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  • कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में बीएमसी के ‘एल’ वार्ड ने अवैध दुकानों, फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए 71 अतिक्रमण हटाए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कुर्ला पश्चिम के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘एल’ विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर समेत कई क्षेत्रों में पदपथों पर बनी अवैध दुकानों, फेरीवालों और दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों को हटाते हुए कुल 71 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के निर्देश पर भारी पुलिस बंदोबस्त में की गई।

    BMC आयुक्त के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

    यह निष्कासन कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशानुसार की गई।
    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में और सह आयुक्त (परिमंडल-5) देविदास क्षीरसागर की देखरेख में ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।

    किन-किन इलाकों में चला बुलडोजर

    बीएमसी की यह कार्रवाई कुर्ला (पश्चिम) के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में की गई, जिनमें शामिल हैं:

    • कुर्ला रेलवे स्टेशन परिसर
    • न्यू मिल रोड
    • बैल बाजार क्षेत्र
    • विनोबा भावे नगर

    इन इलाकों में लंबे समय से पदपथों पर अवैध दुकानों और फेरीवालों की शिकायतें मिल रही थीं।

    71 अवैध निर्माण हटाए गए

    कार्रवाई के दौरान कुल 71 अवैध निर्माणों को हटाया गया।

    • कुर्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 53 अतिक्रमण
    • विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 18 अतिक्रमण

    इनमें अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से शामिल थे।

    भारी मशीनरी और पुलिस बल तैनात

    अतिक्रमण हटाने के लिए बीएमसी ने

    • 4 विशेष वाहन
    • 2 जेसीबी मशीन
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    का उपयोग किया।
    कार्रवाई के दौरान महानगरपालिका के 46 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

    अवैध रिक्शा चालकों पर भी शिकंजा

    बीएमसी के ‘एल’ विभाग ने संबंधित पुलिस विभाग को यह भी सूचित किया है कि इलाके में नियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध रूप से खड़े रहने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
    महानगरपालिका प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि
    “शहर के पदपथ और सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के लिए हैं। अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    उत्तर: कुर्ला (पश्चिम) के विभिन्न इलाकों में।

    प्रश्न 2: कुल कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    उत्तर: कुल 71 अवैध निर्माण।

    प्रश्न 3: किन प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए?
    उत्तर: अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से।

    प्रश्न 4: क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    उत्तर: हां, बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अधिकारियों के साथ दौरा कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान उठी पानी की गंभीर समस्या पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव परिणाम आते ही तुरंत एक्शन लिया। प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण दौरा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    BMC चुनावी वादे से काम तक का सफर

    महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाग क्रमांक 54 के कई इलाकों से नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर शिकायतें की थीं। पांडुरंग वाड़ी, नाईकवाड़ी, सेंट थॉमस, संत रोहिदास नगर, गोगटे वाड़ी, रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर के रहवासियों ने बताया था कि उन्हें कम दबाव में पानी मिल रहा है और कई जगहों पर पानी दूषित भी आ रहा है।

    इन शिकायतों को अंकित सुनील प्रभू ने चुनावी मुद्दा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया।

    नतीजों के बाद तुरंत एक्शन

    चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित प्रभू एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

    इस दौरे में

    • बी. जी. परब (सहायक अभियंता)
    • नितीन ठाकूर (दुय्यम अभियंता)
    • अनिकेत पाटील (कनिष्ठ अभियंता)

    मौजूद थे।

    पाइपलाइन में कैमरा लगाने का फैसला

    निरीक्षण के दौरान सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि पानी की पाइपलाइन में कैमरा डाला जाएगा।
    इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दूषित पानी कहां से और कैसे सप्लाई लाइन में मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

    कम दबाव वाले इलाकों में प्रेशर बढ़ाने के निर्देश

    रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर में कम दबाव से पानी मिलने की समस्या की मौके पर जांच की गई।
    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इन इलाकों में पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए तुरंत तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

