Category: Mumbai News

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  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    मुंबई महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा के “भाजपा का महापौर” बयान पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“कसली कॉलर टाइट? भाजपा महापौर की रेस में नहीं है।”

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नज़दीक आते ही राजनीति गर्माती जा रही है। एक तरफ भाजपा नेता जहां BMC में सत्ता स्थापित करने की बात कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा द्वारा “मुंबई में भाजपा का महापौर बनेगा” इस दावे के बाद पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है।” सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस बयान पर ध्यान देने की बात कही।

    मुंबई में महापौर पद पर सियासी बयानबाज़ी तेज़

    राज्य के 29 नगर निगम चुनावों की घोषणा से पहले ही मुंबई में राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। महायुती के नेताओं का दावा है कि इस बार मुंबई में उनका महापौर बनेगा।
    वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) भी लगातार यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि “मुंबई में फिर से शिवसेना का महापौर आएगा।”

    इसी माहौल में मंत्री मंगलप्रभात लोढा के बयान ने राजनीतिक हलचलों को और हवा दे दी।

    मंगलप्रभात लोढा का बयान: “भाजपा का महापौर बनेगा, कॉलर टाइट होगा!”

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री लोढा ने कहा था—

    “मुंबई महानगरपालिका में जब भाजपा का महापौर चुना जाएगा, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे, और उस वक्त आपकी और मेरी कॉलर टाइट होगी!”

    उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई दल फडणवीस के संकेतों पर चलते हैं।

    उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अकेले महापौर पद का दावा कर रही है।

    सैय्या—”किस तरह का कॉलर टाइट? बीजेपी मेयर पद का चुनाव नहीं लड़ रही है!”

    मंगलप्रभात लोढा के बयान पर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने नाराज़गी जताई।
    मीडिया से बातचीत में सोमैया ने कहा—

    “भाजपा महापौर पद के लिए लड़ ही नहीं रही। जो नेता महापौर पद की बात कर रहे हैं, उन्हें मैंने भी बताया है और फडणवीस जी को भी कहा है कि उन्हें रोको। कैसा कॉलर टाइट? कैसा महापौर पद?”

    सोमैया ने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान महापालिका में “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” और विकास पर है, न कि महापौर की कुर्सी पर।

    महा विकास अघाड़ी और ठाकरे गुट पर भी हमला

    मीडिया से बातचीत के दौरान सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को भी आड़े हाथों लिया।
    उन्होंने कहा—

    • “कोविड के दौरान ठाकरे सेना कमाई कर रही थी।”
    • “खिचड़ी घोटाला, रेमडेसिविर घोटाला—ये सब मुंबई को लूटने की कहानी है।”
    • “हमारा लक्ष्य BMC को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर मुंबई का विकास करना है।”

    उनके अनुसार भाजपा—चाहे फडणवीस हों या मोदी—पिछले 25 वर्षों से “लूट” का आरोप झेल रही मुंबई को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुंबई में क्या भाजपा एकजुट नहीं? उठने लगे सवाल

    लोढा का “भाजपा का महापौर” वाला दावा और सोमैया की “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही” वाली प्रतिक्रिया—दोनों ने मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

    क्या BMC चुनाव में भाजपा की रणनीति स्पष्ट नहीं है?

    या फिर पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
    इसलिए भाजपा चाहती है कि हर बयान बेहद सोच–समझकर दिया जाए।


    FAQ सेक्शन

    1. महापौर पद को लेकर भाजपा में विवाद क्यों दिख रहा है?

    मंत्री लोढा ने कहा कि “भाजपा का महापौर बनेगा”, जबकि सोमैया ने कहा कि भाजपा महापौर की रेस में नहीं है। इसी वजह से मतभेद की चर्चा शुरू हुई।

    2. भाजपा की आधिकारिक रणनीति क्या है?

    सोमैया के मुताबिक, भाजपा का मुख्य फोकस महापालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और विकास तेज़ करना है।

    3. BMC चुनाव कब होने की उम्मीद है?

    राज्य चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। 29 नगर निगमों के चुनाव एक साथ होने की संभावना है।

    4. शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा क्या है?

    ठाकरे गुट का दावा है कि वे फिर से मुंबई में महापौर बनाएंगे।

  • काला घोड़ा क्षेत्र में सुशोभीकरण तेज, BMC आयुक्त ने की मौके पर समीक्षा

    काला घोड़ा क्षेत्र में सुशोभीकरण तेज, BMC आयुक्त ने की मौके पर समीक्षा

    मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में चल रहा BMC का सुशोभीकरण अंतिम चरण में है। आयुक्त भूषण गगराणी ने रुदरफोर्ड स्ट्रीट, डॉ. वी.बी. गांधी मार्ग और बी. भरूचा मार्ग पर जारी कार्यों की समीक्षा की। क्षेत्र में प्लाज़ा, पाथवे, बैरिकेट्स और आकर्षक ग्रेनाइट फर्श तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: दक्षिण मुंबई का मशहूर और ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके का सुशोभीकरण अब अंतिम चरण में है। गुरूवार को BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी और माजी मुख्य सचिव नितीन करीर ने क्षेत्र का दौरा कर कामों की समीक्षा की। यहां लगभग 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक पाथवे, ग्रेनाइट फर्श, प्लाज़ा, बैरिकेट्स और पर्यटक–अनुकूल सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं, ताकि आने वाले दिनों में यह इलाका मुंबईकरों और विदेशी पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बन सके।

    मुंबई का प्रतिष्ठित काला घोड़ा क्षेत्र अब और निखरेगा

    दक्षिण मुंबई का काला घोड़ा इलाका शहर की ऐतिहासिक विरासत, कला और संस्कृति की पहचान माना जाता है। यहां स्थित गैलरी, संग्रहालय, आर्ट स्टूडियो और पुरातन इमारतों के कारण यह हर दिन हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसी को और सुदृढ़ बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बड़े पैमाने पर सुशोभीकरण का काम हाथ में लिया है।

    काला घोड़ा एक ऐसा स्थान है, जहाँ हर साल प्रसिद्ध काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल आयोजित होता है, और यह क्षेत्र UNESCO के Victorian Gothic & Art Deco Ensemble से लगा हुआ है। इस वजह से भी इसे एक व्यवस्थित और वर्ल्ड-क्लास पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    3,443 वर्गमीटर में पहले चरण का काम लगभग पूरा

    सुशोभीकरण के पहले चरण में:

    • डॉ. वी. बी. गांधी मार्ग, रुदरफोर्ड स्ट्रीट, बी. भरूचा मार्ग
    • रोप वॉक लेन और साईबाबा रोड

    इन पाँच सड़कों के कुल 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र में (करीब 500 मीटर लंबाई) आधुनिक पाथवे, फेसिंग और सड़क सुधार का काम किया जा रहा है।

    यहाँ करडा और काला ग्रेनाइट, बेसॉल्ट स्टोन और आकर्षक पैटर्न वाली वॉकवे तैयार हो रही हैं। इन पायवाटों को ऐसा डिज़ाइन किया गया है कि पर्यटक चलते हुए आराम का अनुभव कर सकें।

    प्लाज़ा एरिया और बैठने की व्यवस्था बनेगी आकर्षण

    बी. भरूचा मार्ग के चौक पर एक छोटा लेकिन खूबसूरत प्लाज़ा बनाया जा रहा है, जहाँ—

    • टेबल–चेयर की बैठने की सुविधा
    • हल्का रिफ्रेशमेंट लेने के लिए स्पॉट
    • फोटो प्वाइंट और कला प्रदर्शन का स्थान

    मुंबईकरों और विदेशी पर्यटकों को यह नया प्लाज़ा विशेष रूप से आकर्षित करेगा।

    अवजड वाहनों पर रोक, चारों तरफ सुरक्षा बैरिकेट्स

    इस क्षेत्र को पूरी तरह ‘टूरीस्ट–फ्रेंडली’ बनाने के लिए BMC ने बड़े वाहनों को आने से रोकने का फैसला किया है। इसके चारों ओर आधुनिक सेफ्टी बैरिकेड्स लगाए जाएंगे ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिले।

    उपहारगृहों और दुकानों को एकसमान साइन बोर्ड लगाने का निर्देश

    दौरे के दौरान आयुक्त भूषण गगराणी ने महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा—

    • सभी रेस्टोरेंट, कैफे, होटल और दुकानों के साइन बोर्ड एकसमान आकार में हों।
    • पूरे क्षेत्र की सौंदर्यात्मक पहचान एक जैसी दिखनी चाहिए।
    • किसी भी तरह की अवैध या अव्यवस्थित बोर्डिंग को हटाया जाए।

    इससे पर्यटन क्षेत्र की दृश्यता और आकर्षण बढ़ेगा।


    पर्यटकों के लिए नया ‘हेरिटेज वॉक अनुभव’

    काला घोड़ा क्षेत्र पहले से ही हेरिटेज वॉक का केंद्र माना जाता है।
    नई पाथवे और सुशोभीकरण के बाद यहाँ—

    • पर्यटक आराम से पैदल घूम सकेंगे
    • कला, वास्तुकला और स्थानीय खानपान का आनंद ले सकेंगे
    • सड़कें और लेन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होंगी

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. काला घोड़ा में सुशोभीकरण का काम क्यों किया जा रहा है?

    यह क्षेत्र मुंबई का प्रमुख कला एवं पर्यटन स्थल है। इसे और आकर्षक व आधुनिक बनाने के लिए BMC सुशोभीकरण कर रही है।

    2. सुशोभीकरण में क्या–क्या शामिल है?

    नए पाथवे, प्लाज़ा, ग्रेनाइट फर्श, बैरिकेट्स, एकसमान साइन बोर्ड, सुरक्षित वॉकिंग लेन और पर्यटन–अनुकूल सुविधाएँ।

    3. किसने निरीक्षण किया?

    BMC आयुक्त भूषण गगराणी और माजी मुख्य सचिव नितीन करीर ने पूरे प्रोजेक्ट का दौरा कर समीक्षा की।

    4. पहले चरण में कितना क्षेत्र शामिल है?

    लगभग 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र (करीब 500 मीटर लंबाई) को विकसित किया जा रहा है।

  • 40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने से 40 वर्षीय मरीज की मौत का आरोप। परिवार का आरोप—वरिष्ठ डॉक्टर नहीं थे, इसलिए दूसरे अस्पताल भेजा गया। BMC अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था और अन्य गंभीर बीमारी की आशंका।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में एक 40 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि सोमवार रात पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द के साथ भर्ती किए गए मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने “वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं” कहकर दूसरे अस्पताल भेज दिया। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई।

    रजनीकांत यादव (40) को सोमवार रात तेज पेट दर्द के बाद शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में केवल प्राथमिक इलाज करके उन्हें कूपर, KEM या नायर अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परिवार उन्हें पहले प्राइवेट अस्पताल ले गया, फिर हालत बिगड़ने पर बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर में भर्ती किया, लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर शताब्दी अस्पताल ने समय पर और सही इलाज किया होता तो मरीज की जान बच सकती थी।

    🟥 मरीज को शताब्दी में लाया गया, पर वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे रजनीकांत यादव को तेज पेट दर्द के कारण शताब्दी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

    • ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की
    • बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं हैं
    • और मरीज को “उच्च स्तरीय उपचार” के लिए कूपर, KEM या नायर अस्पताल ले जाने को कहा

    परिवार ने डॉक्टरों से बार-बार विनती की कि मरीज की हालत खराब है, लेकिन उन्हें आगे का इलाज नहीं दिया गया।

    🟥 निजी अस्पताल और ट्रॉमा केयर के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

    वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज को परिजन मजबूरी में निजी अस्पताल ले गए।
    लेकिन—

    • रात में हालत अचानक बिगड़ गई
    • उन्हें बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर ले जाया गया
    • जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

    परिवार का आरोप—
    “अगर शताब्दी में समय पर इलाज मिला होता तो वह बच जाते।”

    🟥 नातेवाईकों का आक्रोश—एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाते रहे

    परिजनों का कहना है—
    “रात भर हम लोग अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। शताब्दी के डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सीधे रेफर कर दिया। अगर तुरंत ट्रीटमेंट शुरू होता तो ऐसा नहीं होता।”

    🟥 अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था, गंभीर बीमारी की आशंका

    शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा—

    • मरीज के पास पहले से ही कुछ जांच रिपोर्ट थीं
    • इसलिए टेस्ट में समय नहीं लगाया
    • प्राथमिक इलाज दिया गया
    • DNB परीक्षा होने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे
    • मरीज स्थिर था इसलिए “हायर सेंटर” की सलाह दी गई

    डॉ. गुप्ता का दावा—
    “सिर्फ पित्ताशय के दर्द से मौत नहीं हो सकती। उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी रही होगी।”


    ❓ FAQ

    1. मरीज को किस बीमारी की शिकायत थी?

    उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द की शिकायत थी।

    2. मौत किस अस्पताल में हुई?

    बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में।

    3. परिजनों का आरोप क्या है?

    कि शताब्दी अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं दिया और दूसरे अस्पताल भेज दिया।

    4. अस्पताल प्रशासन क्या कहता है?

    मरीज स्थिर था और घबराने जैसी स्थिति नहीं थी। मौत की वजह कोई अन्य गंभीर बीमारी हो सकती है।

    5. क्या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे?

    नहीं। DNB परीक्षा चलने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।

  • PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    मुंबई में पीएनबी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बोरीवली स्थित चार अटैच संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं। कुल ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया जारी।

    मुंबई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज करते हुए मुंबई के बोरीवली ईस्ट में स्थित चार अटैच संपत्तियों को कंपनी लिक्विडेटर के हवाले कर दिया है। यह कदम पीड़ित बैंकों, निवेशकों और अन्य दावेदारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को ईडी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई।

    🏷️ ईडी की कार्यवाही और उद्देश्य

    ईडी की ओर से बताया गया कि यह संपत्तियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा हैं। एजेंसी ने अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब ₹310 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर के अधीन सौंप दिया है, जो गितांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी हैं।

    🏷️ मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

    ईडी की जांच में पाया गया कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने साथियों और PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से 2014 से 2017 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन क्रेडिट लेटर्स के जरिए बैंक से ₹6,097.63 करोड़ का बड़ा वित्तीय घोटाला किया।

    इसके अलावा चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए लोन का भी भुगतान नहीं किया और जानबूझकर डिफॉल्ट किया।

    🏷️ जांच के दौरान जब्ती और सील की गई संपत्तियां

    जांच के दौरान ईडी ने देशभर में 136 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे और गितांजलि ग्रुप की करीब:

    • ₹597 करोड़ की ज्वेलरी और कीमती चीजें जब्त कीं
    • ₹1,968 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच कीं
    • जिनमें शामिल हैं:
      ✔️ देश और विदेश की प्रॉपर्टी
      ✔️ वाहन
      ✔️ बैंक खाते
      ✔️ सूचीबद्ध शेयर
      ✔️ फैक्ट्री परिसर

    कुल मिलाकर अब तक ₹2,565.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    🏷️ आगे की कानूनी प्रक्रिया

    पीड़ित बैंकों को जल्द भुगतान दिलाने के लिए ईडी और बैंकों ने मिलकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दिया, जिसे मंजूरी मिल गई है।

    अब इन संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया लिक्विडेटर और बैंक की निगरानी में होगी और बिक्री से प्राप्त राशि PNB और ICICI बैंक के खाते में फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी।

    ईडी ने बताया कि शेष अटैच संपत्तियों को भी जल्द ही इसी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।


    🔹 FAQ सेक्शन

    📌 प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है?
    यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

    📌 प्रश्न 2: कुल कितनी संपत्तियां बरामद या जब्त की गई हैं?
    अब तक लगभग ₹2,565.90 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं।

    📌 प्रश्न 3: इन संपत्तियों का क्या किया जाएगा?
    इनकी नीलामी कर राशि पीड़ित बैंकों को दी जाएगी।

    📌 प्रश्न 4: मेहुल चोकसी कहां है?
    चोकसी फिलहाल भगोड़ा घोषित है और विदेश में छिपा है।

  • मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मुंबई के मालाड ईस्ट में पुलिस ने एक युवक को बिना लाइसेंस देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट के कुरार इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को बिना लाइसेंस वाली देसी पिस्टल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फैसल शेख के रूप में हुई है, जो पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 दिसंबर 2025 की है। कुरार पुलिस की टीम शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थी। उसी दौरान संदिग्ध हरकत और तेज चाल में चलते देख पुलिस ने फैसल शेख को रोका।

    जांच के दौरान उसके पास से एक देसी कट्टा और एक लाइव कारतूस मिला, जिसकी कीमत पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग ₹15,500 बताई जा रही है।

    🔹 पुलिस की कार्रवाई

    आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया और उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • हथियार उसे कहां से मिला?
    • क्या वह हथियार बेचने आया था या किसी वारदात की तैयारी में था?
    • क्या आरोपी किसी गैंग या अपराधी गिरोह से जुड़ा है?

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।


    🔹 FAQ सेक्शन

    Q. आरोपी कहां पकड़ा गया?
    ➡ मालाड ईस्ट के शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा में पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान।

    Q. आरोपी के पास क्या मिला?
    ➡ एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस।

    Q. आरोपी पर कौन सा केस दर्ज हुआ?
    ➡ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

    Q. क्या आरोपी किसी गैंग से जुड़ा है?
    ➡ इसकी जांच पुलिस कर रही है, अभी पुष्टि नहीं हुई है।

  • NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पूर्व राज्य सचिव नोवेल साल्वे पर उल्हासनगर में हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू।

    मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पूर्व महाराष्ट्र स्टेट सेक्रेटरी नोवेल साल्वे पर हुए कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना आंदोलन शुरू हो गया है। साल्वे का आरोप है कि उल्हासनगर में 9 जून को उन पर हमला हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की और अब वह न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

    🔹 हमला कैसे हुआ?

    जानकारी के मुताबिक, 9 जून की शाम नोवेल साल्वे उल्हासनगर कैंप-3, सेक्शन 17 के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक बुजुर्ग सिंधी व्यक्ति को पीट रहे हैं। साल्वे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन उन लोगों में से एक ने पीछे से बांस लेकर साल्वे पर हमला कर दिया।

    हमले के बाद साल्वे की हालत बिगड़ गई, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें कार्डियक अटैक आया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया।

    🔹 परिवार ने की पुलिस से शिकायत

    घटना के तुरंत बाद साल्वे की पत्नी और बेटे ने उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने:

    • आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की
    • बाेले के बयान दर्ज किए बिना ही केस दर्ज कर दिया
    • जांच में जानबूझकर लापरवाही बरती

    🔹 आनंद अस्पताल से आजाद मैदान तक आंदोलन

    अपनी हालत सुधरने के बाद साल्वे ने सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन शुरू किया है। उन्होंने कहा:

    “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और पुलिस की मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन रुकेगा नहीं।”

    🔹 साल्वे की स्थिति गंभीर थी, हुआ ओपन हार्ट सर्जरी

    हमले के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि साल्वे की ओपन हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनका कहना है कि इस हमले का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा है और जिम्मेदार लोग आज भी खुले घूम रहे हैं।

    🔹 मांगें क्या हैं?

    नोवेल साल्वे ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

    1. हमले में शामिल आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो
    2. जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
    3. केस की सुनवाई तेजी से की जाए

    FAQ सेक्शन:

    Q1: आंदोलन कहां हो रहा है?
    ➡ आंदोलन मुंबई के आजाद मैदान में चल रहा है।

    Q2: हमला कब हुआ था?
    ➡ हमला 9 जून 2025 को उल्हासनगर में हुआ था।

    Q3: आरोपी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
    ➡ साल्वे का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है और ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

    Q4: साल्वे की सेहत पर क्या असर हुआ?
    ➡ हमले के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके कारण उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई।

  • 16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    मुंबई की एक बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन की जगह प्लाइवुड भेजने वाला वडोदरा का कारोबारी गिरफ्तार। मालाड पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

    मुंबई: शहर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां वडोदरा के एक कारोबारी ने 48 वर्षीय बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन भेजने का वादा किया लेकिन बॉक्स खोलने पर अंदर सिर्फ प्लाइवुड और कार्डबोर्ड निकला। शिकायत के बाद मालाड पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

    पूरी खबर विस्तार में (मुंबई की बोलचाल वाली भाषा में):

    🔹 कैसे शुरू हुआ यह मामला?

    यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। पीड़िता प्रीति पवार, जो गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सर्विस सेंटर चलाती हैं, अपने सेंटर के लिए Colon Hydrotherapy Machine और Infrared Sauna System जैसी एडवांस हेल्थकेयर मशीनें खरीदना चाहती थीं। उन्होंने इंटरनेट पर खोजकर Nexorth Orthopedic Pvt Ltd नाम की कंपनी ढूंढी, जो गुजरात के वडोदरा में रजिस्टर्ड बताई गई।

    🔹 पहले भरोसा, फिर धोखा

    प्रीति ने कंपनी के मालिक बताए गए डॉ. निशांत मेहता से फोन पर बात की। डील कन्फर्म करने से पहले उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी ऑफिस भेजकर वहां की जांच भी करवाई। सब कुछ सही लगने पर उन्होंने:

    • ₹1 लाख एडवांस
    • ₹1,19,250 चेक
    • ₹7,01,600 बैंक लोन
    • और कुल मिलाकर ₹16 लाख ट्रांसफर कर दिए।

    🔹 ड्रामा शुरू — एक्सीडेंट की स्टोरी और फर्जी स्लिप

    17 नवंबर को निशांत ने फोन करके कहा कि मशीनों वाला वाहन एक्सीडेंट में नुकसान पहुंचा है, इसलिए देर होगी। जब पीड़िता को शक हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने नकली ट्रांजैक्शन स्लिप भेज दी।

    पीड़िता ने जब बैंक में चेक जमा किया तो वह चेक भी बाउंस हो गया।

    🔹 अंत में प्लाइवुड वाला पार्सल!

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि वह एक नया सेट भेज रहा है। लेकिन जब बॉक्स खुला — अंदर मशीन नहीं बल्कि प्लाइवुड और कार्डबोर्ड मिला।

    🔹 पुलिस एक्टिव — गिरफ्तारी और कस्टडी

    5 दिसंबर को पीड़िता ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में सारे तथ्य सही पाए गए और फिर पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया।

    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।


    FAQ Section

    Q1: आरोपी ने क्या धोखा दिया था?
    ➡ मशीन की जगह उसने बॉक्स में प्लाइवुड और कार्डबोर्ड भेजा।

    Q2: कुल धोखाधड़ी की रकम कितनी है?
    ➡ करीब ₹16 लाख।

    Q3: आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡ 5 दिसंबर को शिकायत और जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    Q4: आरोपी अभी कहां है?
    ➡ अभी वह पुलिस कस्टडी में तीन दिन के रिमांड पर है।

  • BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    BMC चुनाव से पहले वोटरों में बंपर बढ़ोतरी, मालाड–कुर्ला में वोट बैंक 50% बढ़ा

    मुंबई मनपा चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, शहर में कुल 12.67% की बढ़ोतरी जबकि मालाड-मालवनी और कुर्ला में रिकॉर्ड 50% वोटर्स बढ़े।

    मुंबई: शहर में होने वाले आगामी बीएमसी चुनाव से पहले जारी हुई मतदाता सूची के आंकड़ों ने शहर की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। पूरे शहर में वोटरों की कुल संख्या में 12.67% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, लेकिन यह बढ़ोतरी हर जगह समान नहीं है। सबसे बड़ा उछाल मालाड-मालवनी और कुर्ला जैसे इलाकों में देखा गया है, जहां मतदाता संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी सामने आई है।

    इसके उलट दक्षिण मुंबई के कई पारंपरिक और पुराने वार्डों में वोटरों की संख्या घट गई है, जो यह संकेत देता है कि मुंबई का राजनीतिक माइंडमैप बदल रहा है और इस बार का चुनाव परंपरागत मुकाबले से कहीं ज्यादा जटिल और वोट बैंक आधारित होने वाला है।

    🔹 दक्षिण मुंबई में खाली होते वार्ड

    BMC चुनावों के लिए जारी प्रारूप मतदाता सूची में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दक्षिण मुंबई के कई वार्ड अब खाली होते नज़र आ रहे हैं।

    सबसे ज्यादा कमी सी-वार्ड (कालबादेवी, भुवलेश्वर, चीरा बाजार) में हुई है।

    जिन इलाकों में पहले भारी मतदान और पॉलिटिकल एक्टिविटी होती थी, वहां अब लोग या तो पुनर्विकास के चलते शहर से बाहर शिफ्ट हो गए हैं या फ्लैट्स अभी भी कब्जे के इंतज़ार में हैं।

    प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पुराने बिल्डिंग पुनर्विकास, जर्जर इमारतें गिरना, और रेंटल कॉमर्शियलाइजेशन की वजह से बड़े स्तर पर जनसंख्या शिफ्ट हुई है।

    🔹 11 लाख डुप्लीकेट वोटर हटाए गए

    मतदाता सूची में बड़े बदलाव की एक और बड़ी वजह है—मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान।
    बीएमसी प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मिलकर लगभग 11 लाख डुप्लीकेट नामों को सूची से हटाया है।

    ➡ इससे कुछ वार्डों में आंकड़े अचानक कम हो गए।
    ➡ वहीं नए मतदाता पंजीकरण और माइग्रेशन की वजह से उपनगरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

    🔹 सबसे तेज़ वृद्धि वाले इलाके: मालाड-मालवणी और कुर्ला

    आंकड़ों के मुताबिक:

    वार्डइलाकावृद्धि प्रतिशत
    48मालाड–मालवणी50%+
    33कुर्ला50%+
    163मालाड क्षेत्र50%+
    157पी-नॉर्थ50%+

    इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कामगार वर्ग, अल्पसंख्यक आबादी और किरायेदारी आधारित रहने वालों की संख्या अधिक है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।

    🔹 आने वाले चुनाव में असर साफ दिखेगा

    राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह चुनाव:

    • पारंपरिक हार-जीत वाला मुकाबला नहीं रहेगा
    • वोटबैंक आधारित रणनीति हावी होगी
    • मुंबई का राजनीतिक पावर सेंटर दक्षिण से उपनगरों की ओर शिफ्ट होगा

    प्रारूप सूची पर अभी दावे–आपत्तियां ली जाएंगी और फिर अंतिम सूची जारी होगी।


    ❓ FAQs

    👉 Q1: मुंबई में कुल वोटर कितने बढ़े हैं?
    मुंबई में 2017 के मुकाबले 12.67% वोटर बढ़े हैं।

    👉 Q2: सबसे ज्यादा वृद्धि कहां दर्ज हुई है?
    मालाड-मालवनी और कुर्ला इलाकों में 50% तक की वृद्धि।

    👉 Q3: क्या वोटरों की संख्या घटी भी है?
    हाँ। दक्षिण मुंबई के कई वार्डों में मतदाता संख्या घटी है।

    👉 Q4: वोटर हटाए क्यों गए?
    लगभग 11 लाख डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।