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  • Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।

    नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।

    मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”

    रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।

    🌍 Middle East Crisis का सीधा असर

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।

    👉 सप्लाई चेन डिस्टर्ब
    👉 fuel prices में उतार-चढ़ाव
    👉 LPG availability पर दबाव

    इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

    🛢️ क्या है सरकार का नया फैसला?

    सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।

    👉 इसका मकसद:

    • आम लोगों को तुरंत राहत
    • fuel shortage से बचाव
    • rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना

    📍 इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा

    सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:

    • दिल्ली (NCT)
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
    • पुडुचेरी
    • आंध्र प्रदेश
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    • राजस्थान
    • उत्तर प्रदेश
    • गोवा
    • गुजरात
    • उत्तराखंड
    • लक्षद्वीप
    • जम्मू-कश्मीर
    • लद्दाख
    • तेलंगाना
    • हिमाचल प्रदेश
    • नागालैंड
    • मध्य प्रदेश
    • सिक्किम

    👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।

    ⛽ Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene

    नई व्यवस्था के तहत अब:
    👉 सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs)
    👉 Petrol Pumps और retail outlets

    के जरिए भी kerosene बेच सकेंगी।

    📅 यह सुविधा अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    👉 इससे फायदा:

    • लंबी लाइन से छुटकारा
    • पास के पंप से ही kerosene मिलेगा
    • supply shortage कम होगी

    📦 डीलर कितना स्टॉक रख सकेंगे?

    सरकार ने dealers को भी राहत दी है:

    👉 हर retail unit पर
    2500 लीटर तक kerosene stock रखने की अनुमति

    👉 इससे:

    • supply chain मजबूत होगी
    • emergency में तुरंत availability मिलेगी

    ⚖️ कानून में क्या प्रावधान है?

    यह फैसला पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और 2002 के नियमों के तहत लिया गया है।

    👉 इन कानूनों में सरकार को special situations में
    rules relax करने का अधिकार होता है

    और अभी के global crisis को देखते हुए इसी power का इस्तेमाल किया गया है।

    👨‍👩‍👧‍👦 आम जनता को क्या फायदा?

    इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी:

    👉 गरीब परिवार
    👉 ग्रामीण इलाके
    👉 जहां LPG पहुंच कम है

    अब वे:

    • kerosene से खाना बना सकेंगे
    • lighting की जरूरत पूरी कर सकेंगे
    • LPG price hike से बच पाएंगे

    🔗 Related Links (जानकारी के लिए)

    • Ministry of Petroleum Official Updates
    • Energy Crisis Global News
    • LPG vs Kerosene Usage Guide

    (लेटेस्ट अपडेट के लिए PIB India, Indian Oil, BPCL जैसी आधिकारिक साइट्स देखें)


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. क्या अब हर जगह kerosene मिलेगा?
    👉 नहीं, फिलहाल 21 राज्यों और UTs में ही यह सुविधा लागू होगी।

    Q2. क्या petrol pump पर kerosene मिलेगा?
    👉 हां, अब petrol pumps और retail outlets पर भी मिलेगा।

    Q3. यह सुविधा कितने समय के लिए है?
    👉 अभी के लिए 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    Q4. एक डीलर कितना kerosene स्टॉक कर सकता है?
    👉 अधिकतम 2500 लीटर।

  • Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Karnataka सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। CM Siddaramaiah ने राज्य के ₹4,48,004 करोड़ के बजट में डिजिटल एडिक्शन, स्क्रीन टाइम और बच्चों की मानसिक सेहत को देखते हुए यह बड़ा कदम सुझाया है।

    देश में Digital Addiction और Social Media Use को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Karnataka सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।

    यह प्रस्ताव Siddaramaiah ने शुक्रवार को राज्य का ₹4,48,004 करोड़ का बजट पेश करते समय रखा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को Smartphone Addiction, Excessive Screen Time और Online Dependency से बचाना है।

    Budget Speech में सामने आया Social Media Ban का प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने राज्य का 17वां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार बच्चों में बढ़ती Digital Addiction को लेकर गंभीर है।

    सरकार का मानना है कि Social Media Platforms का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल रहा है।

    इसी कारण 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Access पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

    Smartphone Addiction और Screen Time बना बड़ी चिंता

    राज्य सरकार के अनुसार आजकल बच्चों में Smartphone Addiction, Online Gaming और Excessive Screen Time तेजी से बढ़ रहा है।

