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  • BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना और बीजेपी में गठबंधन को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। शिवसेना मुंबई में बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन बदले में ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी बीजेपी का समर्थन चाहती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    आगामी कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग महाराष्ट्र में पार्षदों के चुनाव की अधिसूचना जारी करने वाला है। 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर चुनाव की तारीख जारी करने के आदेश दिए थे। चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति गठबंधन में तोलमोल शुरू हो गए हैं। शिंदे की शिवसेना ने चुनाव से पहले बीजेपी के सामने अपनी शर्तों को रख दिया है। शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में गठबंधन चाहती है, तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में भी ऐसा ही करना होगा। शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दबाव बनाने के लिए उद्धव ठाकरे गुट के पार्षदों को शामिल करा रही है, ताकि गठबंधन नहीं होने की स्थिति में उन्हें चुनाव में उतारा जा सके। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    शिवसेना की शर्त क्या है?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी पूरे प्रदेश में गठबंधन नहीं करेगी। इसके जवाब में शिवसेना ने भी अपनी चाल चल दी है और बीएमसी चुनाव के साथ अन्य नगर निगमों के चुनाव में भी गठबंधन का दबाव बना दिया है। शिवसेना के नेताओं ने कहा, कि बीजेपी मुंबई में गठबंधन करना चाहती है तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी शिवसेना का साथ देना होगा। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी बीएमसी की सत्ता में आ सकती है और शिवसेना ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में अपना दबदबा बनाए रख सकती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    भाजपा को मुंबई में होगा नुकसान

    शिवसेना नेता ने कहा कि अगर बीजेपी अकेले बीएमसी चुनाव में उतरेगी तो उसे नुकसान होना तय है। मुंबई में बीजेपी उद्धव ठाकरे की सेना यूबीटी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी मगर उसे एकनाथ शिंदे की शिवसेना और मनसे के साथ भी दो-दो हाथ करना पड़ेगा। ऐसे में वोट बंट सकते हैं और बीजेपी को बीएमसी की सत्ता हासिल नही हो सकेगी। ऐसे में उसे शिवसेना का समर्थन लेना होगा। शिवसेना नेता ने साफ किया कि बीजेपी मुंबई में दबदबा बनाना चाहती है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में मजबूत होना चाहती है। इन इलाकों में हमारी पार्टी वहां मजबूत है और हम चाहते हैं कि यह ऐसा ही बना रहे। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    उद्धव गुट के 45 पार्षद शिंदे गुट में शामिल

    जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, तो मुंबई के ज्यादा पार्षद उनके साथ नहीं गए। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका का कार्यकाल खत्म हो गया है। एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट के लगभग 45 पार्षदों को अपनी तरफ कर लिया है। शिवसेना की इस रणनीति से बीजेपी पर दबाव बढ़ रहा है। शिंदे बीजेपी को यह जताना चाहते हैं कि अगर वह ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में गठबंधन नहीं करती है, तो शिवसेना पुराने पार्षदों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में उतार सकती है। इस वजह से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

  • पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    पुणे का युवक कर रहा था भाजपा नेता पंकजा मुंडे से अश्लील बात, मुंबई मे गिरफ्तार

    Pankaja Munde : महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पुणे से 25 वर्षीय अमोल काले नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर भाजपा नेता पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल और मैसेज भेजने का आरोप है। तकनीकी जांच के बाद भोसरी से पकड़े गए आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

    मुंबई : महाराष्ट्र साइबर पुलिस पुणे के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। 25 साल का यह युवक भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को अश्लील कॉल कर रहा था। इतना ही नहीं उसने पंकजा मुंडे को कई अभद्र मैसेज भी भेजे। पुलिस ने बताया कि आरोपी युवक की पहचान महाराष्ट्र के भोसरी का रहने वाला अमोल काले के रूप में हुई है।

    पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से युवक पंकजा मुंडे को फोन पर कॉल और मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। इतना ही नहीं युवक भाजपा नेता के साथ अश्लील एवं अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा था। इस घटना ने साइबर अपराध और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    तकनीकि जांच

    मामले की जानकारी देते हुए साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंकजा मुंडे के कार्यालय ने अश्लील कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्यास संहिता (BNS) की धारा 78 (महिलाओं के खिलाफ अश्लील व्यवहार) और धारा 79 (महिलाओं की गरिमा का अपमान) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और कॉल करने वाले का स्थान ट्रेस किया, जो पुणे के भोसरी क्षेत्र में मिला।

