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  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

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    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।

  • बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बाइक सवारों के लिए राहत! अब बिना हेलमेट चालान में बड़ा बदलाव

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर अब चालान की प्रक्रिया बदली जाएगी। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ई-चालान सिस्टम शुरू किया है, जो AI कैमरों से चालान जनरेट करेगा। जानिए नया नियम क्या कहता है और किन शहरों में लागू हुआ है।

    नई दिल्ली: भारत में बाइक और स्कूटर चलाने वालों के लिए बड़ी खबर आई है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बिना हेलमेट चालान से जुड़े नियमों में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब से चालान सीधे मौके पर नहीं, बल्कि ई-चालान सिस्टम के जरिए काटा जाएगा।

    इस बदलाव का मकसद ट्रैफिक सिस्टम को ज़्यादा पारदर्शी, स्मार्ट और रिश्वत-मुक्त बनाना है। हालांकि हेलमेट पहनना अब भी अनिवार्य रहेगा।

    ⚙️ नया नियम क्या कहता है?

    अब ट्रैफिक पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काटने की बजाय AI-सक्षम कैमरा सिस्टम पर निर्भर होगी। अगर किसी सड़क या चौराहे पर CCTV या ट्रैफिक कैमरा लगा है और किसी बाइक सवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाया, तो सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर चालान अपने आप जनरेट कर देगा

    ➡️ यानी कि अगर कैमरा कवरेज है, तो चालान ऑटोमेटिक होगा।
    ➡️ अगर कैमरा नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर चालान काट सकती है।

    🪖 हेलमेट की अनिवार्यता अब भी बरकरार

    नए नियम का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बिना हेलमेट चलाना अब छूट गया है।
    मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के तहत, बाइक चालक और पीछे बैठने वाला दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। अगर आप बिना हेलमेट पकड़े गए, तो चालान तो कटेगा ही — बस तरीका अब डिजिटल होगा।

    🎥 अब चालान तय करेंगे AI कैमरे

    देशभर के कई शहरों में हाईटेक AI ट्रैफिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे न सिर्फ बिना हेलमेट बल्कि सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, मोबाइल यूज़ जैसे उल्लंघनों को भी पहचान सकते हैं।

    इन कैमरों से

    • वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होती है
    • सिस्टम डेटा को ट्रैफिक सर्वर भेजता है
    • और ई-चालान सीधे वाहन मालिक के नाम जारी होता है

    इससे भ्रष्टाचार, झगड़े और गलत चालान की संभावना खत्म हो जाती है।

    🏙️ किन राज्यों में लागू हुआ नया ई-चालान सिस्टम?

    फिलहाल यह सिस्टम देश के कई बड़े शहरों में शुरू किया जा चुका है—
    📍 दिल्ली
    📍 लखनऊ
    📍 भोपाल
    📍 पुणे
    📍 जयपुर
    📍 अहमदाबाद

    अब धीरे-धीरे इसे छोटे शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) पर भी लागू किया जा रहा है।

    ⚠️ सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

    सरकार का लक्ष्य सिर्फ चालान बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।
    सड़क हादसों में सबसे ज़्यादा मौतें बिना हेलमेट के होती हैं।
    AI आधारित सिस्टम से अब यह पता लगाना आसान होगा कि किसने नियम तोड़े, और यह सब बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के होगा।


    ❓FAQs

    Q1. क्या अब बिना हेलमेट चलाने पर चालान नहीं कटेगा?
    चालान अभी भी कटेगा, लेकिन अब यह ऑटोमेटिक ई-चालान सिस्टम से कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए होगा।

    Q2. क्या हेलमेट पहनना अब वैकल्पिक हो गया है?
    नहीं, हेलमेट अब भी जरूरी है। बिना हेलमेट बाइक चलाना अभी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन है।

    Q3. किन शहरों में यह नया सिस्टम लागू हुआ है?
    दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद में यह सिस्टम सक्रिय है।

    Q4. क्या पुलिस अब चालान नहीं काटेगी?
    जहां कैमरा कवरेज नहीं है, वहां पुलिस मैन्युअल रूप से चालान काट सकती है।

    Q5. क्या इससे गलत चालान की संभावना कम होगी?
    हां, क्योंकि यह सिस्टम AI आधारित है और मानवीय त्रुटियों या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

  • IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    IOCL Pipeline Apprentice Bharti 2025: 537 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट बढ़ी – ऐसे करें अप्लाई

    इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।

    👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।

    कितने पद, कहां-कहां?

    IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं।
    कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:

    • पश्चिम बंगाल – 64
    • राजस्थान – 53
    • उत्तर प्रदेश – 53
    • ओडिशा – 51
    • तमिलनाडु – 39
    • बिहार – 38
    • महाराष्ट्र – 15
    • दिल्ली – 14

    कुल मिलाकर – 537 पद

    कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)

    इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।

    • Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
    • Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
    • Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
    • Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट

    👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।

    उम्र सीमा (Age Limit – as on 31.08.2025)

    • न्यूनतम आयु: 18 साल
    • अधिकतम आयु: 24 साल

    👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।

    स्टाइपेंड (Salary/Stipend)

    सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।

    सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।

    • सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
    • टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।

    कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)

    1. सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
    2. फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
    3. आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
    • Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
    • Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
    1. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।

    👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।

    ज़रूरी डेट्स (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
    • कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025

    ❓ FAQ

    Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं?
    Ans: कुल 537 पद हैं।

    Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।

    Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा?
    Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।

    Q4: योग्यता क्या चाहिए?
    Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।

    Q5: क्या आवेदन शुल्क है?
    Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

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    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    कैसे हुआ खुलासा?

    वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    गुजरात में क्या हुआ?

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    वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    जावेद की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    राजस्थान से मिले 5 ट्रक

    पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

  • पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

    पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

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    राजस्थान के झालावाड़ जिला में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने गांव में आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    डिजिटल डेस्क
    राजस्थान:
    झालावाड़ शहर में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को अनके गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। दोनों का गत अप्रेल में ही विवाह हुआ था। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    पति पत्नी दोनों रहते थे अलग

    पुलिस के अनुसार रटलाई के पिपलिया नग्गा गांव निवासी 19 वर्षीय सोनू पुत्र बालचंद झालावाड़ शहर में जिला अस्पताल के सामने चाय की टपरी लगाता था। वह झालावाड़ में मदारी खां तालाब कच्ची बस्ती में किराए के मकान में रहता था। उसकी पत्नी गांव में रहती थी। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    आत्महत्या का कारण?

    पुलिस ने बताया कि उसने गुरुवार शाम को कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक जब सोनू ने फोन नहीं उठाया तो उसके भाई और चाचा कमरे पर पहुंचे, जहां सोनू फंदे से लटका मिला। उसे एसआरजी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आत्महत्या का कोई कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली

    उधर सोनू की मौत की सूचना मिलने के बाद उसकी पत्नी सपना ने भी शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने उसका शव देखा तो पुलिस को सूचना दी।
    परिजनों के अनुसार सपना पति की मौत का गम सह नहीं पाई और उसने जान दे दी। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों का शुक्रवार दोपहर गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो मौतें होने पर पूरे गांव में शोक छा गया। रटलाई थानाधिकारी लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि दोनों परिवारों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

  • जयपुर की शादीशुदा महिला ने मुंबई की एक होटल में अपने प्रेमी की हत्या कर दी, मलाड़ की दिंडोशी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    जयपुर की शादीशुदा महिला ने मुंबई की एक होटल में अपने प्रेमी की हत्या कर दी, मलाड़ की दिंडोशी पुलिस ने किया गिरफ्तार