    स्थानीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस निरीक्षण दौरे के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
    प्रमुख रूप से
    उपविभाग प्रमुख सुधाकर देसाई, शाखाप्रमुख अजित भोगले, विधानसभा संघटक, स्नेहा गोलतकर, प्रसाद कदम, धोपटकर ताई, डॉ. गावस्कर, किशोर देशपांडे, संजय शानबाग, राजेंद्र गाड, अमित आडेलकर, सुधीर देवरुखकर, रामदत्त पारकर, भूषण राजाध्यक्ष, नंदू गाड, दीपक पवार, सुर्वे, मसुरकर, खाडे, विलास खाड्ये सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नागरिकों को क्या संदेश?

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने स्पष्ट किया कि
    “चुनाव के दौरान उठाई गई हर समस्या का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: किस प्रभाग में पानी की समस्या सामने आई?
    उत्तर: मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में।

    प्रश्न 2: समस्या किस तरह की थी?
    उत्तर: कम दबाव से पानी आना और दूषित पानी की शिकायतें।

    प्रश्न 3: समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
    उत्तर: पाइपलाइन में कैमरा डालने का फैसला और पानी का प्रेशर बढ़ाने के निर्देश।

    प्रश्न 4: किस विभाग के अधिकारी मौजूद थे?
    उत्तर: बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारी।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में BMC Election के लिए नामनिर्देशन पत्रों का वितरण पूरा हो गया है। ए से आर वार्ड तक कुल 26 विभागों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए हैं। जानिए किस वार्ड में कितने पत्र वितरित हुए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अलग-अलग प्रशासकीय विभागों में नामनिर्देशन पत्रों के वितरण का विस्तृत आंकड़ा सामने आया है। ए विभाग से लेकर आर उत्तर विभाग तक, कुल 26 वार्डों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वितरण एम पश्चिम, एल और के पूर्व विभाग में देखने को मिला है। यह आंकड़े प्रशासनिक तैयारियों और आगामी प्रक्रियाओं की अहम तस्वीर पेश करते हैं।

    BMC के किस विभाग में कितने नामनिर्देशन पत्र

    नगर प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ड-वार वितरण इस प्रकार रहा—

    • ए विभाग – 18
    • बी विभाग – 25
    • सी विभाग – 46
    • डी विभाग – 52
    • ई विभाग – 225

    एफ और जी वार्ड में स्थिति

    • एफ उत्तर विभाग – 200
    • एफ दक्षिण विभाग – 107
    • जी उत्तर विभाग – 185
    • जी दक्षिण विभाग – 118

    इन वार्डों में मध्यम स्तर पर नामनिर्देशन पत्रों का वितरण दर्ज किया गया है।

    एल और एम वार्ड में सबसे ज्यादा वितरण

    • एल विभाग – 347
    • एम पूर्व विभाग – 228
    • एम पश्चिम विभाग – 419

    एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए, जो पूरे शहर में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

    एन, एस और टी वार्ड का हाल

    • एन विभाग – 156
    • एस विभाग – 240
    • टी विभाग – 116

    इन इलाकों में भी नामनिर्देशन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज रही।

    एच और के वार्ड के आंकड़े

    • एच पूर्व (अधिक पूर्व) – 102
    • एच पश्चिम (अधिक एच पश्चिम) – 263
    • के पूर्व (अधिक के उत्तर) – 240
    • के पूर्व – 300

    के पूर्व और एच पश्चिम विभागों में बड़ी संख्या में नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं।

    पी और आर वार्ड का वितरण

    • पी दक्षिण विभाग – 183
    • पी उत्तर विभाग – 92
    • पी पूर्व विभाग – 183
    • आर दक्षिण विभाग – 164
    • आर मध्य विभाग – 80
    • आर उत्तर विभाग – 76

    कुल आंकड़ा

    👉 कुल नामनिर्देशन पत्र: 4,165

    प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और आगे की कार्रवाई तय समय पर की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कुल कितने नामनिर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं?
    👉 कुल 4,165 नामनिर्देशन पत्र।

