Category: Maharashtra

  • अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ किला देखने गया शख्स, रहस्ययी तरीके से गायब, CCTV फुटेज ने चौंकाया

    अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ किला देखने गया शख्स, रहस्ययी तरीके से गायब, CCTV फुटेज ने चौंकाया

    तनाजी कड़ा के पास से युवक वापस नहीं लौटा। उसके साथी उसकी तलाश करने लगे और कडा के पास युवक की एक ही सैंडल मिली। पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगाला तो चौक गये। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/पुणे:
    हैदराबाद का एक 24 वर्षीय युवक बुधवार शाम को पुणे के सिंहगढ़ किले पर संदिग्ध परिस्थितियों से लापता हो गया। हवेली पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने शुक्रवार को भी उसकी तलाश जारी रखी, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। हवेली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सचिन वांगड़े ने बताया कि युवक अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ बुधवार को किला घूमने आया था। पांचों लोग तनाजी कड़ा (चट्टान) के पास थे, जब युवक ने अपने दोस्तों से कहा कि उसे टॉयलेट जाना है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    सीसीटीवी में क्या दिखा?

    इसके बाद वह वहां से चला गया और वापस नहीं लौटा। उसके दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की और चट्टान के पास उसका एक जूता मिला। वांगड़े ने कहा, “दोस्तों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया।” पुलिस को तब संदेह हुआ जब वन विभाग द्वारा किले के तलहटी में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक व्यक्ति दिखा, जिसका कद-काठी लापता युवक से मिलता-जुलता था। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    भागता हुआ दिखा युवक

    खबर के मुताबिक, वांगड़े ने बताया, “फुटेज अस्पष्ट है, लेकिन युवक के माता-पिता को संदेह है कि फुटेज में दिख रहा व्यक्ति उनका ही बेटा है।” फुटेज में दिखाने वाला व्यक्ति शर्ट पहने हुए था और कोंढणपुर फाटा की ओर भाग रहा था, जैसे कि वह सीसीटीवी कैमरों से बचने की कोशिश कर रहा हो। पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने बारिश और कोहरे के बावजूद देर रात तक तलाशी अभियान चलाया। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    सातारा का रहने वाला है युवक

    वांगड़े ने कहा, “शुक्रवार सुबह हमने फिर से तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।” पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि युवक के माता-पिता ने पुलिस को सूचित किया कि उनका परिवार मूल रूप से सतारा जिले का है और अब हैदराबाद में बसा है। उनका बेटा हैदराबाद में एक कैफे चलाता है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    पुलिस की तलाशी अभियान

    अधिकारी ने बताया, “युवक किले पर शॉर्ट्स पहने हुए था। हम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं।” पुलिस और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। जांच जारी है, और पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyon

  • इनकार किया तो पिता ने तकिए से गला घोंटकर मार दिया, खुद भी लगा ली फांसी

    इनकार किया तो पिता ने तकिए से गला घोंटकर मार दिया, खुद भी लगा ली फांसी

    बेटी की हत्या के बाद, शाकिर ने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की। पहले उसने अपनी कलाई कांटी और फिर अपनी छाती में चाकू घोंपा, लेकिन ये प्रयास घातक नहीं हुए तो फांसी से लटक कर जान दे दी। When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र:
    हिंगोली जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 45 वर्षीय पिता ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी की कथित तौर पर तकिए से दम घोंटकर हत्या कर दी, क्योंकि उसने उनके रिश्तेदार के बेटे से शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद, पिता ने खुद भी फांसी लगाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया। यह घटना बुधवार सुबह उस समय सामने आई, जब मृतक की पत्नी और उसके 12 और 8 वर्ष के दो बेटों ने सुबह नींद से जागने के बाद घर में दोनों की लाश देखी। When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

    पुलिस ने क्या कहा?

    खबर के मुताबिक, हिंगोली के पुलिस अधीक्षक श्रीकृष्ण कोकाटे ने प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया कि आरोपी पिता का नाम सैयद शाकिर है जो पेशे से ड्राइवर था। उसने अपनी सबसे बड़ी बेटी की शादी अपने रिश्तेदार के बेटे से तय की थी। हालांकि, लड़की ने इस अरेंज्ड मैरिज से साफ इनकार कर दिया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “लड़की के इनकार के बाद, सैयद शाकिर को सामाजिक बदनामी का डर सताने लगा। बुधवार तड़के उसने कथित तौर पर अपनी बेटी को सोते समय तकिए से दम घोंटकर मार डाला। इसके बाद, उसने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।” When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

