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मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत।
मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
घटना की हकीकत क्या है?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)
गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)
मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास… (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास
मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा
मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
इन कामो को किया जाएगा
मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।
लेजर लाइट का इस्तेमाल
मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
BMC का नोटिस जारी
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)
महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।
मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
धोखे से शादी
सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
सांप्रदायिक सोच
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
पक्षपात का आरोप
मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एसपी के आदेश पर रेत तस्करों के खिलाफ छेड़ी मुहिम। 5 ट्रक और ट्रैक्टर सहित पुलिस ने किया 74 लाख रुपये का माल जब्त। जुगार और गांजे के खिलाफ धरपकड़
जानकारी के मुताबिक राजुरा पुलिस थाना क्षेत्र में रेत तस्करी करने वाले 5 ट्रैक्टर और रेत समेत कुल 37 लाख 19 हजार रुपए का माल और भद्रावती पुलिस थाना अंतर्गत 1 ट्रैक्टर रेत समेत कुल 6.60 लाख रुपये का माल और विरुर पुलिस थाना अंतर्गग एक ट्रक और चोरी की रेत ऐसे 22.20 लाख रुपए का माल, पडोली पुलिस थाना अंतर्गत एक ट्रैक्टर चोरी की रेत ऐसे कुल 8 लाख 5 हजार रुपए का माल ऐसे कुल 8 वाहन और अवैध रेत समेत 74 लाख 4 हजार रुपए का माल जब्त किया है। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)
जिले में सट्टा पट्टी के माध्यम से जुआ खेलने और गांजे की बिक्री जैसे अवैध धंधों के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने जगह-जगह छापामारी करते हुए लगभग 31 हजार रुपए का माल जब्त किया है। स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने सप्ताहभर में यह कार्रवाई की है। इसके अंतर्गत चिमूर पुलिस थाना अंतर्गत 2, मूल में 2, माजरी, चंद्रपुर शहर और दुर्गापुर अंतर्गत एक-एक आरोपी और कोरपना अंतर्गत शंकरपट में झंडा मुंडी से जुआ चला रहे एक आरोपी और रामनगर के अंतर्गत जुआ खेलने वाले 5 ऐसे कुल 15 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित पुलिस स्टेशनों में महाराष्ट्र जुआ अधिनियम अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)
इसी प्रकार रामनगर, सावली, वरोरा, बल्लारपुर, भद्रावती और चंद्रपुर शहर अंतर्गत गांजा पीने वाले 12 आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत अपराध दर्ज किया गया हैं। पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है, कि कही भी अवैध जुआ, नशीले पदार्थो की बिक्री या उपयोग करने वालों की सूचना देने के लिए 112 क्रमांक पर संपर्क कर सकते है। सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखे जाते हैं। (Maharashtra Goods worth Rs 74 lakh including sand laden truck and tractor seized in Chandrapur)
महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन
मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं
अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)
Money Laundering Case: ED ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) धोखाधड़ी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। जहां से अहम दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के सबूत जब्त किए गए। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED Raid In Mumbai: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत मुंबई के 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये कार्रवाई रियाल्टो एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड, पुष्पक बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, चंद्रकांत पटेल और बाकी के खिलाफ न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) के साथ धोखाधड़ी के मामले में की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिनमें अचल संपत्ती और बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां शामिल है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
ED को जानकारी मिली थी कि ये कंपनियां और आरोपी मिलकर कई बैंकों से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर कर्ज ले रहे थे और फिर धनराशि को अलग-अलग कंपनियों और खातों में ट्रांसफर कर देते थे। इस घोटाले में कुछ बैंक अधिकारियों की भी संलिप्तत होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
छापेमारी मैं क्या मिला ?
ED की टीम ने छापेमारी के दौरान कई अहम सबूत जुटाए हैं जिनमें बड़ी धनराशि, संपत्तियों के डॉक्यूमेंट्स और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
देश में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे मामलों के बाद भी कई कंपनियां और कारोबारी बैंकों से लोन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करने में कामयाब हो रहे हैं। सरकार और जांच एजेंसियां लगातार इन पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं। तब पर भी बैंक से धोखाधड़ी के मामले कम नही हो रहे हैं। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
आरोपियों की गिरफ्तारी
ED के अधिकारी इस घोटाले में शामिल सभी बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके तहत आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। साथ ही संबंधित कंपनियों की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई से बैंकिंग सेक्टर में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जा रहा है। (Mumbai Bank Fraud ED raids 12 locations, bank fraud exposed)
मुम्बई: न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) में 122 करोड़ रुपये का घोटाला लोगों को हैरान और परेशान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हितेश प्रवीणचंद मेहता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। खबर के मुताबिक, हितेश प्रवीणचंद मेहता ने 2020 से 2025 तक अपने पद पर रहते हुए पैसों की हेराफेरी की है। जबकि, मेहता के पास दादर और गोरेगांव की ब्रांच का प्रबंधन का काम था। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
किसने की शिकायत?
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के चीफ अकाउंट ऑफिसर ने दादर पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में मेहता के दोस्त भी शामिल हैं। इसलिए पूरे मामले की जांच मुम्बई पुलिस के ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय सहिंता 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
आरबीआई का एक्शन
शिकायतों और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस बैंक पर कड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को आरबीआई ने इस बैंक पर बिना सेंट्रल बैंक की मंजूरी के लोन देने या फिर उसके नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। साथ ही नई जमाराशि को जमा करना या फिर भुगतान करने पर भी आरबीआई ने बैन लगाया है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
एक दिन बाद ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को हटाने का फैसला किया। वहीं, बैंक के संचालन का जिम्मा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व महाप्रबंधक श्रीकांत को सौंपा है। इनकी मदद के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमेटी बनाई है। जिसमें एसबीआई के पूर्व एमडी रवींद्र सपरा और चार्टेड अकाउंटेंट अभिजीत देशमुख शामिल हैं। बता दें, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने बयान में कहा, कि बैंक का प्रशासन मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से हस्ताक्षेप करना पड़ा है। (A Mumbai bank embezzled Rs 122 crore, case registered in police Station, RBI action)
मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक 35 वर्षीय महिला को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) नियमों में कुछ तकनीकीताओं के बावजूद अपनी 25-सप्ताह की गर्भावस्था को अपनी पसंद के निजी अस्पताल में समाप्त करने की अनुमति दे दी, जो निजी संस्थानों को 24 सप्ताह से अधिक के गर्भधारण के लिए ऐसी प्रक्रियाएं करने से रोकता है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
भ्रूण के दिल की धड़कन
महिला मुंबई के मालाड इलाके में अपने चुने हुए निजी अस्पताल में गर्भपात कराना चाहती थी, और उसने गर्भपात के तरीकों के संबंध में केंद्र द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए प्रक्रिया करने वाले एक डॉक्टर से अनुमति मांगी। राज्य सरकार ने भी केंद्र के इन दिशानिर्देशों को अपनाया है और ऐसी स्थिति में भ्रूण की दिल की धड़कन को रोकने का प्रावधान किया है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने निजी अस्पतालों से जुड़े एमटीपी नियमों के कानूनी मुद्दे पर विचार किया। हालांकि, इमर्जेंसी को देखते हुए, पीठ ने याचिकाकर्ता को निजी अस्पताल से एक हलफनामा प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया हो कि उनके पास प्रक्रिया करने के लिए सभी सुविधाएं हैं। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
वर्तमान एमटीपी नियम निजी संस्थानों को केवल 24 सप्ताह तक के गर्भपात करने की अनुमति देता है। नियमों के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो निजी अस्पतालों को 24-सप्ताह की सीमा से ज्यादा वाले गर्भ को समाप्त करने के लिए मंजूरी लेने की अनुमति देता हो, इस वजह से याचिकाकर्ता अपनी पसंद के अस्पताल में गर्भपात की प्रक्रिया को सुरक्षित करने में असमर्थ हो गई थी। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
गर्भवती की जान बचाना जरूरी
याचिकाकर्ता के वकील, मीनाज़ काकालिया ने तर्क दिया कि महिला को अस्पताल चुनने की अनुमति दी जानी चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा जारी मार्गदर्शन बिंदुओं के अनुसार अपनी पसंद की गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने 20 सप्ताह से अधिक के गर्भपात से जुड़े मामलों के लिए मार्गदर्शन बिंदु का उल्लेख किया, जो भ्रूण को जीवित प्रसव से बचाने के लिए यदि आवश्यक हो तो भ्रूण के दिल की धड़कन को रोकने की अनुमति देता है। काकालिया ने आगे बताया, कि “यह प्रक्रिया ऑपरेशन गर्भपात प्रक्रिया के हिस्से के रूप में उपलब्ध होनी चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने अनुरोध किया, कि “अदालत निजी चिकित्सा व्यवसायी को इन दिशानिर्देशों का पालन करने की अनुमति दे।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
सरकारी सर जे जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स और ग्रांट मेडिकल कॉलेज के एक मेडिकल बोर्ड ने महिला के मामले की समीक्षा की थी और पाया था कि भ्रूण कुछ विसंगतियों से ग्रस्त था। अभी के लिए, अस्पताल के हलफनामे में कहा गया है कि उनके पास गर्भपात के लिए आवश्यक मंजूरी है और उनके पास आक्रामक प्रक्रियाओं सहित सोनोग्राफी करने के लिए सभी सुविधाएं हैं, और उन्हें एमटीपी नियमों के अनुसार पूर्व-गर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन पर प्रतिबंध) अधिनियम, 2003 के तहत लाइसेंस प्राप्त है। (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
कोर्ट ने क्या कहा?
पीठ ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता की प्रजनन स्वतंत्रता के अधिकार, शरीर पर उसकी स्वायत्तता और पसंद के अधिकार, याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों और राय पर विचार करने के बाद, हम याचिकाकर्ता को गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति देते हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी इच्छा का संकेत दिया है कि प्रसव प्रक्रिया आदि उसकी अपनी पसंद के अस्पताल में की जाएगी। हम उसे ऐसा करने की अनुमति देते हैं।” (Now pregnant woman can get abortion even after 25 weeks- Bombay High Court)
Mumbai के मालाड़ में एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम ने पुलिस को हैरान कर दिया है। एक साढ़े तीन साल की स्कूली छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके प्राइवेट पार्ट को शैतान ने छुआ। इस मामले की जांच में डॉक्टरों के साथ फोरेंसिक डिपार्टमेंट भी जांच कर रही है। हालांकि की पुलिस को सीसीटीवी कैमरे भी कुछ नही दिखा।
Digital Desk: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई के मालाड़ इलाके में एक मासूम के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इस मामले में मालाड़ पश्चिम की बांगूरनगर पुलिस एक ऐसे शैतान की तलाश कर रही है, जिसको पकड़ना मुश्किल साबित हो सकता है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो कानून के तहत मामला तो दर्ज किया। लेकिन अभी तक घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरों से सुराग नहीं मिला। शैतान पर आरोप है कि उसने एक मालाड़ के एक स्कूल में एक बच्ची का यौन उत्पीड़न किया है। बच्ची महज़ साढ़े तीन साल की है।
बंगुर नगर पुलिस ने स्कूल के अंदर और बाहर लगे हर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की है, लेकिन ऐसी कोई घटना कैद नहीं हुई है। जब मां ने पीड़ित बच्ची से पूछा कि यह किसने किया, तो उसने कहा कि एक शैतान था, जिसने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को छुआ।
प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत
पुलिस स्रोतों के मुताबिक, पीड़िता साढ़े तीन साल की है और वह मालाड़ पश्चिम के एक मशहूर इंटरनेशनल स्कूल में नर्सरी कक्षा की छात्रा है। बुधवार की शाम स्कूल से घर लौटने के बाद, उसने अपने प्राइवेट पार्ट में दर्द की शिकायत की, उसे जांच के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि संक्रमण की वजह से दर्द हो रहा है, लेकिन जब घर आकर पीड़िता की मां ने उससे पूछा तो उसने कहा कि एक ‘शैतान‘ ने उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ था।
एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी इस शिकायत की जांच की और उन्होंने भी ऐसे ही संकेत दिए। इसके बाद, डॉक्टर ने इस मामले की जानकारी बंगुर नगर पुलिस को दी।
शैतान ने छुआ
एक अधिकारी ने कहा, “हमने पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के अनुसार, एक पुलिस टीम ने स्कूल का दौरा किया। सीसीटीवी फुटेज को पूरी तरह से जांचा, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।”
पुलिस ने बताया, कि सीसीटीवी कैमरे मे “बच्ची को एक महिला देखभालकर्ता के साथ बाथरूम जाते हुए देखा गया और बाद में लगभग 7 से 8 अन्य बच्चों के साथ लौटते हुए देखा गया। हमने फिर देखरेख करने वाले और कुछ अन्य कर्मचारियों को लड़की के सामने पेश किया और पूछा कि क्या उनमें से किसी ने कुछ किया है। हालांकि, लड़की ने इनकार किया और फिर थोड़ा पूछने पर कहा कि एक “राक्षस” ने उसके निजी अंगों को छुआ।”
निजी अंगों में हुआ संक्रमण
बच्ची को कूपर अस्पताल में चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया। डॉक्टर की राय के अनुसार अब तक, निजी अंगों पर दाने शायद एक संबंधित संक्रमण के कारण थे और यह दवा लेने के बाद कम हो गए। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए, हम इसे हर संभव तरीके से जांच कर रहे हैं। बच्ची के कपड़े फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।”
बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल ठाकरे ने कहा, “हमने बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।”