Category: Civic Issues

  • महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दुसरी बार जब से मुख्यमंत्री का पद भार संभाला है तब से ही भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सख्त हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फडणवीस ने अतीत में जिनपर करप्‍शन के आरोप लगाए थे, अब वे नेता उनकी कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्‍ट्र में इस बार का विधानसभा मुख्‍य रूप से दो खेमों के बीच लड़ा गया था। एक तरफ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्‍व में महाविकास अघाड़ी मैदान में थी। महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की और देवेंद्र फडणवीस को फिर से प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनने का मौका मिला। महाराष्‍ट्र में भ्रष्‍टाचार पर सीएम फडणवीस ने बड़ी बात कही है. उन्‍होंने कहा कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनके शासनकाल में करप्‍शन पर लगाम लगाने की कोशिश किया जाएगा और उस दिशा में काम भी महायुति की सरकार करेगी। जबकि महाराष्‍ट्र में करप्‍शन हमेशा से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    खुद ने लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप

    दरअसल, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा गया था कि अतीत में उन्‍होंने जिनपर भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैसे अजित पवार और छगन भुजबल जैसे और भी नेता अब महायुति गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री कैसे बन गए हैं। ऐसे में भ्रष्‍टाचार पर लगाम कैसे लगाई जा सकता है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से गारंटी देते हुए जोर दिया कि पहले जो हुआ वो हो गया लेकिन हमारी सरकार में भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    महाविकास अघाडी मे थे मंत्री

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए काम करेगी। बता दें कि अजित पवार और छगन भुजबल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान मंत्री रहे अजित पवार पर अनियमितता के आरोप लगे थे। अब अजित पवार महाराष्‍ट्र महायुति गठबंधन की मौजूदा सरकार में राज्य के उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    उद्धव ठाकरे ने दिया धोखा

    भ्रष्‍टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि “राजनीति की यही सच्चाई है। राजनीति में आप इन चीजों से मुंह मोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। साल 2019 में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और जब ये घोषणा हुई कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मेरे रास्ते में रोड़े अटकाए गए। घोषणा के बाद भी उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हमें धोखा दिया।” उन्होंने कहा, राजनीति मे आपको टीके रहने के लिए रास्ता खोजना पड़ता है, तो हमने रास्ता निकाला। एक सही रास्ता था, लेकिन हमारे साथी उस रास्ते से भटक गए, तो हमने जिन्हें साथ ले सकते थे, उन्हें साथ लिया और आगे बढ़े।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    समझौता करना पड़ा

    उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने राजनैतिक सिद्धांत का हमेशा से पालन किया है और हमेशा इसे कायम रखा है। इसलिए मैंने हमेशा अपनी राजनीति को पकड़े रखा। लेकिन जब आप राजनीति में काम करते हैं, तो कभी-कभी आपको समझौता करना पड़ता है। लेकिन, अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, तो मैं अपने मंत्रिमंडल में किसी को भी गलत काम नहीं करने दूंगा। मैं आपको गारंटी देता हूं कि यह सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीतिक अवसरवाद पर क्‍या बोले?

    मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक अवसरवादिता पर भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक अवसरवादिता तब से बदल गई है, जब आपने शुरुआत की थी? या यह हमेशा से ऐसा ही रहा है? सीएम फडणवीस ने कहा, “यह हमेशा से ऐसा ही था। इसे इस तरह के चक्र के रूप में देखें। जैसे 1978 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव हुआ था। उस वक्त शरद पवार ने ठीक इसी तरह सरकार बनाई, फिर अगर आप 1992 को देखें, तो शरद पवार की सरकार के पास बहुमत नहीं था और उन्होंने शिवसेना को तोड़कर सरकार बनाई।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीति में गिरावट स्वीकार करना होगा

    फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया, कि “उस समय छगन भुजबल उनके साथ गए और शिवसेना को तोड़कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई। मुझे लगता है कि राजनीतिक अवसरवादिता कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से होता आया है। मुझे लगता है कि राजनीतिक मूल्य में गिरावट आई है। हमें इसे स्वीकार करना होगा और हमें इसके बारे में सोचना भी होगा।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

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    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

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    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

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    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।

  • गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने हालही में मराठी भाषा दिवस पर बड़ी धूमधाम से जिस स्टूडियो का उद्घाटन किया वह पहली बारिश मे गलने लगा है। इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए आरपीआई ने जांच की मांग की है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी स्टूडियो, जिसका उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मराठी भाषा दिवस पर बड़े धमाके के साथ किया था, भारी बारिश के दौरान टपकने लगा है। इसके कारण यहां की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

    फिल्मसिटी पर निकलेगा मोर्चा

    स्टूडियो के निर्माण और नवीनीकरण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने कार्य की जांच की मांग की है। यहां 2 जुलाई फिल्मसिटी पर मोर्चा निकालने का भी नावकर ने इशारा दिया है।

    कौन है जिम्मेदार ?

    विजय बापट, डिप्टी इंजीनियर (सिविल इंजीनियरिंग), गोरेगांव दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी में स्टूडियो नंबर 8,9,10,11 और 12 के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण के कामों को ठेकेदार कंपनी से करवाने के लिए जिम्मेदार थे। लेकिन उन्होंने अपनी पसंद की ठेकेदार कंपनी को मरम्मत का काम दे दिया और उसी से काम कराया है। इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नावकर ने कहा, कि “यह काम सरकारी मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और प्राक्कलन पत्र के प्रावधानों की भी इसमें अनदेखी की गई है।”

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    स्टूडियो में भरा पानी

    रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने मीडिया को बताया, कि इसी वजह से इस काम में गलती हुई और कुछ ही महीनों में पहली बारिश का पानी छत से रिसाव होने लग गया। आलम ऐसा है कि पूरे स्टूडियो में पानी भर गया। उन्होंने मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, मामले की गहन जांच की भी मांग की।

    नई टाइलों की जगह पूरानी लगी

    हालांकि अनुमान पत्र में स्टूडियो की छत पर नई टाइलें लगाने का प्रावधान शामिल था, लेकिन नई टाइलें लगाने के बजाय पुरानी टाइलें हटा कर वापस से उन्हीं पुरानी टाइलों को फिर से लगा दी गया। इससे साफ जाहिर होता है कि पैसों की लेनदेन के खातिर जिम्मेदार डिप्टी इंजीनियर ने अपनी जवाबदेही का गलत इस्तेमाल किया है।

  • Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    महाराष्ट्र सोमवार 16 जुन की ताज़ा खबरें एक साथ यहां अपडेट की गई हैं। जहां मौसम विभाग ने राज्य के इन जिलों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: सोलापुर में मुठभेड़ के दौरान पुणे पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को मार गिराया है। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्तौल, दो चाकू और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 23 वर्षीय शाहरुख उर्फ अत्ती रहीम एक आपराधिक गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ हत्या और जबरन वसूली के समेत 15 गंभीर आपराध दर्ज थे। पुणे पुलिस अपराध के अतिरिक्त आयुक्त पंकज देशमुख ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि शाहरुख सोलापुर जिले के लाम्बोटी गांव में रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। अपराध शाखा की एक टीम जब रविवार सुबह मौके पर पहुंची तो शाहरुख ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने दो राउंड फायरिंग के बाद तीसरी फायरिंग की तैयारी कर रहा था। तभी पुलिस की जवाबी फायरिंग में शाहरुख गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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    कांग्रेस सांसद ने BMC के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की

    कांग्रेस सांसद और मुंबई कांग्रेस की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने महायुति सरकार के 2025 तक के कार्यकाल के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है। गायकवाड़ ने कहा कि बीएमसी भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है। चाहे वह सड़क मरम्मत हो, नाले की सफाई हो, स्वास्थ्य सेवाएं हो या शिक्षा। पिछले तीन वर्षों से स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हुए हैं और बीएमसी एक प्रशासक के अधीन है।

    उन्होंने कहा कि हम 2025 तक बीएमसी के कामकाज पर श्वेत पत्र की मांग करते हैं। राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय और महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा केवल 2022 तक की जांच शुरू की है। उन्होंने कहा, मैंने हाल ही में देवनार डंपिंग ग्राउंड और भाभा अस्पताल का दौरा किया और पाया कि वहां बुनियादी सुविधाओं और अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया, कि बीएमसी के फंड का इस्तेमाल पार्टी फंड की तरह किया जा रहा है। इसे दलालों और ठेकेदारों को दिया जा रहा है। निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों पर गायकवाड़ ने कहा कि पार्टी नियमित रूप से कांग्रेस पार्टी नागरिकों से संबंधित मुद्दे उठाती रही है। लेकिन चुनाव को लेकर गठबंधन पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।

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    ठाणे के गोदाम में आग लगने से एक की मौत

    ठाणे जिले के भिवंडी स्थित एक गोदाम परिसर में भीषण आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम 4.50 बजे लगी आग में आठ गोदाम क्षतिग्रस्त हो गए है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। भिवंडी निजामपुर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव ने बताया कि आग भिवंडी के दापोडी गांव में प्रेरणा कॉम्प्लेक्स के रासायनिक भंडारण क्षेत्र से लगी थी और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण यह तेजी से फैल गई। मौके पर दूर से ही धुएं का घना गुबार देखा जा सकता था। जाधव ने बताया कि अग्निशमन दल ने रात में एक गोदाम से एक व्यक्ति का जला हुआ शव बरामद किया है। मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और स्थानीय पुलिस यातायात को डायवर्ट करने में मदद कर रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

    अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बम धमाके से उड़ाने की धमकी भरे फोन कॉल मिली है। लेकिन तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात करीब 8 बजे अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर वाणिज्य दूतावास परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी दी थी। इस कॉल के बाद पुलिस को तुरंत सतर्क किया गया और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। हालांकि, पूरी तलाशी के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब कॉल करने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है।

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    मुंबई-रायगढ़ समेत महाराष्ट्र के इन जिलों में जमकर हुई बारिश, आकाशीय बिजली ने बरपाया कहर, 8 की मौत

    मौसम विभाग ने सोमवार को दिनभर भारी बारिश की पूर्वानुमान लगाते हुए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे, मुंबई के अलावा विदर्भ के कई जिलों में आज जमकर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट, रत्नागिरी, पुणे घाट खंड, सतारा घाट खंड, कोल्हापुर घाट खंड, सिंधुदुर्ग में ऑरेंज अलर्ट और मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक घाट खंड, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक विदर्भ के बुलढाणा, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। मौसम विभाग ने रत्नागिरि और रायगढ़ जैसे तटीय जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग तथा पुणे, सातारा और कोल्हापुर के घाट के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में 8 लोगों की जान चली गई है और 10 लोग घायल हुए हैं। मुंबई, सिंधुदुर्ग, धुले, नासिक, संभाजीनगर, नंदुरबार और अमरावती में मौत की घटनाएं हुईं, जिनमें से अधिकतर मौत आसमानी बिजली गिरने के कारण हुईं।

  • योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    नई दिल्ली मे अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से “योग महाकुंभ” कार्यक्रम का आयोजन कर ‘योग’ को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास किया गया।

    नई दिल्ली: 15 जून 2025 को आयोजित “योग महाकुंभ” कार्यक्रम ने योग साधकों शिक्षकों एवं समाजसेवियों का विशाल संगम प्रस्तुत किया। यह ऐतिहासिक आयोजन अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ (ABYOGASMS Foundation) के तत्वावधान में लाजपत भवन ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. अभिषेक वर्मा और उनकी सुपुत्री निकोल वर्मा आई। जो एक सनातनी राजनीतिज्ञ और उद्योगपति के रूप में विख्यात हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर अभिषेक वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि ‘योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं है, यह हमारी सनातन संस्कृति का मूल है।’

    उन्होंने वेद पुराणों से जानकारी देते हुए कहा, “भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं, “योगः कर्मसु कौशलम्”, यानि कर्म में कुशलता ही योग है। वेदों में योग को आत्मा की शुद्धि और चित्त की स्थिरता का माध्यम बताया गया है।”

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    योग का हमारे जीवन में महत्व को लेकर उन्होंने और भी जानकारियां दी, जिसमें उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया तनाव और भौतिकता से जूझ रही है, तब योग ही वह साधन है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। स्वस्थ भारत, संस्कारवान समाज, और आत्मनिर्भर राष्ट्र की कल्पना बिना योग के अधूरी है।”

    देश की राजनीति पर बोलते हुए डॉ. अभिषेक वर्मा ने यह भी बताया, कि “शिवसेना (NDA) और हमारे पथप्रदर्शक बाला साहेब ठाकरे जी हमेशा इस विचार के पक्षधर रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण आत्मनियंत्रण और संयम से ही संभव है, और योग उसका आधार है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित किया, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसका प्रमाण है। शिवसेना के पोर्टफोलियो में आयुष मंत्रालय, फिट इंडिया मूवमेंट, और डिजिटल योग अभियान, योग को हर घर तक पहुँचा रहे हैं। आइए, संकल्प लें: योग अपनाएँ, जीवन सजाएँ, और भारत को फिर से विश्वगुरु बनाएँ।” उन्होंने अपने वक्तव्यों की समाप्ति पर “जय सनातन”, “जय हिंद” की घोषणा भी की।

    कार्यक्रम के मौके पर विशिष्ट अतिथियों में राजर्षि वेदमूर्ति आचार्य पवन दत्त मिश्रा महाराज, स्वामी अमित देव, डॉ. ईश्वर तथा योग गुरु मंगेश त्रिवेदी शामिल रहे। योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जो ABYOGASMS के संस्थापक हैं, उन्होंने कहा, यह आयोजन योग को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास है।

    कार्यक्रम में विभिन्न योग संगठनों, विद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे एक महाकुंभ की भांति मनाया गया।

  • ‘माथे का तिलक पोंछने से मना करने पर…’ मुंबई में मराठी माणूस के खिलाफ अन्याय

    ‘माथे का तिलक पोंछने से मना करने पर…’ मुंबई में मराठी माणूस के खिलाफ अन्याय

    भांडुप के एक मॉल में काम करने वाले मराठी कर्मचारी से उसके माथे पर लगे तिलक को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने खूब हंगामा किया। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी में मराठी भाषी लोगों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। आरोप है कि भांडुप के क्रोमा मॉल में एक मराठी कर्मचारी का तबादला इसलिए कर दिया गया क्योंकि उसने अपने माथे पर लगे तिलक पोंछने से मना कर दिया। आरोप है कि इसी वजह से उसका तबादला कर दिया गया। इसके बाद मनसे ने शोरूम में जाकर हंगामा किया। क्या है यह घटना? आइए विस्तार से जानते हैं। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    आस्था से छेड़छाड़

    भांडुप में क्रोमा स्टोर पर मनसे विद्यार्थी सेना ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस क्रोमा स्टोर पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने अपने माथे पर तिलक लगाया था और स्टोर मैनेजर ने उसे इसे मिटाने के लिए कहा। लेकिन मराठी कर्मचारी ने माथे का तिलक इसलिए हटाने से मना कर दिया क्योंकि उसकी आस्था उससे जुड़ी हुई थी। कर्मचारी का तबादला दूसरे स्टोर में कर दिया गया। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    मनसे ने किया हंगामा

    इसके बाद कर्मचारी ने मनसे कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। मनसे छात्र सेना के कार्यकर्ता क्रोमा स्टोर में घुस गए। उन्होंने वहां हंगामा किया। उन्होंने कर्मचारी को चेतावनी दी कि वह उसे काम पर वापस रख लें, नहीं तो मनसे स्टाइल में उसकी पिटाई की जाएगी। इसके बाद काम पर लौटने का आश्वासन मिलने पर मनसे कार्यकर्ता क्रोमा स्टोर से चले गए। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

  • बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    शुक्रवार को बच्चू कडू के आमरण अनशन आंदोलन से जुड़ा एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी लिया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में हडकंप मच गया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

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    पार्टी कार्यकर्ता की अस्पताल में खींची गई तस्वीर

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं विधायक बच्चू कडू पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। विधायक बच्चू कडू ने किसानों, दिव्यांगों, विधवाओं और समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए 8 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। लेकिन अबतक सरकार की चुप्पी आंदोलन को खतरनाक मोड़ पर ले आई है। शुक्रवार को अमरावती के आंदोलन स्थल पर एक वरिष्ठ युवा कार्यकर्ता ने कथित तौर पर ज़हर पी कर अपनी जान देने की कोशिश की। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता

    शुक्रवार को आंदोलन से जुड़े एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 35 वर्षीय अजय भागवतराव चौधरी प्रहार जनशक्ति पार्टी के वरूड तालुका प्रमुख हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंदोलन की अनदेखी से नाराज होकर ज़हर का सेवन कर लिया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इसे महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू ने इलाज कराने से किया इंकार

    शुक्रवार को आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और बच्चू कडू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह उन्हें उल्टियां हुईं, कमजोरी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज और सलाईन लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय से अन्न न लेने के कारण किडनी और अन्य अंगों पर असर पड़ रहा है। बच्चू कडू ने साफ कर दिया, कि “जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तब तक मैं न दवा लूंगा, न इलाज करूंगा।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू की मुख्य मांगे

    • किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी
    • दिव्यांग और विधवा महिलाओं को ₹6,000 मासिक सहायता
    • भूमिहीन, मजदूर और वृद्ध नागरिकों को सरकारी मानधन
    • कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
    • दूध उत्पादकों को स्थायी दरें
    • बेरोज़गार युवाओं को विशेष आर्थिक योजनाएं
    • वंचित वर्गों के लिए छात्रवृत्ति, बीमा और आवास योजनाएं

    मिल रहा है भारी समर्थन

    इस आंदोलन को राज्यभर से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और सांसद महादेव जानकर ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन दिया है। राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने 14 जून तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकारी बैठकें तो हुईं, लेकिन परिणाम शून्य

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री पंकजा मुंडे, भरत गोगावले और जयकुमार गोरे ने आंदोलनकारियों से ऑनलाइन बैठक की, लेकिन किसी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। आंदोलनस्थल पर स्वास्थ्य जांच की टीम तैनात है, लेकिन बच्चू कडू ने किसी भी तरह के उपचार से साफ इनकार कर दिया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकार के लिए चेतावनी

    बच्चू कडू की यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज बन चुकी है। जब एक कार्यकर्ता ज़हर पीता है और नेता अन्न से हाथ खींच लेता है तो यह सरकार के लिए चेतावनी है, कि “अब ‘मौन’ नहीं, उत्तरदायित्व की घड़ी है।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    Mumbai: अब गड्ढों की शिकायत नए एप्लीकेशन से करें, जाने पूरा प्रोसेस ..

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई शहर में गड्ढों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘पोथोल क्विकफिक्स’ नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    मुंबई: शहर की सड़कों पर गड्ढों की शिकायतों और उनके त्वरित समाधान को कारगर बनाने के प्रयास में, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक और मोबाइल एप्लिकेशन, पोथोल क्विकफिक्स के नाम से लॉन्च किया है। यह एप्लिकेशन जून के पहले सप्ताह में लॉन्च किया गया था और अब यह मुंबई के सभी नागरिकों के लिए प्ले स्टोर से डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। आप इसे यहां से एक क्लिक कर Download भी कर सकते हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कारगर बनाने के प्रयास

    बीएमसी आम तौर पर सोशल मीडिया और स्थानीय वार्ड कार्यालय के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से नागरिकों द्वारा दर्ज की गई गड्ढों की शिकायतों की निगरानी और निपटारा करता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों की शिकायतों पर निपटारे को कारगर बनाने के प्रयास में लगातार नए डिजिटल पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करता आ रहा हैं। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    इसके पहले भी कई एप्लिकेशन किए लॉन्च

    2019 में, बीएमसी ने ‘माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट’ नामक एक डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उपयोग बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन द्वारा 2024 के मानसून सीजन के दौरान गड्ढों के बारे में शिकायत दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए भी किया गया था। 2014 में सड़कों की निगरानी के लिए ‘एमसीजीएम 24X7’ मोबाइल एप्लिकेशन शुरू की गई थी और 2011 में गड्ढों की शिकायतों पर नागरिकों से जुड़ने के लिए ‘वॉयस ऑफ सिटिजन’ डिजिटल पोर्टल शुरू किया था। Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    फीडबैक पर बनी योजना

    मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी जानकारी देते हुए बताया, कि “पुराने मोबाइल एप्लिकेशन या डिजिटल पोर्टल कुछ समय बाद उतने कारगर साबित नही होते हैं, क्यों कि त्वरित रिस्पांस के लिए वर्तमान मुद्दों को ध्यान में रखकर एप्लिकेशन या पोर्टल का निर्माण किया जाता है। इसलिए उन्हें संबंधित मानसून के दौरान इस्तेमाल करने के बाद हटा दिया जाता है। हमने नागरिकों से उपयोगकर्ता के अनुकूल सुविधाओं के बारे में लगातार ऑनलाइन फीडबैक भी लिया गया है और इन्हें योजनाओं में शामिल किया गया है।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    एप्लिकेशन की खासियत

    अधिकारी ने कहा, कि “पोथोल क्विकफिक्स एप्लिकेशन पर शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को केवल तीन से चार क्लिक की आवश्यकता होगी। पहले के एप्लिकेशन में, नागरिकों को अपनी शिकायतों के साथ अपलोड की गई तस्वीरों के लिए स्थान जोड़ना पड़ता था। इसके विपरीत, इस मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से, फोटो स्वचालित रूप से अक्षांश और देशांतर के साथ जियो-टैग हो जाएंगे, जिसमें ऐप में लॉग इन करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन का स्थान भी शामिल होगा।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    कैसे होगी शिकायतों पर निगरानी?

    शिकायतों को प्रत्येक चुनावी वार्ड में नियुक्त 227 माध्यमिक इंजीनियरों द्वारा ट्रैक किया जाएगा और चौबीसों घंटे उन पर नज़र रखी जाएगी। ऐप शिकायतों को बंद करने के लिए पूर्व निर्धारित समयसीमा के साथ खुले कार्यों का वर्कफ़्लो भी प्रदान करता है। नागरिक अपनी शिकायतों की स्थिति को ‘खुला’, ‘प्रगति में’ या ‘समाधान’ के रूप में ट्रैक कर सकेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा, कि “कोई शिकायतकर्ता अगर जमीनी स्तर पर समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, तो इस एप्लीकेशन में  24 घंटे के भीतर शिकायत को फिर से खोल सकते हैं।” Mumbai: Now complain about potholes through a new application, know the entire process.

    पहले लॉन्च किए गए मोबाइल एप्लिकेशन

    • 2019 में माई बीएमसी पोथोल फिक्सिट
    • 2014 में एमसीजीएम 24X7
    • 2011 में नागरिकों की आवाज़
  • ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    महाराष्ट्र की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? ऐसी राजनैतिक गलियारों में गरमागरम खुसफुसाहट होने लगी है। हालही में पुरानी शिवसेना को अखंड शिवसेना के निर्माण के लिए सभी प्रमुख नेताओं को हाथ मिलाने का आग्रह पूर्व गृहमंत्री और बालासाहेब ठाकरे के खासमखास नेता ने पेशकश की है। ‘Akhand Shiv Sena’: Balasaheb’s close aide urges Uddhav, Raj, Eknath to join hands and form alliance.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक दल शिवसेना को एकबार फिर समेटते हुए अखंड शिवसेना बनाने की खुसफुसाहट राजनैतिक हलचल बना हुआ है। यहां राज्य के पूर्व गृहमंत्री जिन्होंने उद्धव बालासाहेब ठाकरे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे को एक होकर हाथ मिलाने और गठबंधन करने का आग्रह किया है। यह वही नेता हैं, जो कभी स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के खासमखास हुआ करते थे। इन्होंने शिवसेना के एक प्रमुख मोर्चे की स्थापना की जो आज भी राज्य के भुमिपुत्रों के लिए काम करता है।

    क्या है उनकी पहचान?

    यह वही नेता हैं जो स्वर्गीय बालासाहेब से प्रेरित होकर वे शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में स्थानीय लोकाधिकार समिति की स्थापना की, जो शिवसेना का एक मोर्चा है जो भूमिपुत्रों के लिए काम करता है। राज्य के मराठी माणूस का इस समिति को इतना प्रतिसाद मिला कि देखते ही देखते लाखों की संख्या में इससे लोग जुड़ने लगे। इसी स्थानीय लोकाधिकार के कारण मराठी माणूस को बँक मे नौकरी मिलना आसान हो गया। इसी समिति के माध्यम से शिवसेना को बढावा मिला और अच्छे कार्यकर्ता भी प्राप्त हुए, इनमे अरविंद सावंत और भाई पोतनीड जैसे कई नेता उभरकर सामने आये।

    अखंड शिवसेना का निर्माण

    इसी कारण स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने 1996-97 में पहली बार युती की सरकार बनाई और उन्हें गृहराज्यमंत्री के पद से नवाजा। आज उन्होंने एकबार फिर पुरानी शिवसेना के दिग्गज नेताओं को साथ लाने और हाथ मिलाकर ‘अखंड शिवसेना’ के निर्माण के लिए तीनों नेताओं को गठबंधन में आने का आग्रह किया है।

    चुनाव की तैयारी

    राज्य में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य में सत्ता पक्ष भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन में होने के बावजूद कहीं साथ तो कहीं अलग होकर चुनाव लड़ने की अटकलें लग रहे हैं। वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता पर हमेशा से काबिज़ रहनेवाली उद्धव की शिवसेना गुटबाजी के कारण कमजोर दिखाई पड़ने लगी है। राज ठाकरे भी कभी शिवसेना का बड़ा चेहरा हुआ करते थे। लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना‘ का निर्माण किया और शिवसेना के कई दिग्गज नेताओं को अपने ले गये। बाद में उन्होंने एक मजबूत नेतृत्व कायम किया। लेकिन समय के चलते आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी कमजोर साबित हो रही है। ऐसे में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के करीबी नेता का इन तीनों दिग्गज नेताओं को गठबंधन के लिए एकत्रित करना, ‘अखंड शिवसेना’ के उदय की संभावना प्रबल कर रहा है ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों द्वारा विश्वास जताया जा रहा है।