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  • NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

    मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

    NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

    NEET Paper Leak

    CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

    जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:

    • परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
    • 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
    • मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
    • परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
    • लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की

    मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत

    CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।

    कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?

    शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।

    लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
    • सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:

    • धोखाधड़ी
    • आपराधिक साजिश
    • राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी

    जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?

    CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

    सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

    • कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
    • इसके बदले कितने पैसे लिए गए
    • क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था

    Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में

    इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

    मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

    छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


    FAQ Section

    Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

    CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?

    आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।

    Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।

    Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?

    CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।

    Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

    पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।


    Conclusion

    NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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  • Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।

    नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है।
    Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है

    कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत

    IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है।
    BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है।
    HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।

    🌍 West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत

    यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है।
    इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    🚫 Panic Buying से बचने की अपील

    तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें।
    कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।

    💰 Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

    26 मार्च के हिसाब से:

    • दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
    • मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03

    Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

    📊 Premium Fuel का असर बहुत कम

    कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

    🌐 Diversified Sourcing से मजबूत सप्लाई

    भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं।
    इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।

    🔗 सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
    नहीं, तेल कंपनियों ने साफ किया है कि कोई shortage नहीं है।

    Q2. क्या fuel prices बढ़ने वाले हैं?
    अभी regular petrol और diesel की कीमतें स्थिर हैं।

    Q3. Panic buying क्यों नहीं करनी चाहिए?
    इससे supply chain पर दबाव पड़ता है और artificial shortage बन सकता है।

    Q4. West Asia war का भारत पर असर पड़ेगा?
    अभी तक भारत की diversified sourcing के कारण कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

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    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • कुर्ला–CSMT रूट की भीड़ होगी कम, 4 लंबी दूरी की ट्रेनें LTT शिफ्ट करने को मंजूरी

    कुर्ला–CSMT रूट की भीड़ होगी कम, 4 लंबी दूरी की ट्रेनें LTT शिफ्ट करने को मंजूरी

    मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।

    किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा

    रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:

    • 22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
    • 16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
    • 16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
    • 16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस

    इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।

    क्यों जरूरी था यह फैसला

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं।
    जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।

    लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा

    चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:

    • लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
    • पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
    • देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
    • लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी

    रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।

    CSMT और LTT के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए।
    CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।

    कब से लागू होगा बदलाव

    फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी।
    यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है?
    👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।

    Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा?
    👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।

    Q3. बदलाव कब से लागू होगा?
    👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।

  • Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    तेलंगाना की EAGLE टीम ने मुंबई में हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल का पैसा हवाला नेटवर्क के ज़रिए लॉन्डर करता था। पुलिस ने 3 करोड़ रुपए कैश जब्त किए हैं।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: तेलंगाना कनेक्शन मे यहां मुंबई में ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है।
    तेलंगाना पुलिस की EAGLE टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क का प्रमुख मनी हैंडलर बताया जा रहा है।
    पुलिस ने इस ऑपरेशन में ₹3 करोड़ कैश जब्त किया है, जो नशीले पदार्थों की अवैध कमाई से जुड़ा हुआ था।

    🚔 तेलंगाना EAGLE टीम की मुंबई में बड़ी कार्रवाई

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    यह कार्रवाई मुंबई में उस समय हुई जब टीम को हवाला नेटवर्क से जुड़े ठिकानों की जानकारी मिली।
    EAGLE टीम ने छापा मारकर दारगराम को गिरफ्तार किया।
    इससे पहले, मुंबई के फूल गली, कालबादेवी स्थित भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर रेड के दौरान दारगराम पुलिस के हाथों से बच निकला था।
    यह कंपनी नाइजीरियन ड्रग तस्करों के पैसों को हवाला चैनल से भेजने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।

    🕵️‍♂️ दारगराम का नेटवर्क तीन शहरों में फैला था

    जांच में सामने आया कि दारगराम का नेटवर्क सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि
    दिल्ली, अहमदाबाद और सूरत तक फैला हुआ था।
    वह हवाला के ज़रिए ड्रग्स मनी को घुमाकर नाइजीरियन एजेंट्स तक पहुंचाता था।
    उसके संपर्क में कई हवाला व्यापारी और एजेंट्स थे जो हर महीने करोड़ों की रकम को देशभर में ट्रांसफर करते थे।