    पुणे से लाकर मुंबई में गिरफ्तारी

    पुणे पुलिस के भोसरी स्टेशन के अधिकारियों के सहयोग से साइबर पुलिस ने आरोपी अमोल काले को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में काले ने पंकजा मुंडे को कॉल करने और मैसेज भेजने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे नोटिस देकर मुंबई लाया गया, जहां औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

    अपराध के पीछे की हकीकत

    काले को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में गहन जांच कर रही है ताकि आरोपी के इरादों और इस कृत्य के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमोल काले मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले के परली का रहने वाला है और वर्तमान में पुणे में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

    साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कॉल और मैसेज में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, जिससे पंकजा मुंडे को मानसिक रूप से परेशानी हुई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि काले का यह व्यवहार व्यक्तिगत रंजिश से प्रेरित था या किसी अन्य कारण से प्रेरित था।

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नई पॉलिसी ला रही महाराष्ट्र सरकार.. अब बिना पार्किंग के रजिस्ट्रेशन नही।

    राज्य में ट्रैफिक कंट्रोल की समस्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नई पॉलिसी लाने पर विचार कर रहे है। इसके तहत लोगों को गाड़ी खरीदते समय ही पार्किंग की जानकारी देनी होगी।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार गाड़ियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई पॉलिसी पर विचार कर रही है। इसके तहत, कार खरीदारों को वाहन लेने से पहले पार्किंग स्पेस की जानकारी देना जरूरी होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक इंटरव्यू में कहा कि मुंबई में ट्रैफिक को कम करने की सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है।

    उन्होंने कहा, ‘हमने शहर में कई सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएं मुहैया कराई हैं, जिन तक अब ऑनलाइन ऐप के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।’

    अंधाधुंध पार्किंग बना सबसे बड़ा कारण

    इस नीति का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कार मालिकों के पास पार्किंग एरिया होना जरूरी है। चाहे वे नगर निगम से इसे खरीद रहे हों या फिर किराए पर ले रहे हों क्योंकि अंधाधुंध पार्किंग यातायात समस्याओं का बड़ा कारण है।

    ट्रैफिक कंट्रोल की नई पॉलिसी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि इस नीति को जल्द लागू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने पब्लिक पार्किंग या निजी भवनों में पार्किंग उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी नहीं दी। राज्य सरकार का लक्ष्य सड़कों पर पार्किंग में कमी लाना है और उन्हें पार्किंग की सुविधा देकर इस समस्या को खत्म करना है। (Maharashtra government is bringing a new policy for traffic control.. Now no registration without parking)

  • Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai AC Local Train : मुंबई को जल्द मिलेंगी 238 Ac वाली लोकल ट्रेने।

    Mumbai Ac Local Train Update : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसका ऐलान कर दिया है। हालांकि 2023 की निविदा में खरीददारी पर रोक लग गया था। शनिवार को केंद्रीय मंत्री ने इसको लेकर हरी झंडी दिखा दी।

    न्यूज़ डेस्क
    Mumbai AC Local Train :
    मुंबईकरों के लिए एक अच्छी खबर है। मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के तहत मुंबई को 238 नई एसी लोकल ट्रेनें (New Ac local train) मिलेंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एसी लोकल खरीदने का प्रस्ताव पटरी पर आ गया है। शनिवार (18 जनवरी) को अश्विनी वैष्णव ने रेल से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर टिप्पणी की। फिर उन्होंने एसी लोकल खरीददारी के बारे में जानकारी दी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण 3 और 3ए के तहत जल्द ही मुंबई में 238 एसी लोकल ट्रेनें चलेंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मुंबई रेलवे डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MRVC) ने जून 2023 में एसी लोकल ट्रेनों के लिए विशेष निविदाएं जारी की थीं। खरीददारी रुकने के कारण यह पहल स्थगित कर दी गई थी। अब 18 महीनों बाद एसी लोकल ट्रेन की खरीदी पर जोर दिया जा रहा है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    MMRDA की फायनेंस शाखा है MUTP

    मुंबई शहरी परिवहन (MUTP) परियोजना की मूल योजना के अनुसार, चरण 3 में 47 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जानी हैं। इस पर करीब 3,491 करोड़ रुपये की लागत आ सकता है। जबकि फेज 3ए में 191 एसी लोकल ट्रेनें खरीदी जाने वाली हैं। इस पर करीब 15,802 करोड़ रुपये की लागत लगने वाला है। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एसी लोकल खरीदने संबंधी फैसले से मुंबईकरों को राहत मिलेगी। इससे गर्मियों के दौरान यात्रियों को एसी लोकल से यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कहा जा रहा है कि इसका असर स्थानीय निकायों के चुनाव पर भी पड़ सकता है। हालांकि, यात्रियों की नजर इस बात पर है कि 238 एसी वाली यह ट्रेन मुंबई में कब से चलेगी। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    मुंबई शहरी परिवहन परियोजना क्या है ?

    यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र में यातायात और परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए बनाई गई थी। इसे मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विश्व बैंक की मदद से तैयार किया था। (Mumbai AC Local Train update, Mumbai will soon get 238 AC local trains)

    एमयूटीपी से जुड़ी कुछ खास बातें:

    • एमयूटीपी की शुरुआत साल 2002 में हुई।
    • इसमें बड़े पैमाने पर शहरी पुनर्वास भी किया गया।
    • एमयूटीपी के तहत कई तरह की परियोजनाएं चलाई गईं, जैसे कि एमयूटीपी 3ए और एमयूटीपी-II।
    • एमयूटीपी 3ए में एमएमआर क्षेत्र में रेल आधारित परियोजनाओं को शामिल किया गया ।
    • एमयूटीपी-II में यातायात और परिवहन की स्थिति में सुधार लाने के लिए कई तरह के उपाय किए गए।

    शहरी परिवहन से जुड़ी कुछ चुनौतियां: 

    • सड़कें और पुल जैसे बुनियादी ढांचे अपर्याप्त होते हैं।
    • यात्रा में देरी होती है और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
    • सार्वजनिक परिवहन प्रणाली दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पूरी तरह से सुलभ नहीं होती।
  • BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    BJP ने Municipal and Panchayat Elections बैलेट पेपर से कराने का फैसला किया।

    नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत चुनाव EVM मशीन के बीना बैलेट पेपर से होने जा रहे हैं। इसका फैसला छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने लिया है। कांग्रेस ने इसका स्वागत किया।

    न्यूज़ डेस्क
    रायपुर-
    छत्तीसगढ़ नगर निगम और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में भाजपा सरकार ने ईवीएम मशीन के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव करने का फैसला किया है। 28 दिसंबर से शुरु होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए यहां आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में फिर से बदलाव कर दिया गया है। 3 जनवरी को इसके लिए सूचना का प्रचार प्रसार किया जाएगा। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी। इसकी जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने दी।

    बता दें, कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस बार पंचायत और नगर निगम चुनाव को एक साथ कराने की तैयारी कर रही है। इस बार दोनों इलेक्शन बैलेट पेपर से होंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि “ईवीएम की तैयारी में समय लग रहा था। इसलिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला किया गया है। साथ ही नियमों में परिवर्तन हुआ है। आरक्षण की प्रक्रिया हो रही है। सरकार जल्द से जल्द चुनाव करने के लिए प्रतिबद्ध है।” दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने का स्वागत किया है।

    कितने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत हैं?

    बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में 14 नगर निगम, 52 नगर पालिका परिषद और 123 नगर पंचायत हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के अंतर्गत 27 जिला पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें एवं 11664 ग्राम पंचायतें हैं।

    चुनाव कब है?

    छत्तीसगढ़ में नगर निगम, नगर पालिका और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव एक साथ आयोजित किए जाने की तैयारी है। चुनाव बैलेट पेपर से होने वाले है इसको लेकर प्रत्याशियों की आरक्षण प्रक्रिया जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी। चुनाव की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं।

    आरक्षण प्रकृया में बदलाव

    त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण प्रक्रिया के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। अब 8 से 10 जनवरी तक आरक्षण की कार्यवाही होगी, जबकि पहले यह 28 दिसंबर से शुरू होने वाली थी। इसके लिए 3 जनवरी को सूचना का प्रकाशन किया जाएगा।

  • Maharashtra: पटाखों से भरा पार्सल जब्त, भटकता दिखा बाघ, दादर स्थित मंदिर को तोडने का नोटिस, 12 किलो सोना जब्त, गटर में गिरकर तेंदुआ फंसा।

    Maharashtra: पटाखों से भरा पार्सल जब्त, भटकता दिखा बाघ, दादर स्थित मंदिर को तोडने का नोटिस, 12 किलो सोना जब्त, गटर में गिरकर तेंदुआ फंसा।

    • नागपुर हवाई अड्डे पर पुलिस ने पटाखों से भरा बैग जब्त किया है। बैग से निकाल रहा था धुंआ।
    • महाराष्ट्र के भंडारा जिले में भटकता दिखा बाघ। 13 से 14 मवेशियों पर हमला कर चूका है।
    • मुंबई के दादर स्थित मंदिर को तोडने का नोटिस। उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर साधा निशाना। BJP ने किया पलटवार ..
    • मुंबई हवाई अड्डे पर 12 किलो सोना जब्त। दो तस्कर गिरफ्तार।
    • गटर में गिरकर तेंदुआ फंसा।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    नागपुर एयरपोर्ट पर लदान से पहले पटाखों से भरा एक पार्सल जब्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को मुंबई में डिलीवर के लिए पटाखों से भरे एक पार्सल का पता चला, जिसे समय रहते डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जब्त कर लिया गया। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    कर्मचारी ने दी जानकारी ..

    मिली जानकारी के अनुसार जब पार्सल की जांच हो रही थी, तब एयरपोर्ट के कार्गो सेक्शन में काम करने वाले एक कर्मचारी ने पार्सल को संदिग्ध पाया और उसे फर्श पर रख दिया। फिर उसमें से धुआं निकलने लगा, घबरा कर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। एक अधिकारी ने बताया कि सोनेगांव पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पार्सल को जब्त कर लिया, जिसमें बंदरों को भगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पटाखे थे। उन्होंने बताया कि इस पार्सल को वाशिम की एक महिला ने कूरियर कंपनी के जरिए भेजा था। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    एक गांव में भटकता दिखा बाघ, लोग लेते रहे सेल्फी

    महाराष्ट्र के पूर्वी क्षेत्र के भंडारा जिले में एक उप-वयस्क बाघ के साथ लोग सेल्फी लेते हुए पाए गए है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो देखने के बाद वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है और उसे दूसरे जंगल क्षेत्र में भेजने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि यह बाघ करीब 18 से 19 महीने पुराना है, जो अपनी मां से अलग होने के कगार पर है और अपनी अलग जगह ढूंढ रहा है। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    बाघ के साथ लोगों ने ली सेल्फी ..

    वहीं इस मामले में एक वन अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि इस बाघ का व्यवहार अजीब है, क्योंकि लोग जब उसके पास होते हैं, तो वह परेशान नहीं दिखता। वहीं दो दिन पहले बोरगांव क्षेत्र में एक वीडियो में स्थानीय लोग बाघ के पास जाकर करीब 10 मीटर की दूरी से सेल्फी और फोटो ले रहे थे, जबकि बाघ एक मवेशी के शिकार के बाद आराम कर रहा था। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    13 से 14 मवेशियों को मार चुका है

    भंडारा के उप वनसंरक्षक राहुल गवाई ने बताया, कि यह बाघ BT-10 नाम की बाघिन का बच्चा है। इस बाघ ने गांवों में घुसकर 13 से 14 मवेशियों को मारा है। इसके साथ ही वन विभाग एहतियात बरत रही है, लेकिन आसपास गांव होने के कारण लोग बाघ के दिखाई देने पर या मवेशी के शिकार के बाद वहां पहुंच जाते हैं। इस कारण सुरक्षा की अधिक व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने बाघ को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भेजा है। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    12 किलो सोना बरामद..

    राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने डीजे लाइट में छिपाकर रखा गया 9.6 करोड़ रुपये का 12 किलोग्राम सोना बरामद किया है। डीआरआई ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया। मामले में अधिकारी ने बताया कि डीआरआई की मुंबई क्षेत्रीय इकाई को सोने की तस्करी को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। अधिकारी ने कहा हमें पहले डीजे लाइटों में तीन किलोग्राम सोना मिला। मामले की जांच की गई तो 9.6 करोड़ रुपये मूल्य का कुल 12 किलोग्राम सोना जब्त किया गया। उन्होंने बताया, कि “इस तरह की 68 लाइट मिलीं है।हमें संदेह है कि आरोपियों ने पहले भी भारी मात्रा में सोने की तस्करी की होगी। मामले की अभी और अधिक तहकीकात की जा रही है।” (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    गटर में गिरकर तेंदुआ फंसा