    Q2. किस वार्ड में सबसे ज्यादा नामनिर्देशन हुए?
    👉 एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419।

    Q3. सबसे कम वितरण किस विभाग में रहा?
    👉 ए विभाग में केवल 18 नामनिर्देशन पत्र।

    Q4. यह वितरण किससे जुड़ा है?
    👉 यह प्रशासकीय और नगर निगम से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
    👉 नामनिर्देशन के बाद जांच और अगली प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

  • गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    मुंबई के गोरगांव पश्चिम में 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाले संदिग्ध आवारा कुत्ते से इलाके में डर का माहौल है। BMC अब तक कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में इन दिनों डर और बेचैनी का माहौल है। वजह है एक आवारा कुत्ता, जिसने महज 24 घंटों में 16 लोगों को काट लिया, लेकिन इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

    इलाके के लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि वे कई बार BMC से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

    🐕 “एक नहीं, कई कुत्ते हैं, लेकिन एक बेहद खतरनाक है”

    स्थानीय निवासी अमृता गांगुली के मुताबिक,
    “यह सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि कुत्तों का एक झुंड है जो लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन एक खास भूरे-टैन रंग का कुत्ता है, जो बेहद आक्रामक है। हमें शक है कि उसे रेबीज़ हो सकता है।”

    उनका कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है, बिना किसी उकसावे के राह चलते लोगों पर झपटता है।

    📍 स्कूलों और कॉलेज के पास मंडराता खतरा

    निवासियों के अनुसार, यह कुत्ता लगातार जगह बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया है।
    शुरुआत में उसे रेडवुड हाई स्कूल और आदर्श विद्यालय, सिद्धार्थ नगर के आसपास देखा गया, जहां वह बच्चों और राहगीरों पर भौंकते हुए झपटता था।

    इसके बाद कुत्ता विवेक कॉलेज के पास भी नजर आया।

    त्रिना चक्रवर्ती, जो इलाके में रहती हैं, कहती हैं—
    “मेरी बेटी का शनिवार को स्कूल में एक कार्यक्रम था, लेकिन लगातार हमलों की खबरों के बाद मैंने उसे स्कूल नहीं भेजा। बच्चों के लिए यह इलाका बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह गया है।”

    🚨 अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ा कुत्ता?

    निवासियों का दावा है कि कुत्ता अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ चुका है।
    व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संदेश फैल रहे हैं कि वही भूरे रंग का कुत्ता नए इलाके में देखा गया है।

    गांगुली बताती हैं—
    “डर का माहौल ऐसा है कि हम घर से निकलने से पहले दस बार सोचते हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”


    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    हालांकि BMC अधिकारियों ने हाल ही में इलाके से कुछ आवारा कुत्तों को पकड़ा है, लेकिन अब तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वही कुत्ता पकड़ा गया है जिसने 16 लोगों पर हमला किया था।

    इससे लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ता जा रहा है।


    ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जमीनी हकीकत

    नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि

    स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को हटाकर, उनका नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास किया जाए।

    लेकिन गोरगांव वेस्ट के हालात देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


    😟 डर के साये में जिंदगी

    लगातार हमलों के बाद कई लोग सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना टाल रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि BMC तुरंत इस कुत्ते को पकड़े और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. गोरगांव वेस्ट में कितने लोगों को कुत्ते ने काटा?
    ➡️ 24 घंटे में कुल 16 लोगों को काटा गया।

    Q2. क्या कुत्ते को पकड़ लिया गया है?
    ➡️ नहीं, BMC अब तक उस खास कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    ➡️ सिद्धार्थ नगर, रेडवुड हाई स्कूल, विवेक कॉलेज और शास्त्री नगर।

    Q4. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या निर्देश है?
    ➡️ संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास।

  • BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद BMC ने आदर्श आचार संहिता लागू होते ही 2103 अवैध राजनीतिक बैनर, होर्डिंग और फ्लेक्स हटाने की बड़ी कार्रवाई की। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: नगर पालिका चुनाव घोषणा के तुरंत बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 दोपहर 3 बजे तक, मुंबई भर में कुल 2,103 अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापन फलक, बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए हैं। यह कार्रवाई चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर की गई।

