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  • Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

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    मुंबई के गोरेगांव फिल्मसिटी में सोमवार तडके आग लगने से अफरा तफरी मच गई है। यहां अचानक आग लगने से टीवी सीरियल के फेमस शो अनुपमा का पूरा सेट जलकर खाक हो गया है। किसी के हताहत होने की जानकारी नही ..

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के फिल्मसिटी में टीवी के फेमस शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया है। सेट पर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। सेट पर मौजूद लोगों ने धुआं उठते देखकर सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया था। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बड़ी दुर्घटना टली

    अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6.10 बजे गोरेगांव (पूर्व) इलाके में स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) में मराठी बिग बॉस के सेट के पीछे बने अनुपमा के सेट पर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की लगभग चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया। सुबह होने की वजह से सेट पर शूटिंग नहीं चल रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMc) गोरेगांव पी दक्षिण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौके पर एक सहायक संभागीय अग्निशमन अधिकारी और तीन स्टेशन अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद हैं। ये सभी आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    राहत की खबर क्या है?

    ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। सेट पर मौजूद सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है।

    आग कैसे लगी?

    बता दें कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण का पता लगा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से सेट में आग लगी है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टी हो पाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी जानकारी दी। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

    इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन अपने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया, कि “मुंबई की फिल्म सिटी में आज सुबह 5 बजे ‘अनुपमा’ शो के सेट पर भयंकर आग लग गई। सुबह 7 बजे शूटिंग शुरू होनी थी। लेकिन उससे ठीक दो घंटे पहले ही आग ने पूरा सेट तबाह कर दिया। उस वक्त शूटिंग की तैयारियां चल रही थीं। कई कर्मचारी और क्रू मेंबर उस समय सेट पर मौजूद थे।” Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

  • सायबर कैफे में आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए 13 युवक-युवतियां, 200 रुपए प्रति घंटा

    सायबर कैफे में आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए 13 युवक-युवतियां, 200 रुपए प्रति घंटा

    Maharashtra News: सायबर कैफे में अश्लील गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ है, जहां पुलिस के दामिनी दस्ते ने छापेमारी कर 13 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा है। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र:
    अमरावती शहर में कुछ सायबर कैफे अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। पुलिस की छापेमारी में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। इन कैफे में युवक और युवतियों को साथ बैठने के लिए प्राइवेट केबिन मुहैया कराया जा रहा था। इसके बदले कैफे संचालक उनसे प्रति घंटे 200 रुपये वसूल रहे है। ऐसे ही अमरावती के राजापेठ इलाके के कुछ सायबर कैफे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 13 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया है। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    क्या है पूरा मामला ?

    ऑनलाइन प्रचलन ने हाल के वर्षों में देशभर में सायबर कैफे की डिमांड बढ़ा दी है। इस बिज़नेस में मुनाफा कमाने के लिए काफी सारे लोग पैसा लगा रहे हैं। लेकिन युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए कारोबारी तरह तरह के हथकंडे भी अपना रहे हैं। जहां युवा वर्ग काम करने, मिलने-जुलने या वक्त बिताने के लिए सायबर कैफ़े जाते हैं। उसी चीज़ का महाराष्ट्र के अमरावती में कुछ सायबर कैफे चालक इस आज़ादी का गलत फायदा उठाकर अश्लील गतिविधियों का अड्डा बन दिए हैं। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    राजापेठ इलाके में चल रहे ऐसे ही सायबर कैफे पर महाराष्ट्र पुलिस की दामिनी दस्ते ने छापेमारी कि और कई जोड़ों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। पुलिस ने बताया की पकड़े गए लड़के और लड़कियों को कुछ पूछताछ और कागजी कार्रवाई करते हुए उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    कई जगह हुई छापेमारी

    जानकारी मिलते ही दामिनी स्क्वाड के पुलिस जवानों ने शहर के कई कैफे में छापेमारी की। इस कार्रवाई में 13 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। इन सभी को थाने लाकर पूछताछ की गई और उचित कार्रवाई के बाद युवतियों को उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    कैबिन में लाइट बंद

    छापेमारी में सामने आया कि इन कैफे में जोड़ों को बैठने के लिए घंटे के हिसाब से केबिन दिए जाते थे, जिनका किराया प्रति घंटे 200 रुपये के आस पास होता था। जहां घंटों तक जोड़े वहां बिना रोक-टोक रहते थे। जब छापेमारी कि गई तो ऐसे ही केबिनों में लाइटें बंद कर युवक-युवतियां मिले थे। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