    मुंबई से सटे ठाणे जिले के भिवंड़ी शहर में पद्घा क्षेत्र में शुक्रवार को एक तेंदुआ गटर में गिरकर फंस गया। मामले में अधिकारी ने बताया कि तेंदुआ के फंसने के बाद एक बचाव अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वन विभाग, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) और एनजीओ प्लांट्स एंड एनिमल्स वेलफेयर सोसाइटी (PAWS) के कर्मचारी शामिल हैं। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    बचाव अभियान में जुटे अधिकारी

    अधिकारी ने आगे बताया कि तेंदुए को संकरे नाले से निकालने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। हम तेंदुए को बचाने के बाद उसे जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम निवासियों से अपील कर रहे हैं कि वे शांत रहें और बचाव कार्य के दौरान घटना स्थल से दूरी बनाए रखें। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर को तोड़ने की नोटिस

    मुंबई में दादर स्थित हनुमान मंदिर को तोडने की नोटिस को लेकर शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे आक्रामक हो गए हैं। करीब 80 साल पुराने मंदिर को नोटिस दिए जाने पर शुक्रवार को उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में प्रेस कांफ्रेस के दौरान बीजेपी पर हमला बोल दिया। उद्धव ठाकरे ने पूछा कि बीजेपी कहां से यह नोटिस लेकर आई है? उद्धव ठाकरे ने पूछा यह कैसे हिंदुत्व है? दादर के इस मंदिर को रेलवे की तरफ से नोटिस दी गई है। उद्धव ठाकरे का कहना है कि बीजेपी ने पहले एक हैं तो सेफ हैं कहकर वोट लिए। अब हिंदूओ के मंदिर को तोड़ने के लिए नोटिस दे दिया। उद्धव ने सवाल किया कि सिडको मंदिर की जमीन कब्जा कर उसे किसको सौंपना चाहती है? (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    रेलवे के नोटिस में क्या है?

    4 दिसंबर को मध्य रेलवे द्वारा मंदिर के ट्रस्टियों और पुजारी को जारी इस नोटिस में मंदिर को अवैध कब्जा बताते हुए सात दिन के भीतर हटाने को कहा है। रेलवे ने नोटिस में कहा है कि मंदिर के अवैध कब्जे से वहां यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है और दादर स्टेशन पर रेलवे द्वारा जारी विकास कार्यों में भी अड़चन आ रही है। रेलवे ने नोटिस में चेतावनी दी है कि अगर सात दिन के भीतर मंदिर हटाकर शांतिपूर्ण तरीके से जमीन रेलवे के सुपुर्द नहीं किया, तो रेलवे बलपूर्वक जमीन खाली कराएगी। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

    हिंदुत्व पर उठा सवाल

    उद्धव ठाकरे ने रेलवे के इस नोटिस को मंदिर तोड़ने का फतवा करार देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी से पूछा है कि क्या यही उनका हिंदुत्व है? उन्होंने कहा कि बीजेपी का हिंदुत्व एक झूठ है। बीजेपी सिर्फ वोट के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल करती। उसकी असली राजनीति तो तोड़फोड़ की है और वह अपनी सत्ता का विस्तार करने के लिए हिंदुओं का इस्तेमाल कर रही है। उद्धव ठाकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पलटवार किया। बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बोलने का न तो कोई अधिकार है और न ही उनकी लायकी है। (Maharashtra Parcel full of firecrackers seized, tiger seen wandering, notice to demolish temple in Dadar, 12 kg gold seized, leopard trapped after falling in gutter)

  • BJP की मजबूरी…शिंदे पर इतनी शांत क्यों है भाजपा?

    BJP की मजबूरी…शिंदे पर इतनी शांत क्यों है भाजपा?

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का केंद्र की एनडीए सरकार में दबदबा होने से महाराष्ट्र की सियासत में भी इनकी खामोशी असर दिखा रही है। जबकि एकनाथ शिंदे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं और दूसरी तरफ राज्यपाल के नेतृत्व मे शपथग्रहण समारोह की तैयारी चल रही है। कौन होगा महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री इसपर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। BJP’s compulsion… Why is BJP so silent on Eknath Shinde?

