Tag: Bombay

  • Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    मुंबई लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से कसारा जा रही लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद उपाय योजना शुरू .. Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    मुंबई: कासरा जा रही एक लोकल ट्रेन पर भूस्खलन के गंभीर घटना की जानकारी सामने आ रही है। लोकल ट्रेनें मुंबईवासियों की लाईफ़ लाईन मानी जाती हैं। ये मुंबई शहर और उपनगरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लाखों यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में इस समय भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इसलिए इसका सबसे पहला असर लोकल ट्रेनों पर दिख रहा है। फिलहाल, लोकल ट्रेनों के शेड्यूल में किसी खास बदलाव की कोई खबर नहीं है। लेकिन कसारा जा रही एक ट्रेन पर भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भूस्खलन के कारण दो यात्री घायल हो गए हैं।

    बड़ा हादसा

    दिवा हादसे की कड़वी यादें अभी मिटी भी नहीं, कि मुंबई लोकल का एक और गंभीर हादसा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर गिरे भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    एक का पैर गंभीर जख्मी

    बताया जा रहा है कि मुंबई से कसारा जा रही एक लोकल ट्रेन अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री सफर कर रहे थे जिस वक्त ये हादसा हुुआ। बताया जा रहा है कि एक के पैर में गंभीर चोट लगी है। घायलों को इलाज के लिए कसारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    कब की है घटना?

    घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। जब मुंबई से कसारा जा रही ट्रेन कसारा रेलवे स्टेशन पहुँच रही थी। लेकिन कसारा रेलवे स्टेशन के पास एक पहाड़ी पर दरार के कारण लोकल ट्रेन के उपर ही मलबा गिर पड़ा। मौके पर लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री के पैर में गंभीर चोट आई है। लोकल ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी गिर गई। इनमें से कुछ पत्थर और मिट्टी लोकल ट्रेन के दरवाजे से होकर अंदर चली गई।

    मौके पर प्रशासन

    स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना से हड़कंप मच गया है। गनीमत रही कि कोई बड़ा पथराव नहीं हुआ। वरना, कोई बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो सकती थी। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

  • प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    मृतक शख्स का नाम विजय चौहान है। हत्या की आरोपी महिला का नाम गुड़िया चमन चौहान और उसके प्रेमी का नाम मोनू विश्वकर्मा बताया गया है। इस दंपती का एक 8 साल का बेटा भी है। Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    क्या है पूरा मामला?

    बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।

    जमीन की खुदाई में मिला शव

    वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।

    मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़

    यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।

  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के सभी आरोपी हो गए बरी, फांसी की सजा भी हुई रद्द

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के सभी आरोपी हो गए बरी, फांसी की सजा भी हुई रद्द

    Mumbai Train Blast: 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गिरफ्तार सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    न्यूज़ डेस्क
    Mumbai Train Blast:
    साल 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए सभी को बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस केस में शामिल सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है और उन्हें तुरंत जेल से रिहा करने का भी आदेश दिया है। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    क्या है पूरा मामला?

    11 जुलाई 2006 की शाम को मुंबई में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। उस वक्त लोकल ट्रेनें यात्रियों से भरी थी। तभी महज़ 11 मिनट के भीतर शहर की अलग-अलग जगहों पर 7 धमाके हुए। इस घटना में 189 लोगों की मौत हो गई और 827 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ये धमाके खार, सांताक्रूज, बांद्रा, जोगेश्वरी, माहिम, मीरा रोड, भायंदर, माटुंगा, माहिम और बोरीवली में हुए थी। इस हमले से पूरे मुंबई में डर और अफरा-तफरी मच गई। शुरू में इन घटनाओं को लेकर सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं, लेकिन बाद में जब यह पता चला कि यह एक बड़ा आतंकी हमला है, तो इसकी जांच ATS को सौंप दी गई।

    12 लोगों को दोषी ठहराया गया

    नवंबर 2006 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। 2015 में ट्रायल कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था और इनमें से 5 को फांसी की सजा और 7 को उम्रकैद दी गई थी। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    गवाहों पर नहीं हुआ कोर्ट को भरोसा

    ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जनवरी 2025 में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई और अब 19 साल बाद फैसला आया की सभी आरोपियों को बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति एस. चांडक की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष यानी कि सरकार की ओर से मुकदमा लड़ने वाले पक्के सबूत नहीं दे सके जिसके कारण ये फैसला लेना पड़ा है।

