Category: BMC Updates

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।

  • BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में BMC Election के लिए नामनिर्देशन पत्रों का वितरण पूरा हो गया है। ए से आर वार्ड तक कुल 26 विभागों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए हैं। जानिए किस वार्ड में कितने पत्र वितरित हुए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अलग-अलग प्रशासकीय विभागों में नामनिर्देशन पत्रों के वितरण का विस्तृत आंकड़ा सामने आया है। ए विभाग से लेकर आर उत्तर विभाग तक, कुल 26 वार्डों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वितरण एम पश्चिम, एल और के पूर्व विभाग में देखने को मिला है। यह आंकड़े प्रशासनिक तैयारियों और आगामी प्रक्रियाओं की अहम तस्वीर पेश करते हैं।

    BMC के किस विभाग में कितने नामनिर्देशन पत्र

    नगर प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ड-वार वितरण इस प्रकार रहा—

    • ए विभाग – 18
    • बी विभाग – 25
    • सी विभाग – 46
    • डी विभाग – 52
    • ई विभाग – 225

    एफ और जी वार्ड में स्थिति

    • एफ उत्तर विभाग – 200
    • एफ दक्षिण विभाग – 107
    • जी उत्तर विभाग – 185
    • जी दक्षिण विभाग – 118

    इन वार्डों में मध्यम स्तर पर नामनिर्देशन पत्रों का वितरण दर्ज किया गया है।

    एल और एम वार्ड में सबसे ज्यादा वितरण

    • एल विभाग – 347
    • एम पूर्व विभाग – 228
    • एम पश्चिम विभाग – 419

    एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए, जो पूरे शहर में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

    एन, एस और टी वार्ड का हाल

    • एन विभाग – 156
    • एस विभाग – 240
    • टी विभाग – 116

    इन इलाकों में भी नामनिर्देशन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज रही।

    एच और के वार्ड के आंकड़े

    • एच पूर्व (अधिक पूर्व) – 102
    • एच पश्चिम (अधिक एच पश्चिम) – 263
    • के पूर्व (अधिक के उत्तर) – 240
    • के पूर्व – 300

    के पूर्व और एच पश्चिम विभागों में बड़ी संख्या में नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं।

    पी और आर वार्ड का वितरण

    • पी दक्षिण विभाग – 183
    • पी उत्तर विभाग – 92
    • पी पूर्व विभाग – 183
    • आर दक्षिण विभाग – 164
    • आर मध्य विभाग – 80
    • आर उत्तर विभाग – 76

    कुल आंकड़ा

    👉 कुल नामनिर्देशन पत्र: 4,165

    प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और आगे की कार्रवाई तय समय पर की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कुल कितने नामनिर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं?
    👉 कुल 4,165 नामनिर्देशन पत्र।

    Q2. किस वार्ड में सबसे ज्यादा नामनिर्देशन हुए?
    👉 एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419।

    Q3. सबसे कम वितरण किस विभाग में रहा?
    👉 ए विभाग में केवल 18 नामनिर्देशन पत्र।

    Q4. यह वितरण किससे जुड़ा है?
    👉 यह प्रशासकीय और नगर निगम से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
    👉 नामनिर्देशन के बाद जांच और अगली प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    बीएमसी द्वारा जलवाहिनी जोड़ने के काम के चलते 22 से 26 दिसंबर 2025 तक मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी। पानी के समय में भी बदलाव किया गया है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलवाहिनी जोड़ने के अहम काम के चलते सोमवार 22 दिसंबर 2025 सुबह 10 बजे से शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक (करीब 99 घंटे) मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी सप्लाई की जानकारी दी है। इस दौरान कई इलाकों में नियमित पानी की टाइमिंग भी बदली गई है। नागरिकों से पहले से पानी जमा करने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    🚧 क्यों किया जा रहा है जलवाहिनी का काम?

    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    एमएमआरडीए की मेट्रो लाइन–7A परियोजना के लिए
    2400 मिमी व्यास की अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी का एक हिस्सा डायवर्ट किया गया है।

    👉 अब इस डायवर्ट किए गए हिस्से की
    क्रॉस-कनेक्शन (जोड़ने) का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।
    👉 यह काम तकनीकी तौर पर बेहद जरूरी और संवेदनशील है।
    👉 पानी सप्लाई पर असर कम से कम पड़े, इसके लिए पहले से पूरा प्लान तैयार किया गया है।

    ⏰ कब से कब तक रहेगा असर?

    • शुरुआत: सोमवार, 22 दिसंबर 2025 – सुबह 10 बजे
    • समाप्ति: शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 – दोपहर 1 बजे
    • कुल अवधि: लगभग 99 घंटे

    इस दौरान कई इलाकों में लो प्रेशर वॉटर सप्लाई रहेगी।

    🏘️ किन इलाकों में कम दबाव से पानी मिलेगा?

    🔹 1. जी उत्तर (G North) विभाग – धारावी क्षेत्र

    सुबह की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी लूप रोड, ए.के.जी. नगर, जस्मिन मिल रोड, माटुंगा लेबर कैंप, संत रोहिदास मार्ग,
    60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर ढोरवाडा,
    महात्मा गांधी रोड

    🕓 नियमित समय: सुबह 4 से दोपहर 12
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज सुबह 9 से शाम 5 बजे

    शाम की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी मेन रोड, गणेश मंदिर रोड, दिलीप कदम मार्ग, जस्मिन मिल रोड,
    माहीम फाटक, ए.के.जी. नगर

    🕓 नियमित समय: शाम 4 से रात 9
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज शाम 5 से रात 10 बजे

    🔹 2. के पूर्व (K East) विभाग

    दोपहर की सप्लाई:
    कबीर नगर, बामनवाड़ा, पारसीवाड़ा, एयरपोर्ट एरिया, तरुण भारत कॉलोनी,
    इस्लामपुरा, देऊळवाड़ी, P&T कॉलोनी

    🕓 नियमित समय: दोपहर 2 से शाम 5:30
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    शाम की सप्लाई:
    कोलडोंगरी, ओल्ड पुलिस गली, विजय नगर (सहार रोड), मोगरापाड़ा

    🕓 नियमित समय: शाम 5 से रात 10
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🔹 3. एच पूर्व (H East) विभाग

    बीकेसी और आसपास:
    बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मोतीलाल नगर

    🕓 नियमित समय: रात 10 से 11:40
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    अन्य इलाके:
    प्रभात कॉलोनी, टीपीएस-3, आग्रीपाड़ा, कालिना, सीएसटी रोड, हंसभुग्रा रोड,
    विद्यापीठ परिसर, यशवंत नगर, सुंदर नगर, कोलिवरी गांव,
    तीन बंगला, शांतिलाल कंपाउंड, पटेल कंपाउंड, गोलीबार रोड,
    खार सब-वे से खेरवाड़ी, नवापाड़ा, बेहराम नगर, ए.के. रोड,
    सरकारी कॉलोनी बांद्रा (पूर्व)

    🕓 नियमित समय: रात 3:30 के बाद से सुबह 9 बजे तक
    ⚠️ कम दबाव:
    23 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🚰 मुंबई शहर में बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:

    • जरूरी मात्रा में पहले से पानी जमा कर लें
    • मरम्मत अवधि में पानी का कम से कम इस्तेमाल करें
    • एहतियात के तौर पर पानी उबालकर और छानकर पिएं
    • महानगरपालिका को सहयोग करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी की सप्लाई कब प्रभावित होगी?
    👉 22 दिसंबर सुबह 10 बजे से 26 दिसंबर दोपहर 1 बजे तक।

    Q2. क्या पूरी तरह पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, पानी मिलेगा लेकिन कम दबाव से

    Q3. किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर होगा?
    👉 जी उत्तर (धारावी), के पूर्व (एयरपोर्ट, सहार रोड) और एच पूर्व (बीकेसी, बांद्रा ईस्ट)।

    Q4. यह काम क्यों जरूरी है?
    👉 मेट्रो लाइन 7A के लिए जलवाहिनी को शिफ्ट कर क्रॉस-कनेक्शन किया जा रहा है।

  • BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election 2026 से पहले ठाकरे बंधुओं में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर की बातचीत। शिवसेना (UBT) 120–125 और मनसे 80–90 सीटों पर लड़ सकती है।

    मुंबई: आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत शिवसेना (UBT) करीब 120 से 125 सीटों पर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लगभग 80 से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।

    ठाकरे बंधुओं की संभावित युति पर सबकी नजर

    करीब एक दशक बाद होने जा रहे बीएमसी चुनाव को लेकर ठाकरे परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का मकसद साफ है—मराठी वोटों का बंटवारा रोकना और मुंबई महानगरपालिका में मज़बूत दावेदारी पेश करना।

    सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच कई दौर की अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक ऐलान हो सकता है।

    BMC Election 2017 के नतीजों से सीख, लेकिन सीटों पर मतभेद

    2017 के BMC Election में शिवसेना (तत्कालीन अविभाजित) ने 84 सीटें जीती थीं। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि ये सभी 84 सीटें शिवसेना (UBT) के पास ही रहें।
    हालांकि, मनसे इस मांग से सहमत नहीं है

    मनसे का तर्क है कि वर्ली, दादर, कालाचौकी, मुलुंड और भांडुप जैसे मराठी बहुल इलाकों में उसका मजबूत जनाधार है। इसी आधार पर मनसे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रही है, जिन पर पहले शिवसेना का दबदबा रहा है।

    NCP (शरद पवार) और वाम दलों की भी हो सकती है एंट्री

    वोटों के बंटवारे से बचने के लिए ठाकरे बंधु इस संभावित गठबंधन में एनसीपी (शरद पवार गुट) और वाम दलों को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार गुट गठबंधन में शामिल होता है तो उसे 15 से 20 सीटें दी जा सकती हैं। इससे गठबंधन को शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    महा युति में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महा युति (भाजपा–शिंदे गुट शिवसेना) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी है।
    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 90 से 100 सीटों की मांग की है, यह दावा करते हुए कि उसका संगठन और जनाधार कई वार्डों में मजबूत है।

    वहीं, भाजपा मुंबई में 135 से 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

    2017 में किसका पलड़ा भारी था?

    2017 के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों में से:

    • शिवसेना: 84 सीटें
    • भाजपा: 82 सीटें

    उस वक्त दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार तस्वीर बदली हुई है और गठबंधनों का गणित ज्यादा अहम हो गया है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: बीएमसी चुनाव कब होने हैं?
    👉 जनवरी 2026 में।

    Q2: शिवसेना (UBT) कितनी सीटों पर लड़ सकती है?
    👉 लगभग 120 से 125 सीटों पर।

    Q3: मनसे को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
    👉 करीब 80 से 90 सीटें।

    Q4: क्या एनसीपी (शरद पवार) भी गठबंधन में शामिल होगी?
    👉 बातचीत चल रही है, 15–20 सीटें दिए जाने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC Elections 2026 की घोषणा के बाद मुंबई में सियासी हलचल तेज। जानिए आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है, दहिसर से कोलाबा तक 227 वॉर्ड की पूरी जानकारी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए एक अहम सियासी अपडेट सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ये चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। लगभग एक दशक बाद होने जा रहे इस चुनाव को मुंबई का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव माना जा रहा है। चुनाव से पहले वॉर्ड सीमाओं में बदलाव (डीलिमिटेशन) किया गया है, जिसके बाद अब शहर को 227 चुनावी वॉर्ड में बांटा गया है, जो 24 प्रशासनिक वॉर्ड के अंतर्गत आते हैं।

    BMC चुनाव 2026 क्यों है इतना अहम?

    BMC एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक से जुड़े हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का चुनाव माना जा रहा है।

    दक्षिण मुंबई (सिटी वॉर्ड्स)

    दक्षिण मुंबई के पारंपरिक और ऐतिहासिक इलाकों को मिलाकर 9 प्रशासनिक वॉर्ड बनाए गए हैं:

    • A वॉर्ड (224–227): कोलाबा, कफ परेड, नेवी नगर, चर्चगेट, फोर्ट
    • B वॉर्ड (221–223): मोहम्मद अली रोड, डोंगरी, भेंडी बाजार
    • C वॉर्ड (217–220): मरीन लाइंस, भूलश्वर, पायधोनी
    • D वॉर्ड (210–216): मालाबार हिल, गिरगांव, ग्रांट रोड
    • E वॉर्ड (202–209): भायखला, मझगांव, रे रोड
    • F साउथ (196–201): परेल, लालबाग, सेवरी
    • F नॉर्थ (172–181): सायन, माटुंगा, वडाला
    • G साउथ (188–195): वर्ली, प्रभादेवी, लोअर परेल
    • G नॉर्थ (182–187): दादर पश्चिम, माहिम, धारावी

    पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs)

    मुंबई का सबसे ज्यादा वोटर वाला इलाका पश्चिमी उपनगर माना जाता है:

