मुंबई शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव के दौरान कई जगहों पर गोविदा पथक हादसों के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक की मौत और 30 घायलों की जानकारी मिल रही है।
मुंबई: शनिवार 16 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई में एक की मौत 30 घायल और 15 गोविदा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में दही हांडी बांधते समय एक 32 वर्षीय व्यक्ति की गिरकर मौत हो गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दही हंडी फोड़ने के चक्कर में 30 गोविंदा घायल हो गए, जिनमें से से 15 लोगों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival
Mumbai बीएमसी के अधिकारियों क्या कहा?
मुंबई के उपनगर मानखुर्द में शनिवार दोपहर एक 32 वर्षीय ‘गोविंदा’ की दही हांडी बांधते समय गिरने से मौत हो गई। जबकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में मानव पिरामिड बनाते समय 30 अन्य गोविंदा घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर इसकी जानकारी दी।
पहली मंजिल से गिर कर मौत
मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर मे मृत व्यक्ति की पहचान जगमोहन शिवकिरण चौधरी के रूप में हुई है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि जगमोहन अपने घर की पहली मंजिल की खिड़की की ग्रिल से एक रस्सी पर दही हांडी यानी दही से भरी हुई मिट्टी की मटकी बांध रहा था। इसी दौरान वह अचानक नीचे गिर पड़ा। चौधरी को तुरंत नगरपालिका द्वारा संचालित शताब्दी गोवंडी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival
मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश के बीच मनाए गए इस वर्ष के दही हांडी उत्सव में 30 गोविंदा घायल हुए हैं। इनमें से 15 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज कर छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 30 घायलों में 18 दक्षिण मुंबई से हैं, जबकि 6-6 लोग शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों से हैं।
आस्था और भक्ति भाव
दही हांडी का त्योहार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाता है। इसमें ‘गोविंदाओं’ की टीमें इंसानी पिरामिड बनाकर मटकी तक पहुंचने और उसे फोड़ने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान कई हादसे होते रहते हैं लेकिन आस्था और भक्ति भाव में गोविंदा पथक इस प्रथा को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाते आ रहे हैं। Mumbai: One dead, 30 injured, 15 hospitalised during Dahi Handi festival
मुंबई के विक्रोली में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 4 घायल हो गए हैं। बीएमसी के अनुसार पहाड़ी का मलबा एक झोपड़ी पर गिरने से यह हादसा हुआ। बाकी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हाहाकार मचा हुआ है। खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण हजारों लोगों की मौत हो गई है। वहीं, अब मुंबई में भी भूस्खलन के कारण 2 लोगों की मौत हो गई और चार लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
BMC के अधिकारियों ने क्या कहा?
मुंबई के विक्रोली में शनिवार को भीषण भूस्खलन हुआ। भारी बारिश के कारण हुए हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और कई लोग बुरी तरह से घायल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक हादसा शनिवार की रात लगभग 2:39 बजे हुआ। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बरसात के कारण एक पहाड़ी पर से अचानक भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का मलबा आकर एक झोपड़ी पर गिरा, जिसके कारण 2 लोगों की जान चली गई और 4 लोग घायल हो गए।
BMC अधिकारी के मुताबिक, सभी पीड़ित एक ही परिवार से हैं। हादसे के फौरन बाद उन्हें राजावडी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 2 लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय शालू मिश्रा और 50 वर्षीय सुरेश मिश्रा के रूप में हुई है। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्य 45 वर्षीय आरती मिश्रा और 20 वर्षीय ऋतुराज मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, अब उनकी हालत में सुधार देखने को मिला है। इस हादसे के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इलाके के लोग उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
भूस्खलन के बाद BMC बचाव दल के लोगों ने इलाके के बाकी लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया है, अधिकारियों के मुताबिक दोबारा खतरा हो सकता है। जबकि, मुंबई में भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर जल भराव से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। खासकर दादर, कुर्ला, सायन, तिलक नगर समेत सभी रेलवे स्टेशनों पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई है। Landslide occurred at midnight due to heavy rain in Mumbai, 2 dead and 4 injured
जल विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने दुकान मालिक पर मेहरबानी कर भ्रष्टाचार पूर्वक जोड़ा नल कनेक्शन।
क्या उच्चअधिकारी करेंगे पानी पुरवठा विभाग की गैर कानूनी जल जोड़नी की जाँच?