    🗳️ चुनाव घोषणा के बाद तुरंत लागू हुई आचार संहिता

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 15 दिसंबर 2025 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आम चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इसके तहत किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक को सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं है।

    🚧 2103 अवैध होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स हटाए गए

    BMC के लाइसेंस विभाग द्वारा पूरे शहर में नियमबाह्य और बिना अनुमति लगाए गए:

    • राजनीतिक होर्डिंग
    • बैनर और फ्लेक्स
    • कियोस्क और स्टिकर्स
    • झंडे, निशान और बोर्ड
    • दीवारों पर की गई राजनीतिक पेंटिंग

    जैसी कुल 2,103 वस्तुएं हटाई गईं। यह कार्रवाई प्रमुख चौकों, मुख्य सड़कों, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर की गई।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चली मुहिम

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी श्री. भूषण गगराणी के निर्देश पर की जा रही है।
    मुहिम का नेतृत्व:

    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) जोशी
    • उप आयुक्त (विशेष) श्रीमती चंदा जाधव

    के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

    🗣️ BMC अधिकारियों ने क्या कहा?

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जोशी ने कहा कि

    “चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी तरह का अनुचित राजनीतिक प्रभाव रोकने के लिए समय रहते सख्त कदम उठाए गए हैं।”

    वहीं उप आयुक्त चंदा जाधव ने बताया कि

    “मुंबई के हर प्रमुख इलाके में अवैध राजनीतिक विज्ञापन हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की जाती है।”

    ⚠️ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

    BMC ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शहर की सुंदरता व कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।


    ❓ FAQ Section

    Q1. मुंबई में कितने अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए गए?
    ➡️ कुल 2,103 अवैध राजनीतिक बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए।

    Q2. यह कार्रवाई कब तक की गई?
    ➡️ 16 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे तक।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी के निर्देश पर।

    Q4. आगे भी कार्रवाई होगी क्या?
    ➡️ हां, आचार संहिता के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    मुंबई के केईएम अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। यहां अब महिला, पुरुष और बच्चों समेत सालाना 150 से अधिक जले हुए मरीजों का आधुनिक इलाज संभव होगा।

    मुंबई: परेल स्थित केईएम अस्पताल में जले हुए मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस केंद्र में अब महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ पुरुष मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और संक्रमण से बचाव की विशेष व्यवस्था के साथ यह केंद्र हर साल करीब 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज में सक्षम होगा।

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    केईएम अस्पताल में बर्न केयर सेंटर का लोकार्पण

    राजे एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को श्री शैलेश लिमडी के हाथों किया गया। इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

    महिला, बच्चे और पुरुष मरीजों को समान सुविधा

    इस बर्न केयर सेंटर में अब जले हुए मरीजों के लिए सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब महिला, बालक और पुरुष सभी मरीजों को एक ही केंद्र में उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा।

    सालाना 150 से 170 मरीजों के इलाज की क्षमता

    नवीनीकरण किए गए इस केंद्र की क्षमता सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज की है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर और सही इलाज मिल सके, इसके लिए इस केंद्र को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

    आईसीयू में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इस बर्न केयर सेंटर में कुल 12 बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
    यहां मौजूद सुविधाओं में शामिल हैं—

    • पूरी तरह सुसज्जित अतिदक्षता उपचार कक्ष (ICU)
    • वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
    • मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर
    • डायलिसिस मशीन
    • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इन सुविधाओं के चलते जले हुए मरीजों में इलाज के दौरान आने वाली जटिलताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण संभव होगा।

    संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

    जले हुए मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए—

    • वार्ड में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था
    • मरीजों की सुरक्षित आवाजाही
    • अलग और संरक्षित उपचार कक्ष

    की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    मरीजों की मानसिक स्थिति का भी रखा गया ध्यान