    एक्सट्रा मैरिटल अफेर ने मुंबई के एक व्यक्ति की जान ले ली। उस व्यक्ति की हत्या करने वाला कोई और नही बल्कि उसी की प्रेमिका निकली। जिसने होटल के कमरे में अपने ही प्रेमी का गला घोट कर हत्या कर दी। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    मुंबई: मालाड़ पूर्व की दिंडोशी पुलिस ने जयपुर की एक ऐसी शातिर महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने मुंबई में आकर अपने प्रेमी की हत्या तो की और उसे आत्महत्या साबित करने के लिए परिवार वालों को झूठा मैसेज भेज दिया और बाद में रात के अंधेरे में सूनसान तरिके से गुजारात पहुंच वहां कुछ समय ठहरने के बाद वापस अपने घर जयपुर पहुंच गई। बता दें कि आरोपी महिला ने अकेले बंद कमरे में अपने प्रेमी का गला घोट कर हत्या कर दी। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    पति के साले से अफेर

    मंगलवार को हुई गिरफ्तारी के बाद, मलाड़ पूर्व दिंडोशी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजय अफाले ने बताया कि बरकत राठौर पिछले दो सालों से अपने पति के साले इमामुद्दीन अंसारी के साथ कथित तौर पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर में थी। मृतक इमामुद्दीन अंसारी मलाड़ का रहने वाला एक इंटीरियर डेकोरेटर कारोबारी था। अंसारी के साथ उसके संबंध का पता चलने के बाद बरकत के पति ने उसे छोड़ दिया और वह पिछले दो सालों से जयपुर में अपनी मां के साथ रह रही थी। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    शारीरिक संबंध

    बरकत ने कथित तौर पर 4 मई को मुंबई के मलाड होटल के एक कमरे में अंसारी का गला घोंट दिया और उसके फोन से परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप पर खुद के आत्महत्या किए जाने का मैसज बनाकर डाल दिया। इस मैसज में कहा गया था कि वह अपनी पत्नी के उत्पीड़न की वजह से यह कदम उठा रहा है। उसकी पत्नी को शक था कि उसके और बरकत के बीच शारिरीक संबंध है। इस मैसेज में आगे कहा गया था कि उनके बीच में कोई संबंध नहीं था और आरोप केवल अंसारी की पत्नी की तरफ से जानबूझकर फैलाई गईं अफवाहें थीं। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    होटल में पूछताछ

    पुलिस ने कहा कि इसके बाद बरकत सूरत चली गई और वहां से कुछ देर रुकने के बाद जयपुर अपनी मां के घर पर चली गई। अंसारी के परिवार ने जब व्हाट्सऐप पर यह मैसेज देखा तो उन्हें उसमें इस्तेमाल की गई भाषा पर शक हुआ। क्योंकि अंसारी अनपढ़ था। इसके बाद परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। जब पता चला कि अंसारी के फोन का आखिरी लोकेशन मुंबई के मलाड में था, तो उसका बेटा फोटो दिखाकर आसपास के होटलों में पूछताछ करने लगा। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    होटल कर्मचारी ने खोले राज

    मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन के पास शालीमार होटल के एक कर्मचारी ने उसकी पहचान की। उसने बुर्का पहनी महिला के साथ होटल में चेकइन किया था। कर्मचारी ने अंसारी और उस महिला की तरफ से जमा किए गए दो आधार कार्ड की कॉपियां दिखाईं। पुलिस ने बताया कि अंसारी के बेटे ने होटल में सीसीटीवी फुटेज से बुर्का पहनी महिला को पहचान लिया उसने बताया कि यह उसकी रिश्तेदार बरकत है जो जो फिलहाल जयपुर में अपनी मां के साथ रहती है। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

    गले पर नाख़ून के निशान

    जब पुलिस ने होटल के कैमरों को खंगाला तो उन्हें अंसारी फर्श पर पड़ा मिला। उसे गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसके गले पर नाखून के निशान थे और उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और बरकत की तलाश शुरू कर दी। उसके फोन की लोकेशन के आधार पर बरकत को जयपुर में ट्रेस किया गया और बाद में उसे हिरासत में लेकर मुंबई लाया गया। मंगलवार को पुलिस ने हत्या के मामले में बरकत को गिरफ्तार किया। (woman from Jaipur killed her lover in a hotel in Mumbai, Dindoshi police of Malad arrested)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)