मुंबई: भ्रष्टाचार का घुन मनपा को खाने लगा है। लापरवाह अफसर अपने कर्तव्य निर्वहन के स्थान पर गैरकानूनी तरीके से जल विभाग द्वारा नल कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं बचा, जिसने टी एंड कोल्ड्रिंक के नाम पर चल रहे शॉप को 394 का लाइसेंस देकर अपने भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण पेश कर दिया। जबकि टी की टपरी का स्टॉल फुटपाथ पर है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 394 का लाइसेंस किसकी अथॉरिटी पर दिया गया? मनपा आयुक्त या आर/ दक्षिण विभाग के डीएमसी या फिर MOH, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी की अथॉरिटी का इस्तेमाल हुआ है कुछ पता नही। R/South department of BMC is the identity of corrupt practices
मनपा ने खोया अपना लक्ष्य
यह सवाल आम जनता के बीच यक्ष प्रश्न की तरह मुहं बाये खड़ा है। जिस मनपा का गठन मुंबईकरों की सुविधा बढ़ाने के लिए लिए हुआ था। वहीं “असुविधा के लिए खेद है ” कि तर्ज पर मनपा अपना लक्ष्य खो चुकी है। एक ऐसा ही भ्रष्टाचार का मामला शॉप नियर आकांक्षा बिल्डिंग त्रिकम दास रोड पर 14 अगस्त 1993 में मालिक अब्दुल रहमान द्वारा 15/10 के झोपड़े को 90000 में सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या को रजिस्ट्री की गई। 1976 के सेंसस में भी 15गुने दस फीट दर्ज किया गया।
यहां जल विभाग द्वारा पानी के कनेक्शन की अनुमति 25/09/2017 को उसी पते पर दी गई है। इसकी जानकारी RTI के माध्यम से उजागर हुआ। जबकि उपर्युक्त व्यक्ति को बिजली का कनेक्शन नियर आकांक्षा आर्केड के पते पर दिया गया। जो आकांक्षा आर्केड सीएचएस वडा पाव त्रिकम दास रोड के पते का है। फर्जी तरीके से आकांक्षा सोसायटी द्वारा मौर्या फास्ट-फूड टी एंड कोल्ड्रिंक्स का प्रीमाइस में होने का पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण वार्ड को 12/03/2018 को लिखित दिया गया। बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 13/04/2018 को मौर्या फास्ट फूड को लेंथ ऑफ फ्रेंच 6.5 मीटर बताया गया है।
लायसेंस विभाग की अनदेखी
यह पत्र बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक को चाय बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को दो वर्षों के लिए दिया गया लेकिन शॉप आकांक्षा आर्केड का कैसे लिखा गया? जबकि शॉप आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग से अलग है। गुमास्ता लाइसेंस मौर्या फास्ट फूड सेंटर के नाम पर वड़ा पाव दर्ज है। सवाल यह है कि एक ही व्यक्ति को वड़ा पाव का लाइट आकांक्षा आर्केड और एप्लिकेशन फॉर्म में नियर आकांक्षा आर्केड कैसे लिखा जा सकता है? वड़ा पाव का लाइट बिल आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग का है तो 394 का लाइसेंस मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक शॉप को कैसे सहमति दी गयी?
वहीं नेचर ऑफ बिजनेस में सिर्फ चाय की दुकान है तो वड़ा पाव कैसे बिक रहा है? जब सेंसस में 150 वर्गफुट है तो गुमास्ता में 120 फूट कैसे है? जबकि झोपड़े की रजिस्ट्री में 150 फिट है। फार्म p आकांक्षा आर्केड लिखा है तो B/F विभाग की NOC जो केवल चाल में लिया जाता है तो बिल्डिंग में कैसे NOC जारी किया गया? आकांक्षा बिल्डिंग सेक्रेटरी का पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण को 12/03/2018 में लिखा। लेकिन बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 6.5 मीटर फूट लेंथ ऑफ फ्रेंच बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ टी एंड कोल्ड्रिंक बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को दिया गया।
एंटी करप्शन से जांच का अनुरोध
यहां पर कागजात में घपलेबाजी की गई है। लेकिन शिकायत पत्र पर कोई जांच नहीं की गई क्यों? स्पष्ट है बीएमसी की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया गया है। ज्ञात हो कि बीएमसी ने चंद सिक्के घूस लेकर कॉमर्शियल वाटर कनेक्शन पास कर दिया जिसका संज्ञान बीएमसी नही ले रही। डीएमसी और वार्ड ऑफिसर की मिलीभगत से धोख़ाधड़ी की गई है। बीएमसी स्वास्थ विभाग के द्वारा 394 एवं जल विभाग द्वारा नल कनेक्शन की अनियमितताओं के भ्रष्टाचार की जांच एंटी curruption विभाग से किये जाने का अनुरोध है। R/South department of BMC is the identity of corrupt practices
हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार सलमान खान ने 2017 में जिस सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन किया था उसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है। घटना मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) आरे मिल्क कॉलोनी की है।
मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 30 का सार्वजनिक शौचालय कब्जा हो चुका है। साल 2017 में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने यहां दो सार्वजानिक शौचालयों का उद्घाटन किया था। जिसमें से एक जो फिल्म सिटी के पिछले गेट के पास यूनिट क्रमांक 30 में स्थित है उसकी हालत खस्ता हो गई है। इस सार्वजनिक शौचालय के एक हिस्से पर एक परिवार ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसका दावा है कि उसे शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent
जमीनी हकीकत
जब पत्रकार ने घटनास्थल का दौरा किया, तो ललिता राणे नामक एक महिला यहां कपड़े धोती हुई दिखाई दीं, जबकि उनकी एक और रिश्तेदार जानकी नामक वृद्ध महिला शौचालय के महिला खंड में सो रही थीं, जिसे रहने के लिए जगह और सामान रखने के लिए स्टोरेज रुम में बदल दिया गया है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent
कब्ज़ेदारों ने क्या कहा?
