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  • Mumbai: फर्जी शेयर बाजार चलाने वाला गिरफ्तार, एप के जरिये 3 महीने में की 4,672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग

    Mumbai: फर्जी शेयर बाजार चलाने वाला गिरफ्तार, एप के जरिये 3 महीने में की 4,672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग

    Mumbai में फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4,672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। पुलिस ने उसे कांदीवली से किया गिरफ्तार।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को क्राईम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। उसे मंगलवार को मुंबई उपनगर (Mumbai suburbs) कांदीवली से गिरफ्तार किया गया। बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था।

    Mumbai में डिब्बा ट्रेडिंग..

    23 मार्च से 20 जून के बीच बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था। ऐसे शेयर बाजार को मुंबई (Mumbai) में डिब्बा ट्रेडिंग के नाम से जाना जाता है। इस मामले के जांच अधिकारी अभिजीत जाधव के अनुसार, जतिन बिल्कुल शेयर दलालों जैसा व्यवहार करता था और शेयर बाजार से जुड़ने के इच्छुक लोगों को अपने एप का पासवर्ड दे देता था। वह लोगों से 50-50 हजार का डिपाजिट भी लेता था।

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    Indian fasttrack news
    Mumbai, डिब्बा ट्रेडिंग,
    क्राइम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस और आरोपी की तस्वीर

    तीन महिनों में किया 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार

    उन्होंने आगे बताया कि शेयर बाजार में लाभ होने पर वह लाभ की राशि अपना कमीशन काट कर नकद ही अपने ग्राहकों को भिजवा देता था। घाटा होने पर उनकी डिपाजिट राशि से पैसे काट लिए जाते थे और बाद में उतने पैसे डिपाजिट में और जमा करवा लिए जाते थे। इस प्रकार उसने तीन माह में इस फर्जी शेयर बाजार से 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार किया। शेयर बाजार में लाभ होने पर शेयरधारकों को 15 से 30 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है। लेकिन, फर्जी शेयर बाजार में वे टैक्स देने से बच जाते थे।

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    इस प्रकार सरकार को करीब दो करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ है। इसके अलावा जतिन मेहता ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स, कैपिटल गेन्स टैक्स, राज्य सरकार के स्टांप ड्यूटी शुल्क, सेबी की टर्नओवर फीस जैसे कई टैक्सों की चोरी की है। उस पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस को नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) एवं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के अधिकारियों की भी मदद लेनी पड़ी। डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक राउटर, एक टैब, एक पैन ड्राइव और काफी कैश भी जब्त किया है।

  • अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    भाजपा के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज हो गई है। फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम- कांग्रेस

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी की एक झूठ फैलाने वाली फैक्ट्री है जिसे बीजेपी आईटी सेल कहा जाता है।इसका काम है विपक्षी नेताओं के प्रति नफरत फैलाकर समाज में गलत संदेश देकर सांप्रदायिक माहौल बिगड़ना। यह दो तरह से काम करती है। पीएम मोदी की छवि निर्माण और विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस के राहुल गांधी को टारगेट कर बदनाम करना।

    राहुल गांधी ने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर हमेशा छोटी छोटी बातें बोलने वाले मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। बढ़ती मंहगाई पर चुप्पी क्यों? रुपया गिरते जाने पर चुप्पी क्यों? बेरोजगारी पर चुप्पी क्यों? चीन पर चुप्पी क्यों? आदि-आदि।
    राहुल गांधी के एक वीडियो को बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने पहले सोशल मीडिया पर शेयर किया। फिर बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा और दूसरे ने शेयर किया। जिसमे सामाजिक सदभाव बिगाड़ने, समाज में जहर घोलने का काम किया। आईटी सेल को झूठ की फैक्ट्री नहीं कहें तो और क्या कहेंगे।फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम है। यही हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद और पाकिस्तान की रट लगाता रहता है। जो भारतीय कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/19/it-is-not-easy-to-throw-nitin-gadkari-out-of-the-party
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    अमित मालवीय,
    भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की फाइल तस्वीर

    याद होगा राहुल गांधी ने नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी के नाम लेते हुए पूछा था, कि “सबके सरनेम मोदी ही क्यों?” राहुल का यह राजनीतिक भाषण था। जैसे नेहरू परिवार को भ्रष्ट परिवार खुद मोदी ने कहा था। बार-बार नेहरू और गांधी परिवार के खिलाफ खुद पीएम जहर घोलते रहते हैं। कांग्रेस मुक्त भारत का नारा खुद मोदी ने दिया था। लेकिन कांग्रेस और नेहरू, गांधी परिवार ने कभी तवज्जो नहीं दी।

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    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज..

    भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ कांग्रेसी अध्यक्ष खड़गे के पुत्र और मंत्री ने जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई है। मंत्री के अनुसार वे एफआईआर के बाद कोर्ट जाएंगे। सजा भी दिलाएंगे। मामला कर्नाटक में है। वहां कांग्रेस की सरकार है। जैसे बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में एफआईआर दायर किया गया था।
    अब आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के विरुद्ध कर्नाटक में एफआईआर दर्ज करते हुए कोर्ट में घसीटने का निर्णय लिया गया हैं।

  • कुरार पुलिस ने किया 4 को गिरफ्तार एक फरार..

    कुरार पुलिस ने किया 4 को गिरफ्तार एक फरार..

    ATM के भीतर बोलबचन कर हाथ की सफाई करने वाले गिरोह का कुरार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सभी बदमाश भांडुप के रहने वाले बताया जा रहे हैं।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड पूर्व के कुरार पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो एटीएम में लोगों से बोल बचन कर अपने हाथ की सफाई से उन लोगों का अकाउंट साफ कर दिया करते थे। कुरार पुलिस ने 4 बदमाशों को भांडुप पश्चिम से गिरफ्तार किया है और तीन अपराधियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।

    ATM में बोलबच्चन ..

    घटना 16 जून 2023 की है। जब गोरेगाव पूर्व, आरे मिल्क कॉलनी, युनिट क्रमांक 32, एकता रहिवासी मंडळ की रहने वाली, 57 वर्षीय फरियादी लिला डोमनिक जेवियर अपने खाते से पैसे निकालने के लिए मलाड पूर्व दिंडोशी शाखा बैंक ऑफ इंडिया के पास लगे एटीएम मशीन में गई। वहां मौजूद कुछ अज्ञात लोगों ने अपने हाथ की सफाई दिखाते हुए उनके अकाउंट से 50 हजार रुपये निकाल लिए। इस घटना की जानकारी पीड़ित महिला ने कुरार पुलिस को दी।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/18/police-arrested-thief-with-gold-worth-8-lakh-65-thousand-from-gujarat
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    ATM, बोलबच्चन,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    पुलिस ने घटनाएं वारदात की सीसीटीवी फुटेज खंगाली और गु.र. क्र. 350/2023 भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर सीसीटीवी की मदद से बदमाशों की तलाशी शुरू कर दी। कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश गाढवे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक मनोज चाळके के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक वानखेडे और उनकी टीम ने घटनास्थल से बदमाशों का पीछा करते हुए कुल 109 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और उनके रहते इलाके तक पहुंच गए।

    19 जून की आधी रात को पुलिस ने भांडुप पश्चिम के जंगल मंगल रोड, सर्वोदय नगर, गावदेवी मंदिर के पास से तीन बदमाशों को हिरासत में लिया। उनसे मामले के तहत पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया और साथ ही बिहार की रहने वाली और एक महिला साथी का भी नाम उन लोगों ने उजागर कर दिया। जो उस घटना में शामिल थी। चारों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। बिहार का रहने वाला इनका एक और साथी फरार बताया जा रहा है।

    गिरफ्तार तीन बदमाश भांडुप पश्चिम के रहने वाले बताए जा रहे हैं और एक महिला और पुरुष बिहार के होने की जानकारियां दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय धर्मवीर किशुन महतो, 28 वर्षीय विवेक कुमार बुधन पासवान, 23 वर्षीय बिरलाल लक्ष्मण सहा के रूप में हुई है यह सभी भांडुप पश्चिम गांवदेवी मंदिर के पास, जंगल मंगल रोड, सर्वोदय नगर के रहने वाले हैं। इनके साथ ही 27 वर्षीय किशोर कांचन महतो को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गायखत, रामनगर, हर्षिदी, मतिहारी, बिहार की रहने वाली बताई जा रही है।

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    इसके साथ ही 29 वर्षीय अरुण कुमार मोहन प्रसाद फरार है, जो सूर्यापूर, जीवधारा थाना पिपरकाठी, सुरजपूर, पूर्वी चंपारण्य, बिहार राज्य का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस की पड़ताल में इन बदमाशों के खिलाफ माटुंगा पुलिस थाने, पार्कसाईट पुलिस थाने, वरळी पुलिस थाने, माणिकपूर और भायखला पुलिस थाने में अपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले की और अधिक तहकीकात कुरार पुलिस कर रही हैं।

  • भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    • मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
    • दरअसल झूठ की भी अपनी हद होती है।
    • पीएम की छवि विदेशों में भी धूमिल।
    • मैती समुदाय को आरक्षण देना गुजरात लॉबी का वादा।
    • मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में..
    • कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
    • गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
    • आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।

    ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।

    बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।

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    मणिपुर, अमित शाह,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    गुजरात लॉबी का वादा..

    मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।

    मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।

    अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।

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    आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।

  • ए विभाग के मनपाकर्मी दबा के कर रहे हैं वसूली।

    ए विभाग के मनपाकर्मी दबा के कर रहे हैं वसूली।

    • BMC का काला कारोबार। मुंबई उच्च न्यायालय की फटकार।
    • जारी है लगातार BMC में भ्रष्टाचार।
    • बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है।
    • बिना टेंडर के अवैध पार्किंग।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ए वार्ड अंतर्गत बॉम्बे समाचार मार्ग पर आजकल अवैध पार्किंग जोरो पर चलाई जा रही है। इस काली (Black money) की कमाई वार्ड ऑफिसर और यहां के मनपाकर्मी खा रहे हैं। इन कारोबारों पर कोई पूछने वाला नही है। जब से इकबाल सिंह चहल ने मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) का पदभार संभाला है। तब से मनपा (BMC) में अवैध वसूली और अवैध निर्माण का काम जोरो से चल रहा है।

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    मुंबई का कोई भी नागरिक कितना भी शिकायत कर ले उस पर कोई कार्रवाई नही होती। यहां तक की राजस्व को लगाए जा रहे चूने को उजागर करने के लिए शिकायतकर्ता को काफी पैसे खर्च कर धक्के खाने पड़ते हैं। लेकिन सुनवाई नहीं होती। इस विषय पर बॉम्बे उच्चन्यायालय ने भी मनपा प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार लगाई है। फिर भी ये सुधरने को तैयार नही है। क्योंकि मनपाकर्मी मोटी चमड़ी वाले हो गए हैं।

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    BMC,
    बीएमसी ए वार्ड अंतर्गत अवैध पार्किंग की तस्वीर

    BMC का काला कारोबार..

    बड़ा शर्म आता है इन मनपाकर्मीयो पर जो कितने निर्लज्ज है। इनको वसूली के अलावा कुछ नही आता। बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है। बिना टेंडर के अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिसमे वार्ड ऑफिसर और परिरक्षण विभाग के लोग मलाई खा रहे हैं और नागरिक मनपा कार्यालय के धक्के खा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। जो भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आम नागरिकों को ही जूझना पड़ रहा है।

  • आसान नहीं नितिन गडकरी को पार्टी से निकाल फेंकना।

    आसान नहीं नितिन गडकरी को पार्टी से निकाल फेंकना।

    • सादगी के लिए विख्यात गडकरी सच बोलते है।
    • नितिन गडकरी का प्रभाव पूरे महाराष्ट्र में है।
    • महाराष्ट्र के निर्विवाद सबसे बड़े नेता है गडकरी।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    केंद्र की बीजेपी सरकार में पीएम मोदी की कृपा पाने के लिए मंत्री तक हमेशा मोदी के बचाव में अनर्गल प्रलाप करते देखे सुने जाते हैं।
    परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक ऐसे व्यक्तित्व हैं। जिन पर कभी कोई लांछन नहीं लगा। सादगी के लिए विख्यात गडकरी सच बोलते हैं। इसी कारण वे यदा-कदा अपनी ही सरकार की नीतियों का प्रेस के सामने मुखर विरोध करते हैं। तभी उनके पास भारी और खास मंत्रालयों की भरमार है। उनका कद छोटा करने के लिए उनसे अन्य मंत्रालय छीन लिए गए लेकिन परिवहन मंत्रालय का भारी भरकम मंत्रालय आज भी उनके हाथ में है।

    अन्य मंत्रालय छीन लिए जाने का कारण है। उनकी साफ गोई का स्वभाव। वे अपनी ही सरकार के प्रबल आलोचक हैं। जिस कारण गुजरात लॉबी को वे फूटी आंखों में सुझाते हैं।  अगर बस चलता तो कभी का उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया होता। केंद्र सरकार में एकमात्र मंत्री नितिन गडकरी हैं। जो कार्य करने में नंबर वन बन कर आज भी स्थिर हैं। पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पहले थोड़ा मनमौजी स्वभाव के थे। लेकिन मंत्रालय में जगह नहीं मिलने से अब बेवजह प्रेस के सामने आकर बेवजह विलाप करते हुए विपक्षियों पर आरोप मढ़ते रहते हैं। उन्हे याद रखना होगा कि कितनी भी चाटुकारिता कर लें मंत्री पद नही मिलेगी।

    क्या आरएसएस बदलेगी पीएम का चेहरा?

    गडकरी,
    भाजपा परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की फाइल तस्वीर

    नितिन गडकरी का प्रभाव पूरे महाराष्ट्र में है।

    गडकरी महाराष्ट्र के निर्विवाद सबसे बड़े नेता हैं। पक्ष-विपक्ष का कोई भी नेता इनसे किसी भी समय मिल सकता है। वे दूसरे नेताओं को आगे बढ़ाते रहते हैं। इसी कारण वे जहां जनता के लाडले हैं वहीं नेताओं द्वारा समापुजित भी हैं। जब मोदी और शाह आरोपी बाहुबली से भयभीत हैं जो मुश्किल से चार या पांच सीटों पर प्रभाव रखता है तो नितिन गडकरी का प्रभाव पूरे महाराष्ट्र में है। महाराष्ट्र के सभी नेता इनकी प्रशंसा करते हैं। जिसके उलट फड़नवीस  विदेशी शिक्षा लेकर एलिट बने हुए हैं। उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है। सभी से तो मिलते भी नहीं। उनकी शिवसेना पार्टी को तोड़ने में बड़ा हाथ रहा। केंद्र की नजदीकियां इन पर भारी पड़ी।

    महाराष्ट्र सरकार —- हनीमून खत्म

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    सादगी के लिए विख्यात गडकरी सच बोलते है।

    शाह नहीं चाहते कि महाराष्ट्र या किसी राज्य में कोई नेता ऐसा हो पाए जो उनकी पीएम पद की राह में रोड़ा बनें। मोदी के बाद अमित शाह खुद को नंबर दो बनाने पर लगे हुए हैं। यूपी के सीएम योगी की राह में कांटे उनके बिछाए हुए हैं। लेकिन योगी आज भी मोदी के लिए चैलेंज बने हुए है। लगभग बीस लोकसभा सीटों पर उनकी मजबूत पकड़ है। इसलिए अमित शाह उन्हे अपने जाल में कैद नहीं कर पाए हैं। इन सबसे अलग नितिन गडकरी सुयोग्य शासक बनने के गुणों से भरपुर हैं। भाजपा में यदि पीएम पोस्ट के लिए कोई योग्य व्यक्ति है तो नितिन गडकरी हैं। इसीलिए अमित शाह के लिए उनका पत्ता साफ कर पाना बूते से बाहर है। हर नेता गडकरी नहीं बन पाएगा।

  • महाराष्ट्र सरकार —- हनीमून खत्म

    महाराष्ट्र सरकार —- हनीमून खत्म

    • महाराष्ट्र सरकार की राजनीति।
    • दो घड़ों में बट गए बिल्डर लॉबी और कॉरपोरेट।
    • चाणक्य भूल जाते हैं कि लोकसभा की 41 सीटें जीतने में शिवसेना गठबंधन का हाथ था।
    • महाराष्ट्र में बीजेपी दोयम दर्जे से कभी आगे नहीं बढ़ी।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार में यहां भूचाल मचा हुआ है। दो पक्षों की साझेदारी में धीरे-धीरे तनाव उत्पन्न हो रहा है। शिंदे और फडणवीस के बीच तलवारें खिंच चुकी हैं। क्योंकि फडणवीस गृहमंत्री होते हुए भी ठाणे जिले के आईपीएस को हटा नहीं सकते जबकि भाजपा के स्थानीय बड़े नेता का सिर फोड़ दिया गया। यह साझेदारी कब तक चलेगी यह कहा नहीं जा सकता।

    दिल्ली बड़ी बेरहम है। जो कोई सत्ता में आता है, खुद को सम्राट समझने लगता है। वहां का सत्ताधारी कभी भी बर्दास्त नहीं करता, कि उसके साम्राज्य में किसी प्रांत का नेता शक्तिशाली बनकर उसे चुनौती देने की स्थिति में आए। इसीलिए यूपी में भाजपा के स्टार प्रचारक योगी आदित्यनाथ के पर कतर दिए गए। बिना दांत और नाखून के सीएम बना दिए गए। मजबूरी थी केंद्र की क्योंकि योगी आरएसएस के बेहद करीब हैं। सरकार में उनके दाहिने बाएं तो महावत के रूप में उपमुख्यमंत्री रख दिए गए। संगठन में प्रांतीय अध्यक्ष और प्रभारी दिल्ली ने नियुक्त कर योगी को रोक दिया। लेकिन योगी के बगावती तेवर ने उन्हें शक्तिशाली सीएम बना दिया।

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    महाराष्ट्र, सरकार,
    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर

    महाराष्ट्र सरकार की राजनीति ..

    महाराष्ट्र में बकौल पूर्व सीएम फड़णवीस ने ही शिवसेना तोड़ने, शिंदे के साथ अपनी मित्रता निभाने और खुद मुख्यमंत्री बनने के ख्वाब पाले थे। किंतु चाणक्य ने सस्पेंस रखते हुए एकनाथ शिंदे को सीएम बना दिया। फड़नवीस को बेइज्जत करने के लिए उन्हें डिप्टी सीएम बनने को मजबूर कर दिया।
    अब शिंदे और फडणवीस के बीच तलवारें खिंच चुकी हैं। क्योंकि फडणवीस गृहमंत्री होते हुए भी ठाणे जिले के आईपीएस को हटा नहीं सकते। जबकि भाजपा के स्थानीय बड़े नेता का सिर फोड़ दिया गया। शिंदे के प्रभाव के कारण एफआईआर भी नहीं लिखी गई। कितने असहज हो चुके हैं फडणवीस?

    इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल।

    बिल्डर लॉबी,कॉरपोरेट भी दो घड़े में बंट गए हैं। कुछ को शिंदे तो कुछ को फडणवीस का वरद हस्त प्राप्त है। बीजेपी के कार्यकर्ता पीटे जाय। फडणवीस उसके पक्ष में खड़े भी हो जाएं लेकिन शिंदे द्वारा यह कहा जाए कि ठाणे जिले के किसी पुलिस अधिकारी का फडणवीस ट्रांसफर या पोस्टिंग, प्रमोशन नहीं कर सकते। क्योंकि बॉस शिंदे हैं और फडणवीस उनके अधीन हैं। उन्हे शिंदे का आदेश मानना ही पड़ेगा। बेचारे शिंदे करते भी तो क्या ? क्योंकि निरंतर उनका अपमान चाणक्य के फोन आने के बाद किया जाता है।

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    आज हालत ऐसे हैं कि कभी अभिन्न मित्र आज आंख में आंख मिलाकर बात तक नहीं करते। जिसका खामियाजा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बीजेपी को ही भुगतना पड़ेगा। यूपी में लोकसभा की 64 सीटें 2019 में बीजेपी जीती थी। वहां योगी को नीचा दिखाया जा रहा और महाराष्ट्र में कुल 41 लोकसभा सीटें जीतने वाली भाजपा आगामी चुनाव में दहाई तक का आंकड़ा भी नहीं छूने की स्थिति में रह गई है। जिस बालासाहेब ठाकरे ने 2001 के गुजरात दंगे में सीएम मोदी का साथ दिया था। उन्हीं के बेटे उद्धव ठाकरे को चाणक्य ने लहूलुहान कर मोदी के विजय रथ को रोक दिया है। संभव है चाणक्य खुद पीएम की कुर्सी पाना चाहते हों और मोदी को डोमिनेट करने की महत्त्वाकांक्षा रखते हों।

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    महाराष्ट्र के मामले में चाणक्य भूल जाते हैं, कि लोकसभा की 41 सीटें जीतने में शिवसेना गठबंधन का हाथ था और यह भी भूल गए कि महाराष्ट्र में बीजेपी दोयम दर्जे से कभी आगे नहीं बढ़ी। शिवसेना के प्रभुत्व का लाभ बीजेपी को मिलता रहा है। लेकिन उद्धव ठाकरे को चोटिल कर चाणक्य ने भाजपा का महाराष्ट्र में सर्वनाश करने का जुगाड कर लिया है। इससे, सबसे बड़ा नुकसान पीएम मोदी का ही होगा और विधानसभा चुनाव में आने वाले समय में बीजेपी को 288 सीटों में बमुश्किल 20 सीटें ही मिलेंगी। शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की ही आगामी सरकार बनेगी। उसी तरह जैसे यूपी की लोकसभा चुनाव में 40 सीटों पर पेंच फसने से आरएसएस चिंतित है।

  • सनातन धर्म का सत्यानाश कर दिया है मंदिर के पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडित

    सनातन धर्म का सत्यानाश कर दिया है मंदिर के पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडित

    • ढकोसला बंद करें पंडे पुजारी!
    • भगवान जगन्नाथ को गर्मी से बचाने के नाम पर 108 घड़ों से स्नान कराकर शीत पैदा करते हैं पंडे पुजारी।
    • क्या कोविड 19 महामारी में समूची दुनिया पीड़ित रही तो पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडितों ने भगवान जगन्नाथ को काढ़ा पिलाया था?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कण कण में भगवान मिलते हैं। ब्रह्म ही विस्तारित होकर ब्राह्मण बने हैं। परमात्मा ही आत्मा रूप में हर जीवित प्राणियों में अवस्थित हैं। त्रिगुणी माया ब्रह्मा के रूप में रचना करते हैं। विष्णु के रूप में पालन और शंकर या शिव रूप में संहार करते हैं।
    ये मंदिर के पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडितों ने मिलकर सनातन धर्म का सत्यानाश कर दिया है। आज भी इनके ढकोसले यथावत जारी हैं।अतुलित है इनकी माया।

    भगवान जगन्नाथ जिन्हें श्री कृष्ण परमब्रह्म कहा गया है जिसके विग्रह हैं जगन्नाथ।कितना क्रूर मजाक है जो जगत का नाथ है,नियंता है उसे ये पंडे पुजारी बीमार बता देते हैं। बकायदा बीमार पड़ने की तिथि भी इन लोगों ने तय कर दी है। ये पंडे पुजारी भगवान के नियंता बन बैठे हैं। जब हाहते हैं उन्हें बीमार बना देते हैं और पथ्य देने लगते हैं। वाह री इन पंडे पुजारियों और कर्मकांडियों की माया! इनका वश चले तो ये खुद सृष्टि के निर्माता पालन कर्ता और संहारक बन जाएं।

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    ढकोसला, पंडे पुजारी,
    भगवान जगन्नाथ की फाइल तस्वीर

    ढकोसला बंद करें पंडे पुजारी!

    लानत है इनके ढकोसलों पर। गुमराह करते हैं ये भोले भाले भक्तों को एवं उनकी भावनाओं को चोट पहुंचाने से भी नहीं चूकते हैं। ग्रीष्म काल में गर्मी से बचाने के नाम पर 108 घड़ों से स्नान कराकर शीत पैदा करते हैं। फिर शीत लगने से भगवान जगन्नाथ को बीमार बता देते हैं और उन्हें चंगा करने के नाम पर ये धूर्त 15 दिनों तक अपने खुद डॉक्टर बनकर इलाज करते हुए उन्हें तुलसी, काली मिर्च, सोंठ, लौंग और अन्य कथित औषधियों के काढ़ा पिलाने का स्वांग रचते हैं।

    आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ कर देते हैं। है न कमाल! ये पंडे पुजारी जब चाहें भगवान को बीमार कर दें और फिर धनवंतरी वैद्य बनकर उन्हें काढ़ा पिलाकर स्वस्थ कर दें। पता नहीं जब कोविड 19 महामारी में समूची दुनिया पीड़ित रही तो क्या इन्होंने भगवान जगन्नाथ को काढ़ा पिलाया था या नहीं? शायद भगवान जगन्नाथ इनके गुलाम हो गए हैं। जो इनके निर्देश पर बीमार होते हैं फिर स्वस्थ हो जाते हैं।

    मजेदार बात यह है, कि इन पंद्रह दिनों यानी आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को भगवान जगन्नाथ बीमार होकर पूरे पंद्रह दिनों तक सोते रहते हैं और फिर काढ़ा पीकर स्वस्थ हो जाते हैं। क्यों नहीं सरकार इन्हें भगवान जगन्नाथ के मंदिरों से हटाकर मेडिकल प्रेक्टिस कराती जो बीमारों को अस्पताल में नहीं जाने देंगे और काढ़ा पिलाकर स्वस्थ कर देंगे। देश का अरबों रुपया जो चिकित्सा पर व्यय होता है उसे बचाया जा सकता है।
    सच तो यह है कि पंद्रह दिनों तक भक्तों को। भगवान के दर्शन पूजन से वंचित रखने वाले सत्य से भागे हुए हैं।

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  • मुंबई पुलिस कर रही है लुटेरी दुल्हन की तलाश, एजंट हुआ गिरफ्तार।

    मुंबई पुलिस कर रही है लुटेरी दुल्हन की तलाश, एजंट हुआ गिरफ्तार।

    सुहागरात के दिन ही गहनें और रुपये लेकर दुल्हन हुई फरार। शादी कराने वाला एजेंट गिरफ्तार। लेकिन फरार दुल्हन का मुंबई पुलिस अब भी कर रही है तलाश..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड पुलिस स्टेशन सै हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां शादी के बाद सुहागरात के दिन दुल्हन दूल्हे के घर से सोने के गहनें और कैश लेकर फरार हो गई। पुलिस ने शादी कराने वाले एजेंट को मालाड के एसवी रोड से गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात की रहने वाली 30 साल की आरोपी दुल्हन का नाम आशा गायकवाड़ बताया जा रहा है। जबकि दूल्हा भी गुजरात के दमन का ही रहने वाला है।

    Kandivali East Shocker: चाकू लेकर दहशत फैलाने वाला Bala Patil गिरफ्तार, पुलिस की देरी पर उठे सवाल!

    मालाड पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई रविन्द्र अडाने ने बताया कि पीड़ित दुल्हे की शादी नही हो रही थी। इसके लिये दूल्हे के परिवार वालों ने शादी कराने वाले एजेंट की मदद से लड़की की तलाश की। 29 मार्च 2022 को मालाड पुलिस स्टेशन की हद में दोनो की धूमधाम से शादी हुई। शादी के दूसरे ही दिन जब सुहागरात थी, उसी दिन दुल्हन सुहागरात के बाद फरार हो गई। दुल्हन अपने साथ दूल्हे के घर मे रखे करीब डेढ़ लाख रुपये और 4 तोला सोने के गहनें लेकर चंपक हो गई।

    पुलिस ने बताया कि 28 साल का शिकायतकर्ता दूल्हा ऋषभ मेहता प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। मालाड एसवी रोड के पास में रहता है। दोनो की शादी एजेंट कमलेश कदम ने करवाई थी। जिसके बदले कमलेश ने दूल्हे के परिवार से करीब 15 हजार रुपये कमीशन लिया था। वही लड़की पक्ष की तरफ से भी एक एजेंट है, जो दोनो ने मिलकर शादी करवाई थी।

    Mumbai: आर्थर रोड जेल में कैदी का उत्पात, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर हमला

    सुहागरात के दिन ही लुट गया दूल्हा, दुल्हन हुई फरार।

    सुहागरात, दुल्हन,
    गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पीएसआई दिगंबर लेंगरे, हवलदार गुजर, सिपाही गावड़े, कोली, बोधले ने मिलकर आरोपी दुल्हन और एजेंट की तलाश शुरू कर दी। दोनो की शादी की फ़ोटो ग्राफ और मोबाइल लोकेशन के आधार पर शादी कराने वाला एजेंट कमलेश कदम की गिरफ्तारी हो चुकी है।

    कमलेश ने बताया कि वह लड़की को बहुत ज्यादा नही जानता है। लेकिन लड़की को शादी करनी थी इसलिए वह दोनो को मिलवाकर अपना कमीशन ले लिया। बहरहाल पुलिस दुल्हन की तलाश कर रही है। क्योंकि दुल्हन ने और ऐसे कितनी शादी कर दूल्हे को चुना लगाया होगा। जानकारी के अनुसार दुल्हन ने शादी के लिए अपना डुप्लीकेट नाम का इस्तेमाल भी किया है। असली नाम कुछ और भी हो सकता हैं। इसलिए पुलिस को उसकी तलाश में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    Mumbai Borivali east murder case
  • क्या आरएसएस बदलेगी पीएम का चेहरा?

    क्या आरएसएस बदलेगी पीएम का चेहरा?

    • भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।
    • चुनावी सर्वे में मोदी मैजिक खत्म होने के संकेत।
    • गुजरात लॉबी केवल दो उद्योगपतियों के लिए कर रही है काम।
    • पूर्व राज्यपाल ने चालीस जवानों के हत्या की कथित साजिश का किया खुलासा।
    • आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार की संभावना।
    • कांग्रेस का दामन थाम रहे बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    आसार तो यही नजर आ रहे हैं, कि अब मोदी मैजिक खत्म हो रहा है। जिस तरह मोदी के चेहरे पर दो बार लोकसभा और अन्य कई राज्यों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में दो बार मोदी चेहरे ने प्रचंड जीत दिलाई थी। उसके आसार खत्म होने के संकेत चुनावी सर्वे में मिलने लगे हैं। मोदी का चेहरा, हिंदुत्व कार्ड, हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान की बार-बार रट अब नहीं चलने वाली है। अहम बात यह कि ऐसा क्यों हो रहा?कारण अनेक हैं जिनमें एक कारण है गुजरात लॉबी द्वारा खुद को बीजेपी, सरकार और देश समझने की भ्रांति।

    पूरे देश को लगने लगा है कि जिस तरह देश की विरासतें जिन्हें पिछले सत्तर वर्षों में अथक श्रम से निर्मित किया गया था उसे एक झटके में खत्म करने के लिए औने-पौने दाम पर केवल दो गुजराती व्यापारियों को बेचने के कारण जनता समझने लगी है कि गुजरात लॉबी केवल उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। पिछले समय में अडानी पर हिडेनबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट शंकाएं पैदा करने लगा है।

    गुजरात लॉबी..

    चालीस जवानों की हत्या की कथित साजिश जिसको लेकर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खुलासे किए हैं, जो बेहद शर्मनाक हैं। गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश ने दो बार 80 लोकसभा सीटों में अधिकतम सीटें दिलाने वाले राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ के उपर जिस तरह से गुजरात लॉबी ने दूसरे दलों के लोगों को डिप्टी सीएम बनाकर योगी को बांध दिया गया और गुजरात लॉबी ने योगी को अपंग बनाने के लिए संगठन में प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी नियुक्त किए उससे योगी समर्थकों में मायूसी होने से यूपी की चालीस सीटों पर पेंच फंस गया है।

    आसान नहीं नितिन गडकरी को पार्टी से निकाल फेंकना।

    भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।

    कर्नाटक में बुरी तरह हार हुई है। सर्वे बताते हैं, कि आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार संभावित है। जिस तरह बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग कांग्रेस का दामन थाम रहे, जिस तरह बीजेपी से मोह भंग होने के कारण बीजेपी छोड़ रहे है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार सुनिश्चित लगने के बाद आरएसएस को चिंता में डाल दिया है।

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    आरएसएस समझ चुका है कि मोदी अब रेस जीतने वाले नहीं रहे इसलिए वह मोदी के स्थान पर दूसरा चेहरा आगे लाने पर विचार कर रहा है। जिसे देखकर स्पष्ट है कि अब गुजरात लॉबी के दिन खत्म होने वाले हैं। यद्यपि नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुस्लिमों को साधने में लगे हैं लेकिन इतना तय है कि भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।