    तीन दिनों से चल रहा था लफडा

    पुलिस जांच में पता चला कि पिछले तीन दिनों से बेटी के शादी से इनकार करने के कारण घर में बार-बार झगड़े हो रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “19 अगस्त की रात को सैयद शाकिर ने अपनी पत्नी को उसकी नियमित दवाओं के साथ नींद की गोलियां दीं ताकि वह गहरी नींद में सोती रहे। वह डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित है। इसके बाद, वह अपनी बेटी के कमरे में गया और सोते समय उसका तकिए से दम घोंट दिया।” उस समय घर में उसके दो बेटे भी सो रहे थे। When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

    पिता ने किया आत्महत्या का प्रयास

    अधिकारी ने आगे बताया, “अपनी बेटी की हत्या के बाद, सैयद शाकिर को गहरे पश्चाताप और दुख ने घेर लिया। उसने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की। पहले उसने अपनी कलाई कांटी और फिर अपनी छाती में चाकू घोंपा, लेकिन ये प्रयास घातक नहीं हुए। आखिरकार, उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।” When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

    आखिर हुआ हत्या का मामला दर्ज

    पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए हिंगोली के सरकारी अस्पताल भेजा, जिसके बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर, हिंगोली सिटी पुलिस ने सैयद शाकिर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। When she refused, her father killed her by strangling her with a pillow and then hanged himself.

  • मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव: ठाकरे पैनल को झटका, बीजेपी समर्थित पैनल की जीत

    मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका। शशांक राव पैनल ने 14 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी नेताओं का पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मुंबई BEST क्रेडिट सोसायटी चुनाव में ठाकरे गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। नौ साल बाद हुए इस चुनाव में शशांक राव पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, बीजेपी नेताओं प्रसाद लाड और प्रवीण डेरेकर के नेतृत्व वाला ‘सहकार समृद्धि’ पैनल 7 सीटों पर विजयी रहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के ‘उत्कर्ष पैनल’ को एक भी सीट नहीं मिली। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    ठाकरे ब्रांड को झटका, विपक्ष के तंज

    इस हार पर विपक्षी नेताओं ने ठाकरे परिवार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “लोगों ने ठाकरे ब्रांड को नकार दिया है। जिन्होंने EVM पर सवाल उठाए थे, उन्हें जनता ने करारा जवाब दिया है।” वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि “जो काम करते हैं उन्हें मौका मिलेगा, और जो घर पर बैठते हैं उन्हें जनता घर पर ही बैठा देगी।” Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    शिवसेना (UBT) और MNS के आरोप

    शिवसेना (UBT) नेता सुहास सामंत और मनसे नेता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में पैसे का खेल हुआ। उनका कहना था कि ठाकरे पैनल पैसे की ताकत के आगे टिक नहीं सका। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    शशांक राव का बयान

    चुनाव जीतने के बाद शशांक राव ने कहा कि यह जीत BEST कर्मचारियों की आवाज है। उन्होंने शिवसेना (UBT) पर आरोप लगाते हुए कहा कि “ठाकरे पैनल ने कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, प्राइवेटाइजेशन की नीति अपनाई और ग्रेच्युटी फंड का गलत इस्तेमाल किया। कर्मचारियों की भर्तियां सालों से लंबित थीं और सातवें वेतन आयोग का लाभ भी नहीं मिला। यही वजह रही कि इस बार कर्मचारियों ने बदलाव का मन बनाया।” Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

    चुनाव का राजनीतिक महत्व

    करीब 17,000 सदस्यों वाली इस क्रेडिट सोसायटी के चुनाव को आगामी बीएमसी चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव में कुल 15,093 मतदाता दर्ज थे और हर विजयी उम्मीदवार को औसतन 4000 से ज्यादा वोट मिले। Mumbai BEST Credit Society Election: Setback for Thackeray panel, BJP-backed panel wins

  • मुंबई का ‘बीयर मैन’: सीरियल किलर जिसने खून और बीयर के साथ रचे 15 मर्डर

    मुंबई का ‘बीयर मैन’: सीरियल किलर जिसने खून और बीयर के साथ रचे 15 मर्डर

    मुंबई का कुख्यात सीरियल किलर “बीयर मैन” 2006-07 में 15 हत्याओं के लिए बदनाम हुआ। हर लाश के पास बीयर की बोतल मिलती थी, जानिए पूरी कहानी। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    मुंबई: साल 2006 में शहर की सड़कों पर एक सनकी सीरियल किलर का खौफ फैल गया था। लोग उसे मुंबई बीयर मैन सीरियल किलर कहते थे, क्योंकि वह हर हत्या के बाद लाश के पास एक बीयर की बोतल छोड़ जाता था। यह पैटर्न मुंबई पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली बन गया था। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    पहला मर्डर और बीयर की बोतल

    अक्टूबर 2006 में मरीन लाइन स्टेशन पर टैक्सी ड्राइवर विजय की लाश मिली। लाश के पास पड़ी बीयर की खाली बोतल ने पुलिस को चौंका दिया। इसके दो महीने बाद दिसंबर में चर्चगेट स्टेशन पर एक और शव मिला। फिर जनवरी 2007 तक कुल 7 हत्याएं सामने आ चुकी थीं। हर बार लाश के पास बीयर की बोतल मिलती थी। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    पुलिस जांच और SIT

    लगातार हत्याओं के बाद मुंबई पुलिस ने SIT बनाई। मगर सबूत के नाम पर सिर्फ खाली बीयर की बोतलें थीं। फिर 22 जनवरी 2007 को धोबी तालाब इलाके से रविंद्र कांतरोल नामक संदिग्ध पकड़ा गया। उसके पास खून के छींटों वाले कपड़े और खंजर मिला। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    कबूलनामे ने हिला दी पुलिस

    नार्को टेस्ट के दौरान रविंद्र ने 15 हत्याओं की कबूलियत की। उसने बताया कि वह नशे का आदी था। पहले लोगों को बीयर पिलाता, फिर उन्हें पीट-पीटकर मार देता। वजह पूछे जाने पर उसने कहा—“मुझे खून से प्यार है।” Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

    अदालत का फैसला

    तीन मामलों में सबूत मिलने के बाद 2009 में अदालत ने रविंद्र कांतरोल को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। हालांकि मुंबईवासी आज भी इस बीयर मैन हत्याकांड को याद कर कांप उठते हैं। Mumbai’s ‘Beer Man’: The serial killer who committed 15 murders with blood and beer

  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    ‘साइकिल बैंक’ से लड़कियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार, पुणे जिला परिषद की अनोखी पहल

    महाराष्ट्र में पुणे जिला परिषद ने एक अनोखी पहल की है। इसमें साइकिल बैंक के उपयोग से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    पुणे: ग्रामीण इलाकों में पढ़ने वाली छात्राओं को अब स्कूल आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। पुणे जिला परिषद ने इसके लिए ‘साइकिल बैंक’ नाम का अनोखा उपक्रम शुरू किया है। इस पहल को समाज से भी जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है और अब तक प्रशासन को 1,430 साइकिलें दान में मिल चुकी हैं। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    कैसे काम करेगी ‘साइकिल बैंक’?

    यह योजना फिलहाल पांचवीं से आठवीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कई गांवों में साइकिलें बच्चियों को दी गईं।
    नियम यह है कि आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को साइकिल वापस ‘साइकिल बैंक’ में जमा करनी होगी, ताकि वही साइकिल दूसरी ज़रूरतमंद बच्ची को मिल सके। इस तरह एक साइकिल से कई छात्राओं को फायदा मिलेगा। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    उद्देश्य क्या है?

    ग्रामीण छात्राओं को अक्सर स्कूल जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। कई बार पैदल दूरी ज्यादा होने की वजह से लड़कियां स्कूल छोड़ भी देती हैं। इस समस्या को हल करने और नियमित हाज़िरी बढ़ाने के मकसद से जिला परिषद ने यह पहल शुरू की है।
    मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने बताया – “इस उपक्रम से ग्रामीण भाग की लड़कियों की शिक्षा को नई गती मिलेगी और उनकी मुश्किलें कम होंगी।” Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    अब तक कितनी साइकिलें मिलीं?

    अब तक पुणे जिले के अलग-अलग तालुकों से 1,430 साइकिलें जमा हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा साइकिलें शिरूर (331) और खेड (250) से आई हैं। इसके अलावा मुळशी (125), जुन्नर (112), मावळ (112), बारामती (110), पुरंदर (108), इंदापूर (101), आंबेगाव (60), दौंड (51), हवेली (30), भोर (15) और राजगड/वेल्हे (25) तालुकों से भी योगदान मिला है। Girls’ education will get a boost through ‘Cycle Bank’, a unique initiative of Pune Zila Parishad

    खास बातें

    • यह योजना इसी शैक्षणिक वर्ष से शुरू हुई है।
    • जिले में पांचवीं से आठवीं तक करीब 32 से 35 हजार छात्राएं हैं।
    • साइकिलें ज्यादातर CSR फंड से खरीदी जाएंगी, जरूरत पड़ने पर जिला निधि से भी खरीदी होगी।
    • इन साइकिलों का लाभ सिर्फ जरूरतमंद और ग़रीब परिवार की बच्चियों को मिलेगा।
  • भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    मुंबई कुर्ला भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की संदिग्ध मौत ने डॉक्टरों और पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े किए। पोस्टमार्टम और जांच पर विवाद। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुर्ला पश्चिम स्थित भाभा अस्पताल में 4 अगस्त को हुई रामशरीक सोनार की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। मृत अवस्था में लाए गए रामशरीक को डॉक्टरों ने भर्ती दिखाया, आईसीयू में सीपीआर देने का नाटक किया और फिर बिना पोस्टमार्टम शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से परिजनों और आम जनता में आक्रोश फैल गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    अस्पताल पर उठे सवाल

    रामशरीक सोनार को 4 अगस्त दोपहर करीब 3:45 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सवाल यह है कि जब मरीज पहले से मृत था, तो उसे किस नियम के तहत भर्ती किया गया? अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पद्मश्री अहिरे ने तत्काल आईसीयू में भर्ती कर सीपीआर देने का आदेश क्यों दिया? मृतक का डेथ सर्टिफिकेट किसी प्राइवेट डॉक्टर से बनवाया गया, जो गंभीर शंका पैदा करता है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    पुलिस पर उठे सवाल

    अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ-साथ पुलिस की कार्यवाही भी संदिग्ध नजर आती है। पुलिस उपनिरीक्षक विकास माली ने पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया? क्यों पूरी रात शव अस्पताल में रखा गया और 5 अगस्त की सुबह आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया? इससे यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि मामले को दबाने के लिए सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    मौत का रहस्य

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में गरीब मरीजों के साथ लगातार दुर्व्यवहार होता है, उनसे बाहर से दवाइयाँ मंगाई जाती हैं और भ्रष्टाचार खुलेआम चलता है। वहीं, रामशरीक की बीमारी और उनके पहले इलाज की जानकारी भी स्पष्ट नहीं है, जिससे उनकी मौत का रहस्य और गहरा हो गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    जांच की मांग

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामशरीक की रहस्यमय मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है? क्या डॉक्टर और पुलिस की मिलीभगत से यह खेल खेला गया? इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

  • मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    दूध में मिलावटखोरी

    Mumbai-dahisar-crime-news

    दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पहले भी यही करता था और हुआ था गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा  272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ  26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

  • कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    कांदिवली में साईंराम सेवा संस्था का सराहनीय काम, बाढ़ प्रभावितों को मिला चाय–नाश्ता

    मुंबई – 19 अगस्त 2025 को हुई तेज़ बरसात ने कांदिवली इलाके के कई घरों में पानी भर दिया। नालों के आसपास रहने वाले ग़रीब परिवारों की रसोई ठप हो गई, खाने–पीने की भारी दिक्कत खड़ी हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में साईंराम सेवा संस्था लोगों के लिए राहत लेकर पहुँची।

    संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित मोहल्लों में जाकर गरमागरम चाय, नाश्ता और वडापाव बाँटे। बरसात से भीगे और भूखे–प्यासे लोगों के चेहरे पर उस वक्त राहत की मुस्कान आ गई।

    Mumbai-kandivali-rain-updates

    सेवा का असली रूप

    संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ ने साफ कहा कि,
    “हम सेवा करते समय किसी भी गरीब का फोटो नहीं खींचते। यह मदद उनका सम्मान बनाए रखने के लिए है, दिखावा करने के लिए नहीं।”

    साथ देने वाले कार्यकर्ता

    इस नेक काम में संस्था के अध्यक्ष राजेश किसन मंजाळ के साथ नरेंद्र जयवंत काळे, सुधीर खंडू कराळे और अन्य कार्यकर्ता भी दिनभर जुटे रहे।

    समाज के लिए संदेश

    साईंराम सेवा संस्था ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जो लोग ग़रीब और ज़रूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं, वे संस्था से सीधे जुड़ सकते हैं। इसमें संपर्क क्रमांक: 7039816812 दिया गया है।
    “मुसीबत के समय हाथ बढ़ाना ही सबसे बड़ी इंसानियत है।”