    • H ईस्ट (87–97): बांद्रा ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    • H वेस्ट (98–103): बांद्रा वेस्ट, खार
    • K ईस्ट (68–82): अंधेरी ईस्ट, जोगेश्वरी
    • K वेस्ट (53–67): अंधेरी वेस्ट, जुहू, वर्सोवा
    • P साउथ (43–52): गोरेगांव, आरे कॉलोनी
    • P नॉर्थ (27–42): मलाड, मार्वे, अक्सा, मढ़
    • R साउथ (18–26): कांदिवली, चारकोप
    • R सेंट्रल (8–17): बोरीवली, गोराई
    • R नॉर्थ (1–7): दहिसर, आईसी कॉलोनी

    पूर्वी उपनगर (Eastern Suburbs)

    पूर्वी मुंबई के औद्योगिक और रिहायशी इलाके इन वॉर्ड्स में आते हैं:

    • L वॉर्ड (155–171): कुर्ला, साकीनाका
    • M ईस्ट (134–148): गोवंडी, मानखुर्द
    • M वेस्ट (149–154): चेंबूर
    • N वॉर्ड (123–133): घाटकोपर, पंत नगर
    • S वॉर्ड (104–122): भांडुप, विक्रोली
    • T वॉर्ड: मुलुंड, नाहुर

    227 वॉर्ड से जुड़े अहम आंकड़े

    • सबसे छोटा वॉर्ड: B वॉर्ड (सिर्फ 3 चुनावी वॉर्ड)
    • सबसे बड़ा वॉर्ड: P नॉर्थ (16 चुनावी वॉर्ड)
    • प्रति वॉर्ड औसत आबादी: करीब 54,000
    • महिला आरक्षण: 227 में से 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

    आपका वॉर्ड जानना क्यों जरूरी?

    वोटर लिस्ट, प्रत्याशी, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अधिकार समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है। इससे आप जिम्मेदार वोटर बन सकते हैं।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC चुनाव 2026 कब होंगे?
    👉 15 जनवरी 2026 को।

    Q2: कुल कितने वॉर्ड हैं?
    👉 227 चुनावी वॉर्ड।

    Q3: सबसे पहला और आखिरी वॉर्ड कौन सा है?
    👉 वॉर्ड 1 – दहिसर, वॉर्ड 227 – कोलाबा।

    Q4: क्या महिलाओं के लिए आरक्षण है?
    👉 हां, 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

  • गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    मुंबई के गोरगांव पश्चिम में 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाले संदिग्ध आवारा कुत्ते से इलाके में डर का माहौल है। BMC अब तक कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में इन दिनों डर और बेचैनी का माहौल है। वजह है एक आवारा कुत्ता, जिसने महज 24 घंटों में 16 लोगों को काट लिया, लेकिन इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

    इलाके के लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि वे कई बार BMC से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

    🐕 “एक नहीं, कई कुत्ते हैं, लेकिन एक बेहद खतरनाक है”

    स्थानीय निवासी अमृता गांगुली के मुताबिक,
    “यह सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि कुत्तों का एक झुंड है जो लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन एक खास भूरे-टैन रंग का कुत्ता है, जो बेहद आक्रामक है। हमें शक है कि उसे रेबीज़ हो सकता है।”

    उनका कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है, बिना किसी उकसावे के राह चलते लोगों पर झपटता है।

    📍 स्कूलों और कॉलेज के पास मंडराता खतरा

    निवासियों के अनुसार, यह कुत्ता लगातार जगह बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया है।
    शुरुआत में उसे रेडवुड हाई स्कूल और आदर्श विद्यालय, सिद्धार्थ नगर के आसपास देखा गया, जहां वह बच्चों और राहगीरों पर भौंकते हुए झपटता था।

    इसके बाद कुत्ता विवेक कॉलेज के पास भी नजर आया।

    त्रिना चक्रवर्ती, जो इलाके में रहती हैं, कहती हैं—
    “मेरी बेटी का शनिवार को स्कूल में एक कार्यक्रम था, लेकिन लगातार हमलों की खबरों के बाद मैंने उसे स्कूल नहीं भेजा। बच्चों के लिए यह इलाका बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह गया है।”

    🚨 अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ा कुत्ता?