    💬 मुख्य आरोपी पहले भी था पुलिस की रडार पर

    पुलिस ने बताया कि दारगराम की गिरफ्तारी पहले भी कई बार टली थी।
    भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर जब रेड की गई थी, तब वह फरार हो गया था और बाद में बार-बार लोकेशन बदलता रहा।
    उसने अपने सभी मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप चैट्स डिलीट कर दिए थे ताकि ट्रैक न हो सके।
    आखिरकार EAGLE टीम को सटीक जानकारी मिली और उसे मुंबई से हिरासत में ले लिया गया।

    👥 दारगराम ने कबूला – और भी साथी हैं शामिल

    पूछताछ में दारगराम ने अपने कई साथियों के नाम भी उजागर किए।
    उसने बताया कि चेतन सिंह, रोनक प्रजापति (मैनेजर) और चेतन मवजी मिलकर कैश कलेक्शन और डिलीवरी का काम संभालते थे।
    इसके अलावा अहमदाबाद के रतनपुर स्थित जावेरी चैंबर्स में देवजी और दिलीप,
    और दिल्ली के चांदनी चौक में मुकेश हवाला ऑपरेशन्स संभालते थे।

    🌍 ड्रग मनी से विदेश भेजा जा रहा था माल

    जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि नाइजीरियन ड्रग कार्टेल हवाला से मिले पैसों का इस्तेमाल
    नाइजीरिया में कपड़े, फैब्रिक, ह्यूमन हेयर और अन्य प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करने में करता था।
    मुंबई के पायधोनी और मांडवी इलाके में इनके कई कार्गो ऑफिस हैं, जहां से यह माल विदेश भेजा जाता था।
    भारतीय मुद्रा को हवाला के ज़रिए डॉलर या नाइरा (नाइजीरिया की करेंसी) में बदलकर विदेश ट्रांसफर किया जा रहा था।

    📉 अब तक 25 लोग गिरफ्तार, 3.08 करोड़ की बरामदगी

    इस पूरे नेटवर्क में अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
    पुलिस ने ₹3.084 करोड़ कैश बरामद किया है।
    जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाइजीरियन आरोपी Onyeisi Esomchi Kenneth,
    जो खुद को Maxwell या Emmanuel Bediako बताता था,
    भारत में पांच अलग-अलग पासपोर्ट के ज़रिए काम कर रहा था –
    चार नाइजीरियन और एक घानाई नागरिक के नाम से।

    🧳 फर्जी पासपोर्ट से भारत में दोबारा दाखिल होते हैं तस्कर

    यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि डीपोर्ट किए गए विदेशी नागरिक
    कैसे फिर से भारत में फर्जी पहचान के साथ प्रवेश कर लेते हैं।
    कई नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क इसी तरह भारत लौटकर अपने पुराने धंधे में सक्रिय हो जाते हैं,
    जिससे नारकोटिक्स एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।

    ⚠️ मनी लॉन्ड्रिंग और नारकोटिक्स कनेक्शन

    EAGLE टीम ने बताया कि यह नेटवर्क NDPS Act और PMLA (Prevention of Money Laundering Act) दोनों के तहत गंभीर अपराधों में शामिल है।
    सभी बरामद रकम और दस्तावेज़ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपे जा सकते हैं ताकि आगे की वित्तीय जांच हो सके।


    FAQ: नाइजीरियन ड्रग हवाला नेटवर्क केस

    Q1. दारगराम रताजी प्रजापति कौन है?
    👉 वह एक हवाला ऑपरेटर है जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था।

    Q2. कितने पैसे बरामद किए गए हैं?
    👉 पुलिस ने ₹3 करोड़ से ज़्यादा नकदी जब्त की है।

    Q3. दारगराम को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 उसे मुंबई से EAGLE टीम ने गिरफ्तार किया।

    Q4. इस नेटवर्क में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 अब तक कुल 25 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

    Q5. इस केस में आगे क्या कार्रवाई होगी?
    👉 मामला ED को भेजा जा सकता है और विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।

  • Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    Canara Bank Apprentice Recruitment 2025: कैनरा बैंक में निकली 3500 अप्रेंटिस की भर्ती, ₹15,000 स्टाइपेंड के साथ बड़ा मौका!

    कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है।
    यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।

    📅 आवेदन की तारीखें और ज़रूरी डिटेल

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू होने की तारीख23 सितंबर 2025
    आवेदन की आखिरी तारीख12 अक्टूबर 2025
    NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन शुरू22 सितंबर 2025

    👉 आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन मोड में किया जाएगा।

    🏦 कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती के मुख्य पॉइंट्स

    • कुल पद: 3500
    • पोस्ट का नाम: Graduate Apprentice
    • सैलरी (स्टाइपेंड): ₹15,000 प्रति माह
    • जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
    • आयु सीमा: 20 से 28 वर्ष
    • शैक्षणिक योग्यता: किसी भी विषय में ग्रेजुएशन (1 जनवरी 2022 के बाद और 1 सितंबर 2025 से पहले पास होना चाहिए)

    📍 राज्यवार वैकेंसी डिटेल

    राज्यसीटें
    कर्नाटक591
    उत्तर प्रदेश410
    तमिलनाडु394
    आंध्र प्रदेश242
    केरल243
    महाराष्ट्र201
    पश्चिम बंगाल150
    तेलंगाना132
    बिहार119
    हरियाणा111
    मध्य प्रदेश111
    कुल3500

    👉 उम्मीदवार सिर्फ एक राज्य के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    🎓 योग्यता और पात्रता शर्तें

    • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।
    • जिन्होंने पहले से कोई अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग की है या जिनके पास एक साल से अधिक का जॉब अनुभव है, वे पात्र नहीं हैं।
    • आयु सीमा (1 सितंबर 2025 तक):
    • न्यूनतम: 20 वर्ष
    • अधिकतम: 28 वर्ष

    🔸 आयु में छूट (Relaxation)

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC (NCL): 3 साल
    • PwBD: 10 साल
    • विधवा/तलाकशुदा महिलाएं: 35-40 वर्ष तक (कैटेगरी अनुसार)

    💰 स्टाइपेंड और ट्रेनिंग बेनिफिट्स

    कैनरा बैंक के अप्रेंटिस को हर महीने ₹15,000 का स्टाइपेंड मिलेगा।

    • ₹10,500 बैंक की तरफ से सीधे अकाउंट में
    • ₹4,500 सरकार की तरफ से Direct Benefit Transfer (DBT) के ज़रिए

    यह राशि एक साल की ट्रेनिंग अवधि के लिए तय की गई है।

    ध्यान दें — अप्रेंटिस को किसी प्रकार का HRA, DA या अन्य भत्ता नहीं मिलेगा, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और अनुभव सबसे बड़ा लाभ है।

    🧩 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा।

    प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. मेरिट लिस्ट: उम्मीदवार के 12वीं (HSC) या डिप्लोमा के मार्क्स के आधार पर बनाई जाएगी।
    2. टाई-ब्रेकर: समान प्रतिशत वाले उम्मीदवारों में उम्र अधिक वाले को वरीयता दी जाएगी।
    3. न्यूनतम अंक:
    • सामान्य वर्ग – 60%
    • SC/ST/PwBD – 55%
    1. डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और लोकल लैंग्वेज टेस्ट
    • जिस राज्य के लिए आवेदन किया है, उसी राज्य की भाषा में टेस्ट होगा (अगर 10वीं/12वीं में भाषा पढ़ी हो तो छूट)।
    1. मेडिकल फिटनेस: अंतिम चयन से पहले मेडिकल टेस्ट पास करना ज़रूरी।

    🌐 आवेदन प्रक्रिया (How to Apply Online)

    आवेदन से पहले तैयार रखें:

    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • बाएं हाथ का अंगूठा निशान
    • हस्तलिखित घोषणा (Declaration)
    • ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
    • शैक्षणिक दस्तावेज़

    आवेदन के स्टेप्स:

    1. NATS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (https://nats.education.gov.in)
    2. प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
    3. कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
    4. “Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    5. “New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
    6. आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
    7. ₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
    8. फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।

