Category: Local News

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  • पीएम मोदी के मुंबई दौरे से पहले गोरेगांव में ट्रैफिक रूट बदले, 27 से 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगी पाबंदियां

    पीएम मोदी के मुंबई दौरे से पहले गोरेगांव में ट्रैफिक रूट बदले, 27 से 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगी पाबंदियां

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अक्टूबर को मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO Exhibition Centre में होने वाले India Maritime Week 2025 में शामिल होंगे। इस दौरान मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 27 से 31 अक्टूबर तक गोरेगांव ईस्ट और आसपास के इलाकों में कई ट्रैफिक रूट बदल दिए हैं।

    मुंबई: इस हफ्ते होने वाले India Maritime Week 2025 को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों को लेकर तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे इस कार्यक्रम के Maritime Leaders Conclave में हिस्सा लेंगे और Global Maritime CEO Forum की अध्यक्षता करेंगे।
    यह कार्यक्रम गोरेगांव ईस्ट के NESCO Exhibition Centre में आयोजित हो रहा है, जहां देश-विदेश से हज़ारों प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

    🚧 27 से 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगी ट्रैफिक पाबंदियां

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि 27 से 31 अक्टूबर तक, रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक ट्रैफिक में बदलाव रहेगा।
    ये सभी परिवर्तन जोगेश्वरी डिवीजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में लागू रहेंगे।

    🚫 इन रास्तों पर ‘नो एंट्री’ लागू

    • मृणालताई गोर जंक्शन से NESCO गैप तक सभी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी।
    • केवल आपातकालीन वाहन, स्थानीय निवासी और VVIP गाड़ियों को ही अनुमति होगी।
    • राम मंदिर रोड से मृणालताई गोर जंक्शन की ओर दाहिनी ओर मुड़ने की अनुमति नहीं होगी।
    • हब मॉल से NESCO / जयकोच जंक्शन जाने वाली सर्विस रोड भी बंद रहेगी।

    🔄 वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था

    • ट्रैफिक केवल NESCO गैप से मृणालताई गोर जंक्शन की दिशा में ही चलेगा।
    • रिवर्स दिशा (वापसी की तरफ) में वाहन नहीं चल सकेंगे।

    🛣️ वैकल्पिक मार्ग (Alternate Routes)

    जिन लोगों को राम मंदिर या जोगेश्वरी की दिशा में जाना है, वे नीचे दिए गए रास्तों का इस्तेमाल करें –

    • मृणालताई गोर फ्लाईओवर → महानंदा डेयरी → वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (साउथ सर्विस रोड)
    • जयकोच जंक्शन → JVLR जंक्शन
    • JVLR से आप पवई की ओर या मुंबई सिटी की ओर (WEH) जा सकते हैं।

    🚗 नो पार्किंग जोन (No Parking Zones)

    कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में पार्किंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (दोनों दिशाओं में)
    • NESCO सर्विस रोड
    • Ghas Bazaar रोड
    • महानंदा डेयरी, ट्रॉमा केयर हॉस्पिटल, वनराई पुलिस स्टेशन, नर्लोन कंपनी और अशोक नगर के आसपास की सर्विस रोड्स।

    👮‍♂️ मुंबई ट्रैफिक पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने सफर की पहले से योजना बनाएं, ट्रैफिक डायवर्जन वाले रास्तों से बचें और ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
    अधिकारियों ने कहा,

    “इस इवेंट के दौरान देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। नागरिक सहयोग करें ताकि यातायात सुचारू बना रहे।”

    🌊 इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 का थीम

    इस साल के आयोजन का थीम है —
    “Uniting Oceans, One Maritime Vision” (महासागरों को जोड़ना, एक समुद्री दृष्टिकोण)।
    यह आयोजन भारत सरकार की ओर से आयोजित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म है जिसमें 85 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि, 1 लाख से अधिक डेलिगेट्स, 500 से अधिक प्रदर्शक और 350+ वैश्विक वक्ता भाग ले रहे हैं।

    🇮🇳 PM मोदी का विज़न: Maritime Amrit Kaal Vision 2047

    आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति भारत के समुद्री क्षेत्र में दीर्घकालिक परिवर्तन की दिशा में उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
    Maritime Amrit Kaal Vision 2047 के चार प्रमुख स्तंभ हैं:

    1. Port-Led Development (बंदरगाह आधारित विकास)
    2. Shipping and Shipbuilding (शिपिंग और जहाज़ निर्माण)
    3. Seamless Logistics (सुगम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था)
    4. Maritime Skill Building (समुद्री कौशल विकास)

    इस विज़न का लक्ष्य भारत को विश्व के अग्रणी समुद्री शक्तियों में शामिल करना है।


    💬 FAQ सेक्शन:

    Q1. इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 कहाँ आयोजित हो रहा है?
    यह आयोजन मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित NESCO Exhibition Centre में हो रहा है।

    Q2. ट्रैफिक डायवर्जन कब तक लागू रहेंगे?
    27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक, रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक।

    Q3. PM मोदी किस दिन कार्यक्रम में शामिल होंगे?
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अक्टूबर को शाम 4 बजे कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    Q4. कौन से रास्ते बंद रहेंगे?
    मृणालताई गोर जंक्शन से NESCO गैप तक नो एंट्री, हब मॉल से NESCO/जयकोच जंक्शन तक की सर्विस रोड भी बंद रहेगी।

    Q5. क्या वैकल्पिक मार्ग दिए गए हैं?
    हाँ, ट्रैफिक पुलिस ने JVLR, महानंदा डेयरी और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के जरिए वैकल्पिक रास्ते सुझाए हैं।

  • मुंबई में हादसा टला: दादर स्टेशन पर युवक ने दो बार की खुदकुशी की कोशिश, GRP जवानों ने बचाई जान

    मुंबई में हादसा टला: दादर स्टेशन पर युवक ने दो बार की खुदकुशी की कोशिश, GRP जवानों ने बचाई जान

    मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने नशे की हालत में दो बार खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद GRP कॉन्स्टेबल स्वप्निल पोपरे और होमगार्ड राहुल यादव की सतर्कता से उसकी जान बच गई। युवक को सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मुंबई: भीड़भाड़ वाले दादर रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा टल गया। एक युवक ने नशे की हालत में पहले तो अपने गले पर धारदार वस्तु से वार करने की कोशिश की और जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका, तो उसने प्लेटफॉर्म से ट्रैक पर कूदने की कोशिश की। लेकिन GRP कॉन्स्टेबल स्वप्निल पोपरे और होमगार्ड राहुल यादव की तेज़ी और सूझबूझ से उसकी जान बच गई।

    🚨 पहले गला काटने की, फिर ट्रेन के आगे कूदने की कोशिश

    यह घटना 26 अक्टूबर, दोपहर करीब 1:15 बजे की है। युवक प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर पहुंचा और अचानक अपने गले पर ब्लेड से वार करने लगा। वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात GRP जवान स्वप्निल पोपरे और होमगार्ड राहुल यादव ने तुरंत उसे पकड़ लिया और शांत कराने की कोशिश की।

    लेकिन तभी युवक ने दोबारा खुद को छुड़ाया और सामने से आ रही मेल ट्रेन के आगे कूदने की कोशिश की। जवानों ने झट से दौड़कर उसे खींच लिया और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित जगह पर ले आए। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों सुरक्षाकर्मियों की बहादुरी की तारीफ की।

    🏥 सायन अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर

    घायल युवक को तुरंत सायन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली। डॉक्टरों ने बताया कि युवक नशे के प्रभाव में था। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों ने की सराहना

    इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही GRP के वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉन्स्टेबल स्वप्निल पोपरे और होमगार्ड राहुल यादव की सतर्कता और बहादुरी की सराहना की।
    एक अधिकारी ने कहा,

    “अगर दोनों ने समय पर कदम नहीं उठाया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने मानवता का असली परिचय दिया है।”

    📸 घटना CCTV में कैद

    घटना का वीडियो स्टेशन के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह युवक खुदकुशी की कोशिश कर रहा था और पुलिसकर्मी उसे समय रहते खींचकर बचा लेते हैं।
    इस वीडियो को GRP मुख्यालय ने अपनी रिकॉर्डिंग में सुरक्षित कर लिया है।


    💬 FAQ सेक्शन:

    Q1. यह घटना कब और कहाँ हुई?
    यह घटना 26 अक्टूबर को मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 12 पर हुई।

    Q2. युवक ने क्या करने की कोशिश की थी?
    पहले उसने ब्लेड से गला काटने की कोशिश की, फिर ट्रेन के आगे कूदने का प्रयास किया।

    Q3. किसने युवक की जान बचाई?
    GRP कॉन्स्टेबल स्वप्निल पोपरे और होमगार्ड राहुल यादव ने बहादुरी दिखाते हुए युवक की जान बचाई।

    Q4. क्या युवक की हालत अब स्थिर है?
    हाँ, उसे सायन अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अब स्थिर है।

    Q5. क्या घटना का वीडियो मौजूद है?
    हाँ, पूरी घटना स्टेशन के CCTV कैमरे में कैद हो चुकी है।

  • कांदिवली की बिल्डिंग में आग, एक ही परिवार के 8 लोग झुलसे

    कांदिवली की बिल्डिंग में आग, एक ही परिवार के 8 लोग झुलसे

    मुंबई के कांदिवली में रविवार सुबह एक बिल्डिंग में लगी आग से एक ही परिवार के 8 लोग घायल हो गए। दमकल ने सभी को बचाया, तीन ICU में भर्ती।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम, शंकर गली इलाके में रविवार सुबह अग्रवाल रेसिडेंसी की एक रिहायशी बिल्डिंग में आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे में एक ही परिवार के 8 लोग घायल हो गए, जिनमें एक बुजुर्ग और तीन बच्चे भी शामिल हैं। आग बिल्डिंग की दूसरी मंज़िल के एक फ्लैट में लगी थी। हादसा सुबह करीब 7 बजकर 45 मिनट पर हुआ।

    दमकल विभाग की फुर्ती से आग पर करीब 30 मिनट में काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक पूरा फ्लैट धुएं से भर चुका था। सभी लोग धुएं में फंस गए थे और दमकल कर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला।

    Fire-breaks-out-in-Kandivali-agrawal-residency-shankar-lane.building-8-members-of-a-family-injured

    कैसे लगी आग

    बीएमसी डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के मुताबिक, आग फ्लैट के इलेक्ट्रिकल वायरिंग सिस्टम से शुरू हुई और वहीं तक सीमित रही। पर फ्लैट में मौजूद लकड़ी के फर्नीचर ने आग को भड़का दिया। इससे गाढ़ा काला धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया।

    एक फायर अधिकारी ने बताया —

    “फ्लैट में स्मोक बहुत ज्यादा हो गया था, बिजली सप्लाई भी बंद थी, जिससे विज़िबिलिटी नहीं थी। दमकलकर्मियों ने स्टेयरकेस के रास्ते से एक-एक कर परिवार को बाहर निकाला।”

    घायलों की पहचान

    घायल सभी कोठारी परिवार के सदस्य हैं —

    1. चिंतन अभय कोठारी (45)
    2. ख्याति चिंतन कोठारी (42)
    3. ज्योति अभय कोठारी (66)
    4. पार्थ कोठारी (39)
    5. ऋद्धि पार्थ कोठारी (36)
    6. आयरा पार्थ कोठारी (6)
    7. प्रांज पार्थ कोठारी (3)
    8. महावीर चिंतन कोठारी (7)

    इनमें से तीन — चिंतन, ख्याति और ज्योति — की हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें मालाड के टुंगा हॉस्पिटल के ICU में भर्ती किया गया है। बाकी सदस्यों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।

    दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

    मुंबई फायर ब्रिगेड की तीन फायर टेंडर और एक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। चूंकि आग दूसरी मंज़िल पर लगी थी, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन जल्दी पूरा हो गया
    अधिकारियों ने बताया कि अगर आग ऊपरी मंज़िलों तक पहुंच जाती, तो हालात और मुश्किल हो सकते थे।

    आग से सीख और सुरक्षा अपील

    फायर अधिकारियों ने निवासियों से अपील की है कि वे घरों में इलेक्ट्रिकल वायरिंग की समय-समय पर जांच कराते रहें, और लकड़ी या ज्वलनशील वस्तुएं वायरिंग के पास न रखें।


    FAQ Section

    Q1. कांदिवली की बिल्डिंग में आग कब लगी?
    A. आग रविवार सुबह करीब 7:45 बजे दूसरी मंज़िल के एक फ्लैट में लगी।

    Q2. कितने लोग घायल हुए हैं?
    A. एक ही परिवार के 8 लोग घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल हैं।

    Q3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?
    A. फायर डिपार्टमेंट के अनुसार, आग इलेक्ट्रिकल वायरिंग सिस्टम से शुरू हुई थी।

    Q4. घायलों की हालत कैसी है?
    A. तीन लोग ICU में भर्ती हैं और बाकी को डिस्चार्ज कर दिया गया है। सभी फिलहाल स्थिर हैं।

    Q5. आग पर कितनी देर में काबू पाया गया?
    A. दमकल विभाग ने करीब 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया।

  • मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मुंबई के मलाड (वेस्ट) में 2 नवंबर 2025 को DIGNITY JOB FAIR 2025 होने जा रहा है। सादिक पठान की पहल पर आयोजित इस जॉब फेयर में युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगों को रोजगार और ट्रेनिंग के नए अवसर मिलेंगे।

    मुंबई: मलाड (वेस्ट) के मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड में इस साल का सबसे बड़ा रोजगार मेला — “DIGNITY JOB FAIR 2025 – Powering Futures” — आयोजित होने जा रहा है। स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर ये पहल सादिक पठान द्वारा की गई है, जिसका मकसद है मालवनी के स्थानीय युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगों और रोजगार के लिए परेशान लोगों को रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और कैरियर गाइडेंस के जरिए नई दिशा देना।

    💼 कब और कहाँ होगा जॉब फेयर?

    📅 तारीख: रविवार, 2 नवंबर 2025
    📍 जगह: मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड,
    स्वराज बिल्डिंग के पीछे, बस डिपो के पास,
    मालवणी गेट नं. 8, मलाड (वेस्ट), मुंबई – 400095
    🕙 समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

    🎯 जॉब फेयर में क्या-क्या मिलेगा?

    • देश की टॉप कंपनियाँ और एम्प्लॉयर्स यहां मौजूद रहेंगे
    • ट्रेनिंग पार्टनर्स और कैरियर मेंटर्स से मिलने का मौका
    • ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू और जॉब ऑफर की संभावना
    • स्किल डेवलपमेंट और पर्सनैलिटी ग्रोथ पर सेशन
    • युवाओं और महिलाओं के लिए अलग Guidance Booths

    स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर यह जॉब फेयर खासकर मिलेनियल्स, Gen-Z, जॉबसीकर्स और वर्किंग वुमन के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है, जहां उन्हें रोजगार और आत्मविश्वास दोनों मिलेगा।

    🪪 जरूरी डाक्यूमेंट्स साथ लाना न भूलें:

    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • अपडेटेड रेज़्यूमे (Resume)

    एंट्री बिल्कुल फ्री है, और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही त्वरित ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक भी शेयर किया जा रहा है। (यहां क्लिक करें)

    🗣️ सादिक पठान बोले:

    “हम चाहते हैं कि हर युवा और हर महिला को बिना झिझक और बिना सिफारिश, इज़्जत के साथ रोजगार का अवसर मिले। Dignity Job Fair 2025 इसी सोच से शुरू किया गया है — ताकि हर टैलेंट को उसका सही प्लेटफॉर्म मिले।”

    🌠 क्यों खास है ये जॉब फेयर?

    • यह मुंबई के सबसे बड़े कम्युनिटी-ड्रिवन जॉब इवेंट्स में से एक है।
    • यहां विभिन्न सेक्टर्स — IT, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, और BPO — के जॉब्स मौजूद होंगे।
    • दिव्यांग उम्मीदवारों (PWDs) के लिए समावेशी रोजगार अवसर (Inclusive Hiring) पर खास फोकस होगा।
    • आयोजन में कैरियर काउंसलिंग ज़ोन भी होगा, जहाँ उम्मीदवार अपने स्किल्स के अनुसार जॉब प्रोफाइल चुन सकते हैं।

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. क्या एंट्री के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
    ➡️ नहीं, आप स्पॉट रजिस्ट्रेशन करके भी फेयर में शामिल हो सकते हैं।

    Q2. क्या कोई फीस देनी होगी?
    ➡️ नहीं, एंट्री पूरी तरह फ्री है।

    Q3. किन सेक्टर्स में जॉब्स मिलेंगी?
    ➡️ IT, कस्टमर सर्विस, हेल्थकेयर, एजुकेशन, BPO, रिटेल, और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई सेक्टर्स में मौके मिलेंगे।

    Q4. क्या महिलाएँ और दिव्यांग उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं?
    ➡️ बिल्कुल! यह इवेंट खासतौर पर महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों के लिए ही डिजाइन किया गया है।

  • मुंबई डेवलपर्स ने BMC से मांगी राहत, प्रीमियम पेमेंट के लिए 10:10:80 फार्मूला पेश

    मुंबई डेवलपर्स ने BMC से मांगी राहत, प्रीमियम पेमेंट के लिए 10:10:80 फार्मूला पेश

    मुंबई के रियल एस्टेट डेवलपर्स ने BMC कमिश्नर भूषण गगरानी से मुलाकात कर प्रीमियम पेमेंट को 10:10:80 स्ट्रक्चर में करने का प्रस्ताव दिया। इस बैठक में CREDAI-MCHI, NAREDCO, BDA और PEATA जैसी प्रमुख संस्थाओं ने हिस्सा लिया।

    मुंबई: रियल एस्टेट डेवलपर्स की प्रमुख संस्थाओं — CREDAI-MCHI, NAREDCO, BDA और PEATA — ने 24 अक्टूबर को BMC प्रमुख भूषण गगरानी से मुलाकात की। इस दौरान डेवलपर्स ने मौजूदा प्रीमियम भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने के लिए 10:10:80 पेमेंट स्ट्रक्चर का सुझाव दिया। इस बैठक में डेवलपर्स ने कहा कि यह फार्मूला प्रोजेक्ट के कैश फ्लो के अनुसार पेमेंट को बैलेंस करेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देगा।

    🏗️ क्या है 10:10:80 प्रीमियम पेमेंट स्ट्रक्चर?

    • डेवलपर्स ने प्रस्ताव रखा कि कुल प्रीमियम का 10% पेमेंट प्रोजेक्ट अप्रूवल के समय,
      10% कमेंसमेंट सर्टिफिकेट (CC) पर,
      और बाकी 80% ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) मिलने पर किया जाए।
    • इस मॉडल का उद्देश्य है कि डेवलपर्स पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम हो और पेमेंट्स प्रोजेक्ट की वास्तविक प्रगति के साथ जोड़े जाएँ।

    💰 वर्तमान प्रीमियम सिस्टम से क्यों हैं परेशान डेवलपर्स

    • फिलहाल डेवलपर्स को फंजिबल FSI, ओपन स्पेस डेफिशियेंसी, फायर सर्विस चार्ज, डेवलपमेंट सेस, और स्क्रूटनी फीस जैसी करीब 20 अलग-अलग प्रीमियम फीस देनी पड़ती हैं।
    • इनका भुगतान शुरुआती चरण में करना पड़ता है, जबकि तब तक प्रोजेक्ट से कोई राजस्व नहीं आता।
    • कई बार ये फीस 12% ब्याज दर पर डिफर्ड स्कीम के तहत दी जाती है, जिससे लागत और बढ़ जाती है।
    • डेवलपर्स का कहना है कि 10:10:80 फार्मूला न सिर्फ कैश फ्लो को मैच करेगा बल्कि BMC के लिए भी रेवेन्यू न्यूट्रल रहेगा।

    🏢 BMC की पहल: रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बनेगी स्टीयरिंग कमेटी

    • बैठक में BMC कमिश्नर भूषण गगरानी ने घोषणा की कि रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक स्टीयरिंग कमेटी बनाई जाएगी।
    • इसमें CREDAI-MCHI, NAREDCO, PEATA, BDA के प्रतिनिधि और BMC के विभिन्न विभागों के अधिकारी, जैसे फायर ऑफिस, शामिल होंगे।
    • कमेटी हर दो हफ्ते में बैठक करेगी, ताकि नीति संबंधी मुद्दों, डेवलपमेंट अड़चनों और प्रक्रियाओं पर चर्चा हो सके।
    • उप मुख्य अभियंता चंद्रशेखर उंडगे इस कमेटी की अध्यक्षता करेंगे, जबकि BMC प्रमुख भी महीने में एक बार बैठक में शामिल होंगे।

    🧩 डेवलपर्स की राय क्या है?

    CREDAI-MCHI अध्यक्ष सुखराज नाहर ने कहा,

    “10:10:80 प्रीमियम पेमेंट मॉडल एक फेयर और प्रैक्टिकल अप्रोच है, जिससे प्रोजेक्ट प्रोग्रेस के साथ पेमेंट्स को जोड़ा जा सकता है। इससे पारदर्शिता और संतुलन दोनों बढ़ेंगे।”

    CREDAI-MCHI सचिव ऋषि मेहता ने कहा,

    “रियल एस्टेट इंडस्ट्री मुंबई के विकास की रीढ़ है। BMC के साथ नियमित संवाद से नीति में सुधार और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।”

    📘 क्या है ‘प्रीमियम’? (Premium Explained)

    • प्रीमियम वो चार्जेज हैं जो डेवलपर्स सिविक अथॉरिटी को अतिरिक्त निर्माण अधिकार या प्रोजेक्ट अप्रूवल के लिए देते हैं।
    • इनमें शामिल हैं:
    • फंजिबल FSI (Floor Space Index)
    • ओपन स्पेस डेफिशियेंसी फीस
    • फायर सर्विस चार्ज
    • कॉमन एरिया चार्ज (लॉबी, लिफ्ट, सीढ़ियाँ आदि के लिए)
    • मुंबई में प्रीमियम कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का लगभग 20–30% तक हिस्सा होता है।

    📈 रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए इसका मतलब क्या है?

    • यह प्रस्ताव लागू होने पर प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत कम होगी।
    • डेवलपर्स को वर्किंग कैपिटल मैनेज करने में मदद मिलेगी।
    • इससे नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने की गति बढ़ सकती है, जिससे मकान खरीदारों को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिलेगा।

    FAQ सेक्शन

    Q1. 10:10:80 प्रीमियम स्ट्रक्चर क्यों ज़रूरी है?
    ➡️ यह मॉडल डेवलपर्स को प्रोजेक्ट के कैश फ्लो के अनुसार भुगतान करने की सुविधा देता है, जिससे आर्थिक दबाव घटता है।

    Q2. क्या इससे BMC का राजस्व प्रभावित होगा?
    ➡️ नहीं। CREDAI-MCHI के अनुसार यह रेवेन्यू न्यूट्रल है — यानी BMC को कोई नुकसान नहीं होगा।

    Q3. क्या स्टीयरिंग कमेटी के फैसले बाध्यकारी होंगे?
    ➡️ यह एक सलाहकार निकाय होगी, जो नीति सुधार और अड़चनों को हल करने के लिए सुझाव देगी।

    Q4. क्या इस प्रस्ताव को तुरंत लागू किया जाएगा?
    ➡️ फिलहाल यह प्रस्ताव स्तर पर है। BMC इसे समीक्षा के बाद नीतिगत रूप से लागू कर सकती है।

  • मुंबई के वकील ने NHRC से की शिकायत, कहा– “खतरनाक पटाखे बन गए ज़हर”

    मुंबई के वकील ने NHRC से की शिकायत, कहा– “खतरनाक पटाखे बन गए ज़हर”

    मुंबई के वकील हितेंद्र गांधी ने मानवाधिकार आयोग (NHRC) से मांग की है कि कार्बाइड आधारित खतरनाक पटाखों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि ये पटाखे लोगों की सेहत, पर्यावरण और जानवरों के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।

    मुंबई: जाने-माने वकील हितेंद्र गांधी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को एक याचिका दाखिल की है जिसमें उन्होंने कार्बाइड बेस्ड (Carbide-Based) खतरनाक पटाखों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    उनका कहना है कि ये पटाखे न सिर्फ लोगों की सेहत और पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं, बल्कि जानवरों और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं।

    गांधी ने NHRC से आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर राष्ट्रीय अध्ययन कराया जाए, सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की जाए, और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कड़े कदम उठाए जाएं — ताकि दिवाली की धार्मिक भावना बनी रहे, पर सेहत और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

    🌫️ दिवाली के बाद बढ़ता प्रदूषण, बिगड़ती हवा की गुणवत्ता

    वकील की याचिका में कहा गया है कि सरकारी मॉनिटरिंग स्टेशन और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) हर साल दिवाली के बाद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक तत्वों में तेज़ उछाल दिखाते हैं।
    कई शहरों में दिवाली की रातों के बाद हवा की स्थिति “Very Poor” से “Severe” कैटेगरी तक पहुंच जाती है।

    हालांकि ग्रीन क्रैकर्स को लागू करने की सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पहले से मौजूद है, लेकिन वकील का कहना है कि अभी भी गैर-प्रमाणित और जहरीले पटाखे खुलेआम बिक रहे हैं

    🚫 “ग्रीन पटाखे” के बावजूद नहीं थमा जहरीले धुएं का असर

    हितेंद्र गांधी का कहना है कि “ग्रीन पटाखे” के नियमों के बावजूद गैर-लाइसेंसशुदा फायरवर्क्स और कार्बाइड बेस्ड पटाखों की बिक्री जारी है।
    इनसे निकलने वाला धुआं न सिर्फ इंसानों के लिए सांस संबंधी खतरे पैदा करता है बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और जानवरों पर भी सीधा असर डालता है।

    🐶 जानवरों पर भी गहरा असर

    याचिका में बताया गया है कि पशु कल्याण संस्थाएं और वेटरनरी क्लीनिक दिवाली के बाद घायल और डरे हुए जानवरों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज करते हैं।
    कई शहरों में सैकड़ों पालतू और आवारा जानवर धमाकों और धुएं के कारण घायल या भाग जाते हैं।
    यह स्थिति हर साल मानवता और करुणा की भावना को ठेस पहुंचाती है।

    💣 कार्बाइड गन — नया खतरा बनते “घरेलू बम”

    हितेंद्र गांधी ने अपनी याचिका में “कार्बाइड गन” या घरेलू विस्फोटक उपकरणों की भी चर्चा की है।
    इन गैरकानूनी और असुरक्षित पटाखों के कारण भोपाल से बेंगलुरु तक 130 से ज्यादा लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

    इन “कार्बाइड गनों” के वीडियो सोशल मीडिया पर आसानी से मिल जाते हैं और कोई भी इन्हें घर पर बना सकता है।
    यह चलन अब सार्वजनिक सुरक्षा संकट (Public Safety Crisis) बन चुका है।

    ⚖️ “मानवाधिकार का उल्लंघन” – याचिका में गंभीर आरोप

    वकील ने कहा,

    “ये घटनाएं सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवाधिकारों का सीधा हनन हैं — खासकर जीवन, स्वास्थ्य और गरिमा के अधिकार का।”

    उन्होंने आयोग से अपील की है कि NHRC सरकार को सिफारिश करे कि

    • कार्बाइड आधारित पटाखों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाया जाए,
    • Explosives Act और अन्य नियमों को सख्ती से लागू किया जाए,
    • और इस मामले पर जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि उत्सव का असली प्रकाश जीवन और करुणा के साथ जुड़ा रहे।

    ❓FAQs

    Q1. किसने NHRC में याचिका दाखिल की है?
    मुंबई के वकील हितेंद्र गांधी ने यह याचिका दाखिल की है।

    Q2. याचिका में क्या मांग की गई है?
    कार्बाइड आधारित पटाखों पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध, और सुरक्षा नियमों की सख्त पालना की मांग की गई है।

    Q3. क्या “ग्रीन क्रैकर्स” से प्रदूषण कम हुआ है?
    नहीं, वकील का कहना है कि ग्रीन क्रैकर्स के बावजूद प्रदूषण स्तर में सुधार नहीं आया।

    Q4. जानवरों पर क्या असर पड़ता है?
    तेज धमाकों और धुएं से जानवर डर जाते हैं, कई घायल या भाग जाते हैं।

    Q5. “कार्बाइड गन” क्या है?
    यह एक असुरक्षित घरेलू विस्फोटक उपकरण है जो दिवाली में धमाके के लिए बनाया जाता है, और इससे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

  • विधायक सुनील प्रभु की मांग — आप्पापाडा से पोयसर नदी तक 13.4 मीटर चौड़ा DP रोड ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित किया जाए

    विधायक सुनील प्रभु की मांग — आप्पापाडा से पोयसर नदी तक 13.4 मीटर चौड़ा DP रोड ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित किया जाए

    दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या को देखते हुए विधायक सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आप्पापाडा नर्सिंग होम से पोयसर नदी तक के 13.4 मीटर चौड़े DP रोड को ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित करने की मांग की है।

    मुंबई: मालाड़ पूर्व के दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले आप्पापाडा इलाके में सड़कों की चौड़ाई बहुत कम होने से रोज़ाना ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है। नागरिकों को ऑफिस या काम के स्थान तक पहुँचने में काफी देरी होती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विधायक सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आप्पापाडा नर्सिंग होम से पोयसर नदी तक के प्रस्तावित 13.4 मीटर चौड़े विकास नियोजन (DP) रोड को “वाइटल प्रोजेक्ट (Vital Project)” घोषित करने की मांग की है।

    🏙️ आप्पापाडा क्षेत्र में सड़कें संकरी, ट्रैफिक जाम आम

    दिंडोशी के आप्पापाडा, गोकुलनगर और आसपास के इलाकों में सड़कें बेहद संकरी हैं। पश्चिम द्रुतगती महामार्ग (Western Express Highway) से इन इलाकों की दूरी ज्यादा होने के कारण यहां ट्रैफिक जाम रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। इस कारण लोगों को समय पर ऑफिस या स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

    🏗️ समानांतर रोड से पश्चिम उपनगरों को मिलेगी राहत

    प्रभु ने कहा है कि बोरीवली और लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स जैसे इलाकों से जोड़ने वाला पश्चिम द्रुतगती महामार्ग के समानांतर रोड बेहद ज़रूरी है। इससे न सिर्फ ट्रैफिक लोड कम होगा बल्कि नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा।

    🌊 पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प भी इससे जुड़ा

    आप्पापाडा क्षेत्र में पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प (Poisar River Rejuvenation Project) पहले से ही चल रहा है और इसे पहले से ही “वाइटल प्रोजेक्ट” घोषित किया गया है। लेकिन इस प्रकल्प के तहत बनने वाले सांडपानी प्रक्रिया संयंत्र (STP) और मलनिस्सारण वाहिनियां (Drainage pipelines) जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं, क्योंकि वहां तक पहुंचने के लिए सड़क (access road) उपलब्ध नहीं है।

    प्रभु का कहना है कि अगर 13.4 मीटर चौड़ा डीपी रोड तत्काल बनाया गया और उसे वाइटल प्रोजेक्ट घोषित किया गया, तो बीएमसी के इन अधूरे कामों को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

    🏛️ बीएमसी और सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

    प्रभु ने मांग की है कि इस सड़क को प्राथमिकता (priority) पर लेकर इसे “वाइटल प्रोजेक्ट” घोषित किया जाए। इससे न केवल बीएमसी के कामों को गति मिलेगी, बल्कि आप्पापाडा और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों को लंबे समय से मिल रही ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगी।


    ❓FAQs

    Q1. आप्पापाडा से पोयसर नदी तक की सड़क क्यों जरूरी है?
    इस क्षेत्र में सड़कें संकरी होने से भारी ट्रैफिक जाम लगता है। नया डीपी रोड बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुगम आवागमन मिलेगा।

    Q2. इस रोड को ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित करने की मांग किसने की है?
    दिंडोशी विधानसभा के आमदार सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर यह मांग की है।

    Q3. इससे बीएमसी के कौन-कौन से प्रोजेक्ट पूरे होंगे?
    पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प, सांडपानी प्रक्रिया संयंत्र (STP), इंटरसेप्टर और ड्रेनेज पाइपलाइन जैसे कई अधूरे काम पूरे हो पाएंगे।

    Q4. यह रोड किस चौड़ाई का प्रस्तावित है?
    यह विकास नियोजन सड़क 13.4 मीटर चौड़ी प्रस्तावित है।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का बयान: दिव्यांगों को दिए गए “खराब ई-रिक्शा” की होगी जांच

    बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का बयान: दिव्यांगों को दिए गए “खराब ई-रिक्शा” की होगी जांच

    महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह दिव्यांग व्यक्तियों को दिए गए ई-रिक्शों की तकनीकी जांच करवाएगी। कई लाभार्थियों ने आरोप लगाया था कि सरकार की योजना के तहत मिले वाहन “खराब” और “असुरक्षित” हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के समाज कल्याण विभाग की एक योजना के तहत दिव्यांग लोगों को ई-रिक्शा (e-rickshaw) दिए गए थे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
    लेकिन अब इन वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं।

    लगभग 115 दिव्यांग लाभार्थियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें जो ई-रिक्शे मिले हैं, वो “खराब हालत में” हैं और चलाने के लायक नहीं हैं।
    इन शिकायतों के बाद कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा — और अब सरकार ने कहा है कि वह तकनीकी जांच कराएगी और रिपोर्ट पेश करेगी।

    ⚙️ योजना की शुरुआत और खर्च

    इस योजना की शुरुआत 10 जून 2019 को समाज न्याय विभाग (Social Justice Department) के एक सरकारी निर्णय (GR) से हुई थी।
    इस योजना के तहत लगभग 800 ई-रिक्शे दिव्यांग व्यक्तियों को 20 करोड़ रुपये की लागत से बांटे गए थे।
    योजना का नाम था —
    “Green Energy Powered Environment-Friendly Mobile Shop for Disabled Persons to Become Self-Reliant”

    लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कई वाहन तकनीकी रूप से दोषपूर्ण हैं और इनमें सुरक्षा संबंधी खामियां हैं।

    🧑‍⚖️ कोर्ट में क्या हुआ?

    15 अक्टूबर को जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस संदीश डी. पाटिल की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
    याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील असीम सरोदे और श्रिय आळवे ने कहा कि सरकार ने उन्हें “डिफेक्टिव” यानी खराब वाहन देकर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

    उन्होंने यह भी मांग की कि

    • एक स्वतंत्र जांच एजेंसी नियुक्त की जाए,
    • और सरकारी खरीद प्रक्रिया (procurement process) की जांच की जाए ताकि यह पता चल सके कि क्या ई-रिक्शा की खरीद में गड़बड़ी हुई थी।

    🏛️ सरकार और कंपनी का जवाब

    सरकार की ओर से एडिशनल गवर्नमेंट प्लीडर भूपेश सामंत ने कोर्ट को बताया कि
    Maharashtra State Handicapped Finance and Development Corporation (MSHFDC) हर जिले में एक तकनीकी अधिकारी नियुक्त करेगी जो इन ई-रिक्शों की जांच करेगा।

    वहीं, सप्लायर कंपनी Mac Auto India ने भी कहा कि वह सिर्फ इन 115 याचिकाकर्ताओं के नहीं, बल्कि सभी लाभार्थियों के वाहनों की मरम्मत या जांच करेगी।

    कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह तकनीकी रिपोर्ट नवंबर 19, 2025 तक पेश करे और इस पूरी जांच में सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट पूरा सहयोग करे।

    🔍 आरोप क्या हैं?

    • याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ई-रिक्शे कमज़ोर बॉडी और घटिया पार्ट्स से बने हैं।
    • कई वाहनों की बैटरी और मोटर कुछ ही महीनों में फेल हो गई।
    • सरकार ने बाजार मूल्य से अधिक दरों पर खरीदारी की है।
    • कोई बाद की सर्विस या मेंटेनेंस सपोर्ट नहीं दिया गया।

    📉 अदालत की टिप्पणी

    कोर्ट ने पहले ही 3 अक्टूबर को कहा था कि याचिकाकर्ताओं की शिकायतें गंभीर और सटीक लगती हैं।
    अब अदालत इस बात पर नज़र रखेगी कि सरकार और कंपनी जांच में पारदर्शिता बरतती है या नहीं।

    🪫 दिव्यांगों की पीड़ा

    दिव्यांग लोगों का कहना है कि ये ई-रिक्शे आजीविका का एकमात्र साधन हैं।
    “खराब वाहन” मिलने की वजह से उनकी रोज़मर्रा की कमाई ठप पड़ गई है।
    कई लोगों को कर्ज चुकाने में मुश्किल हो रही है क्योंकि उन्होंने वाहन पर लोन लिया था।


    🧾 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मामला किस बारे में है?
    ➡️ दिव्यांग लाभार्थियों को सरकार की योजना के तहत दिए गए ई-रिक्शे खराब निकले, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।

    Q2. कितने लोगों ने याचिका दायर की है?
    ➡️ लगभग 115 दिव्यांग व्यक्तियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

    Q3. योजना कब शुरू हुई थी?
    ➡️ यह योजना 10 जून 2019 को समाज न्याय विभाग के आदेश से शुरू की गई थी।

    Q4. क्या सरकार ने जांच के लिए हामी भरी है?
    ➡️ हां, महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वह सभी ई-रिक्शों की तकनीकी जांच करवाएगी।

    Q5. अगली सुनवाई कब होगी?
    ➡️ अगली सुनवाई 19 नवंबर 2025 को निर्धारित की गई है।

  • गोरगांव में पानी की किल्लत पर उद्धव सेना का ‘बाल्टी मोर्चा’, नगर निगम को दी चेतावनी

    गोरगांव में पानी की किल्लत पर उद्धव सेना का ‘बाल्टी मोर्चा’, नगर निगम को दी चेतावनी

    गोरगांव पश्चिम में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के साथ मिलकर ‘बाल्टी मोर्चा’ निकाला। मोर्चे में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और BMC को चेतावनी दी कि अगर पानी की समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।

    मुंबई: गोरगांव (पश्चिम) में लगातार बढ़ती पानी की किल्लत को लेकर उद्धव ठाकरे गट की शिवसेना (UBT) ने रविवार को एक ज़ोरदार ‘बाल्टी मोर्चा’ निकाला। यह मोर्चा प्रभाग क्रमांक 52 में पानी की कमी के विरोध में संदीप गाढवे की अगुवाई में आयोजित किया गया। इस दौरान नागरिकों ने खाली बाल्टियां लेकर BMC के खिलाफ नारे लगाए और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र होगा।

    💧 ‘पानी आमचा हक्काचा, नाही कोणाच्या बापाचा’ — नारों से गूंजा इलाका

    मोर्चे में शामिल नागरिकों ने “पानी आमचा हक्काचा, नाही कोणाच्या बापाचा!” और “आमच्या मागण्या पूर्ण करा!” जैसे नारे लगाते हुए विरोध जताया।
    आंदोलन के दौरान दीपक परब नामक नागरिक ने BMC के गेट के सामने प्रतीकात्मक रूप से नहा कर प्रशासन पर तंज कसा।

    मोर्चा खत्म होने के बाद संदीप गाढवे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सहायक आयुक्त अजय पाटणे से मुलाकात की और इलाके में चल रही पानी की समस्या पर चर्चा की।

    🏘️ नागरिकों की मुख्य मांगें क्या हैं?

    1. बंगाली कंपाउंड इलाके में कम दबाव से आने वाले पानी की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
    2. पानी छोड़ने का समय घटाने का निर्णय वापस लिया जाए और पुरानी टाइमिंग बहाल की जाए।
    3. कन्यापाड़ा इलाके में दलालों के ज़रिए नल कनेक्शन के लिए वसूली की जा रही है — उसकी जांच की जाए।
    4. इलाके के बिल्डरों को कैसे और कितना पानी दिया जा रहा है, इसकी गहराई से जांच हो।
    5. आरे कॉलोनी यूनिट 32 का पंप शुरू किया जाए ताकि यूनिट 31 और 32 के नागरिकों को राहत मिल सके।
    6. साईबाबा कॉम्प्लेक्स की साई सदन इमारत में चल रही पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

    👥 मोर्चे में किसने लिया हिस्सा?

    इस आंदोलन में कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें—
    पूर्व नगरसेविका सुगंधा शेट्टी, दीपक परब, निलाक्षी भाबळ, विनायक ताटे, स्वाती शिर्के, सचिन सावंत, सुभाष जाधव, विजय मांजळकर, कुबेर लाड, शांताराम सावंत, विरेंद्र सोनावने और वर्षा पवार समेत बड़ी संख्या में शिवसैनिक, युवासेना और महिला सेना की कार्यकर्ता मौजूद थीं।

    गोकुलधाम, बंगाली कंपाउंड, कन्यापाड़ा, साईबाबा कॉम्प्लेक्स, आरे कॉलोनी और बंजारी पाड़ा जैसे इलाकों के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    🏛️ शिवसेना (UBT) का संदेश प्रशासन को

    संदीप गाढवे ने मीडिया से बातचीत में बताया

    “अब BMC को भी समझना चाहिए कि पानी कोई मेहरबानी नहीं, बल्कि नागरिकों का हक है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो शिवसेना (UBT) सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।”


    FAQ सेक्शन

    Q1. गोरगांव में उद्धव सेना का बाल्टी मोर्चा क्यों निकाला गया?
    👉 पानी की किल्लत और कम दबाव से पानी आने की समस्या के विरोध में यह मोर्चा आयोजित किया गया।

    Q2. इस आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
    👉 प्रभाग 52 के शाखा प्रमुख संदीप गाढवे ने आंदोलन का नेतृत्व किया।

    Q3. नागरिकों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 नियमित और पर्याप्त पानी आपूर्ति शुरू करना और दलालों द्वारा नल कनेक्शन में की जा रही वसूली की जांच करना।

    Q4. प्रशासन से कौन मिला?
    👉 एक शिष्टमंडल ने सहायक आयुक्त अजय पाटणे से मुलाकात की और समस्या पर चर्चा की।

  • मुंबई में मिठी नदी पर बनेगा नया ब्रिज, सायन-कुर्ला-BKC वालों को मिलेगी राहत

    मुंबई में मिठी नदी पर बनेगा नया ब्रिज, सायन-कुर्ला-BKC वालों को मिलेगी राहत

    मुंबई में धारावी के पास मिठी नदी पर नया ब्रिज बनने जा रहा है। पुराने पुल को तोड़कर नया चौड़ा और ऊंचा पुल बनाया जाएगा। करीब ₹303 करोड़ खर्च से बनने वाला ये ब्रिज सायन, कुर्ला और BKC जाने वालों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

    मुंबई: शहर वालों के लिए खुशखबरी है! धारावी में ड्राइव-इन थिएटर के पास मिठी नदी पर नया ब्रिज बनने वाला है। BMC ने पुराने पुल को तोड़कर नया चौड़ा पुल बनाने का काम शुरू कर दिया है। करीब ₹303 करोड़ की लागत से बन रहा ये ब्रिज दो साल में तैयार होगा। इससे सायन, कुर्ला और BKC की तरफ जाने वाली गाड़ियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

    🚧 नया मिठी नदी ब्रिज: क्या है प्लान?

    मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने पुराने मिठी नदी पुल को तोड़कर नया और मजबूत पुल बनाने का फैसला किया है।
    👉 पुराने पुल की चौड़ाई सिर्फ 9.3 मीटर थी, जिससे ट्रैफिक बार-बार जाम हो जाता था।
    👉 नया ब्रिज होगा 48 मीटर चौड़ा और 108 मीटर लंबा, जिससे बड़े-बड़े व्हीकल भी आसानी से निकल पाएंगे।
    👉 ये ब्रिज धारावी के ड्राइव-इन थिएटर के पास बनेगा, जो सायन-कुर्ला और BKC को जोड़ता है।

    💰 ₹303 करोड़ की लागत, दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

    इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹303.95 करोड़ का खर्च आएगा।
    BMC ने इसके लिए नया कॉन्ट्रैक्टर भी फाइनल कर लिया है।
    पूरा काम दो फेज में किया जाएगा।
    पहले फेज में पुराना ब्रिज तोड़ा जाएगा और नदी का चौड़ाई बढ़ाई जाएगी,
    जबकि दूसरे फेज में नया ब्रिज खड़ा किया जाएगा।

    🌊 क्यों जरूरी है नया पुल?

    2005 की मुंबई की बारिश सबको याद है — जब मिठी नदी में पानी भरने से पूरा शहर ठप पड़ गया था।
    उसके बाद डॉ. चितळे कमेटी ने सलाह दी थी कि नदी का चौड़ाई 68 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर किया जाए ताकि पानी का फ्लो ठीक रहे।
    अब उसी रिपोर्ट के हिसाब से ब्रिज की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाई जा रही है, ताकि भविष्य में न ट्रैफिक जाम हो और न पानी भरने की दिक्कत।

    🚗 किन लोगों को फायदा होगा?

    इस ब्रिज से सबसे ज्यादा फायदा होगा उन लोगों को जो रोज़ सायन, कुर्ला, BKC और बांद्रा की तरफ जाते हैं।

    • ऑफिस टाइम पर लगने वाला जाम कम होगा
    • सिग्नल पर रुकने का टाइम घटेगा
    • नए ब्रिज से ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी और बेहतर बनेगी
    • ट्रक और बसों के लिए भी रास्ता आसान होगा

    ⚙️ कब तक बनेगा ये पुल?

    BMC के मुताबिक, पूरा प्रोजेक्ट दो साल में खत्म करने का टार्गेट है।
    काम चालू होते ही आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक डाइवर्जन प्लान भी लागू किया जाएगा ताकि लोगों को ज्यादा दिक्कत न हो।

    📌 प्रोजेक्ट से जुड़ी खास बातें

    पॉइंटडिटेल
    जगहधारावी – ड्राइव-इन थिएटर के पास
    पुल की पुरानी चौड़ाई9.3 मीटर
    नई चौड़ाई48 मीटर
    कुल खर्च₹303.95 करोड़
    टाइमलाइन2 साल
    फेज2 (डिमॉलिशन + कंस्ट्रक्शन)

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. नया ब्रिज कहां बन रहा है?
    👉 धारावी के ड्राइव-इन थिएटर के पास, जहां से सायन-कुर्ला और BKC का रास्ता जाता है।

    Q2. कितना खर्च आएगा?
    👉 लगभग ₹303.95 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है।

    Q3. कब तक तैयार होगा?
    👉 दो साल में काम पूरा करने का टार्गेट है।

    Q4. नया ब्रिज कितना चौड़ा होगा?
    👉 नया पुल लगभग 48 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।

    Q5. किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?
    👉 सायन, कुर्ला, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की तरफ जाने वालों को सबसे बड़ा फायदा होगा।