    इलाज के दौरान मरीजों को दर्द और तनाव से कुछ राहत मिले, इसके लिए—

    • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
    • आधुनिक फर्नीचर
    • मरीजों का ध्यान भटकाने के लिए टीवी की सुविधा

    भी उपलब्ध कराई गई है।

    बीएमसी आयुक्त के निर्देश पर हुआ नवीनीकरण

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने जले हुए मरीजों को समय पर और आधुनिक इलाज देने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इस बर्न केयर सेंटर का नवीनीकरण पूरा किया गया।

    सरकारी योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को इलाज

    उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    डॉक्टरों का कहना

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी ने कहा कि जले हुए मरीजों को शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ता है। यह बर्न केयर सेंटर मरीजों को इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद देने का प्रयास करेगा।


    FAQ

    प्रश्न 1: बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
    उत्तर: 13 दिसंबर 2025 को।

    प्रश्न 2: यहां कितने मरीजों का इलाज हो सकता है?
    उत्तर: सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों का।

    प्रश्न 3: क्या पुरुष मरीजों को भी इलाज मिलेगा?
    उत्तर: हां, अब पुरुष मरीजों को भी सुविधा उपलब्ध है।

    प्रश्न 4: इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
    उत्तर: आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन और संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था।

  • स्वच्छ मुंबई के लिए BMC की ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता, 4.20 करोड़ रुपये के इनाम

    स्वच्छ मुंबई के लिए BMC की ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता, 4.20 करोड़ रुपये के इनाम

    मुंबई को साफ और सुंदर बनाने के लिए बीएमसी ने 2026 में ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता की घोषणा की है। वार्ड, सोसायटी, अस्पताल, स्कूल, बाजार समेत कई श्रेणियों में 4.20 करोड़ रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।

    मुंबई: शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने वर्ष 2026 के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2026 तक चलने वाली ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता के तहत प्रशासनिक वार्ड, हाउसिंग सोसायटी, झोपड़पट्टी क्षेत्र, अस्पताल, स्कूल, बाजार, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने पर कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागरिकों और निजी संस्थानों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।

    BMC-Swachhata-Manthan-competition-for-a-clean-Mumbai-with-prizes-worth-Rs-crore-news

    पूरे साल चलेगा BMC का स्वच्छता मंथन प्रतियोगिता

    बीएमसी के घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता जनवरी से दिसंबर 2026 तक चलेगी। इसका उद्देश्य केवल सफाई नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी बढ़ाकर स्थायी स्वच्छता संस्कृति विकसित करना है।

    महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने निर्देश दिए हैं कि यह अभियान पूरे मुंबई महानगर में प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

    इन श्रेणियों में मिलेंगे पुरस्कार

    ‘स्वच्छता मंथन’ प्रतियोगिता कई वर्गों में आयोजित की जाएगी, ताकि शहर के हर हिस्से को इसमें शामिल किया जा सके:

    • स्वच्छ प्रशासनिक वार्ड
    • स्वच्छ आवासीय संकुल (हाउसिंग सोसायटी)
    • स्वच्छ झोपड़पट्टी क्षेत्र
    • स्वच्छ व्यावसायिक प्रतिष्ठान
    • स्वच्छ अस्पताल (सरकारी व निजी)
    • स्वच्छ स्कूल (सरकारी व निजी)
    • स्वच्छ रेस्टोरेंट
    • स्वच्छ सामुदायिक शौचालय
    • स्वच्छ सड़कें व मार्ग
    • स्वच्छ उद्यान व खुली जगहें
    • स्वच्छ बाजार क्षेत्र
    • आसपास का क्षेत्र गोद लेकर स्वच्छता (विशेष श्रेणी)

    किस श्रेणी में कितनी इनामी राशि

    बीएमसी द्वारा घोषित पुरस्कार राशि इस प्रकार होगी:

    • स्वच्छ वार्ड:
    • प्रथम: ₹50 लाख
    • द्वितीय: ₹25 लाख
    • तृतीय: ₹15 लाख
    • अन्य सभी श्रेणियां (सोसायटी, अस्पताल, स्कूल, बाजार आदि):
    • प्रथम: ₹15 लाख
    • द्वितीय: ₹10 लाख
    • तृतीय: ₹5 लाख

    कुल मिलाकर सभी श्रेणियों में ₹4.20 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

    सेलिब्रिटी भी बनेंगे स्वच्छता अभियान का हिस्सा

    इस अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए—

    • फिल्म, खेल और अन्य क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों को किसी इलाके को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
    • प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार ने इस स्वच्छता अभियान में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने की इच्छा जताई है।

    मूल्यांकन होगा निष्पक्ष संस्था से

    बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि—

    • प्रतियोगिता का मूल्यांकन त्रयस्थ (थर्ड पार्टी) एजेंसी द्वारा किया जाएगा।
    • दिसंबर 2026 में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।

    मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का नागरिकों से आह्वान

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि—

    “स्वच्छ और सुंदर मुंबई केवल प्रशासन से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से संभव है।”

    उन्होंने नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और निजी संस्थानों से इस प्रतियोगिता में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।


    FAQ सेक्शन

    Q1: स्वच्छता मंथन प्रतियोगिता कब से कब तक चलेगी?
    यह प्रतियोगिता 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी।

    Q2: कुल कितनी पुरस्कार राशि रखी गई है?
    कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।

    Q3: कौन-कौन भाग ले सकता है?
    नागरिक, हाउसिंग सोसायटी, स्कूल, अस्पताल, रेस्टोरेंट, बाजार और निजी संस्थान।

    Q4: मूल्यांकन कौन करेगा?
    एक स्वतंत्र त्रयस्थ संस्था द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा।

    Q5: पुरस्कार कब दिए जाएंगे?
    दिसंबर 2026 में भव्य समारोह में पुरस्कार वितरण होगा।

  • वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड को हाईकोर्ट की मंजूरी, BMC को मिली बड़ी राहत

    वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड को हाईकोर्ट की मंजूरी, BMC को मिली बड़ी राहत

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड परियोजना को हरी झंडी दे दी है। करीब 45 हजार मैंग्रोव कटेंगे, बदले में तीन गुना पौधारोपण और 10 साल की निगरानी अनिवार्य होगी।

    मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर को मिरा-भायंदर से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड परियोजना को आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट की मंजूरी मिल गई है। अदालत ने बीएमसी को करीब 45 हजार मैंग्रोव काटने की सशर्त अनुमति दी है। इसके बदले बीएमसी को तीन गुना पौधारोपण, चंद्रपुर में 103 हेक्टेयर वनरोपण और अगले 10 वर्षों तक हर साल निगरानी रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस फैसले से मुंबई के उत्तरी हिस्से की ट्रैफिक समस्या कम होने की उम्मीद है।

    हाईकोर्ट का अहम फैसला

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए वर्सोवा–भायंदर डेवलपमेंट प्लान रोड (कोस्टल रोड नॉर्थ) को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
    हालांकि अदालत ने साफ किया कि—

    • परियोजना पर 10 साल तक निगरानी जरूरी होगी
    • हर साल कम्पनसेटरी प्लांटेशन की रिपोर्ट जमा करनी होगी

    अदालत का कहना है कि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी उतना ही जरूरी है।

    कितने मैंग्रोव कटेंगे, कितना होगा पुनरोपण

    परियोजना के तहत—

    • कुल मैंग्रोव: करीब 60,000
    • प्रभावित होंगे: 45,675 मैंग्रोव
    • सड़क निर्माण के लिए सीधे कटेंगे: करीब 9,000 मैंग्रोव (10 हेक्टेयर)

    बीएमसी ने भरोसा दिलाया है कि—

    • तीन गुना मैंग्रोव पुनरोपण किया जाएगा
    • चंद्रपुर जिले में 103 हेक्टेयर क्षेत्र में अनिवार्य वनरोपण होगा

