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ऑनलाइन गेमिंग युवा पीढ़ी के सर चढ़ कर बोल रहा है। ऑनलाइन गेम खेलते हुए कई अंजाने बच्चे दोस्ती कर बैठते है। जबकि उन्हें पता भी नही होता सामने वाला किस मंशा में आप से दोस्ती बढ़ा रहा है?
महाराष्ट्र– ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर‘ के जरिए हुई दोस्ती को लेकर गढ़चिरौली पहुंच गया और अकेली नाबालिग लड़की के घर में घुसकर रात भर दुष्कर्म किया। यह चौंकाने वाली घटना 12 जनवरी को सामने आई। नागरिकों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान नासिक के मालेगाव का रहनेवाला 22 वर्षीय मोहम्मद सऊद राजू शमसुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है।
क्या है मामला ?
गढ़चिरौली के अहेरी की रहने वाली 14 वर्षीय लड़की की मुलाकात ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ खेलते समय आरोपी लड़के के साथ हुई थी। इसके बाद दोनों में रोजाना चैटिंग होने लगी। इसके बाद वे फोन पर बात भी करने लगे। दोस्ती प्यार में बदल गई। इसका फायदा उठाकर आरोपी युवक 11 जनवरी को नासिक से अहेरी पहुंच गया। लड़की के माता-पिता उस समय काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे।
इस दौरान वह लड़की के घर पर रुका और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बीच सुबह जैसे ही कुछ लोगों को पता चला कि एक अज्ञात युवक पीड़िता के घर पर है, नागरिकों ने उसे लड़की के घर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लड़की के बयान के आधार पर कानूनी धाराओं के साथ लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया।
इस घटना ने अहेरी के माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी मोहम्मद सऊद अंसारी को 13 जनवरी को अहेरी सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस समय न्यायालय ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस निरीक्षक स्वप्निल इज्जपवार ने बताया कि आगे की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर परिचितों के माध्यम से दुर्व्यवहार की घटनाएं अक्सर शहरी क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं। हालांकि, गढ़चिरौली के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसके फैलने की तस्वीर सामने आ रही है। अहेरी में हुई घटना ने माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। इससे पहले ऑनलाइन गेमिंग के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच, बुजुर्गों से बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के ऐसे ही मामले सामने आए थे। लेकिन अब इस माध्यम से नाबालिग लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है। इनमें से कुछ ही मामले सुलझ पाते हैं, जबकि कई मामलों में अभिभावक सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण शिकायत करने के लिए आगे भी नहीं आते। इसलिए प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को मोबाइल देते समय उन पर नजर रखें।
मुंबई पुलिस ने 500 रुपये के नकली नोट छापकर वितरित करने वाले गैंग का खुलासा किया है। साधारण तरीके से इन नोटों को कोई पहचान नही पाएगा। हाइटेक तरिके से बनाए जाने वाले इस नकली नोटों के गिरोह का भायखला पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
इस्माईलशेख मुंबई– आरबीआई लगातार अपने गाइडलाइन में कहता आ रहा है कि नकली नोटों से सावधान रहें। लेकिन जाली नोट के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये होती है कि इसे पहचानना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि जालसाज टेक्नोलॉजी की मदद से हूबहू असली नोटों से मिलते जुलते नकली नोट बना रहे हैं। भायखला पुलिस ने जिस गिरोह का पर्दाफाश किया है उनके पास से पुलिस ने भारतीय चलन के नकली नोट बनाने के हाइटेक उपकरण भी बरामद किया है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
भायखला पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने जानकारी देते हुए बताया, कि पुलिस थाने के डिटेक्शन ऑफिसर को उनके मुखबिरों से इसकी जानकारी प्राप्त हुई थी। मुखबिरों ने बताया कि भायखला पूर्व मे प्रसाद पान बिड़ी जनरल स्टोर के पास कुछ लोग भारतीय चलन के नकली नोट बेचने के लिए आने वाले है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दो टीमों का गठन किया गया और घटना स्थल पर जाल बिछाकर दो पंचों के समक्ष 3 लोगों को पकड़ा और उनकी तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद हुए। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
पालघर मे नोट छापने की फैक्ट्री
पुलिस ने बताया, कि मौके से आरोपियों को हिरासत में लेकर गु.र.क्र. 12/2025 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178, 179, 180, 181, 182, 3(5) के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ मे उमरान उर्फ आसिफ बलबले ने बताया कि खलील अंसारी और नीरज वेखंडे ये दोनों पालघर जिले के वाडा मे नकली नोट बनाकर इन लोगों को बाजार मे वितरित करने के लिए भेजते हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर क्राइम डिटेक्शन की टीम ने वाडा में लगातार दो दिनों तक जांच पड़ताल की। वहां के लोगों की मदद और तांत्रिक विश्लेषण के बाद नीरज वेखंडे को पुलिस ने धर दबोचा। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
नीरज से पूछताछ मे उस जगह का पता चला जहां बनावटी नोट तैयार किया जाता था। वहां खलील अंसारी भी पकड़ा गया। मौके पर से पंचनामा कर पुलिस ने नकली नोट बनाने के साहित्य हस्तगत कर लिए। इसमे एक लैपटॉप, चार्जर, माऊस, कलर प्रिंटर, चांदी के कलर का लेमिनेशन मशीन, ए4 साइज़ के 1367 बटर पेपर (इस प्रत्येक पेपर के एक तरफ 500 रुपये के 4 नोट छपे थे), जाली नोटों के बीच अंग्रेजी अक्षर में लिखा RBI वाला तार, 8/10 का दो स्क्रीन प्रिंटिंग करने वाला डाय, छोटे-बडे 6 रबर, लकड़ी से बनाया हुआ स्क्रीन प्रिंटिंग रोलर, ए4 साइज़ लेमिनेशन फिल्मस, जाली नोट डिटेक्टर (यू वी लाइट मशीन), वाटर मार्क ट्रेसिंग पेपर जिसपर अंग्रेजी अक्षर में 500 छापा गया था, बनावटी नोट सुखाने के लिए इलेक्ट्रिक सिगडी, लोहा और स्टिल के 20 स्टेशनरी कटर, 50 नग सादा बटर पेपर, 15 फुट लंबा तंगूस का धागा आदी साहित्य सामग्री पुलिस ने अपने ताबे में लेकर इसकी और अधिच पड़ताल कर रही है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
गिरफ्तार आरोपियों मे एक मुंब्रा और एक वाडा का रहने वाला है जबकि दो भायखला संत सावंता मार्ग और पंगेरी चाल के पास का रहने वाला है। इसमें 48 वर्षीय उमरान उर्फ आसिफ उमर बलबले (मुंब्रा, ठाणे जिला), 42 वर्षीय यासिन युनूस शेख (संत सावंत मार्ग, भायखला, मुंबई), 45 वर्षीय भीम प्रसादसिंग बडेला (पंगेरी चाल के पास, भायखला, मुंबई), 25 वर्षीय नीरज वेखंडे (निहाल पाडा, वाडा तालुका, पालघर जिला, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की और अधिक तहकीकात की जा रही है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अबतक इन लोगों ने कितने नकली नोट छापे है? और कहां-कहां वितरित किए है। पुलिस ने और भी गिरफ्तारी होने की संभावना जताई है। (Printing of fake Rs 500 notes in Mumbai, police arrested 4 people)
न्यूज़ डेस्क मुंबई- बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)
क्या है पूरा मामला?
मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)
सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई
बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)
AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)
BMC ने क्या कहा?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान
खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
आम लोगों ने क्या कहा?
दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
विरोध प्रदर्शन की योजना
निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
समाज सेवकों से अपील
इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए गठबंधन की सुगबुगाहट दिख रही है। उद्धव ठाकरे के सियासी कदम और फडणवीस के बयानों से लग रहा है कि भाजपा और उद्धव सेना में कुछ खिचड़ी पक रही है। खुद फडणवीस ने कह, “सियासत…”
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में नए साल में नए समीकरण की संभावनाएं दिखने लगी हैं। नगर निगम और पंचायती चुनाव से पहले महाराष्ट्र में सियासी हलचल बढ़ गई है। देवेंद्र फडणवीस और उद्धव के बीच कुछ तो पक रहा है। सवाल है कि क्या दो पुराने बिछड़े दोस्तों का मेल होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। खुद फडणवीस और उद्धव ने अपने बयानों से इन अटकलों को और हवा दे दी है। खुद देवेन्द्र फडणवीस ने संकेत दिया है कि उद्धव सेना और बीजेपी के बीच गठबंधन हो सकता है। फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बयानों पर अगर नजर डालें तो दोनों ही कहते हुए पाए जा रहे हैं कि “राजनीति में कुछ भी असंभ नहीं है।” (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)
अकेले चुनाव लड़ने का फैसला
महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि शिवसेना (UBT) ने आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि पार्टी को यह अहसास हो गया है कि 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़कर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना एक बड़ी भूल थी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच, इसके प्रमुख घटक दल शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने दिन में घोषणा की थी कि वह स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी।
उद्धव ठाकरे ने 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ कई दशक पुराना गठबंधन तोड़ दिया था और दावा किया था कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद साझा करने का वादे को पूरा नहीं किया इसलिए वह अलग हो रहे है। उन्होंने कांग्रेस और (अविभाजित) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन किया और 2019 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहे। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)
कल क्या होगा ?
खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र में सियासी लहर तेजी से बहने लगी है। कारण कि देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने भविष्य में हाथ मिलाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है। नागपुर के एक कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यूबीटी और बीजेपी के साथ आने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने घुमाकर कहा, ‘राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।’ फडणवीस का यह बयान इसलिए भी अहम है, क्योंकि उद्धव का सुर भी कुछ ऐसा ही था। जब मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूबीटी चीफ उद्धव से भी यही सवाल पूछा गया था। तो उन्होंने कहा, ‘राजनीति में कुछ भी हो सकता है। यह नहीं कह सकते कि कल क्या होगा।’ (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)
दरअसल, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने एक इंटरव्यू में राज ठाकरे या उद्धव ठाकरे से पूछे गए एक सवाल पर सांकेतिक प्रतिक्रिया दी। फडणवीस ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे पहले हमारे मित्र थे। अब राज ठाकरे हमारे मित्र हैं।’ लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे हमारे दुश्मन नहीं हैं। राजनीति विशेषज्ञ मुख्यमंत्री के ऐसे घुमावदार बयानों को गठबंधन के संकेत के रूप में देख रहे हैं। क्योंकि राज्य में नगर निगम और पंचायती चुनाव होने जा रहे हैं। नए समीकरण को लेकर हैरानी इसलिए भी नहीं हो रही है, क्योंकि चुनाव से पहले उद्धव और फडणवीस दोनों एक-दूसरे पर हमलावर थे। मगर अब दोनों एक-दूसरे के प्रति नरमी दिखा रहे हैं। दोनों ही एक जैसी भाषा बोल रहे हैं। (2 long lost friends will meet, Fadnavis and Uddhav’s voices will be united)
न्यूज़ डेस्क मुंबई- पूरी दुनिया से लेकर हमारे भारत देश में भी चीन से पनपे एचएमपी वायरस (HMP Virus) का खौफ जारी है। इस बीच महाराष्ट्र में एक अजीबोगरीब बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। इस बीमारी में लोगों के कुछ ही दिनों में बाल झड़ जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में खौफ का माहौल उत्पन्न हो रहा है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
राज्य के बुलढाणा जिले में यहां के लोग एक गंभीर रोग से जूझ रहे हैं। दरअसल, यहां पर एक के बाद एक लोगों के बाल अचानक से झड़ते जा रहे हैं। जिले में हो रही बाल झड़ने की इस अजीब घटना से लोगो में खौफ पैदा हो गया है। इस दुर्लभ बीमारी की चपटे में पुरुष, महिलांए और बच्चे भी आ रहे हैं। इसमें सर से कुछ ही दिनों के अंदर बाल झड़ रहे हैं और गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
हालांकि, इनमें भी कई मामले ऐसे हैं जहां पर लोग पूरी तरह गंजे हो रहे हैं। इस दुर्लभ बीमारी के कारण लोग काफी हैरत में पड़ गए हैं। बुलढाणा में लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस रोग के फैलने के पीछे क्या रहस्य हो सकता है। इस अजीबोगरीब घटना के सामने आने के बाद यहां के लोग काफी डरे हुए हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
जिले में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ विभाग के अधिकारी बोंडगांव, कालवाड़ और हिंगना गांवों में पहुंच गए हैं। यहां पर उन्होंने बीमारी का कारण जानने के मरीजों की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान एक बीमार महिला ने बताया कि बीते रविवार से उसके बाल झड़ रहे हैं। उन्होंने अपने बालों को एक छोटे से बैग में एकत्रित करके रखा और उसे स्वास्थ्य अधिकारी को दिखाया। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
फैल रही बीमारी
इसके अलावा एक युवक ने बताया कि बीते 10 दिनों से उसके बाल तेजी से झड़ने लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनके चेहरे की दाढ़ी भी झड़ रहे हैं। इस बीमारी के बाद कई लोगों ने अपने सिर मुंडवा दिया है। स्वास्थय अधिकारियों की टीम में शामिल एक स्किनकेयर एक्सपर्ट ने बताया कि जिले के तीनों गांवों से जमा किए गए पानी के सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
इस बारे में जिला स्वास्थ्य अधिकारी अमोल गीते ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में बढ़ रहे मामलों के बाद हमने गांव में एक स्किन एक्सपर्ट और एक महामारी विशेषज्ञ को भेजा। इसके बाद पता चला कि 99 फीसदी मामलों में मरीजों को सिर की त्वचा में फंगल संक्रमण पाया गया है। इस वजह से लोगों के सर से बाल झड़ रहे हैं। ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
पानी की होगी जांच
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हम पानी की भी जांच करेंगे। हो सकता है कहीं उसमें भारी धातुएं तो नहीं हैं? क्योंकि वे फंगल संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। हम 2 से 4 मरीजों की त्वचा के नमूने लेंगे और उन्हें माइक्रोस्कोपी के लिए अकोला मेडिकल कॉलेज भेजेंगे। गीते ने कहा कि पानी के नमूनों की जांच और बायोप्सी की रिपोर्ट दो-तीन दिनों में आ जाएगी। बाल झड़ने के कारणों के बारे में अभी कुछ भी ठोस नहीं कहा जा सकता ‘Takla virus’ is increasing rapidly in Maharashtra, hair falls in 2-3 days of itching
राज्य की महिलाओं ने महायुति को चुनाव तो जिता दिया, लेकिन अब तक उनके खाते में 2100 रुपये की रकम नहीं आई। और तो और 1500 देने मे भी सरकार आना-कानी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने यहां तक कह दिया कि लाडकी बहिन योजना की वजह से किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में आ गई है। विधानसभा चुनाव में वादा किया गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। लेकिन चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी गई। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
कहां हुई गडबडी ?
आरोप है कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के तहत दो बार पंजीकरण कराया और दो बार पैसे भी ले लिए। एक ही घर की 4 से 5 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। जिनके पास 4 पहिया वाहन हैं वे भी लाभार्थी बन गईं और जो शादी करके दूसरे राज्य में चले गए है उन लोगों ने भी इस योजना का फायदा उठा लिया। इतना ही नहीं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है वो भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब सरकारी यंत्रणा ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर उन्हें इस योजना से हटा रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, जबकि सूची छांटने के बाद यह संख्या करीब 25 लाख कम हो जाएगी. वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को क्रॉस वेरिफिकेशन प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीनों में हमारे पास लाडकी बहिन योजना लाभार्थियों के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। आईटी विभाग की मदद ली जा रही है। आधार कार्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी फायदे के लिए बिना उचित जांच के इस योजना को शुरू कर दिया गया, जिसके कारण अपात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिला। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सरकार ने वोट पाने के लिए मानदंडों को सख्ती से लागू किए बिना लाभार्थियों को पैसे बांटे। राउत ने यह भी कहा, कि ‘वह सिर्फ चुनावी नारा था, चुनाव से पहले पैसे देकर वोट लिए गए, उसके बाद मामला खत्म हो गया।’ (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
उन्होंने कहा, ‘इस बात को सभी लोग जानते हैं कि हमारे घर में भी महिलाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला पैसा अब सिर्फ प्रपंच पर खर्च होता है। लड़की बहन योजना का पैसा भी इधर-उधर किया गया। बच्चों के लिए ये लो, उनके लिए वो लो। बेकार का खर्च, और कुछ नहीं.’ उनका कहना है कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना में सरकारी पैसा ले रही हैं, उन्हें किसान सम्मान योजना में पैसा नहीं लेना चाहिए। मुझे बताइए कि एक महिला दो सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे ले सकती है? सरकार को इस पर जीआर लाना चाहिए। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
क्या बंद हो जाएगा मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना ?
मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना को लेकर विवादों के बीच लोगों में इस योजना को बंद किए जाने को लेकर चर्चाऐ आम होने लगी है। लोगों को अब लगने लगा है कि शायद महायुति की सरकार ने लोगों को ‘चुनावी जुमले’ जैसे वादों मे फंसा कर धोखा दिया है और अब चुनाव मे जीत हासिल करने के बाद पैसा देना बंद कर दिया है। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा, कि सरकार ने लाडकी बहिन योजना शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की। फिलहाल ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ को बंद नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि पात्रता मानदंडों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का उद्देश्य सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)
WhatsApp दुनिया भर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन है। वॉट्सऐप अपने यूजर्स की सहूलियत के लिए समय-समय पर नए-नए फीचर्स लाता रहता है। वॉट्सऐप में एक ऐसा फीचर भी मिलता है जिससे आप यह पता कर सकते हैं कि आपको कौन ट्रैक कर रहा है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)
टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क WhatsApp Social Media का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। दुनिया भर में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे बड़ा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्लिकेशन है। वॉट्सऐप अपने करोड़ों यूजर्स को चैटिंग के साथ-साथ वॉइस कॉलिंग, वीडियो कॉलिंग, ऑनलाइन पेमेंट, डॉक्यूमेंट शेयरिंग जैसी कई सारी सुविधाएं देता है। भले ही वॉट्सऐप को लॉन्च हुए कई साल बीत गए हों लेकिन, अब भी कंपनी इस पर नए-नए अपडेट्स ला रही है। कंपनी ने अपने यूजर्स की सहूलियत के पिछले कुछ महीनों में कई सारे धमाकेदार फीचर्स जोड़ दिए हैं। आज हम आपको वॉट्सऐप के एक ऐसे फीचर के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके बेहद काम आ सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)
WhatsApp पूरी दुनिया में अपने सेफ्टी और प्राइवेसी फीचर्स के लिए जाना जाता है। कई देशों ने सिक्यूरिटी रिजन बताकर डाटा शेयर करने को कहा। लेकिन WhatsApp ने ऐसा नही करते हुए अपने यूज़र्स की प्रायवसी को हमेशा से प्राथमिकता दी। यही वजह है कि करीब 3.5 बिलियन से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म में आपको लाइव लोकेशन जैसे कई एडवांस फीचर भी मिलते हैं। इसकी मदद से आप आसानी से किसी को ट्रैक कर सकते हैं। वैसे तो यह फीचर काफी सहूलियत देने वाला है लेकिन, अगर हम एक गलती कर दें तो इससे बड़ा नुकसान भी हो सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)
WhatsApp का धमाकेदार फीचर
कई बार ऐसा होता है जब हमसे मिलने के लिए कोई आ रहा हो और उसे हमारी लोकेशन नहीं मालूम हो, तो वह हमसे लाइव लोकेशन मांगता है। ऐसे मौके पर हम लाइव लोकेशन शेयर तो कर देते हैं लेकिन बाद में उसे बंद करना भूल जाते हैं। अगर आपने भी ऐसा किया है तो इससे आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है। दरअसल आपकी लाइव लोकेशन से कोई भी आपको आसानी से बाद में भी ट्रैक कर सकता है। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)
अगर आपने ने भी किसी को अपनी लाइव लोकेशन सेंड की है लेकिन उसे बाद में बंद करना भूल गए हैं तो इसके लिए वॉट्सऐप आपको एक सीक्रेट फीचर देता है। इस फीचर की मदद से आप यह आसानी से जान सकते हैं कि आपने किस-किस को अपनी लाइव लोकेशन सेंड की है। आइए आपको इसका पूरा प्रॉसेस बताते हैं। (WhatsApp’s amazing with this trick you will know in a jiffy who is tracking you)
Live Location बंद कैसे करें?
1 यह जानने के लिए आपकी लोकेशन किस-किस के पास गई है इसके लिए आपको सबसे पहले वॉट्सऐप ऐप्लिकेशन पर जाना होगा।
2 अब आपको डिस्प्ले के टॉप पर दिखाई दे रहे 3 डॉट मैन्यू के आइकन पर क्लिक करना होगा।
3 अब आपको सेटिंग ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
4 अब आपको प्राइवेसी वाले ऑप्शन पर जाना होगा।
5 अब आपको स्क्रॉल करके थोड़ा नीचे आना होगा और लोकेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
6 आप जैसे ही लोकेशन पर क्लिक करेंगे आपको यह पता चल जाएगा कि आपने किन किन लोगों को लाइव लोकेशन सेंड की है। अब आप यहां से लाइव लोकेशन को बंद कर सकते हैं।
बम्बई में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटनाऐं अब आम होने लगी है। ये कैसा चलन चलने लगा है कि अपने ही लोगों के बीच बच्चे सुरक्षित नही है। चेंबूर की एक घटना ने पिता और बेटी के रिश्ते को ही तार-तार कर दिया। (Mumbai News 48 year old uncle raped 15 year old niece)
न्यूज़डेस्क मुंबई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर के चेंबूर इलाके से सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां एक शख्स ने सॉफ्ट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर एक लड़की को बेहोश कर दिया और फिर नशे में धुत होकर उसके साथ दुष्कर्म किया। 48 साल का आरोपी संदीप काशीनाथ 15 साल की बच्ची को कपड़े दिलाने के बहाने बुलाया था। (Mumbai News 48 year old uncle raped 15 year old niece)
बलात्कार का विडियो
शिकायत मिलने के बाद आरसीएफ पुलिस ने आरोपी को गोवंडी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 48 वर्षीय संदीप काशीनाथ मोटे के रूप में हुई है। आरोप है कि चेंबूर में 15 साल की लड़की के साथ कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर बलात्कार किया और दुष्कर्म का वीडियो भी वायरल किया। घटना वाशी नाका के चेंबूर इलाके से है। नशे में धुत चाचा ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। (Mumbai News 48 year old uncle raped 15 year old niece)
पैसे देने के बहाने
आरसीएफ पुलिस ने दरिंदे चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय न्याय संहिता 2023 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कपड़े खरीदने के लिए पैसे देने के बहाने नाबालिग लड़की को उसके दोस्त के घर बुलाया, उसके कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया और बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया। (Mumbai News 48 year old uncle raped 15 year old niece)
