Category: BMC Updates

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव नामकरण से जुड़े होने पर कांग्रेस नेता अशरफ आज़मी ने भाजपा-शिंदे महायुति पर निशाना साधा। प्रदूषण, ट्रैफिक, पानी, गड्ढे और स्वास्थ्य जैसे मुंबई के बड़े मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा और शिंदे गुट की महायुति सत्ता में है, लेकिन मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। यह आरोप मनपा में कांग्रेस के गटनेता अश्रफ आज़मी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि पहली ही बैठक से साफ हो गया कि महायुति का फोकस विकास कार्यों से ज्यादा नामकरण पर है।

    पहली BMC बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव सिर्फ नामकरण के

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की पहली सभा में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य जगहों के नाम बदलने से जुड़े थे।
    उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पानी संकट और गड्ढों से जूझ रहा है, तब नाम बदलना क्या सबसे बड़ी प्राथमिकता है?

    प्रदूषण बना बड़ा संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल

    कांग्रेस नेता के मुताबिक इस समय मुंबई का सबसे बड़ा मुद्दा एयर पॉल्यूशन है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
    खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग नागरिक श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा और ठोस एक्शन प्लान की जरूरत है।

    ट्रैफिक जाम, फुटपाथ अतिक्रमण और अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट

    मुंबई की सड़कों पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
    फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट कई सालों से जारी हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
    साथ ही, सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। निर्माण कार्य, मेट्रो वर्क और खराब सड़कों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है।

    पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी गंभीर

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई में पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की परेशानियां और शिक्षा से जुड़े सवाल भी अहम हैं।
    लेकिन महायुति सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।

    कांग्रेस करेगी जवाबतलबी

    उन्होंने कहा कि पहली ही कार्यवाही से यह दिखना चाहिए था कि सत्ता पक्ष मुंबईकरों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है।
    “मुंबईकरों को असली विकास चाहिए, सिर्फ नाम बदलना नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी BMC में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और महायुति से जवाब मांगेगी।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अशरफ आज़मी ने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि BMC की पहली बैठक में विकास कार्यों के बजाय नामकरण प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।

    Q2: कितने प्रस्ताव नाम बदलने से जुड़े थे?
    कुल 27 प्रस्तावों में से 20 प्रस्ताव नामकरण से संबंधित थे।

    Q3: मुंबई के प्रमुख मुद्दे कौन से बताए गए?
    प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पीने का पानी, गड्ढे, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और शिक्षा।

    Q4: कांग्रेस की क्या रणनीति है?
    कांग्रेस ने कहा है कि वह BMC में इन मुद्दों पर महायुति से जवाब मांगेगी और मुंबईकरों के हक के लिए आवाज उठाएगी।

  • मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित विजय साळसकर उद्यान का नवीनीकरण पूरा, शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के प्रयास से आम जनता के लिए खोला गया। बच्चों के लिए रॉक क्लाइंबिंग, वॉकिंग ट्रैक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था।

    मुंबई: मालाड पूर्व के दिंडोशी क्षेत्र में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय साळसकर उद्यान को अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। दिंडोशी से शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इस उद्यान का नवीनीकरण कर इसे लोकाग्रह के चलते जनता को समर्पित किया।

    📍 दिंडोशी वॉर्ड 36 में था जर्जर हाल

    दिंडोशी विभाग के वॉर्ड क्रमांक 36, मालाड ईस्ट स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स इलाके के नागरिक लंबे समय से इस उद्यान की खराब स्थिति से परेशान थे। मॉर्निंग वॉक के लिए समुचित जगह नहीं थी और बच्चों के खेलने की भी कोई खास व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    🏗️ विधायक सुनील प्रभू का लगातार फॉलोअप

    स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए विधायक सुनील प्रभू ने BMC के समक्ष लगातार पाठपुरावा किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के बजट में इस उद्यान के नवीनीकरण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
    इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

    🌳 4600 वर्गमीटर में तैयार हुआ आधुनिक गार्डन

    करीब 4600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस मैदान को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उद्यान को बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

    🛝 बच्चों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं

    • रॉक क्लाइंबिंग गेम
    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • सुरक्षित और आकर्षक खेल क्षेत्र