    वर्सोवा से भायंदर तक कैसा होगा रोड नेटवर्क

    यह कोस्टल रोड मुंबई के पश्चिमी किनारे पर एक बड़ा ट्रैफिक कॉरिडोर बनेगा।

    रूट डिटेल्स

    • शुरुआत: वर्सोवा
    • बीच के इलाके: मलाड, मालवनी, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर
    • अंत: भायंदर (मिरा-भायंदर)

    संरचना

    • एलिवेटेड रोड
    • फ्लाईओवर और इंटरचेंज
    • टनल और ब्रिज
    • सतही ट्रैफिक कम करने की व्यवस्था

    दो फेज़ में बनेगी कोस्टल रोड

    • फेज-1: वर्सोवा से दहिसर
    • लंबाई: लगभग 20–25 किमी
    • इसे कोस्टल रोड फेज-2 या वर्सोवा–दहिसर लिंक रोड भी कहा जाएगा
    • फेज-2: दहिसर से भायंदर
    • एलिवेटेड रोड
    • लंबाई: 5.6 किमी, चौड़ाई 45 मीटर

    कुल मिलाकर इंटरचेंज और कनेक्टर मिलाकर नेटवर्क 60 किलोमीटर से ज्यादा का होगा।

    ट्रैफिक और कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

    बीएमसी के अनुसार—

    • वेस्टर्न सबर्ब्स से मिरा-भायंदर का सफर तेज होगा
    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और लिंक रोड पर दबाव घटेगा
    • रोज़ाना लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी

    पर्यावरण बनाम विकास की बहस फिर तेज

    जहां एक तरफ इस प्रोजेक्ट को ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मैंग्रोव कटाई को लेकर पर्यावरणविदों की चिंता भी बनी हुई है।
    हाईकोर्ट ने इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी है।


    FAQ सेक्शन

    Q1: वर्सोवा–भायंदर कोस्टल रोड क्या है?
    यह मुंबई को मिरा-भायंदर से जोड़ने वाली 26.3 किमी लंबी तटीय सड़क परियोजना है।

    Q2: कितने मैंग्रोव काटे जाएंगे?
    करीब 45,675 मैंग्रोव प्रभावित होंगे, जिनमें से लगभग 9,000 सीधे कटेंगे।

    Q3: बदले में क्या किया जाएगा?
    तीन गुना पौधारोपण और चंद्रपुर में 103 हेक्टेयर वनरोपण किया जाएगा।

    Q4: कोर्ट ने क्या शर्त रखी है?
    10 साल तक निगरानी और हर साल रिपोर्ट दाखिल करना अनिवार्य होगा।

    Q5: इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    ट्रैफिक कम होगा और वेस्टर्न सबर्ब्स से भायंदर तक सफर तेज होगा।

  • मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    मुंबई को मिलेगी ‘पगड़ी सिस्टम’ से आज़ादी? राज्य सरकार ने बनाया नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से मुक्त करने के लिए नया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क बनाने का बड़ा फैसला किया। इससे 19,000 से ज्यादा पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का रास्ता साफ होगा।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई को दशकों पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से बाहर निकालने की बड़ी पहल की है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में घोषणा की कि शहर के पुराने पगड़ी मॉडल पर चलने वाले मकानों के लिए एक अलग रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे किरायेदारों और मकान मालिकों — दोनों के हक सुरक्षित रहेंगे और 19,000 से ज्यादा जर्जर इमारतों का पुनर्विकास तेज होगा। यह निर्णय मुंबई की रियल एस्टेट मार्केट को मजबूत करने और सालों से लंबित हजारों विवादों को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    क्या है पगड़ी सिस्टम और क्यों जरूरी पड़ा बदलाव?

