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  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • दाऊद इब्राहिम का करीबी दानिश चिकना गिरफ्तार

    दाऊद इब्राहिम का करीबी दानिश चिकना गिरफ्तार

    दानिश मर्चेंट की डोंगरी में एक अवैध ड्रग यूनिट है जो दाऊद इब्राहिम से जुड़ी हुई है। पिछले महीने 2 व्यक्तियों (मोहम्मद आशिकुर सहीदुर रहमान और रेहान शकील अंसारी) की गिरफ्तारी हुई थी। इसी सिलसिले में दानिश की गिरफ्तारी हुई है। दानिश मुंबई के कई इलाकों में हत्या का मुख्य आरोपी भी रह चुका है। (Dawood Ibrahim’s close aide Danish Chikna arrested)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ड्रग्स ऑपरेटर के मामले में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के सहयोगी एवं कई हत्या के मामलों मे मुख्य आरोपी दानिश मर्चेंट उर्फ ​​दानिश चिकना को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मर्चेंट के सहयोगी कादर गुलाम शेख की भी गिरफ्तारी हुई है। दानिश मर्चेंट की डोंगरी में एक अवैध ड्रग यूनिट है जो दाऊद इब्राहिम से जुड़ी बताई गई है। पिछले महीने 2 व्यक्तियों (मोहम्मद आशिकुर सहीदुर्रहमान और रेहान शकील अंसारी) की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद से दानिश चिकना को पुलिस तलाश कर रही थी। (Dawood Ibrahim’s close aide Danish Chikna arrested)

    कैसे हुआ क्राईम का खुलासा?

    खबर के मुताबिक, पिछले महीने 8 नवंबर को आरोपी सहीदुर्रहमान को मरीन लाइन स्टेशन के इलाके से गिरफ्तार किया गया था। सहीदुर्रहमान पास से 144 ग्राम ड्रग बरामद की गई थी। इसे लेकर पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रेहान शकील से ड्रग्स खरीदी थी। इस पर ऐक्शन लेते हुए पुलिस ने तुरंत रेहान शकील को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 55 ग्राम ड्रग्स बरामद हुआ। उसने बताया कि रहमान और उसके पास से मिले कुल 199 ग्राम ड्रग्स को दाऊद इब्राहिम के करीबी दानिश चिकना से खरीदा था। दानिश मुंबई के विभिन्न हिस्सों में दर्ज लगभग छह हत्या के मामलों में मुख्य आरोपी है। (Dawood Ibrahim’s close aide Danish Chikna arrested)

    दाऊद इब्राहिम की ड्रग फैक्ट्री

    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने साल 2019 में डोंगरी इलाके में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की ड्रग फैक्ट्री का भांडाफोड़ किया था। इस दौरान करोड़ों रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया गया था। इसके बाद साल 2021 में दानिश मर्चेंट को राजस्थान पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। जांच मे दानिश की गाड़ी से भारी मात्रा में ड्रग्स मिला था। दानिश ‘चिंकू पठान मॉड्यूल’ का हिस्सा रहा है। एनसीबी ने जब उसके ड्रग्स मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया तो वह राजस्थान भागने की फिराक में था। लेकिन एसीबी ने राजस्थान पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। (Dawood Ibrahim’s close aide Danish Chikna arrested)

  • Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है। हर बार मनपा के सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुंबईकरो पर एक और अतिरिक्त कचरा टैक्स का बोझ डालने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा मुंबईकरों पर नया टैक्स लगाने का विरोध कर रही है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    इस्माईल शेख
    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (Mumbai BMC)  द्वारा मुंबईकरों पर कचरा शुल्क के रूप में न्यूनतम 100 रूपए से लेकर 1 हजार रुपये तक का टैक्स वसूलने का निणर्य लिया है। मनपा लोगों से घरो के क्षेत्रफल के अनुसार कचरा टैक्स (Garbage tax) लेने के निणर्य पर विचार कर रही है। मनपा के इस निणर्य पर भाजपा की ओर से मनपा नेता (BMC Leader) रहे विनोद मिश्रा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि “मनपा लोगो को अच्छी तरह से साफ़ सफाई की सुविधा नहीं दे पा रही है। हर बार मनपा का सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है।” इसी कड़ी में मनपा के निर्णय को लेकर शिवसेना नेता और पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्या है मामला?

    मिल रही जानकारी के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कचरे का निपटारा करने में बढ़ते खर्च और मुंबई के लोगों को साफ़ सफाई की अच्छी सुविधा देने के नाम पर मुंबई के लोगो पर अतिरिक्त कचरा टैक्स लगाने का निणर्य लिया है। मनपा के इस निणर्य का भाजपा के नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि मुंबईकरो पर एक नया टैक्स लगाने का निणर्य कम से कम इस समय नही लिया जाना चाहिए। जबकि इस समय मनपा में निर्वाचित प्रतिनिधि है ही नही। शहर में चुनाव होने अभी बाकी है और चुनावी नतीजों के बाद ही मनपा प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। जनप्रतिनिधि को सुनने के बाद ही मनपा को फैसला करना चाहिए। नही तो ये मुंबईकरो के खिलाफ होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्यों हो रहा है मनपा का विरोध?

    विनोद मिश्रा ने कहा, मनपा में आने वाले नए अधिकारी नया नया प्रयोग करते है। अधिकारी मनपा को अपनी पाठशाला बना लेते है। मुबंई का सफाई का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। मनपा सिर्फ ठेकेदारों में बंध कर रह गई है। उन्होंने कचरा टैक्स लगाए जाने का विरोध करते हुए मनपा को कचरा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को दूर कर अपना पैसा बचाने पर जोर देना को कहा है। उन्होंने कहा, मुबंई की जनता पर टैक्स का नया बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। मनपा के पूर्व विरोधी नेता रहे भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष रविराजा ने मनपा द्वारा कचरे पर टैक्स लगाए जाने के समय को लेकर विरोध जताया है। रविराजा ने कहा कि मनपा में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है ऐसे में इस तरह का निणर्य लेना उचित नहीं होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

  • स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों की वापसी और मुश्किलें मुंबई से बाहर तबादला

    स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों की वापसी और मुश्किलें मुंबई से बाहर तबादला

    महाराष्ट्र में चुनाव के चलते पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। अब उनके वापसी में रोढा उत्पन्न हो गया है। हालांकि 155 पुलिस अधिकारियों ने मुंबई शहर में वापसी कर ली है। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव से पहले राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा मुंबई शहर से बाहर स्थानांतरित किए गए 161 पुलिस निरीक्षकों में से 155 को फिर से मुंबई शहर में स्थानांतरित कर दिया गया है। लेकिन अकोला, लातूर और नागपुर में स्थानांतरित किए गए 10 से 15 पुलिस अधिकारी कार्यभार संभालने के बाद छुट्टी पर चले गए थे। इसलिए, महानिदेशक कार्यालय ने उन्हें अपने पुराने स्थानों पर रिपोर्ट करने तक मुक्त करने से इन्कार कर दिया है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने 30 अक्टूबर को कुल 333 पुलिस निरीक्षकों का तबादला किया था। इनमें से मुंबई पुलिस बल में कार्यरत 161 अधिकारियों को मुंबई से बाहर स्थानांतरित किया गया था। इनमें से कुछ अधिकारियों ने एमएटी और कुछ ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    पुलिस महानिदेशक छुट्टी पर ..

    पुलिस निरीक्षकों के अलावा महाराष्ट्र में चुनाव से पहले पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला को छुट्टी पर भेज दिया गया था। विधानसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद, शुक्ला को डीजीपी के रूप में वापस लाया गया और अंततः 11 दिसंबर को, महाराष्ट्र पुलिस ने एक आदेश जारी किया जिसके तहत मुंबई शहर पुलिस के 155 अधिकारी, जिन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था, उन्हें मुंबई पुलिस में वापस लाया गया। एक बार आदेश जारी होने के बाद, अगला कदम इन अधिकारियों को उनकी पोस्टिंग के संबंधित मुख्यालय द्वारा कार्यमुक्त करना था। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    पोस्टिंग के बाद छुट्टी पर चले गए ..

    चुनाव के बाद मुंबई से बाहर स्थानांतरित हो चूके पुलिस अधिकारी मुंबई लौटने की उम्मीद कर रहे थे। आखिरकार, राज्य पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को 215 पुलिस निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए। जिसमें मुंबई से बाहर के 155 अधिकारी वापस आ गए। इस बीच, राज्य पुलिस बल में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, अपराध जांच विभाग और नागरिक अधिकार संरक्षण जैसे विभागों से मुंबई में तैनात 112 पुलिस निरीक्षकों में से 60 अधिकारियों को स्वेच्छा से उनकी पुरानी पोस्टिंग पर वापस भेज दिया गया और उन लोगों ने जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। लेकिन उसके बाद वे अधिकारी छुट्टी पर चले गए। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    तबादले का कारण क्या था ?

    चुनाव आयोग के दिशानिर्देशानुसार, जो भी पुलिस अधिकारी पिछले चार वर्षों में तीन साल से अधिक समय तक एक ही आयुक्तालय में रहे हैं या यदि वे अपने गृह जिले में तैनात हैं, तो चुनाव के मामले में उन्हें स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि वे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल न कर सकें। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

  • Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    महाराष्ट्र के पीसे पंपिंग स्टेशन में ट्रांसफार्मर उड़ने की वजह से 6 मोटर पंप बंद हो गए हैं। जिसकी युद्ध स्तर पर रिपेयरिंग का काम चल रहा है। 15 दिसंबर तक कार्य पूरा होने की संभावना है। तबतक मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी इलाके में 15% पानी की कटौती रहेगी। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    इस्माईल शेख
    महाराष्ट्र-
    पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 बी फेज का करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार आधी रात के करीब अचानक खराब हो गया। इसके कारण पीसे पंपिंग स्टेशन में चल रहे कुल 20 पंपों में से 6 पंप बंद हो गए हैं। छह पंपों का मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इसकी जानकारी के मुताबिक, मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को जारी रहेगा। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में पानी की कटौती

    पंपिंग स्टेशन के मरम्मत कार्य के कारण मुंबई शहर, उपनगरों, ठाणे और भिवंडी में पानी की आपूर्ति 15 प्रतिशत कम रहने वाली है। मुंबई महानगरपालिका के पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 का बी फेज करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार 13 दिसंबर को रात करीब 1 बजे अचानक खराब हो गया। पीसे पंपिंग स्टेशन में कुल 20 पंपिंग मोटर पंप लगे हैं। इनमें से छह पंपिंग पंप काम नहीं कर रहे हैं। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    खबर मिलते ही महानगरपालिका ने बंद पड़े छह पंपिंग पंपों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। पंपों की मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को भी जारी रहेगा। इसके चलते 14 और 15 दिसंबर को मुंबई शहर और उपनगरों में 15 प्रतिशत पानी की कटौती की गई है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    BMC का पानी सप्लाई

    मुंबई महानगरपालिका ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाकों में भी पीसे डैम से पानी की आपूर्ति करती है। छह पंपिंग पंप बंद होने के कारण मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में भी पानी की आपूर्ति में 15 प्रतिशत कटौती की गई है, ऐसी जानकारी महानगरपालिका के अधिकारियों ने दी। एहतियात के तौर पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन ने नागरिकों से 14 और 15 दिसंबर के दौरान पानी का कम और सावधानी से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    कहां-कहां होगी पानी की कटौती?

    मरम्मत कार्य के कारण मुंबई महानगरपालिका 14 दिसंबर से 15 दिसंबर तक ठाणे महानगरपालिका को होने वाली जलापूर्ति में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसके कारण ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र के नौपाड़ा, पचपाखड़ी, बी-केबिन, महागिरी, कोपरी, आनंदनगर, गांधीनगर, हजूरी, किसाननगर, लुइसवाड़ी, अंबिका नगर इलाकों में रविवार 15 दिसंबर तक जलापूर्ति कम रहेगी। एहतियात के तौर पर महानगरपालिका प्रशासन ने लोगों से इस दौरान सहयोग करने और पानी का संयम से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

  • Parbhani Violence: पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे

    Parbhani Violence: पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे

    Parbhani Violence : डॉक्टर बालासाहेब आंबेडकर के अनुयायी संविधान के अपमान को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को देखते हुए परभणी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। (Parbhani Violence, Police lathicharged, fired tear gas shells)

    Violence in Parbhani Maharashtra: महाराष्ट्र के परभणी में संविधान के अपमान को लेकर बुधवार को हिंसा भड़क गई। इस दौरान उपद्रवियों ने जमकर आगजनी की और तोड़फोड़ भी किया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। फ़िलहाल शहर में तनाव के बीच माहौल शांत हो गया है। यहां शहर की पुलिस के अलावा दंगा नियंत्रण बल तैनात किया गया है। पूरा शहर पुलिस की छावनी में तब्दील हो गया है। (Parbhani Violence, Police lathicharged, fired tear gas shells)

    कहां हुई घटना ?

    बताया जा रहा है कि परभणी शहर में कलेक्टर कार्यालय के पास, रेलवे स्टेशन के नजदीक लगी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति के सामने रखी संविधान की प्रति को मंगलवार शाम किसी शख्स ने क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के विरोध में आज यानी बुधवार सवेरे से ही परभणी शहर में बंद का ऐलान किया गया था। इस दौरान हिंसा भड़क उठी। (Parbhani Violence, Police lathicharged, fired tear gas shells)

    मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर बीआर अंबेडकर की मूर्ति के पास रखी संविधान की प्रति को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस वजह से अंबेडकर अनुयायी बेहद गुस्से में हैं और शहर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे है। कई इलाकों में नाराज लोग सड़कों पर उतर आये है। (Parbhani Violence, Police lathicharged, fired tear gas shells)

    गिरफ्तारी के लिए दी चेतावनी ..

    वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने चेतावनी देते हुए कहा, कि 24 घंटे के भीतर अगर उपद्रवियों की गिरफ्तारी नही हुई तो इसका अंजाम भुगतान पडेगा। उन्होंने कहा, कि “परभणी में जातिवादी मराठा उपद्रवियों द्वारा बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ रखी भारतीय संविधान को क्षतिग्रस्त करना बेहद शर्मनाक है। यह पहली बार नहीं है कि बाबा साहब की मूर्ति या दलित अस्मिता के प्रतीक के साथ ऐसा किया गया है। वीबीए परभणी जिले के कार्यकर्ता सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और उनके विरोध के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और एक उपद्रवी को गिरफ्तार किया। मैं सभी से कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध करता हूं। अगर अगले 24 घंटे के अंदर सभी उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो परिणाम भुगतना होगा।” (Parbhani Violence, Police lathicharged, fired tear gas shells)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    Mumbai BMC Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें देखने को मिल रही है। वहीं शिवसेना उद्वव गुट की ओर से मनपा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए जा रहे हैं। शिवसेना में गुटबाजी और चुनावी परिणाम के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने यहां की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ बीजेपी महाराष्ट्र की एक बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई है, तो वहीं महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। उद्वव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी मुंबई के लोकल चुनावों में अकेले लड़ सकती है। राज्य में महायुति की प्रचंड जीत के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? जबकि शिवसेना के बागी नेताओं ने शिंदे गुट के साथ मिलकर हद से ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर कर लिया है। इसी के साथ जाने मुंबई BMC इलेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन की भारी जीत ने महाविकास अघाडी गठबंधन को हाशिए पर धकेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, एनसीपी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी एवं अन्य छोटे दलों के महाविकास अघाडी गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे विपक्ष नेता पद के लिए स्पीकर से गुहार लगानी पड़ेगी। वहीं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल करते हुए, राज्य में महाविकास अघाडी गठबंधन के विजयी विधायकों ने अभी तक शपथग्रहण नहीं किया है। ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी के आरोप लगा रहे हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है लेकिन इस बीच अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों में चर्चा है कि बीजेपी जल्द से जल्द बीएमसी चुनाव करवा सकती है। राज्य में महानगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव लगभग 3 सालों से रुके हुए हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    2022 में होना था BMC चुनाव

    मुंबई में बृहन्मुंबई नगर पालिका चुनाव (Bmc Election) साल 2022 से टल रहे है। 2017 में मुंबई महानगर पालिका और ठाणे नगरपालिका में शिवसेना का ही दबदबा देखने को मिला था। ठाणे की 131 सीटों में 67 पर शिवसेना को जीत मिली थी, हालांकि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 10 विधायकों को जीत मिली है तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 6 विधायकों को जीत मिली है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी का सूपड़ा साफ हो गया है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी में अपनी पार्टी की सत्ता बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    उद्धव के सामने बड़ी चुनौती

    2017 के मनपा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कुल 84 सीटों पर जीत मिली थी। 227 सदस्यों वाले मनपा सदन में बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे और सपा को क्रमश: 7 और छह सीटें मिली थी। उद्धव ठाकरे के 84 नगर सेवकों में 60 के करीब उनका साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ज्यादातर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में चले गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ने की आवाज उठा रही है। अब देखना है कि उद्धव ठाकरे क्या निर्णय लेते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 119 सदस्यों का है। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    कब हो सकते हैं बीएमसी चुनाव?

    लंबे समय से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के रुके होने पर एक स्वयंसेवी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य में चुनाव में देरी की वजहें और स्थितियां अलग-अलग हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई ठोस कारण नहीं मिलता है, तो चुनाव कराने का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में बीएमसी चुनाव फरवरी में होने की संभावना बढ़ गई है। 64 हजार करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी को अभी जनता के चुनींदा नेताओं के बजाय मनपा के अधिकारी चला रहे हैं। 2017 में बीजेपी ने मनपा चुनाव अपने दम पर अलग से लड़ा था। इससे पहले 2012 के चुनावों में शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं। बीजेपी 31 सीटों में सिमट कर रह गई थी। कांग्रेस को 52 और एनसीपी को 13 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और एआईएमआईएम ने 2 सीटें पर जीत हासिल की थी। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

  • पार्ट टाइम जॉब के नाम पर सोशल मीडिया से कैसे होती है पैसों की ठगी

    पार्ट टाइम जॉब के नाम पर सोशल मीडिया से कैसे होती है पैसों की ठगी

    पार्ट टाइम जॉब के नाम पर खुद को रेप्यूटेड कंपनी का प्रतिनिधी बताते हुए सोशल मीडिया पर पैसों की ठगी हो रही है। इसको लेकर कई गिरोह सक्रिय हो चुके हैं। पहले तो छोटे-छोटे टास्क देकर पैसे देते हैं। बाद में आपको ही फंसा कर मोटी रकम वसूल लेते हैं। हालांकि पुलिस भी इनका कुछ बिगाड़ नही पाती। ऐसे मामलों में साइबर क्राइम सेल 1930 पर कॉल करें। देखें कैसे किया जाता है पैसों की ठगी.. (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – ताज़ा खबर के मुताबिक बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके की एक महिला से 6 लाख 37 हजार रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित महिला ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर एक पार्ट-टाइम नौकरी (part time job) के विज्ञापन (Advertisement) पर क्लिक किया। साइबर (Cyber) ठगों ने उसे झांसे मे लेकर 6.37 लाख रुपये का भुगतान करवा लिया। विज्ञापन में आसान ऑनलाइन कामों (online Job) के जरिए तेजी से पैसे कमाने का दावा किया गया था। ऐसे ही मालाड़ के एक व्यक्ति ने समय रहते साइबर ठगों की चाल को पहचान लिया। हालांकि की एक हजार रूपये वह भी गंवा दिया। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    गोराई की महिला को बनाया निशाना

    गोराई की घटना 30 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक रील देखी, जिसमें दावा किया गया था कि ऑनलाइन वीडियो लाइक करने से पैसे दिए जाएंगे। जॉब के लिए अभी अप्लाई करें। महिला ने दिलचस्पी दिखाते हुए दिए गए लिंक पर क्लिक किया, जो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप पर ले गया। ग्रूप में, ठगों ने खुद को जॉब कोऑर्डिनेटर बताकर जॉब की प्रक्रिया समझाई। शुरूआत में महिला को वीडियो लाइक करने जैसे छोटे-छोटे काम दिए गए, जिसके लिए उसे तुरंत पैसे मिले। पैसे मिलने के कारण महिला को उन पर भरोसा हो गया और उसने ठगों द्वारा बताए गए काम करना जारी रखा। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    टास्क के नाम पर Fraud..

    शुरूआती भुगतान के बाद ठगों ने महिला को बड़े भुगतान वाले जॉब के लिए निवेश करने का लालच दिया। अधिक मुनाफे का वादा कर महिला ने तीन लेन-देन में कुल 6.37 लाख रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, जल्द ही स्थिति बिगड़ गई। वादे के अनुसार महिला को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि ठगों ने “कमाई” जारी करने के लिए “टैक्स” के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इस पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने बोरीवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    सोशल मीडिया पर ठगों का जाल

    वहीं मालाड़ के मामले में पीड़ित व्यक्ति को पहले वॉट्सएप मेसेज के जरिए पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया गया। इसमे एक अंजान महिला अपना नाम लावन्यया बताया और खुद को इंडिया टुडे न्यूज़ (india today news) की प्रतिनिधि बताते हुए न्यूज़ पोस्ट लाईक करने के लिए कहा। इसके बदले प्रति पोस्ट 100 रुपये और ज्वाइनिंग के अतिरिक्त 100 और बाद में हर पोस्ट का 50 रूपये दिए जाने का वादा किया। शुरुआती 100 रूपये के भुगतान के बाद टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया और दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद तुरंत 150 रूपये का भुगतान भी किया। बाद में हर पोस्ट पर अतिरिक्त मुनाफा देने के बहाने एक हजार से लेकर 6 हजार रूपये के बीच भुगतान के लिए कहा गया। हालांकि की जीस टेलीग्राम ग्रुप में टास्क चल रहा था उसमें और भी लोग थे। जो पैसों का भुगतान करने और ज्यादा मुनाफा कमाने का स्क्रीनशॉर्ट ग्रुप मे शेयर कर रहे थे। इसी लालच में पीड़ित ने एक हजार का जैसे ही भुगतना किया, उसे प्रमोशन के नाम पर दूसरे ग्रुप में ज्वाइन करने को कहा गया। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    जबकि पीड़ित के पैसे मुनाफे के साथ दिया जाना चाहिए था, लेकिन उस पैसे को वापस पाने के लिए दूसरे टास्क पूरे करने को कहा गया। जिसमें कम से कम 15 हजार रूपये का भुगतान करना जरूरी था। पैसे वापस मांगने पर यही कहा जाता रहा कि टास्क पूरा नहीं किया तो आपका नुकसान हो जाएगा। जल्दी टास्क पूरा करो और मुनाफा कमाओ। पीड़ित समझ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। तुरंत उसने साइबर कंट्रोल 1930 पर संपर्क कर मालाड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच मे पता चला कि पीड़ित द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसों से ठगों ने एमेजोन (Amazon) से ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) कर ली। यह इतना फास्ट हुआ की बैंक ट्रांजैक्शन को रोका भी नही जा सका। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    साइबर क्राइम से बचने के लिए क्या करें?

    किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके यकीन ना करें। किसी लिंक पर क्लिक करके किसी अनजान एप को डाउनलोड ना करें। किसी के कहने पर निवेश ना करें, भले ही आपको शुरुआत में फायदा दिखे। ऐसे किसी भी घटना के होने पर तुरंत साइबर कंट्रोल 1930 से संपर्क करें और स्थानीय पुलिस थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराऐं। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)