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  • BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई बोर्ड से जुड़े 10 स्कूलों के 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षा से पहले छात्रों के लिए विशेष अभ्यास और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग से संचालित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए यह साल ऐतिहासिक होने जा रहा है। बीएमसी की 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर महानगरपालिका की ओर से विशेष अभ्यास कक्षाएं, सराव प्रश्नपत्रिकाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

    BMC की 18 सीबीएसई स्कूलें, 10 स्कूल पहली बार परीक्षा में

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के अंतर्गत फिलहाल सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 18 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से 10 स्कूल ऐसे हैं, जिनके छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं। इन स्कूलों के 366 छात्रों के लिए परीक्षा से पहले विशेष तैयारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।

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    परीक्षा से पहले विशेष अभ्यास और मार्गदर्शन

    बीएमसी शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों से नियमित रूप से सराव प्रश्नपत्रिकाएं हल करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    छात्रों की बेहतर तैयारी के लिए कुछ नामी निजी सीबीएसई स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों का भी सहयोग लिया गया है, जो ऑनलाइन माध्यम से उत्तर लिखने की तकनीक और समय प्रबंधन पर मार्गदर्शन दे रहे हैं।

    आयुक्तों के मार्गदर्शन में चल रही तैयारी

    यह पूरा शैक्षणिक उपक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी तथा अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि बीएमसी के छात्र भी निजी स्कूलों के छात्रों की तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

    आठ भाषाओं और चार बोर्ड में शिक्षा

    बीएमसी का शिक्षा विभाग मराठी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ – इन आठ भाषाओं में शिक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही एसएससी, सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी जैसे चार अलग-अलग बोर्ड के पाठ्यक्रम भी महानगरपालिका की शालाओं में उपलब्ध हैं।

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    बीते कई वर्षों से बीएमसी के एसएससी बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अभ्यास योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक असर परीक्षा परिणामों पर भी दिखा है। एसएससी बोर्ड का परिणाम 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब इसी तर्ज पर सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए भी विशेष तैयारी करवाई जा रही है।

    परीक्षा की तारीखें तय

    सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस दौरान छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने की रणनीति, उत्तर लेखन कौशल और परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

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    FAQ

    Q1. बीएमसी की कितनी सीबीएसई स्कूलों के छात्र परीक्षा दे रहे हैं?
    10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार दसवीं की परीक्षा देंगे।

    Q2. परीक्षा कब से कब तक होगी?
    परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक चलेगी।

    Q3. छात्रों के लिए क्या विशेष तैयारी करवाई जा रही है?
    सराव प्रश्नपत्र, विशेष कक्षाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

  • कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में बीएमसी के ‘एल’ वार्ड ने अवैध दुकानों, फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए 71 अतिक्रमण हटाए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कुर्ला पश्चिम के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘एल’ विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर समेत कई क्षेत्रों में पदपथों पर बनी अवैध दुकानों, फेरीवालों और दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों को हटाते हुए कुल 71 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के निर्देश पर भारी पुलिस बंदोबस्त में की गई।

    BMC आयुक्त के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

    यह निष्कासन कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशानुसार की गई।
    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में और सह आयुक्त (परिमंडल-5) देविदास क्षीरसागर की देखरेख में ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।

    किन-किन इलाकों में चला बुलडोजर

    बीएमसी की यह कार्रवाई कुर्ला (पश्चिम) के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में की गई, जिनमें शामिल हैं:

    • कुर्ला रेलवे स्टेशन परिसर
    • न्यू मिल रोड
    • बैल बाजार क्षेत्र
    • विनोबा भावे नगर

    इन इलाकों में लंबे समय से पदपथों पर अवैध दुकानों और फेरीवालों की शिकायतें मिल रही थीं।

    71 अवैध निर्माण हटाए गए

    कार्रवाई के दौरान कुल 71 अवैध निर्माणों को हटाया गया।

    • कुर्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 53 अतिक्रमण
    • विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 18 अतिक्रमण

    इनमें अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से शामिल थे।

    भारी मशीनरी और पुलिस बल तैनात

    अतिक्रमण हटाने के लिए बीएमसी ने

    • 4 विशेष वाहन
    • 2 जेसीबी मशीन
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    का उपयोग किया।
    कार्रवाई के दौरान महानगरपालिका के 46 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

    अवैध रिक्शा चालकों पर भी शिकंजा

    बीएमसी के ‘एल’ विभाग ने संबंधित पुलिस विभाग को यह भी सूचित किया है कि इलाके में नियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध रूप से खड़े रहने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
    महानगरपालिका प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि
    “शहर के पदपथ और सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के लिए हैं। अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    उत्तर: कुर्ला (पश्चिम) के विभिन्न इलाकों में।

    प्रश्न 2: कुल कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    उत्तर: कुल 71 अवैध निर्माण।

    प्रश्न 3: किन प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए?
    उत्तर: अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से।

    प्रश्न 4: क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    उत्तर: हां, बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    BMC चुनाव जीतते ही एक्शन मोड में नगरसेवक अंकित प्रभू, पानी की समस्या पर तुरंत कार्रवाई

    मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव नतीजों के तुरंत बाद अधिकारियों के साथ दौरा कर समाधान की प्रक्रिया शुरू की।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान उठी पानी की गंभीर समस्या पर नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने चुनाव परिणाम आते ही तुरंत एक्शन लिया। प्रभाग क्रमांक 54 में कम दबाव और दूषित पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक और निरीक्षण दौरा कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

    BMC चुनावी वादे से काम तक का सफर

    महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाग क्रमांक 54 के कई इलाकों से नागरिकों ने पानी की समस्या को लेकर शिकायतें की थीं। पांडुरंग वाड़ी, नाईकवाड़ी, सेंट थॉमस, संत रोहिदास नगर, गोगटे वाड़ी, रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर के रहवासियों ने बताया था कि उन्हें कम दबाव में पानी मिल रहा है और कई जगहों पर पानी दूषित भी आ रहा है।

    इन शिकायतों को अंकित सुनील प्रभू ने चुनावी मुद्दा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया।

    नतीजों के बाद तुरंत एक्शन

    चुनाव में जीत दर्ज करने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित नगरसेवक अंकित प्रभू एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया।

    इस दौरे में

    • बी. जी. परब (सहायक अभियंता)
    • नितीन ठाकूर (दुय्यम अभियंता)
    • अनिकेत पाटील (कनिष्ठ अभियंता)

    मौजूद थे।

    पाइपलाइन में कैमरा लगाने का फैसला

    निरीक्षण के दौरान सबसे अहम निर्णय यह लिया गया कि पानी की पाइपलाइन में कैमरा डाला जाएगा।
    इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दूषित पानी कहां से और कैसे सप्लाई लाइन में मिल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

    कम दबाव वाले इलाकों में प्रेशर बढ़ाने के निर्देश

    रामनगर, हनुमान नगर और सीता नगर में कम दबाव से पानी मिलने की समस्या की मौके पर जांच की गई।
    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इन इलाकों में पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए तुरंत तकनीकी बदलाव किए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

    स्थानीय पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

    इस निरीक्षण दौरे के दौरान शिवसेना (ठाकरे गुट) के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
    प्रमुख रूप से
    उपविभाग प्रमुख सुधाकर देसाई, शाखाप्रमुख अजित भोगले, विधानसभा संघटक, स्नेहा गोलतकर, प्रसाद कदम, धोपटकर ताई, डॉ. गावस्कर, किशोर देशपांडे, संजय शानबाग, राजेंद्र गाड, अमित आडेलकर, सुधीर देवरुखकर, रामदत्त पारकर, भूषण राजाध्यक्ष, नंदू गाड, दीपक पवार, सुर्वे, मसुरकर, खाडे, विलास खाड्ये सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

    नागरिकों को क्या संदेश?

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने स्पष्ट किया कि
    “चुनाव के दौरान उठाई गई हर समस्या का समाधान करना मेरी प्राथमिकता है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: किस प्रभाग में पानी की समस्या सामने आई?
    उत्तर: मुंबई के प्रभाग क्रमांक 54 में।

    प्रश्न 2: समस्या किस तरह की थी?
    उत्तर: कम दबाव से पानी आना और दूषित पानी की शिकायतें।

    प्रश्न 3: समाधान के लिए क्या कदम उठाए गए?
    उत्तर: पाइपलाइन में कैमरा डालने का फैसला और पानी का प्रेशर बढ़ाने के निर्देश।

    प्रश्न 4: किस विभाग के अधिकारी मौजूद थे?
    उत्तर: बीएमसी के पी/उत्तर विभाग के अधिकारी।

  • Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर घमासान, उद्धव गुट बोला – “6 सीट कम हैं, इंतज़ार कीजिए”

    बीएमसी चुनाव नतीजों के बाद Mumbai Mayor पद को लेकर सियासी हलचल तेज है। संजय राउत का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट बहुमत से सिर्फ 6 सीट दूर है और मुंबई की राजनीति में अभी बहुत कुछ बाकी है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के बाद मेयर पद को लेकर राजनीति गरमा गई है। भले ही महायुति गठबंधन के पास फिलहाल बहुमत के आंकड़े पूरे होते दिख रहे हों, लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने दावा किया है कि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। पार्टी नेता संजय राउत का कहना है कि उनके गठबंधन के पास 108 पार्षद हैं और बहुमत से वे सिर्फ 6 सीट दूर हैं। ऐसे में मुंबई की राजनीति में “वेट एंड वॉच” की स्थिति बनी हुई है।

    बीएमसी चुनाव का पूरा गणित

    227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में बहुमत का आंकड़ा 114 है।
    चुनाव नतीजों के अनुसार:

    • भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं
    • एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं

    इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हो जाते हैं, जो बहुमत से ऊपर हैं।

    वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने 65 सीटों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है।

    राउत का दावा: 108 पर हैं, सिर्फ 6 कम

    संजय राउत का कहना है कि उद्धव गुट अकेला नहीं है। सहयोगी दलों को मिलाकर उनके पास कुल 108 पार्षदों का समर्थन है।
    उनके मुताबिक:

    • शिवसेना (UBT): 65
    • मनसे (MNS): 6
    • कांग्रेस: 24
    • AIMIM: 8
    • समाजवादी पार्टी: 2
    • एनसीपी (अजित पवार गुट): 3
    • एनसीपी (शरद पवार गुट): 1

    राउत ने कहा, “हमें बहुमत के लिए 114 चाहिए और हम सिर्फ 6 सीट पीछे हैं। मुंबई की राजनीति में कुछ भी हो सकता है।”

    Mumbai Mayor की कुर्सी पर सस्पेंस क्यों?

    संजय राउत का कहना है कि कई पार्षद भाजपा का मेयर नहीं देखना चाहते। उन्होंने दावा किया कि अंदरखाने हलचल है और आने वाले दिनों में समीकरण बदल सकते हैं।
    उनका कहना है कि यह मुकाबला 118 बनाम 108 का है, जो दिखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना नहीं है।

    एकनाथ शिंदे पर राउत का तीखा हमला

    संजय राउत ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके पार्षद डर के माहौल में हैं।
    उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
    “हमारे पार्षद घर पर हैं, सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। शिंदे अपने पार्षदों को होटलों में रख रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि उनके लोग टूट सकते हैं।”

    राउत ने यह भी कहा,
    “आप लोगों को होटल में बंद कर सकते हैं, लेकिन उनके दिमाग को नहीं। कई लोग भाजपा का मेयर नहीं चाहते।”

    शिंदे गुट का जवाब

    इन आरोपों को शिंदे गुट ने खारिज किया है।
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में प्रशिक्षण कार्यशाला के लिए रखा गया है।
    सूत्रों का कहना है कि यह कोई ‘होटल पॉलिटिक्स’ नहीं बल्कि नए पार्षदों को प्रशासनिक कामकाज समझाने की प्रक्रिया है।

    मुंबई की राजनीति में आगे क्या?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी जैसी देश की सबसे अमीर नगरपालिका, जिसका सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, वहां मेयर पद की लड़ाई बेहद अहम है।
    आने वाले दिनों में गठजोड़, टूट-फूट और रणनीति का खेल और तेज हो सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा क्या है?
    👉 बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है।

    Q2. उद्धव ठाकरे गुट के पास अभी कितनी सीटें हैं?
    👉 सहयोगियों के साथ मिलाकर दावा है कि उनके पास 108 सीटें हैं।

    Q3. महायुति के पास कितनी सीटें हैं?
    👉 भाजपा और शिंदे गुट मिलाकर 118 सीटें हैं।

    Q4. क्या मेयर पद की तस्वीर बदल सकती है?
    👉 उद्धव गुट का दावा है कि मुंबई की राजनीति में कुछ भी संभव है।

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  • मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    मुंबईकरों के भरोसे पर खरा उतरेंगे, BMC में उठाएंगे जनता की आवाज़ – वर्षा गायकवाड

    BMC चुनाव में कांग्रेस के 24 नगरसेवकों की जीत के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि पार्टी मुंबईकरों के भरोसे को सार्थक करेगी और महापालिका में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में कांग्रेस पार्टी के 24 नगरसेवक विजयी होने के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड के हाथों नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान किया गया। इस मौके पर वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबईकरों ने कांग्रेस पर जो भरोसा जताया है, पार्टी उस पर पूरी तरह खरी उतरेगी और बीएमसी में आम जनता के सवालों को मजबूती से उठाया जाएगा।

    BMC नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान समारोह

    मुंबई में आयोजित इस सम्मान समारोह में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित 24 नगरसेवकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और विधायक असलम शेख, विधायक अमीन पटेल, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिली।

    We-will-live-up-to-the-trust-of-Mumbaikars-and-raise-the-voice-of-the-people-in-BMC-election-Varsha-Gaikwad
    मुंबई कांग्रेस मुख्यालय मे बैठक की तस्वीर

    विपरीत हालात में मिली जीत

    मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि चुनाव के दौरान एक तरफ धनबल और सत्ता का दबाव था, तो दूसरी तरफ जनता की ताकत। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर पैसे बांटे गए, विरोधियों को धमकाया गया और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए 24 नगरसेवकों को जिताया।

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    BMC में उठेंगे मुंबईकरों के मुद्दे

    वर्षा गायकवाड ने कहा कि भले ही कांग्रेस की संख्या कम हो, लेकिन पार्टी के नगरसेवक बीएमसी में मजबूती से मुंबईकरों की आवाज़ उठाएंगे।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस का फोकस अच्छे रास्ते, साफ पीने का पानी, ट्रैफिक जाम से राहत, बेस्ट बस सेवा में सुधार और प्रदूषण मुक्त मुंबई पर रहेगा। इसके साथ ही मनपा की विभिन्न सेवाओं में हो रहे निजीकरण पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।

    भ्रष्टाचार पर रहेगा कड़ा पहरा

    सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना कांग्रेस की प्राथमिकता होगी। नगरसेवकों के माध्यम से गलत कामों को उजागर किया जाएगा और जनता के हितों की रक्षा की जाएगी।

    कांग्रेस में लोकतंत्र, भाजपा पर तंज

    एक सवाल के जवाब में वर्षा गायकवाड ने कहा कि भाजपा में तानाशाही है, जबकि कांग्रेस में लोकतंत्र है। कांग्रेस में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। अगर कोई पार्टी के खिलाफ बयान देता है तो उस पर फैसला पार्टी नेतृत्व करता है।

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    संगठन मजबूत करने पर जोर

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है और कार्यकर्ताओं का उन पर पूरा भरोसा है। आने वाले समय में मुंबई में कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा ताकि जनता के मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

    होटल राजनीति पर चुटकी

    इस दौरान वर्षा गायकवाड ने तंज कसते हुए कहा, “हमें अपने नगरसेवकों पर पूरा भरोसा है, इसलिए उन्हें किसी होटल में रखने की जरूरत नहीं पड़ती।” उनके इस बयान पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं।


    FAQ

    Q1. बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के कितने नगरसेवक जीते हैं?
    कांग्रेस के 24 नगरसेवक चुने गए हैं।

    Q2. कांग्रेस बीएमसी में किन मुद्दों पर जोर देगी?
    सड़क, पानी, ट्रैफिक, बेस्ट बस सेवा, प्रदूषण और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर।

    Q3. क्या कांग्रेस संगठन को और मजबूत किया जाएगा?
    हां, मुंबई में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की योजना है।

  • हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन शुरू, श्रद्धालुओं की मुश्किलें हुईं आसान

    कल्याण के हाजी मलंग पहाड़ पर फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा की शुरुआत हो गई है। अब श्रद्धालुओं को 1500 सीढ़ियां और घंटों की चढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। किराया, समय, उरुस और पूरी जानकारी पढ़ें।

    महाराष्ट्र: कल्याण स्थित हाजी मलंग पहाड़ पर रविवार, 18 जनवरी 2026 से फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। इस सेवा के शुरू होने से हाजी मलंग दरगाह जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें करीब 1500 सीढ़ियां चढ़ने और दो से तीन घंटे की कठिन पहाड़ी चढ़ाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह लंबे समय से लंबित परियोजना सांसद श्रीकांत शिंदे के प्रयासों से पूरी हुई है और राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे अमल में लाया गया है।

    🚡 क्या है फ्युनिक्युलर ट्रेन और कैसे देगी राहत?

    फ्युनिक्युलर ट्रेन एक खास तरह की पहाड़ी रेल सेवा होती है, जो खड़ी चढ़ाई पर सुरक्षित तरीके से लोगों को ऊपर तक पहुंचाती है।
    हाजी मलंग पहाड़ पर शुरू की गई यह ट्रेन लगभग 1 किलोमीटर लंबी और 320 मीटर की खड़ी चढ़ाई को आसान बनाती है।
    मलंगगढ़ पहाड़ समुद्र तल से करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो गया है।

    Funicular-train-starts-on-Haji-Malang-mountain-easing-the-difficulties-of-devotees-1

    🕰️ पहले कैसी थी हाजी मलंग की यात्रा?

    अब तक श्रद्धालुओं को दरगाह तक पहुंचने के लिए:

    • 1500 से ज्यादा सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं
    • 2 से 3 घंटे का समय लगता था
    • बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए सफर बेहद कठिन था
    • बारिश और गर्मी में जोखिम भी बढ़ जाता था

    फ्युनिक्युलर ट्रेन के शुरू होने से ये सारी परेशानियां अब बीते दिनों की बात हो गई हैं।

    💰 किराया और संचालन का समय

    फ्युनिक्युलर ट्रेन सेवा को आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती रखा गया है:

    • एकतरफा टिकट: ₹75
    • रिटर्न टिकट: ₹150

    यह ट्रेन सेवा रोजाना करीब 12 घंटे संचालित की जाएगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु इसका लाभ ले सकें।

    🕌 उरुस के दौरान बढ़ेगी ट्रेन सेवा

    फरवरी 2026 में हाजी मलंग पहाड़ पर सालाना उरुस का आयोजन होना है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

    उरुस का कार्यक्रम:

    • 24, 25 और 26 फरवरी: सैयद अब्दुल रहमान शाह का उरुस
    • 27 और 28 फरवरी: मीर सकी सुल्तान का उरुस

    उरुस के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए ट्रेन सेवा में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलाए जाएंगे, जबकि सामान्य दिनों में एक-एक कोच संचालित होगा।

    🤝 हाजी मलंग दरगाह: भाईचारे की मिसाल

    हाजी मलंग दरगाह एक ऐतिहासिक सूफी स्थल है, जो हजरत बाबा अब्दुर रहमान मलंग को समर्पित है।
    यह स्थान सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी जाना जाता है।
    परंपरा के अनुसार यहां:

    • हिंदू वहिवटदार (करांडेकर परिवार)
    • मुस्लिम मुतवल्ली

    मिलकर सभी धार्मिक रस्में निभाते हैं, जो इस स्थल को खास बनाता है।

    🏔️ मलंगगढ़ पहाड़ के तीन प्रमुख हिस्से

    हाजी मलंग पहाड़ को तीन भागों में बांटा गया है:

    • पीर माची: जहां मुख्य दरगाह स्थित है
    • सोने माची: ऊपरी चट्टानी क्षेत्र
    • बालेकिल्ला: पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी

    फ्युनिक्युलर ट्रेन से पीर माची तक पहुंचना अब बेहद आसान हो गया है।

    🙏 श्रद्धालुओं ने जताया आभार

    ट्रेन सेवा शुरू होते ही श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखा गया।
    खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ आने वाले परिवारों ने इस सुविधा को “वरदान” बताया।
    श्रद्धालुओं ने प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र एवं सांसद श्रीकांत शिंदे का आभार व्यक्त किया।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. फ्युनिक्युलर ट्रेन किस दिन से शुरू हुई है?
    👉 रविवार, 18 जनवरी 2026 से।

    Q2. ट्रेन का किराया कितना है?
    👉 एकतरफा ₹75 और रिटर्न ₹150।

    Q3. क्या उरुस के दौरान ट्रेन सेवा बढ़ाई जाएगी?
    👉 हां, उरुस के दिनों में दोनों दिशाओं में दो-दो कोच चलेंगे।

    Q4. क्या बुजुर्ग और बच्चे सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं?
    👉 हां, यह सेवा पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक है।

  • Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन शहर को मेयर मिलने में वक्त लगेगा। जानिए मेयर पद का आरक्षण लॉटरी से कैसे तय होता है, कानून क्या कहता है और इसमें एक हफ्ता क्यों लग सकता है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव खत्म हो चुके हैं और नई जनरल बॉडी भी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को तुरंत नया मेयर नहीं मिलेगा। इसकी वजह सिर्फ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि मेयर के चुनाव से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया भी है। कानून के मुताबिक, मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय होता है और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मेयर का चुनाव संभव नहीं है। इसी कारण मुंबई को नया मेयर मिलने में कम से कम एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    🏛️ Mumbai का मेयर तुरंत क्यों नहीं चुना जा सकता?

    बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद आमतौर पर लोगों को लगता है कि मेयर का नाम भी तुरंत सामने आ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और उससे पहले कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है।
    सबसे अहम प्रक्रिया है मेयर पद का आरक्षण तय होना, जो सीधे चुनाव से नहीं बल्कि लॉटरी यानी ड्रॉ ऑफ लॉट्स से तय किया जाता है।

    🎟️ क्या है मेयर पद का आरक्षण सिस्टम?

    देशभर की शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
    इस व्यवस्था के तहत मेयर का पद अलग-अलग वर्गों के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षित किया जाता है, जैसे:

    • अनुसूचित जाति (SC)
    • अनुसूचित जनजाति (ST)
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • महिलाएं
    • सामान्य (ओपन) वर्ग

    यह आरक्षण पहले से तय नहीं होता, बल्कि हर कार्यकाल में लॉटरी के ज़रिए तय किया जाता है।

    📜 आरक्षण रोटेशन क्यों जरूरी है?

    मेयर पद पर आरक्षण की व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इस संशोधन के तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और यह तय किया गया कि SC, ST और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
    महाराष्ट्र में यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम (Municipal Corporations Act) के तहत लागू होती है, जिसमें OBC आरक्षण भी शामिल है।
    रोटेशन सिस्टम का मकसद यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर मेयर बनने का मौका मिले और कोई एक वर्ग लगातार फायदे में न रहे।

    🎲 मेयर पद का फैसला लॉटरी से ही क्यों?

    लॉटरी सिस्टम इसलिए अपनाया गया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
    अगर सरकार या राजनीतिक दल तय करें कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा, तो उस पर पक्षपात और राजनीतिक दखल के आरोप लग सकते हैं।
    ड्रॉ ऑफ लॉट्स से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तय हो।

    🗂️ लॉटरी की प्रक्रिया कैसे होती है?

    1. शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) लॉटरी कराने का नोटिफिकेशन जारी करता है
    2. पिछले कार्यकालों के आधार पर आरक्षण रोटेशन की सूची तैयार की जाती है
    3. सार्वजनिक रूप से लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाती है
    4. जिस वर्ग का नाम निकलता है, वही मेयर पद के लिए आरक्षित माना जाता है
    5. इसके बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है

    जब तक यह पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती, कोई भी पार्टी अपने मेयर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर सकती।

    🗳️ मेयर का चुनाव कैसे होता है?

    आरक्षण तय होने के बाद बीएमसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है।
    मेयर का चुनाव पार्षदों के बीच से ही किया जाता है।
    मुंबई की 227 सदस्यीय जनरल बॉडी में मेयर बनने के लिए कम से कम 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है।
    पिछले दो कार्यकालों में लॉटरी के ज़रिए मेयर पद ओपन जनरल कैटेगरी में गया था।

    👑 मुंबई मेयर के पास कितनी ताकत होती है?

    कानून के मुताबिक, मुंबई का मेयर बीएमसी का औपचारिक (Ceremonial) प्रमुख होता है।
    मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है और उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

    • जनरल बॉडी की बैठकों की अध्यक्षता
    • सदन में व्यवस्था बनाए रखना
    • बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देना
    • शहर के “First Citizen” के तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करना

    हालांकि, बीएमसी का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होता है, जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त IAS अधिकारी होते हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या चुनाव नतीजों के तुरंत बाद मेयर चुना जा सकता है?
    👉 नहीं, पहले मेयर पद का आरक्षण तय होना जरूरी है।

    Q2. मेयर पद का आरक्षण कौन तय करता है?
    👉 शहरी विकास विभाग लॉटरी के ज़रिए आरक्षण तय करता है।

    Q3. मुंबई को नया मेयर मिलने में कितना वक्त लग सकता है?
    👉 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक हफ्ता लग सकता है।

  • Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai के मालाड इलाके में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी प्रॉपर्टी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जानिए पूरा मामला, आरोपी, modus operandi और कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से।

    मुंबई: सस्ते घर का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी फ्लैट रैकेट का मालाड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है। आरोपी Housing.com, NoBroker जैसे बड़े रियल एस्टेट पोर्टल और सोशल मीडिया के ज़रिए करीब 1 करोड़ के फ्लैट को 60–70 लाख में बेचने का झांसा देकर लोगों से एडवांस रकम ऐंठते थे और फिर गायब हो जाते थे।

    🏙️ क्या है पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रॉपर्टी फ्रॉड रैकेट था, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन इमारतों को निशाना बनाकर लोगों को फंसाता था। आरोपी असली फ्लैट मालिक के दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ कर खुद को मालिक बताकर सौदा करते थे। कागज़ात इतने असली लगते थे कि आम आदमी तो क्या, अनुभवी खरीदार भी धोखा खा जाते थे।

    👤 शिकायतकर्ता का दर्दनाक अनुभव

    इस केस के शिकायतकर्ता 31 वर्षीय नवलदेव नारायण राजपूत, निवासी मालाड ईस्ट हैं। आरोपियों ने उन्हें मालाड वेस्ट के जकारिया रोड स्थित शुभाश्री ऑर्चर्ड, फ्लैट नंबर 1301 दिखाया और बताया कि यह फ्लैट “पोपटलाल” नामक व्यक्ति का है।
    4 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुए इस सौदे में नवलदेव से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जब आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब 29 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    यह मामला मालाड पुलिस स्टेशन (CR No. 943/2025) में दर्ज किया गया है।
    आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

    • धोखाधड़ी
    • जालसाज़ी
    • फर्जी पहचान (Impersonation)
    • आपराधिक साजिश
    • विश्वासघात और रकम का गबन

    जैसी धाराएं शामिल हैं।

    🕵️ Modus Operandi: ऐसे चलता था Mumbai में फर्जी फ्लैट रैकेट

    पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में हर सदस्य की तय भूमिका थी:

    • कासिम रशीद खान उर्फ अमित ठाकुर (फरार) – मास्टरमाइंड
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान – अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स की फोटो खींचकर फर्जी विज्ञापन डालता था
    • दीपक किरीट शाह (ब्रोकर) – खरीदारों से संपर्क कर भरोसा जीतता था
    • निमेष अनिल मावणी – फर्जी आधार और पैन कार्ड से असली मालिक बनकर सौदा करता था
    • हितेश केदारी और राजेश बिसुल प्रसाद – बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे

    जैसे ही एडवांस रकम अकाउंट में आती, पैसे निकाल लिए जाते और आरोपी अंडरग्राउंड हो जाते।

    💳 बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

    पुलिस ने ASP Infra नामक अकाउंट में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया। अकाउंट होल्डर हितेश केदारी को हिरासत में लेने के बाद तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली से आरोपियों को पकड़ा गया।

    🚨 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

    पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • हितेश रविंद्र केदारी (30) – डिलीवरी बॉय
    • राजेश बिसुल प्रसाद (37) – डिलीवरी बॉय
    • निमेष अनिल मावणी (49)
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान (38)
    • दीपक किरीट शाह (47) – ब्रोकर
    • राजन हर्षद कक्कड़ (45)

    मुख्य आरोपी कासिम रशीद खान अभी फरार है।

    👮 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व API दीपक रायवाडे और PSI निलोबा जक्कलवाड़ ने किया।
    जांच Additional CP शशि कुमार मीणा, DCP जोन XI संदीप जाधव, ACP प्रकाश बागल के मार्गदर्शन और Senior Inspector दुश्यंत चौहान की निगरानी में हुई।

    🔑 कैसे बचें ऐसे प्रॉपर्टी फ्रॉड से?

    • बहुत सस्ते दाम पर फ्लैट का ऑफर मिले तो सतर्क रहें
    • असली मालिक से सीधे मिलकर दस्तावेज़ सत्यापित करें
    • रजिस्ट्रार ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस-चेकिंग करें
    • बिना एग्रीमेंट और वकील की सलाह के पैसे न दें

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या बड़े पोर्टल पर विज्ञापन होने से सौदा सुरक्षित होता है?
    👉 नहीं, फ्रॉड लोग बड़े पोर्टल का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।

    Q2. क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट लेना सुरक्षित है?
    👉 हां, लेकिन पूरी कानूनी जांच और RERA रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    Q3. धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • बोरीवली में ‘चीन-जापान’ वाला नज़ारा! स्काई सिटी मॉल की रूफटॉप वॉकवे बनी लोगों की नई पसंद

    बोरीवली में ‘चीन-जापान’ वाला नज़ारा! स्काई सिटी मॉल की रूफटॉप वॉकवे बनी लोगों की नई पसंद

    मुंबई के बोरीवली स्थित स्काई सिटी मॉल में बनी रूफटॉप वॉकिंग स्पेस लोगों को कर रही है आकर्षित। शाम की सैर, जगमगाती लाइट्स और मुंबई स्काईलाइन का शानदार नज़ारा।

    मुंबई: अब मुंबई में घूमने और सुकून भरी शाम बिताने के लिए चीन या जापान जाने की ज़रूरत नहीं। बोरीवली का स्काई सिटी मॉल इन दिनों अपनी अनोखी रूफटॉप वॉकिंग स्पेस की वजह से चर्चा में है। जगमगाती लाइट्स, खुला माहौल, आरामदायक बैठने की जगह और सामने फैली मुंबई की स्काईलाइन लोगों को खूब लुभा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद यहां आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    क्या है स्काई सिटी मॉल की खासियत

    स्काई सिटी मॉल पहले से ही बोरीवली इलाके का एक बड़ा शॉपिंग और एंटरटेनमेंट हब है। यहां शॉपिंग, फूड कोर्ट और मल्टीप्लेक्स की सुविधा मौजूद है। अब मॉल में जोड़ी गई रूफटॉप वॉकवे और ओपन एरिया ने इसकी पहचान को और खास बना दिया है।

    यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है, जो शॉपिंग या मूवी के बाद कुछ समय शांति से बिताना चाहते हैं।

    रूफटॉप वॉकिंग स्पेस का अनुभव

    मॉल की छत पर बनी यह वॉकिंग स्पेस एक तरह से

    • शाम की सैर (Evening Walk)
    • ओपन एयर रिलैक्सिंग ज़ोन
    • फोटोग्राफी और वीडियो के लिए परफेक्ट स्पॉट

    मानी जा रही है।
    यहां की फर्श पर लगी लाइट्स रात के समय अलग ही माहौल बना देती हैं। ऊपर खुला आसमान, आसपास ऊंची-ऊंची इमारतें और सामने फैली मुंबई की स्काईलाइन इस जगह को बेहद खास बना देती है।

    सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा

    मुंबई के मशहूर व्लॉगर आवी वाडेकर ने इस रूफटॉप वॉकिंग स्पेस का वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा –

    “ये चीन नहीं, मुंबई है!”

    इसके बाद यह जगह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग हैरान हैं कि बोरीवली में भी ऐसा इंटरनेशनल फील देने वाला स्पेस मौजूद है।

    क्यों पसंद कर रहे हैं लोग

    इस रूफटॉप स्पेस को पसंद करने के पीछे कई वजहें हैं:

    • भीड़भाड़ से दूर खुला माहौल
    • परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए बढ़िया जगह
    • शाम के वक्त सुकून और हल्की-फुल्की वॉक
    • सोशल मीडिया रील्स और फोटोज़ के लिए शानदार लोकेशन

    बोरीवली वालों के लिए नई पहचान

    अब तक लोग बांद्रा, लोअर परेल या साउथ मुंबई में ऐसे नज़ारों की उम्मीद करते थे, लेकिन स्काई सिटी मॉल ने बोरीवली को भी इस लिस्ट में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि आसपास के इलाकों से भी लोग खास तौर पर इस रूफटॉप वॉकवे को देखने आ रहे हैं।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. स्काई सिटी मॉल कहां स्थित है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके में।

    Q2. रूफटॉप वॉकिंग स्पेस क्या है?
    👉 मॉल की छत पर बना खुला एरिया, जहां लोग टहल सकते हैं, बैठ सकते हैं और नज़ारा देख सकते हैं।

    Q3. क्या यहां एंट्री फ्री है?
    👉 मॉल में आने वाले सभी विज़िटर्स के लिए यह स्पेस उपलब्ध है।

    Q4. घूमने का सही समय क्या है?
    👉 शाम और रात के समय, जब लाइट्स ऑन होती हैं।

    Q5. क्या यहां फैमिली के साथ आ सकते हैं?
    👉 हां, यह फैमिली और फ्रेंड्स दोनों के लिए सुरक्षित और आरामदायक जगह है।