ललिता ने पत्रकार से बात करते हुए बताया, कि “मेरा जन्म यहीं आरे मिल्क कॉलोनी में हुआ है, और मेरी सास, कमलदेवी राणे, जो पहले शौचालय का रखरखाव संभालती थीं, वह भी इसी इलाके में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। दो साल पहले उनका निधन हो गया। बीएमसी ने सालों पहले इस शौचालय का निर्माण कराया था, उसे तोड़ दिया और फिर से बनवाया। सलमान खान भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। अब सालों से बीएमसी ने इसका रखरखाव नहीं किया है। इसलिए इसकी हालत खस्ता हो गई है।
उसने ये भी कहा, कि इसमें पानी का कनेक्शन नहीं है और इसे चालू रखने के लिए कोई धनराशि भी नहीं दी गई है। इस इलाके में अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं, जो हमारी जान के लिए खतरा बने रहते हैं। हमने पास में ही एक छोटा सा कुआँ खोदा है, जिसका इस्तेमाल हम नहाने और बर्तन धोने के लिए करते हैं। अगर बीएमसी पानी और रखरखाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दे, तो यह शौचालय फिर से लोगों की सेवा के लिए चालू किया जा सकता है।”
टूट गये हैं सभी दरवाजे
उनकी मौसी ने आगे कहा, “हम शौचालय के इस हिस्से का इस्तेमाल सोने और सामान रखने के लिए करते हैं। यहाँ बिजली या पानी का कनेक्शन नहीं है। महिलाओं का सेक्शन असुरक्षित है – सभी दरवाजे टूटे हुए हैं, इसलिए हमें इसे हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। हम बीएमसी और सलमान खान से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और हमारी मदद करें।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent
शौचालय ब्लॉक का वह हिस्सा, जिस पर अतिक्रमण नहीं हुआ था, बेहद खराब हालत में था, जहाँ बुनियादी स्वच्छता, पानी की आपूर्ति और यहाँ तक कि दरवाज़े भी नहीं थे। परिसर में गुटखे के पैकेट, शराब की बोतलें और सिगरेट के टुकड़ों से भरा पड़ा था। इसके अलावा, उद्घाटन और उसमें शामिल लोगों का विवरण देने वाली स्मारक टाइल भी गायब था।
प्रशासन से मरम्मत की मांग
आरे मिल्क कॉलोनी के शिवसेना (यूबीटी) शाखा प्रमुख संदीप गढ़वे ने कहा, “सलमान खान ने छह रूमों वाले दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया था – एक मद्रासपाड़ा में और दूसरा यूनिट 30 में। दुर्भाग्य से, अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यूनिट 30 की हालत बेहद खराब हो गई है। एक तरफ एक परिवार ने अतिक्रमण कर उसे घर बना लिया है। पानी, दरवाज़ों और रखरखाव की कमी के कारण दूसरा आधा हिस्सा अनुपयोगी है, जिससे लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आरे के सीईओ और बीएमसी को तत्काल इस शौचालय की मरम्मत करानी चाहिए।”
रहिवासियों ने क्या कहा ?
एक निवासी ने कहा, “रात में, फिल्म सिटी गेट के पास के इलाके में नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर आते हैं। कोई भी वहाँ जाना नहीं चाहता। एक परिवार ने शौचालय के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। लेकिन बीएमसी, आरे के सीईओ और पुलिस इसपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करती।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent
एक स्थानीय निवासी विनोद एकनाथ कांबले ने कहा, “शौचालय की सुविधा न होने के कारण हमें सड़क पर या जंगल में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। नशेड़ी रात में घूमते रहते हैं। यह हमारे परिवारों के लिए जोखिम भरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम लाचार हैं और अपने घरों से दूर स्थित शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं।”
बीएमसी अधिकारी ने क्या कहा?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) उपआयुक्त किरण दिघावकर ने कहा, “आरे मिल्क कॉलोनी और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के अंतर्गत आते हैं और इसका प्रशासन आरे के सीईओ द्वारा किया जाता है। मरम्मत या रखरखाव के लिए, सीईओ कार्यालय और ईएसजेड निगरानी समिति से अनुमति लेना आवश्यक होता है। 2017 में जब हमने सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय ब्लॉक का विकास किया था, तब हमने आरे मिल्क कॉलोनी के सीईओ से अनुमति ली थी। सीईओ की स्वीकृति मिलने के बाद हम सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत और रखरखाव कर पाएंगे।”
शौचालय के बाहर ट्यूबवेल की व्यवस्था
इस बीच, आई लव मुंबई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सदस्य राहुल कनाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिकारी इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगे। आरे सीईओ कार्यालय और वन विभाग से अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण, बीएमसी पानी का कनेक्शन नहीं दे पा रही है। इस पर हमने सार्वजनिक शौचालय के बाहर एक ट्यूबवेल की व्यवस्था की थी।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent
मुंबई के पक्षी प्रेमियों को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत की खबर सुनाईं है। कबूतरों को दाना डालने के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मुख्यमंत्री के इस पहल से कबूतरों के संरक्षण की मांग कर रहे कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: शहर में कबूतरखानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरखानों के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शुरू की गई कार्रवाई अब थम सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्होंने शहर में कबूतरखानों को अचानक बंद करने के कदम को उचित नहीं माना।
मंत्रालय में हुए उच्चस्तरीय बैठक
मंत्रालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम फडणवीस ने कहा, कि “कबूतर-खानों यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह को अचानक बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि यदि कबूतरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, न कि सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, कि “कबूतरों को दाना डालने के लिए एक निर्धारित समय तय किया जा सकता है।”
सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान फडणवीस ने कहा कि कबूतरों की विष्ठा से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। कबूतरखानों से नागरिकों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions
बीजेपी विधायक एवं मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि सरकार कबूतरखानों को अचानक बंद करने के पक्ष में नहीं है और बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार पक्ष रखेगी। जो कबूतरखाने प्लास्टिक शीट से ढंककर बंद किए गए है, उन्हें जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कबूतरों को अब नियंत्रित ढंग से ही दाना दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। कबूतरों की विष्ठा की सफाई के लिए ‘टाटा’ कंपनी द्वारा निर्मित एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा।
FIR दर्ज करने का दिया था आदेश
मुंबई शहर में 51 ‘कबूतर खाने’ यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह हैं। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कबूतरों के झुंड को दाना डालने को ‘सार्वजनिक उपद्रव’ करार देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने दादर का मशहूर ‘कबूतर खाना’ बंद कर दिया और उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक दिया। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में पक्षी प्रेमियों और जैन समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किए। हालांकि अब सीएम फडणवीस की इस पहल से कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।
यह पहली बार है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था।
मुंबई: मालाड़ में शंकर लेन के 64 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को वहीं नजदीक के साईराज गुडियापाड़ा बिल्डिंग में झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के परमानेंट ट्रांजिट कैंप (PTC) में अपने नए घरों की चाबियाँ मिलीं। यह कैंप उनके मूल पते से 10 मिनट की दूरी पर स्थित है। इस परिवर्तन से शंकर लेन को वलनई कॉलोनी के गौतम बुद्ध मार्ग तक विस्तारित करने के पहले दो चरणों का मार्ग प्रशस्त होगा, जो न्यू लिंक रोड की ओर जाता है। यह खंड 150 मीटर लंबा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC
पहली बार मिला SRA में घर
यह पहली बार है कि रोड़ निर्माण प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। उसके बाद दूसरी मर्तबा 64 लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है।
वलनई गौतम बुद्ध मार्ग की तरफ बढ़ता हुआ प्रोजेक्ट
सरकार का प्रस्ताव
स्थानांतरण के इस तरीके का विचार अगस्त 2024 में महाराष्ट्र सरकार के एक प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से आया था, जिसमें 50% पीटीसी घरों को स्थायी आवास के लिए पीएपी घरों में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन निवासियों को आवास प्रदान करना था जिनके घर एसआरए योजनाओं के तहत किराए पर हैं।
जी.आर. प्रकाशित होने के एक महीने बाद, केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल, जिन्होंने निवासियों को चाबियाँ सौंपी। उन्होंने एस.आर.ए. को पत्र लिखकर मालाड़ में 266 पी.टी.सी. घरों को शीघ्र परिवर्तित करने की मांग की थी, ताकि सड़क का काम तेजी से किया जा सके।
बीएमसी ने क्या कहा?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जोन-4 की डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर भाग्यश्री कापसे ने कहा, “शंकर लेन से न्यू लिंक रोड तक विस्तार में 550 मीटर का लिंक गायब है, जिसके बन जाने पर मालवणी, जनकल्याण नगर, लालजी पाड़ा से पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे (WEH) तक अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध होगी।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भविष्य में इससे मार्वे रोड और मालाड़ सबवे पर यातायात को आसान बनाने में मदद मिलेगी।” उन्होंने आगे बताया, कि “दूसरे चरण के स्थानांतरण के साथ, सड़क की निकासी के लिए चरण 2 पूरा हो गया है। हम जल्द ही चरण 3 शुरू करेंगे।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC
शंकरगली पर प्रभावित स्ट्रक्चर ध्वस्त किए जाने के बाद की तस्वीर
और भी 183 को मिलेगा मकान
लापता लिंक में कुल प्रभावित स्ट्रक्चर 357 थीं, जिनमें से 293 रेसिडेंटल और 53 कमर्शियल हैं। पहले चरण के 110 स्ट्रक्चर को पहले ही ध्वस्त करने के बाद अब, 64 स्ट्रक्चर जिनके निवासियों ने अपने नए घरों की चाबियाँ हासिल कर ली हैं, उसे भी दूसरे चरण में ध्वस्त कर दिया गया। अब चरण 3 शुरू करने के लिए 183 स्ट्रक्चरों के निवासियों का पुनर्वास किया जाना बाकी है।
मालाड़ बीएमसी से मिली जानकारी
मालाड़ बीएमसी के पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड के लगभग 181 पीटीसी घरों को पीएपी घरों में परिवर्तित कर दिया गया है, और निवासियों को फिर से आवास देने की प्रक्रिया छह महीने से चल रही है।
मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,
कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं।
पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट
अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।
रोडमैप की तैयारी
दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।
बजट हुआ आवंटन
सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,
मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क निर्माण से प्रभावित 68 झोपड़ा धारकों को केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयुष गोयल के हाथों घरों को आवंटित किया गया। मौका था लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार का, कार्यक्रम देर शाम तक चला।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पी/ उत्तर विभाग अंतर्गत मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित झोपड़ा धारकों के पुनर्वास की कड़ी में 68 पात्र परिवारों को नए घरों की आवंटन प्रकृया सोमवार को कांदीवली पश्चिम एसवी रोड़ के लोककल्याण कार्यालय में आयोजित किया गया। जिसमें मनपा परिमंडल-4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे एवं मलाड़ बीएमसी के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी की निगरानी में सांसद पीयुष गोयल के हाथों फ्लैटों की चावीयां आवंटित की गई। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal
मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि, “हमारा प्रयास है, उत्तर मुंबई के हर नागरिक को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवनयापन का अधिकार मिले। विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों को समय पर पुनर्वास देना हमारी प्राथमिकता है, ताकि वे आत्मसम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सकें।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ मनपा उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और बीएमसी पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने मंच साझा किया और सोमवार के इस कार्यक्रम में भाजपा के उत्तर मुंबई अध्यक्ष दीपक बाळा तावड़े के साथ पूर्व के कई नगरसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal
इसी दौरान लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार आयोजन किया गया था। इसमें केंद्रीय मंत्री ने लगभग 300 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए। नागरिकों ने अपने घरों के पुनर्विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भूखंड, कानूनी विवाद में फंसे घर, बिजली पानी जैसी समस्या पर मनपा, वनविभाग, राज्य सरकार जैसे सभी विषयों पर अपने प्रश्न प्रस्तुत किए। सरकारी विभागीय अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal
मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।
इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase
मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase
मुंबई में बोरीवली इलाके में मेट्रो स्टेशन के बाहर एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि कोई हताहत की खबर नहीं है। जबकि पूरी बस जलकर खाक हो गई है।
मुंबई: मंगलवार को बोरीवली पूर्व वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित उन्नत देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के बाहर दोपहर के समय एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बस ड्राइवर बस को कहीं ले जा रहा था। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties