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  • BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के तहत नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आखिरी दिन 2,122 नामांकन जमा हुए, जबकि कुल 2,516 नामांकन प्राप्त हुए हैं। आज से नामांकन पत्रों की जांच शुरू होगी।

    मुंबई: होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र जमा किए गए। पूरे नामांकन काल के दौरान 2,516 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। आज बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) शुरू होगी, जिसके बाद वैध उम्मीदवारों की सूची तुरंत जारी की जाएगी।

    🏛️ नामांकन प्रक्रिया पूरी, आखिरी दिन भारी भीड़

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से नामांकन पत्रों का वितरण और स्वीकार किया जाना शुरू हुआ था।
    आखिरी दिन यानी 30 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र स्वीकार किए गए, जबकि सुबह 11 से 4 बजे तक नामांकन पत्रों का वितरण भी जारी रहा।

    बीएमसी के 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालयों में आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। सिर्फ आखिरी दिन ही 594 नामांकन पत्रों का वितरण हुआ।

    📊 कुल नामांकन का पूरा आंकड़ा

    23 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 के बीच कुल मिलाकर

    • 11,391 नामांकन पत्र वितरित किए गए
    • 2,516 नामांकन पत्र जमा हुए

    यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार बीएमसी चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली है।

    🔍 आज से नामांकन पत्रों की जांच

    बीएमसी प्रशासन के अनुसार,
    31 दिसंबर 2025, बुधवार को सुबह 11 बजे से सभी नामांकन पत्रों की जांच शुरू की जाएगी।
    जांच प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की अंतिम सूची सार्वजनिक की जाएगी।

    इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका मिलेगा और फिर चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो जाएगी।

    🏙️ BMC विभागवार नामांकन की स्थिति

    बीएमसी के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों में नामांकन की स्थिति भी सामने आई है।
    एम पूर्व, एम पश्चिम, जी उत्तर, के पश्चिम और पी उत्तर जैसे बड़े विभागों में नामांकन की संख्या ज्यादा रही है, जिससे इन वार्डों में मुकाबला कड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं।

    वहीं कुछ विभागों में अपेक्षाकृत कम नामांकन दर्ज किए गए हैं, जिससे वहां सीमित उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    🗂️ चुनावी माहौल तेज, रणनीति पर नजर

    नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही मुंबई में चुनावी माहौल और तेज हो गया है।
    राजनीतिक दल अब उम्मीदवारों की सूची के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे।
    कई वार्डों में बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों के चलते मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025-26 में कुल कितने नामांकन दाखिल हुए?
    👉 कुल 2,516 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।

    Q2. आखिरी दिन कितने नामांकन जमा हुए?
    👉 30 दिसंबर 2025 को 2,122 नामांकन दाखिल हुए।

    Q3. नामांकन पत्रों की जांच कब होगी?
    👉 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से।

    Q4. वैध उम्मीदवारों की सूची कब जारी होगी?
    👉 जांच पूरी होते ही तुरंत जारी की जाएगी।

    Q5. नामांकन प्रक्रिया कब शुरू हुई थी?
    👉 23 दिसंबर 2025 से।

  • BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025-26 की तैयारियों के तहत महानगरपालिका आयुक्त व जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली के चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया की समीक्षा की गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है। मतदान से पहले चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री. भूषण गगराणी ने 30 दिसंबर 2025 को लोअर परळ और कांदिवली स्थित चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्रों में शामिल होकर ईवीएम संचालन, मॉक पोल और मतदान के दिन अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा की।

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    15 जनवरी को मतदान, तैयारियों में तेजी

    बीएमसी की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्राध्यक्षों और मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण का पहला चरण शुरू कर दिया गया है।
    इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक के पूरी हो।

    मुंबई BMC के 7 प्रमुख केंद्रों पर चल रहा प्रशिक्षण

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    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडलवार कुल 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल, लोअर परळ
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका अस्पताल सभागृह, शीव पूर्व
    • बालगंधर्व सभागृह, बांद्रा पश्चिम
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विले पार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड पश्चिम
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, कांदिवली पश्चिम

    लोअर परळ और कांदिवली केंद्रों की विशेष समीक्षा

    आयुक्त भूषण गगराणी ने विशेष रूप से—

    • लोअर परळ के न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल
    • कांदिवली पश्चिम स्थित प्रबोधनकार ठाकरे नाट्यगृह

    में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों से सीधा संवाद किया और पूरी प्रक्रिया का विस्तार से फीडबैक लिया।

    ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया पर फोकस

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त गगराणी ने—

    • इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)
    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की कनेक्टिविटी
    • मॉक पोल की नियमबद्ध प्रक्रिया
    • मतदान के दिन अपनाए जाने वाले सुरक्षा व प्रशासनिक नियम

    से जुड़ी जानकारी विस्तार से ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी

    इस मौके पर चुनाव विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें—

    • विशेष कार्य अधिकारी (चुनाव) विजय बालमवार
    • उप आयुक्त (परिमंडल 7) संजय कु-हाडे
    • उप आयुक्त (परिमंडल 2) प्रशांत सपकाळे
    • सहायक आयुक्त (जी दक्षिण) स्वप्नजा क्षीरसागर
    • सहायक आयुक्त (आर मध्य) प्रफुल तांबे

    शामिल रहे।

    क्यों अहम है यह प्रशिक्षण?

    बीएमसी चुनाव देश के सबसे बड़े और सबसे महंगे नगर निगम चुनावों में गिने जाते हैं।
    करीब 50 हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि—

    • मतदान बिना विवाद के हो
    • तकनीकी गड़बड़ी से बचा जाए
    • मतदाताओं का भरोसा बना रहे

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 का मतदान कब होगा?
    👉 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों के लिए है?
    👉 मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी।

    Q3. ईवीएम से जुड़ा प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?
    👉 ताकि मॉक पोल, मतदान और सीलिंग की प्रक्रिया बिना गलती के पूरी हो सके।

    Q4. कितने केंद्रों पर प्रशिक्षण चल रहा है?
    👉 मुंबई में कुल 7 अलग-अलग केंद्रों पर।

  • BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 की तैयारी तेज़। 15 जनवरी को मतदान से पहले 7 केंद्रों पर मतदान केंद्राध्यक्ष और अधिकारियों को नियमावली की ट्रेनिंग, EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की जानकारी दी गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस पहले चरण में मतदान केंद्राध्यक्ष और मतदान अधिकारियों को मतदान नियमावली, EVM मशीन के उपयोग और मॉक पोल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण मुंबई के 7 अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित किया गया, जिसकी अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने स्वयं निरीक्षण कर समीक्षा की।

    15 जनवरी को होगा BMC का मतदान

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    BMC सार्वत्रिक चुनाव के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मुंबई में मतदान कराया जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन पहले ही चरण में मतदान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार करने में जुट गया है, ताकि चुनाव के दिन किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो।

    7 जगहों पर शुरू हुए प्रशिक्षण सत्र

    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडल-वार 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें तीन-तीन सत्रों में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ये केंद्र हैं:

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    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व रंगमंदिर सभागृह, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    मतदान नियमावली और अधिकारियों की भूमिका पर जोर

    प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि लोकतंत्र में मतदान सबसे अहम कड़ी है और उनकी जिम्मेदारी सिर्फ मतदान के दिन तक सीमित नहीं रहती।
    मतदान से पहले की तैयारी, मतदान के दौरान सतर्कता और मतदान के बाद की रिपोर्टिंग—हर चरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अधिकारियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ ड्यूटी निभा सकें।

    EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की ट्रेनिंग

    प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का लाइव प्रात्यक्षिक। इसमें:

    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की जोड़णी
    • मतदान से पहले मॉक पोल लेने की प्रक्रिया
    • मतदान के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों से निपटने के तरीके
    • मतदान समाप्ति के बाद EVM को सील करने की प्रक्रिया

    को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।

    मतदान केंद्र की व्यवस्था और सुरक्षा पर भी चर्चा

    अधिकारियों को यह भी बताया गया कि मतदान केंद्र कैसे तैयार करना है, मतदान कक्ष की रचना कैसी होनी चाहिए, और मतदान से एक दिन पहले क्या-क्या तैयारियां जरूरी हैं।
    इसके अलावा:

    • मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
    • मतदान के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई
    • वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय

    जैसे विषयों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

    50 हजार कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

    BMC चुनाव 2025-26 के लिए करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह पूरा कार्यक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव की वोटिंग कब होगी?
    15 जनवरी 2026 को मतदान कराया जाएगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों को दिया जा रहा है?
    मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

    Q3. प्रशिक्षण में EVM की जानकारी दी जा रही है क्या?
    हां, EVM, मॉक पोल और सीलिंग प्रक्रिया का प्रैक्टिकल डेमो दिया जा रहा है।

    Q4. कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 को लेकर BMC प्रशासन ने करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की पूरी तैयारी कर ली है। 29 दिसंबर से 7 जगहों पर शुरू होंगे ट्रेनिंग सेशन, जानिए पूरी डिटेल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। चुनाव में शामिल होने वाले करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। यह प्रशिक्षण सत्र सोमवार, 29 दिसंबर 2025 से शुरू होंगे और मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए 7 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे।

    निष्पक्ष चुनाव के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम

    BMC चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए महानगरपालिका प्रशासन ने पहले से ही गहन तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षित स्टाफ ही निष्पक्ष चुनाव की सबसे बड़ी ताकत होता है। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है।

    मास्टर ट्रेनर सिस्टम से होगा प्रशिक्षण

    इस बार चुनाव प्रशिक्षण में “मास्टर ट्रेनर सिस्टम” अपनाया गया है।
    चुनाव का लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर आगे मतदान केंद्राध्यक्ष (PRO), सहायक मतदान केंद्राध्यक्ष (APRO), मतदान अधिकारी (PO) और अन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे।
    इसका मकसद है—हर स्तर पर चुनाव प्रक्रिया की पूरी और एक जैसी समझ बनाना।

    7 अलग-अलग जगहों पर होंगे ट्रेनिंग सेशन

    BMC प्रशासन ने मुंबई के अलग-अलग परिमंडलों में 7 प्रशिक्षण केंद्र तय किए हैं, ताकि कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र के पास ही ट्रेनिंग मिल सके। ये केंद्र हैं:

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व सभागृह, लिंक रोड, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    कब तक चलेगा प्रशिक्षण?

    प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा:

    • 29 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026
    • 5 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026

    इन दिनों में हजारों कर्मचारियों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    प्रशिक्षण सत्रों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर अहम बात को शामिल किया गया है, जैसे:

    • आदर्श आचार संहिता का पालन
    • मतदान केंद्र का प्रबंधन
    • मतदान की पूरी प्रक्रिया
    • मतगणना की प्रक्रिया
    • कानून और व्यवस्था बनाए रखना
    • शिकायत निवारण की प्रक्रिया

    साथ ही, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और नियमों का सख्ती से पालन कैसे करना है, इस पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    मॉक पोल और EVM की पूरी जानकारी

    सहायक आयुक्त गजानन बेल्लाळे ने बताया कि प्रशिक्षण में कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के जरिए मतदान वाले दिन की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझाया जाएगा।
    मॉक पोल कैसे लिया जाता है, उसकी एंट्री कैसे होती है और मॉक पोल के बाद मतदान मशीन (EVM) को सील करने की प्रक्रिया—इन सब बातों पर खास फोकस रहेगा।

    वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक

    28 दिसंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:

    • सह आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार
    • अतिरिक्त जिल्हाधिकारी (कोकण) फरोग मुकादम
    • उप जिल्हाधिकारी अंजली भोसले
    • 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO)
    • परिमंडल उप आयुक्त (DMC) और सहायक आयुक्त (AC)

    शामिल थे।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव के लिए कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    Q2. ट्रेनिंग कब से शुरू होगी?
    29 दिसंबर 2025 से प्रशिक्षण सत्र शुरू होंगे।

    Q3. ट्रेनिंग कहां-कहां होगी?
    मुंबई में 7 अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी।

    Q4. ट्रेनिंग में किन विषयों पर जोर रहेगा?
    मतदान प्रक्रिया, मॉक पोल, मतगणना, आचार संहिता और शिकायत निवारण पर।

  • BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 में नामांकन प्रक्रिया तेज। चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्जों का वितरण, अब तक कुल 10,343 अर्ज वितरित और 44 नामांकन दाखल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की नामांकन प्रक्रिया लगातार रफ्तार पकड़ रही है। शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को शहर के 23 निर्वाचन निर्णय अधिकारी (RO) कार्यालयों से कुल 1,294 नामांकन अर्ज वितरित किए गए, जबकि 35 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखल किए। इसके साथ ही अब तक कुल 10,343 नामांकन अर्ज वितरित हो चुके हैं और 44 नामांकन पत्र जमा किए जा चुके हैं।

    नामांकन वितरण की प्रक्रिया जारी

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 से नामांकन अर्जों का वितरण शुरू हुआ है। नामांकन दाखल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस दौरान उम्मीदवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।

    अब तक कितने अर्ज वितरित हुए?

    चुनाव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार:

    • 23 दिसंबर 2025: 4,165 नामांकन अर्ज वितरित
    • 24 दिसंबर 2025: 2,844 नामांकन अर्ज वितरित
    • 26 दिसंबर 2025: 2,040 नामांकन अर्ज वितरित, 9 नामांकन दाखल
    • 27 दिसंबर 2025: 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 नामांकन दाखल

    👉 कुल: 10,343 अर्ज वितरित | 44 नामांकन पत्र दाखल

    BMC विभागवार स्थिति: कहां कितने अर्ज?

    शनिवार को विभिन्न प्रभागों में नामांकन अर्ज वितरण और प्राप्ति की स्थिति इस प्रकार रही:

    • ए+बी+ई विभाग (RO-23): 64 वितरित / 3 प्राप्त
    • सी+डी विभाग (RO-22): 72 / 9 प्राप्त
    • एफ दक्षिण (RO-21): 46 / 3 प्राप्त
    • जी दक्षिण (RO-20): 31 / 1 प्राप्त
    • जी उत्तर (RO-19): 44 / 2 प्राप्त
    • एफ उत्तर (RO-18): 47 वितरित
    • एल विभाग (RO-17): 50 वितरित
    • एल विभाग (RO-16): 53 / 2 प्राप्त
    • एम पूर्व (RO-15): 69 / 5 प्राप्त
    • एम पूर्व+एम पश्चिम (RO-14): 81 / 1 प्राप्त
    • एन विभाग (RO-13): 28 / 2 प्राप्त
    • एस विभाग (RO-12): 53 / 2 प्राप्त
    • टी विभाग (RO-11): 77 / 2 प्राप्त
    • एच पूर्व (RO-10): 61 वितरित
    • के पूर्व+एच पश्चिम (RO-9): 68 वितरित
    • के पश्चिम+के पूर्व (RO-8): 116 / 2 प्राप्त
    • के पश्चिम (RO-7): 69 वितरित
    • पी दक्षिण (RO-6): 49 / 1 प्राप्त
    • पी पूर्व (RO-5): 90 वितरित
    • पी उत्तर (RO-4): 14 वितरित
    • आर दक्षिण (RO-3): 44 वितरित
    • आर मध्य (RO-2): 33 वितरित
    • आर उत्तर (RO-1): 35 वितरित

    👉 कुल: 1,294 वितरित | 35 प्राप्त

    आने वाले दिनों में बढ़ेगी रफ्तार

    चुनाव अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे अंतिम तारीख नजदीक आएगी, नामांकन दाखल करने वालों की संख्या में तेजी आएगी। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन कब तक किए जा सकते हैं?
    ➡️ 30 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. नामांकन दाखल करने का समय क्या है?
    ➡️ सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

    Q3. अब तक कितने नामांकन पत्र जमा हुए हैं?
    ➡️ कुल 44 नामांकन पत्र दाखल हुए हैं।

    Q4. सबसे ज्यादा नामांकन अर्ज किस दिन वितरित हुए?
    ➡️ 23 दिसंबर 2025 को 4,165 अर्ज वितरित हुए।

    Q5. क्या अभी और नामांकन की उम्मीद है?
    ➡️ हां, अंतिम दिनों में संख्या बढ़ने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल।

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे।
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक।

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था।
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था।
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • 2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    मुंबई के कंदिवली में 2013 में हुए एलपीजी गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में सेशन कोर्ट ने कबाड़ी बाबलू पासवान को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।

    मुंबई: करीब 12 साल पुराने कंदिवली गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कबाड़ का व्यवसाय करने वाले बाबलू पासवान को लापरवाही का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। यह हादसा मार्च 2013 में हुआ था, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    2013-cylinder-fire-incident-Kandivali-scrap-dealer-sentenced-to-one-year-in-jail-for-negligence-1

    कबाड़ से गैस निकालते वक्त हुआ था भीषण हादसा

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 7 मार्च 2013 की शाम करीब 6 बजे, बाबलू पासवान अपने दो साथियों की मदद से एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकाल रहा था। यह काम कंदिवली पूर्व के फ्रेंड्स शेजार कमेटी चॉल के पास एक खुले नाले में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से रिहायशी इलाका था।

    जलती सिगरेट से भड़की आग

    शिकायतकर्ता सलीम शेख, जो कंदिवली पश्चिम की जन एकता वेलफेयर सोसायटी में रहते हैं, ने अदालत को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान, आरोप है कि पासवान के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जलती हुई सिगरेट नाले में फेंक दी, जहां गैस छोड़ी जा रही थी।
    इसके बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया।


    बच्चे समेत कई लोग झुलसे

    हादसे में दो नाबालिग बच्चे और करीब 10 से 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों — शिवम अस्पताल (चारकोप), चव्हाण अस्पताल, भगवती अस्पताल और ऑस्कर अस्पताल — में भर्ती कराया गया।

    पांच लोगों की गई जान

    इलाज के दौरान प्रीति यादव, मोहम्मद अफजल शेख, शरतूनिसा खान, सोफिया खातून और मोहम्मद हवेलदार की मौत हो गई। वहीं कई अन्य जैसे नदीम खान, अमन खान, आमिर खान और जीतू बुधाहांडी गंभीर रूप से घायल होकर किसी तरह बच पाए।

    सह-आरोपी बरी, कबाड़ी दोषी

    पुलिस ने इस मामले में अब्दुल सिद्दीक जब्बार खान को भी आरोपी बनाया था, जिस पर सिगरेट फेंकने का आरोप था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, लेकिन मुख्य आरोपी बाबलू पासवान को दोषी ठहराया।

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    अदालत ने फैसले में कहा कि बाबलू पासवान ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को खाली करना सुरक्षित और नियंत्रित स्थान पर किया जाना चाहिए, न कि रिहायशी इलाके के खुले नाले में। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हादसा कब और कहां हुआ था?
    A: 7 मार्च 2013 को कंदिवली पूर्व के एक रिहायशी इलाके में।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A: कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

    Q3: कोर्ट ने आरोपी को क्या सजा दी?
    A: एक साल की जेल की सजा।

    Q4: आरोपी पर किस तरह की लापरवाही साबित हुई?
    A: रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडर खाली करना।