बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस महज 36 घंटो के भीतर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर ले आई है। जो पड़ोस की रहनेवाली 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची पर योन दुष्कर्म कर फरार हो गया था। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
इस्माईल शेख मुंबई– महाराष्ट्र भर में लैंगिक शोषण की घटनाओं पर जन आक्रोश के माहौल के बीच अब पुलिस किसी भी तरह की कोताही से परहेज करती नजर आ रही है। इसके पहले बदलापुर की घटना ने देश को शर्मसार कर दिया। लेकिन एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने समय रहते महज 36 घंटो के भीतर फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हिरासत में लेकर मुंबई ले आई है। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
क्या है हकीकत?
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक घटना 25 अगस्त की है। जब 32 वर्षीय फरियादी अर्चना राजेश कनोजीया की 13 साल की लड़की पास के दुकान से सामान लेने गई थी। लगभग रात 11 बजे का समय था। इसी समय 21 वर्षीय आरोपी मोहम्मद जिशान मोहम्मद मुस्लीम फरियादी के घर के सामने कॉर्नर पर लड़की के कमर में हाथ डाल कर खींचा और अश्लील हरकत करने लगा। लड़की जैसे-तैसे हाथ छुड़ाकर भागी और अपनी आप बीती घटना परिवार को बताई। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
पुलिस ने कैसे किया जांच?
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक संदिप गोरडे ने बताया, कि बच्ची की मां 32 वर्षीय अर्चना राजेश कनोजीया की शिकायत पर गु.र.क्र. 507/2024 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के साथ पोक्सो कानून की धारा 8,12 के तहत मामला दर्ज कर आरोप की तलाश शुरू की गई। आरोपी तब तक फरार हो चुका था। पता चला कि आरोपी के ज्यादातर गांव वाले मुंबई के अंटॉप हिल इलाके में रहते हैं। पुलिस ने यह भी पता लगाया कि आरोपी यहां दहिसर पूर्व, संभाजी नगर, लिंक रोड से सटा बंगाली चाल में ही रहकर बस क्लिनर का काम करता था। लेकिन आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नही करता था। जिस वजह से पुलिस को आरोपी तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही थी। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
मोबाइल लोकेशन ने किया खुलासा ..
जांच अधिकारी ने बताया, कि अंटॉप हिल में एक से पूछताछ के दौरान आरोपी के दहिसर में रहने वाले भाई को कॉल पर बात करने को कहा गया। जिसमें आरोपी के भाई ने मुंबई में अपना लोकेशन बताया। लेकिन तांत्रिक विश्लेषण में उसका लोकेशन नासिक के आगे बता रहा था। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने बताया कि इसकी जानकारी प्राप्त होते ही उच्च अधिकारियों की अनुमति से जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक संदिप गोरडे, पुलिस हवलदार प्रवीण जोपळे, पुलिस सिपाही अर्जुन आहेर और टेक्नीशियन पुलिस सिपाही आदित्य राणे की एक टीम बनाकर आरोपी के पीछे भेजा गया। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
कैसे पहुंची पुलिस?
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक संदिप गोरडे ने बताया, कि लगातार 8 से 10 मोबाइल फोन के लोकेशन निकाने पर मुख्य वांटेड मोबाइल का लोकेशन नासिक के आगे रूळ रेलवे स्टेशन बता रहा था। उसी समय जारी रेल गाडिय़ों की जानकारी से पता चला कि एक गाड़ी उत्तर प्रदेश की और तेजी से चल रही है। पुलिस को पहले से आरोपी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से होने की जानकारी थी। पुलिस को पक्का हो गया कि आरोपी अपने मुल निवास की ओर जा रहा है। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
इसके साथ ही आरोपी के पिता के मोबाइल फोन विशलेषण भी आरोपी के मुल निवास ग्राम दिबोही, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश में होने की जानकारी मिली। मुंबई पुलिस ने वहां के स्थानीय पुलिस की मदद से जाल बिछाया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछा तो बताया कि वह घबराहट में फरार हो गया था। उसे लगा कि मामला शांत होने के बाद वो वापस आ जाएगा। फिलहाल आरोपी को मुंबई लाकर गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मामले की और अधिक तहकीकात एमएचबी कॉलोनी पुलिस कर रही है। (Mumbai- Sexual exploitation of 13 year old girl, police arrested from Uttar Pradesh)
Maharashtra Crime: एक ट्यूशन टीचर के घर में घुसकर एक सरफिरे ने दो बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया है। सिलेंडर ब्लास्ट करने की थी तैयारी। टीचर के पति और आस पड़ोस के लोगों द्वारा लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार।
इस्माईल शेख मुंबई– भायखला (Byculla) के घोड़ापदेव इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां हेरंब दर्शन नामक सोसाइटी के एक ट्यूशन टीचर के घर में बीते शुक्रवार की शाम अचानक एक सरफिरा घुसकर किचन के चाकू से दो नाबालिग बच्चों पर हमला कर दिया। हमलावर लगभग एक घंटे तक घर पर कब्जा करते हुई दहशत का माहौल निर्माण कर दिया था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
पुलिस की पूछताछ में आरोपी लीबंटा पटेल ने बताया कि वह इस इलाके में नया है और रास्ता भटक गया था। लेकिन जब लोगों ने उसे भगाने के लिए उसका पीछा किया तो वह डर गया। इसके बाद वह एक ट्यूशन टीचर के घर में घुसकर घबराहट में दो बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
इसके साथ ही पीड़ित बच्चे ने बताया कि हमलावर ने बच्चे को घर के अंदर बंद कर लिया था। बच्चे को उसने दो बार जमीन पर पटका। बच्चे ने बताया कि जब दूसरी बार वह जमीन पर गिरा तब बच्चे ने बेहोश होने का नाटक किया। इस बीच जब आरोपी ने शीशा उठाकर खुद के सिर पर फोड़ा तो बच्चा धीरे से उठा और किचन की तरफ भाग गया। इसके बाद वहां से लड़का वॉशरूम चला गया और अंदर से दरवाजा बंदकर करीब एक घंटे तक छिपा रहा। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
ट्यूशन टीचर ने बचाई एक बच्ची की जान
वहीं ट्यूशन टीचर जयश्री गोरडे ने बताया, कि वह यहां कई बच्चों को पढ़ाती हैं, लेकिन शुक्रवार को सिर्फ दो बच्चे थे। उस दिन जैसे ही घर में आदमी घुसा तो सब डर गए। आरोपी घर में घुसते ही सीधे किचन की तरफ गया और वहां से चाकू लेकर निकला। हमें कुछ समझ में नहीं आया कि क्या हुआ? हम बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे कि तभी उस आदमी ने मुझे बाल से पकड़कर खींचा। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
इसी दौरान उसने बच्ची जान्वी पर चाकू से हमला कर दिया। टीचर ने कहा कि “मैं मदद के लिए जोर से चिल्ला रही थी। तभी सामने वाले घर के राहुल कलम्बे ने दरवाजा खोला। लेकिन राहुल को आरोपी ने चाकू दिखाया और उसे घर के अंदर जाने को कहते हुए उसका दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसी दौरान मौका देखकर मैं बच्ची को लेकर बाहर निकल गई, लेकिन दूसरा बच्चा राज उसके साथ घर के अंदर रह गया। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
सिलेंडर ब्लास्ट करने की थी तैयारी
ट्यूशन टीचर के पति विकास गोरडे ने बताया, कि घर में किसी के घुसकर हंगामा होने की सूचना पर मैं तुरंत घर पहुंचा और हॉल की खिड़की के पास अपनी स्कूटी खड़ी की और उसपर खड़े होकर आरोपी को समझाने की कोशिश कर रहा था। तभी आरोपी किचन से सिलेंडर का बाटला हॉल में लेकर आया और आग लगाने की बात करने लगा। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
Mumbai Crime: क्यों किया बच्चों पर चाकू से हमला ?
इस दौरान उसने घर के सारे कपड़े और बिस्तर हॉल में फैला दिए और आग लगाने की कोशिश करने लगा। लेकिन माचिस नहीं जली। इस बीच वह जैसे ही किचन में गया विकास गोरडे खिड़की के जरिए हॉल में कूद गए और उनके पीछे और दो लोग घर में दाखिल होकर आरोपी को पकड़ा और बाहर खड़ी पुलिस के हवाले कर दिया। भायखला पुलिस स्टेशन की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मंजूषा परब ने बताया, कि सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि आरोपी घटना के तीन दिन पहले उड़ीसा से मुंबई आया था और एक पेंटर का काम कर रहा था। वह फोर्ट में कुछ लोगों के साथ रह रहा था। लेकिन शुक्रवार शाम को वह रास्ता भटक गया और भायखला पहुंच गया। यहां उसकी बिखरी हुई हालत देखकर लोगों ने उसे खतरा समझा और लाठी-डंडे से भगाने लगे। (Mumbai Crime, Maharashtra News)
बोरीवली पश्चिम के आईसी कॉलोनी पुलिस ने ठाणे जिले के 3 आरोपियों को नकली पुलिस के केस में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित से किया 10 लाख रुपये की वसूली ..
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (पश्चिम), आईसी कॉलोनी का रहने वाला 42 वर्षीय ईस्टेट एजंट अंकित प्रियकुमार अग्रवाल की शिकायत पर नायगांव (पूर्व), नवकार सिटी के रहने वाले 56 वर्षीय आरोपी जितेंद्र नारायण पटेल, भाईंदर (पूर्व), आदर्श इंदिरा नगर के रहने वाले 32 वर्षीय आरोपी सुदर्शन विभीषन खंदारे और भाईंदर (पुर्व), जयश्री पॅलेस के रहने वाले 43 वर्षीय आरोपी अयुब रेहमान खान को एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। तीनों ही ठाणे जिले के रहने वाले खुद को मुंबई पुलिस के कर्मचारी बता कर पीड़ित से 10 लाख रूपये वसूल कर लिए थे।
बोरीवली (पश्चिम), एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक, क्लासिक बिल्डींग, होली क्रॉस रोड, आईसी कॉलनी बोरीवली (पश्चिम) का रहने वाला 42 वर्षीय ईस्टेट एजंट अंकित प्रियकुमार अग्रवाल एलआईसी कॉलोनी, शांती आश्रम बस डेपो के सामने अपनी महिला मित्र उशा शेटटी के यहां उसकी महिला मित्र ज्योती निकम को मिलने गया था।
पुलिस का आई-कार्ड दिखाकर पैसे की वसूली
वहीं पर गिरफ्तार आरोपियों में से दो ने खुद को पुलिस बताकर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्यवाही को लेकर धमकाते हुए फरियादी को बदनाम करने धौंस दिखाकर 10 लाख रुपये वसूल कर लिए। इसी दौरान पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए पुलिस पहचान पत्र भी दिखाया। पीड़ित अंकित ने बदनामी और कार्यवाही से बचने के लिए 10 लाख रुपये दिए और बाद में एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने आकर इसकी शिकायत कर दी।
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक निलेश पाटील ने बताया कि शिकायत के आधार पर गु.र.क्र. 503/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 308, 204, 351, 352, 3(5), भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 170, 506, 504, 34 के तहत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना 22 अगस्त 2024 दोपहर 3 बजे के आसपास की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से वसूली के 10 लाख रुपये भी बरामद कर लिया गया है।
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नाबालिग से लैंगिक अत्याचार के खिलाफ मुंबई मे सेशन कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला। पोस्को कानून के तहत दिंडोशी सेशन कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ 20 साल श्रम कारावास की कड़ी सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माने लगाकर ऐतिहासिक फैसला सूनाया है। (Court’s historic decision on sexual atrocities)
इस्माईल शेख मुंबई- राज्य भर में महिलाओं और बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न को लेकर हो रहे जन आक्रोश के बीच मुंबई की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ गिरफ्तार एक आरोपी को ऐसी कड़ी सज़ा की सुनवाई, कि न्यायिक प्रक्रिया में इसे एक ऐतिहासिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है। (Court’s historic decision on sexual atrocities)
बोरीवली (पश्चिम), एम.एच.बी.कॉलनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि साल 2017 में नाबालिग बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के खिलाफ दर्ज मामले में शुक्रवार को दिंडोशी सेशन कोर्ट नंबर 15 की पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सूना कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम किया है। इसको लेकर पीड़ित परिवार भी संतोष व्यक्त किया। (Court’s historic decision on sexual atrocities)
क्या था मुकदमा?
एम.एच.बी.कॉलनी पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 486/2017 में भारतीय दंड संहिता की धारा 378 (ड), 506(2) के साथ पोस्को कानून 4,6,8,12 के तहत गिरफ्तारी आरोपी शाहरुख अलीमुल्ला शेख को गोरेगांव पश्चिम के दिंडोशी सेशन कोर्ट नंबर 15 में सुनवाई के लिए पेश किया गया। जहां सरकारी पक्ष महाजन की वकालत में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक धनजय लिगाडे ने दोषारोप पत्र दायर किया। (Court’s historic decision on sexual atrocities)
इस केस की सुनवाई के दौरान 376(ड) के अतिरिक्त धारा लगाकर माननीय न्यायाधीश ने 20 सालों की श्रम कारावास की कड़ी सजा सुनाते हुए 50 हजार जुर्माने का भी साथ में ठोक दिया है। और जुर्माने की राशि नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त 3 महिनों की कड़ी सजा की सुनवाई करते हुए एतिहासिक फैसले को सूना दिया है। माना जा रहा है कि इससे राज्य और समाज में अपराध को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही पीड़ित पक्ष को भी न्याय पर विश्वास बना रहेगा। (Court’s historic decision on sexual atrocities)
वी बी माणिक मुंबई- महाराष्ट्र के पुलिस प्रशासन पर राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पकड़ एकदम खत्म हो गयी है। उसका कारण ये है कि डीसीपी के साथ पुलिस निरीक्षक पार्टी करते है। कोई भी पुलिस निरीक्षक अपने सीनियर अधिकारियों की बात या आदेश का पालन नही करता है। यहाँ तक कि पुलिस आयुक्त गृहमंत्री के कंट्रोल में नही है। आज फिर मिली बोरे से भरी महिला की लाश, मुंबई पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश। अगर यही हाल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ेगा। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
जिस तरह महाराष्ट्र में पुलिस का रवैया चल रहा है। ऐसा लगता है, कि बिहार का जंगल राज चल रहा है। हर दिन नाबालिक बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हो रही है और पुलिस मूक दर्शक बनी है। शिकायत लेने से घबराती है। या नेताओ के दबाव में कार्रवाई नही करती है। या कोई और बात हो सकती है। पिछले 6 दिनों से दुष्कर्म की घटना में काफी बृद्धि हुई है। अब पुलिस की मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। जिस तरह अन्य राज्यो में बुलडोजर प्रथा चलाई जा रही है। ऐसी प्रथा महाराष्ट्र में क्यों नही चलाई जाती? (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
वही स्कूलों कालेजो में बैठे शिक्षक के नाम पर नरपिशाच बने हुए है। इनके ऊपर कार्रवाई क्यों नही की जाती? जो विद्वान होता है वह चरित्रवान नही होता। अब अभिभावकों को डर लग रहा है, कि कही हमारे बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाय। प्राइवेट स्कूल किसी नेता या मंत्री का होता है। शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव करने की आवश्यकता है। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
ताज़ा मामला मानखुर्द इलाके का है। आज शुक्रवार 23 अगस्त को मानखुर्द में एक महिला की हत्या कर बोरे में लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ऐसा ही अप्रैल महीने मे एक और महिला की लाश बोरे में बरामद हुई थी। दूसरी ओर ठाणे जिले के बदलापुर के स्कूल में छोटी बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न और पुलिस प्रशासन का ढीला रवैया गृहमंत्री फडणवीस का कंट्रोल पुलिस पर न होने का साफ तौर पर सबूत पेश करता है। आम जनों के बीच सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने आम जनता में भाजपा के विरुद्ध आवाज उठने शुरू हो गए हैं। यह भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छे संकेत नही है। महिला और बच्चियों की सुरक्षा मे नाकाम प्रशासन के चलते मुख्यमंत्री का “लाडली बहिण योजना” पर भी थू-थू होने लगी है। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
महाराष्ट्र के बदलापुर में एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण के बाद से बवाल मचा हुआ है। स्कूल की इमारत में तोड़फोड़ की गई पत्थरबाजी और अन्य अपराधों के सिलसिले में अब तक कुल 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर पुलिस को फटकार लगाई। (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में दो छोटी बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। इस घटना को लेकर लोग इतना आक्रोशित हो गए, कि लोग सड़कों और रेलवे ट्रैक की पटरियों पर उतर आए, इसके साथ ही जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी है। ट्रैफिक जाम कर दिया गया, इंटरनेट बंद कर दिया गया। लोकल ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गईं, कई-कई घंटों तक लोग का रेलवे स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा होता रहा। वहीं पुलिस को प्रदर्शन को रोकने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई
आज इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जजों ने सुनवाई करते हुए पुलिस की आलोचना की। वहीं राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के लिए SIT नियुक्त करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण को हम निम्न मुद्दों पर विश्लेषण करने जा रहे आप भी ध्यान दें। (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
घटना 13 अगस्त की है, जब स्कूल के टॉयलेट में दो किंडरगार्टन की बच्चियों के साथ सफाईकर्मियों ने यौन शोषण किया। इसके बाद 16 अगस्त को एक बच्ची ने अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में बताया, फिर आरोपी अक्षय शिंदे को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में स्कूल की संबंधित प्रधानाध्यापिका को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, बच्चों की देखभाल करने वाले दो नौकरों को भी बर्खास्त कर दिया गया है।
मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंके और विरोध प्रदर्शन के दौरान स्कूल की इमारत में तोड़फोड़ की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
रेल सेवाएं बंद कर दी गई, इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई, हालांकि बाद में लोकल ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं और इंटरनेट भी बहाल कर दिया गया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले पर एलान किया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में तत्काल मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का कहना है कि मामले की जांच के लिए एक टीम बदलापुर जाएगी।
उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले में SIT का गठन किया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरती सिंह की अध्यक्षता में मामले की जांच की जाएगी।
पत्थरबाजी और अन्य अपराधों के सिलसिले में अब तक कुल 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि बच्चियों के माता-पिता को पुलिस स्टेशन में 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, उसके बाद शिकायत दर्ज की गई।
FIR में हुई देरी को लेकर कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
आज गुरूवार को इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ बदलापुर छोटी बच्चियों के यौन उत्पीड़न और प्रशासन की लापरवाही को लेकर काफी गुस्से में दिखी, उन्होंने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा, FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई। उन्होंने आगे अफसोस जताते हुए कहा, कि अगर स्कूल एक सुरक्षित जगह नहीं है तो शिक्षा और अन्य सभी चीजों के अधिकार की बात करने का क्या मतलब है? (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
मध्यप्रदेश- क्या चुहे शराब पीते हैं? मध्य प्रदेश में तो पीते हैं। यहां एक चूहे को एक पुलिस स्टेशन में शराब की बोतलें खाली करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शराबी चूहे को अब अदालत के सामने पेश किया जाएगा! यह विचित्र घटना छिदवाड़ा जिले के एक पुलिस स्टेशन से प्रकाश में आई है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने प्लास्टिक की बोतलों में पैक अवैध शराब जब्त की थी और बोतलों को स्टोर रूम में रख दिया था। हालांकि, जब जब्त शराब कोर्ट में पेश करने का समय आया तो पुलिस को पता चला कि कम से कम 60 बोतलें खाली हो चुकी थीं। (Rat arrested for swallowing liquor)
पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि इन बोतलों को चूहों ने खाली कर दिया! पुलिस का कहना है कि थाने की इमारत बहुत पुरानी है, जहां चूहे अक्सर घूमते देखे जाते हैं, यहां तक कि कुतरकर रिकॉर्ड भी नष्ट कर देते हैं पुलिस ने आरोपी चूहों में से एक को गिरफ्तार करने का भी दावा किया है, जिसे अब सबूत के तौर पर अदालत के सामने पेश किया जाएगा। (Rat arrested for swallowing liquor)
हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर पारई है कि शराब की पार्टी में कितने चूहे शामिल थे! जिस मामले में शराब की बोतलें जब्त की गई, वह मामला अभी भी अदालत में लंबित है। पुलिस अब अदालत को परिस्थिति रही है, क्योंकि जब्त की गई शराब अदालत में पेश की जानी है। यह पहली बार नहीं है, जब चूहों पर पुलिस स्टेशन में शराब पीने का आरोप लगा है। (Rat arrested for swallowing liquor)
पहले का एक उदाहरण आप को बताते चलें, कि पुलिस ने शाजापुर जिला अदालत में एक ऐसी ही घटना सुनाई, तो न्यायालय और अदालत का पूरा स्टाफ हंस पड़ा था। ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश भी मध्य प्रदेश से पीछे नहीं है। साल 2018 में बरेली के छावनी पुलिस स्टेशन में रखी 1,000 लीटर से अधिक जब्त शराब गायब हो गई थी। स्थानीय पुलिसकर्मियों ने शराब गटकने का आरोप चूहे पर लगाया था। (Rat arrested for swallowing liquor)
Mumbai- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों के घरों में घुसकर चोरी किया कर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने लोगों के घरों में घुस कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने कुल 10 अपराधिक मामलों का खुलासा कर 11 लाख 70 हजार रुपये का माल जप्त किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं, जो मुंबई-गुजरात जैसे बड़े शहरों में चोरी को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि 13 अगस्त 2024 को बोरीवली (पूर्व) के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक, टाटा पावर इलाके की, एक इमारत में रहने वाले फोटोग्राफर के फ्लैट का ताला तोड़कर लगभग 30 हजार रुपये का लैपटॉप चोरी कर लिया गया था। फरियादी की तहरीर पर गु.र.क्र. 585/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(अ), 331(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपनिरीक्षक धीरज वायकोस, विजयेंद्र आंबवडे और क्राइम डिटेक्शन की टीम ने घटना स्थल का जायजा लिया। जहां उन्हें सीसीटीवी कैमरा के कुछ फुटेज मिले। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
चोरी के लिए किराए की ऑटोरिक्शा ..
फुटेज में पुलिस ने देखा कि कुछ लोग किराए की ऑटोरिक्शा से आए और इमारत मे जाने के बाद कुछ ही समय में वापस आकर उसी ऑटोरिक्शा से निकल गए। पुलिस ने शक के आधार पर जब ऑटोरिक्शा के मालिक का पता लगाकर उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से 5 लोग आए और कुछ दिनों के लिए ऑटोरिक्शा किराए पर लिया था। और अधिक पूछताछ में उसने बताया, कि वो लोग दिल्ली पासिंग ग्रे कलर की होन्डा वेगनार कार से उत्तर प्रदेश की ओर निकल चुके हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देकर मार्गदर्शन एवं जांच की अनुमति प्राप्त की। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?
कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश रुद्रमुनि नंदी मठ ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषण से पता चला कि आरोपी पालघर जिले के विक्रमगढ़, जव्हार और मोखाडा इलाके को पार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हमने वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से पालघर जिले के मोखाडा की और क्राइम डिटेक्शन की टीम को रवाना किया और वहां मोखाडा पुलिस की मदद से कार को रोका और कार मे सवार पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस थाने लाया गया और पूछताछ में आरोप सिद्ध होने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
कैसे हुआ दूसरे अपराधों का खुलासा?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के लैपटॉप के अलावा सोने और चांदी के गहने भी बरामद हुए। इसकी पूछताछ में बताया कि ये लोग घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने की हद मे चोरी की थी। जिसके खिलाफ पंतनगर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 643/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 331(2), 331(1) दर्ज है। इसके अलावा कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र 558/2024 का भी खुलासा हुआ इसमें भी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305(अ), 331(2), 331(3) के तहत यह गिरोह फरार चल रहा था। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ..
गिरफ्तार आरोपियों के नाम 38 वर्षीय एजाज रमजानी अन्सारी, 28 वर्षीय अमीर सोहेल शमीम अहमद, 28 वर्षीय सलमान तस्लीम नदाफ, 46 वर्षीय शकील इनामुल हक और 25 वर्षीय शादाब अकबर हरसेन बताया जा रहा है। ये सभी गिरफ्तार आरोपी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इमसे एजाज रमजानी के खिलाफ मुंबई, गुजरात और दिल्ली में कुल 14 मामले दर्ज हैं और अमीर सोहेल शमीम अहमद के खिलाफ गुजरात और मुंबई में कुल 4 मामले दर्ज है। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
10 लाख 70 हजार रुपये का सामना जप्त..
पुलिस ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल हथियार और वाहनों के साथ चोरी के सामानों को जप्त कर लिया गया है। जिसकी बाजार मूल्यांकन लगभग 11 लाख 70 हजार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज़ कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमें कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दो, घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने में एक और अंधेरी (पश्चिम) के ओशिवरा पुलिस थाने में कुल 7 अपराधिक मामले दर्ज है। ये लोग शहर के रिहायशी हाय प्रोफाइल इलाकों को टार्गेट करते थे और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
मामूली रास्ते की तकरार में बहस के बाद लड़कों को बुलाकर पंडित पर चाकू से प्राणघातक हमला करने वाले 4 आरोपियों में से दो को पुलिस गिरफ्तार कर दो की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- पूजा के बाद रात के समय अपने घर वापस जा रहे 34 वर्षीय आशिषकुमार शंकरलाल दूबे को राह चलते मामूली विवाद में चाकू से घायल कर फरार आरोपियों को कांदीवली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि कांदीवली पश्चिम का लालजीपाडा इलाका हरबार दहशतगर्दी के लिए सुर्खियां बटोर रहा है। यहां के लोगों को 2022 और 23 की अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं ने डरा के रख दिया है। इसी के कारण ताज़ा मामले में लोग तमाशा देखते रहे पर कोई बीच बचाव के लिए आगे नही आया।
घटना 17 अगस्त 2024 के रात लगभग 10:45 की है। जब फरियादी इरानीवाडी रोड़ नंबर 2 के वृंदावन टॉवर में पूजा पाठ करने के बाद वो अपने रिश्तेदार अजित गग्निहोत्री के साथ लालजीपाडा अपने घर वापस जा रहे थे। अभिलाख नगर और न्यू लिंक रोड़ के चौराहे पर सुलभ शौचालय के नजदीक गाड़ी मोडते समय उनकी स्कूटर को अचानक सामने से एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी और वो गाड़ी से गीर पड़े। इसपर टक्कर मारने वाले मोटरसाइकिल चालक से बहस के साथ धक्कामुक्की हुई।
धक्कामुक्की के बाद मोटरसाइकिल से टक्कर मारने वाला वहां से भाग गया। लेकिन फरियादी को पैर में चोट लगने के कारण वो कुछ समय तक वहीं रास्ते की साइड पर बैठ गए और कुछ समय बाद दोनों घर के लिए निकले तो उनकी स्कूटर के सामने वहीं टक्कर मारने वाला अपनी मोटरसाइकिल लगा कर रोकने लगा और बहस करने लगा कि “तुमने मुझे धक्का क्यों मारा।” इसपर बहस और बढ़ गई। इसी दरम्यान तीन और लोग आ गए और फरियादी और उनके रिश्तेदार के साथ हाथापाई करते हुए बांबू से पीटा गया। इसी बीच एक ने अपने जेब से चाकू निकालकर फरियादी के पेट में घूसा दिया। लेकिन फरियादी ने अपने आप को बचा लिया इस बीच चाकू का वार फरियादी के कंधे पर लगा और वो वहीं पर लहू लूहान हो गए।
मौके पर देखने वाले तमाशबीन बन वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। कोई भी बीच बचाव करने नहीं गया। लेकिन खबर की जानकारी मिलते ही, कांदीवली पुलिस मौके पर पहुंची और फरियादी को शताब्दी अस्पताल ले गई और फरियादी का बयान दर्ज कर 22 वर्षीय आरोपी प्रथम दिगंबर खिल्लारे और 22 वर्षीय छोटू मनिहार को गिरफ्तार किया है।
कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर रामनाथ गणोरे ने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त होते ही रात की ड्यूटी पर तैनात पुलिस निरीक्षक सदाशिव सावंत और क्राइम डिटेक्शन की टीम ने मौके पर पहुंच कर पूरे मामले की पड़ताल की है। हालांकि चोट के इलाज में अस्वस्थ होने के कारण फरियादी दूसरे दिन शाम को फरियाद लिखी गई। इसमें आरोपियों के खिलाफ गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 477/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109, 115(2), 118(1), 226(1), 281 और 3(5) के तहत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दो की गिरफ्तारी के बाद और दो लोगों को पुलिस तलाश कर रही है।
बता दें कि कांदीवली (पश्चिम) का न्यू लिंक रोड़ इलाका इसके पहले भी कई बार अपराधिक मामलों के लिए सुर्खियां बटोर चूका है। 2022 और 23 की दो अंधाधुंध फायरिंग की घटनाओं में दो लोगों की मौत हुुई है। 2023 में 32 वर्षीय एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मनोज सिंह चौहान के रूप में हुई थी। जो इमिटेशन ज्वेलरी का काम करता था। 2022 के अंधाधुंध फायरिंग मामलें में आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कांदीवली पुलिस को बिहार और नेपाल के बॉर्डर तक जाकर इलाके को खंगालना पड़ा था। लालजीपाडा के लोग इन दहशतगर्दी के आलम को भूल भी नहीं पा रहे हैं कि इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर से यहां लोगों के बीच दहशत निर्माण कर दिया है। यहां मुंबई पुलिस को और भी सख्ती से निपटने की जरुरत है।
2008 में पूरे मुंबई शहर को सिहरा देने वाली घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने अपने ही दोस्त के किए 300 टुकड़े, लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध और किया शॉपिंग, एक कॉल डिटेल से खुला राज़ ..
मृतक नीरज ग्रोवर बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम किया करता था और मारिया से प्यार करता था।
मारिया मोनिका सुसाइराज, कन्नड़ एक्ट्रेस जो हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई पहुंची थीं।
लेफ्टिनेंट जेरोम मैथ्यू, मारिया के बॉयफ्रेंड, जिनसे उसकी सगाई होने वाली थी।
गिरफ्तारी के दौरान ली गई मारिया सुसाइराज की तस्वीर में मारिया हंसती हुई नजर आई थीं।
इस्माईल शेख मुंबई- आज हम आपको मायानगरी मुंबई से फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसमें नाम और पैसा कमाने के चक्कर में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी जाती है और हत्या के बाद लाश के आगे शारीरिक संबंध बनाया जा रहा है और इनके बाद लाश के टुकडे कर, शॉपिंग की खरीददारी भी की जाती है। इसमें आरोपी कोई पूराना बदमाश नही है, जिसका काम इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना हो। बल्कि इस घटना को अंजाम देने वाली एक खुबसूरत और नाजुक कही जाने वाली अभिनेत्री और उसका ब्वॉयफ्रेंड है। जिन दोनों को बाद में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फोन कॉल ने खोला हत्याकांड का राज़ ..
प्रोटेस्ट के दौरान ली गई कास्टिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता की तस्वीर।
बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम करने वाले 26 साल के नीरज ग्रोवर एक रोज अचानक गुमशुदा हो गए। वो अपनी गर्लफ्रेंड और कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की घर की शिफ्ट करने में मदद कर रहे थे, लेकिन घर की शिफ्टिंग के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। पुलिस में इसकी शिकायत के बाद कई दिन और हफ्ते बीतने के बाद भी नीरज की कोई खबर नहीं मिली। नीरज को ढूंढने के लिए पूरे शहर भर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आखिरकार पुलिस को नीरज की लोकेशन की जानकारी एक मोबाइल नेटवर्क टावर से मिली। उस एक कॉल ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
मामले में पहली गिरफ्तारी हुई एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की, फिर जो खुलासे हुए, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। नीरज की हत्या हुई थी, उनकी लाश के सामने हत्यारों ने शारीरिक संबंध बनाए और फिर चंद घंटों बाद उनकी लाश के 300 टुकड़े कर दिए। मुंबई शहर के साथ इसकी खबर पूरे देश भर में फैल गई। लोग सोच में पड़ गए कि इतनी खुबसूरत ऐक्ट्रेस को हत्या करने की क्या जरूरत पड़ गई और हत्या के बाद लाश के सामने शारीरिक संबंध? लोग मानने को तैयार नहीं थे।
कौन है मारिया मोनिका सुसाइराज ?
मैसूर के क्रिश्चियन परिवार में जन्मीं मारिया मोनिका सुसाइराज बचपन से ही नाच-गाने में अव्वल थीं। पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे, जबकि चाचा नगर पालिका के कर्मचारी थे। हर बार स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मारिया ने हीरोइन बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन परिवार वाले इसके खिलाफ थे। जब घरवाले शादी का दबाव बनाने लगे तो, मारिया ने अपने परिवार का घर छोड़ दिया और बेंगलुरु आकर बस गईं।
मारिया का बेंगलूर से मुंबई का सफर..
बेंगलूर में लगातार प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटते हुए मारिया को कन्नड़ सिनेमा में जगह मिल गई। कुछ छोटे-मोटे रोल के बाद मारिया को साल 2002 में कन्नड़ सिनेमा में बड़ा ब्रेक मिला। उन्हें बतौर लीड फिल्म जूट में काम मिला। फिल्म के लिए उन्हें सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इस एक काम के बाद उन्हें चंद और फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन मारिया रीजनल सिनेमों में नहीं बल्कि पूरे भारत में पहचान बनाना चाहती थीं। जब कन्नड़ सिनेमा में उन्हें काम मिलना कम हुआ, तो मारिया ने मुंबई का रुख किया।
नीरज से कैसे हुई मुताबिक?
मारिया अक्सर ऑडिशन देने मुंबई आया करती थीं। एक दिन ऑडिशन के सिलसिले में मारिया की मुलाकात नीरज ग्रोवर से हुई। नीरज ग्रोवर की मुंबई में अच्छी पकड़ थी। नीरज ग्रोवर, शाहरुख खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’ जैसे शोज का हिस्सा रह चुके थे। साल 2008 में वो एकता कपूर के पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस “बालाजी टेलीफिल्म्स” से जुड़कर काम कर रहे थे। ऑडिशन के दौरान हुई मुलाकात के बाद नीरज और मारिया ने नंबर एक्सचेंज किए और फिर दोनों की बात होने लगी। नीरज ने मारिया से कहा कि वो बेहद खूबसूरत हैं और उन्हें काम ढूंढने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जवाब में मारिया ने कहा कि उनकी मुंबई में कोई पहचान नहीं है, जिसकी वज़ह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है।
नीरज ने की मारिया की मदद ..
मारिया की बात सुनकर नीरज ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उनका बालाजी टेलीफिल्म्स में ऑडिशन अरेंज करवाया। वो इन्हीं ऑडिशन के लिए अक्सर मुंबई आया करती थीं। समय के साथ मारिया, नीरज से ज्यादा घुलने-मिलने लगी थीं, जबकि वो पहले ही मैसूर के रहनेवाले जेरोम मैथ्यू के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थीं, जिनसे उनकी सगाई भी होने वाली थी। जेरोम इंडियन आर्मी में थे और उस समय पुणे में पोस्टेड थे।
मारिया ने नीरज से छुपाई बात ..
बड़ी हीरोइन बनने और काम मिलने का ख्वाब देखने वालीं मारिया ने नीरज को ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पहले से रिलेशनशिप में हैं। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और एक रोज मारिया ने मुंबई शिफ्ट होने का फैसला कर लिया। जब मारिया मुंबई पहुंचीं, तो नीरज ने उन्हें अपने घर में जगह दी। दोनों की दोस्ती के कई महीने हो चुके थे, लेकिन नीरज की तरफ से मारिया को कोई काम नहीं मिल रहा था। नीरज ने अपने दोस्तों को बताया था कि कन्नड़ एक्सेंट के कारण मारिया के ऑडिशन रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन मारिया को ठेस न पहुंचे, इसलिए वो अक्सर उनके सामने काम न मिलने के नए-नए बहाने बना दिया करते थे।
नीरज के खिलाफ धोखेबाजी का शक ..
नीरज के घर में रहते हुए मारिया की उनके दोस्तों से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। वो अक्सर नीरज के दोस्तों से पूछा करती थीं कि कहीं नीरज उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे? कहीं ये कास्टिंग काउच की तरह तो नहीं है? दोस्त अक्सर मारिया को समझाते थे कि नीरज उन्हें काम दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जब भी मारिया अपने बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू से बात करती थीं, तो नीरज का जिक्र होने पर बस यही कहा करती थीं कि नीरज उनसे एकतरफा प्यार करते हैं और वो उन्हें दोस्त मानती हैं। हालांकि, ये एक झूठी कहानी थी।
करीब एक हफ्ते तक नीरज के साथ लिव-इन में रहने के बाद मारिया ने मलाड के धीरज सॉलिटियर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 201 किराए पर ले लिया। 7 मई 2008, मारिया को नीरज का फ्लैट छोड़कर मलाड स्थित फ्लैट में शिफ्ट होना था। मारिया के जाने के बाद रात को नीरज ने अपने दोस्तों से कहा कि मारिया की शिफ्टिंग में मदद करवाने जा रहे हैं। करीब 10 बजे वो घर से निकल गए।
अगली सुबह नीरज के दोस्त ने उनके नंबर पर कॉल किया, तो कॉल मारिया ने रिसीव किया। मारिया ने उनके दोस्त लाल को बताया कि नीरज रात 1:30 बजे घर से निकल चुके थे और हड़बड़ी में फोन उनके फ्लैट में छोड़ गए हैं। कुछ घंटे और बीते, लेकिन नीरज न फ्लैट पर आए और न फोन लेने पहुंचे। नीरज से बात न होने पर उनके परिवार और काम से जुड़े लोग उनके दोस्त लाल को कॉल कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
आखिरकार, लाल 8 मई की शाम मारिया के फ्लैट पहुंचे। जब उन्होंने मारिया से पूछा कि वो किसके साथ निकले हैं, तो वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। आखिरकार दोनों ने सोच-विचार करने के बाद मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नीरज का फोन जब्त कर उनकी तलाश शुरू कर दी। मामले में उनके करीबियों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी। 2 दिनों बाद उनके परिवारवाले भी कानपुर से मुंबई आ गए। गुमशुदगी को दो हफ्ते बीत गए, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं थी। उनके परिवारवालों ने उनके पोस्टर छपवाए, जिसमें पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हो सका।
ऐक्ट्रेस से बनी हत्यारन ..
2 हफ्ते बीते ही थे कि पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड से सामने आया कि 8 मई की शाम को नीरज के फोन पर एक कॉल आया था, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव किया गया था। मोबाइल नेटवर्क टावर के रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस का पहला शक, मारिया सुसाइराज पर गया, क्योंकि शिकायत से पहले तक नीरज का मोबाइल मारिया के ही पास था।
कॉल पर क्या हो रहे थे बातें?
पुलिस ने मारिया को शक हुए बिना उनके खिलाफ छानबीन शुरू कर दी। जब मारिया के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो नतीजे चौंका देने वाले थे। 8 मई- 20 मई तक मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू के बीच 1 हजार कॉल हुए थे। ये कोई आम बात नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड और जेरोम के उस रात मुंबई में ही होने से पुलिस का मारिया पर शक और पुख्ता हो गया। इस सिलसिले में मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। मारिया ने बयान में वही कहानी बताई, जो उन्होंने पहले बताई थी, वहीं जेरोम ने कहा कि वो आर्मी ट्रेनिंग के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था। पुलिस ने आर्मी सेंटर से जेरोम के बयान को कन्फर्म नहीं किया, हालांकि उन्होंने शक की बिना पर जांच जारी रखी। जब मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की गई, तो उसने चौंका देने वाला खुलासा किया।
सिक्योरिटी गार्ड ने किया खुलासा ..
सिक्योरिटी गार्ड ने मालाड़ पुलिस को बताया कि 8 मई की शाम को मारिया और उनका बॉयफ्रेंड मैथ्यू कुछ बैग में भारी सामान ले जाते दिखे थे। इस बात से पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सबूत इकट्ठा करते ही पुलिस ने सबसे पहले मारिया की गिरफ्तारी की। मारिया लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन जब सख्ती की गई तो वो टूट गई। मारिया ने जो खुलासे किए, वो सुनकर हर कोई हैरान था।
मारिया ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया, कि 8 मई को ही नीरज ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, मारिया ने 7 मई को नीरज को शिफ्टिंग में मदद करने बुलाया था। दोनों घर में क्वालिटी टाइम बिता रहे थे कि तभी मारिया के बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू का कॉल आया। जब मैथ्यू ने कॉल पर पीछे से आ रही नीरज की आवाज सुनी तो वो भड़क गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि नीरज के इरादे मारिया के लिए ठीक नहीं है। जेरोम मैथ्यू को गुस्सा होते देख, मारिया ने उन्हें समझाया कि वो दोस्त होने के नाते सिर्फ मदद करने आया है। डिनर के बाद वो उसे चलता कर देंगी। जवाब में जेरोम ने कहा कि अगर नीरज उनके साथ रुका तो ठीक नहीं होगा।
अगले दिन 8 मई को मारिया के फ्लैट की डोरबेल बज रही थी। चंद सेकेंड तक मारिया दरवाजे पर नहीं पहुंचीं, तो बार-बार डोरबेल बजाई जाने लगी। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि जेरोम दरवाजे पर खड़ा था। उन्हें देखते ही मारिया डर गईं, क्योंकि उस समय नीरज उनके घर पर ही था। जेरोम फ्लैट के अंदर घुस आया। मारिया ने उन्हें बेडरूम में जाने से रोका, लेकिन जेरोम ने उन्हें धक्का दे दिया। जैसे ही जेरोम कमरे में दाखिल हुए तो देखा कि नीरज उनके बिस्तर पर थे। ये देखते ही उन्होंने नीरज को पीटना शुरू कर दिया।
मारिया ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहीं। जेरोम झगड़े के बीच किचन से चाकू ले आया, जिससे उन्होंने नीरज पर कई वार किए। जेरोम के कपड़े खून से सन चुके थे, कमरे में हर तरफ खून के छींटे थे और धीरे-धीरे नीरज की सांसें थम रही थीं। नीरज की मौत होते ही मारिया ने झटपट कमरे की सफाई शुरू कर दी। खून को साफ किया, चादर-पर्दे बदले और डेडबॉडी से खून पूरी तरह साफ कर दिया। कुछ घंटे तक नीरज की लाश उनके कमरे में ही रही। इस दौरान मारिया और जेरोम ने कई बार उसी कमरे में शारीरिक संबंध बनाए, जहां लाश थी। कुछ समय बाद दोनों नजदीकी शॉपिंग मॉल गए, जहां से उन्होंने पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे।
हत्याकांड के खुलासे में फोन कॉल ..
घर लौटकर दोनों ने मिलकर लाश के 300 टुकड़े किए। शाम करीब 4 बजे दोनों सभी टुकड़ों को लेकर आमगांव की तरफ निकले। रास्ते से पेट्रोल खरीदा और सुनसान जगह ढूंढकर बैग में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिस समय दोनों लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने निकले थे, उस समय नीरज का फोन मारिया की जींस की जेब में था। रास्ते में नीरज का फोन बजा, तो नंबर देखने के लिए मारिया ने जेब से फोन निकाला था, जिस समय गलती से उनसे कॉल रिसीव हो गया। वो एक कॉल ही इस हत्याकांड में अहम कड़ी साबित हुआ।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मारिया को सबूत छिपाने और हत्या करने में भागीदार होने पर 3 साल की सजा हुई, जबकि जेरोम मैथ्यू को 10 साल की सजा हुई। मारिया को महज 3 साल की सजा होने के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग विरोध में उतरे और मारिया की सजा बढ़ाने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि मारिया को बिग बॉस 5 का ऑफर मिला था, हालांकि वो शो का हिस्सा नहीं बनीं। जेल से निकलने के बाद मारिया पर मुंबई और गुजरात समेत कई शहरों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज हुई हैं। और इस तरह मारिया ने देशभर में पहचान तो बनाई, लेकिन उसका कारण उनका अभिनय नहीं ये हत्याकांड रहा है।