    निवासियों का दावा है कि कुत्ता अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ चुका है।
    व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संदेश फैल रहे हैं कि वही भूरे रंग का कुत्ता नए इलाके में देखा गया है।

    गांगुली बताती हैं—
    “डर का माहौल ऐसा है कि हम घर से निकलने से पहले दस बार सोचते हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”


    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    हालांकि BMC अधिकारियों ने हाल ही में इलाके से कुछ आवारा कुत्तों को पकड़ा है, लेकिन अब तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वही कुत्ता पकड़ा गया है जिसने 16 लोगों पर हमला किया था।

    इससे लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ता जा रहा है।


    ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जमीनी हकीकत

    नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि

    स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को हटाकर, उनका नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास किया जाए।

    लेकिन गोरगांव वेस्ट के हालात देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


    😟 डर के साये में जिंदगी

    लगातार हमलों के बाद कई लोग सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना टाल रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि BMC तुरंत इस कुत्ते को पकड़े और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. गोरगांव वेस्ट में कितने लोगों को कुत्ते ने काटा?
    ➡️ 24 घंटे में कुल 16 लोगों को काटा गया।

    Q2. क्या कुत्ते को पकड़ लिया गया है?
    ➡️ नहीं, BMC अब तक उस खास कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    ➡️ सिद्धार्थ नगर, रेडवुड हाई स्कूल, विवेक कॉलेज और शास्त्री नगर।

    Q4. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या निर्देश है?
    ➡️ संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास।

  • BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद BMC ने आदर्श आचार संहिता लागू होते ही 2103 अवैध राजनीतिक बैनर, होर्डिंग और फ्लेक्स हटाने की बड़ी कार्रवाई की। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: नगर पालिका चुनाव घोषणा के तुरंत बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 दोपहर 3 बजे तक, मुंबई भर में कुल 2,103 अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापन फलक, बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए हैं। यह कार्रवाई चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर की गई।

    🗳️ चुनाव घोषणा के बाद तुरंत लागू हुई आचार संहिता

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 15 दिसंबर 2025 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आम चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इसके तहत किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक को सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं है।

    🚧 2103 अवैध होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स हटाए गए

    BMC के लाइसेंस विभाग द्वारा पूरे शहर में नियमबाह्य और बिना अनुमति लगाए गए:

    • राजनीतिक होर्डिंग
    • बैनर और फ्लेक्स
    • कियोस्क और स्टिकर्स
    • झंडे, निशान और बोर्ड
    • दीवारों पर की गई राजनीतिक पेंटिंग

    जैसी कुल 2,103 वस्तुएं हटाई गईं। यह कार्रवाई प्रमुख चौकों, मुख्य सड़कों, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर की गई।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चली मुहिम

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी श्री. भूषण गगराणी के निर्देश पर की जा रही है।
    मुहिम का नेतृत्व:

    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) जोशी
    • उप आयुक्त (विशेष) श्रीमती चंदा जाधव

    के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

    🗣️ BMC अधिकारियों ने क्या कहा?

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जोशी ने कहा कि

    “चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी तरह का अनुचित राजनीतिक प्रभाव रोकने के लिए समय रहते सख्त कदम उठाए गए हैं।”

    वहीं उप आयुक्त चंदा जाधव ने बताया कि

    “मुंबई के हर प्रमुख इलाके में अवैध राजनीतिक विज्ञापन हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की जाती है।”

    ⚠️ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

    BMC ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शहर की सुंदरता व कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।


    ❓ FAQ Section

    Q1. मुंबई में कितने अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए गए?
    ➡️ कुल 2,103 अवैध राजनीतिक बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए।

    Q2. यह कार्रवाई कब तक की गई?
    ➡️ 16 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे तक।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी के निर्देश पर।

    Q4. आगे भी कार्रवाई होगी क्या?
    ➡️ हां, आचार संहिता के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की। पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों लोकार्पण। अब मुंबईकरों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी एक ही नंबर पर।

    मुंबई: स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान व डिजिटल बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी ने नागरिकों के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की है, जिसका लोकार्पण राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी व सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों किया गया। इस चॅटबॉट के जरिए अब नागरिक घर बैठे स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी और सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बीएमसी का कदम

    BMC लगातार अपने कामकाज में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर रही है। इसी डिजिटल पहल के तहत हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों तक सुविधाएं तेजी से पहुंच सकें।
    बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने यह डिजिटल सुविधा तैयार की है।

    क्या है BMC हेल्थ चॅटबॉट?

    बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट नागरिकों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाला एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    इसके लिए 9892993368 नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर व्हाट्सऐप या चैट के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।

    इन सुविधाओं की मिलेगी जानकारी

    हेल्थ चॅटबॉट के माध्यम से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी मिलेगी, जैसे—

    • बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता
    • बीएमसी की स्वास्थ्य योजनाएं और अभियान
    • नजदीकी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र
    • स्वास्थ्य केंद्र में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
    • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और लाइसेंस की प्रक्रिया
    • जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र
    • विवाह पंजीकरण
    • दिव्यांग प्रमाणपत्र
    • प्रसूतिगृह और स्वास्थ्य परवाने से जुड़ी जानकारी

    ऑनलाइन पंजीकरण से बचेगा समय

    इस चॅटबॉट के जरिए नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। आपातकालीन स्थिति में यह सुविधा निर्णय लेने में भी मददगार साबित होगी।

    राज्य और केंद्र की योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी

    आने वाले समय में इस चॅटबॉट के जरिए राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
    इसके साथ ही बीएमसी जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट और OPD व बेड उपलब्धता डैशबोर्ड भी शुरू करने जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट का नंबर क्या है?
    9892993368

    Q2. इस चॅटबॉट से क्या जानकारी मिलेगी?
    स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल जानकारी, प्रमाणपत्र, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और योजनाओं की जानकारी।

    Q3. क्या यह सेवा मुफ्त है?
    हां, यह सेवा नागरिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है।

    Q4. इसका फायदा किसे होगा?
    मुंबई के सभी नागरिकों को।

  • मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    धारावी की तर्ज पर मालवणी के 641 एकड़ इलाके के पुनर्विकास की तैयारी शुरू। क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल, सर्वे और विस्थापन को लेकर विपक्ष ने सरकार पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

    महाराष्ट्र/नागपुर: धारावी पुनर्विकास योजना के बाद अब मुंबई के मालाड स्थित मालवनी इलाके के 641 एकड़ भूखंड पर महायुति सरकार की नजर टिक गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे इलाके के क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकास के लिए सर्वे और योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इसे झोपड़पट्टी-मुक्त करने की पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दे रहा है।

    धारावी मॉडल पर मालवणी पुनर्विकास की तैयारी

    देश की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी को अडानी ग्रुप को सौंपे जाने के बाद अब सरकार ने मालवनी क्षेत्र के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 641 एकड़ क्षेत्र के सर्वेक्षण और क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लस्टर मॉडल के जरिए पूरे मालवनी इलाके का कम समय में पुनर्विकास संभव है और इसे एक बड़े झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के रूप में तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

    641 एकड़ में फैला मालवनी, 14 हजार झोपड़ियां

    मालवनी इलाके का कुल क्षेत्रफल 641 एकड़ है, जिसमें

    • राज्य सरकार
    • म्हाडा
    • बृहन्मुंबई महानगरपालिका
    • निजी भूखंड

    शामिल हैं।
    इसमें से 565.98 एकड़ क्षेत्र में झोपड़पट्टियां हैं, जबकि 75.02 एकड़ खुली जमीन है। इस पूरे इलाके में करीब 14 हजार झोपड़ियां बसी हुई हैं। सरकार का दावा है कि पुनर्विकास के बाद यह इलाका पूरी तरह झोपड़पट्टी-मुक्त हो जाएगा।

    13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका

    विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के नाम पर मालवनी में रहने वाले करीब 13 लाख लोगों को विस्थापित किया जाएगा। धारावी पुनर्विकास को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है।

    विपक्षी दलों का कहना है कि मुंबई में विकास के नाम पर लगातार बड़े भूखंड बिल्डरों की झोली में डाले जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

    कौन करेगा सर्वे और रिपोर्ट?

    बैठक में तय किया गया कि

    • म्हाडा और
    • झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA)

    अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वे करेंगे।
    सभी झोपड़पट्टियों का सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसियां संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगी।
    जहां कानूनी अड़चनें होंगी, वहां अलग से कार्रवाई की जाएगी, और जहां विकास संभव होगा, उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद

    इस अहम बैठक में

    • आवास राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर
    • विधायक असलम शेख
    • अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता
    • म्हाडा अधिकारी मिलिंद बोरीकर
    • SRA CEO डॉ. महेंद्र कल्याणकर

    मौजूद रहे।
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी भी बैठक में शामिल हुए।

    दागी बिल्डर को ठेका मिलने की चर्चा

    सूत्रों के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना को लेकर पहले ही एक दागी बिल्डर को ठेका दिए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोप है कि यह वही बिल्डर है, जिसने चेंबूर के माहुल इलाके में प्रोजेक्ट-अफेक्टेड लोगों के लिए इमारतें बनाई थीं, जहां करीब 9 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि वह आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है।

    अब उसी बिल्डर को एक भाजपा नेता के माध्यम से मालवनी की बड़ी पुनर्विकास योजना में शामिल करने की कोशिश हो रही है।


    FAQ

    Q1. मालवणी पुनर्विकास योजना क्या है?
    मालवणी इलाके को क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकसित करने की सरकारी योजना।

    Q2. कुल कितनी जमीन शामिल है?
    करीब 641 एकड़ भूमि।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं?
    करीब 13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका जताई जा रही है।

    Q4. विवाद क्यों हो रहा है?
    विपक्ष का आरोप है कि योजना का फायदा बिल्डरों को दिया जा रहा है।

  • KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    मुंबई के केईएम अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। यहां अब महिला, पुरुष और बच्चों समेत सालाना 150 से अधिक जले हुए मरीजों का आधुनिक इलाज संभव होगा।

    मुंबई: परेल स्थित केईएम अस्पताल में जले हुए मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस केंद्र में अब महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ पुरुष मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और संक्रमण से बचाव की विशेष व्यवस्था के साथ यह केंद्र हर साल करीब 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज में सक्षम होगा।

    Modern-Burn-Care-Centre-inaugurated-at-KEM-Hospital-news

    केईएम अस्पताल में बर्न केयर सेंटर का लोकार्पण

    राजे एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को श्री शैलेश लिमडी के हाथों किया गया। इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

    महिला, बच्चे और पुरुष मरीजों को समान सुविधा

    इस बर्न केयर सेंटर में अब जले हुए मरीजों के लिए सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब महिला, बालक और पुरुष सभी मरीजों को एक ही केंद्र में उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा।

    सालाना 150 से 170 मरीजों के इलाज की क्षमता

    नवीनीकरण किए गए इस केंद्र की क्षमता सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज की है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर और सही इलाज मिल सके, इसके लिए इस केंद्र को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

    आईसीयू में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इस बर्न केयर सेंटर में कुल 12 बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
    यहां मौजूद सुविधाओं में शामिल हैं—

    • पूरी तरह सुसज्जित अतिदक्षता उपचार कक्ष (ICU)
    • वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
    • मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर
    • डायलिसिस मशीन
    • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इन सुविधाओं के चलते जले हुए मरीजों में इलाज के दौरान आने वाली जटिलताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण संभव होगा।

    संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

    जले हुए मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए—

    • वार्ड में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था
    • मरीजों की सुरक्षित आवाजाही
    • अलग और संरक्षित उपचार कक्ष

    की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    मरीजों की मानसिक स्थिति का भी रखा गया ध्यान

    इलाज के दौरान मरीजों को दर्द और तनाव से कुछ राहत मिले, इसके लिए—

    • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
    • आधुनिक फर्नीचर
    • मरीजों का ध्यान भटकाने के लिए टीवी की सुविधा

    भी उपलब्ध कराई गई है।

    बीएमसी आयुक्त के निर्देश पर हुआ नवीनीकरण

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने जले हुए मरीजों को समय पर और आधुनिक इलाज देने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इस बर्न केयर सेंटर का नवीनीकरण पूरा किया गया।

    सरकारी योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को इलाज

    उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    डॉक्टरों का कहना

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी ने कहा कि जले हुए मरीजों को शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ता है। यह बर्न केयर सेंटर मरीजों को इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद देने का प्रयास करेगा।


    FAQ

    प्रश्न 1: बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
    उत्तर: 13 दिसंबर 2025 को।

    प्रश्न 2: यहां कितने मरीजों का इलाज हो सकता है?
    उत्तर: सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों का।

    प्रश्न 3: क्या पुरुष मरीजों को भी इलाज मिलेगा?
    उत्तर: हां, अब पुरुष मरीजों को भी सुविधा उपलब्ध है।

    प्रश्न 4: इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
    उत्तर: आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन और संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था।