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मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।
मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।
📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।
जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?
गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:
Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।
⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।
🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन
महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।
ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।
❓ FAQ
Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की? 👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।
Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई? 👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।
Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी? 👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।
Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है? 👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।
मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। दमकल ने 20 मिनट में आग पर काबू पाया, कोई हताहत नहीं। जानें पूरी अपडेट।
मुंबई: बोरीवली वेस्ट के भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी और मीटर बॉक्स पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे पूरे भवन की बिजली सप्लाई ठप हो गई।
🔌 आग लगने की वजह: शॉर्ट सर्किट की आशंका
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार आग की सबसे संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मीटर बॉक्स में अचानक लपटें उठीं और जलने के साथ-साथ धुएँ का गुबार आसमान की ओर फैल गया। इस आग ने आसपास के लोगों को सकते में डाल दिया।
🧯 बाशिंदों ने खुद भी कोशिश की आग बुझाने की
आग लगने के बाद कई निवासियों ने तुरंत फायर सेफ्टी किट की मदद से आग को रोकने का प्रयास किया। थोड़ी देर तक खुद के प्रयासों के बाद जब आग पर काबू न पाया जा सका, तब दमकल को बुलाया गया। इस दौरान मीटर बॉक्स से फटाके जैसा आवाज़ भी आने की खबर मिली।
भगवती हॉस्पिटल के पास पहुंची मुंबई अग्निशमन सेवा की टीम ने करीब 20 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू में किया। दमकल कर्मियों ने तुरंत पानी की बौछार करते हुए आग की लपटों को फैले बिना रोक दिया। सुदैव से इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
⚡ बिजली सप्लाई प्रभावित, जांच जारी
मीटर बॉक्स पूरी तरह से जल जाने की वजह से सरदार आकांक्षा बिल्डिंग की बिजली सप्लाई प्रभावित रही। बिजली विभाग के अधिकारी आग के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण सामने आएगा।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. आग कहाँ लगी थी? 👉 बोरीवली पश्चिम, भगवती हॉस्पिटल के सामने सरदार आकांक्षा बिल्डिंग के लाइट मीटर बॉक्स में आग लगी।
Q2. आग लगने की वजह क्या है? 👉 शुरुआती जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
Q3. क्या किसी के घायल होने की खबर है? 👉 नहीं, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
Q4. आग पर कितनी देर में काबू पाया गया? 👉 दमकल ने करीब 20 मिनट में आग को काबू में किया।
कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।
मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।
📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके
चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।
🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए
Indian Institute of Technology Bombay
Veermata Jijabai Technological Institute
के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि:
सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे
🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट
मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।
फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी
यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।
🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।
उन्होंने बताया:
15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे
जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया? 👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।
Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच? 👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।
Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है? 👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।
Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा? 👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।
मुंबई के Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट में देरी पर BMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया। 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य, जानिए पूरी अपडेट।
मुंबई: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाले अहम Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट पर अब बीएमसी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने फ्लाईओवर निर्माण में देरी करने पर ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से Dadasaheb Phalke Film City तक बनाया जा रहा है।
🔎 निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में BMC
BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijit Bangar ने साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में फ्लाईओवर को 31 मई 2026 तक, यानी मॉनसून से पहले, ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाए।
उन्होंने ठेकेदार को अतिरिक्त मजदूर और मशीनरी लगाने का आदेश दिया ताकि बाकी बचा काम समय पर पूरा हो सके।
🏗️ GMLR प्रोजेक्ट का फेज 3(a) क्या है?
GMLR प्रोजेक्ट को चार चरणों में बनाया जा रहा है। Phase 3(a) में शामिल हैं:
1.26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर
रोटरी जंक्शन
एक्सेस रैंप
अब तक:
31 पिलर पूरे
30 में से 20 स्पैन पूरे
करीब 75% काम पूरा
अब डेक स्लैब कास्टिंग और एक्सेस रैंप का काम तेजी से किया जाएगा।
18 फरवरी 2026 को मुंबई में रमजान का चाँद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की तैयारी शुरू हो गई। जानिए Ramadan 2026 की तारीख, महत्व, सेहरी-इफ्तार टाइमिंग, फजीलत और जरूरी जानकारी।
मुंबई: 18 फरवरी 2026 की शाम मुंबई में रमजान का चाँद दिखाई देने के साथ ही पवित्र माह की आधिकारिक शुरुआत हो गई। चाँद दिखने की पुष्टि के बाद शहर की प्रमुख मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ की तैयारियां तेज हो गईं। मुस्लिम समुदाय में खुशी और आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
🌙 मुंबई में दिखा रमजान 2026 का चाँद
मुंबई में 18 फरवरी की शाम आसमान साफ रहने के कारण कई इलाकों में चाँद दिखाई दिया। दक्षिण मुंबई की ऐतिहासिक हाजी अली दरगाह और मीनारा मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग चाँद देखने के लिए इकट्ठा हुए।
चाँद दिखने के साथ ही ऐलान किया गया कि 19 फरवरी 2026 से रमजान का पहला रोज़ा रखा जाएगा। मस्जिदों में इशा की नमाज़ के बाद तरावीह अदा की गई।
🕌 मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की तैयारियां
मुंबई के भायखला, नागपाड़ा, बांद्रा, मलाड, कुर्ला और गोरेगांव समेत कई इलाकों की मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। रमजान के पहले दिन से ही कुरआन शरीफ की तिलावत के साथ 20 रकअत तरावीह पढ़ी जाएगी।
प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की है।
📅 Ramadan 2026: कब से कब तक?
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान चाँद के दिखने पर निर्भर करता है। इस वर्ष भारत में 19 फरवरी 2026 से रोज़े शुरू होकर लगभग 30 दिन तक चलने की संभावना है। ईद-उल-फितर का त्योहार 20 या 21 मार्च 2026 को मनाया जा सकता है (चाँद पर निर्भर)।
मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।
मुंबई:Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update
Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।
इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।
📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online
वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट 👉 www.mahaforest.gov.in पर प्रकाशित कर दी है।
साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।
अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।
📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation
पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:
01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
वोटर आईडी कार्ड
आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र
👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।
मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।
📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)
दस्तावेज जमा केंद्र: पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली
शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:
चिचपाडा
नवापाडा
रावणपाडा
केल्डाईपाडा
तुमणीपाडा
मलेपाडा
तलेपाडा
चुनापाडा
डॅमपाडा
धारखाडी
केतकी पाडा
केशव नगर
पांडे कम्पाउंड
अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र
📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)
दस्तावेज जमा केंद्र: गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड
शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:
दामू नगर
भीमनगर
सातारा कॅम्प
गांधी नगर
पाताचे पानी
आकारची भट्टी
देवी पाडा
चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
लहूगड
गौतम नगर
रामगड
📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)
दस्तावेज जमा केंद्र: अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड
शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:
क्रांती नगर
फुले नगर
आदिवासी नगर
कटिंग नं. 10
आंबेडकर नगर
📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र
दस्तावेज जमा केंद्र: वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड
शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:
जाम ऋषी नगर
पिंपरी पाडा
मावळे नगर / मोचीपाडा
बंजारी पाडा
संजयनगर / आंबा पाडा
वायशेत पाडा
मातंग गड
कलमाचा फोंडा
निंबोणी पाडा
बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
डुक्कर भुजी पाडा
📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र
दस्तावेज जमा केंद्र: वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम
शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:
खिंडीपाडा
हनुमान पाडा
पंचशील नगर
राहुल नगर
शंकर टेकडी
पळस पाडा
घाटी पाडा
गणेश नगर
उलटन पाडा
साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र
⚠️ जरूरी सूचना
ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers
वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी। यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।
उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।
❓ FAQ
Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?
हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।
Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?
निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।
Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?
हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।
Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?
👉 28 फरवरी 2026।
Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?
👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।
मुंबई के Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा। बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित। इससे पहले Mulund में Metro Line 4 पिलर हादसे में एक की मौत। पढ़ें पूरी खबर।
मुंबई: एक बार फिर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Goregaon Link Road पर बन रहे एक ब्रिज का लोहे का पिलर अचानक टूटकर एक चलती कार पर गिर गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना के बाद शहर में निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
🚧 Goregaon Link Road पर कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक भारी आयरन पिलर अचानक ढह गया और नीचे से गुजर रही कार पर आ गिरा। हादसा इतना अचानक था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार में बैठे लोग समय रहते बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
⚠️ तीन दिन पहले Mulund में Metro Line 4 हादसा
इस घटना से ठीक तीन दिन पहले Mulund West में Lal Bahadur Shastri Marg (LBS Road) पर Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिर गया था।
यह हादसा दोपहर करीब 12:20 बजे Johnson & Johnson फैक्ट्री के पास हुआ। गिरा हुआ सीमेंट स्लैब एक ऑटो और कार पर आ गिरा। इस हादसे में 3 से 4 लोग घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई।
🕯️ मृतक रामधनी यादव के परिवार की मांग
Mulund हादसे में जान गंवाने वाले रामधनी यादव के परिवार ने मुआवजे को लेकर नाराज़गी जताई है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मांग की है कि सरकार उचित आर्थिक सहायता और उनकी एक बेटी को सरकारी नौकरी दे।
परिवार का कहना है कि घोषित राहत पैकेज उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।
क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?
RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।
मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?
BMC क्षेत्र में इस साल:
महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
मुंबई के मालवणी अंबूजवाड़ी इलाके में झोपड़पट्टियों को तोड़ने का महाराष्ट्र शासन का नोटिस जारी। रहिवासियों में हड़कंप, पुनर्वसन और बेघर होने की चिंता तेज। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
मुंबई: मुंबई शहर के पश्चिमी उपनगर में स्थित मालवणी के अंबूजवाड़ी इलाके में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। महाराष्ट्र शासन की ओर से कथित तौर पर झोपड़पट्टियों को लेकर तोड़फोड़ (डेमोलिशन) का नोटिस जारी होने के बाद हजारों रहिवासियों की नींद उड़ गई है। नोटिस की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों को डर है कि कहीं अचानक बुलडोजर न पहुंच जाए और सालों की मेहनत से बसाया आशियाना पलभर में मलबा न बन जाए।
क्या है पूरा मामला?
अंबूजवाड़ी, जो लंबे समय से घनी आबादी वाला झोपड़पट्टी क्षेत्र माना जाता है, वहां के रहिवासियों को हाल ही में प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 15-20 साल से यहां रह रहे हैं। कई के पास बिजली-पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड और वोटर आईडी भी हैं।
रहिवासियों का दावा है कि बिना ठोस पुनर्वसन योजना बताए तोड़फोड़ की कार्रवाई की बात की जा रही है। इसी वजह से लोगों में असमंजस और गुस्सा दोनों है।
बेघर होने का डर, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों से बात करने पर साफ झलकता है कि सबसे ज्यादा चिंता “अब जाएंगे तो जाएंगे कहां?” की है।
कई बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं
ज्यादातर पुरुष दिहाड़ी मजदूरी, ऑटो ड्राइविंग या छोटे कामधंधों से जुड़े हैं
महिलाएं घरों में काम करती हैं
अगर अचानक झोपड़ियां तोड़ी जाती हैं, तो इन परिवारों की रोज़ी-रोटी, बच्चों की पढ़ाई और इलाज सब पर असर पड़ेगा। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी “मालवणी झोपड़पट्टी डेमोलिशन” और “अंबूजवाड़ी पुनर्वसन” जैसे कीवर्ड तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में झोपड़पट्टी पुनर्वसन के लिए Slum Rehabilitation Authority (SRA) जैसी व्यवस्था मौजूद है। नियमों के तहत पात्र झोपड़पट्टीवासियों को वैकल्पिक घर देने का प्रावधान होता है, लेकिन हर केस में पात्रता, कट-ऑफ तारीख और दस्तावेज अहम भूमिका निभाते हैं।
अंबूजवाड़ी के कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह साफ नहीं बताया गया कि:
कौन पात्र माना जाएगा?
पुनर्वसन कहां होगा?
अस्थायी शिफ्टिंग की व्यवस्था क्या है?
इसी अनिश्चितता ने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है।
प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सस्पेंस
सूत्रों के अनुसार, यह जमीन सरकारी या आरक्षित श्रेणी में आ सकती है, जिसके चलते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले सर्वे, सुनवाई और पुनर्वसन की स्पष्ट योजना घोषित की जानी चाहिए। “मानवीय दृष्टिकोण” अपनाने की मांग लगातार उठ रही है।
राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज
मुंबई में जब भी झोपड़पट्टी हटाने का मुद्दा उठता है, तो वह केवल प्रशासनिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि राजनीतिक रूप भी ले लेता है। मालवणी जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में तोड़फोड़ की आशंका ने स्थानीय नेताओं की सक्रियता भी बढ़ा दी है।
कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कोई बुलडोजर न चले
सभी रहिवासियों की सूची सार्वजनिक की जाए
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा मुद्दा
“Malvani demolition notice”, “Ambujwadi slum Mumbai”, “Malvani slum rehabilitation” जैसे सर्च टर्म गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में नोटिस की कॉपियां और वीडियो शेयर हो रहे हैं। लोगों में भ्रम भी है और डर भी।
आगे क्या?
फिलहाल रहिवासी प्रशासन से औपचारिक बैठक और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुनर्वसन योजना स्पष्ट और पारदर्शी हो, तो वे सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन अचानक की गई कार्रवाई उन्हें मंजूर नहीं।
मुंबई जैसे महानगर में झोपड़पट्टी का मुद्दा केवल अवैध कब्जे का सवाल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या मालवणी अंबूजवाड़ी में झोपड़पट्टियां तोड़ी जाएंगी? अभी नोटिस जारी होने की खबर है, लेकिन अंतिम कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है।
Q2. क्या रहिवासियों को पुनर्वसन मिलेगा? यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो SRA या अन्य सरकारी योजना के तहत पुनर्वसन मिल सकता है।
Q3. कितने परिवार प्रभावित हो सकते हैं? स्थानीय अनुमान के मुताबिक बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि सटीक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।
Q4. क्या कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है? हाँ, यदि रहिवासी चाहें तो कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं।
मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में चलने वाली ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। सिर्फ एक महीने में 9,000 पर्यटकों ने सफर किया और 7.50 लाख रुपये की कमाई हुई। जानिए टाइमिंग, टिकट और खास बातें।
मुंबई: शहर के लोगों की पसंदीदा हरियाली वाली जगह संजय गांधी नेशनल पार्क एक बार फिर सुर्खियों में है। पार्क के अंदर चलने वाली मशहूर ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को लोगों ने जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया है। पार्क प्रशासन के मुताबिक, दोबारा शुरू होने के बाद महज एक महीने में करीब 9,000 पर्यटकों ने वनरानी का सफर किया, जिससे लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ है।
🌿 क्या है ‘वनरानी’ और क्यों है खास?
‘वनरानी’ दरअसल एक मिनी टॉय ट्रेन है, जो नेशनल पार्क के घने जंगलों और हरियाली के बीच से होकर गुजरती है। यह ट्रेन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।
करीब 20 से 25 मिनट की इस सवारी में सैलानी जंगल के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। शहर की भीड़-भाड़ और ट्रैफिक से दूर, यह सफर मुंबई में ही “मिनी हिल स्टेशन” जैसा अनुभव देता है।
📈 1 महीने में 9,000 विज़िटर, 7.50 लाख की कमाई
पार्क प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वनरानी के दोबारा शुरू होने के बाद से लगातार भीड़ बढ़ रही है।
कुल सैलानी: लगभग 9,000
कुल आय: ₹7,50,000
औसतन रोज़ाना यात्रियों की संख्या: 250-300
वीकेंड और पब्लिक हॉलिडे पर तो टिकट के लिए लंबी लाइनें देखी गईं। खासकर परिवार और स्कूल ग्रुप्स की संख्या ज्यादा रही।
मुंबई में बच्चों के लिए आउटडोर एक्टिविटी की जगहें कम होती जा रही हैं। ऐसे में वनरानी एक बेहतरीन फैमिली डेस्टिनेशन बनकर उभरी है।
बच्चों के लिए सुरक्षित सवारी
बुजुर्गों के लिए आरामदायक सीटिंग
प्रकृति से जुड़ने का मौका
इंस्टाग्राम और रील्स के लिए परफेक्ट स्पॉट
सोशल मीडिया पर भी “Vanrani Mumbai” और “SGNP Toy Train” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
🕒 टाइमिंग और टिकट की जानकारी
वनरानी की सवारी आमतौर पर सुबह से शाम तक निर्धारित समय पर उपलब्ध रहती है।
संभावित जानकारी (परिवर्तन संभव):
टिकट काउंटर: पार्क के मुख्य गेट के पास
टिकट रेट: बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग
वीकेंड पर एडवांस में पहुंचना बेहतर
पार्क प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और मेंटेनेंस को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का संचालन नियमित जांच के बाद ही किया जाता है।
🌳 क्यों बढ़ रही है नेशनल पार्क की लोकप्रियता?
मुंबई में प्रदूषण और कंक्रीट के जंगल के बीच संजय गांधी नेशनल पार्क एक बड़ी राहत है। यहां कन्हेरी गुफाएं, सफारी, ट्रेकिंग ट्रेल और अब फिर से चलती वनरानी—इन सबने इसे “Best Weekend Getaway in Mumbai” बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह रिस्पॉन्स मिलता रहा तो आने वाले महीनों में विज़िटर संख्या और बढ़ सकती है।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. वनरानी कहां चलती है? वनरानी मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क के अंदर चलती है।
Q2. एक महीने में कितने लोगों ने सफर किया? करीब 9,000 पर्यटकों ने सवारी की।
Q3. वनरानी से कितनी कमाई हुई? लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व मिला।
Q4. क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है? हाँ, यह पूरी तरह से सुरक्षित और फैमिली फ्रेंडली सवारी मानी जाती है।
Q5. टिकट कहां से मिलता है? पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार पर टिकट काउंटर से।