Category: Local News

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  • Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Andheri West के JP Road स्थित Dhake Colony CHS का main entry gate cabling work के बाद 25 दिनों से टूटा पड़ा है। Mud, stones और uneven patch की वजह से Ambulance access, senior citizens और school children की safety पर खतरा।

    मुंबई: Andheri West के JP Road पर स्थित Dhake Colony Co-operative Housing Society (CHS) का इकलौता concrete entry/exit gate पिछले करीब 25 दिनों से खुदाई के बाद बदहाल पड़ा है। Cabling work के लिए फरवरी की शुरुआत में गेट को खोदा गया था। काम तो कुछ ही दिनों में पूरा हो गया, लेकिन गेट का हिस्सा आज भी टूटा-फूटा और असमतल (Uneven Patch) है, जिससे करीब 150 residents की daily life प्रभावित हो रही है।

    🚧 Cabling Work के बाद अधूरा Repair

    फरवरी की शुरुआत में गेट पर heavy industrial metal sheet रखकर नीचे cabling का काम किया गया। उस दौरान गाड़ियां metal sheet के ऊपर से आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं। Residents को उम्मीद थी कि काम खत्म होते ही पुरानी smooth concrete surface बहाल कर दी जाएगी।

    Dhake-Colony-Gate-in-bad-shape-after-excavation-150-residents-troubled

    लेकिन metal sheet हटने के बाद भी गेट पर पड़े tiles, blocks, मिट्टी, पत्थर और ईंटें वैसे ही पड़ी हैं। Patch अभी तक concreted नहीं हुआ है और entry पूरी तरह uneven बनी हुई है।

    🏢 150 Residents पर असर

    Dhake Colony CHS में पांच इमारतें हैं और लगभग 150 लोग यहां रहते हैं। Society का यह main gate ही vehicles और pedestrians के लिए एकमात्र बड़ा प्रवेश-द्वार है। बगल में एक छोटा gate है, लेकिन वह सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए है, गाड़ियों के लिए नहीं।

    🗣️ “अंदर आने के लिए Skilled Driver चाहिए” – Anand Shirali

    सोसाइटी के चेयरमैन Anand Shirali ने कहा:

    “यह patch सीधे हमारे gate पर है। गाड़ी अंदर लाने के लिए बेहद skilled driver होना चाहिए। काम कम से कम पंद्रह दिन पहले खत्म हो चुका है, लेकिन gate अभी भी खुदा हुआ है। Mud, stones और bricks की वजह से surface पूरी तरह uneven है। अगर किसी को Ambulance या Fire Brigade की जरूरत पड़े तो अंदर आना लगभग नामुमकिन होगा। कॉलोनी में एक doctor हैं जिनकी बड़ी car है, वे emergency के लिए अपनी गाड़ी colony के बाहर road पर पार्क करते हैं। अभी turning radius भी बहुत tight हो गया है, manoeuvre करना मुश्किल है।”

    Residents का कहना है कि संबंधित phone numbers और X (Twitter) handles पर शिकायत करने के बावजूद कोई response नहीं मिला।

    🐦 Tweet Heat: सोशल मीडिया पर गुहार

    X पर Shira Lee ने @mybmc को टैग करते हुए लिखा:

    “Main arterial JP Road Dhake Colony CHS gate entry 20 दिन पहले खोदी गई और अब तक repair नहीं हुई। Cars अंदर-बाहर लाना मुश्किल है। Society में कई senior citizens हैं जिन्हें ambulance की जरूरत पड़ सकती है। Bus Route No. 425 भी प्रभावित है। K West Ward – HELP!”

    यह मुद्दा अब Social Media पर भी उठने लगा है, लेकिन ground level पर अभी तक repair शुरू नहीं हुआ।

    ⚠️ Injury का खतरा: Residents की नाराजगी

    👴 Senior Citizens और बच्चों पर Risk

    सोसाइटी निवासी Shailesh Bhat ने कहा:

    “यह unattended work बिल्कुल unacceptable है। Senior citizens और छोटे बच्चे accident के सबसे ज्यादा खतरे में हैं। High probability है कि कोई भी गिर सकता है। इसे तुरंत repair किया जाना चाहिए।”

    🛵 Exam से पहले Scooter Slip

    एक और resident Nilesh Sawant ने बताया:

    “कुछ दिन पहले मैं सुबह 7:15 बजे अपनी 11 साल की बेटी को scooter से school छोड़ने जा रहा था। उसके exams थे। Uneven patch पर scooter डगमगाई और हम दोनों गिर गए। Thankfully, हमें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हम हिल गए थे। यह बेहद dangerous है और urgent attention की जरूरत है।”

    🚶‍♀️ Walking भी मुश्किल

    Resident Ramila Gala ने कहा:

    “हम 25 दिनों से इस stretch के concreted और smooth होने का इंतजार कर रहे हैं। Senior citizens अब बाहर निकलने से डरते हैं। हाल ही में मेरे घर मेहमान आए थे, उनमें से एक का पैर इस uneven stretch पर मुड़ गया। समझ नहीं आता कि इतना समय क्यों लग रहा है।”

    🚑 Emergency Access पर बड़ा सवाल

    Residents का सबसे बड़ा डर Emergency Access को लेकर है। Ambulance, Fire Brigade या Medical Emergency की स्थिति में main gate की खराब हालत बड़ी समस्या बन सकती है। Colony में रहने वाले doctor भी अपनी बड़ी car बाहर park कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकल सकें।

    📊 Local Infrastructure Issue या Negligence?

    JP Road Andheri West का यह हिस्सा एक busy arterial road है। ऐसे में Entry Gate Repair Delay से न सिर्फ Society Residents बल्कि आसपास के traffic flow पर भी असर पड़ रहा है। Bus Route No. 425 का संचालन भी प्रभावित बताया जा रहा है।

    यह मामला अब Mumbai Civic Issue, Road Repair Delay, और Public Safety Concern के तौर पर देखा जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Dhake Colony Gate कब खोदा गया था?
    ➡️ फरवरी की शुरुआत में cabling work के लिए।

    Q2. काम कब पूरा हुआ?
    ➡️ Residents के मुताबिक करीब 15–20 दिन पहले काम पूरा हो चुका है।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हैं?
    ➡️ लगभग 150 residents (5 buildings)।

    Q4. सबसे बड़ी समस्या क्या है?
    ➡️ Uneven Patch के कारण vehicle entry मुश्किल, senior citizens और बच्चों के लिए injury risk, और ambulance access में बाधा।

    Q5. क्या BMC या Ward Office ने जवाब दिया?
    ➡️ Residents के अनुसार शिकायतों पर अभी तक कोई response नहीं मिला।

  • Andheri Subway Waterlogging खत्म करने की तैयारी, ₹197 करोड़ का प्लान

    Andheri Subway Waterlogging खत्म करने की तैयारी, ₹197 करोड़ का प्लान

    Andheri Subway Waterlogging की समस्या से राहत देने के लिए Maharashtra Government ने ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project प्रस्तावित किया है। BMC के Pumping System, Gokhale Bridge Alternative Route और Traffic Diversion Plan की पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: अंधेरी ईस्ट और अंधेरी वेस्ट को जोड़ने वाला Andheri Subway हर मानसून में Waterlogging और Traffic Congestion का बड़ा कारण बन जाता है। अब Maharashtra Government ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ₹197 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार ने साफ किया कि अब Temporary नहीं बल्कि Permanent Fix पर काम होगा।

    🚧 विधानसभा में उठा मुद्दा

    विधानसभा में यह मामला विधायक Murji Patel ने Calling Attention Motion के जरिए उठाया। उन्होंने बताया कि Andheri Subway East-West Connectivity का इकलौता सीधा लिंक है और Heavy Rainfall के दौरान अक्सर बंद हो जाता है, जिससे हजारों commuters को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

    इस पर राज्य मंत्री Madhuri Misal ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार और BMC मिलकर इस समस्या का स्थायी हल निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    🌧️ आखिर क्यों भर जाता है पानी?

    सरकार के अनुसार Andheri Subway एक Low-Lying Area में स्थित है। इसके ऊपर से Western Railway की Suburban Rail Network गुजरती है, जिस कारण सबवे को चौड़ा (Widening) या गहरा (Deepening) करना तकनीकी रूप से बेहद कठिन है।

    जानकारी के मुताबिक जब बारिश 19 mm प्रति घंटा से ज्यादा होती है तो पानी की निकासी धीमी हो जाती है और Subway में Water Accumulation शुरू हो जाता है। यही कारण है कि Moderate Rainfall में भी यहां Flooding की स्थिति बन जाती है।

    🚨 अभी क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

    Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) फिलहाल Monsoon Season में अस्थायी उपाय कर रही है:

    • 3 High-Capacity Dewatering Pumps तैनात किए गए हैं
    • इनकी Combined Drainage Capacity करीब 2,250 Cubic Metres Per Hour है
    • लगातार Monitoring की जाती है ताकि पानी जल्द निकाला जा सके

    इसके बावजूद, Cloudburst या Heavy Rainfall (55 mm/hour से ज्यादा) में मौजूदा सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है।

    🌉 Gokhale Bridge बना Alternative Route

    जब भी Andheri Subway बंद होता है, ट्रैफिक को Gokhale Bridge की ओर डायवर्ट किया जाता है। हाल ही में Renovated Gokhale Bridge को ट्रैफिक के लिए खोला गया है, जिससे Andheri West की ओर जाने वाले वाहनों को राहत मिलती है।

    SV Road से आने वाले वाहनों को भी इसी ब्रिज की तरफ मोड़ दिया जाता है ताकि Subway के पास जाम की स्थिति न बने।

    💰 ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project

    सरकार ने बताया कि लगभग ₹197 करोड़ की लागत से एक Parallel Drainage Channel Project प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के तहत:

    • High-Intensity Rainfall (55 mm/hr से ज्यादा) में भी पानी की तेज निकासी संभव होगी
    • आधुनिक Storm Water Drainage System तैयार किया जाएगा
    • Flood-Resistant Infrastructure विकसित किया जाएगा

    सरकार ने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभागों की Joint Meeting बुलाई जाएगी, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

    📊 क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?

    • Andheri Subway रोजाना हजारों Office-Goers, School Students और Business Traffic के लिए महत्वपूर्ण है
    • Monsoon Traffic Updates में यह जगह हमेशा Trending रहती है
    • Waterlogging के कारण Fuel Loss, Time Loss और Economic Impact भी पड़ता है

    इस Permanent Solution के बाद उम्मीद है कि Mumbai Monsoon और Traffic Management में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Andheri Subway में हर साल पानी क्यों भरता है?
    ➡️ यह Low-Lying Area में है और 19 mm/hr से ज्यादा बारिश होने पर Drainage Capacity कम पड़ जाती है।

    Q2. क्या Subway को चौड़ा या गहरा नहीं किया जा सकता?
    ➡️ नहीं, क्योंकि इसके ऊपर Western Railway की रेल लाइन है, जिससे Structural Changes करना मुश्किल है।

    Q3. BMC अभी क्या कर रही है?
    ➡️ 3 Dewatering Pumps (2250 Cubic Metres/Hour Capacity) से पानी निकालने का काम किया जा रहा है।

    Q4. Permanent Solution क्या है?
    ➡️ ₹197 करोड़ की लागत से नया Parallel Drainage Channel बनाया जाएगा।

    Q5. Subway बंद होने पर कौन सा रास्ता इस्तेमाल होता है?
    ➡️ Gokhale Bridge को Alternative Route के रूप में उपयोग किया जाता है।

  • Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai Cyber Cell ने 71 साल के बुजुर्ग के ₹2.5 लाख लौटाए, Fake RTO e-Challan से हुआ था Online Fraud

    Mumbai के Andheri West में 71 वर्षीय senior citizen से Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की ठगी हुई। Oshiwara Police Cyber Cell ने 1930 helpline और HDFC Bank की मदद से पूरा पैसा recover कर लिया।

    मुंबई: Mumbai में एक बार फिर online fraud का मामला सामने आया, लेकिन इस बार राहत की खबर भी है। Andheri West के Lokhandwala इलाके में रहने वाले 71 वर्षीय Ashok Dingrani को Fake RTO e-Challan WhatsApp link के जरिए ₹2.5 lakh की चपत लग गई थी। लेकिन Oshiwara Police Station के Cyber Cell ने फुर्ती दिखाते हुए पूरा पैसा वापस दिला दिया।

    🛑 Fake RTO e-Challan से Senior Citizen बना शिकार

    पुलिस के मुताबिक, Ashok Dingrani को WhatsApp पर एक मैसेज मिला जिसमें लिखा था कि उनके वाहन पर ₹2,000 का traffic fine पेंडिंग है। मैसेज में एक लिंक दिया गया था, जो बिल्कुल असली RTO e-challan जैसा दिख रहा था।

    बुजुर्ग ने मैसेज को असली समझकर लिंक पर क्लिक किया और वहां अपनी गाड़ी की डिटेल्स के साथ HDFC Bank का credit card details भर दिया। कुछ ही देर में उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके कार्ड से ₹2.5 lakh डेबिट हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत Police Station पहुंचे, दर्ज कराई शिकायत

    जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वे cyber fraud का शिकार हो गए हैं, वे तुरंत Oshiwara Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    Senior Police Inspector Sanjay Chavan के मार्गदर्शन में Cyber Team ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    📞 1930 Helpline और National Cyber Crime Portal से मिली मदद

    पुलिस ने तुरंत National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज की और 1930 helpline पर अलर्ट जारी किया। बैंक से मिले transaction alert की जांच में पता चला कि रकम Croma को ट्रांसफर की गई थी।

    Cyber टीम ने तुरंत HDFC Bank के nodal officers से संपर्क किया और urgent email communication के जरिए transaction को hold करवाया। फुर्ती दिखाते हुए पूरा ₹2.5 lakh फ्रीज कर लिया गया और बाद में बुजुर्ग को refund कर दिया गया।

    ⚠️ Police Advisory: ऐसे Fake Links से रहें सावधान

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि WhatsApp या SMS पर आने वाले किसी भी Fake RTO e-Challan, traffic fine या government notice वाले लिंक पर क्लिक न करें।

    ✔️ केवल official government portal पर ही challan verify करें
    ✔️ कभी भी banking details या OTP शेयर न करें
    ✔️ Fraud होने पर तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें


    ❓ FAQ Section

    Q1: Fake RTO e-Challan scam क्या है?
    यह एक online fraud है जिसमें WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी challan लिंक भेजकर लोगों से banking details ली जाती है।

    Q2: अगर ऐसे scam का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
    तुरंत 1930 helpline पर कॉल करें और National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज करें।

    Q3: क्या Mumbai Police पैसे वापस दिला सकती है?
    अगर तुरंत शिकायत की जाए और transaction freeze हो जाए तो recovery संभव है, जैसा इस केस में हुआ।

    Q4: Official RTO challan कैसे check करें?
    सिर्फ government के official website पर जाकर ही challan verify करें, किसी third-party link पर भरोसा न करें।

  • गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।

    मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

    घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश

    सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।

    पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।

    पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक

    गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।

    इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।

    पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या

    बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।

    जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।

    आरे कॉलोनी सड़क का फेज-1 पूरा

    आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।

    फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

    यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।

    सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश

    सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।

    विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा

    इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।

    सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी?
    पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।

    Q2. मुख्य मुद्दा क्या था?
    घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।

    Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है?
    करीब 11 करोड़ रुपये का।

    Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है?
    फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
    पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।

  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

    Mumbai-college-name-row-Thackeray-faction-issues-warning-regarding-Gujarati-board-news

    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

  • होली पर ‘घरपोच पुरणपोळी’ का बड़ा खुलासा! मुंबई में शुरू हुआ खास महोत्सव 2026

    होली पर ‘घरपोच पुरणपोळी’ का बड़ा खुलासा! मुंबई में शुरू हुआ खास महोत्सव 2026

    मुंबई में होली 2026 पर घर बैठे मिलेगी पारंपरिक पुरणपोळी! बृहन्मुंबई महानगरपालिका समर्थित महिला बचत गटों का ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ शुरू। जानिए ऑनलाइन बुकिंग, होम डिलीवरी डेट और पूरी डिटेल।

    मुंबई: मुंबई में होली का त्योहार आते ही “होळी रे होळी, पुरणाची पोळी” की गूंज सुनाई देने लगती है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। होली 2026 के मौके पर मुंबईकरों के लिए एक खास इंतज़ाम किया गया है, जहां पारंपरिक पुरणपोळी सीधे घर तक पहुंचेगी। यह पहल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आर्थिक सहयोग से चल रहे महिला बचत गटों द्वारा की जा रही है, जिसने शहर में हलचल मचा दी है।

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    क्या है ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’?

    होली के अवसर पर 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मुंबई के नागरिक https://shgeshop.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

    ऑनलाइन ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद 3 मार्च 2026 (मंगलवार) यानी होली के दिन पुरणपोळी की घरपोच डिलीवरी की जाएगी।

    महिला बचत गटों की बड़ी पहल

    मुंबई की जरूरतमंद और होनहार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महानगरपालिका द्वारा महिला बचत गटों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

    इन समूहों को सिर्फ नियमित काम तक सीमित न रखते हुए, बिज़नेस आधारित और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। यही वजह है कि त्योहारों के समय ऐसे खास फूड फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं।

    पिछले आयोजनों को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

    गौरतलब है कि पिछले साल गुढीपाडवा के मौके पर भी पुरणपोळी महोत्सव आयोजित किया गया था, जिसे मुंबईकरों ने हाथोंहाथ लिया।

    इसके बाद सार्वजनिक गणेशोत्सव 2025 के दौरान महिला बचत गटों द्वारा ‘मोदक महोत्सव 2025’ भी आयोजित किया गया था, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी।

    इसी सफलता को देखते हुए इस साल फिर से होली पर यह महोत्सव आयोजित किया गया है।

    होली पर क्यों बढ़ती है पुरणपोळी की डिमांड?

    होली के दिन महाराष्ट्र में पुरणपोळी की खास परंपरा है। हर घर में इसे बनाने की परंपरा रही है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई परिवारों के लिए इसे बनाना आसान नहीं होता।

    बढ़ती मांग को देखते हुए महिला बचत गटों ने यह पहल की है ताकि लोगों को पारंपरिक स्वाद भी मिले और महिलाओं को रोजगार भी।

    कैसे करें ऑनलाइन बुकिंग?

    • वेबसाइट: https://shgeshop.com
    • बुकिंग तारीख: 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026
    • डिलीवरी डेट: 3 मार्च 2026 (होली के दिन)
    • डिलीवरी: घरपोच

    संचालक (नियोजन) डॉ. डॉ. प्राची जांभेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित ग्राहकों को होली के दिन सीधे घर पर पुरणपोळी उपलब्ध कराई जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पुरणपोळी महोत्सव 2026 कब तक चलेगा?
    26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

    Q2. डिलीवरी कब होगी?
    3 मार्च 2026, होली के दिन घरपोच डिलीवरी होगी।

    Q3. बुकिंग कहां से करें?
    https://shgeshop.com वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।

    Q4. यह पहल किसकी है?
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त महिला बचत गटों की पहल है।

    Q5. क्या पहले भी ऐसा आयोजन हुआ है?
    हां, गुढीपाडवा और गणेशोत्सव 2025 में भी सफल आयोजन हो चुके हैं।

  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • 6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    मुंबई के 6 वर्षीय रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लेकर सबको चौंका दिया। पिता उमेश पंचाल के एक्सीडेंट के बाद बेटे ने उनका अधूरा बॉडीबिल्डिंग सपना पूरा किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने फिटनेस इंडस्ट्री, बॉडीबिल्डिंग जगत और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सिर्फ 6 साल के रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में हिस्सा लेकर 30 से ज्यादा एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। 55 किलो वेट कैटेगरी और अंडर-23 एज ग्रुप में एंट्री लेकर रचित ने साबित कर दिया कि जज़्बा उम्र नहीं देखता।

    6-year-old-Rachit-dazzles-on-the-bodybuilding-stage-fulfilling-his-father-unfulfilled-dream-news

    Junior Mumbai Shree 2026 में 6 साल का चैंपियन

    Junior Mumbai Shree 2026 का आयोजन मलाड ईस्ट में जय भवानी जिम और Greater Bombay Bodybuilding Association द्वारा किया गया था। इसी मंच पर रचित पंचाल ने अपनी दमदार फिजीक, कट्स और ऑन-स्टेज कॉन्फिडेंस से सबको हैरान कर दिया।

    करीब 30 से ज्यादा सीनियर बॉडीबिल्डर्स के बीच एक 6 साल का बच्चा बिना डरे स्टेज पर खड़ा था — ये नज़ारा देखने लायक था।

    पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा

    रचित के लिए ये सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि उनके पिता Umesh Madhusudan Panchal का अधूरा सपना था।

    परेल निवासी उमेश पंचाल खुद बॉडीबिल्डिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 9 मार्च 2024 को उन्हें Mumbai Shree Bodybuilding Competition में हिस्सा लेना था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

    सड़क हादसे ने बदल दी जिंदगी

    • 9 मार्च 2024 को उमेश को मुंबई श्री प्रतियोगिता में उतरना था।
    • उससे दो दिन पहले, 7 मार्च 2024 को, अंधेरी स्थित अपने ऑफिस से वसई क्लाइंट मीटिंग के लिए बाइक से जाते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया।
    • हादसे में उनके बाएं पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई।
    • उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी — पहली मार्च 2024 में और दूसरी सितंबर 2024 में।
    • करीब 8 महीने तक वे बिस्तर पर रहे और लंबी रिकवरी से गुजरे।

    जिस मंच पर उमेश उतरने वाले थे, उसी मंच पर अब उनका 6 साल का बेटा खड़ा था।

    अप्रैल 2025 से शुरू हुई नई कहानी

    अप्रैल 2025 में गिरगांव में हुई एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में जब रचित पहली बार स्टेज पर उतरे, तो उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे।

    मां सोनल और पिता उमेश ने उस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक और गर्वभरा लम्हा बताया।

    स्कूल स्टूडेंट, लेकिन फिटनेस में प्रोफेशनल

    रचित पंचाल St Joseph’s High School, Wadala में सीनियर केजी के छात्र हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में स्पीच देने वाला यही बच्चा जब जिम में ट्रेनिंग करता है तो प्रोफेशनल एथलीट जैसा दिखता है।

    रोजाना जिम ट्रेनिंग और मल्टी-स्पोर्ट एक्टिविटी

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    • रचित अपने पिता के साथ जिम में ट्रेनिंग करते हैं।
    • साइक्लिंग और रनिंग में भी एक्टिव रहते हैं।
    • उनकी ट्रेनिंग कराते हैं विशाल परब, जिन्होंने पहले उनके पिता को भी ट्रेन किया था।

    ये कहानी सिर्फ बॉडीबिल्डिंग की नहीं, बल्कि फैमिली सपोर्ट, डेडिकेशन और मुंबई स्पिरिट की मिसाल है।

    क्यों वायरल हो रही है ये खबर?

    • 6 साल का बॉडीबिल्डर
    • पिता के एक्सीडेंट के बाद बेटे का कमबैक
    • Junior Mumbai Shree 2026 में एडल्ट्स के बीच मुकाबला
    • सोशल मीडिया पर वायरल फिटनेस स्टोरी
    • मुंबई की इंस्पिरेशनल न्यूज़

    ये स्टोरी गूगल पर तेजी से सर्च हो रही है — “6 year old bodybuilder Mumbai”, “Rachit Panchal bodybuilding”, “Junior Mumbai Shree 2026 news” जैसे कीवर्ड ट्रेंड में हैं।


    FAQ

    Q1: रचित पंचाल की उम्र कितनी है?
    रचित की उम्र 6 साल है और वे सीनियर केजी के छात्र हैं।

    Q2: उन्होंने किस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया?
    उन्होंने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लिया।

    Q3: उनके पिता के साथ क्या हुआ था?
    मार्च 2024 में बाइक एक्सीडेंट में उनके पिता उमेश पंचाल के पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी।

    Q4: रचित की ट्रेनिंग कौन कराता है?
    उन्हें विशाल परब ट्रेन करते हैं, जो पहले उनके पिता के कोच भी रह चुके हैं।

    Q5: यह खबर क्यों खास है?
    क्योंकि 6 साल के बच्चे ने एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर उतरकर पिता का अधूरा सपना पूरा किया।