Category: Mumbai News

  • मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    मुंबई के गुरूद्वारा विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया। बताया कोर्ट के आदेशों का हुआ है उलंघन.. (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    विशेष संवाददाता
    मुंबई
    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक गुरुद्वारे के गिराए जाने के मामले में बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की याचिका पर नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया और संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस भेजा। याचिकाकर्ता प्रवीण जीवन वालोदरा का प्रतिनिधित्व एड्वोकेट सौम्या प्रियदर्शिनी ने कर रहे हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी के अधिकारियों ने संपत्तियों को गिराने पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    कोर्ट के अंतरिम आदेशों का पूर्ण उल्लंघन

    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है, कि बीएमसी के अधिकारियों ने उनके आश्रय के अधिकार का उल्लंघन किया है, जो भारत के संविधान द्वारा सुरक्षित है। याचिकाकर्ता के अनुसार, यह तोड़क कार्यवाही 15 अक्टूबर 2024 को हुआ, जो 17 सितंबर 2024 और 1 अक्टूबर 2024 के अंतरिम आदेशों का उल्लंघन है, जिसमें शीर्ष न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बिना अनुमति के किसी भी स्थान पर स्ट्रक्चर पर तोड़क कार्यवाही को नहीं किया जा सकता। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवमाननाकर्ताओं ने न्यायालय की अनुमति के बिना संरचना को ध्वस्त कर दिया, और यह दावा किया गया है कि यह संरचना सार्वजनिक सड़क पर स्थित थी। जबकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा याचिकाकर्ता को प्रदान किए गए किसी भी आंतरिक पत्राचार या याचिकाकर्ता के पास उपलब्ध अभिलेखों में ऐसा कुछ भी दर्ज नहीं किया गया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

    याचिका में खास क्या रहा ?

    याचिकाकर्ता ने बताया कि वे गुरुद्वारे का संचालन कर रहे थे और अपने परिवार के साथ वर्षों से उस संरचना के कमरे में शांति से निवास कर रहे थे, जैसा कि उनके पूर्वजों ने 1955 के आस-पास किया था, जो दस्तावेजों से स्पष्ट है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उन्होंने और उनके पूर्वजों ने उस भूमि और संरचना से संबंधित संपत्ति कर का भुगतान किया है। (Supreme Court takes cognizance of demolition of Gurudwara in Mumbai, notice issued to Municipal Corporation officials)

  • Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai Local Train अब अपग्रेड किया जा रहा है। अब 12 डिब्बों की जगह अतिरिक्त 3 डिब्बे बढ़ा कर 15 कर दिया गया है। कुछ खास ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे (वेस्टर्न रेलवे) नए बदलाव कर रही है। Western Railway (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने कुछ लोकल ट्रेनों के समय और स्टॉपेज में कुछ अस्थायी बदलाव किए हैं। अंधेरी-विरार लोकल भायंदर में खत्म हो जाएगी और नालासोपारा लोकल भायंदर से चलेगी। दोनों ट्रेनों को 15 कोचों में अपग्रेड किया गया है और ये चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल तक तेज गति से चलेंगी। मुंबई लोकल ट्रेन का समय भाईंदर के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    पश्चिम रेलवे ने चुनिंदा लोकल सेवाओं के समय और स्टॉपेज में बदलाव किया है। सोमवार से ये बदलाव अस्थायी कर दिए गए हैं। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, लोकल ट्रेन नंबर 92019 अंधेरी-विरार (सुबह 6:49 बजे) को भाईंदर में ही छोटा कर दिया गया हे। इसी तरह ट्रेन संख्या 90648 नालासोपारा (16:08 बजे) के बजाय 16:24 बजे भायंदर स्टेशन से रवाना होगी। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    12 डिब्बों की जगह 15 डिब्बों में अपग्रेड

    ट्रेन नंबर 90208 भायंदर-चर्चगेट (सुबह 8 बजे) और 90249 चर्चगेट-नालासोपारा (9:30 बजे) में अब 12 कोच की जगह 15 कोच हो गए हैं। ये सभी ट्रेनें अब चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल के बीच तेज गति से चलेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि हाल ही में एक और एसी लोकल ट्रेन सेवा का विस्तार किया गया है। जिसके चलते 12 सामान्य सेवाओं को हटाना पड़ रहा है। रेलवे के इस फैसले का भाईंदर में विरोध हुआ और यात्री पिछले कई दिनों से हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। कहा जा रहा है, कि रेलवे ने ये बदलाव भाईंदर पर फोकस करते हुए नाराज यात्रियों को मनाने के लिए परीक्षण के तौर पर किया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    भायंदर में यात्रियों का विरोध

    सोमवार, 16 दिसंबर को प्रभावी हुए परिवर्तनों के कारण, स्टेशनों पर संकेतक पूरे दिन अस्पष्ट रहे। चर्नी रोड स्टेशन पर एक यात्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संकेतक सुबह 11:57 बजे गोरेगांव लोकल दिखाता है, जबकि 12:22 बजे बोरीवली लोकल दिखाता है। इंडिकेटर में आई इन गड़बड़ियों के कारण यात्रियों को दिनभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर एक यात्री पूर्वेश शाह ने कहा कि उन्होंने इंडिकेटर देखकर एसी लोकल का टिकट खरीदा, लेकिन बाद में पता चला कि ट्रेन पहले ही निकल चुकी है। रेलवे इन टिकटों का कोई मुआवजा भी नहीं दे रहा है, ऐसे में एसी लोकल के यात्रियों को कैसे प्रोत्साहन मिलेगा, वे टिकट क्यों खरीदेंगे। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    गौरतलब है कि एसी लोकल ट्रेन सेवाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गयी है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा, कि “एसी लोकल ट्रेनों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुसार एसी सेवा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में चल रही नॉन-एसी लोकल ट्रेनों को एसी में बदल दिया गया है। चर्चगेट से विरार तक इस समय नई एसी लोकल ट्रेनें 7 और विरार से चर्चगेट तक 6 एसी की लोकल ट्रेनें बढ़ा दी गई हैं। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    Mumbai BMC: मुंबईकरो पर एक और कचरा टैक्स लगाने की तैयारी

    मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है। हर बार मनपा के सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुंबईकरो पर एक और अतिरिक्त कचरा टैक्स का बोझ डालने की तैयारी कर रही है। वहीं भाजपा मुंबईकरों पर नया टैक्स लगाने का विरोध कर रही है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    इस्माईल शेख
    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (Mumbai BMC)  द्वारा मुंबईकरों पर कचरा शुल्क के रूप में न्यूनतम 100 रूपए से लेकर 1 हजार रुपये तक का टैक्स वसूलने का निणर्य लिया है। मनपा लोगों से घरो के क्षेत्रफल के अनुसार कचरा टैक्स (Garbage tax) लेने के निणर्य पर विचार कर रही है। मनपा के इस निणर्य पर भाजपा की ओर से मनपा नेता (BMC Leader) रहे विनोद मिश्रा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि “मनपा लोगो को अच्छी तरह से साफ़ सफाई की सुविधा नहीं दे पा रही है। हर बार मनपा का सफाई का अस्तर गिरता जा रहा है। मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर होने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में नवी मुंबई जैसे पास के दूसरे शहरों से पीछे रह रहा है।” इसी कड़ी में मनपा के निर्णय को लेकर शिवसेना नेता और पूर्व स्थाई समिति अध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई है। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्या है मामला?

    मिल रही जानकारी के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कचरे का निपटारा करने में बढ़ते खर्च और मुंबई के लोगों को साफ़ सफाई की अच्छी सुविधा देने के नाम पर मुंबई के लोगो पर अतिरिक्त कचरा टैक्स लगाने का निणर्य लिया है। मनपा के इस निणर्य का भाजपा के नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि मुंबईकरो पर एक नया टैक्स लगाने का निणर्य कम से कम इस समय नही लिया जाना चाहिए। जबकि इस समय मनपा में निर्वाचित प्रतिनिधि है ही नही। शहर में चुनाव होने अभी बाकी है और चुनावी नतीजों के बाद ही मनपा प्रतिनिधि का चयन किया जाना है। जनप्रतिनिधि को सुनने के बाद ही मनपा को फैसला करना चाहिए। नही तो ये मुंबईकरो के खिलाफ होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

    क्यों हो रहा है मनपा का विरोध?

    विनोद मिश्रा ने कहा, मनपा में आने वाले नए अधिकारी नया नया प्रयोग करते है। अधिकारी मनपा को अपनी पाठशाला बना लेते है। मुबंई का सफाई का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। मनपा सिर्फ ठेकेदारों में बंध कर रह गई है। उन्होंने कचरा टैक्स लगाए जाने का विरोध करते हुए मनपा को कचरा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार को दूर कर अपना पैसा बचाने पर जोर देना को कहा है। उन्होंने कहा, मुबंई की जनता पर टैक्स का नया बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। मनपा के पूर्व विरोधी नेता रहे भाजपा मुंबई उपाध्यक्ष रविराजा ने मनपा द्वारा कचरे पर टैक्स लगाए जाने के समय को लेकर विरोध जताया है। रविराजा ने कहा कि मनपा में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है ऐसे में इस तरह का निणर्य लेना उचित नहीं होगा। (Questions are being raised on the decision of the Municipal Corporation to impose garbage tax)

  • स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों की वापसी और मुश्किलें मुंबई से बाहर तबादला

    स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों की वापसी और मुश्किलें मुंबई से बाहर तबादला

    महाराष्ट्र में चुनाव के चलते पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। अब उनके वापसी में रोढा उत्पन्न हो गया है। हालांकि 155 पुलिस अधिकारियों ने मुंबई शहर में वापसी कर ली है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव से पहले राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा मुंबई शहर से बाहर स्थानांतरित किए गए 161 पुलिस निरीक्षकों में से 155 को फिर से मुंबई शहर में स्थानांतरित कर दिया गया है। लेकिन अकोला, लातूर और नागपुर में स्थानांतरित किए गए 10 से 15 पुलिस अधिकारी कार्यभार संभालने के बाद छुट्टी पर चले गए थे। इसलिए, महानिदेशक कार्यालय ने उन्हें अपने पुराने स्थानों पर रिपोर्ट करने तक मुक्त करने से इन्कार कर दिया है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने 30 अक्टूबर को कुल 333 पुलिस निरीक्षकों का तबादला किया था। इनमें से मुंबई पुलिस बल में कार्यरत 161 अधिकारियों को मुंबई से बाहर स्थानांतरित किया गया था। इनमें से कुछ अधिकारियों ने एमएटी और कुछ ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    पुलिस महानिदेशक छुट्टी पर ..

    पुलिस निरीक्षकों के अलावा महाराष्ट्र में चुनाव से पहले पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला को छुट्टी पर भेज दिया गया था। विधानसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद, शुक्ला को डीजीपी के रूप में वापस लाया गया और अंततः 11 दिसंबर को, महाराष्ट्र पुलिस ने एक आदेश जारी किया जिसके तहत मुंबई शहर पुलिस के 155 अधिकारी, जिन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था, उन्हें मुंबई पुलिस में वापस लाया गया। एक बार आदेश जारी होने के बाद, अगला कदम इन अधिकारियों को उनकी पोस्टिंग के संबंधित मुख्यालय द्वारा कार्यमुक्त करना था। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    पोस्टिंग के बाद छुट्टी पर चले गए ..

    चुनाव के बाद मुंबई से बाहर स्थानांतरित हो चूके पुलिस अधिकारी मुंबई लौटने की उम्मीद कर रहे थे। आखिरकार, राज्य पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को 215 पुलिस निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए। जिसमें मुंबई से बाहर के 155 अधिकारी वापस आ गए। इस बीच, राज्य पुलिस बल में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, अपराध जांच विभाग और नागरिक अधिकार संरक्षण जैसे विभागों से मुंबई में तैनात 112 पुलिस निरीक्षकों में से 60 अधिकारियों को स्वेच्छा से उनकी पुरानी पोस्टिंग पर वापस भेज दिया गया और उन लोगों ने जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। लेकिन उसके बाद वे अधिकारी छुट्टी पर चले गए। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

    तबादले का कारण क्या था ?

    चुनाव आयोग के दिशानिर्देशानुसार, जो भी पुलिस अधिकारी पिछले चार वर्षों में तीन साल से अधिक समय तक एक ही आयुक्तालय में रहे हैं या यदि वे अपने गृह जिले में तैनात हैं, तो चुनाव के मामले में उन्हें स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि वे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल न कर सकें। (Return and difficulties of transferred police officers transferred out of Mumbai)

  • Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    Maharashtra: मुंबई समेत ठाणे और भिवंडी में 15% पानी की कटौती

    महाराष्ट्र के पीसे पंपिंग स्टेशन में ट्रांसफार्मर उड़ने की वजह से 6 मोटर पंप बंद हो गए हैं। जिसकी युद्ध स्तर पर रिपेयरिंग का काम चल रहा है। 15 दिसंबर तक कार्य पूरा होने की संभावना है। तबतक मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी इलाके में 15% पानी की कटौती रहेगी। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    इस्माईल शेख
    महाराष्ट्र-
    पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 बी फेज का करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार आधी रात के करीब अचानक खराब हो गया। इसके कारण पीसे पंपिंग स्टेशन में चल रहे कुल 20 पंपों में से 6 पंप बंद हो गए हैं। छह पंपों का मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इसकी जानकारी के मुताबिक, मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को जारी रहेगा। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में पानी की कटौती

    पंपिंग स्टेशन के मरम्मत कार्य के कारण मुंबई शहर, उपनगरों, ठाणे और भिवंडी में पानी की आपूर्ति 15 प्रतिशत कम रहने वाली है। मुंबई महानगरपालिका के पीसे बिजली सबस्टेशन के मुख्य ट्रांसफार्मर क्रमांक 1 का बी फेज करंट ट्रांसफार्मर शुक्रवार 13 दिसंबर को रात करीब 1 बजे अचानक खराब हो गया। पीसे पंपिंग स्टेशन में कुल 20 पंपिंग मोटर पंप लगे हैं। इनमें से छह पंपिंग पंप काम नहीं कर रहे हैं। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    खबर मिलते ही महानगरपालिका ने बंद पड़े छह पंपिंग पंपों की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। पंपों की मरम्मत का काम 14 और 15 दिसंबर को भी जारी रहेगा। इसके चलते 14 और 15 दिसंबर को मुंबई शहर और उपनगरों में 15 प्रतिशत पानी की कटौती की गई है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    BMC का पानी सप्लाई

    मुंबई महानगरपालिका ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाकों में भी पीसे डैम से पानी की आपूर्ति करती है। छह पंपिंग पंप बंद होने के कारण मुंबई सहित ठाणे और भिवंडी में भी पानी की आपूर्ति में 15 प्रतिशत कटौती की गई है, ऐसी जानकारी महानगरपालिका के अधिकारियों ने दी। एहतियात के तौर पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन ने नागरिकों से 14 और 15 दिसंबर के दौरान पानी का कम और सावधानी से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

    कहां-कहां होगी पानी की कटौती?

    मरम्मत कार्य के कारण मुंबई महानगरपालिका 14 दिसंबर से 15 दिसंबर तक ठाणे महानगरपालिका को होने वाली जलापूर्ति में 15 प्रतिशत की कटौती करेगी। इसके कारण ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र के नौपाड़ा, पचपाखड़ी, बी-केबिन, महागिरी, कोपरी, आनंदनगर, गांधीनगर, हजूरी, किसाननगर, लुइसवाड़ी, अंबिका नगर इलाकों में रविवार 15 दिसंबर तक जलापूर्ति कम रहेगी। एहतियात के तौर पर महानगरपालिका प्रशासन ने लोगों से इस दौरान सहयोग करने और पानी का संयम से उपयोग करने की अपील की है। (Maharashtra news 15% water cut in Mumbai, Thane and Bhiwandi)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    Mumbai BMC Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें देखने को मिल रही है। वहीं शिवसेना उद्वव गुट की ओर से मनपा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए जा रहे हैं। शिवसेना में गुटबाजी और चुनावी परिणाम के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने यहां की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ बीजेपी महाराष्ट्र की एक बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई है, तो वहीं महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। उद्वव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी मुंबई के लोकल चुनावों में अकेले लड़ सकती है। राज्य में महायुति की प्रचंड जीत के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? जबकि शिवसेना के बागी नेताओं ने शिंदे गुट के साथ मिलकर हद से ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर कर लिया है। इसी के साथ जाने मुंबई BMC इलेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन की भारी जीत ने महाविकास अघाडी गठबंधन को हाशिए पर धकेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, एनसीपी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी एवं अन्य छोटे दलों के महाविकास अघाडी गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे विपक्ष नेता पद के लिए स्पीकर से गुहार लगानी पड़ेगी। वहीं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल करते हुए, राज्य में महाविकास अघाडी गठबंधन के विजयी विधायकों ने अभी तक शपथग्रहण नहीं किया है। ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी के आरोप लगा रहे हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है लेकिन इस बीच अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों में चर्चा है कि बीजेपी जल्द से जल्द बीएमसी चुनाव करवा सकती है। राज्य में महानगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव लगभग 3 सालों से रुके हुए हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    2022 में होना था BMC चुनाव

    मुंबई में बृहन्मुंबई नगर पालिका चुनाव (Bmc Election) साल 2022 से टल रहे है। 2017 में मुंबई महानगर पालिका और ठाणे नगरपालिका में शिवसेना का ही दबदबा देखने को मिला था। ठाणे की 131 सीटों में 67 पर शिवसेना को जीत मिली थी, हालांकि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 10 विधायकों को जीत मिली है तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 6 विधायकों को जीत मिली है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी का सूपड़ा साफ हो गया है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी में अपनी पार्टी की सत्ता बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    उद्धव के सामने बड़ी चुनौती

    2017 के मनपा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कुल 84 सीटों पर जीत मिली थी। 227 सदस्यों वाले मनपा सदन में बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे और सपा को क्रमश: 7 और छह सीटें मिली थी। उद्धव ठाकरे के 84 नगर सेवकों में 60 के करीब उनका साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ज्यादातर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में चले गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ने की आवाज उठा रही है। अब देखना है कि उद्धव ठाकरे क्या निर्णय लेते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 119 सदस्यों का है। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    कब हो सकते हैं बीएमसी चुनाव?

    लंबे समय से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के रुके होने पर एक स्वयंसेवी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य में चुनाव में देरी की वजहें और स्थितियां अलग-अलग हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई ठोस कारण नहीं मिलता है, तो चुनाव कराने का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में बीएमसी चुनाव फरवरी में होने की संभावना बढ़ गई है। 64 हजार करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी को अभी जनता के चुनींदा नेताओं के बजाय मनपा के अधिकारी चला रहे हैं। 2017 में बीजेपी ने मनपा चुनाव अपने दम पर अलग से लड़ा था। इससे पहले 2012 के चुनावों में शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं। बीजेपी 31 सीटों में सिमट कर रह गई थी। कांग्रेस को 52 और एनसीपी को 13 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और एआईएमआईएम ने 2 सीटें पर जीत हासिल की थी। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)