Category: Mumbai News

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  • मुंबई में थूकने पर ₹250 और कचरा फैलाने पर ₹500 जुर्माना, BMC ने जारी किए नए स्वच्छता नियम

    मुंबई में थूकने पर ₹250 और कचरा फैलाने पर ₹500 जुर्माना, BMC ने जारी किए नए स्वच्छता नियम

    BMC ने मुंबई में स्वच्छता को लेकर नए Bylaws 2025 लागू किए हैं। सार्वजनिक स्थान पर थूकने, कचरा फैलाने, गीला-सूखा कचरा अलग न करने और बिना परमिट मलबा ढोने पर भारी जुर्माना लगेगा। पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने घनकचरा प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े नए उपविधि (Bylaws-2025) जारी कर दिए हैं। इन नियमों के तहत अब सार्वजनिक जगह पर थूकने पर 250 रुपये, कचरा फेंकने पर 500 रुपये, गीला-सूखा कचरा अलग न करने पर 200 रुपये और बिना अनुमति मलबा ढोने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। ये नियम मुंबई शहर और उपनगरों के सभी नागरिकों, दुकानों, संस्थानों और आयोजनों पर लागू होंगे।

    🏛️ BMC ने क्यों जारी किए नए स्वच्छता Bylaws?

    Bmc प्रशासन का कहना है कि मुंबई में रोज़ाना हजारों टन कचरा पैदा होता है।
    इसे सही तरीके से अलग-अलग वर्गीकृत कर प्रोसेस करना,
    सार्वजनिक स्थानों को गंदगी से बचाना
    और नागरिकों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी तय करना अब बेहद ज़रूरी हो गया है।

    इसी उद्देश्य से घनकचरा (व्यवस्थापन और हाताळणी), स्वच्छता और स्वच्छताविषयक उपविधी – 2025 लागू किए गए हैं।

    👤 किनके निर्देश पर लागू हुए ये नियम?

    यह निर्णय—

    • BMC आयुक्त व प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
    • उपायुक्त (घनकचरा प्रबंधन) किरण दिघावकर की निगरानी में

    लिया गया है।

    🚮 अब किन बातों पर लगेगा जुर्माना? (मुख्य दंड सूची)

    बीएमसी ने कुल 21 तरह के अपराधों पर जुर्माना तय किया है, जिनमें प्रमुख हैं—

    🔸 सार्वजनिक गंदगी से जुड़े दंड

    • सड़क, फुटपाथ, गली, बाग या सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकना – ₹500
    • सार्वजनिक स्थान पर थूकना – ₹250
    • खुले में नहाना – ₹300
    • खुले में पेशाब करना – ₹500
    • खुले में शौच करना – ₹500

    🔸 कचरा प्रबंधन से जुड़े दंड

    • गीला और सूखा कचरा अलग न करना – ₹200
    • बड़े कचरा उत्पादकों के लिए – ₹1000
    • सूखा कचरा अलग न देना – ₹200
    • मछली, मांस, पोल्ट्री कचरा अलग न करना – ₹750

    🔸 मलबा और निर्माण कचरा

    • तय जगह के अलावा मलबा फेंकना – ₹20,000 प्रति वाहन
    • बिना परमिट मलबा ढोना – ₹25,000 प्रति वाहन

    🛒 दुकानदार, फेरीवाले और आयोजकों के लिए खास नियम

    • बिना कचरा डिब्बे के फेरीवाले – ₹750
    • कचरा अलग न करने वाले फेरीवाले – ₹750
    • सार्वजनिक कार्यक्रम के 4 घंटे के भीतर सफाई न करने पर – जमा राशि जब्त
    • वाहन धोना या सार्वजनिक जगह पर बर्तन धोना – ₹300 से ₹500

    🌱 BMC की अपील: नागरिक बनें जिम्मेदार

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि—

    “मुंबई को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल बीएमसी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।”

    बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वे—

    • घर और परिसर साफ रखें
    • कचरे का सही तरीके से वर्गीकरण करें
    • सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें
    • नियमों का पालन कर महानगरपालिका को सहयोग दें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. क्या ये नियम पूरे मुंबई में लागू होंगे?

    हाँ, मुंबई शहर और उपनगरों के सभी इलाकों में लागू होंगे।

    Q2. गीला-सूखा कचरा अलग न करने पर कितना जुर्माना है?

    पहली बार ₹200, बड़े कचरा उत्पादकों के लिए ₹1000।

    Q3. बिना परमिट मलबा ढोने पर क्या सजा है?

    ₹25,000 प्रति वाहन जुर्माना।

    Q4. क्या दुकानदार और फेरीवाले भी नियमों के दायरे में हैं?

    हाँ, उनके लिए अलग-अलग जुर्माने तय किए गए हैं।

  • मोहम्मद अली रोड पर BMC की बड़ी कार्रवाई, अवैध फेरीवाले और अतिक्रमण हटाए

    मोहम्मद अली रोड पर BMC की बड़ी कार्रवाई, अवैध फेरीवाले और अतिक्रमण हटाए

    मुंबई के मोहम्मद अली मार्ग और इब्राहिम मर्चेंट रोड पर बीएमसी के बी वार्ड ने अवैध फेरीवालों और फुटपाथ पर बने अनधिकृत निर्माण हटाए। 7 दुकानें, 12 ओटे और 2 लावारिस वाहन हटाए गए।

    मुंबई: सबसे व्यस्त और संवेदनशील व्यावसायिक इलाकों में गिने जाने वाले मोहम्मद अली मार्ग और इब्राहिम मर्चेंट मार्ग पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ी कार्रवाई की है। BMC के ‘बी’ प्रशासकीय विभाग ने फुटपाथों पर किए गए अनधिकृत निर्माण और अवैध फेरीवालों को हटाते हुए इलाके को अतिक्रमण मुक्त किया। इस कार्रवाई से पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    BMC ‘बी’ वार्ड की सख्त कार्रवाई

    दिनांक 2 फरवरी 2026 को बीएमसी के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई—

    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देश पर
    • उप आयुक्त (परिमंडल-1) चंदा जाधव के मार्गदर्शन में
    • सहायक आयुक्त (बी विभाग) योगेश देसाई के नेतृत्व में

    अंजाम दी गई।

    क्यों ज़रूरी थी यह कार्रवाई?

