Category: Local News

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  • उपपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में मालवणी के सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त!

    उपपालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में मालवणी के सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त!

    मुंबई के मालाड-मालवणी इलाके में बीएमसी और कलेक्टर विभाग ने मिलकर बड़ी कार्रवाई की। 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन से अवैध झोपड़ियां हटाई गईं। कार्रवाई पालक मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेश पर की गई।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) के मालवणी इलाके में बृहन्मुंबई महानगर पालिका और कलेक्टर विभाग की सरकारी यंत्रणाओं ने मिलकर बड़ी अतिक्रमणविरोधी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में करीब 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमणमुक्त किया गया। यह कार्रवाई बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के अतिक्रमण की शिकायतों के बाद की गई।

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया, जिन्होंने इस पर तीन बार — 17 अक्टूबर, 27 अक्टूबर और 6 नवंबर को लगातार बैठकें लेकर स्थिति की समीक्षा की थी। लोढ़ा ने साफ शब्दों में कहा कि “सरकारी जमीन पर कोई भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

    🏗️ पहले चरण में मिली बड़ी सफलता

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में मालवणी और मालाड के आसपास स्थित सरकारी जमीन से झोपड़पट्टियों को हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बने घरों, झोपड़ियों और टीन के शेड को जेसीबी मशीन की मदद से तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की अतिक्रमणविरोधी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसी को भी दोबारा अवैध निर्माण करने का मौका न मिले।

    🧱 लोढ़ा ने दिए नए निर्देश: संरक्षक दिवार और अंगणवाड़ी के लिए निधी

    कार्रवाई के बाद पालक मंत्री लोढ़ा ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जहाँ जमीन खाली कराई गई है, वहाँ तुरंत “संरक्षक दिवार” (बाउंड्री वॉल) का निर्माण किया जाए, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
    साथ ही, स्थानीय बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोढ़ा ने अंगणवाड़ी केंद्रों के लिए निधी जारी करने के निर्देश भी दिए।

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    सैकड़ों परिवार हुए बेघर

    इस तोड़क कार्रवाई से प्रभावित परिवारों पर अगर नजर डालें, तो अली तलाव गावदेवी मंदिर के पास, राठोडी और चिकूवाडी मे हुए तोड़क कार्रवाई से सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं। पीड़ितों का कहना है कि सरकार को अगर इस जमीन की इतनी ज्यादा जरूरत थी तो हमारे लिए भी पर्याय व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ये रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम पर हमारे उपर ज़ुल्म किया गया है। बांगलादेशी और रोहिंग्या के नाम पर हमारी जांच तो करते, लेकिन इन्होंने जांच नही की। कुछ लोगों ने प्रशासन की सख्ती को लेकर बददुआएं भी दी।


    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. मालवणी में कितनी जमीन अतिक्रमणमुक्त की गई?
    👉 करीब 9,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन बीएमसी और कलेक्टर प्रशासन ने खाली कराई।
    Q2. यह कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    👉 कार्रवाई उपपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेशानुसार हुई।
    Q3. क्या कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी?
    👉 हाँ, अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
    Q4. खाली जमीन का क्या उपयोग होगा?
    👉 वहाँ संरक्षक दिवार और अंगणवाड़ी केंद्र बनाए जाने की योजना है।

  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में 7 साल के बच्चे को कार से कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गैर-जमानती अपराध के तहत आता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक सात वर्षीय बच्चा अपनी सोसाइटी के अंदर खेलते समय एक महिला की कार की चपेट में आ गया। बच्चे का पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय सिर्फ नोटिस जारी किया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मामला गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आता है।

    मालाड वेस्ट की इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हादसा

    यह हादसा 19 अक्टूबर को मालाड वेस्ट स्थित इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ। सात साल का अन्वय मजूमदार अपने भाई और दोस्तों के साथ सोसाइटी के परिसर में खेल रहा था, जब आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ ने अपनी कार तेज गति से परिसर में चलाई और अन्वय के पैर पर चढ़ा दी।
    CCTV फुटेज में घटना साफ कैद हुई है। बच्चे की मां महुआ मजूमदार (45) ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे उनके दूसरे बेटे ने इंटरकॉम से कॉल कर कहा – “माँ, अन्वय का पैर कुचल गया।”

    बच्चे की हालत गंभीर, सर्जरी जरूरी

    घटना के बाद अन्वय को तुरंत एवर्शाइन नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे के टखने और पिंडली की हड्डी टूट गई है और सर्जरी करनी पड़ी।
    डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्यों नहीं की गई गिरफ्तारी?

    बांगुर नगर पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ रैश ड्राइविंग (धारा 281 BNS) और जीवन को खतरे में डालने (125b BNS) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 110 BNS (attempt to commit culpable homicide) जोड़ी गई, जो गैर-जमानती अपराध है।
    इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस जारी कर छोड़ दिया।

    इस पर एडवोकेट अभा सिंह ने कहा —

    “धारा 110 BNS के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है। जब सीसीटीवी फुटेज में सबूत साफ हैं, तो पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार था। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।”

    आरोपी महिला कौन है?

    आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़ एक एचआर कंसल्टेंट हैं और इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी के सचिव संजय राठौड़ की पत्नी हैं। पुलिस के अनुसार, वह घटना के समय अपनी कार चला रही थीं जब यह दुर्घटना हुई।

    एफआईआर में दर्ज धाराएं

    मजूमदार परिवार की शिकायत पर पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग)
    • धारा 125(b) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना)
    • धारा 110 (गैर-जमानती अपराध – हत्या के प्रयास जैसा अपराध)
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 134(a), 134(b) — (खतरनाक ड्राइविंग, मदद न देना, घटना की रिपोर्ट न करना)

    कानूनी नजरिया – अभा सिंह का बयान

    अभा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत यदि किसी व्यक्ति के कार्य से मृत्यु की संभावना होती है, तो यह अपराध ‘culpable homicide not amounting to murder’ की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा —

    “इस मामले में बच्चा बहुत छोटा था और उसकी जान को गंभीर खतरा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दिख रही है, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी बनती है।”

    पुलिस की सफाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों को देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ चल रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह घटना कहाँ हुई थी?
    A1. यह हादसा मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ।
    Q2. आरोपी महिला कौन हैं?
    A2. आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़, जो सोसाइटी सचिव की पत्नी और एक HR कंसल्टेंट हैं।
    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A3. पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया।
    Q4. बच्चा अभी कहाँ इलाज करवा रहा है?
    A4. बच्चा कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी में भर्ती है और उसकी सर्जरी हो चुकी है।
    Q5. क्या आरोपी पर गैर-जमानती धारा लगी है?
    A5. हाँ, धारा 110 BNS गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आती है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।

  • मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालवनी में चला बुलडोजर 135 झोपड़े हुए क्षतिग्रस्त

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी की संयुक्त कार्रवाई में 135 अवैध झोपड़ों को तोड़ा गया। कार्रवाई अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में हुई। प्रशासन ने कहा – अवैध निर्माण पर आगे भी सख्त कदम जारी रहेंगे।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए 135 अवैध झोपड़े बीएमसी और कलेक्टर ऑफिस की संयुक्त कार्रवाई में ढहा दिए गए। यह अभियान अली तालाव और चिकूवाड़ी इलाकों में चलाया गया, जिसमें भारी मशीनरी और मजदूरों की मदद से अवैध निर्माण हटाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे दोबारा न हों।

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    अवैध झोपड़ियों पर चला बुलडोजर

    मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में सोमवार और मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर ऑफिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की टीम ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए 135 झोपड़ियों को तोड़ डाला।
    इस संयुक्त ऑपरेशन में बीएमसी के कई विभागों ने सहयोग किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।

    कहाँ हुई कार्रवाई — अली तालाव और चिकूवाड़ी में हटाए गए कब्जे

    बीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई दो प्रमुख जगहों — अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।

    • अली तालाव क्षेत्र में 127 अवैध झोपड़ियाँ हटाई गईं।
    • वहीं चिकूवाड़ी इलाके में 6 झोपड़ियाँ और 2 अन्य अवैध संरचनाएँ गिराई गईं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों में पिछले कुछ महीनों में झोपड़ियाँ बढ़ती जा रही थीं। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो आखिरकार बुलडोज़र चलाना पड़ा।

    बीएमसी की तैयारी और भारी मशीनरी का इस्तेमाल

    कार्रवाई के दौरान बीएमसी की ओर से भारी जेसीबी मशीनें, ट्रक और बड़ी संख्या में मजदूर तैनात किए गए। मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति न बने।
    बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है, और भविष्य में भी ऐसे एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव (Encroachment Drive) लगातार चलाए जाएंगे ताकि सरकारी संपत्ति पर कोई नया कब्जा न कर सके।

    सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने का अभियान जारी

    प्रशासन का कहना है कि मालवनी और आसपास के इलाके में कई ऐसी सरकारी भूमि हैं जिन पर वर्षों से अवैध झोपड़पट्टियाँ बनी हैं। इस ऑपरेशन के जरिए न सिर्फ जमीन को खाली कराया गया, बल्कि आगे पुनः कब्जा रोकने के लिए निगरानी टीम भी तैनात की गई है।
    बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

    “यह कार्रवाई केवल आज की नहीं है। आने वाले हफ्तों में भी अन्य जगहों पर इसी तरह की सख्त कार्यवाही की जाएगी। हमारा उद्देश्य सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना है।”

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अवैध झोपड़ियों से इलाके में गंदगी और भीड़भाड़ बढ़ रही थी। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से पुनर्वास की मांग भी की, क्योंकि तोड़ी गई झोपड़ियों में रहने वाले कई मजदूरों के पास अब रहने की जगह नहीं है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह कार्रवाई कहाँ हुई?
    A1. यह कार्रवाई मुंबई के मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में अली तालाव और चिकूवाड़ी में की गई।
    Q2. कितनी झोपड़ियाँ तोड़ी गईं?
    A2. कुल 135 अवैध झोपड़ियाँ और संरचनाएँ गिराई गईं।
    Q3. कार्रवाई किसने की?
    A3. कार्रवाई कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी (BMC) की संयुक्त टीम ने की।
    Q4. क्या आगे और कार्रवाई होगी?
    A4. हाँ, बीएमसी ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
    Q5. क्या किसी को पुनर्वास दिया जाएगा?
    A5. फिलहाल कोई आधिकारिक पुनर्वास योजना घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन इस दिशा में विचार कर रहा है।

  • मुंबई बीएमसी चुनाव की तारीख़ों का आज ऐलान संभव! महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव पर दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    मुंबई बीएमसी चुनाव की तारीख़ों का आज ऐलान संभव! महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव पर दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस

    महाराष्ट्र में लंबे इंतज़ार के बाद बीएमसी समेत सभी स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा आज होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने दोपहर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें चुनाव की तारीख़ें घोषित की जा सकती हैं।

    मुंबई: 4 नवंबर महाराष्ट्र में लंबे इंतज़ार के बाद बीएमसी (BMC) समेत राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा आज होने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission – SEC) ने आज दोपहर 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर सकते हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, घोषणा के तुरंत बाद आचार संहिता (Model Code of Conduct) पूरे राज्य में लागू हो जाएगी।

    🏙️ तीन चरणों में होंगे महाराष्ट्र के निकाय चुनाव

    राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, इस बार स्थानीय निकाय चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना है।

    1️⃣ पहला चरण: 246 नगरपालिका परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनाव होंगे।
    2️⃣ दूसरा चरण: जिल्हा परिषद (Zilla Parishad) और पंचायत समितियों के लिए मतदान होगा।
    3️⃣ अंतिम चरण: बड़े नगर निगमों — मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे और नासिक के चुनाव होंगे।

    संभावना है कि पहले चरण का मतदान नवंबर के अंत तक कराया जाएगा, यानी चुनावी प्रक्रिया इसी हफ्ते शुरू हो सकती है।

    🏛️ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समयसीमा तय

    सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, जिन निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनके चुनाव 31 जनवरी 2026 से पहले संपन्न कराना अनिवार्य है।
    इसी वजह से राज्य निर्वाचन आयोग पर समय पर चुनाव कराने का दबाव बढ़ गया है।

    इस चुनावी प्रक्रिया में शामिल होंगे —

    • 289 नगरपालिका परिषदें
    • 32 जिल्हा परिषदें
    • 331 पंचायत समितियाँ
    • 29 नगर निगम (Municipal Corporations)

    यह हाल के वर्षों में महाराष्ट्र का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव होगा।

    ⚡ राजनीतिक दलों के लिए लिटमस टेस्ट

    बीएमसी चुनाव हमेशा से महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र रहे हैं।
    इस बार का नतीजा 2026 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
    राज्य के प्रमुख दल —
    भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गट), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गट), कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गट) — सभी इस चुनाव को अपनी साख से जोड़कर देख रहे हैं।

    बीएमसी पर फिलहाल प्रशासक का शासन है, और अब चुनावी बिगुल बजते ही मुंबई की सियासत में गर्मी तेज़ होना तय है।

    🕓 चुनाव कार्यक्रम का ऐलान आज शाम

    राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे आज शाम 4 बजे प्रेस से बातचीत करेंगे।
    सूत्रों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही चुनावी अधिसूचना जारी की जाएगी और पूरे महाराष्ट्र में चुनावी माहौल बन जाएगा।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्न 1: बीएमसी और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव कब होंगे?
    👉 राज्य निर्वाचन आयोग आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीख़ों का ऐलान करेगा।
    प्रश्न 2: कितने चरणों में होंगे चुनाव?
    👉 तीन चरणों में — नगरपालिका परिषद, पंचायत समितियाँ और बड़े नगर निगम (जैसे मुंबई, पुणे, नागपुर)।
    प्रश्न 3: क्या आज से आचार संहिता लागू होगी?
    👉 हाँ, घोषणा के तुरंत बाद आचार संहिता लागू होने की संभावना है।
    प्रश्न 4: कौन से शहर अंतिम चरण में रहेंगे?
    👉 मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे और नासिक।
    प्रश्न 5: यह चुनाव क्यों महत्वपूर्ण है?
    👉 क्योंकि यह 2026 विधानसभा चुनावों से पहले सभी राजनीतिक दलों के लिए बड़ा टेस्ट साबित होगा।

  • अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के हवाले करो, नहीं तो आंदोलन – राजेश शर्मा

    अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के हवाले करो, नहीं तो आंदोलन – राजेश शर्मा

    अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल को मुंबई महानगरपालिका के ताबे में लेने की मांग तेज़ हो गई है। कांग्रेस नेता राजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार इसे मुकेश अंबानी को देने की तैयारी कर रही है। 6 नवंबर को अंधेरी विकास समिति करेगी तीव्र आंदोलन।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल को लेकर अब सियासी माहौल गरमाता जा रहा है।
    मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,
    “सेवन हिल्स हॉस्पिटल को मुकेश अंबानी को सौंपने की तैयारी चल रही है, जबकि इसे बीएमसी के ताबे में लिया जाना चाहिए।”

    🔥 6 नवंबर को होगा तीव्र आंदोलन

    अंधेरी विकास समिति ने घोषणा की है कि 6 नवंबर को सुबह 11 बजे हॉस्पिटल के बाहर तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
    राजेश शर्मा ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार इस हॉस्पिटल को पूरी तरह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ताबे में नहीं देती।

    💬 राजेश शर्मा का बयान

    राजेश शर्मा ने कहा,

    “पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, बीएमसी और अन्य संबंधित विभागों से इस मुद्दे पर संपर्क किया गया है,
    लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सरकार को सिर्फ उद्योगपतियों के फायदे की चिंता है, जनता की नहीं।”

    उन्होंने आगे कहा कि,
    “सेवन हिल्स हॉस्पिटल को प्राइवेट हाथों में देने का मतलब मुंबईकरों की सेहत के साथ खिलवाड़ करना है।”

    🏗️ बीएमसी का मालिकाना हक़ और प्रस्ताव

    राजेश शर्मा ने यह भी याद दिलाया कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल की ज़मीन बीएमसी की है,
    जो फिलहाल लीज़ पर दी गई है। उनका कहना है कि,
    अगर बीएमसी इसे अपने ताबे में लेकर चलाए,
    तो यह अस्पताल मुंबई के लिए एक आधुनिक, विशाल और विश्वस्तरीय मेडिकल सेंटर बन सकता है।

    उन्होंने सुझाव दिया कि इस अस्पताल परिसर में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज भी शुरू किया जा सकता है,
    जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार दोनों मिल सकें।

    💰 4000 करोड़ की संपत्ति, लेकिन जनता की ज़रूरत ज़्यादा

    शर्मा ने कहा कि अंधेरी के इस इलाके में स्थित यह जमीन करीब 3000 से 4000 करोड़ रुपये की है।
    लेकिन इसे केवल व्यापारिक नजरिए से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि मुंबई की बढ़ती आबादी को देखते हुए,
    यह हॉस्पिटल शहर की जनस्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकता है।

    ⚠️ अंधेरी विकास समिति का अल्टीमेटम

    अंधेरी विकास समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार ने
    6 नवंबर तक हॉस्पिटल बीएमसी को देने का निर्णय नहीं लिया,
    तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।


    ❓FAQ सेक्शन:

    Q1. आंदोलन कब और कहाँ होगा?
    👉 आंदोलन 6 नवंबर की सुबह 11 बजे, अंधेरी के सेवन हिल्स हॉस्पिटल के सामने आयोजित किया जाएगा।
    Q2. आंदोलन की अगुवाई कौन करेगा?
    👉 आंदोलन का नेतृत्व अंधेरी विकास समिति करेगी, जिसमें कांग्रेस नेता राजेश शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
    Q3. विवाद की जड़ क्या है?
    👉 विवाद का मुद्दा है कि सेवन हिल्स हॉस्पिटल को बीएमसी के ताबे में लिया जाए या किसी प्राइवेट कंपनी (मुकेश अंबानी के ग्रुप) को सौंपा जाए।
    Q4. बीएमसी का क्या कहना है?
    👉 बीएमसी का कहना है कि मामला विचाराधीन है, और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।

  • दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पॉक्सो केस में आरोपी फरहान साकिब खान (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई। केस की जांच एमएचबी पुलिस टीम ने की थी।

    मुंबई: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज पॉक्सो अपराध के आरोपी फरहान साकिब खान (27 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। आरोपी को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल मिलाकर कई सजाएँ दी गईं, जिनमें धारा 363, 376(2)(n), 506(2) भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1)(m) व 6 शामिल हैं।

    अदालत का फैसला

    माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नंबर 13) ने आदेश में कहा कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है, इसलिए उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का आर्थिक दंड दिया जाता है। यदि दंड राशि अदा नहीं की गई, तो आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

    इसके अलावा, अन्य धाराओं के तहत —

    • धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माना,
    • धारा 376(2)(n) (बलात्कार) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास,
    • धारा 506(2) (धमकी देना) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

    सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)।

    पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव ने आरोपपत्र (Chargesheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया था। मुकदमे के दौरान सरकारी अभियोक्ता देवतरसे साहब, चव्हाण मैडम और जाधव मैडम ने केस की पैरवी की।

    पूरी जांच और कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो. नि. अतुल आव्हाड (गुन्हे विभाग), और मा. पो. आ. घनवटे सर के मार्गदर्शन में की गई। न्यायालयीन कार्यवाही की निगरानी म. पो. ह. सातपुते ने की।

    मामले का पृष्ठभूमि (Case Background)

    यह मामला एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 288/2019 के तहत दर्ज किया गया था। आरोपी फरहान खान पर नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण का आरोप था। पुलिस ने जांच पूरी कर 2019 में ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। लगातार सुनवाई के बाद आज न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

    Flip kart से चोरी Swiggy में डिलीवरी पुलिस ने किया गिरफ्तार।

    जनहित के नज़रिए से

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से सुरक्षा देना है। यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सज़ा कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगी और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाएगी।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा मिली है?
    👉 आरोपी को कुल 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का जुर्माना लगाया गया है।
    प्रश्न 2: केस किस पुलिस थाने में दर्ज था?
    👉 यह केस एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज था।
    प्रश्न 3: जांच अधिकारी कौन थे?
    👉 तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव थे।
    प्रश्न 4: फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
    👉 यह फैसला माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नं. 13) ने सुनाया।
    प्रश्न 5: पुलिस टीम में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
    👉 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो.नि. अतुल आव्हाड, मा.पो.आ. घनवटे सर और म.पो.ह. सातपुते इस केस में शामिल थे।

  • Tamannaah Bhatia के ट्रेनर ने बताए 5 हेल्दी ऑफिस स्नैक्स — 200 कैलोरी से कम, बिना गिल्ट के मज़ा!

    Tamannaah Bhatia के ट्रेनर ने बताए 5 हेल्दी ऑफिस स्नैक्स — 200 कैलोरी से कम, बिना गिल्ट के मज़ा!

    Tamannaah Bhatia के फिटनेस कोच सिद्धार्थ सिंह ने शेयर किए 5 हेल्दी ऑफिस स्नैक्स जो 200 कैलोरी से कम हैं। ये स्नैक्स हैं टेस्टी, आसान और वर्कडे एनर्जी बूस्टर!

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: ऑफिस में काम के बीच जब पेट गुड़गुड़ाने लगे और सामने सिर्फ बिस्किट या समोसा दिखे, तो गिल्ट-फ्री स्नैकिंग का जुगाड़ चाहिए ना? तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए ऐसे 5 हेल्दी ऑफिस स्नैक्स जो 200 कैलोरी से कम हैं — और स्वाद में भी कमाल हैं!
    इन स्नैक्स में है प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स का परफेक्ट बैलेंस, जो दिनभर एनर्जी बनाए रखे और मिड-डे क्रेविंग्स को करे कंट्रोल।

    🍶 1. ग्रीक योगर्ट कप (150g): पेट भरे, एनर्जी डबल करे!

    सिद्धार्थ का कहना है – “ऑफिस में भूख लगे तो एक कप ग्रीक योगर्ट ही काफी है।”
    यह स्नैक है प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स से भरपूर। ये पेट भी भरे रखता है और आपको बचाता है उस “3 PM वाली थकान” से।
    🕒 कैलोरी: लगभग 150
    🥄 टिप: बिना फ्लेवर्ड या लो-शुगर ऑप्शन चुनें।

    🥚 2. बॉयल्ड एग्स (2 मीडियम): सबसे आसान प्रोटीन स्नैक

    “दो अंडों में 12 ग्राम प्रोटीन – सिंपल और पावरफुल फूड!”
    सिद्धार्थ बताते हैं कि बॉयल्ड एग्स एक ऐसा स्नैक है जो बिना झंझट के तैयार हो जाता है और भूख को लंबे वक्त तक शांत रखता है।
    🔥 कैलोरी: 140
    💡 टिप: नमक या काली मिर्च डाल सकते हैं, पर मेयो से दूरी बनाएं।

    🍎 3. सेब और पीनट बटर (1 टेबलस्पून): स्वीट क्रेविंग्स का हेल्दी इलाज

    अगर मीठा खाने का मन हो, तो ये कॉम्बो है परफेक्ट!
    सिद्धार्थ कहते हैं — “सेब के साथ एक चम्मच पीनट बटर खाएं, ये कार्ब, फैट और फाइबर का बैलेंस बनाता है।”
    यह स्नैक क्रेविंग्स को कंट्रोल करता है और ब्लड शुगर लेवल को स्टेबल रखता है।
    🍏 कैलोरी: करीब 180
    💬 टिप: नेचुरल पीनट बटर चुनें, बिना एडेड शुगर वाला।

    ☕ 4. प्रोटीन कॉफी (1 स्कूप व्हे + ब्लैक कॉफी): कैफीन + प्रोटीन का डबल डोज़

    लंबे काम के घंटों में एनर्जी डाउन हो रही है? तो ये है परफेक्ट ड्रिंक!
    सिद्धार्थ का कहना है — “ब्लैक कॉफी में एक स्कूप व्हे मिलाकर पिएं, इससे एनर्जी और फोकस दोनों बढ़ेंगे।”
    ⚡ कैलोरी: 150
    💡 टिप: बिना शुगर या क्रीमर वाली ब्लैक कॉफी यूज़ करें।

    🍫 5. डार्क चॉकलेट (70%+) और वॉलनट्स (20g): मीठा भी और हेल्दी भी

    सिद्धार्थ कहते हैं — “डार्क चॉकलेट और अखरोट का कॉम्बो स्वीट क्रेविंग को मिटा देगा और गिल्ट भी नहीं रहेगा।”
    चॉकलेट के एंटीऑक्सिडेंट्स और वॉलनट्स के ओमेगा-3 फैट्स मिलकर बनाते हैं एक परफेक्ट guilt-free treat.
    🍫 कैलोरी: करीब 190
    🥜 टिप: बस ओवरबोर्ड मत होइए, थोड़ी मात्रा काफी है!

    💬 सिद्धार्थ सिंह की फिटनेस फिलॉसफी

    “हेल्दी रहना मुश्किल नहीं है, बस आपको स्मार्ट चॉइसेस बनानी आती होनी चाहिए।”
    इन स्नैक्स में न ओवरकुकिंग की जरूरत, न ज्यादा खर्च की — बस बैलेंस और टाइमिंग मायने रखती है।
    ऑफिस में एनर्जी हाई और गिल्ट ज़ीरो रखने का ये सीक्रेट मुंबईकरों के लिए परफेक्ट है!


    🧩 FAQ सेक्शन:

    Q1: क्या ये स्नैक्स वजन घटाने में मदद करेंगे?
    👉 हां, अगर आप पोर्शन कंट्रोल रखें तो ये स्नैक्स वेट लॉस में मददगार हैं।
    Q2: क्या शाकाहारी लोगों के लिए भी ये ऑप्शन हैं?
    👉 बिल्कुल! ग्रीक योगर्ट, सेब-पीनट बटर और डार्क चॉकलेट-वॉलनट्स पूरी तरह वेज हैं।
    Q3: क्या ये स्नैक्स रोज खा सकते हैं?
    👉 हां, लेकिन variety बनाए रखना जरूरी है ताकि बॉडी को सभी nutrients मिलें।
    Q4: क्या इन स्नैक्स को पहले से तैयार करके रख सकते हैं?
    👉 हां, बॉयल्ड एग्स और योगर्ट को आप रात में भी तैयार रख सकते हैं।

  • Mumbai: टैक्सी ड्राइवर का जुगाड़ वायरल! बेटे के YouTube चैनल के लिए लगाया QR कोड

    Mumbai: टैक्सी ड्राइवर का जुगाड़ वायरल! बेटे के YouTube चैनल के लिए लगाया QR कोड

    मुंबई के एक टैक्सी ड्राइवर ने अपने बेटे के रैप म्यूज़िक करियर को बढ़ावा देने के लिए अपनी टैक्सी में QR कोड लगाया। यह QR कोड डिजिटल पेमेंट के लिए नहीं बल्कि उसके बेटे के YouTube चैनल से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर यह कहानी दिल छू लेने वाली साबित हो रही है।

    मुंबई: एक टैक्सी में बैठी मार्केटिंग प्रोफेशनल Divyushii को जब एक अजीब QR कोड दिखाई दिया, तो उन्होंने सोचा कि यह डिजिटल पेमेंट के लिए होगा। लेकिन ड्राइवर ने बताया कि यह QR उसके बेटे के YouTube रैप चैनल का लिंक है। पिता का यह इनोवेटिव आइडिया अब सोशल मीडिया पर दिल जीत रहा है।

    💡 “बाप बड़ा ना भैया” – बेटे के सपने को साकार करने की अनोखी कोशिश

    मुंबई के इस टैक्सी ड्राइवर का जुगाड़ सोशल मीडिया पर सबको हैरान कर रहा है।
    उसने अपने कैब को मोबाइल प्रमोशन प्लेटफॉर्म में बदल दिया है। हर सवारी जो उसकी टैक्सी में बैठती है, वो अब उसके बेटे के चैनल का संभावित दर्शक बन जाती है।
    यह है गुरिल्ला मार्केटिंग का एक सटीक उदाहरण — ना महंगा ऐड, ना बड़ी एजेंसी, बस एक QR कोड और ढेर सारा प्यार।

    यह QR कोड सीधे उसके बेटे के YouTube चैनल पर ले जाता है, जहाँ वह अपने खुद के लिखे और बनाए रैप म्यूज़िक अपलोड करता है।

    🔥 सोशल मीडिया पर छा गया “मुंबई स्पिरिट”

    Divyushii द्वारा शेयर की गई इस कहानी को X (Twitter) पर लाखों व्यूज़ मिल चुके हैं।
    लोग इसे सिर्फ एक पिता की मेहनत नहीं, बल्कि मुंबई की मेहनती रूह का प्रतीक बता रहे हैं।

    एक यूज़र ने लिखा —

    “जो लोग अपने दम पर दुनिया में कुछ करने निकलते हैं, वही सच में जीतते हैं।”

    दूसरे ने कहा —

    “मुंबई हर दिन इंस्पायर करती है। यहाँ लोग जुगाड़ से सपने पूरे करते हैं। बस मुंबई थिंग्स!”

    💬 यह है असली “इनोवेशन विद इमोशन”

    यह कहानी सिखाती है कि अगर जज़्बा और सोच अलग हो, तो पैसे से ज़्यादा सोच की ताकत मायने रखती है।
    ड्राइवर ने न केवल अपने बेटे के टैलेंट को प्रमोट किया बल्कि मार्केटिंग का नया तरीका भी दिखाया।


    ❓FAQ सेक्शन:

    Q1: टैक्सी ड्राइवर ने QR कोड क्यों लगाया था?
    👉 उसने अपने बेटे के रैप YouTube चैनल को प्रमोट करने के लिए टैक्सी में QR कोड लगाया।

    Q2: यह कहानी कहाँ से वायरल हुई?
    👉 मार्केटिंग प्रोफेशनल Divyushii ने इसे X (Twitter) पर शेयर किया, जहाँ यह वायरल हो गई।

    Q3: लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 सोशल मीडिया यूज़र्स ने पिता के जज़्बे और जुगाड़ की जमकर तारीफ की।

    Q4: यह घटना कहाँ की है?
    👉 यह प्रेरणादायक कहानी मुंबई की है।

  • मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने के लिए BMC को चार नए स्थल चुनने पर विचार

    मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने के लिए BMC को चार नए स्थल चुनने पर विचार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने की मनाही के बाद चार संभावित स्थलों पर पुनर्विचार किया है, जिसमें Sanjay Gandhi National Park, Aarey Milk Colony, Wadala के समीप मैंग्रोव और Gorai शामिल हैं — इन जगहों को मानव आबादी से दूर माना गया है।

    मुंबई: शहर में कबूतरों को दाना खिलाने पर पहले से ही पाबंदी लगाई जा चुकी है। अब BMC ने चार ऐसे स्थानों पर विचार किया है जहाँ भविष्य में नियंत्रित रूप से कबूतरों को खिलाने की अनुमति दी जा सकती है। ये स्थान हैं: SANJAY GANDHI राष्ट्रीय पार्क के आसपास, Aarey Milk Colony क्षेत्र में, एक मैंग्रोव पट्टी Wadala के पास और Gorai। इन स्थानों को इसलिए चुना गया है क्योंकि इन इलाकों में मानव बस्तियाँ बहुत कम हैं। हालांकि, पर्यावरणविद् ने इस दावे पर सवाल उठाया है। इस बीच, जैन समुदाय की एक प्रतिनिधि टोली ने BMC आयुक्त से मिलकर नए कबूतर-आश्रय स्थलों की मांग की है। कोर्ट प्रक्रिया अभी चल रही है।

    पृष्ठभूमि और अब तक का हाल

    • पिछले कुछ महीनों में, BMC ने कबूतर-खिलाने पर सख्ती बढ़ाई है।
    • Bombay High Court ने कबूतर-खिलाने पर पाबंदी बनने की दिशा में कदम उठाए हैं और BMC को यह सुनिश्चित करने कहा है कि जो भी अनुमति हो, वह स्वास्थ्य व स्वच्छता मानकों के अनुरूप हो।
    • कबूतर-खिलाने के स्थानों की तलाश के दौरान, BMC ने बताया कि मुम्बई के घनी आबादी वाले ‘आइलैंड सिटी’ में उपयुक्त जगह मिलना कठिन है।

    नए प्रस्तावित स्थल

    1. Sanjay Gandhi National Park (SGNP) के आसपास
      इस स्थान को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह अपेक्षाकृत कम आबादी वाला क्षेत्र है और यहां पक्षियों-पर्यावरण के अनुकूल माहौल माना गया है। स्रोत के अनुसार यह बीएमसी द्वारा विचाराधीन एक क्षेत्र है।
    2. Aarey Milk Colony क्षेत्र
      Aarey में प्रस्तावित स्थल के संबंध में कहा गया है कि यह मानव आबादी से दूर माना गया है, लेकिन पर्यावरणविरोधियों ने इस दावे पर आपत्ति जताई है।
    3. मैंग्रोव पट्टी (मंग्रोव प्लूट) near Wadala
      Wadala के निकट एक मैंग्रोव जंगल को इस सूची में शामिल किया गया है — मौजूदा मानव बस्तियों से दूरी के कारण।
    4. Gorai
      उपरोक्त तीन के अलावा एक विकल्प के रूप में Gorai को भी प्रस्तावित किया गया है क्योंकि वहाँ भी कम-मानव आबादी वाला वातावरण उपलब्ध है।

    पर्यावरण-विरोध व चर्चाएँ

    • पर्यावरणविद् Stalin D (एनजीओ Vanashakti) ने कहा है कि Aarey के क्षेत्र में ट्राइबल समुदाय निवास करते हैं, इसलिए “मानव बस्तियों से दूर” का दावा पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता।
    • जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने BMC आयुक्त से मिलकर नए कबूतर-अश्रयों की मांग की है, क्योंकि उनके धार्मिक विश्वास में कबूतर-खिलाना “जीव दया” का कार्य माना जाता है।

    आगे क्या होगा?

    • BMC ने सभी 25 विभागीय वार्डों के सहायक आयुक्तों को सुझाव देने के लिए कहा है कि वे संभावित स्थल प्रस्तावित करें।
    • प्रस्तावित स्थलों का नगर-स्वास्थ्य, सफाई, मानव-आवासी प्रभाव आदि को देखते हुए मूल्यांकन होगा, और इसकी जानकारी अदालत में भी दी जाएगी क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।
    • यदि अनुमति दी जाती है, तो संभवत: नियंत्रित समय व शर्तों के अंतर्गत कबूतर-खिलाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी चिंताएं पूरी हों।

    मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने पर लंबे समय से बने धार्मिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विवाद को देखते हुए BMC ने नया मार्ग चुनने की कोशिश की है – जहाँ कबूतर-खिलाने की परंपरा और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को संतुलित किया जा सके। प्रस्तावित चार जगहों में से अंतिम चयन और प्रक्रिया अब आगे तय करनी है।


    FAQ

    Q1. कबूतरो को दाना खिलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है क्या?
    हाँ, BMC ने सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने की मनाही लगाई है और जिन स्थानों पर यह पहले हो रहा था उन्हें बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    Q2. क्यों यह प्रतिबंध लगाया गया है?
    मुख्य रूप से दो कारण हैं – (1) कबूतरों के मल-पक्षियों के अध्ययनों के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी जोखिम (जैसे फंगस, एलर्जी) और (2) घनी आबादी वाले इलाकों में स्वच्छता व सफाई का मामला।

    Q3. नए प्रस्तावित स्थल कब लागू होंगे?
    अभी तय नहीं हुआ है। BMC द्वारा सुझाव मांगे जा रहे हैं, तथा अदालत और विभिन्न विभाग इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

    Q4. धार्मिक परंपराओं को क्या होगा?
    जैन समुदाय तथा अन्य पक्ष इसके लिए नए नियंत्रित स्थान की मांग कर रहे हैं। BMC ने कहा है कि नए विकल्प तलाशे जाएंगे।

    Q5. अगर कोई पुराने स्थान पर कबूतर-खिलाता है तो क्या होगा?
    अवैध स्थान पर कबूतर-खिलाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है – उदाहरण के लिए 500 रुपए का जुर्माना।