और कहां हुई थी?
    👉 यह घटना 4 अक्टूबर को दादर-सांताक्रूज़ लोकल ट्रेन में हुई थी।
    Q2. कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं?
    👉 दो आरोपी — नौशाद अहमद और रामसूरत राय — को गिरफ्तार किया गया है।
    Q3. शिकायतकर्ता को क्या चोटें आईं?
    👉 शिकायतकर्ता के सिर पर चोट लगी और 6 टांके लगाने पड़े।
    Q4. कोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी?
    👉 कोर्ट ने कहा कि घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं, क्योंकि मामला अभी शुरुआती जांच में है।
    Q5. आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    👉 धारा 115 और 118 (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • मुंबई के KEM हॉस्पिटल में डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और दोस्तों ने किया चाकू से हमला, जानिए पूरा मामला

    मुंबई के KEM हॉस्पिटल में डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और दोस्तों ने किया चाकू से हमला, जानिए पूरा मामला

    मुंबई के KEM हॉस्पिटल में एक डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और उसके दोस्तों ने चाकू से हमला कर दिया। डॉक्टर के मना करने पर गुस्से में तीनों ने हॉस्पिटल के बाहर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

    मुंबई: KEM हॉस्पिटल के एक 26 वर्षीय डॉक्टर पर उसकी गर्लफ्रेंड के भाई और उसके दोस्तों ने चाकू से हमला कर दिया।
    घटना बुधवार रात की है जब डॉक्टर हॉस्पिटल के बाहर था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने डॉक्टर से अपनी बहन के साथ घर चलने की ज़िद की थी, लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। इसी बात पर झगड़ा बढ़ गया और तीनों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया।

    इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मामला दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    👨‍⚕️ MBBS डॉक्टर जो विदेश से लौटकर कर रहा था सेवा

    जानकारी के मुताबिक पीड़ित डॉक्टर नालासोपारा में अपने परिवार के साथ रहता है। उसने 2023 में विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी और कुछ महीने पहले ही KEM हॉस्पिटल में हाउस ऑफिसर के तौर पर नौकरी जॉइन की थी।
    वहीं हॉस्पिटल में काम के दौरान उसकी मुलाकात एक 23 वर्षीय परफ्यूज़निस्ट (Perfusionist) से हुई, जिससे वह रिलेशनशिप में आ गया था।

    🔪 गर्लफ्रेंड के भाई ने बुलाया घर, मना करने पर हमला

    बुधवार को लड़की का भाई डॉक्टर से मिलने आया और उसे अपने शिवड़ी (Sewri) स्थित घर चलने के लिए कहा।
    जब डॉक्टर ने व्यस्तता का हवाला देकर जाने से मना किया, तो आरोपी भड़क गया।
    पुलिस के अनुसार, थोड़ी देर बाद आरोपी अपने दो दोस्तों के साथ लौटा और हॉस्पिटल के बाहर डॉक्टर को घेरकर पहले मारपीट की और फिर चाकू से वार कर दिया।

    डॉक्टर को तुरंत KEM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर (Stable) बताई जा रही है।

    👮‍♂️ पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार

    घटना की जानकारी मिलते ही अग्रिपाड़ा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और **तीनों आरोपियों पर हत्या का प्रयास, 324 जान से मारने की कोशिश और साझी साज़िश के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
    CCTV फुटेज और हॉस्पिटल के गार्ड्स के बयान दर्ज कर जांच की जा रही है।


    ❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ):

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    यह घटना मुंबई के प्रसिद्ध KEM हॉस्पिटल के बाहर हुई।

    Q2. डॉक्टर पर हमला क्यों किया गया?
    डॉक्टर ने अपनी गर्लफ्रेंड के भाई के साथ उसके घर चलने से मना किया था, जिसके बाद गुस्से में आरोपी ने हमला कर दिया।

    Q3. कितने लोग शामिल थे?
    हमले में लड़की का भाई और उसके दो दोस्त शामिल थे।

    Q4. डॉक्टर की हालत कैसी है?
    डॉक्टर की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वह KEM हॉस्पिटल में इलाज करा रहा है।

    Q5. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    अभी तक नहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

  • बोरीवली में दर्दनाक हादसा: 7 साल की बच्ची को ऑटो ड्राइवर ने मारी टक्कर और फरार, पैर में फ्रैक्चर

    बोरीवली में दर्दनाक हादसा: 7 साल की बच्ची को ऑटो ड्राइवर ने मारी टक्कर और फरार, पैर में फ्रैक्चर

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट इलाके में एक सात साल की बच्ची को तेज़ रफ्तार ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। बच्ची के पैर में फ्रैक्चर आया है, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम, शनिवार (11 अक्टूबर) की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। 7 साल की त्रिशा नाम की बच्ची को एक अनजान ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और बिना रुके फरार हो गया।
    घटना गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास की है, जहाँ त्रिशा अपनी दादी के साथ थी। हादसे में बच्ची के पैर में गंभीर चोट आई है और उसका इलाज चल रहा है।

    🍲 दादी के भेल स्टॉल पर गई थी बच्ची

    त्रिशा की दादी शारदा बोरीवली वेस्ट इलाके में भेल का स्टॉल चलाती हैं। 11 अक्टूबर को त्रिशा अपनी दादी के साथ स्टॉल पर गई थी।
    करीब दोपहर 3:45 बजे, जब वह सड़क पार कर रही थी, तभी तेज़ रफ्तार से आ रहे एक ऑटो ने उसे टक्कर मारी और ड्राइवर बिना रुके भाग गया।

    🏥 कांदीवली के अस्पताल में भर्ती, पैर में फ्रैक्चर

    घायल त्रिशा को परिजनों ने तुरंत बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कांदीवली में भर्ती कराया।
    डॉक्टरों ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन वह अब खतरे से बाहर है। परिजनों ने बताया कि हादसे के वक्त ऑटो बहुत तेज़ गति से आ रहा था और आसपास के लोग मदद के लिए तुरंत पहुंचे।

    🚔 पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी

    त्रिशा के पिता ने इस घटना की शिकायत बोरीवली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
    पुलिस ने तेज़ और लापरवाह ड्राइविंग (rash driving) के तहत FIR दर्ज कर ली है और फरार ऑटो ड्राइवर की तलाश जारी है।
    CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।

    ⚠️ मुंबई में बढ़ रहे हिट-एंड-रन मामले

    मुंबई में बीते कुछ महीनों में हिट एंड रन केसों में तेज़ी आई है।
    स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऑटो और बाइक चालकों की लापरवाही अक्सर हादसों का कारण बनती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत जानकारी दें ताकि दोषी को जल्द पकड़ा जा सके।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कब और कहाँ हुआ था?
    👉 यह हादसा 11 अक्टूबर को बोरीवली वेस्ट के गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास हुआ।

    Q2. घायल बच्ची की हालत कैसी है?
    👉 बच्ची के पैर में फ्रैक्चर है, फिलहाल वह बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कंधिवली में इलाजरत है।

    Q3. क्या पुलिस ने ऑटो ड्राइवर को पकड़ लिया है?
    👉 अभी नहीं, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज के ज़रिए उसकी पहचान करने में जुटी है।

    Q4. बच्ची उस वक्त क्या कर रही थी?
    👉 वह अपनी दादी के भेल स्टॉल पर गई थी और सड़क पार करते वक्त हादसा हुआ।

    Q5. पुलिस ने कौन-कौन से चार्ज लगाए हैं?
    👉 पुलिस ने राश ड्राइविंग (Rash Driving) और लापरवाही से चोट पहुँचाने के तहत मामला दर्ज किया है।

  • तुर्भे में क्रिकेट बैट और रॉड से हमला! किशोर वरक की मौत के बाद भड़के लोग, अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा

    तुर्भे में क्रिकेट बैट और रॉड से हमला! किशोर वरक की मौत के बाद भड़के लोग, अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा

    नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में 10 लोगों के गिरोह ने एक युवक और उसके दोस्तों पर क्रिकेट बैट, फाइबर रॉड, ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इलाज के दौरान युवक किशोर वरक की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    नवी मुंबई: तुर्भे इलाके में शनिवार देर रात हुए हिंसक हमले ने पूरे इलाके को हिला दिया। स्थानीय निवासी किशोर वरक, जो इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था, रविवार सुबह MGM हॉस्पिटल, वाशी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    हमले के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर जमा हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

    पुरानी रंजिश से जुड़ा है मामला

    पुलिस के अनुसार, घटना 8 अक्टूबर की रात की है। आरोपी गिरोह ने अशुतोष मोहन धुर्वे, उनके दोस्त किशोर वरक और विक्की कांबले पर क्रिकेट बैट, फाइबर रॉड, पत्थर और सीमेंट की ईंटों से हमला किया।
    बताया जा रहा है कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा था। इस झगड़े में किशोर वरक को सिर पर गंभीर चोट लगी, जिसके कारण रविवार को उनकी मौत हो गई।

    हमलावरों ने किया बेरहमी से प्रहार

    हमलावरों ने पीड़ितों को बेरहमी से पीटा।

    • धुर्वे का हाथ टूट गया
    • विक्की कांबले की पसलियां और हाथों में चोट आई
    • किशोर वरक को सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी जान चली गई

    मृतक किशोर वरक की मौत की खबर फैलते ही इलाके में गुस्सा भड़क गया।

    पुलिस ने दर्ज किया हत्या का केस

    पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया है।
    आरोपियों में शामिल हैं —
    विक्की पाटिल, संकते लाड उर्फ लाडू, ओमकार वाघमारे उर्फ गन्या, विघ्नेश घराट, शकील, मौला, चारुशिला (विक्की पाटिल की पत्नी) और तीन अन्य।

    पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके में शांति बनाए रखी जा रही है।

    अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

    किशोर वरक की मौत के बाद स्थानीय लोग MGM हॉस्पिटल, वाशी पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
    लोगों का कहना था कि आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।
    स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस ने मौके पर भारी तैनाती की।

    पुलिस का बयान

    नवी मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:

    “स्थिति नियंत्रण में है। अस्पताल और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।”


    FAQ सेक्शन

    Q1. तुरभे में हमला कब हुआ था?
    हमला 8 अक्टूबर की रात हुआ था, जबकि किशोर वरक की मौत 12 अक्टूबर की सुबह इलाज के दौरान हुई।

    Q2. इस मामले में कितने आरोपी हैं?
    कुल 10 आरोपी हैं, जिनमें पुरुषों के साथ एक महिला (चारुशिला पाटिल) भी शामिल है।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    Q4. स्थानीय लोगों ने क्यों प्रदर्शन किया?
    लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया।