अवैध बिल्डर पर पर्यावरण संतुलित करने वाले पीपल व अन्य उपयोगी पेड़ों को काटने का आरोप
सुरेंद्र राजभर मुंबई- भ्रष्टाचार का सर्वोच्च केंद्र बन चुकी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कार्यक्षेत्रों में अवैध रूप से सरकारी भूखंडों पर अतिक्रमण कर भूमाफियाओं ने अवैध रूप से न सिर्फ कंकरीट के जंगल खड़े कर दिए हैं, बल्कि नैसर्गिक वनों को भी नष्ट कर डाला है। ऐसा ही एक ज्वलंत मामला मनपा आर/ दक्षिण के कांदीवली (पश्चिम) में भी उजागर हुआ है। जिसमें भू-माफिया SRA बिल्डर किरण हेमानी ने पवित्र और जनोपयोगी पीपल, मैग्रोज व अन्य पर्यावरण को संतुलित करने वाले पेड़ों को कटवा कर मनपा के भूखंड पर अतिक्रमण कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आर/दक्षिण विभाग के कांदिवली (पश्चिम) में भूमापन क्रमांक 1110, प्लॉट नंबर 164, शिवशक्ति एस.आर.ए. (SRA) नगर सहकारी हाउसिंग सोसाइटी (लिमिटेड), वार्ड नंबर 22, पॉवेल्स लैंड, साईनगर, एमजी क्रॉस रोड नंबर-1 के भूखंड पर, भूमाफिया विकासक किरण हेमानी, प्रबंधक- रमाकांत सांबरे, सोसाइटी के अयोग्य अध्यक्ष- विश्वास धनावड़े, सचिव-विजय मोहिते, कोषाध्यक्ष-चेतन लिंगायत और अन्य एसआरए योजना संख्या के तहत अपने निजी हितों के लिए “पीपल” व अन्य पेड़ों को अवैध रूप से काटने और नष्ट करने के संबंध में कांदिवली पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्र• 0591/28-08-2023 क्राइम एवं करप्शन कंट्रोल एसोसिएशन के राष्ट्रीय मीडिया अधिकारी महेश गुप्ता के अथक प्रयासों से दर्ज कराया गया है।
शिकायत में कहा गया है, कि शिकायतकर्ताओं के पास इस बात के सबूत हैं, कि उक्त अवैध निर्माण कर्ता और ऊपर उल्लिखित अन्य आरोपियों ने न केवल एक पीपल के पेड़ को नष्ट कर दिया है, बल्कि उन्होंने उक्त भूखंड पर कई पुराने पीपल और अन्य पेड़ों को भी नष्ट कर दिया है। शिकायत कर्ता ने अनुरोध किया है कि काटे गए अन्य पेड़ों का तत्काल स्थल निरीक्षण किया जाए। पेड़ों की कटाई में शरीक होने वाले दोषियों की भी जांच की जानी चाहिए तथा उक्त दोषी अभियुक्तों को कड़ी सजा देने के लिए विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।
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शिकायत कर्ता ने क्राइम एवं करप्शन कंट्रोल एसोसिएशन के राष्ट्रीय मीडिया अधिकारी महेश गुप्ता से अनुरोध किया है कि इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाना चाहिए। साथ ही उक्त मामले में शीघ्र ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी उक्त मामले को दर्ज कराया जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री बच्चू कडु क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस्माईल शेख मुंबई- पिछले कुछ दिनों से टीवी पर पान-गुटखा, तंबाकू, पानमसाला, ऑनलाइन गेमिंग जैसे कई विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी ये विज्ञापन किये थे।
इस पर निर्दलीय विधायक बच्चू कडु ने आक्रामक रुख अपनाया। आज 31 अगस्त प्रहार संस्था की ओर से सचिन तेंदुलकर के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी समय पुलिस ने प्रहार के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसको लेकर देखा गया कि मुंबई में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Indian fasttrack newsसचिन तेंदुलकर के घर के सामने प्रहार संगठन कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
पूर्व मंत्री बच्चू कडु, क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बच्चू कडू ने मांग की है कि सचिन तेंदुलकर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन बंद करें या भारत रत्न लौटा दें। आज प्रहार संगठन के कार्यकर्ताओं ने सचिन के घर के सामने जोरदार नारेबाजी भी की। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट की दुनिया का देवता भी माना जाता है।
देवता हमारा जुआ खेलता है- बच्चू कडु
वापस करो, वापस करो, भारत रत्न वापस करो, देवता हमारा जुआ खेलता है, वंदे मातरम और अन्य नारे प्रहार कार्यकर्ताओं ने लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र उन्माद में डूब गया। इस वक्त भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बच्चू कडु से आंदोलन बंद करने का अनुरोध किया। लेकिन बच्चू कडू ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया। इसी के चलते बच्चू कडु को बांद्रा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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इस बीच बच्चू कडु ने कहा, ‘हम हर गणपति मंदिर के सामने एक दान पेटी रखेंगे। इकट्ठा की गई रकम सचिन तेंदुलकर को दी जाएगी। अगर सचिन तेंदुलकर को आर्थिक दिक्कत होगी तो चंदा इकट्ठा कर उन्हें दिया जाएगा। उन्हें सद्बुद्धि दो। हम गणपति भगवान से ऐसी कामना करने जा रहे हैं।’
बोरीवली के एमएचबी पुलिस स्टेशन द्वारा Pavfriend.in के सहयोग से सामुदायिक कुत्तों के लिए अभिनव ‘सुरक्षा कवच’ क्यूआर-आधारित डिजिटल सूचना ट्रैकिंग सिस्टम लॉन्च किया गया।
इस्माईल शेख मुंबई– समुदाय संचालित पहल के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, एमएचबी पुलिस स्टेशन, बोरीवाली के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री सुधीर कुडालकर ने पावफ्रेंड के साथ साझेदारी में ‘सुरक्षा कवच’ क्यूआर-आधारित डिजिटल सूचना ट्रैकिंग सिस्टम का अनावरण किया है। में। इस क्रांतिकारी प्रणाली का उद्देश्य स्थानीय समुदाय के कुत्तों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है, जिससे समुदाय के भीतर एकता और सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया जा सके।
जैसा कि देश रक्षा बंधन मना रहा है, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कुडालकर सभी जीवित प्राणियों की सुरक्षा की साझा जिम्मेदारी को पहचानते हैं और मानते हैं कि ‘सुरक्षा कवच’ पहल एक सुरक्षित और सामंजस्यपूर्ण समाज के मूल मूल्यों के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल जानवरों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के आवश्यक कर्तव्य को रेखांकित करती है, जिससे ‘सुरक्षित भारत’ या ‘सुरक्षित भारत’ में योगदान मिलता है।
Indian fasttrack newsबोरीवली MHB पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर की तस्वीर
क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा कवच ..
अक्षय रिडलान के सहयोग से Pavfriend.in द्वारा विकसित ‘सुरक्षा कवच’ प्रणाली, एमएचबी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सामुदायिक कुत्तों के लिए एक व्यापक डिजिटल ट्रैकिंग तंत्र बनाने के लिए क्यूआर तकनीक की शक्ति का उपयोग करती है। प्रत्येक कुत्ते को एक अद्वितीय क्यूआर कोड सौंपा जाएगा जिसमें कुत्ते के स्वास्थ्य, स्वामित्व विवरण और आपातकालीन संपर्क जानकारी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी होगी। किसी अप्रत्याशित घटना की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में, यह प्रणाली कुत्ते की त्वरित पहचान और उसके अभिभावक से संपर्क करने में सक्षम बनाएगी।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने कहा, “हमें ‘सुरक्षा कवच’ पहल शुरू करने पर गर्व है, जो हमारे चार-पैर वाले दोस्तों सहित हमारे समुदाय के प्रत्येक सदस्य के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। Pavfriend.in और अक्षय रिडलान के साथ सहयोग करके हम एक अधिक दयालु और सुरक्षित समाज के निर्माण में एक कदम आगे बढ़ा रहे हैं। जैसे ही हम सुरक्षा का प्रतीक राखी गांठ बांधते हैं, आइए हम उस भावना को अपने वफादार साथियों तक पहुंचाएं।”
Pavfriend.in के दूरदर्शी अक्षय रिडलान ने साझेदारी के लिए अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा मिशन हमेशा प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर मनुष्यों और जानवरों के बीच की खाई को पाटना रहा है। ‘सुरक्षा कवच’ पहल हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है इस कारण। हम इस प्रयास में श्री कुडालकर और एमएचबी पुलिस स्टेशन के साथ सहयोग करके रोमांचित हैं।”
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यह अग्रणी ‘सुरक्षा कवच’ पहल आशा, करुणा और दूरदर्शी सोच की किरण के रूप में कार्य करती है। यह अपने अधिकार क्षेत्र में मानव और पशु दोनों समुदायों की बेहतरी के लिए नवाचार को अपनाने के लिए एमएचबी पुलिस स्टेशन के समर्पण को दर्शाता है।
मुंबई– प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान अन्तर्गत मुंबई में दो दिवसीय इंटेलेक्चुअल मीट (भारत का अमृतकाल – नये भारत का उदय) कार्यक्रम रखा गया जिसमें देश विदेश की विविध हस्तियाँ सम्मिलित हुई और मुंबई के मशहूर वकील और भारत सरकार, गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग में सदस्य श्री विनय कुमार दुबे को सम्मानित किया गया। भाजपा नेता प्रेम पाण्डेय, अखिलेश दुबे और रामकुमार पाल के प्रयत्नों से कार्यक्रम में देश विदेश की प्रमुख हस्तियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित सम्मानित व्यक्तियों की तस्वीर
जिसमे कवियत्री श्रीमती मंजु मंगलप्रभात लोढ़ा, हरियाणा की महिला आयोग अध्य्क्षा रेणु भाटिया, महाराष्ट्र पुलिस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल आईपीएस कृष्ण प्रकाशजी और राजनीतिक, फ़िल्म और साहित्य जगत के लोग प्रमुख थे।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 26 अगस्त को कांदिवली (पूर्व) स्थित ठाकुर ऑडोटोरियम, ठाकुर इंजीनियरिंग कॉलेज, ठाकुर विलेज में कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसके आयोजक वार्ड क्रमांक 29 के नगरसेवक ठाकुर सागर सिंह रहे। ठाकुर सागर सिंह ने मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए बताया, कि भोजपुरी लोक संस्कृति में कजरी गीतों का विशेष महत्व है। भोजपुरिया लोक परम्परा में हो रही रिमझिम बरसात के साथ श्रावण मास में पेड़ो की डाल पर झूला झूलती हुई सखियों के द्वारा पारंपरिक कजरी गाने की परंपरा है। (सावन का महीना और कजरी महोत्सव)
उन्होंने कहा, कि कजरी गीतों में प्रिय के मिलन, बिछोह के अलावा मायके और ससुराल के बीच समन्वय स्थापित करते हुए स्त्रियों के मन के उदगार बहुत ही सुन्दर देखने को मिलते हैं। इस प्रकार लोक परंपराओं को लोक जीवन में कजरी जोड़ती है। हरियाली तीज पर्व का एक पौराणिक महत्व है। हमारी भारतीय परंपरा में इस पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व स्वयं शिव तथा माता पार्वती के एकाकार होने के उपलक्ष में मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति तथा पुरुष के योग का दिवस है। हमारे किसी भी पर्व का उल्हास संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है तथा कजरी के इस अवसर पर कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया।
Indian fasttrack newsकजरी महोत्सव में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं की तस्वीर
सावन का महीना और कजरी महोत्सव
आयोजक ठाकुर सागर सिंह ने कहा, कि “हमे कजरी महोत्सव का आयोजन जरूर करना चाहिए यह पर्व हमारी परंपरा है और परंपरा से ही आज हम है।” मुख्य अतिथि मुंबई उपनगर के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, कि “अपनी परंपराओं को जीवंत रखने का यह एक सुखद मौका है।” सावन का महीना महिलाओं के लिए खास होता है। हजारों की संख्या में महिलायें इस कजरी महोत्सव का हिस्सा रहीं। वहीं इस कजरी महोत्सव के दौरान सैकड़ो महिलाओं को साड़ी वितरित की गई।
कजरी गायको के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण गणमान्य जन भी महोत्सव में उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख अतिथि के स्थान पर भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार उपस्थित रहे विशेष अतिथियों में उत्तर मुंबई के सांसद गोपाल शेट्टी, कांदिवली पूर्व के आमदार अतुल भातखळकर, आमदार प्रवीण दरेकर के साथ भाजपा नेताओं में संजय पांडे एवं पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपा शंकर सिंह, पूर्व आमदार ठाकुर रमेश सिंह, आमदार राजहंस सिंह, संजय उपाध्याय महामंत्री मुंबई भाजपा, पवन त्रिपाठी उपाध्यक्ष मुंबई भाजपा, उदय प्रताप सिंह भाजपा प्रवक्ता मुंबई तथा अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता अमरजीत मिश्रा जयप्रकाश सिंह एवं संतोष पांडे की उपस्थिति रही अतिथि स्वरूप गणेश खंणकर, ब्रम्हदेव तिवारी, बाबा सिंह, जयप्रकाश मिश्रा व श्रीकांत पांडे की उपस्थिति सराहनी रही।
कजरी महोत्सव 2023 में उपस्थित अतिथियों ने भव्य आयोजन की सराहना की तथा इसे प्रतिवर्ष निरंतर आयोजित करने की जिज्ञासा जताई।
मुंबई– ब्राह्मण एकता मंच चैरिटी ट्रस्ट द्वारा जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री गुप्तेश्वर जी महाराज का श्री राम मंदिर वैष्णव आश्रम ट्रस्ट जोगेश्वरी पूर्व में भव्य सत्कार किया गया। अपने आशिर्वचन में श्री गुप्तेश्वर जी महाराज ने कहा कि ब्राह्मणों को अपने संस्कारों की रक्षा करनी चाहिए। वेदों में ब्राह्मणों के लिए जो कार्य निर्धारित किए गए हैं उन कार्यों से ब्राह्मणों को विमुख नहीं होना चाहिए। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि चौरासी लाख योनियों में मनुष्य जीवन पूर्व जन्म में किए गए सत्कर्मों के फलस्वरू ब्राह्मण कुल में जन्म मिलता है।
ब्राह्मण कुल में जन्म मिलने के बाद अगर हम पूरी कदाचारयुक्त काम करते हैं तो अगले जन्म में हमें बहुत ही निम्न योनि में जन्म लेना पड़ सकता है। इसलिए हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि मानव तन मिला है तो जीवन को मानव कल्याण के लिए समर्पित कर देना चाहिए।
Indian fasttrack newsकार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित गणमान्यों की तस्वीर
ब्राह्मण एकता मंच चैरिटी ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभूनाथ मिश्र जी ने आए हुए अतिथियों का सम्मान किया। ब्राह्मण एकता मंच चैरिटी ट्रस्ट के संरक्षक एडवोकेट विनय कुमार दुबे जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें अपने संस्कारों को संभाल कर रखना चाहिए और हमारे संस्कार और संस्कृति सर्वोपरि है। जिससे यह संस्कार आने वाली पीड़ियो के लिए धरोहर के रूप में प्राप्त हो सके। हमारे संस्कार ही हमारे जीवन को सफल बना सकते हैं। ट्रस्ट के सलाहकार एडवोकेट विनोद पाठक जी ने श्री गुप्तेश्वर जी महाराज से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जिनसे युवा ब्राह्मण का मार्गदर्शन हो सके।
समारोह का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कृपाशंकर मिश्र जी ने किया। वरिष्ठ कवियत्री कुसुम तिवारी झल्ली जी ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुवात की। समारोह में श्री राम मंदिर के महंत प.पू. श्री मधुसूदन द्विवेदी जी, प्रसिद्ध उद्योगपति रामदेव पांडेय जी, वरिष्ठ समाजसेवक डॉ राधेश्याम तिवारी जी, सीमाशुल्क आयुक्त आर के द्विवेदी, एडिशनल कमिश्नर विजयप्रकाश शुक्ल जी, हरिश्चंद्र दुबे जी, मिथिलेश मिश्र, वरिष्ठ कवि सुरेश मिश्र, बालमुकुंद, प्रमोद उपाध्याय, डॉ अमर मिश्र, धनंजय मिश्र, कमलेश तिवारी, संतोष पांडेय, कमलेश शुक्ल, राकेश पांडेय, एडवोकेट दिव्यप्रकाश दुबे समेत अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- कमाल की बात है। 15 दिनों में 54000 गड्ढे भरना। किसी अजूबे से कम नहीं है। मुंबई महानगर पालिका का दावा है, कि उसने मात्र 15 दिनों में ही महानगर के तीन एक्सप्रेस हाईवे सहित कुल 54000 गड्ढे भर दिए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दावे किए थे कि मानसून के पूर्व ही उसने पहले ही छः हजार गड्ढे भर दिए थे।
ऐसे में बृहन्मुंबई महानगर पालिका का दावा है, कि इससे अब कम गड्ढे पड़ेंगे लेकिन 54 हजार छोटे बड़े गड्ढे उभरना सारे दावे की पोल खोल देते हैं। मनपा यह भी दावा करती है, कि इस बार उसने जनता की शिकायतों का इंतजार नहीं किया। यानी वह कहना चाहती है, कि “अब मुंबईकरों को शिकायत कर जगाने की जरूरत ही नहीं है।” यानी बृहन्मुंबई महानगर पालिका बिना मुंबईकरों के जगाए जागती नहीं थी। सोई रहती थी। इस बार नींद से अपने आप जाग गई। सौ बार शिकायतें करने के बाद भी सोई रहने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन अब जगाए जाने का इंतजार नहीं की। खुद जग गई और रिकार्ड समय में 54000 हजार गड्ढे भर कर मुंबईकरों पर एहसान कर दिया।
Indian fasttrack newsरास्तों की मरम्मत करते मनपा अधिकारी की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
क्या है सवाल..? बृहन्मुंबई महानगर पालिका
इतनी जल्दी और भारी मात्रा में गड्ढे भरने के दावे पर भी सवाल उठेंगे ही। जैसा कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका बहाना करती है, कि भारी वर्षा और ट्रैफिक के कारण गड्ढे भारी मात्रा में पड़ते हैं। तो सवाल यह है कि आरसीसी (RCC) की सड़कों में भी गड्ढे क्यों पड़ते हैं? साधारण सी बात है डांबर का शत्रु है पानी और जल भराव से गड्ढे पड़ेंगे ही, लेकिन सड़क बनाने की विधि में प्लास्टिक के उपयोग तक विज्ञान पहुंच गया है। लेकिन मनपा अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग क्यों नहीं करती। हर बार वही गिट्टी डालकर कोरम पूर्ति करना क्या उचित है? चलो इस बार शायद चुनावी वर्ष में बृहन्मुंबई महानगर पालिका अपने आप जागी।मुंबईकरों को जगाना नहीं पड़ा। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका बधाई की पात्र है।
महाराष्ट्र पुलिस का ढुलमुल रवैया, कई घर उध्वस्त की कगार पर
लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी से महाराष्ट्र राज्य और केंद्र के जीएसटी की खुली लूट..
सुरेंद्र राजभर मुंबई- भारत में डिजिटल क्रांति का दौर विकसित होता जा रहा है और हम तेजी से इस तकनीक का उपयोग जीवन के हर क्षेत्र में कर रहे हैं तथा यह तकनीक सर्वसामान्य जनों के लिए वरदान साबित हो रही है। किंतु इसी तकनीक का उपयोग असामाजिक तत्व धड़ल्ले से कर न सिर्फ आम जनता को ठग रहे हैं, बल्कि सरकार को भी हर महीने करोड़ों के राजस्व का आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।
सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी द्वारा राजस्व की खुलेआम लूट का गोरखधन्धा मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी चल रहा है। जहां धड़ल्ले से लाटरी माफिया प्रतिबंधित राजश्री लॉटरी के नाम पर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाते आ रहे हैं। लेकिन सरकारी नियमों को ताख़ पर रखकर कुछ भ्रष्ट नौकरशाह कतिपय भ्रष्ट लोगों के सहारे लाटरी माफिया, सायबर उपकरणों का उपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
Indian fasttrack newsअवैध लॉटरी कारोबार की ताजा तस्वीर
राजस्व की लूट, गलता समाज पैसे बटोरते कारोबारी
बतादें कि महाराष्ट्र राज्य में राजश्री लाटरी पर प्रतिबंध है, लेकिन बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से सरकारी खजाने पर डाका डाला जा रहा है। लाटरी माफिया सरकार को करोड़ों का चूना रोज लगा रहे हैं। क्योंकि एक तो यह प्रतिबंधित है और दूसरा फर्जी ऐप का उपयोग कर धड़ल्ले से इसे चलाया जा रहा है। लाटरी व्यवसायी और लॉटरी माफिया सरकार को कोई भी जीएसटी या टैक्स नहीं भरते हैं, जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है की इस पूरे खेल मे लॉटरी माफियाओं के साथ कहीं न कहीं सरकारी महकमे के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी शामिल हैं। इसलिये कोई कार्रवाई नहीं होती है। अवैध लॉटरी का गैरकानूनी व्यवसाय जोरों से फल-फूल रहा है।उपलब्ध विवरणों के अनुसार अवैध लाटरी का यह व्यवसाय वैसे तो मुंबई सिटी और महाराष्ट्र के हर प्रमुख शहर में शुरू है लेकिन हमने, जब जांच पड़ताल की तो देखा कि लॉटरी माफिया मुंबई के झुग्गी बस्तियों को टारगेट कर अपने काले साम्राज्य की नींव खड़ी कर अपने गैरकानूनी कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में लगभग 20 से अधिक लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। ठीक वैसे ही कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने के अंतर्गत लगभग 40 से 45 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। चारकोप पुलिस थाना अंतर्गत कुछ दिनों पहले मुंबई पुलिस की समाज सेवा शाखा ने प्रतिबंधित लॉटरी के कारोबार पर कार्यवाही की थी अब कुछ दिनों बाद यहां पर फिर से चोरी चुपके लॉटरी का गोरख धंधा चालू कर दिया गया है।
जबकि कांदिवली पुलिस थाने अंतर्गत लगभग 10 से 12 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। गोरेगांव पूर्व एसवी रोड पर तो खुले आम लॉटरी का धंधा चलाया जा रहा है यहां सबसे ज्यादा लॉटरी सेंटर चलाने का मामला सामने आया है। मुंबई के अंधेरी से लेकर दहिसर तक के बीच कुकुरमुत्ते की तरह अवैध लॉटरी का सेंटर खोलकर सरकार को हर 15 मिनट के भीतर करोड़ों का चुना लगाया जा रहा है। मुलुंड परिसर में जब पता करने की कोशिश की तो वहां बाहर राजश्री लॉटरी का बोर्ड लगा मिला और अंदर लकी कूपन लॉटरी का साफ्टवेयर लगाया गया है, जो राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त राजश्री लॉटरी की नकल है। ऐसा देखने को मिला है कि 2016 में जीएसटी लागू होने के बाद कई लॉटरी कंपनियों में ताले लग गए थे। राजश्री लॉटरी भी उन्ही में शामिल रही है।
मुंबई के उपनगरों में विशेष कर अंधेरी से दहिसर तक के सभी उपनगरों में बोगस ऑनलाइन लॉटरी जो राज्य द्वारा संचालित लॉटरी की नकल कर के अन्य नामों से चलाई जा रही है। सरकारी नियमों के अनुसार ऑनलाइन लॉटरी पर 28% जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है। किंतु इस अवैध कारोबार पर ना तो जीएसटी का भुगतान किया जाता है और ना ही सरकारी अनुमति ली जाती हैं। सरकारी खजाने में सेंध लगाने का काम ऑनलाइन लॉटरी से हो रहा है। अवैध ऑनलाइन लॉटरी पर एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। ऑपरेटिंग के लिए इंजीनियर को हर महीने तनख्वाह दी जाती है। अवैध सॉफ्टवेयर के हर शख्स को फ्रेंचाइजी दी जाती है। यह पूरा मामला टैक्स चोरी का है। ऐसे अवैध सॉफ्टवेयर पर ना तो साइबर की नजर पड़ती है ना ही जीएसटी अधिकारियों को कोई पता चल पाता है।यह भी बताया जाता है कि लॉटरी को रोजाना हजारों लोग खेलते हैं। यही कारण है, कि इसमें लगने वाला पैसा भी लाखों में होता है। इसी बात का फायदा उठाकर फर्जी लॉटरी एप्लीकेशन के माध्यम से गरीब जनता को अमीर बनने का झांसा देकर लाखों रुपए की हेराफेरी की जाती है। इस लॉटरी में 15 मिनट के भीतर विजेता के नाम की घोषणा हो जाती है और राज्य या केंद्र सरकार को कोई कर अदा नहीं किया जाता है। इस गैर कानूनी तरीके से चल रहे इस पूरे व्यवसाय में पैसे का जो लेनदेन कैश में किया जाता है। जिससे काली कमाई का हिसाब सरकार को नहीं देना पड़ता है।ध्यान देने योग्य है, कि साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि राजश्री कंपनी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी से अपना लॉटरी बेचने का काम कर रही थी। वह फिलहाल बंद है। राजश्री लॉटरी बंद होने के बाद उसके डिस्ट्रीब्यूटरों ने मिलकर अपने कई ऐसी दुकानों की शुरुआत की है। सभी ने एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है जिसके द्वारा लाॅटरी माफिया कुछ भी धोखाधड़ी कर सकते हैं।
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लोगों का कहना है, कि ऐसे मामले पर पुलिस ही नहीं बल्कि जीएसटी के इंटेलिजेंस विंग को भी जांच करनी चाहिए।। जहां-जहां ऐसे सॉफ्टवेयर के नाम का यूज कर लॉटरी का कारोबार किया जा रहा है ऐसे जगहों पर उन्हें काफी सारा डाटा मिल सकता है। उनके सर्वर पर कितने टिकट का लेनदेन हुआ है और कितने का उन्होंने अब तक व्यापार किया है।इसकी पूरी जानकारी इनके साफ्टवेयर पर उपलब्ध होगी। गैंबलिंग एक्ट, फोर्जरी, 420, और जीएसटी के विभिन्न धाराओं के तहत हो सकती है कार्रवाई। किंतु राज्य सरकार इन लाॅटरी माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नही कर पा रही है? इसकी चर्चा पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बनी हुई है ।
आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।
मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल।
नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- गोरेगांव पी/ दक्षिण वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हें किसी भी तरह का भय नहीं। चाहे जितना न्यूज लिखे, आरटीआई डाली जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती।
फरियाद तो सुने मनपा आयुक्त ..
खुद ही बांधकाम कराते हैं। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नहीं बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।
नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण।
ताजा मामला गोरेगांव (पूर्व) शौर्य कंपाउंड, नियर बंजारा पाड़ा, इन बिटवीन शेटेलाइट गार्डन फेस -।।, अरुण कुमार वैद्य मार्ग, का है।जहां गैरकानूनी ढंग से 6000 चौरस फूट के जी + १ (दो मंजिला) के व्यापारिक गाले का निर्माण बना लिया जिसकी एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिससे वार्ड ऑफिसर(प्रभारी) राजेश आक्रे, उपायुक्त विश्वास शंकरवार ने आपस में बांट लिया। दिखाने के लिए 354 (ए) की नोटिस दे दिया। बता दे कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354 (ए) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई जरूरी है। लेकिन अवैध व्यापारिक गाले का बांधकाम जी+१ (दो मंजिला) कुल 6000 वर्गफुट का गैरकानूनी निर्माण करने वाले ठेकेदार आशिफ फतेह मोहम्मद खान को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े।
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सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है की पी/ दक्षिण वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई करें अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा।
आयुक्त के आदेश के बावजूद पी/दक्षिण के अधिकारियों द्वारा स्टूडियोज को नही हटाकर दे रहे हैं अर्हपूर्ण संरक्षण।
रिश्वत की ताल पर नाच रहा, मनपा का पी/दक्षिण विभाग।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बॉलीवुड फिल्मों व सीरियलों की शूटिंग हेतु बृहन्मुंबई महानगर पालिका के पी/दक्षिण वार्ड के कार्यक्षेत्र में बनाए गए अस्थाई स्टूडियो के मालिकों ने मनपा द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत भी पी/ दक्षिण वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से अर्थपूर्ण सेटिंग कर निःसंकोच चलाए जा रहे हैं। जबकि मनपा ने उन्हें तत्काल हटाने की नोटिस महीनो पहले जारी कर दी थी। मगर मनपा अधिकारियों की आदत के अनुसार उक्त तीन स्टूडियोज को अर्थपूर्ण संरक्षण देकर न ही तोड़क कार्रवाई की गई है और ना ही स्टूडियो मालिकों के विरुद्ध भूमि पर अतिक्रमण करने का अपराध मनपा प्रशासन द्वारा कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) आरे कॉलोनी, रॉयल पॉम हॉटल के पास रूबी बिल्डिंग के पीछे स्थित मनपा द्वारा शूटिंग के लिए तीन स्टूडियो बनाने की अस्थायी परमिशन ली गई थी, जो काफी पहले ही मनपा आयुक्त द्वारा रद्द कर दी गई थी। तीनों में प्रत्येक स्टूडियो 20, हजार वर्गफिट क्षेत्र पर बनाया गया है। प्रत्येक स्टूडियो का मासिक भाड़ा 90 लाख रुपए है, जिसे परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत अब निजी तौर पर मनपा के अधिकारियों द्वारा वसूला जाता है, जो मनपा के कोष में नहीं जाता है। ऐसा मनपा सूत्रों ने बताया है।
Indian fasttrack newsमनपा पी/दक्षिण विभाग के भ्रष्टाचार की तस्वीर
रिश्वत का खेल क्या कहता है?
उक्त संबंध में मनपा के सहाय्यक आयुक्त राजेश आक्रे, परिमंडल -4 के उपायुक्त (डीएमसी) विश्वास शंकरवार पत्रकारों व शिकायत कर्ताओं को बताने या लिखित जवाब देने में टालमटोल करते हैं। इसकी शिकायत एक शिकायत कर्ता द्वारा दिनांक:13/06/2023 को किए जाने के बाद मनपा पी/दक्षिण के सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहाय्यक अभियंता ने एक पत्रक क्र.सआ पीद/ बी -53/7855 के माध्यम से शिकायतकर्ता को बतलाया है, कि आयुक्त के आदेश के साथ ही साथ दो स्टूडियो के मालिकों ने अदालत से स्टे – ऑर्डर ले लिया है।
बताया जा रहा है, कि मनपा प्रशासन द्वारा मनपा के विधि विभाग को स्टे-ऑर्डर शीघ्र हटवाने का आदेश दिया था। किंतु विधि विभाग (legal department) की कार्रवाई का कोई भी ले आउट नही आया है। यह भी बताया गया है, कि स्टूडियो की परमिशन रद्द किए जाने के बाद से ही स्टूडियो का भाड़ा आधिकारिक तौर पर नही वसूला जाता हैं। यानि कि 90 लाख × 3 = 2,70,00,000 (दो करोड़ 70 लाख मात्र) का भाड़ा, क्या मनपा के कोष में जमा किया जा रहा है? या मनपा के प्रशासनिक अधिकारियों की जेब में पहुंच रहा है? यह सवाल सर्व जागरूक नागरिकों का है। जिसका जवाब देने में मनपा अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं।
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जबकि आयुक्त द्वारा परमिशन रद्द किए जाने के उपरांत सभी स्टूडियोज को हटवा देना या डिमोलिशन कर देना चाहिए था। दो स्टूडियोज का स्टे – ऑर्डर जनहित के परिप्रेक्ष्य में निश्चित ही, मा. न्यायालय द्वारा हटा दिया गया होता, यदि मनपा प्रशासन विधिवत अपना पक्ष प्रस्तुत किया होता? किंतु मनपा पी/दक्षिण के अधिकारियों को तो प्रतिमाह 4 करोड़ 50 लाख की मलाई चाभनी थी ! शिकायत कर्ताओं ने भी स्टूडियो और मालिको व भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय जाने का मन बनाया है।