आरसीएफ थाने के मुताबिक यह घटना 8 जनवरी को सुबह 6.30 बजे की है। आरोपी काशीनाथ मोटे ने नाबालिग लड़की को चेंबूर रेलवे स्टेशन पर बुलाया। उसने उसे कपड़े दिलाने के बहाने बुलाया था। इसके बाद वह नाबालिग को अपने एक दोस्त के घर ले गया और वहां उसने सॉफ्ट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इस घटना की उसने वीडियो भी बनाकर वायरल कर दिया। इस मामले में फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच में जुटी है। (Mumbai News 48 year old uncle raped 15 year old niece)
Ajit Pawar and Sharad Pawar: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्य की राह बुन रहे हैं। दरअसल आने वाले नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई– महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार और शरद पवार गुट आपस में विलय करने की इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा और बहस का कारण बनी हुई है। अब इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ दिन पहले भी नागपुर में उद्धव और आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उसके बाद उद्धव की पार्टी के मुखपत्र सामना में सीएम फडणवीस के कार्यों की तारीफ की गई थी। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
इस गर्म जोशी भरी मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की और विनती की है कि जो ‘वॉटर फॉर ऑल’ योजना है, जिसे हम लेकर आए थे उस पर वे वापस अमल करें। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार ने इस योजना को ‘स्थगित’ कर दिया था। हम चाहते हैं कि मुंबई के हर घर को पानी मिलना चाहिए। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)
गठबंधन बन-बिगड़ सकते है।
कामकाज के सिलसिले में मिलने-जुलने में कोई खास बात नहीं है लेकिन पवार परिवार में चल रही हलचल के बीच आदित्य ठाकरे की मुलाकात मायने रखती है। दरअसल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्य की राह बुन रहे हैं। इसी बीच राज्य में आने वाले नगरनिगम एवं पंचायती चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारियां कर रहे हैं। वैसे भी महाराष्ट्र के जानकार कह रहे हैं कि अब विधानसभा चुनाव के बाद यहां नए सिरे से गठबंधन बन-बिगड़ सकते हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)
एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एकजुट करने वाले राजनेता इस आधार पर पैरोकारी कर रहे हैं, कि महाराष्ट्र में यदि अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का आपस में विलय हो जाए तो उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 20% हो जाएगा। इसके साथ ही शरद पवार की पार्टी में 8 लोकसभा और चार राज्यसभा सांसद हैं। अजित गुट के पास एक लोकसभा सदस्य है। इन सबके एक साथ आने से केंद्र सरकार में एनसीपी का प्रतिनिधित्व होगा। इसके अलावा पूरे महाराष्ट्र में अजित पवार के पास 41 और शरद पवार के पास 10 विधायक हैं। इनके एकजुट होने से डिप्टी सीएम अजित पवार का महाराष्ट्र में दबदबा बढ़ेगा। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)
इंडिया की जगह NDA की शरण
इसी तरह उद्धव ठाकरे की शिवसेना के भीतर भी मंथन का दौर चल रहा है. पार्टी के कुछ नेता दबे स्वरों में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवर्निमाण सेना को एक साथ लाने की मांग कर रहे हैं। उनका मकसद ठाकरे परिवार को एकजुट करके शिवसेना की खोई हुई ताकत को फिर से हासिल करना है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद उद्धव की पार्टी कमजोर हुई है। उद्धव के पास केवल 20 विधायक हैं। वहीं कुछ नेता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से हटने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने के बाद ही शिवसेना अपनी फायरब्रांड हिंदू छवि को हासिल करने में सक्षम हो सकती है। ऐसे लोग इंडिया गठबंधन की जगह एनडीए में जाने के पक्षधर हैं। महाराष्ट्र और केंद्र में अगले पांच साल तक कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उसको देखते हुए सियासी दल नए सिरे से अपनी तैयारियों में लग गए हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)