    💵 आवेदन शुल्क (Application Fees)

    कैटेगरीफीस
    SC/ST/PwBDNIL
    General/OBC/EWS₹500/-

    🤔 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं?
    👉 आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।

    2️⃣ इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं?
    👉 नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।

    3️⃣ क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी?
    👉 यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।

    4️⃣ स्टाइपेंड कितना मिलेगा?
    👉 कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।

    5️⃣ कौन आवेदन नहीं कर सकता?
    👉 जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।

    🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम

    • पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
    • 6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
    • क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
    • हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।

    🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर

    • दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
    • जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
    • छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।

    🌍 निवेश और रोजगार पर असर

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
    यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।

    👩‍🏭 महिला कर्मचारियों को फायदा

    श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।

    🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित

    सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।

    🗣️ सरकार का बयान

    “महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।

  • शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए। BJP governments saffronising and destroying education

    मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।

    देश में शिक्षा का भगवाकरण

    विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा और परीक्षा का सौदा

    सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।

    इसे भी पढ़े:- Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    शिक्षा पर 18% की जीएसटी

    उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।

    विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा

    इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।

    BJP-governments-saffronising-and-destroying-education-system

    दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education

    इसे भी पढ़े:- Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    शिक्षा क्षेत्र मे भेदभाव

    शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

    धर्म की राजनीति

    हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

    मानसिक गुलामी

    सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं

    जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।

    मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार

    तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।

    कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?

    एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

    इसे भी पढ़े:- महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ बीजेपी नेता को पड़ा भारी, पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

    स्कूलें बंद मधुशालाओं का उद्घाटन

    राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।

    सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान

    दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।

    मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला

    दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।

  • Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

    Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

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    मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को 500 रुपये के नकली नोट छापने के जुर्म में दो तेलंगाना के नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से छपाई सामग्री के साथ 1,740 नकली नोट बरामद किए हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम) के मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को तेलंगाना के दो संदिग्ध नागरिकों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 500 रुपये के 1,740 नकली नोट और छपाई सामग्री बरामद की है। जब्त की गई वस्तुओं में एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, स्याही और नकली नोट बनाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरण शामिल हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    बड़े रैकेट के होने की संभावना

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र नगरकर ने बताया, कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मार्वे बिच के साईबाबा मंदिर के पास छापेमारी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर नकली नोट बना रहे थे। संदिग्धों को 4 जून, 2025 तक पुलिस हिरासत में रखा गया है, क्योंकि उनके संचालन की सीमा और बड़े जालसाजी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच जारी है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    कैसे की छापामारी?

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. दिपक हिंडे ने बताया कि आरोपी कहीं बाहर से एक नीली कार में यहां आए हुए थे। गुप्त सूचना मिली थी कि मार्वे रोड़ स्थित मार्वे बिच के नजदीक साईबाबा मंदिर के पास काफी समया से एक नीली रंग की कार रुकी हुई है जिनके पास भारतीय चलन के नकली नोट मौजूद है। इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद आदेश पाकर हमने मौके पर छापामारी की जहां से दो संदिग्धों को 500 रुपये के बनावटी नोट और नकली नोट बनाने के उपकरण और सामग्री सहित हिरासत में लिया। इसके साथ ही जिस कार से वो लोग आए हुए थे उसे भी जब्त कर लिया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    दोनों आरोपी हैं बेरोजगार

    गिरफ्तार आरोपियों के बारे में भी आप को जानकारी देते चलें, कि गिरफ्तार 46 वर्षीय संपत सामवय्या एंजपल्ली, तेलंगाना के गांधीनगर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला जयशंकर (भूपालंपली) का रहने वाला है। और दूसरा 30 वर्षीय आरोपी रहिमपाशा याकूब शेख, धनपुर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला वारंगली का रहने वाला है। दोनों ही पेशे से बेरोजगार हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    सरकारी फरियाद पर मालवनी पुलिस ने गु.र.क्र.661/2025 में जालसाजी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि लगभग 23 लाख 30 हजार रुपये का सामना जब्त किया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani