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बोरीवली पश्चिम के आईसी कॉलोनी पुलिस ने ठाणे जिले के 3 आरोपियों को नकली पुलिस के केस में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित से किया 10 लाख रुपये की वसूली ..
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (पश्चिम), आईसी कॉलोनी का रहने वाला 42 वर्षीय ईस्टेट एजंट अंकित प्रियकुमार अग्रवाल की शिकायत पर नायगांव (पूर्व), नवकार सिटी के रहने वाले 56 वर्षीय आरोपी जितेंद्र नारायण पटेल, भाईंदर (पूर्व), आदर्श इंदिरा नगर के रहने वाले 32 वर्षीय आरोपी सुदर्शन विभीषन खंदारे और भाईंदर (पुर्व), जयश्री पॅलेस के रहने वाले 43 वर्षीय आरोपी अयुब रेहमान खान को एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। तीनों ही ठाणे जिले के रहने वाले खुद को मुंबई पुलिस के कर्मचारी बता कर पीड़ित से 10 लाख रूपये वसूल कर लिए थे।
बोरीवली (पश्चिम), एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक, क्लासिक बिल्डींग, होली क्रॉस रोड, आईसी कॉलनी बोरीवली (पश्चिम) का रहने वाला 42 वर्षीय ईस्टेट एजंट अंकित प्रियकुमार अग्रवाल एलआईसी कॉलोनी, शांती आश्रम बस डेपो के सामने अपनी महिला मित्र उशा शेटटी के यहां उसकी महिला मित्र ज्योती निकम को मिलने गया था।
पुलिस का आई-कार्ड दिखाकर पैसे की वसूली
वहीं पर गिरफ्तार आरोपियों में से दो ने खुद को पुलिस बताकर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्यवाही को लेकर धमकाते हुए फरियादी को बदनाम करने धौंस दिखाकर 10 लाख रुपये वसूल कर लिए। इसी दौरान पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए पुलिस पहचान पत्र भी दिखाया। पीड़ित अंकित ने बदनामी और कार्यवाही से बचने के लिए 10 लाख रुपये दिए और बाद में एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने आकर इसकी शिकायत कर दी।
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक निलेश पाटील ने बताया कि शिकायत के आधार पर गु.र.क्र. 503/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 308, 204, 351, 352, 3(5), भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 170, 506, 504, 34 के तहत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना 22 अगस्त 2024 दोपहर 3 बजे के आसपास की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से वसूली के 10 लाख रुपये भी बरामद कर लिया गया है।
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महाराष्ट्र के बदलापुर में एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण के बाद से बवाल मचा हुआ है। स्कूल की इमारत में तोड़फोड़ की गई पत्थरबाजी और अन्य अपराधों के सिलसिले में अब तक कुल 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले पर आज बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर पुलिस को फटकार लगाई।
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर में दो छोटी बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। इस घटना को लेकर लोग इतना आक्रोशित हो गए, कि लोग सड़कों और रेलवे ट्रैक की पटरियों पर उतर आए, इसके साथ ही जगह-जगह विरोध प्रदर्शन जारी है। ट्रैफिक जाम कर दिया गया, इंटरनेट बंद कर दिया गया। लोकल ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गईं, कई-कई घंटों तक लोग का रेलवे स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा होता रहा। वहीं पुलिस को प्रदर्शन को रोकने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई
आज इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जजों ने सुनवाई करते हुए पुलिस की आलोचना की। वहीं राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के लिए SIT नियुक्त करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण को हम निम्न मुद्दों पर विश्लेषण करने जा रहे आप भी ध्यान दें। (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
घटना 13 अगस्त की है, जब स्कूल के टॉयलेट में दो किंडरगार्टन की बच्चियों के साथ सफाईकर्मियों ने यौन शोषण किया। इसके बाद 16 अगस्त को एक बच्ची ने अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में बताया, फिर आरोपी अक्षय शिंदे को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में स्कूल की संबंधित प्रधानाध्यापिका को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, बच्चों की देखभाल करने वाले दो नौकरों को भी बर्खास्त कर दिया गया है।
मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंके और विरोध प्रदर्शन के दौरान स्कूल की इमारत में तोड़फोड़ की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
रेल सेवाएं बंद कर दी गई, इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई, हालांकि बाद में लोकल ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं और इंटरनेट भी बहाल कर दिया गया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले पर एलान किया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में तत्काल मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) का कहना है कि मामले की जांच के लिए एक टीम बदलापुर जाएगी।
उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले में SIT का गठन किया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आरती सिंह की अध्यक्षता में मामले की जांच की जाएगी।
पत्थरबाजी और अन्य अपराधों के सिलसिले में अब तक कुल 300 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले पर विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि बच्चियों के माता-पिता को पुलिस स्टेशन में 11 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, उसके बाद शिकायत दर्ज की गई।
FIR में हुई देरी को लेकर कर्तव्य में लापरवाही के खिलाफ तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।
आज गुरूवार को इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ बदलापुर छोटी बच्चियों के यौन उत्पीड़न और प्रशासन की लापरवाही को लेकर काफी गुस्से में दिखी, उन्होंने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा, FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई। उन्होंने आगे अफसोस जताते हुए कहा, कि अगर स्कूल एक सुरक्षित जगह नहीं है तो शिक्षा और अन्य सभी चीजों के अधिकार की बात करने का क्या मतलब है? (BADLAPUR NEWS, Rape, lathicharge and ruckus… FIR against 300, 40 arrested – High Court rebuke)
Mumbai Airport पर अबुधाबी से आए दो यात्रियों को Gold Smuggling के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
इस्माईल शेख मुम्बई– राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने शनिवार को अबु धाबी से मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Mumbai International Airport) पर आए दो यात्रियों को सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना मोम के रूप में 4.52 किलोग्राम सोने की भस्म रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यात्रियों से जब्त किए गए सोने की कीमत लगभग 3.33 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि यात्री को गुप्त सूचना के आधार पर उस दौरान गिरफ्तार किया गया जब वह कस्टम के ग्रीन चैनल को पार कर चले गए थे।
क्या होता है कस्टम ग्रीन चैनल?
बता दें कि जीन यात्रियों के पास कस्टम के पैसे भरने लायक सामान नहीं होता, उसी यात्री को ग्रीन चैनल पार करने के अनुमति है और जिस किसी यात्री के पास कस्टम भरने लायक सामान हो उसे पहले खुद कस्टम के पैसे भरने होते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों की इमानदारी परखने का काम करती है।
लेकिन अबुधाबी से आया हुआ गिरफ्तार आरोपी कस्टम अधिकारी को चकमा देकर ग्रीन चैनल पार कर गया था। जबकि कस्टम अधिकारी अनजान बनकर संदिग्ध यात्री पर नजर बनाए हुए थे। डीआरआई अधिकारियों को एक यात्री की जैकेट की जेब में विदेशी सोने (मोम के रूप में सोने की भस्म) के चार पैकेट मिले।
अधिकारी ने कहा, कि जांच में गिरफ्तार आरोपी के बयान से पता चला कि ये पैकेट अबु धाबी में एक अन्य यात्री ने उसे सौंपे थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..
सुरेंद्र राजभर मुम्बई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
क्या है मामला?
प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..
किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
दो की गिरफ्तारी ..
गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..
जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा मुम्बई के कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है।
मुम्बई- सुप्रीम कोर्ट ने मुम्बई कॉलेज बुर्का मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को कक्षा में बुर्का पहनने और परिसर में कोई भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
मामले में मुम्बई कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुम्बई के एक कॉलेज के उस आदेश पर आंशिक रोक लगाई जिसमें परिसर में ‘हिजाब, बुर्का, टोपी और नकाब’ पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके साथ ही कॉलेज में ‘हिजाब’, ‘बुर्का’ पहनने पर प्रतिबंध संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मुम्बई की ‘एजुकेशनल सोसाइटी’ से जवाब मांगा।
क्या है मामला?
बता दें कि मुम्बई के एक निजी कॉलेज में छात्रों के कैंपस में हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई।
यह मामला मुम्बई के एन. जी. आचार्य और डी. के. मराठे. कॉलेज का है, जहां के कॉलेज प्रशासन ने “हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल और टोपी” पहनने पर बैन लगाया हुआ था। इसके खिलाफ 9 लड़कियों ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।
कॉलेज प्रशासन का भेदभाव ..
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कॉलेज प्रशासन से कहा, “छात्रों को यह चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या पहन सकती हैं। कॉलेज उन पर दबाव नहीं डाल सकता… यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको अचानक पता चलता है कि देश में कई धर्म हैं।” कोर्ट ने पूछा, कि “क्या आप यह कह सकते हैं कि किसी शख्स को तिलक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी?”
मुंबई- म्हाडा ने बुधवार को मुंबई मंडल के 2030 मकानों के आवंटन की तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके अनुसार गुरुवार को लॉटरी का विज्ञापन प्रकाशित किया गया। इसके साथ ही 13 सितंबर को लॉटरी की घोषणा की जाएगी और इसके बाद आवेदन बिक्री-स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।
लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण हुई देरी..
2019 के ठीक बाद म्हाडा के मुंबई मंडल ने 2023 में 4,082 मकानों की लॉटरी निकाली थी। इस लॉटरी में बड़ी संख्या में मकान खाली रह गए थे। इसलिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इन मकानों के साथ नए मकानों की लॉटरी निकालने का विचार शुरू किया गया। लेकिन मकानों के मिलान में समय लग गया और लॉटरी में देरी हुई। अब विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में म्हाडा ने लॉटरी निकालने का फैसला किया है और अब आखिरकार मुंबई मंडल ने लॉटरी की घोषणा कर दी है।
मुंबई मे अलग अलग जगहों पर घर..
मुंबई के ताड़देव, दादर, कोले कल्याण, पवई, जेवीपीडी, गोरेगांव, बोरीवली, विक्रोली-कन्नमवार नगर, पवई आदि में 2023 घरों की लॉटरी की घोषणा की गई है। इस ड्रॉ में सबसे कम समूह में 359 घर, सबसे कम समूह में 627 घर, मध्यम समूह में 768 घर और सबसे अधिक समूह में 276 घर शामिल हैं। लॉटरी में शामिल 2030 घरों में म्हाडा 33 (5), 33 (7) और 58 के तहत विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं से प्राप्त 370 घर शामिल हैं। जबकि 333 घर बिखरे हुए हैं और 1,327 घर मुंबई बोर्ड की हाउसिंग परियोजना में हैं।
MHADA lottery 2024 लॉट्री की ड्रॉ कब से शुरू की जाएगी?
ड्रॉ 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल प्री-लॉटरी प्रक्रिया शुरू करेंगे। प्री-ड्रा प्रक्रिया पूरी करने के बाद 13 सितंबर को ड्रॉ का परिणाम घोषित किया जाएगा। जमा राशि और आय समूह की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आवेदन शुल्क भी 590 रुपये रखा गया है।
विज्ञापन – 8 अगस्त
आवेदन बिक्री एवं स्वीकृति प्रारंभ – 9 अगस्त दोपहर 12 बजे से
अंतिम तिथि, समय – 4 सितंबर दोपहर 3 बजे तक
आरटीजीएस, डेबिट कार्ड आदि सुविधा के माध्यम से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि – 4 सितंबर रात 11.59 बजे तक
९०℅ जल भंडारण के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेश किया जाहिरनामा।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली छोटी झील विहार, तुलसी के साथ साथ बांधों (झील) मोडक सागर, मध्य वैतरना, अपर वैतरना, भातसा और तानसा से प्रतिदिन ३ हजार ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है।
पानी की कटौती से मिली राहत ..
मुंबईकरों को साल भर की पानी की आपूर्ति के लिए सभी सात झीलों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ मीलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। हालांकि जैसे ही बरसात ने अपने शुरुआती दिनों में इन सभी सात झीलों से मुंह मोड़ लिया, वहीं ५ जून से मुंबई में ५ ℅ पानी की कटौती की गयी। हालांकि जुलाई महीने के पहले सप्ताह से सात झीलों का जल स्तर लगातार बढ़ता गया।
जबकि भातसा और तानसा नामक सात झीलों से प्रतिदिन ३ हजार, ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों को प्रति वर्ष पीने के पानी की जरूरत के हिसाब से सभी सात झीलों में १४ लाख, ४७ हजार, ३६३ मीलियन लिटर पानी की जरूरत है। हालांकि इन दिनों झीलों में जल भंडारण ६६.७७℅ होने के कारण २९ जुलाई से ५℅ पानी की कटौती रद्द कर दी गयी है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका का जाहिरनामा
आप को जानकर खुशी होगी, कि पिछले कुछ दिनों से झीलों के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। इस बीच मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में ९०℅ जल भंडारण (१२ लाख, ८९ हजार, ६१५ मीलियन लीटर, जल भंडारण) इकठ्ठा दूर हो चुकी है। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक विज्ञप्ति निकालकर इसका जाहिरनामा पेश किया है।
उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
मनपा कानून क्या कहता है?
उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।
कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी
वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।
सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?
हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी | इस लेख में आप इस मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते है | कृपया लेख को पूर्ण पढ़े
आप को बता दे की मुख्यमंत्री वयोश्री योजना का लाभ महाराष्ट्र राज्य के 65 साल से अधिक आयु के नागरिको को दिया जाएगा | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वृद्ध नागरिकों को अपनी जरूरत के हिसाब से काम आने वाले उपकरण खरीदने के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी प्रदान करेगी | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में लाभार्थियों का अनुपात 70 प्रतिशत पुरुष तथा 30 प्रतिशत महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना क्या है महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी देगी बी, इस योजना में ऐसे वृद्ध नागरिकों का चयन किया जाएगा जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है तथा उनकों अधिक आयु के कारन अपने दैनिक कार्य करने के लिए किसी सहायक उपकरण जैसे – श्रवण यंत्र,फोल्डिंग वॉकर,लंबर बेल्ट,सर्वाइकल कॉलर,चश्मा ,ट्राइपॉड ,स्टिक व्हीलचेयर,कमोड चेयर ,नि-ब्रेस आदि की आवश्कोयकता होती है तो उन्हें खरीदनें के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 3000 रूपये की राशी दी जाएगी |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra पात्रता
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक राज्य स्तरीय योजना है , इस योजना में पात्रता के नियम भी महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा ही सुनिश्चित किये गए है जिनका विस्तार से विवरण निचे लिखा है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra दस्तावेज
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक महाराष्ट्र राज्य सरकार के नियमनुसार कुछ जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी ,जिसका विस्तार से विवरण निम्नलिखित है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक का आधार कार्ड |
आवेदक का पहचान पत्र |
मूल निवास प्रमाण पत्र |
जाती प्रमण पत्र |
आवेदक का आय प्रमाण पत्र |
आवेदक के मोबाइल नंबर |
आवेदक के पासपोर्ट आकार फोटोग्राफ |
बैंक खाता पास बुक इतियादी |
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Hamipatra Form PDF Download
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की अधिकारिक वेबसाइट जारी करने के बाद आप निचे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके आप इस योजना के हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ Hamipatra Form PDF को डाउनलोड कर सकते है।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए Hamipatra Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने इस योजना का हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ प्रारूप में खुलेगा। आप यहाँ Download पर क्लिक करके मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना हमीपत्र फॉर्म PDF डाउनलोड कर सकते है। इसके अलावा आप Print पर क्लिक करके सीधे मुख्यमंत्री वयोश्री योजना हमीपत्र फॉर्म का प्रिंट निकाल सकते है।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Registration
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर पंजीकरण/Registration के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को Online Registration Form में मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपडेट करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म की जाँच करके Submit करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, आपको स्क्रीन शॉट ले लेना है।
इस प्रकार से सभी उम्मीदवार मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए Online Registration कर सकते है।
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF Download
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा वृद्ध नागरिकों के लिए चलाई गयी मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के Online Form PDF को डाउनलोड करने की इच्छुक उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए “आवेदन पत्र” Online Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने मुख्यमंत्री वयोश्री योजना (Online Form PDF)फॉर्म पीडीएफ प्रारूप में खुलेगा। आप यहां डाउनलोड पर क्लिक करके मुख्यमंत्री Mazi Ladki Bahin Yojana Online Form PDF डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह से आप Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF/ फॉर्म पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana Online Application 2024 Official Website Link
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अधिकारिक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अधिकारिक पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद आप निचे लिखे दिशा निर्देशों को पढ़ कर अपना आवेदन इस योजना के लिए कर सकते हो। सभी योग्य उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर Online Apply के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
होम पेज पर चयनित आवेदकों की सूची/Selected Applicants List 2024 के लिंक का चयन करें।
लिंक पर क्लिक करते ही आवेदकों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यदि आप इस योजना के लिए चयनित होते हैं तो आपका नाम सूची में दिखाई देगा।
आपके पास सूची को अपने सिस्टम या मोबाइल पर डाउनलोड करने का विकल्प भी है।
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन कैसे करे
आप को बता दे की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अभी तक मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने के लिए कोई पोर्टल या अधिकारिक वेबसाइट को आरम्भ नही किया है | महाराष्ट्र राज्य सरकार की अधिकारीक अधिसुचना के अनुसार जल्द ही मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन की प्रकिर्या को आगे बढ़ाया जा सकता है तब तक आप इंतजार कर सकते है
जैसे ही महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन पत्र के समन्धित कोई नयी अधिसुचन जारी की जाती है तो आप हमरी वेबसाइट पर जानकारी के रूप में नया लेख मिल सकता है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
यह आर्थिक लाभ ₹3000 का होगा जो पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा देय होगा |
₹3000 की राशि वाले अतिथि के बैंक में सीधे बेनिटिट पोस्टर (डीबीटी) के माध्यम से जमा की जाएगी |
सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पोर्टल विकसित किया गया है ताकि किसान अपने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकें | f
महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इस योजना का सफल संचालन करने के लिए 480 करोड़ रुपए जारी किए हैं |
राष्ट्रीय वयोश्री योजना (मुख्यमंत्री वयोश्री योजना) राज्य के सभी वयोश्री योजना शुरू की जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए क्या है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना कब शुरू हुई ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पात्र कोन है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये सोसायटी में रहने वालों से 50 रुपये काटे जाते है।
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है।
Mumbai GRP Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- जब से होर्डिंग कांड हुआ है, तब से जीआरपी के नए नए घपले खुलने लगे है। जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये वेलफेयर के नाम पर काटे जाते है और जो उस सोसायटी में रहता है उसके पगार से 50 रुपये कट जाते है। इसके अलावा पतपेढ़ी से भी करीब बीसो लाख का घपला है। पेट्रोलपंप मैदान और हॉल से भी बड़े पैमाने पर भाड़ा लिया जाता है। ये सब पैसे किधर गायब हुए कितने पुलिस कर्मियों को वेलफेयर का लाभ मिला है? इनके परिवार को कितनी सहायता दिया गया है? (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है। उसमें रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की हालत काफी डरी हुई है। इसकी शिकायत बार बार पुलिस आयुक्त से किया गया है। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। पुलिस महासंचालक प्रज्ञा सरोदे और पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे ने क्या किया है? कौन सी ईमानदारी दिखा रहे है? सहायक आयुक्त (प्रभारी) शहाजी निकम भी इसके लिए दोषी है। इन पर कार्रवाई कब होगी? ये पुलिसकर्मी जानकारी प्राप्त करना चाहते है। (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे की फाइल तस्वीर
जीआरपी में घपले को लेकर जांच की मांग ..
यहां अधिकारी, पुलिसकर्मियों के जानमाल से खिलवाड़ कर रहे है। घाटकोपर स्थित पुलिस वसाहत की हालत काफी खस्ता है।पुलिसकर्मियों में इसकी चर्चा जोरों पर है, कि हमारी पगार से पैसा भी कटता है और सुविधा भी नही मिलती है। जो हाल पेट्रोलपंप का हुआ वही हाल हमारी बिल्डिंग का भी न हो जाय। अधिकारियों की मनमानी काफी बढ़ गयी है। ईमानदारी का ढोंग बंद करके सही काम होना चाहिए। कितने करोड़ का घपला हुआ है। इसकी जांच किसी सेंट्रल एजेंसी से करवानी चाहिए, जिससे ये लूट का खेल बंद होना चाहिए। (Mumbai GRP Corruption News)