    मुंबई में दशकों से चल रहा पगड़ी सिस्टम एक ऐसा मॉडल है जिसमें किरायेदार मकान में रहने के लिए एकमुश्त रकम देकर आंशिक मालिकाना हक जैसा अधिकार पा लेता है।

    • किराया बेहद कम
    • सबलेट करने की अनुमति
    • मकान मालिक को वास्तविक मूल्य का लाभ नहीं

    इस सिस्टम के कारण मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं। कई केस तो दशकों से अदालत में लंबित हैं।

    मुंबई में 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में

    डिप्टी सीएम शिंदे ने बताया कि मुंबई में करीब 19,000 पुरानी, प्री-1960 सीज्ड इमारतें पगड़ी सिस्टम पर चल रही हैं।
    इनमें से—

    • कई इमारतें पहले ही जर्जर हो चुकी हैं
    • कुछ ढह चुकी हैं
    • और 13,000 से ज्यादा अभी भी पुनर्विकास का इंतज़ार कर रही हैं

    यह सारी इमारतें महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के दायरे में आती हैं, जिससे किरायेदार सुरक्षित रहते हैं, लेकिन मकान मालिक अपने अधिकारों की उचित भरपाई न मिलने की शिकायत करते हैं।

    Deputy chief minister eknath shinde

    क्यों आया रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क का विचार?

    शिंदे ने विधानसभा में बताया—

    • 28,000 से ज्यादा किरायेदार–मकान मालिक विवाद अदालतों में अटके हैं
    • पुराने कानून जमीन पर असरदार साबित नहीं हो रहे
    • पुनर्विकास बाधित होने से इमारतें खतरे में हैं

    सरकार अब हाईकोर्ट की मंजूरी से फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी, ताकि सभी मामले तीन साल के भीतर निपट जाएं।

    कमजोर वर्ग के लिए मुफ्त पुनर्निर्माण की सुविधा

    FSI (Floor Space Index) बढ़ाना काफी नहीं है—यह बात भी शिंदे ने साफ कही।
    EWS और LIG वर्ग के पगड़ी धारकों के लिए—

    • मुफ्त पुनर्निर्माण
    • टेनेंट हिस्से के बराबर FSI
    • लैंड ओनर को मूल FSI
    • इंसेंटिव FSI

    अगर जमीन की ऊंचाई सीमा या अन्य रुकावटों के कारण FSI का पूरा उपयोग नहीं हो पाया, तो बचा हुआ FSI TDR (Transfer of Development Rights) के रूप में दिया जाएगा।

    पुरानी इमारतों के लिए खुला रास्ता

    सरकार का कहना है कि यह नया फ्रेमवर्क—

    • जर्जर इमारतों के गिरने के खतरे को रोकेगा
    • जीवन और संपत्ति दोनों की सुरक्षा करेगा
    • लंबे समय से अटकी पुनर्विकास परियोजनाओं में नई जान डालेगा

    साथ ही मौजूदा पुनर्विकास विकल्प 33(7) और 33(9) भी उपलब्ध रहेंगे।

    मकान मालिक और किरायेदार—दोनों के लिए फायदे

    सरकार के अनुसार—

    • किरायेदारों का पुनर्विकास और घर की सुरक्षा
    • मकान मालिकों को उचित हिस्सा और कानूनी राहत
    • लंबे विवादों का निपटारा
    • शहर में रियल एस्टेट मार्केट को बल

    यह सिस्टम दोनों पक्षों के लिए न्यायसंगत समाधान प्रदान करेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. पगड़ी सिस्टम क्या होता है?

    एक पुराना किरायेदारी मॉडल जिसमें किरायेदार एकमुश्त रकम देकर कम किराए पर आंशिक मालिकाना अधिकार जैसा लाभ पाता है।

    2. मुंबई में कितनी पगड़ी इमारतें हैं?

    करीब 19,000 से ज्यादा इमारतें पगड़ी सिस्टम में आती हैं।

    3. नया फ्रेमवर्क कब लागू होगा?

    सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है, विस्तृत नियम जल्द सामने आएंगे।

    4. क्या किरायेदारों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे?

    हाँ, सरकार ने साफ कहा है कि किरायेदार और मकान मालिक दोनों के हित सुरक्षित रखे जाएंगे।

    5. क्या सभी केस जल्द निपटेंगे?

    फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सभी 28,000 केस अगले तीन साल में निपटाने की योजना है।