    शहर में मचा हड़कंप

    पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब इन कैफे संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। इस कार्रवाई के बाद से अमरावती के कैफे संचालकों में खलबली मची हुई है।अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी कैफे या प्रतिष्ठान ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour

  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की।

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।”

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • महावीर नगर फेरीवाला संगठन ने मनाया स्थापना दिवस

    महावीर नगर फेरीवाला संगठन ने मनाया स्थापना दिवस

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई:
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित महावीर नगर फेरीवाला संगठन के सभासदों और सदस्यों ने मिलकर संगठन स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। महावीर नगर परिसर के सभी पथ विक्रेता इसमें शामिल हुए। यह संगठन, नेशनल हॉकर्स फेडरेशन और महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन के नेतृत्व में बोर्ड अनावरण का उद्घाटन किया।

    इसे भी पढ़े:- महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    मौके पर संगठन के मार्ग दर्शक रहे अखिलेश गौड़ ने बोर्ड यानि फलक का अनावरण किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधानसभा संघठक संतोष राणे, उप विभाग प्रमुख श्याम मोरे, स्थानीय कार्यकर्ता सुरेश रसाल, महेश गुप्ता और उप शाखा प्रमुख हरेश्याम गौड, राधेश्याम गौड़, विनय लिंबाचिया और अन्य ढेर सारे लोग उपस्थित रहे।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है।

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है, यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए।

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

    पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

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    राजस्थान के झालावाड़ जिला में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने गांव में आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।

    डिजिटल डेस्क
    राजस्थान:
    झालावाड़ शहर में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को अनके गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। दोनों का गत अप्रेल में ही विवाह हुआ था। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    पति पत्नी दोनों रहते थे अलग

    पुलिस के अनुसार रटलाई के पिपलिया नग्गा गांव निवासी 19 वर्षीय सोनू पुत्र बालचंद झालावाड़ शहर में जिला अस्पताल के सामने चाय की टपरी लगाता था। वह झालावाड़ में मदारी खां तालाब कच्ची बस्ती में किराए के मकान में रहता था। उसकी पत्नी गांव में रहती थी।

    आत्महत्या का कारण?

    पुलिस ने बताया कि उसने गुरुवार शाम को कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक जब सोनू ने फोन नहीं उठाया तो उसके भाई और चाचा कमरे पर पहुंचे, जहां सोनू फंदे से लटका मिला। उसे एसआरजी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आत्महत्या का कोई कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

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    पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली

    उधर सोनू की मौत की सूचना मिलने के बाद उसकी पत्नी सपना ने भी शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने उसका शव देखा तो पुलिस को सूचना दी।

    परिजनों के अनुसार सपना पति की मौत का गम सह नहीं पाई और उसने जान दे दी। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों का शुक्रवार दोपहर गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो मौतें होने पर पूरे गांव में शोक छा गया। रटलाई थानाधिकारी लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि दोनों परिवारों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

  • 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

    22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

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    मुंबई की रफी अहमद किडवाई मार्ग पुलिस ने एक संवेदनशील मामले को महज 2 घंटों के भीतर सुलझा दिया। आरोपी के गिरफ्तारी के साथ ही उसके मोबाइल फोन की सारी आपत्तिजनक स्टोरेज साफ कर दिया।

    मुंबई: पश्चिम वडाला से शिवडी के बीच रहने वाली 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को 24 वर्षीय अब्दुल कलाम सोशस मीडिया के जरिए ब्लैकमेल और धमका रहा था। उसने छात्रा को चेतावनी दी कि अगर उसने उसके प्यार को स्वीकार नहीं किया तो वह उसकी फेसबुक में अपलोड तस्वीरों को फर्जी तरिके से एडिट कर उसका अश्ली वीडियो बनाकर ऑनलाइन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हुए वायरल कर देगा। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पिता को लड़की ने बताया

    लड़की तो पहले, कुछ दिनों तक घबराई हुई हालत में अपने परिवार वालों से भी दूरी बनाने लगी। इसपर पिता परेशान होने लगे और समझा बुझाकर जब पूछा, तो पीड़ित लड़की ने अपने पिता कुरैशी को इसकी जानकारी दी। पिता ने तुरंत मुंबई पुलिस परिमंडल-4 की पुलिस उपायुक्त सुश्री रागसुधा आर से संपर्क किया और अपनी बेटी के साथ पूरी स्थिति बताते हुए एक आवेदन प्रस्तुत किया। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    डीसीपी ने दिए निर्देश