    मोहम्मद अली मार्ग और इब्राहिम मर्चेंट मार्ग—

    • भेंडी बाजार
    • मस्जिद बंदर
    • भायखला
    • नागदेवी
    • मांडवी

    जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते हैं। इन सड़कों पर—

    • फुटपाथों पर अवैध दुकानें
    • बढ़ाए गए ओटे
    • लोहे-पत्रे के शेड
    • फेरीवालों का जमावड़ा

    होने से यातायात और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही थी।

    अवैध निर्माण और फेरीवालों पर चला बुलडोज़र

    बीएमसी की इस कार्रवाई में—

    • 7 अनधिकृत दुकानें हटाई गईं
    • 12 अवैध ओटे तोड़े गए
    • पत्रे और लोहे के शेड हटाए गए
    • 10 बोलार्ड निकाले गए
    • 2 लावारिस वाहनों पर कार्रवाई की गई

    पूरा ऑपरेशन आधुनिक मशीनरी की मदद से किया गया।

    भारी मशीनरी और पुलिस बंदोबस्त तैनात

    अतिक्रमण हटाने के लिए—

    • 4 अतिक्रमण निर्मूलन वाहन
    • 2 जेसीबी मशीनें
    • अन्य तकनीकी उपकरण

    लगाए गए थे।
    इसके साथ ही, मौके पर 40 से अधिक बीएमसी अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

    स्थानीय नागरिकों ने जताया संतोष

    कार्रवाई के बाद स्थानीय दुकानदारों, रहवासियों और राहगीरों ने राहत की सांस ली। नागरिकों का कहना है कि—

    • अब फुटपाथ चलने लायक हुए हैं
    • ट्रैफिक की समस्या कम होगी
    • इलाके की सुरक्षा और सफ़ाई बेहतर होगी

    BMC का साफ संदेश

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि—

    “शहर में अनधिकृत फेरीवालों और बढ़ी हुई निर्माण गतिविधियों के खिलाफ आगे भी नियमित रूप से कार्रवाई जारी रहेगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी ने यह कार्रवाई कब की?
    👉 2 फरवरी 2026 को।

    Q2. किन इलाकों में अतिक्रमण हटाया गया?
    👉 मोहम्मद अली मार्ग और इब्राहिम मर्चेंट मार्ग।

    Q3. कितनी अवैध दुकानें हटाई गईं?
    👉 कुल 7 अनधिकृत दुकानें।

    Q4. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    👉 हां, बीएमसी ने नियमित कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

  • दिंडोशी में पानी संकट पर बड़ी राहत, 3 लाख लीटर की टंकी के काम का शुभारंभ

    दिंडोशी में पानी संकट पर बड़ी राहत, 3 लाख लीटर की टंकी के काम का शुभारंभ

    दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र की महानगरपालिका, नागरी निवारा और म्हाडा वसाहत में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या के समाधान के लिए 3 लाख लीटर क्षमता की नई पानी टंकी के निर्माण का काम शुरू हो गया है।

    मुंबई: दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले हजारों नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। महानगरपालिका वसाहत, संतोष नगर, श्रीकृष्ण नगर, नागरी निवारा और म्हाडा वसाहत में लंबे समय से कम दबाव और अनियमित पानी आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे लोगों को अब स्थायी समाधान मिलने जा रहा है। शिवसेना के प्रयासों से यहां 3 लाख लीटर क्षमता की सहायक पानी टंकी (AST) के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है, जिससे इलाके की पानी किल्लत हमेशा के लिए दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    चुनाव में दिया गया वादा अब ज़मीन पर उतरा

    शिवसेना के वरिष्ठ नेता, आमदार और पूर्व महापौर सुनिल प्रभु ने विधानसभा और मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान दिंडोशी क्षेत्र के नागरिकों को यह भरोसा दिलाया था कि पानी की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। अब उसी वादे को पूरा करते हुए यह अहम परियोजना शुरू की गई है।

    कहां बनेगी 3 लाख लीटर की पानी टंकी?

    यह नई सहायक पानी टंकी—

    • दिंडोशी वसाहत
    • संतोष नगर
    • सेक्टर C, G, L, H, M और D
    • ए–1 स्वीट के पास
    • दिंडोशी वसाहत स्थित महानगरपालिका के भूखंड पर

    निर्मित की जा रही है, जिससे आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा।

    क्यों थी दिंडोशी में पानी की बड़ी समस्या? (पार्श्वभूमी)

    दिंडोशी वसाहत का एक बड़ा हिस्सा भौगोलिक रूप से ऊंचाई पर स्थित है। इसी वजह से यहां—

    • कई सालों से कम दबाव में पानी आता था
    • पानी की सप्लाई सिर्फ सुबह सीमित समय के लिए होती थी
    • ऑनलाइन पंपिंग सिस्टम होने के बावजूद ऊंचे हिस्सों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचता था

    इससे महिलाओं, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को रोज़ाना भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी।

    महापालिका रिपोर्ट में क्या सामने आया? (तकनीकी जानकारी)

    बीएमसी के जल अभियंता विभाग की जांच में यह तथ्य सामने आए—

    • मौजूदा टंकी की क्षमता: 1.25 लाख लीटर
    • टंकी का निर्माण वर्ष: 2007
    • पंपिंग सिस्टम: ऑनलाइन पंपिंग + गुरुत्वाकर्षण
    • ज़ोन–I: सेक्टर D, H, M
    • ज़ोन–II: सेक्टर C, G, L

    पानी की समयसीमा बढ़ाने के बावजूद ऊंचे इलाकों में दबाव की समस्या बनी रही।

    तीन साल की मेहनत के बाद मिली मंज़ूरी

    आमदार सुनिल प्रभु, नगरसेवक तुलशीराम शिंदे और एडवोकेट सुहास वाडकर ने पिछले तीन वर्षों तक लगातार बीएमसी जल अभियंता विभाग के साथ बैठकें कर इस मुद्दे को आगे बढ़ाया।

    • 4 दिसंबर 2024 को AST टंकी का प्रस्ताव रखा गया
    • 6 जनवरी 2025 को संयुक्त बैठक में परियोजना को मंज़ूरी मिली

    नई पानी टंकी की प्रमुख विशेषताएं

    • लाभार्थी आबादी: 17,690 नागरिक
    • रोज़ाना पानी की मांग: 8 लाख लीटर
    • टंकी क्षमता: 3,00,000 लीटर
    • पंप: 2 (एक कार्यरत, एक स्टैंडबाय)
    • पंप क्षमता: 3300 लीटर प्रति मिनट
    • परियोजना लागत: ₹1.77 करोड़
    • काम शुरू: 15 दिसंबर 2025
    • अनुमानित पूर्णता: 14 नवंबर 2027

    हजारों परिवारों को होगा सीधा फायदा

    इस नई टंकी के शुरू होने से—

    • ऊंचे इलाकों में पूरा दबाव मिलेगा
    • पानी की सप्लाई नियमित होगी
    • सुबह-सुबह पानी भरने की मजबूरी खत्म होगी
    • महिलाओं और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी

    क्या बोले आमदार सुनिल प्रभु?

    आमदार सुनिल प्रभु ने कहा—

    “दिंडोशी के ऊंचाई वाले इलाकों की पानी समस्या सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि आम लोगों के रोज़मर्रा के जीवन से जुड़ी हुई थी। हमने 3 लाख लीटर की सहायक पानी टंकी मंज़ूर करवाई है। यह प्रोजेक्ट पूरा होते ही यहां की पानी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। हम जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं।”

    कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद?

    इस शुभारंभ कार्यक्रम में—

    • नगरसेवक तुलशीराम शिंदे
    • एडवोकेट सुहास वाडकर
    • शाखाप्रमुख संदीप जाधव
    • संपत मोरे
    • सामाजिक कार्यकर्ता संपतदादा उतेकर
    • बीएमसी के अभियंता
    • शिवसैनिक, महिला-पुरुष पदाधिकारी
    • बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक

    मौजूद रहे। काम शुरू होते ही इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. दिंडोशी में कितनी क्षमता की पानी टंकी बन रही है?
    👉 3 लाख लीटर क्षमता की सहायक पानी टंकी।

    Q2. इस परियोजना से कितने लोगों को फायदा होगा?
    👉 करीब 17,690 नागरिकों को।

    Q3. टंकी कब तक पूरी होगी?
    👉 नवंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q4. सबसे ज़्यादा फायदा किन इलाकों को मिलेगा?
    👉 संतोष नगर, श्रीकृष्ण नगर, नागरी निवारा और म्हाडा वसाहत के ऊंचाई वाले इलाके।

  • मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट के 7 घायलों में 2 की मौत—2 की हालत नाजुक

    मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट के 7 घायलों में 2 की मौत—2 की हालत नाजुक

    मुंबई के मालवनी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामले में इलाज के दौरान दो घायलों की मौत हो गई। कुल 7 लोग घायल हुए थे, जिनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) स्थित मालवनी इलाके में हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। इस हादसे में घायल हुए सात लोगों में से दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मालवनी पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान विजय चौधरी और जुलेखा खान के रूप में हुई है। बाकी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    Breaking Update: इलाज के दौरान दो की मौत

    मालवनी पुलिस सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर ब्लास्ट में घायल सात लोगों में से दो ने केईएम अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
    मृतकों की पहचान इस प्रकार है—

    • विजय चौधरी (उम्र 54 वर्ष)
    • जुलेखा खान (उम्र करीब 60 वर्ष)

    दोनों की हालत बेहद गंभीर थी और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    अब भी अस्पताल में ज़िंदगी से जूझ रहे घायल

    हादसे में घायल हुए बाकी पांच लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इनमें से दो मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन पर डॉक्टर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

    कब और कहां हुआ था हादसा?

    यह दर्दनाक हादसा—

    • दिनांक: 27 जनवरी 2026
    • समय: सुबह करीब 9:25 बजे
    • स्थान:
    • मालवनी गेट नंबर 8
    • ए.सी. मस्जिद के पास
    • भारत माता स्कूल के बगल में
    • मालाड (पश्चिम), मुंबई

    घनी आबादी वाले इलाके में ब्लास्ट होने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी।

    गैसi सिलेंडर ब्लास्ट, कैसे हुआ हादसा?

    प्राथमिक जांच के अनुसार, एक ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर बने कमरे में गैस लीकेज हुआ।
    लीकेज के बाद—

    • सिलेंडर के मेन वाल्व में आग लगी
    • देखते ही देखते जोरदार ब्लास्ट हुआ
    • कमरे में आग फैल गई

    ब्लास्ट के कारण कमरे में रखा लगभग सारा सामान जलकर खाक हो गया।

    किन-किन चीज़ों को हुआ नुकसान?

    दमकल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आग सीमित दायरे में रही, लेकिन नुकसान काफी हुआ—

    • एलपीजी सिलेंडर
    • गैस स्टोव
    • सिलेंडर का मेन वाल्व
    • एसी शीट्स
    • घरेलू सामान
    • खाने-पीने की वस्तुएं
    • गद्दे और अन्य सामान

    दमकल की फुर्ती, 17 मिनट में आग पर काबू

    बीएमसी की मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए—

    ➡ सुबह 9:42 बजे आग को पूरी तरह बुझा दिया।

    अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

    घायलों का अस्पताल-वार पूरा विवरण

    BDBA अस्पताल (शिफ्ट किए गए मरीज):

    1. विजय चौधरी (54 वर्ष) – बाद में मौत
    2. तौसीब खान (18 वर्ष) – DAMA
    3. अली कासिम (17 वर्ष) – DAMA

    आधार अस्पताल:

    1. जुलेखा बानो आफताब अंसारी (60 वर्ष) – 55-60% जलने के बाद कूपर अस्पताल रेफर, बाद में मौत
    2. आदिल शेख (2 वर्ष) – 20% जले, कूपर अस्पताल रेफर
    3. रोमा (35 वर्ष) – 35% जली, हालत गंभीर
    4. अलीशा (18 वर्ष) – 35% जली, हालत गंभीर

    मौके पर पहुंचीं ये एजेंसियां

    घटना की सूचना मिलते ही कई विभाग मौके पर पहुंचे—

    • मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB)
    • मालवनी पुलिस
    • 108 एंबुलेंस सेवा
    • बीएमसी वार्ड स्टाफ
    • बिजली विभाग का स्टाफ

    पुलिस जांच जारी, कारणों की पड़ताल

    मालवनी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि—

    • गैस लीकेज कैसे हुआ?
    • सिलेंडर या पाइप में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं?
    • सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं?

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालवनी गैस सिलेंडर ब्लास्ट में कितने लोगों की मौत हुई?
    👉 दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई है।

    Q2. हादसे में कुल कितने लोग घायल हुए थे?
    👉 कुल 7 लोग घायल हुए थे।

    Q3. अभी कितने घायलों की हालत गंभीर है?
    👉 दो घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

    Q4. हादसा किस वजह से हुआ?
    👉 प्राथमिक जांच में गैस लीकेज को कारण माना जा रहा है, जांच जारी है।

  • कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में पांच लैब टेक्नीशियन बिना महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के काम करते पाए गए. शिकायत के बाद MPC ने कार्रवाई के निर्देश दिए. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (शताब्दी अस्पताल) में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अस्पताल में कम से कम पांच लैब टेक्नीशियन ऐसे पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल (MPC) में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद वे इमरजेंसी लैब में भी सेवाएं दे रहे थे. एक शिकायत के बाद MPC ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अधिवक्ता तुषार भोसले ने “आपले सरकार” पोर्टल के जरिए महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शताब्दी अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले लैब टेक्नीशियन मरीजों के सैंपल, जांच और इमरजेंसी मामलों को संभाल रहे हैं, जो कानून और मरीजों की सुरक्षा—दोनों के खिलाफ है.

    शिकायत मिलने के बाद MPC ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

    MPC के निर्देश के बाद अस्पताल का आदेश

    पैरामेडिकल काउंसिल के निर्देश के बाद शताब्दी अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सभी लैब टेक्नीशियन के लिए MPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

    हालांकि, इस आदेश का विरोध अस्पताल के कुछ स्थायी और वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन जरूरी योग्यता और मान्यता प्राप्त डिग्री के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे.

    अस्पताल प्रशासन की दुविधा

    अस्पताल प्रशासन इस समय असमंजस में है. एक ओर कानून का पालन करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य भी सवालों में है.

    इस मुद्दे पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी शामिल है. इनमें से पांच टेक्नीशियन फिलहाल महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं हैं.

    पांच टेक्नीशियन ने किया आवेदन, फिर भी अड़चन

    डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार,

    • सभी पांच टेक्नीशियन ने MPC रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है
    • प्रत्येक ने ₹2,000 की निर्धारित फीस जमा की है
    • आवेदन की रसीद भी उन्हें मिल चुकी है

    लेकिन समस्या यह है कि इनमें से कुछ के पास BSc माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री है या वे ऐसे संस्थानों से पासआउट हैं, जो MPC की मान्यता सूची में शामिल नहीं हैं. इसी वजह से उनके रजिस्ट्रेशन पर अंतिम फैसला अटका हुआ है.

    DMLT अनिवार्य, कानून साफ

    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक,
    ब्लड बैंक टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) अनिवार्य है.

    अतीत में कई भर्तियां इन नियमों को दरकिनार कर की गईं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों और अस्पताल—दोनों को भुगतना पड़ रहा है.

    कानूनी चेतावनी: अपराध है बिना रजिस्ट्रेशन काम करना

    इस मामले पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता तुषार भोसले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

    “कानून के मुताबिक लैब टेक्नीशियन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही इसके लिए उन्हें अब DMLT करना पड़े. बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. महाराष्ट्र स्टेट पैरामेडिकल एक्ट पूरे राज्य में लागू है, जिसमें BMC भी शामिल है. इस पर कोई भ्रम नहीं है.”

    उन्होंने बताया कि MPC ने इस बाबत BMC आयुक्त को भी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और CMS ने भी समर्थन में सर्कुलर जारी किया है.

    मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

    बिना रजिस्टर्ड टेक्नीशियन द्वारा इमरजेंसी लैब सेवाएं संभालना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है.


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शताब्दी अस्पताल में कितने लैब टेक्नीशियन बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए?
    👉 कुल पांच लैब टेक्नीशियन MPC में रजिस्टर्ड नहीं थे.

    Q2. क्या वे इमरजेंसी सेवाओं में काम कर रहे थे?
    👉 हां, आरोप है कि वे इमरजेंसी लैब में भी कार्यरत थे.

    Q3. लैब टेक्नीशियन के लिए कौन-सी योग्यता जरूरी है?
    👉 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT अनिवार्य है.

    Q4. क्या बिना रजिस्ट्रेशन काम करना अपराध है?
    👉 हां, यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.

    Q5. अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    👉 MPC के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और सभी पांच टेक्नीशियन ने आवेदन किया है.

  • BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने स्पष्ट किया है कि मुंबई में मराठी या किसी भी माध्यम की महानगरपालिका स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। छात्रों की संख्या और शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं जारी हैं।

    मुंबई: मराठी माध्यम की स्कूलों को लेकर चल रही चर्चाओं और आशंकाओं पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। महानगरपालिका प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। उल्टे, BMC छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे—इस उद्देश्य से लगातार योजनाएं और उपक्रम चला रही है।

    मराठी स्कूलों को लेकर BMC का स्पष्ट रुख

    BMC प्रशासन का कहना है कि:

    • मुंबई की मराठी माध्यम की स्कूलों के मुद्दे पर वह पूरी तरह संवेदनशील है
    • मराठी के साथ-साथ अन्य माध्यमों की स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है
    • छात्रों की घटती संख्या को रोकने और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं

    छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लगातार पहल

    महानगरपालिका का साफ लक्ष्य है कि:

    • एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे
    • इसके लिए पालकों की काउंसलिंग की जाती है
    • स्कूलों में एडमिशन के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं

    पिछले 10–15 वर्षों से BMC इस दिशा में निरंतर काम कर रही है।

    शानदार रिजल्ट: मराठी स्कूलों का 95% पास प्रतिशत

    शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों का नतीजा भी सामने आया है:

    • मार्च 2025 की 10वीं परीक्षा
    • BMC मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट
    • कई छात्रों ने 97% तक अंक हासिल किए

    इसके लिए:

    • नियमित सराव परीक्षाएं
    • गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम
    • शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण
      जैसे कदम उठाए गए।

    बिना फीस, 27 तरह की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री

    BMC स्कूलों की बड़ी खासियत:

    • किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती
    • छात्रों को 27 प्रकार की शैक्षणिक सामग्री मुफ्त
    • किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी जैसी सुविधाएं

    साथ ही:

    • उपलब्ध जगहों में खेल प्रशिक्षण
    • खेलों में प्रावीण्य हासिल करने के अवसर

    Khan Academy और डिजिटल लर्निंग का सहारा

    छात्रों को और मजबूत बनाने के लिए:

    • Khan Academy के जरिए गणित और विज्ञान का मुफ्त अभ्यास
    • डिजिटल कंटेंट से पढ़ाई आसान
    • छात्रों की प्रगति में बेहतर परिणाम सामने आए

    BMC का उद्देश्य है कि:

    “महानगरपालिका का छात्र निजी स्कूल से भी ज्यादा सक्षम बने।”

    FLN निपुण भारत से मजबूत बुनियाद

    Foundational Literacy & Numeracy (FLN) – निपुण भारत अभियान के तहत:

    • तीसरी कक्षा तक हर माध्यम का छात्र
    • सही से पढ़ने में सक्षम
    • गणित की बुनियादी समझ में निपुण

    इसके लिए विशेष शैक्षणिक रणनीतियां अपनाई गईं, जिनके अच्छे नतीजे अब दिख रहे हैं।

    निजीकरण का दावा पूरी तरह गलत

    BMC ने स्पष्ट किया है कि:

    • मराठी या किसी भी माध्यम की स्कूलों का
      निजीकरण नहीं किया गया
    • सोशल मीडिया या कुछ हलकों में जो
      “गलत तस्वीर” पेश की जा रही है
      वह पूरी तरह भ्रामक है

    मराठी अभ्यास केंद्र के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा

    हाल ही में:

    • मराठी अभ्यास केंद्र के शिष्टमंडल के साथ
    • BMC प्रशासन की विस्तृत बैठक हुई
    • हर मुद्दे पर बिंदुवार चर्चा की गई

    बैठक के बाद:

    • समिति के सदस्यों ने
      संतोष व्यक्त किया

    FAQ

    Q1. क्या BMC ने मराठी स्कूलों का निजीकरण किया है?
    नहीं, BMC ने साफ किया है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं हुआ है।

    Q2. BMC स्कूलों में फीस लगती है क्या?
    नहीं, छात्रों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती।

    Q3. छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
    27 प्रकार की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री, खेल प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग।

    Q4. 10वीं का रिजल्ट कैसा रहा?
    मार्च 2025 में मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट रहा।

    Q5. FLN निपुण भारत का क्या फायदा हुआ?
    तीसरी कक्षा तक के छात्र पढ़ने और गणित में ज्यादा सक्षम बने हैं।

  • भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद हिंसक, बुजुर्ग पर हमला; बिल्डर पर FIR

    मुंबई के भांडुप में रिडेवलपमेंट विवाद ने हिंसक रूप लिया। 65 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, बिल्डर और उसके साथियों पर BNS 2023 की धाराओं में FIR दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: भांडुप इलाके में चल रहे एक पुनर्विकास विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। सनबीम सोसाइटी के 65 वर्षीय निवासी रमेश प्रकाश मोहन पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि एक बिल्डर और उसके सहयोगियों ने कोर्ट के आदेशों के खिलाफ चल रहे काम का विरोध करने पर बुजुर्ग पर हमला किया। इस मामले में भांडुप पुलिस ने बिल्डर विनोद शर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    कहां का है मामला?

    यह पूरा मामला भांडुप स्थित सनबीम सोसाइटी और उससे जुड़े बादल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के पुनर्विकास प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी के कुछ सदस्य और बिल्डर के बीच लंबे समय से काम को लेकर विवाद चल रहा था।

    घटना का पूरा विवरण

    पीड़ित रमेश प्रकाश मोहन के अनुसार,
    29 जनवरी 2026, दोपहर के समय वह बादल बिल्डिंग के पास चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। उसी दौरान एक सफेद कार मौके पर रुकी। कार से बिल्डर विनोद शर्मा अपने दो साथियों अब्दुल, नरेंद्र कटारिया के साथ बाहर आया

    आरोप है कि:

    • विनोद शर्मा ने लकड़ी की छड़ी से रमेश मोहन के सिर पर वार किया
    • उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई
    • अचानक हुए हमले से बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए

    रिडेवलपमेंट विवाद ही बना हमले की वजह

    पीड़ित का कहना है कि:

    • सोसाइटी के पुनर्विकास में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था
    • उन्होंने इसका खुलकर विरोध किया
    • मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां से
      Status Quo (यथास्थिति बनाए रखने) का आदेश दिया गया

    इसके बावजूद काम जारी रहने से नाराज़ होकर, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए यह हमला किया।

    पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?

    भांडुप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है:

    • धारा 118(2) – खतरनाक हथियार से गंभीर चोट
    • धारा 115(2) – स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
    • धारा 351(3) – आपराधिक धमकी
    • धारा 352 – शांति भंग करने के इरादे से अपमान
    • धारा 3(5) – साझा इरादा (कॉमन इंटेंशन)

    पीड़ित का इलाज जारी

    हमले में घायल रमेश प्रकाश मोहन को:

    • मुलुंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है
    • सिर में गंभीर चोटें आई हैं
    • फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है

    जांच की जिम्मेदारी किसके पास?

    इस पूरे मामले की जांच:

    • पुलिस सब-इंस्पेक्टर केतकी जगताप कर रही हैं
    • आरोपियों से पूछताछ और
    • घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं

    FAQ

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    मुंबई के भांडुप इलाके में, बादल बिल्डिंग के पास।

    Q2. पीड़ित कौन हैं?
    65 वर्षीय रमेश प्रकाश मोहन, सनबीम सोसाइटी के निवासी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    रिडेवलपमेंट के नियमों के उल्लंघन का विरोध करने के कारण।

    Q4. पुलिस ने किन पर केस दर्ज किया है?
    बिल्डर विनोद शर्मा और उनके दो सहयोगियों पर।

    Q5. पीड़ित की हालत कैसी है?
    अस्पताल में इलाज चल रहा है, हालत स्थिर बताई जा रही है।

  • कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली पश्चिम के एकतानगर में 12 एकड़ में फैले छत्रपती शिवाजी राजे संकुल का समूह पुनर्विकास प्रस्तावित है। 53 हाउसिंग सोसाइटी, 3,488 परिवारों को नए घर और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शहर का अब तक का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। एकतानगर के छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में मौजूद 53 गृहनिर्माण संस्थाओं का एक साथ पुनर्विकास प्रस्तावित है। करीब 12 एकड़ में फैले इस संकुल में 3,488 परिवार रहते हैं, जिन्हें इस परियोजना के जरिए बड़े, सुरक्षित और आधुनिक घर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    🏙️ क्या है कांदिवली का यह मेगा क्लस्टर रिडेवलपमेंट?

    क्लस्टर रिडेवलपमेंट यानी कई हाउसिंग सोसाइटी एक साथ मिलकर पुनर्विकास करना। इससे:

    • बेहतर प्लानिंग
    • ज्यादा खुली जगह
    • चौड़ी सड़कें
    • आधुनिक सुविधाएं
    • और मजबूत इमारतें

    उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कांदिवली में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट इसी मॉडल पर आधारित है।

    📍 छत्रपती शिवाजी राजे संकुल: 12 एकड़ में बसा बड़ा आवासीय परिसर

    यह संकुल साल 2000 में MHADA के भूखंड पर बसाया गया था। इसमें:

    • कुल 53 हाउसिंग सोसाइटी
    • लगभग 3,488 छोटे फ्लैट (करीब 220 स्क्वायर फीट)
    • करीब 26 साल पुरानी इमारतें

    मौजूद हैं, जो अब काफी हद तक जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।

    🚧 जर्जर इमारतें और संकरी सड़कें बनीं बड़ी समस्या

    स्थानीय निवासियों के मुताबिक:

    • इमारतों की उम्र 25 साल से ज्यादा हो चुकी है
    • कई जगह सीपेज और स्ट्रक्चरल दिक्कतें हैं
    • आंतरिक सड़कें बेहद संकरी हैं
    • पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है

    इन्हीं कारणों से लंबे समय से पुनर्विकास की मांग की जा रही थी।

    🤝 53 में से 34 सोसाइटी ने दी सहमति

    अब तक:

    • 34 गृहनिर्माण संस्थाओं ने पुनर्विकास को मंजूरी दे दी है
    • 19 सोसाइटी अभी विचार-विमर्श की स्थिति में हैं

    जैसे-जैसे सहमति का आंकड़ा बढ़ेगा, प्रोजेक्ट को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    🏠 हर परिवार को मिलेगा 610 स्क्वायर फीट का नया घर

    प्रस्तावित योजना के मुताबिक:

    • हर सदस्य को 610 स्क्वायर फीट का फ्लैट
    • आधुनिक लेआउट और सुविधाएं
    • लिफ्ट, पार्किंग, गार्डन और कॉमन एरिया

    उपलब्ध होंगे, जो मौजूदा घरों से लगभग तीन गुना बड़े होंगे।

    💰 भाड़ा और कॉर्पस फंड का पूरा गणित

    पुनर्विकास की अवधि में:

    • पहले साल: ₹25,000 प्रति माह भाड़ा
    • दूसरे साल: ₹27,000 प्रति माह
    • तीसरे साल: ₹30,000 प्रति माह

    इसके अलावा:

    • ₹2.25 लाख कॉर्पस फंड
    • हर एक फ्लैट मालिक को दिया जाएगा

    🏗️ डेवलपर को भी मिलेगा बिक्री का अधिकार

    इस प्रोजेक्ट में:

    • जितनी सदनिका निवासियों को मिलेंगी
    • उतनी ही यानी 3,488 फ्लैट्स
    • डेवलपर को ओपन मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी

    जिससे प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित होगी।

    🏢 मुंबई में क्लस्टर रिडेवलपमेंट का बढ़ता चलन

    MHADA और निजी डेवलपर्स द्वारा:

    • मोतीलाल नगर
    • अभ्युदयनगर
    • आदर्शनगर
    • बांद्रा रिक्लेमेशन
    • GTB नगर
    • कामाठीपुरा

    जैसे इलाकों में भी क्लस्टर रिडेवलपमेंट पर काम चल रहा है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह क्लस्टर रिडेवलपमेंट कहां हो रहा है?
    ➡️ कांदिवली स्थित छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में।

    Q2. कुल कितनी सोसाइटी शामिल हैं?
    ➡️ 53 गृहनिर्माण संस्थाएं।

    Q3. हर परिवार को कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?
    ➡️ 610 स्क्वायर फीट का नया फ्लैट।

    Q4. पुनर्विकास के दौरान रहने का क्या इंतजाम होगा?
    ➡️ डेवलपर द्वारा मासिक भाड़ा दिया जाएगा।

    Q5. कॉर्पस फंड कितना मिलेगा?
    ➡️ ₹2.25 लाख प्रति सदनिका।

  • कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली में अवैध ऑटो पार्किंग बनी खतरा, फायर ब्रिगेड 15 मिनट तक फंसी

    कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में अवैध ऑटो रिक्शा पार्किंग के कारण फायर ब्रिगेड को एंट्री में 15 मिनट की देरी हुई। समय पर आग बुझाने में बड़ी मुश्किल, रहवासियों ने खुद संभाला मोर्चा।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट स्थित लोकखंडवाला टाउनशिप में बुधवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हाईलैंड सोसाइटी की एक इमारत में रसोई से आग लगने की सूचना मिलने के सिर्फ 7 मिनट में फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन अवैध रूप से खड़े सैकड़ों ऑटो रिक्शाओं की वजह से दमकल गाड़ियों को सोसाइटी में घुसने में करीब 15 मिनट लग गए। इस देरी के दौरान रहवासियों ने खुद ही आग पर काबू पाया। रहवासियों का कहना है कि अगर आग फैल जाती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।

    🔥 कांदिवली में कहां और कैसे लगी आग?

    बुधवार रात करीब 11 बजे, हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर स्थित एक फ्लैट की किचन में आग लग गई। आग मामूली थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो वह पास के फ्लैट्स और इलेक्ट्रिक वायरिंग तक फैल सकती थी।

    🚒 फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन रास्ता बंद

    दमकल विभाग की गाड़ियां 7 मिनट में इलाके तक पहुंच गईं, लेकिन

    • सोसाइटी के बाहर
    • अप्रोच रोड के दोनों तरफ
    • सैकड़ों ऑटो रिक्शा अवैध रूप से खड़े थे

    जिसके कारण फायर टेंडर करीब 15 मिनट तक एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाए।

    “वो 15 मिनट बहुत डरावने थे। फायर ब्रिगेड सामने थी, लेकिन बेबस,”
    — प्रत्यक्षदर्शी रहवासी

    🏘️ 20,000 फ्लैट्स, एक ही समस्या

    लोकखंडवाला टाउनशिप में लगभग 20 हजार फ्लैट्स हैं। यह इलाका वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से एक 1.5 किमी लंबी और कागज़ों में 90 फीट चौड़ी सड़क से जुड़ा है, लेकिन हकीकत में:

    • सड़क किनारे दुकानें
    • भारी पैदल भीड़
    • दोनों तरफ अवैध ऑटो पार्किंग
    • और एक बड़ा कचरा डंप

    सड़क को इतना संकरा बना देते हैं कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक फंस जाती हैं।

    ⚠️ रहवासियों का आरोप – 10 साल से शिकायत, कोई स्थायी हल नहीं

    रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से BMC और ट्रैफिक पुलिस को लगातार शिकायत कर रहे हैं।

    “हर बार हादसे के बाद थोड़ी कार्रवाई होती है, फिर सब पहले जैसा,”
    — संतोष शेट्टी, रहवासी

    उनका आरोप है कि:

    • ज़्यादातर ऑटो चालक धानुकरवाड़ी जैसे बाहरी इलाकों से आते हैं
    • रात में सड़क को फ्री पार्किंग ज़ोन बना देते हैं

    👮 पुलिस और प्रशासन का क्या कहना है?

    समता नगर ट्रैफिक डिवीजन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जगदीश भोपाली ने माना कि:

    • रोज़ करीब 150 ऑटो चालकों पर कार्रवाई होती है
    • लेकिन सिर्फ चालान से समस्या हल नहीं हो रही

    वायरल वीडियो के बाद अब विभाग ने मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का भरोसा दिया है।

    🏛️ नवनिर्वाचित नगरसेविका का आश्वासन

    नगरसेविका नीलम गुरव ने खुद मौके का निरीक्षण किया और माना कि:

    • शाम 6 बजे एक लेन में पार्किंग होती है
    • आधी रात तक तीन लेन पूरी तरह जाम हो जाती हैं

    उन्होंने कहा:

    “यह गंभीर सुरक्षा मुद्दा है। आज से ही कार्रवाई शुरू होगी और मैं खुद औचक निरीक्षण करूंगी।”

    🔥 फायर ब्रिगेड की चेतावनी

    दहिसर फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रवींद्र अंबुलगेकर ने कहा:

    “हैपहेज़र्ड पार्किंग से फायर ऑपरेशन में बड़ी दिक्कत आती है। छोटी आग भी बड़ी त्रासदी बन सकती है।”

    📌 रहवासियों की प्रमुख मांगें

    • ऑटो पार्किंग को सिर्फ एक लेन तक सीमित किया जाए
    • केवल लोकल रहवासियों के ऑटो को अनुमति
    • बाहरी इलाकों के ऑटो पर रात में प्रतिबंध
    • सड़क से कचरा डंप हटाया जाए

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आग कहां लगी थी?
    ➡️ कांदिवली ईस्ट के लोकखंडवाला टाउनशिप में हाईलैंड बिल्डिंग नंबर 5 की पहली मंज़िल पर।

    Q2. फायर ब्रिगेड को देरी क्यों हुई?
    ➡️ अप्रोच रोड पर दोनों तरफ अवैध रूप से खड़े ऑटो रिक्शाओं की वजह से।

    Q3. कितनी देर की देरी हुई?
    ➡️ लगभग 15 मिनट।

    Q4. क्या कोई हताहत हुआ?
    ➡️ नहीं, आग मामूली थी और रहवासियों ने खुद बुझा ली।

    Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाने का आश्वासन दिया है?
    ➡️ रोज़ाना सख्त कार्रवाई और नियमित निरीक्षण।

  • अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    अंधेरी इर्ला रोड पर BMC की सख्त कार्रवाई, 200 अवैध फेरीवाले हटाए

    मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित राम गणेश गडकरी मार्ग पर BMC ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माण हटाए। कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते को किया गया साफ।

    मुंबई: फुटपाथ, अतिक्रमण और अवैध फेरीवालों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी (पश्चिम) के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) इलाके में बीएमसी के के पश्चिम वार्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर बने अनधिकृत निर्माणों को हटाया है। यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को की गई।

    कूपर अस्पताल जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण बना था मुसीबत

    राम गणेश गडकरी मार्ग, जो स्वामी विवेकानंद रोड और गुलमोहर रोड को जोड़ता है, साथ ही डॉ. आर. एन. कूपर अस्पताल के प्रवेश मार्ग से जुड़ा हुआ है।
    इस सड़क और फुटपाथों पर लंबे समय से अवैध फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माणों के कारण:

    • एम्बुलेंस की आवाजाही में दिक्कत
    • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी
    • पैदल चलने वालों को भारी परेशानी

    जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं।

    आयुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    उप आयुक्त (परिमंडल-4) भाग्यश्री कापसे के मार्गदर्शन में और
    सहायक आयुक्त (के पश्चिम) चक्रपाणी अल्ले के नेतृत्व में निष्कासन अभियान चलाया गया।

    200 से ज्यादा अवैध फेरीवाले हटाए गए

    अभियान के दौरान:

    • करीब 200 अनधिकृत फेरीवालों को हटाया गया
    • फुटपाथों पर बने अवैध बढ़ी हुई दुकानों और ढांचों को तोड़ा गया
    • सड़क और फुटपाथों को पैदल चलने लायक बनाया गया

    इससे पूरे इलाके में यातायात और पैदल आवाजाही काफी हद तक सुचारु हो गई है।

    BMC-takes-strict-action-on-Andheri-Irla-Road-removes-200-illegal-hawkers-news

    भारी मशीनरी और पुलिस बंदोबस्त तैनात

    कार्रवाई को सफल बनाने के लिए बीएमसी ने:

    • 4 अतिक्रमण हटाने वाले वाहन
    • 3 जेसीबी मशीनें
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    तैनात किए थे।
    इसके अलावा करीब 100 बीएमसी अधिकारी-कर्मचारी और पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    स्थानीय नागरिकों ने जताया संतोष

    इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में अव्यवस्था थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी।

    बीएमसी प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कार्रवाई कहां हुई?
    अंधेरी पश्चिम के राम गणेश गडकरी मार्ग (इर्ला रोड) पर।

    Q2. कितने फेरीवाले हटाए गए?
    करीब 200 अवैध फेरीवाले।

    Q3. कार्रवाई क्यों की गई?
    एम्बुलेंस और पैदल यात्रियों को हो रही परेशानी के कारण।

    Q4. कौन सा विभाग शामिल था?
    बीएमसी का के पश्चिम वार्ड।

    Q5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    हां, बीएमसी ने नियमित कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।