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
     देश के दूसरे नंबर पर सबसे बड़े महाराष्ट्र राज्य में पिछले पांच सालों में वो सब हुआ है जो सोच भी नहीं सकते। भाजपा और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का ब्रेकअप, 2019 के चुनावों के बाद पहली बार जल्दबाजी मे सवेरे तडके शपथग्रहण समारोह। इसके बाद भी उद्धव ठाकरे की ताजपोशी, फिर पहले शिवसेना और बाद में एनसीपी के दो तुकडे। इस तरह पिछले पांच सालों में महाराष्ट्र में दो सीएम बने। सबकुछ अप्रत्याशित रहा। इसके बाद भी 2024 के विधानसभा चुनावों अप्रत्याशित नतीजे सामने आए, इसमें भाजपा ने खुद अपना ही रिकॉर्ड तोड़ डाला और महाविकास अघाडी गठबंधन सिमटकर रह गई।

    राज्य के विधानसभा में विपक्ष विहीन जैसी स्थिति का निर्माण हो गया, लेकिन चुनाव नतीजों के बाद अब जो हो रहा है इसकी भी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले सात दिनों से अस्वस्थ में हैं, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं राज्यपाल के पास बिना दावे और बिना सीएम चयन के मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारियां चल रही हैं। जबकि अभी तक मुख्यमंत्री के चहरे को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

    सीएम की उम्मीद ..

    महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अभी तक जो बातें सामने आई हैं उनमें कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे को उम्मीद थी कि महायुति की सत्ता में वापसी पर वही सीएम बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने खामोशी के बाद नए मुख्यमंत्री का फैसला केंद्रीय नेतृत्व यानी पीएम मोदी और अमित शाह पर छोड़ दिया है। दिल्ली में उनकी केंद्रीय नेताओं से हुई बैठक के बाद भी कोई अच्छी खबर नही आई उलटे वह खुद बीमार पड़ गए। अब महाराष्ट्र में कुछ घंटे बाद मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी का चेहरा तय हो जाएगा और फिर आजाद मैदान में महायुति सरकार का शपथ ग्रहण होगा। तब तक एकनाथ शिंदे की सियासी भविष्य को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। कहा जाता है कि वे सरकार का हिस्सा होंगे, या फिर नहीं? उनकी पार्टी से कौन डिप्टी सीएम बनेगा? कितने मंत्री होंगे? इस बारे में चर्चाऐं आम हैं। वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के नेता लगातार सीएम शिंदे की अहमियत को गिना रहे हैं।

    कौन है जिम्मेदार?

    फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में सवाल खड़ा हो रहा है कि महायुति सरकार की मंत्री पदों के लिए तस्वीर साफ नहीं होने के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या शिंदे द्वारा बीजेपी के सामने रखी गई मांगों पर कोई निर्णय नहीं हो रहा है या फिर शिंदे जो दिया जा रहा है उससे संतुष्ट नहीं है? क्या शिंदे भाजपा द्वारा दिए जा रहे पदों से ज्यादा चाहते हैं? जो भी हो 23 नवंबर को विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद बुधवर को 10 दिन पूरे हो गए हैं। लेकिन जितने के बाद भी महायुति गठबंधन के लिए राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में सवाल है कि राज्य में 132 सीटे जीतने वाली भाजपा शिंदे पर खामोश क्यों है और शांत क्यों बनी हुई है?

    एकनाथ शिंदे की अहमियत क्या है?

    महाराष्ट्र विधानसभा के संख्याबल में भले ही बीजेपी बहुमत के करीब है। उसके पास अजित पवार गुट का बिना शर्त के समर्थन भी है। ऐसे में बीजेपी चाहे तो शिंदे को अनदेखा कर सरकार बना सकती है लेकिन ऐसा संभव नहीं है क्याेंकि महाराष्ट्र की बीजेपी भले ही राज्य में मजबूत हो गई है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार में शिंदे तीसरी बड़े घटक के तौर पर मौजूद हैं। केंद्र की सरकार में जहां बीजेपी के पास 240 सांसद मौजूद हैं वहीं एनडीए से सपोर्टर टीडीपी के पास 16 और फिर जेडीयू के पास 12 सांसद हैं। वहीं शिंदे गुट शिवसेना के सात सांसदों का सहयोग मोदी सरकार को है। कहा जा रहा है कि यही वजह है, जो एकनाथ शिंदे सेंटर की पॉलिटिक्स खेल रहे हैं। वह कह रहे हैं कि पीएम मोदी और अमित शाह जो फैसला लेंगे। वह उन्हें स्वीकार्य होगा। एनडीए के पास कुल 293 सांसदों का समर्थन है। अगर किसी भी स्थिति में नायडू और नीतीश के साथ अगर एकनाथ शिंदे रूठ जाते हैं, तो केंद्र की सरकार पर संकट आ जाएगा।

  • मुंबई में चुनावी सीट को लेकर बगावत के सुर

    मुंबई में चुनावी सीट को लेकर बगावत के सुर

    महा विकास अघाड़ी और महायुति में चुनावी घमासान के बीच बोरीवली, कोलाबा, मुलुंड समेत सीटों के बटवारे को लेकर अब भी तनाव बना हुआ है। कई जगह पार्टी के आदेशों को लेकर बगावत के सुर देखे जा रहे हैं। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार यानी आज के दिन नामांकन पत्र भरने की आखिरी तारीख है। फिर भी महायुति और महाविकास आघाडी के प्रमुख दलों के बीच कुछ सीटों पर बंटवारे को लेकर बात नहीं बन पाई है। राज्य में पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ टकराव की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) में बगावत के सुर देखे जा रहे हैं। बोरीवली विधानसभा सीट से टिकट की आस लगाए बैठे उत्तर मुंबई के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने ऐलान किया है कि वह मंगलवार को नामांकन भरेंगे। भाजपा ने यहां से विधायक सुनील राणे का टिकट काटकर संजय उपाध्याय को पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किया है। घाटकोपर-पूर्व से पराग शाह को फिर से उम्मीदवारी देने से पूर्व विधायक प्रकाश मेहता के सुर बदले हुए हैं। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)

    महायुति में अब तक धारावी और शिवाजी नगर, मानखुर्द की सीट से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं हुई है, जबकि महाविकास आघाडी में भी कोलाबा, बोरीवली और मुलुंड की सीट पर फैसला नहीं हो सका है। अब कांग्रेस आरोप लगा रही है कि उद्धव गुट की शिवसेना ने अधिकांश सीटों पर कब्जा कर लिया है। इस पर उद्धव गुट के नेता अनिल परब ने कहा कि उनकी पार्टी ने योग्यता और जीतने की क्षमता के आधार पर सीटें हासिल की हैं। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)

    गठबंधन की राजनीति

    कांग्रेस ने मुंबई की 36 में से 18 सीटों पर दावा किया है। लेकिन अब तक 9 सीटें ही हांसिल हो पाई है। सोमवार देर रात तक महाविकास आघाडी के बीच कोलाबा, मुलुंड और बोरीवली को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ। सीट बंटवारे को लेकर मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा, कि “उद्धव गुट का रुख गठबंधन की राजनीति के अनुरूप नहीं है। हमने बातचीत के लिए उद्धव गुट के नेताओं के साथ बैठक की। चर्चा के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लेने के बजाय उद्धव सेना ने एकतरफा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। कांग्रेस को हल्के में लिया गया।” वहीं, विवादों के बीच कांग्रेस के मधु चव्हाण ने भायखला विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया है। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)

    मुख्यमंत्री की वादा खिलाफी

    पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा की पत्नी स्वीकृत शर्मा को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी में शामिल करते समय वादा किया था कि उन्हें विधानसभा की उम्मीदवारी देंगे। इसके बाद उन्होंने चुनावी प्रचार भी शुरू किया। अंतिम समय में उन्हें टिकट नहीं दिया गया। बल्कि उस क्षेत्र से बीजेपी नेता मुरजी पटेल को पार्टी में शामिल कर अंधेरी पूर्व से उम्मीदवारी दे दी गई। इससे खफा होकर प्रदीप शर्मा की पत्नी स्वीकृत शर्मा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में कूद पड़ी हैं। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)

    पार्टी कार्यकर्ताओं में घमासान

    वर्सोवा विधानसभा सीट से बीजेपी ने भारती लवेकर और उद्धव गुट की शिवसेना ने हारून खान को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही दलों की ओर से दोनों उम्मीदवार का विरोध हो रहा है। दरअसल, इस सीट पर महाविकास आघाडी की ओर से कांग्रेस ने दावा किया था, लेकिन उद्धव गुट ने अचानक ही हारून को उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसे लेकर कांग्रेस ने नाराजगी व्यक्त की। कांग्रेस के कुछ लोग बगावत करने के लिए तैयार हैं। बीजेपी की लवेकर का भी भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध हो रहा है। (Sounds of rebellion regarding election seat in Mumbai Assembly Election)