    कोर्ट ने 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में दिए गए ज्यादातर गवाहों के बयानों को भरोसे लायक नहीं माना। फैसले में कहा, कि टैक्सी ड्राइवरों और ट्रेन में मौजूद लोगों के लिए धमाके के 100 दिन बाद आरोपियों को पहचानना बहुत मुश्किल था। इतने लंबे समय बाद दी गई गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए कोर्ट ने गवाही को मान्यता नहीं दी। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    राज्य सरकार की याचिका भी हुई खारिज

    हाईकोर्ट ने न सिर्फ आरोपियों की अपील मंजूर की, बल्कि राज्य सरकार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने फांसी की सजा बरकरार रखने की मांग की थी। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

  • मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मध्यरेल के मुंबई मंडल डीआरएम रेल यात्रियों के लिए मौत का सौदागर बने हुए हैं। यहां रिश्वतखोरी की आंच इतनी तेज लगी हुई है कि हिरेश मीना अपनी होश तक खो चुके हैं। जबकि लगातार रेल दुर्घटनाओं में मारे जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का सामराज्य है। आजकल यात्रियों के ट्रेन से गिरने की घटना में काफी वृद्धि हो गयी है। सूत्रों के अनुसार मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच प्रतिदिन 5 से 7 लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस पर रेल प्रशासन पूरी तरह मौन है। क्या इस तरह लोगों की मौतों के लिए प्रशासन की कोई जवाबदेही नही बनती? Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    किसकी है जवाबदेही?

    इस विषय पर जब चर्चा करने के लिए पत्रकार, डीआरएम मुंबई मंडल हिरेश मीना से मिलना चाहा, तो मीना ने मिलने से मना करते हुए बहाना बना दिया। कहा, कि जीएम का आदेश है कि पत्रकारों को केवल पीआरओ ही जबाब देंगे। जबकि पीआराओ का काम सिर्फ विशेष एनाउंसमेंट के लिए होता है। जबकि सुरक्षा को लेकर डीआरएम की जवाबदेही होती है। उन्हें पता था कि पत्रकारों के सवालों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी लिए उन्होंने पहले से पीआराओ का हवाला देते हुए अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ा लिया। जबकि ऐसे अधिकारी को पद से बेदखल कर देना चाहिए।

    मीना के आते ही कर्मचारी हुए लापरवाह

    और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि जब से हिरेश मीना ने डीआरएम का पद भार संभाला है तब से मुंबई मंडल के रेलकर्मी लापरवाह और निष्क्रिय हो गए हैं। क्योंकि डीआरएम मीना खुद लापरवाह और निष्क्रिय है। आगे बता दे कि कल्याण स्टेशन पर कुछ दिनों से मेल एक्सप्रेस गाड़ियों के आवागमन की घोषणा ठीक से नही की जाती है और मेल गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लेने का निर्णय लिया था जो गाड़ी कसारा की ओर से आएगी और जो गाड़ी कर्जत की ओर ओर से आएगी उसको प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर लिया जाएगा। जिसका पालन नही हो रहा है।

    हादसा होने का कारण क्या है?

    बिना अनाउंसमेंट के गाड़ी प्लेटफार्म पर आ जाती है। जब गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, उसके बाद अनाउंस किया जाता है, कि फलां गाड़ी फलां प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। तो जान लो यात्रियों की कैसी भगदड़ होती होगी? कल्याण का स्टेशन मास्टर राधे कृष्ण मीना की लापरवाही से कसारा की ओर से आने वाली पंचबटी एक्सप्रेस को कभी 6 तो कभी 5 नंबर प्लेटफार्म पर लिया जाता है। जिसके कारण यात्री प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे लाइन पटरी पर से गाड़ी पकड़ते है।

    क्या है सवाल?

    ऐसे अनगिनत कारणों की वजह से बड़े हादसे की संभावना से कोई भी इनकार नही कर सकता। इस पर भी मीना का पूरा आशिर्वाद प्राप्त है। इससे गाड़ी में चलने वाले अवैध हॉकरों और स्टेशन मास्टर मीना को काफी फायदा हो रहा है। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    रेलवे का दुर्भाग्य

    इसी विषय पर चर्चा करने के लिए डीआरएम हिरेश मीना से मिलकर यात्रियों को नया जीवन देने के लिए पत्रकार ने समय मांगा था। पर हिरेश मीना के पास समय नही है वह अपने कैबिन में कौन सी मीटिंग करता है? ये किसी को मालूम ही नही। अपने कैबिन में आरपीएफ को बैठा रखा है अपनी सुरक्षा के लिए। अब अंदर की जानकारी कौन देगा? दुर्भाग्य है, कि ऐसे डीआरएम आते रहेंगे तो रेलवे का बंटाधार ही होगा।

  • मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    यह पहली बार है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    मुंबई: मालाड़ में शंकर लेन के 64 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को वहीं नजदीक के साईराज गुडियापाड़ा बिल्डिंग में झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के परमानेंट ट्रांजिट कैंप (PTC) में अपने नए घरों की चाबियाँ मिलीं। यह कैंप उनके मूल पते से 10 मिनट की दूरी पर स्थित है। इस परिवर्तन से शंकर लेन को वलनई कॉलोनी के गौतम बुद्ध मार्ग तक विस्तारित करने के पहले दो चरणों का मार्ग प्रशस्त होगा, जो न्यू लिंक रोड की ओर जाता है। यह खंड 150 मीटर लंबा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    पहली बार मिला SRA में घर

    यह पहली बार है कि रोड़ निर्माण प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। उसके बाद दूसरी मर्तबा 64 लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है।

    Mumbai-maad-kandivali-sra-news
    वलनई गौतम बुद्ध मार्ग की तरफ बढ़ता हुआ प्रोजेक्ट

    सरकार का प्रस्ताव

    स्थानांतरण के इस तरीके का विचार अगस्त 2024 में महाराष्ट्र सरकार के एक प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से आया था, जिसमें 50% पीटीसी घरों को स्थायी आवास के लिए पीएपी घरों में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन निवासियों को आवास प्रदान करना था जिनके घर एसआरए योजनाओं के तहत किराए पर हैं।

    एसआरए ने क्या कहा?

    एसआरए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि “पीटीसी घरों की ज़रूरत बहुत ज़्यादा नहीं है, जबकि पीएपी के लिए घरों की कमी है। मालाड़ पहला स्थान है जहाँ इस तरह का रूपांतरण किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा किए जाने पर विचार किया जा रहा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    सांसद ने किया था अनुरोध

    जी.आर. प्रकाशित होने के एक महीने बाद, केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल, जिन्होंने निवासियों को चाबियाँ सौंपी। उन्होंने एस.आर.ए. को पत्र लिखकर मालाड़ में 266 पी.टी.सी. घरों को शीघ्र परिवर्तित करने की मांग की थी, ताकि सड़क का काम तेजी से किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जोन-4 की डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर भाग्यश्री कापसे ने कहा, “शंकर लेन से न्यू लिंक रोड तक विस्तार में 550 मीटर का लिंक गायब है, जिसके बन जाने पर मालवणी, जनकल्याण नगर, लालजी पाड़ा से पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे (WEH) तक अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध होगी।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भविष्य में इससे मार्वे रोड और मालाड़ सबवे पर यातायात को आसान बनाने में मदद मिलेगी।” उन्होंने आगे बताया, कि “दूसरे चरण के स्थानांतरण के साथ, सड़क की निकासी के लिए चरण 2 पूरा हो गया है। हम जल्द ही चरण 3 शुरू करेंगे।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    Mumbai-malad-kandivali-shankerlan-road-project-news
    शंकरगली पर प्रभावित स्ट्रक्चर ध्वस्त किए जाने के बाद की तस्वीर

    और भी 183 को मिलेगा मकान

    लापता लिंक में कुल प्रभावित स्ट्रक्चर 357 थीं, जिनमें से 293 रेसिडेंटल और 53 कमर्शियल हैं। पहले चरण के 110 स्ट्रक्चर को पहले ही ध्वस्त करने के बाद अब, 64 स्ट्रक्चर जिनके निवासियों ने अपने नए घरों की चाबियाँ हासिल कर ली हैं, उसे भी दूसरे चरण में ध्वस्त कर दिया गया। अब चरण 3 शुरू करने के लिए 183 स्ट्रक्चरों के निवासियों का पुनर्वास किया जाना बाकी है।

    मालाड़ बीएमसी से मिली जानकारी

    मालाड़ बीएमसी के पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड के लगभग 181 पीटीसी घरों को पीएपी घरों में परिवर्तित कर दिया गया है, और निवासियों को फिर से आवास देने की प्रक्रिया छह महीने से चल रही है।

    पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया, “चरण 3 में अब कुछ महीने लगेंगे, क्योंकि न्यू लिंक रोड पर वलनई मेट्रो स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर सड़क के संरेखण को ठीक करना होगा। उसके बाद निवासियों का पुनर्वास शुरू होगा।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

  • व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    नालासोपारा में एक पिता और पुत्र ने एक व्यस्त चौराहे पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    महाराष्ट्र/पालघर: वसई-विरार इलाके में ट्रैफिक पुलिस पर हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं नालासोपारा में हुई एक चौंकाने वाली घटना इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रही है। प्रगति नगर इलाके के एक व्यस्त चौराहे पर पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना का रोमांचक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और हर जगह हलचल मचा दिया है।