    डीसीपी रागसुधा आर ने आरएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप रणदिवे को त्वरित निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई टाकुर और पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन को ट्रेस करना शुरू कर दिया। हालाँकि आरोपी हर 30 मिनट में अपना स्थान बदलता रहा, फिर भी पुलिस ने सिर्फ़ 2 घंटे के भीतर धारावी से अब्दुल कलाम का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की। हिरासत में लेने के बाद पहले तो पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की और उसके फोन से लडकी की आपत्तिजनक सामग्री निकालने के बाद फोन से डिलीट कर दी। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पुलिस की हुई सराहना

    लड़की और उसके परिवार ने डीसीपी रागसुधा आर और आएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कुमार संदीप रणदिवे, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई ठाकुर और पूरी आरएके मार्ग पुलिस टीम को उनकी तेज और कुशल कार्रवाई के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के लोगों ने भी ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समर्थन के लिए उनकी सराहना की। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

  • Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।

    Mumbai Lake Water Level:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

    नहीं होगी पानी की कटौती!

    महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर  दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।

    मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें कौन सी हैं ?

    मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।

    मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?

    मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।

  • Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    Mumbai: बिना उद्घाटन के खुल गया विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज, यात्रियों को होगी समय की बचत

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे से बिना किसी औपचारिक उद्घाटन के चालू कर दिया गया है। लोगों को इससे मदद मिलेगी और यहां होने वाली ट्रैफिक की समस्या भी खत्म।

    Vikhroli-flyover-bridge-opened-in-Mumbai-without-inauguration
    नवनिर्मित विक्रोली फ्लाईओवर की तस्वीर

    मुंबई: विक्रोली ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोड फ्लाई ओवरब्रिज (ROB) को शनिवार दोपहर बिना किसी औपचारिक उद्घाटन या समारोह के यात्रियों के लिए खोल दिया गया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा, कि चल रहे मानसून को ध्यान में रखते हुए और यात्रियों को होने वाली असुविधा को रोकने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज को शाम 4 बजे चालू कर दिया गया है। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का था आदेश

    बीएमसी बयान के मुताबिक, “फ्लाईओवर का काम 31 मई की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया था कि पुल को किसी औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना खोल दिया जाए।” इसके साथ ही शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुल को यात्रियों के लिए खोलने की घोषणा की थी। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पुल के ढांचे का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था, कि मानसून के दौरान यात्रियों को इस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है, और इसलिए, सरकार ने आदेश दिया है कि आधिकारिक समारोह की प्रतीक्षा किए बिना फ्लाईओवर को जनता के लिए खोल दिया जाए।

    कहां पर बना विक्रोली फ्लाईओवर ब्रिज

    यह फ्लाईओवर विक्रोली स्टेशन के पश्चिमी किनारे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड को पटरियों के पूर्वी किनारे पर स्थित ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़कर बढ़ते उपनगर में एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस पुल के शुरू होने से विक्रोली और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को सफर में करीब 30 मिनट तक का समय बचेगा। खासकर दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। अब तक विक्रोली में रेलवे रूट के आसपास लगने वाले जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन इस फ्लाईओवर ब्रिज के शुरू होते ही न केवल ट्रैफिक की समस्या खत्म होगी, बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    ब्रिज की खासियत

    खबर के मुताबिक, बीएमसी ने कहा कि फ्लाईओवर 12 मीटर चौड़ा और 615 मीटर लंबा है। परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया गया, जिसमें स्पैन के 18 गर्डरों को रखा गया है। कुल 19 खंभे लगाए गए हैं, जिनमें से 12 पूर्वी तरफ और सात पश्चिमी तरफ स्थित हैं। Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

    मुख्यमंत्री का प्रयास

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुक्रवार को कहा, कि “मैंने 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए इस काम का आदेश दिया था। इस पर 104.77 करोड़ रुपये खर्च हुए। आगामी बारिश के मद्देनजर मुंबईकरों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए, हमने बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त और पुलिस को शनिवार, 14 जून, 2025 से इस पुल को यातायात के लिए खोलने का निर्देश दिया है।” Mumbai: Vikhroli flyover bridge opened without inauguration, passengers will save time

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project