    🚶 मॉर्निंग वॉक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्था

    • सुगम वॉकिंग ट्रैक (पथ वे)
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था
    • व्यूइंग गैलरी
    • हरे-भरे घास का मैदान
    • आकर्षक रंगरोगन से सजी उद्यान की दीवारें

    इन सुविधाओं से अब यह गार्डन स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक और फिटनेस स्पॉट बन गया है।

    👥 उद्घाटन के दौरान मौजूद रहे कई गणमान्य

    उद्यान के उद्घाटन अवसर पर पूर्व नगरसेवक प्रमुख सुधीर गुजर, शिवसेना की पूर्व नगरसेविका रीना सुर्वे, उपविधान संघटिका रुचिता आरोस्कर, उपशाखा प्रमुख अल्पेश चव्हाण, उपविभाग समन्वयक कृष्णकांत सुर्वे सहित रहेजा परिसर के अनेक नागरिक उपस्थित थे।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए विधायक सुनील प्रभू का आभार व्यक्त किया।

    🌆 मालाड ईस्ट के लिए क्यों अहम है यह उद्यान?

    तेजी से विकसित हो रहे मालाड ईस्ट और दिंडोशी इलाके में ओपन स्पेस की कमी एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में विजय साळसकर उद्यान का पुनर्विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।
    यह उद्यान अब फिटनेस, बच्चों के मनोरंजन और सामुदायिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: विजय साळसकर उद्यान कहाँ स्थित है?

    मालाड पूर्व के दिंडोशी वॉर्ड 36 में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास।

    Q2: उद्यान का नवीनीकरण कब शुरू हुआ?

    29 अप्रैल 2025 को काम शुरू हुआ।

    Q3: उद्यान में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

    रॉक क्लाइंबिंग, व्यायाम उपकरण, वॉकिंग ट्रैक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्यूइंग गैलरी और हरा-भरा लॉन।

    Q4: इस परियोजना के पीछे किसका प्रयास रहा?

    शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार फॉलोअप से यह काम संभव हुआ।

    Q5: कुल क्षेत्रफल कितना है?

    करीब 4600 वर्गमीटर।

  • मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई में BMC का बड़ा क्लाइमेट एक्शन प्लान – 2050 तक सभी म्युनिसिपल बिल्डिंग होंगी Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon. Nair Hospital और R/Central Ward Office में पायलट प्रोजेक्ट शुरू, जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की इमारतों में बिजली खपत को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ‘Net Zero Action Plan for Municipal Buildings of Mumbai and Panvel’ स्टडी के मुताबिक, मुंबई के म्युनिसिपल स्कूल, ऑफिस, अस्पताल और ऑडिटोरियम मिलकर BMC की कुल बिजली खपत का 14.7 प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। वहीं C40 की आकलन रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाली इमारतें कुल नगरपालिका बिजली खपत का 19 प्रतिशत उपयोग करती हैं।

    🔎 मुंबई क्लाइमेट वीक में हुआ ऐलान

    यह एक्शन प्लान राज्य सरकार ने Mumbai Climate Week के दौरान घोषित किया। इस योजना का मकसद 2050 तक सभी मौजूदा नगर निगम भवनों को Net-Zero Energy और नए भवनों को Net-Zero Carbon में बदलना है।

    इस रिपोर्ट को ग्लोबल क्लाइमेट नेटवर्क C40 ने तैयार किया है।

    ⚡ सबसे ज्यादा बिजली खाते हैं BMC अस्पताल

    रिपोर्ट के मुताबिक BMC की बिजली खपत का बंटवारा इस तरह है:

    • 🏥 म्युनिसिपल अस्पताल – 9.8%
    • 🏢 म्युनिसिपल ऑफिस – 3.8%
    • 🏫 म्युनिसिपल स्कूल – 1.2%
    • 🎭 ऑडिटोरियम – 1%

    यानी अस्पताल और ऑफिस सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहे हैं, इसलिए पहले इन्हीं पर फोकस किया जाएगा।

    🏫 किन-किन इमारतों का हुआ एनर्जी ऑडिट?

    स्टडी के तहत कई प्रमुख भवनों में एनर्जी ऑडिट वॉकथ्रू किया गया:

    स्कूल

    • LK Waghji Mumbai Public School
    • Chhatrapati Shivaji Maharaj Nag. School No.1
    • Sodawala Municipal School

    अस्पताल

    • KEM Hospital
    • Nair Hospital

    वार्ड ऑफिस

    • R/Central Ward Office
    • H/West Ward Office

    ऑडिटोरियम

    • Kalidas Natyagriha
    • Prabodhankar Natyagriha

    🏗️ नए BMC भवनों के लिए 5 बड़ा फॉर्मूला

    नई म्युनिसिपल बिल्डिंग को Net-Zero Carbon बनाने के लिए रिपोर्ट में पांच अहम सुझाव दिए गए हैं:

    1. Passive Design (प्राकृतिक रोशनी और हवा का इस्तेमाल)
    2. Active Energy Efficient सिस्टम
    3. Low-Carbon Construction Material
    4. Renewable Energy Integration (Rooftop Solar)
    5. Clean Energy Procurement

    💡 पुराने भवनों में कम खर्च वाले उपाय

    BMC के बजट दबाव को देखते हुए रिपोर्ट ने लो-कॉस्ट एनर्जी सेविंग उपाय सुझाए हैं:

    • पारंपरिक लाइट की जगह LED
    • सामान्य पंखों की जगह BLDC Fans (30-40% कम बिजली खपत)
    • पुराने AC की जगह Energy Efficient AC
    • Green Cess Revenue का इस्तेमाल

    🔄 फेज़ वाइज पंखों की बदली

    • पहले चरण में 6–10 साल पुराने पंखे बदले जाएंगे
    • दूसरे चरण में 5 साल से कम पुराने पंखे

    💰 क्लाइमेट बजट में सोलर के लिए सिर्फ 0.1%

    रिपोर्ट बताती है कि BMC के कुल कैपिटल बजट का 32.18% हिस्सा क्लाइमेट संबंधित गतिविधियों में जाता है।
    लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 0.1% (करीब 32.5 करोड़ रुपये) ही Rooftop Solar और LED रेट्रोफिट के लिए रखा गया है।

    🎯 2030 और 2040 के टारगेट

    2050 के अंतिम लक्ष्य से पहले चरणबद्ध योजना बनाई गई है:

    • 2030 तक: बेसलाइन ऑडिट और लो-कॉस्ट उपाय पूरे करना
    • 2040 तक: 50% भवनों को Rooftop Solar और एनर्जी एफिशिएंसी से Net-Zero की ओर लाना
    • 2050 तक: सभी पुराने भवन Net-Zero Energy, नए भवन Net-Zero Carbon

    🏥 Nair Hospital और BMC R/Central Ward में पायलट प्रोजेक्ट

    ऊर्जा खपत ज्यादा होने के कारण पायलट प्रोजेक्ट इन दो जगहों पर शुरू होगा:

    • Nair Hospital
    • R/Central Ward BMC Office

    प्रस्तावित बदलाव:

    • AC का तापमान नियंत्रण
    • पुराने पंखों की बदली
    • AC अपग्रेड
    • Rooftop Solar Installation

    ⏳ Payback Period

    • Nair Hospital: 2.5 से 5 साल
    • R/Central Ward Office: 6 से 10 साल

    📊 क्यों अहम है यह योजना?

    मुंबई जैसे महानगर में बढ़ते बिजली बिल, कार्बन उत्सर्जन और क्लाइमेट चेंज के खतरे को देखते हुए यह योजना शहर को ग्रीन और सस्टेनेबल बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    अगर यह मॉडल सफल रहा तो इसे BMC की सभी इमारतों में लागू किया जाएगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: BMC की कितनी बिजली खपत म्युनिसिपल भवनों में होती है?

    करीब 14.7% बिजली खपत स्कूल, अस्पताल, ऑफिस और ऑडिटोरियम में होती है।

    Q2: सबसे ज्यादा बिजली कौन-सा विभाग खर्च करता है?

    म्युनिसिपल अस्पताल 9.8% बिजली खर्च करते हैं।

    Q3: Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon में क्या फर्क है?

    Net-Zero Energy में जितनी ऊर्जा खपत होती है, उतनी ही रिन्यूएबल ऊर्जा से बनाई जाती है।
    Net-Zero Carbon में निर्माण से लेकर संचालन तक कार्बन उत्सर्जन शून्य के करीब लाया जाता है।

    Q4: पायलट प्रोजेक्ट कहाँ शुरू होगा?

    Nair Hospital और R/Central Ward Office में।

    Q5: क्या इससे बिजली बिल कम होगा?

    हाँ, LED, BLDC Fan और Solar Rooftop से बिजली बिल में भारी कमी संभव है।

  • Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    मुंबई में Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट Versova-Dahisar Link Road से टकराव के कारण रुका। BMC नई साइट फाइनल कर रही है, पर्यावरण मंजूरी में लगेंगे 7-8 महीने।

    मुंबई: मुंबई में बाढ़ नियंत्रण के लिए बेहद अहम माने जा रहे Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) को इस प्रोजेक्ट की साइट बदलनी पड़ रही है, क्योंकि प्रस्तावित जमीन का हिस्सा Versova-Dahisar Link Road (VDLR) के एलाइनमेंट से टकरा गया है। अब नई जगह फाइनल की जा रही है और ताजा पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    Mogra-Pumping-Station-Project-stalled-BMC-looking-for-new-site-after-conflict-with-VDLR-news

    BRIMSTOWAD योजना के तहत था अहम प्रोजेक्ट

    Mogra और Mahul Pumping Station , जुलाई 2005 की भीषण बारिश के बाद बनाई गई BRIMSTOWAD (Brihanmumbai Stormwater Disposal System) योजना के तहत प्रस्तावित आठ पंपिंग स्टेशनों में शामिल हैं।

    Mogra Nullah पर बनने वाला यह स्टेशन वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे इलाकों में हर साल होने वाले जलभराव को कम करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

    393 करोड़ मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं

    साल 2021 में इस प्रोजेक्ट के लिए 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे और 24 महीने की कॉन्ट्रैक्ट अवधि तय की गई थी, जिसमें मानसून भी शामिल था। लेकिन जमीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चनों के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

    हाईकोर्ट केस और 33 करोड़ की जमा राशि

    जमीन अधिग्रहण के दौरान एक निजी मालिक ने मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। दिसंबर 2024 में कोर्ट ने 33 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर काम शुरू करने की अनुमति दी।

    BMC ने मार्च 2025 में राशि जमा कर प्रारंभिक काम शुरू किया, लेकिन बाद में पता चला कि साइट का हिस्सा VDLR (मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ फेज 2) से ओवरलैप हो रहा है।

    अब फिर से लेनी होगी पर्यावरण मंजूरी

    नई साइट तय होने के बाद BMC को Coastal Zone Management Authority के साथ राज्य और केंद्र सरकार से ताजा पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    पहले वाली साइट को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन लोकेशन बदलने के कारण प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। इससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और पीछे खिसक गई है।

    हाई टाइड के समय पंपिंग स्टेशन की अहम भूमिका

    मुंबई में हाई टाइड के दौरान फ्लडगेट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि समुद्र का पानी शहर में न घुसे। ऐसे समय में पंपिंग स्टेशन नालों का पानी समुद्र में पंप करके शहर को डूबने से बचाते हैं।

    Bmc_stormwater_drainage
    प्रतिक्रियात्मक फ़ाइल तस्वीर

    अब तक इरला (जुहू), हाजी अली, क्लीवलैंड, लवग्रोव (वर्ली), रे रोड-ब्रिटानिया और गजधरबांध (खार दांडा) जैसे पंपिंग स्टेशन चालू हैं। Mogra स्टेशन शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।

    क्या फिर मानसून में डूबेगा वेस्टर्न सबर्ब?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल भारी बारिश में वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी में पानी भर जाता है। अगर Mogra Pumping Station में और देरी हुई तो आने वाले मानसून में भी लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है।


    FAQ Section

    Q1. Mogra Pumping Station क्यों रुका है?

    प्रस्तावित साइट Versova-Dahisar Link Road के एलाइनमेंट से टकरा गई है, इसलिए नई जगह तलाश की जा रही है।

    Q2. प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?

    करीब 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    Q3. पर्यावरण मंजूरी में कितना समय लगेगा?

    अधिकारियों के अनुसार 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    Q4. यह प्रोजेक्ट किन इलाकों के लिए अहम है?

    वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे पश्चिमी उपनगरों के लिए।

  • BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    मुंबई BMC में 212 में से 163 कार्यकारी अभियंता पद रिक्त, उपमहापौर संजय शंकर घाड़ी ने आयुक्त को लिखा पत्र। वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने की मांग।

    मुंबई: बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) में इंजीनियरों और कानूनी विशेषज्ञों के खाली पदों को लेकर अब प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नवनिर्वाचित उप महापौर संजय शंकर घाड़ी ने पदभार संभालते ही मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर लंबित नियुक्तियों को तुरंत पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंजीनियरिंग और विधि विभाग में भारी रिक्तियों की वजह से विकास कार्य और प्रशासनिक फैसले प्रभावित हो रहे हैं।

    212 में से 163 पद खाली, 77% रिक्तियां

    उपमहापौर घाड़ी ने अपने पत्र में साफ कहा है कि कार्यकारी अभियंता (सिविल) कैडर में कुल 212 पदों में से 163 पद खाली पड़े हैं। यानी लगभग 77% पद रिक्त हैं। यह स्थिति सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने के कारण बनी हुई है।

    मुंबई जैसे महानगर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड डेवलपमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ब्रिज निर्माण और पब्लिक वर्क्स जैसे अहम काम कार्यकारी अभियंताओं के जिम्मे होते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रहना सीधे तौर पर विकास कार्यों की रफ्तार पर असर डाल रहा है।

    उप मुख्य अभियंता तक 87% पद रहेंगे खाली

    पत्र में यह भी बताया गया है कि कार्यकारी अभियंता से उप मुख्य अभियंता तक के 21 पदों का प्रस्ताव अभी अनुमोदन प्रक्रिया में है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो 87% तक पद खाली रह सकते हैं।

    अनुभवी इंजीनियरों की सेवानिवृत्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पिछले एक वर्ष में 14 वरिष्ठ इंजीनियर रिटायर हो चुके हैं और अगले 6 महीनों में 7-8 और सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे विभागीय कामकाज और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    कानूनी मामलों में देरी बनी बड़ी वजह

    उपमहापौर ने यह भी माना है कि विधि विभाग और नगर अभियंता कार्यालय की ओर से अदालती मामलों की निगरानी में ढिलाई के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हुई है।

    उन्होंने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद साठे या अधिवक्ता रवि कदम जैसे अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाए, ताकि कोर्ट में मनपा का पक्ष मजबूती से रखा जा सके और पदोन्नति प्रक्रिया में अड़चनें दूर हों।

    तत्काल बैठक और एक्शन प्लान की मांग

    इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उपमहापौर ने संबंधित विभागों की तत्काल बैठक बुलाने और एक ठोस कार्य योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियुक्तियां नहीं की गईं तो मुंबई की चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं में बड़ी बाधा आ सकती है।

    उन्होंने भरोसा जताया है कि मनपा आयुक्त महानगर के हित में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द निर्णय लेंगे, जिससे योग्य अधिकारियों को उनका अधिकार मिल सके और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।


    FAQ Section

    Q1. BMC में कितने कार्यकारी अभियंता पद खाली हैं?

    कुल 212 पदों में से 163 पद खाली हैं, यानी लगभग 77% रिक्तियां हैं।

    Q2. पदोन्नति प्रक्रिया कब से लंबित है?

    सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रलंबित है।

    Q3. उपमहापौर ने क्या मांग की है?

    उन्होंने तत्काल नियुक्तियां पूरी करने, वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ नियुक्त करने और विभागीय बैठक बुलाने की मांग की है।

    Q4. इससे मुंबई पर क्या असर पड़ेगा?

    यदि रिक्तियां नहीं भरी गईं तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड वर्क और अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

  • Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    मुंबई के कांदिवली इलाके में BMC ने पुलिस की मदद से एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर अवैध निर्माण हटाए। महावीर नगर में भारी पुलिस तैनाती के बीच कार्रवाई, जानें पूरा अपडेट।

    मुंबई: मुंबई के पश्चिमी उपनगर कांदिवली में शुक्रवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने पुलिस की मदद से महावीर नगर इलाके में एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर कई अवैध ढांचों को हटाया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त रखा गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    📍 कहां और कैसे चला BMC का अभियान?

    यह अभियान बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड के अधिकारियों ने मिलकर चलाया। स्थानीय Mumbai Police के कांदिवली पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

    अधिकारियों के मुताबिक, महावीर नगर में फुटपाथों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से बनाए गए शेड, टीन शेड, बढ़ाए गए प्लेटफॉर्म और अनधिकृत दुकानों को हटाया गया।

    🚨 भारी पुलिस बंदोबस्त, कोई अप्रिय घटना नहीं

    अधिकारियों ने बताया कि ड्राइव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इलाके में पहले से ही लाउडस्पीकर के जरिए सूचना दी गई थी।

    “कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई, किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है,” एक अधिकारी ने कहा।

    🏗️ क्यों जरूरी है एन्क्रोचमेंट हटाना?

    मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में फुटपाथ और सड़कें पहले ही ट्रैफिक और भीड़ के दबाव में हैं।

    • अवैध दुकानें और ढांचे ट्रैफिक जाम बढ़ाते हैं
    • पैदल चलने वालों के लिए खतरा बनते हैं
    • फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के रास्ते में बाधा डालते हैं

    बीएमसी समय-समय पर ऐसे ड्राइव चलाकर सार्वजनिक जगहों को खाली कराने की कोशिश करती है।

    📊 पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कांदिवली और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में कई बार एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चल चुकी है।

    जनवरी और फरवरी में भी अवैध पान स्टॉल्स और अस्थायी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बीएमसी का कहना है कि शिकायतों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाती है।

    🗣️ स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि फुटपाथ खाली होने से पैदल चलना आसान होगा।

    हालांकि, जिन दुकानदारों के ढांचे हटाए गए, उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका दावा है कि रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा।

    ⚖️ कानूनी प्रक्रिया क्या है?

    बीएमसी नियमों के अनुसार:

    • पहले नोटिस जारी किया जाता है
    • तय समय में अवैध निर्माण हटाने को कहा जाता है
    • अनुपालन न होने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाती है

    अधिकारियों का कहना है कि इस ड्राइव में भी तय प्रक्रिया का पालन किया गया।

    🔎 आगे क्या?

    बीएमसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। खासकर उन इलाकों में जहां बार-बार शिकायतें मिल रही हैं।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली इलाके में।

    Q2: किस विभाग ने ड्राइव चलाई?
    बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड ने, पुलिस की मदद से।

    Q3: क्या कोई झड़प हुई?
    नहीं, कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई।

    Q4: क्या आगे भी ड्राइव चलेगी?
    बीएमसी के अनुसार, शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    मुंबई के Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट में देरी पर BMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया। 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य, जानिए पूरी अपडेट।

    मुंबई: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाले अहम Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट पर अब बीएमसी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने फ्लाईओवर निर्माण में देरी करने पर ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से Dadasaheb Phalke Film City तक बनाया जा रहा है।

    🔎 निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में BMC

    BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijit Bangar ने साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में फ्लाईओवर को 31 मई 2026 तक, यानी मॉनसून से पहले, ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाए।

    उन्होंने ठेकेदार को अतिरिक्त मजदूर और मशीनरी लगाने का आदेश दिया ताकि बाकी बचा काम समय पर पूरा हो सके।

    🏗️ GMLR प्रोजेक्ट का फेज 3(a) क्या है?

    GMLR प्रोजेक्ट को चार चरणों में बनाया जा रहा है।
    Phase 3(a) में शामिल हैं:

    BMC-imposes-50-lakh-fine-strict-action-against-delay-in-Goregaon-Mulund-Flyover-2
    • 1.26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर
    • रोटरी जंक्शन
    • एक्सेस रैंप

    अब तक:

    • 31 पिलर पूरे
    • 30 में से 20 स्पैन पूरे
    • करीब 75% काम पूरा

    अब डेक स्लैब कास्टिंग और एक्सेस रैंप का काम तेजी से किया जाएगा।

    🚰 अड़चन बन रहे पाइपलाइन और ट्रांसफॉर्मर

    फ्लाईओवर की लाइनिंग में कई यूटिलिटी बाधाएं सामने आई हैं। इनमें शामिल हैं:

    • पानी की पाइपलाइन
    • सीवेज लाइन
    • Adani Power के ट्रांसफॉर्मर

    BMC ने संबंधित विभागों को तुरंत इन्हें शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि काम में और देरी न हो।

    🚇 डबल टनल प्रोजेक्ट की भी तैयारी तेज

    फ्लाईओवर के साथ-साथ ट्विन टनल का काम भी तेजी से चल रहा है।
    Abhijit Bangar ने फिल्म सिटी में टनल के ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का भी निरीक्षण किया।

    • दो अत्याधुनिक Tunnel Boring Machines (TBM) तैनात होंगी
    • 10 मार्च से पहली TBM को शाफ्ट में उतारने की तैयारी

    यह टनल मुंबई के वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी।

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    🚦 मुंबई ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है GMLR?

    Goregaon-Mulund Link Road बनने के बाद:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक सीधा कनेक्शन
    • ट्रैफिक जाम में भारी कमी
    • सफर का समय कम
    • मॉनसून में सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेम चेंजर साबित होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC ने ठेकेदार पर कितना जुर्माना लगाया है?
    👉 ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    Q2. फ्लाईओवर कब तक चालू होने की उम्मीद है?
    👉 31 मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य है।

    Q3. GMLR प्रोजेक्ट का फायदा क्या होगा?
    👉 वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच सफर तेज और आसान होगा।

    Q4. टनल प्रोजेक्ट कब शुरू होगा?
    👉 पहली TBM को 10 मार्च तक लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की तैयारी है।

  • RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।

    क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?

    RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

    यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।

    मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?

    BMC क्षेत्र में इस साल:

    • महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
    • अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
    • कुल स्कूल – 323
    • कुल उपलब्ध सीटें – 5,939

    यह आंकड़ा मुंबई के पैरेंट्स के लिए बड़ा मौका है।

    आवेदन की तारीख और वेबसाइट

    RTE 25% ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:

    • शुरूआत: 17 फरवरी 2026
    • आखिरी तारीख: 10 मार्च 2026
    • ऑफिशियल वेबसाइट: https://student.maharashtra.gov.in

    माता-पिता को तय समय सीमा के अंदर फॉर्म भरना अनिवार्य है।

    किन क्लास में मिलेगा एडमिशन?

    RTE के तहत एडमिशन:

    • पहली कक्षा (Class 1)
    • पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary)

    इच्छुक पालकों को पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

    जरूरी दस्तावेज क्या-क्या लगेंगे?

    ऑनलाइन आवेदन करते समय जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही प्रवेश के समय मूल और सत्यापित कॉपी तैयार रखनी होगी।

    संभावित जरूरी दस्तावेज:

    • जन्म प्रमाण पत्र
    • निवास प्रमाण पत्र
    • आय प्रमाण पत्र
    • आधार कार्ड
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • पासपोर्ट साइज फोटो

    1 किलोमीटर के दायरे में ही दिखेंगी स्कूलें

    RTE पोर्टल पर पालकों को उनके घर से 1 किलोमीटर या उससे कम दूरी वाली स्कूलें दिखाई देंगी। इसलिए आवेदन करते समय सही पता भरना बेहद जरूरी है।

    10 स्कूलों का चयन सोच-समझकर करें

    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय:

    • अधिकतम 10 स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं
    • पहले से RTE के तहत एडमिशन ले चुके बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते
    • आवेदन प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन लॉटरी (सोडत) की तारीख घोषित की जाएगी

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. RTE 25% एडमिशन 2026 की आखिरी तारीख क्या है?

    10 मार्च 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q2. आवेदन कहां करना होगा?

    ऑफिशियल वेबसाइट https://student.maharashtra.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

    Q3. कितनी सीटें उपलब्ध हैं?

    मुंबई में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या सभी निजी स्कूल इसमें शामिल हैं?

    केवल स्वयं अर्थसहाय्यित और बिना अनुदानित (अल्पसंख्यक स्कूल छोड़कर) स्कूल शामिल हैं।

    Q5. क्या दोबारा RTE से एडमिशन मिल सकता है?

    नहीं। पहले से RTE के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।