    दिनदहाड़े सड़क पर हमला

    जब ट्रैफ़िक पुलिस प्रगति नगर के पास एक गोलचक्कर पर अपनी नियमित ड्यूटी कर रही थे, तभी मंगेश नारकर और उसके बेटे पार्थ नारकर ने अचानक दो ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मी हनुमंत सांगले और शेष नारायण अत्रे को बीच सड़क पर पीट-पीटकर मारा गया। पिता ने पुलिसकर्मी को पकड़कर सड़क पर लिटा दिया, जिसके बाद बेटे ने उसके पेट और सीने पर लात-घूंसों से वार करना शुरू कर दिया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    जैसे ही यह आम लोगों के लिए रोमांचक घटना घटी, कई नागरिक घटनास्थल पर जमा हो गए। कुछ ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। आखिरकार, एक अन्य पुलिस अधिकारी के दौड़कर आने पर आरोपियों को रोका गया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    वजह क्या थी?

    हालाँकि घटना के पीछे का असली कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि वाहन निरीक्षण के दौरान हुई बहस ने हमले का रूप ले लिया होगा। हालाँकि, पुलिस आगे की जाँच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

    कानूनी कार्रवाई शुरू

    इस घटना के बाद, नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन में मंगेश नारकर और पार्थ नारकर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

    नागरिकों का आक्रोशित, सख्त कार्रवाई की मांग

    इस घटना से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद लोग पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह सवाल भी उठाया है कि, “यदि यातायात पुलिस के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिकों के बारे में क्या?”

  • मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी रैकेट पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, लग्जरी गाड़ियां और कीमती सामान जब्त किए हैं। मामले में डब्बा ट्रेडिंग जैसे अवैध नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेन-देन हो रहा था। Raid on ‘Dabba Trading’ and online betting racket in Mumbai, cash worth crores recovered

    मुंबई: देश में एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर घपलेबाजों का एक रैकेट सामने आया है। इंदौर के एक मामले में ईडी को मुंबई से कनेक्शन प्राप्त हुआ है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक बड़ा एक्शन सामने आया है। इसके तहत ईडी ने मंगलवार को मुंबई में अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी की, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

    चार जगहों पर छापेमारी

    Raid-on-online-betting-racket-in-Mumbai-cash-worth-crores-recovered

    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने चार जगहों से करीब 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, कीमती घड़ियां, गहने, विदेशी मुद्रा और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। साथ ही ये अधिकारियों ने ये भी बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है। बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार में एक अवैध और बिना लाइसेंस वाली ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें लेन-देन का कोई रिकॉर्ड स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज नहीं होता।

    किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर है शक?

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि वीमनी, वीएम ट्रेडिंग, स्टैंडर्ड ट्रेड्स लिमिटेड, आईबुल कैपिटल लिमिटेड, लोटसबुक, 11स्टार्स और गेमबेटलीग जैसे कई ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें से कई ऐप्स व्हाइट-लेबल तरीके से चलाए जा रहे थे यानी अलग-अलग लोगों को इन ऐप्स के प्रशासनिक अधिकार देकर मुनाफे में हिस्सेदारी दी जा रही थी।

    मध्यप्रदेश के इंदौर मे मामला दर्ज

    गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लसूड़िया थाने में दर्ज एक एआईआर पर आधारित है। हालांकि ईडी को कुछ हवाला ऑपरेटर्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान हुई है। उनके डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

  • Mahendragiri: नौसेना को मिलेगा स्टील्थ युद्धपोत महेंद्रगिरि, कांप जाएगा दुश्मन का कलेजा

    Mahendragiri: नौसेना को मिलेगा स्टील्थ युद्धपोत महेंद्रगिरि, कांप जाएगा दुश्मन का कलेजा

    नेशनल डेस्क
    मुंबई:
    भारतीय नौसेना के खेमें में फरवरी 2026 में अत्याधुनिक हथियारों, सेंसरों और प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणालियों से लैस नीलगिरी श्रेणी (प्रोजेक्ट-17 अल्फा) का चौथा युद्धपोत महेंद्रगिरी शामिल हो जाएगा। पहले युद्घपोत नीलगिरि को जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में कमीशन किया गया था। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में बन रहा दूसरा युद्धपोत उदयगिरि 1 जुलाई को नौसेना को सौंपा गया था। Indian Navy will get stealth warship Mahendragiri, enemy’s heart will tremble

    Indian-Navy-will-get-stealth-warship-Mahendragiri

    हर खतरे से निपटने मे परिपक्व

    रक्षा मंत्रालय ने कहा, कि ये युद्घपोत भारत के समुद्री सीमा क्षेत्र में पारंपरिक और गैर पारंपरिक दोनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम हैं। मंत्रालय ने सोमवार को मुंबई स्थित एमडीएल में बन रहे महेंद्रगिरि का एक वीडियो साझा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, महेंद्रगिरि, प्रोजेक्ट 17ए का सातवां और सबसे उन्नत युद्घपोत है। यह भारत की नौसैनिक विरासत और भविष्य को दर्शाता है। यह आत्मनिर्भर भारत का एक सच्चा प्रतीक है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के अतिरिक्त महाप्रबंधक जय वर्गीस ने वीडियो में कहा, यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की शक्ति को बढ़ाने वाला होगा। सात युद्घपोत में से चार एमडीएल, मुंबई द्वारा और शेष गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा दिए जाएंगे।

    भारत की आत्मनिर्भरता

    वर्गीस ने महेंद्रगिरि के बारे में कहा, हमें उम्मीद है कि यह फरवरी 2026 तक भारतीय नौसेना को मिल जाएगा। किसी भी युद्धपोत निर्माण परियोजना की तरह एक जहाज के आसपास कई सहायक उद्योग विकसित होते हैं। हम कई ओईएम से उपकरण ले रहे हैं और इन सभी को जहाज में एकीकृत किया गया है, इसलिए इनमें से हर ओईएम अपने आप में एमडीएल का भागीदार रहा है और स्वदेशीकरण सामग्री में भी सुधार हुआ है, जिससे भारत के आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।

    दुश्मन के रडार में कैसा दिखेगा?

    एमडीएल ने वीडियो साझा कर झलक दिखाई। एमडीएल अधिकारी ने बताया कि इस श्रेणी के जहाजों में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। इन जहाजों की विविध विशेषताएं हैं। जहाज का आकार ऐसा है कि दुश्मन के रडार में काफी छोटा दिखेगा। वीडियो में एमडीएल में बन रहे दूसरे युद्धपोत की भी झलक दिखाई गई। उन्होंने कहा, यह एक ऐसी संरचना है, जो जहाज को एक मछली पकड़ने वाली नाव जैसा आकार देता है, न कि इस आकार का एक युद्घपोत हो सकता है। इसकी आवाज भी काफी कम है।

    युद्धपोत के मिसाइल

    प्रोजेक्ट 17ए जहाज का पतवार प्रोजेक्ट-17 की तुलना में भू-सममितीय रूप से 4.54 प्रतिशत बड़ा है। इसके अलावा इन जहाजों में प्रोजेक्ट-17 श्रेणी की तुलना में उन्नत चिकने और गुप्त विशेषताओं वाला एक उन्नत हथियार और सेंसर सूट लगा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसमें सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली और एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली शामिल है।

  • राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आयोजित रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है। Will police action be taken against Raj Thackeray’s MNS? Lawyers sought help from DGP

    मुंबई: शहर के तीन वकीलों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखकर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के खिलाफ हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी भाषी लोगों पर कथित हमलों के लिए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया गया है। इसमें दावा किया गया है कि ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, स्थानीय दुकानदारों पर हमला किया और धमकियाँ दीं।

    देश के लिए खतरा बताया

    रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को देश की एकता, शांति और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए, पत्र में पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं और “राष्ट्र-विरोधी” तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, अधिवक्ता पंकज मिश्रा, नित्यानंद शर्मा और आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में इन घटनाओं को “गंभीर और गैरकानूनी स्थितियाँ” बताया गया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं।

    हमले और अपमान

    इसके अलावा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का मराठी भाषा का सम्मान करना कर्तव्य है, पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ता हाल ही में राज्य में रहने वाले गैर-मराठी भाषी व्यक्तियों पर हमले और सार्वजनिक रूप से अपमान करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें दावा किया गया है कि ऐसी घटनाएँ राष्ट्रीय अखंडता और सह-अस्तित्व के लिए गंभीर ख़तरा हैं और न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ख़राब कर दी है।

    भाषणों की होगी जांच

    वकीलों ने डीजीपी से मनसे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें वर्तमान में पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, के भाषणों और हिंसक कार्रवाइयों की जाँच शुरू करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि भय का माहौल बनाने के दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में सद्भाव को नुकसान पहुँचेगा, और यह भी कहा, कि असंवैधानिक बयान देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।

    मार पीट और तोडफोड

    इसके अलावा, एक अलग घटना में, मनसे कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मुंबई से सटे मिराभायंदर क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में, मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई के शेयर बाजार निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर पथराव करते हुए शीशे के दरवाज़े को तोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह मराठी नहीं बोलेंगे और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को चुनौती दी थी।