    सरकार को चिंता है कि सोशल मीडिया और मोबाइल गेमिंग के कारण बच्चों की Mental Health, Academic Performance और Physical Fitness पर असर पड़ रहा है।

    Vice-Chancellors Conclave में भी उठाया गया था मुद्दा

    इससे पहले Bengaluru में आयोजित Vice-Chancellors (VC) Conclave के दौरान भी मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इस मुद्दे को उठाया था।

    उन्होंने वहां भी बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई और इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई थी।

    देश का पहला राज्य बन सकता है Karnataka

    अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो Karnataka भारत का पहला राज्य बन सकता है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू किया जाएगा।

    इससे पहले राज्य के IT Minister Priyank Kharge ने भी संकेत दिए थे कि सरकार Minors के लिए Social Media Access Restriction पर विचार कर रही है।

    अन्य राज्यों में भी शुरू हुई चर्चा

    केवल Karnataka ही नहीं, बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है।

    • Andhra Pradesh सरकार ने पिछले साल स्कूलों में Mobile Phone Ban की संभावना पर चर्चा की थी।
    • वहीं Goa के IT मंत्री ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Restriction लागू करने की बात कही थी।

    बच्चों की Online Safety पर फोकस

    सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को Online Safety Risks, Cyberbullying और Digital Addiction से बचाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही तरीके से लागू किया गया तो यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. क्या Karnataka में बच्चों के लिए Social Media Ban लागू होगा?

    राज्य सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। अभी इस पर विचार चल रहा है।

    2. यह घोषणा किसने की?

    यह प्रस्ताव Karnataka के मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने बजट भाषण के दौरान रखा।

    3. सरकार यह कदम क्यों उठाना चाहती है?

    सरकार का कहना है कि Smartphone Addiction, Screen Time और Mental Health Issues को देखते हुए यह कदम जरूरी है।

    4. क्या भारत में पहले कहीं ऐसा Ban लागू है?

    अगर लागू हुआ तो Karnataka भारत का पहला राज्य होगा जहां ऐसा प्रतिबंध लागू किया जाएगा।

    5. क्या अन्य राज्य भी ऐसा सोच रहे हैं?

    हाँ, Andhra Pradesh और Goa में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने पर चर्चा हो चुकी है।

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

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    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।

  • मुंबई में 27 अक्टूबर से India Maritime Week 2025 का आगाज़ — Amit Shah करेंगे उद्घाटन

    मुंबई में 27 अक्टूबर से India Maritime Week 2025 का आगाज़ — Amit Shah करेंगे उद्घाटन

    मुंबई के गोरेगाँव स्थित NESCO Exhibition Centre में 27 अक्टूबर से 5 दिन चलेगा India Maritime Week 2025, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। जानें कार्यक्रम, वक्तव्य, उद्देश्य और मुख्य बातें।

    मुंबई: 27 अक्टूबर से मुंबई में होने वाला India Maritime Week 2025 (IMW 2025) कार्यक्रम कल सोमवार से शुरू हो रहा है, जहाँ गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। इस ग्लोबल मरीटाइम इवेंट में देश-विदेश के पर्टनर, निवेशक, और समुद्री क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।

    उद्घाटन समारोह का कार्यक्रम

    • समय एवं स्थल: 27 अक्टूबर, सुबह 10:30 बजे, NESCO Exhibition Centre, गोरेगाँव, मुंबई।
    • मुख्य अतिथि: अमित शाह
    • अन्य वक्ता:
    • Vijay Kumar (सेक्रेटरी, पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Shantanu Thakur (राज्यमंत्री, पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Pramod Sawant (मुख्यमंत्री, गोवा)
    • Mohan Charan Majhi (मुख्यमंत्री, ओडिशा)
    • Bhupendra Patel (मुख्यमंत्री, गुजरात)
    • Sarbananda Sonowal (केंद्रीय मंत्री – पोर्ट्स, शिपिंग & वॉटरवे)
    • Devendra Fadnavis (मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
    • समय-रोस्टर:
    • 10:30 → अमित शाह का आगमन
    • 10:30-10:40 → उद्घाटन एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ
    • 10:40-10:42 → दीप ज्योति
    • 10:42-10:44 → विजय कुमार का संबोधन
    • 10:44-10:48 → शांतनु ठाकुर का संबोधन
    • 10:48-10:52 → गोवा के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 10:52-10:56 → ओडिशा के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 10:56-11:00 → गुजरात के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 11:00-11:04 → सारबनंदा सोनोवाल का संबोधन
    • 11:04-11:10 → महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का संबोधन
    • 11:15-11:40 → अमित शाह का मुख्य भाषण
    India-Maritime-Week-2025-begins-in-Mumbai-on-October-27

    IMW 2025: मुख्य उद्देश्य और जानकारी

    • IMW 2025 एक प्रमुख समुद्री उद्योग-मंच है जहाँ वैश्विक समुद्री विशेषज्ञ, नवप्रवर्तनकर्ता और लीडर एक साथ होंगे।
    • इस आयोजन में 100 से अधिक देशों से प्रतिनिधि, 500 से ज्यादा प्रदर्शक, और 1,00,000 से अधिक प्रतिभागी भाग लेने की उम्मीद है।
    • लगभग 200 ग्लोबल स्पीकर्स होंगे और अनुमानित निवेश ₹10 लाख करोड़ से ऊपर होगा।
    • मुख्य विषय होंगे: समुद्री प्रौद्योगिकी में नवीनता, सतत विकास, रणनीतिक साझेदारियाँ, वैश्विक समुद्री कनेक्टिविटी।
    • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुंबई को इस तरह के वैश्विक कार्यक्रमों के लिए स्थायी स्थल घोषित करने की पैरवी की है।

    मुंबई व महाराष्ट्र का महत्व

    मुंबई और महाराष्ट्र का समुद्री एवं पोर्ट-क्षेत्र में विशेष स्थान है। IMW 2025 के साथ यहाँ निवेश के नए अवसर खुलेंगे, और राज्य का वैश्विक समुद्री मंच पर योगदान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि मुंबई में इस कार्यक्रम का स्थायी आयोजन होने से राज्य को भारी लाभ मिलेगा।

    क्या उम्मीद करें?

    • वैश्विक कंपनियों, पोर्ट प्राधिकरणों, नवप्रवर्तन स्टार्ट-अप्स, अकादमिक संस्थान और विचार-टैंक्स मिलकर रणनीति बनाएँगे कि कैसे भारत का समुद्री क्षेत्र अगले दशक में आगे बढ़े।
    • नई प्रौद्योगिकियाँ, डिजिटल समाधानों, हरित पोर्ट मॉडल और निवेश साझेदारियों पर बल दिया जाएगा।
    • इवेंट के दौरान नेटवर्किंग, B2B मीटिंग्स, प्रदर्शनियों और पैनल चर्चाएँ होंगी।
    • स्थानीय अर्थव्यवस्था, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट विकास एवं समुद्री-शिपिंग क्षेत्र में ठोस घोषणाएँ हो सकती हैं।

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. IMW 2025 कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?
    A. IMW 2025 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक मुंबई के NESCO Exhibition Centre, गोरेगाँव में होगा।

    Q2. उद्घाटन में कौन-कौन मुख्य अतिथि होंगे?
    A. गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। साथ में विजय कुमार, शांतनु ठाकुर, गोवा, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री सारबनंदा सोनोवाल वक्तव्य देंगे।

    Q3. IMW 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    A. समुद्री उद्योग में नवप्रवर्तन, सहयोग, निवेश एवं वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना है।

    Q4. इसमें कितने देश, प्रदर्शक और प्रतिभागी भाग लेंगे?
    A. 100 से अधिक देश, 500 से अधिक प्रदर्शक और लगभग 1 लाख प्रतिभागियों की अपेक्षा है।

    Q5. महाराष्ट्र और मुंबई का क्या महत्व है इस कार्यक्रम में?
    A. महाराष्ट्र सरकार इसे राज्य के लिए एक बड़ा अवसर मान रही है और मुंबई को स्थायी रूप से इस तरह के समुद्री सम्मेलनों का होस्ट बनाने के पक्ष में है।

  • अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    मुंबई से गोवा का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में! मार्च 2026 तक पूरा होने जा रहा मुंबई–गोवा हाईवे देगा तेज़, स्मूद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव। कोकण के बीचों, फोर्ट्स और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन।

    मुंबई: लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार मुंबई–गोवा हाईवे (NH 66) अपने आखिरी चरण में पहुँच गया है। 466 किलोमीटर लंबे इस हाइवे का काम अब तेज़ी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसके पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
    अब तक जहाँ मुंबई से गोवा पहुँचने में 12–13 घंटे लगते थे, वहीं नया चार लेन वाला एक्सप्रेसवे इस सफर को आधा कर देगा — यानी अब सिर्फ 6 घंटे में आप मुंबई से गोवा पहुँच जाएंगे।

    🏗️ हाईवे का पूरा रूट और तकनीकी बदलाव

    यह हाइवे पनवेल से लेकर सिंधुदुर्ग तक फैला हुआ है और रायगढ़, रत्नागिरी जैसे जिलों से होकर गुजरता है। इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।
    इस सड़क पर सैटेलाइट ट्रैकिंग और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) आधारित स्मार्ट टोल सिस्टम लगाया जा रहा है। इसका फायदा ये होगा कि टोल बूथ पर गाड़ी रोकनी नहीं पड़ेगी — कैमरे नंबर प्लेट से ऑटोमैटिक पैसे काट लेंगे। इससे समय, ईंधन और जाम – तीनों से राहत मिलेगी।

    ⏳ देरी के कारण और अब तक की प्रगति

    इस प्रोजेक्ट को पहले दिसंबर 2023 में पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंज़ूरी के कारण देरी हुई। खासकर पनवेल से इंदापुर के बीच का हिस्सा सबसे मुश्किल था।
    अब ये सारे अड़चनें दूर कर ली गई हैं। कर्नाला सेंचुरी के इकोसिस्टम की रक्षा के लिए वहाँ फ्लाईओवर का प्लान भी रद्द कर दिया गया है।

    PWD (लोकनिर्माण विभाग) के मुताबिक, पूरे हाइवे के 10 पैकेजों में काम लगभग अंतिम चरण में है —

    • सिंधुदुर्ग: पैकेज P-9 और P-10 – 99% पूरा
    • रत्नागिरी: P-4 (92%) और P-8 (98%)
    • रायगढ़: P-2 (93%) और P-3 (82%)
      बाकी सेक्शन भी नए कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए तेजी से पूरे हो रहे हैं।

    🌴 पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया जीवन

    इस एक्सप्रेसवे के खुलने से कोकण बेल्ट का टूरिज्म और बिज़नेस दोनों को नई उड़ान मिलेगी।
    गोवा और महाराष्ट्र के बीच का ये रास्ता अब सिर्फ एक सफर नहीं रहेगा, बल्कि एक सीनिक राइड होगी — बीचों, झरनों और किलों के नज़ारों के बीच से गुजरने वाली रोमांचक यात्रा।
    स्थानीय होटल, होमस्टे, ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारों को भी बड़ा आर्थिक फायदा होगा।

    ⚙️ कनेक्टिविटी से उद्योगों को नई रफ्तार

    लॉजिस्टिक सेक्टर और औद्योगिक कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब माल ढुलाई में समय और लागत दोनों घटेंगे।
    यह सड़क मुंबई की वित्तीय राजधानी को कोकण और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बनेगी।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई–गोवा हाईवे कब तक पूरी तरह खुल जाएगा?
    👉 पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह हाईवे मार्च 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

    Q2. कुल लंबाई कितनी है?
    👉 हाईवे की कुल लंबाई 466 किलोमीटर है, जो पनवेल से सिंधुदुर्ग तक फैला है।

    Q3. क्या यह टोल रोड होगा?
    👉 हाँ, लेकिन इसमें स्मार्ट टोल सिस्टम (ANPR Technology) रहेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा।

    Q4. किसे सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा?
    👉 पर्यटकों, ट्रक ड्राइवरों, स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों को इस हाइवे से सीधा फायदा मिलेगा।

    Q5. इस हाईवे को और क्या नाम दिया गया है?
    👉 इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।

  • अब इंतजार खत्म हुआ! महाराष्ट्र का ये खास सड़क आखिरकार यातायात के लिए खुल गया, 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में होगा पूरा।

    अब इंतजार खत्म हुआ! महाराष्ट्र का ये खास सड़क आखिरकार यातायात के लिए खुल गया, 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में होगा पूरा।

    महाराष्ट्र में एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग आम यात्रियों के लिए खोल दिया गया है, जिससे यात्रियों की यात्रा अब तेज गति से हो पाएगी। कोंकण में एक महत्वपूर्ण घाट की सड़क पर एक सुरंग का रिपेयरिंग चल रहा था जो अब यातायात के लिए खोल दिया गया है। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    पिछले कुछ सालों में पूरे महाराष्ट्र भर में विभिन्न सड़क को लेकर विकास परियोजनाएं पूरी हुई हैं। ठीक इसी तरह अब मुंबई से कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए भी खुशी की खबर है। अब कोंकण के एक महत्वपूर्ण सुरंग के चालू होने से लोगों के समय में बचत होगी। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    इसका मतलब यह है कि कोंकण में एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग आखिरकार यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे यात्रियों की यात्रा में समय और पैसों की बचत होगी। इसके साथ ही मुंबई से कोंकण और कोंकण से मुंबई की यात्रा तेज गति से संभव हो सकेगी।

    मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई-गोवा राजमार्ग पर कशेड़ी घाट पर दूसरी सुरंग का काम पूरा हो गया है और इस सुरंग को यातायात के लिए खोल दिया गया है। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    15 मई 2025 को इस सुरंग में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई और उसी दिन से यह दूसरी सुरंग आम यात्रियों के लिए खोल दी गई है। उम्मीद है कि इससे अब मुंबई से कोंकण और आगे गोवा तक यात्रा में तेजी आएगी।

    कशेड़ी का सुरंग

    आपको बता दें कि कशेड़ी घाट में सुरंग दो किलोमीटर लंबी है। साथ ही, इस सुरंग को जोड़ने वाली सड़कों सहित पूरा मार्ग लगभग नौ किलोमीटर लंबा है। दरअसल, कशेड़ी घाट की सुरंगों में आंतरिक रिसाव था।

    इसलिए पिछले कुछ दिनों से इन सुरंगों की मरम्मत का काम चल रहा था। इस कार्य को 15 मई 2025 तक, यानि मानसून सीजन शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    तदनुसार, यह कार्य 15 मई, 2025 से पहले पूरा कर लिया गया है और दोनों सुरंगें अब यातायात के लिए खोल दी गई है। अब ये दोनों सुरंगें पूरी क्षमता से यातायात के लिए खुल गई हैं, क्योंकि अब मुंबई की ओर जाने वाली सुरंग की तरह ही रत्नागिरी की ओर जाने वाली सुरंग में भी बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सुरंग के दोनों ओर 200 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी तथा इसके लिए आवश्यक मशीनरी भी उपलब्ध करा दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    इसलिए कहा जा रहा है कि आने वाले समय में मुंबई से कोंकण के साथ-साथ गोवा और गोवा से मुंबई का सफर भी तेज हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि चूंकि इन सुरंगों को पूरी क्षमता के साथ आम जनता के लिए खोल दिया गया है, इसलिए यात्रियों की 40 से 45 मिनट की यात्रा अब सिर्फ पंद्रह से बीस मिनट में पूरी हो जाएगी।

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • यात्रियों द्वारा रनवे पर खाना खाने की घटना पर मुंबई हवाईअड्डे पर 90 लाख रुपये का जुर्माना

    यात्रियों द्वारा रनवे पर खाना खाने की घटना पर मुंबई हवाईअड्डे पर 90 लाख रुपये का जुर्माना

    14 जनवरी को कोहरे मे रास्ता दिखाई नहीं देने के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के खानपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों द्वारा सड़क पर खाना खाने की घटना को लेकर बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट संचालक एमआईएएल (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 60 लाख रुपये ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और 30 लाख रुपये डीजीसीए, कुल 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा घटना के संबंध में इंडिगो पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    14 जनवरी को कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के जलपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

    मुंबई एयरपोर्ट सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा..

    नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, कि कारण बताओ नोटिस का जवाब 17 जनवरी को मिला और यह संतोषजनक नहीं पाया गया क्योंकि एमआईएएल द्वारा प्रस्तुत जवाब से पता चलता है कि वे सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहे हैं।

    इसे भी पढ़े:- Online Job Fraud: Work From Home और ऑनलाइन जॉब दिलाने के नाम पर तीन महीने में 60 करोड़ रुपये ठगी, मुंबई पुलिस ने गुजरात से किया गिरफ्तार

    नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने घटना के संबंध में इंडिगो और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) को नोटिस दिया था। नोटिस में स्थिति को संभालने और हवाई अड्डे पर यात्री आराम की सुविधा प्रदान करने में सक्रिय उपायों की कमी के लिए इंडिगो और एमआईएएल की आलोचना की गई। डायवर्ट किए गए विमान को संपर्क स्टैंड के बजाय एक रिमोट बे (सी-33) को सौंपा गया था, जिसने टर्मिनल पर टॉयलेट और जलपान जैसी सुविधाओं तक यात्रियों की पहुंच को सीमित करके स्थिति को और जटिल बना दिया।

    मुंबई एयरपोर्ट,

    मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यात्री सुविधा, सुरक्षा मानदंडों और परिचालन संबंधी मुद्दों की अनदेखी के लिए एयरलाइन की आलोचना की। अधिकारी ने कहा, ”थके हुए और परेशान यात्रियों के लिए यह घटना एक प्रतिकूल और अस्वीकार्य अनुभव था।”
    इसके अलावा डीजीसीए ने एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर 30-30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित नहीं करने के लिए नोटिस भेजा गया था कि दिल्ली में घने कोहरे की स्थिति में उतरने के लिए प्रशिक्षित पायलट ही पिछले कुछ दिनों में कम दृश्यता (Low Visibility) वाले घंटों के दौरान उड़ानें संचालित कर रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें बदलनी पड़ीं।

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  • RDX से भरा हुआ टैंकर महाराष्ट्र पुलिस ने किया बरामद

    RDX से भरा हुआ टैंकर महाराष्ट्र पुलिस ने किया बरामद

    मुंबई पुलिस की सतर्कता से महाराष्ट्र पुलिस ने RDX से भरा हुआ टैंकर बरामद किया है। जांच कर रही है पुलिस..

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – देशभर में जहां सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मुंबई पुलिस की सतर्कता से महाराष्ट्र की रत्नागिरी पुलिस ने आरडीएक्स (RDX) से भरा हुआ एक ट्रक जब्त किया है। गुजरात से यह टैंकर गोवा की तरफ जा रहा था।

    मुंबई पुलिस ने गोवा पुलिस को जानकारी दी कि आरडीएक्स (RDX) से भरा टैंकर गोवा की ओर आ रहा है। सतर्कता के संकेत के रूप में, गोवा पुलिस ने राज्य की सीमा पर बड़े पैमाने पर नाकाबंदी लगा दी। इस बीच, इस टैंकर को रत्नागिरी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है, इस बारे में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/19/mumbai-11-arrested-including-hospital-staff-for-referring-patients-to-private-labs
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    Vistara Airlines, Hijack, RDX,
    मुंबई पुलिस बंदोबस्त की फाइल तस्वीर

    RDX से भरा हुआ टैंकर..

    मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली कि आरडीएक्स (RDX) विस्फोटक से भरा एक टैंकर गुजरात से गोवा की ओर आ रहा है। इसकी जानकारी मुंबई पुलिस ने फोन पर गोवा पुलिस को दी। पुलिस ने चेतावनी स्वरूप सीमा पर घेराबंदी कर दी।

    इस टैंकर को रत्नागिरी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। एक शख्स ने मुंबई पुलिस को सूचना दी थी, कि आरडीएक्स (RDX) गोवा की तरफ आ रहा है। इसके बाद गोवा और कोंकण में पुलिस को सतर्क रहने का अलर्ट दिया गया। वहीं इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

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    राजस्थान से RDX बरामद

    इसके पहले 30 मार्च 2022 को रतलाम के रहने वाले अल्तमश शेरानी, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल्लाह रमजानी और जुबेर फकीर मोहम्मद को राजस्थान पुलिस ने निंबाहेड़ा में 12 किलो आरडीएक्स (RDX) के साथ गिरफ्तार किया था। आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि जब्त विस्फोटक और अन्य सामग्री आईईडी बम बनाने के काम आती है। इनसे पूछताछ के बाद टोंक (राजस्थान) से फरहान और मुजीब को गिरफ्तार किया गया था वहीं रतलाम पुलिस ने इमरान शरीफ खान, आमीन फावड़ा उर्फ आमीन अब्दुल समद को गिरफ्तार कर लिया है।