Category: BMC Updates

  • Mumbai 15 तालाब होंगे रिवाइव, BMC लाएगा बड़ा ‘Lake Rejuvenation Plan’

    Mumbai 15 तालाब होंगे रिवाइव, BMC लाएगा बड़ा ‘Lake Rejuvenation Plan’

    Mumbai Lake Rejuvenation Project के तहत BMC 15 झीलों को पुनर्जीवित करेगा। Desilting, cleaning और beautification के साथ पर्यावरण सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। जानिए पूरी डिटेल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अब शहर के प्रदूषित और उपेक्षित तालाबों को फिर से जीवित करने की तैयारी में है। मुंबई के 15 प्रमुख तालाबों को रिवाइव करने के लिए बड़ा “Lake Rejuvenation Project” शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार से NOC भी मिल चुकी है।

    Lake Rejuvenation Plan क्या है?

    BMC के Environment and Climate Change Department के तहत इस प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा।

    👉 इसके लिए एक Environmental Advisor नियुक्त किया जाएगा
    👉 यह एक्सपर्ट पूरे प्रोजेक्ट की प्लानिंग और मॉनिटरिंग करेगा

    मुंबई के तालाबों की हालत क्यों बिगड़ी?

    मुंबई में करीब 140 झीलें (lakes) हैं, लेकिन:

    • गंदगी और कचरे का जमाव
    • प्रदूषण (pollution)
    • जलीय वनस्पतियों और जीवों की खराब स्थिति

    👉 इन कारणों से पानी की गुणवत्ता (water quality) तेजी से खराब हो गई है।

    क्या-क्या काम होंगे इस प्रोजेक्ट में?

    Lake Rejuvenation Plan के तहत:

    • Desilting (झील की गाद हटाना)
    • Cleaning (सफाई अभियान)
    • Beautification (आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण)

    👉 इन उपायों से झीलों को फिर से healthy ecosystem में बदला जाएगा।

    किसके सुझाव पर शुरू हुआ प्रोजेक्ट?

    यह पहल पीयूष गोयल (MP Piyush Goyal) के सुझाव के बाद शुरू की गई है।

    👉 उन्होंने मुंबई के neglected lakes को revive करने का सुझाव दिया था।

    पहले चरण में 15 तालाब चुने गए

    इस बड़े प्रोजेक्ट के पहले फेज में 15 झीलों को चुना गया है, जो मुख्य रूप से मलाड, मालवणी, मनोरि, मध, एरंगल और दरवली इलाकों में स्थित हैं।

    किन-किन तालाबों का होगा विकास?

    इन 15 lakes में शामिल हैं:

    • पाठारेवाड़ी तलाव (Patharewadi Lake)
    • अली तलाव (Ali Lake)
    • कमल तलाव (Kamal Lake)
    • धारिवली तलाव (Dharivali Lake)
    • भाटी तलाव (Bhati Lake)
    • हिरादेवी तलाव (Hiradevi Lake)
    • वेनिला तलाव (Venila Lake)
    • भुजाले तलाव (Bhujale Lake)
    • करजई देवी तलाव (Karjai Devi Lake)
    • खरातले तलाव (Kharatale Lake)
    • सुमलाई तलाव (Sumlai Lake)
    • गाव तलाव (Gaav Lake)
    • पोसरी तलाव (Posri Lake)
    • हरबादेवी तलाव (Harbadevi Lake)
    • शांतराम तलाव (Shantaram Lake)

    राज्य सरकार से मिल चुकी है मंजूरी

    ये सभी झीलें राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

    👉 BMC को हाल ही में NOC (No Objection Certificate) मिल चुका है
    👉 अब प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी

    मुंबई को क्या होगा फायदा?

    इस प्रोजेक्ट से:

    • पानी की गुणवत्ता सुधरेगी
    • पर्यावरण (environment) बेहतर होगा
    • लोकल biodiversity को बढ़ावा मिलेगा
    • आसपास के इलाकों की सुंदरता बढ़ेगी

    👉 साथ ही, यह Mumbai Climate Action के लिए भी बड़ा कदम माना जा रहा है।

    Related Links (Direct Source Check)


    FAQ Section

    Q1. मुंबई में कितनी झीलें हैं?
    👉 मुंबई में करीब 140 झीलें हैं, जिनमें कई प्रदूषित हो चुकी हैं।

    Q2. कितनी झीलों को पहले फेज में रिवाइव किया जाएगा?
    👉 पहले चरण में 15 झीलों को चुना गया है।

    Q3. इस प्रोजेक्ट में क्या-क्या काम होंगे?
    👉 Desilting, cleaning और beautification जैसे काम किए जाएंगे।

    Q4. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत किसके सुझाव पर हुई?
    👉 MP पीयूष गोयल के सुझाव के बाद इस पहल को शुरू किया गया।

  • Malad फ्लाईओवर में BMC को मिली ‘350 करोड़ रुपये की बचत’ नया फॉर्मूला

    Malad फ्लाईओवर में BMC को मिली ‘350 करोड़ रुपये की बचत’ नया फॉर्मूला

    Malad वेस्ट फ्लाईओवर और Marve Road widening प्रोजेक्ट में BMC ने 350 करोड़ मुआवजा बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। L&T की सबसे कम बोली के बावजूद JKumar-RPS को मिला काम। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मलाड वेस्ट फ्लाईओवर और मार्वे रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में एक ऐसा फैसला लिया है, जो नगर निगम के इतिहास में पहली बार देखने को मिला है। करोड़ों के मुआवजे से बचने के लिए प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया में अनोखा ‘राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल’ फॉर्मूला अपनाया और लगभग 350 करोड़ रुपये की बचत का दावा किया जा रहा है।

    क्या है पूरा मामला | Malad West Flyover Project

    मलाड (पश्चिम) में रयान इंटरनेशनल स्कूल से चारकोप जंक्शन और एमडीपी रोड को जोड़ने वाले नाले पर ट्रैफिक फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड और मार्वे रोड चौड़ीकरण के लिए BMC ने बड़ा टेंडर निकाला था।

    इस प्रोजेक्ट में महाकाली जंक्शन से लेकर गिरिधर पार्क मिठ चौकी तक सड़क को करीब 3.5 मीटर चौड़ा करने का भी काम शामिल है।

    L&T Lowest Bid के बावजूद क्यों नहीं मिला कॉन्ट्रैक्ट?

    टेंडर प्रक्रिया में Larsen & Toubro (L&T) ने अनुमानित लागत से करीब 25–26% कम यानी लगभग 1647 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली लगाई थी।

    लेकिन इसके बावजूद BMC ने L&T को काम नहीं दिया।

    350 करोड़ मुआवजा बचाने का ‘Unique Formula’

    दरअसल, J Kumar Infraprojects-RPS जॉइंट वेंचर ने पहले एक दूसरे प्रोजेक्ट (ईस्टर्न फ्रीवे से ग्रांट रोड) का कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने पर BMC से करीब 350 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा था।

    इसी दौरान कंपनी ने एक शर्त रखी—
    👉 अगर उन्हें इस नए प्रोजेक्ट में L1 (Lowest Bidder) यानी L&T के बराबर रेट पर काम दिया जाए, तो वे 350 करोड़ का मुआवजा छोड़ देंगे।

    कैसे मिला JKumar-RPS को काम?

    BMC ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए JKumar-RPS से पूछा कि क्या वे L&T के रेट पर काम करेंगे।

    कंपनी ने हामी भर दी।
    👉 इसके बाद प्रशासन ने L&T की जगह JKumar-RPS को ही काम सौंप दिया।

    इस फैसले से:

    • BMC को 350 करोड़ का मुआवजा नहीं देना पड़ेगा
    • प्रोजेक्ट की लागत भी L1 के बराबर ही रहेगी

    कुल प्रोजेक्ट लागत कितनी है?

    • अनुमानित लागत: 2225.95 करोड़ रुपये
    • L&T की बोली: ~1647 करोड़ रुपये
    • टैक्स और कंसल्टेंसी मिलाकर कुल कॉन्ट्रैक्ट: ~3456 करोड़ रुपये

    किन इलाकों को मिलेगा फायदा?

    इस फ्लाईओवर और रोड चौड़ीकरण से:

    • मालवनी
    • जनकल्याण नगर
    • चारकोप
    • मढ़-मार्वे
    • मलाड वेस्ट

    👉 इन सभी इलाकों के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
    👉 जाम और ट्रैफिक दबाव में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

    BMC के इतिहास में पहली बार ऐसा फैसला

    BMC के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि:

    • किसी कंपनी ने मुआवजे का दावा किया
    • और उसी कंपनी को नए प्रोजेक्ट में शामिल कर मुआवजा बचाया गया

    👉 इसे प्रशासन का “Win-Win Strategy” भी कहा जा रहा है।

    Related Info Links (Direct Source Check)


    FAQ Section

    Q1. मलाड वेस्ट फ्लाईओवर कब तक बनेगा?
    👉 फिलहाल निर्माण की समयसीमा घोषित नहीं हुई है, लेकिन प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक पर रखा गया है।

    Q2. L&T को काम क्यों नहीं मिला?
    👉 क्योंकि JKumar-RPS ने L&T के रेट पर काम करने और 350 करोड़ का मुआवजा छोड़ने की शर्त रखी।

    Q3. इस प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा फायदा किसे होगा?
    👉 मलाड, चारकोप, मालवानी और मार्वे रोड के रोजाना ट्रैफिक में बड़ी राहत मिलेगी।

    Q4. कुल प्रोजेक्ट लागत कितनी है?
    👉 कुल लागत टैक्स समेत लगभग 3456 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

  • Goregaon Flyover Extension 8 साल बाद भी अधूरा, लागत 45% बढ़कर ₹247 करोड़

    Goregaon Flyover Extension 8 साल बाद भी अधूरा, लागत 45% बढ़कर ₹247 करोड़

    Goregaon Flyover Extension Mumbai: 8 साल बाद भी अधूरा प्रोजेक्ट, लागत ₹170 करोड़ से बढ़कर ₹247 करोड़। जानिए देरी की वजह, completion update और BMC का बयान।

    मुंबई: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की देरी का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है। गोरेगांव में बन रहा Goregaon Flyover Extension Project पिछले 8 साल से अधूरा है और इसकी लागत भी अब 45% बढ़कर ₹247 करोड़ तक पहुंच गई है। फिलहाल यह प्रोजेक्ट करीब 80% पूरा हो चुका है और अधिकारियों के मुताबिक इसे अप्रैल अंत या मई 2026 के मध्य तक पूरा किया जा सकता है।

    8 साल से अधूरा फ्लायओवर प्रोजेक्ट

    Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) द्वारा बनाया जा रहा यह फ्लायओवर एक्सटेंशन 2018 में शुरू हुआ था।

    यह Mrinaltai Gore Flyover का 750 मीटर लंबा विस्तार है, जो गोरेगांव को राम मंदिर (WEH) से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है।

    शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को सिर्फ 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 8 साल बाद भी यह अधूरा है।

    लागत में 45% का भारी इजाफा

    इस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत ₹170.82 करोड़ थी, लेकिन अब यह बढ़कर ₹247 करोड़ हो गई है।

    • पहले संशोधन के बाद लागत: ₹194 करोड़
    • नया प्रस्ताव (2026): ₹247 करोड़

    यह संशोधित प्रस्ताव हाल ही में BMC की स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखा गया है।

    क्या है इस फ्लायओवर का उद्देश्य

    इस फ्लायओवर का मुख्य उद्देश्य traffic congestion Mumbai को कम करना है।

    यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद:

    • गोरेगांव से राम मंदिर तक डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी
    • SV Road और Link Road का ट्रैफिक कम होगा
    • Western Express Highway (WEH) पर जाम से राहत मिलेगी

    देरी की बड़ी वजहें क्या रहीं

    BMC के अनुसार इस प्रोजेक्ट में देरी के कई कारण रहे:

    1. ट्रैफिक के कारण रात में काम

    फ्लायओवर चार बड़े जंक्शनों के ऊपर से गुजरता है, इसलिए दिन में काम संभव नहीं था।
    केवल night construction work ही किया गया।

    2. काम शुरू होने में देरी

    हालांकि वर्क ऑर्डर 2018 में जारी हुआ था, लेकिन असली काम 2019 में शुरू हो पाया।

    3. कोविड-19 का असर

    Pandemic के दौरान मजदूरों की कमी और काम में रुकावट आई।

    4. डिजाइन में बदलाव

    स्थानीय लोगों की मांग के कारण डिजाइन में बदलाव करना पड़ा, खासकर

    • कब्रिस्तान और श्मशान घाट तक पहुंच बनाए रखने के लिए
    • एक additional underpass बनाना पड़ा

    इसी वजह से लागत और समय दोनों बढ़ गए।

    80% काम पूरा, जल्द खुलने की उम्मीद

    अधिकारियों के मुताबिक:

    • प्रोजेक्ट का 80% काम पूरा हो चुका है
    • इसे April-end या mid-May 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है

    अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो जल्द ही इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।

    इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठ रहे सवाल

    इस प्रोजेक्ट की देरी और लागत बढ़ने के बाद मुंबई में urban infrastructure delays और project management issues पर सवाल उठ रहे हैं।

    यह मामला दिखाता है कि कैसे बड़े प्रोजेक्ट्स समय और बजट दोनों से बाहर चले जाते हैं।

    Related Links (Useful Resources)


    FAQ Section

    Q1. गोरगांव फ्लायओवर एक्सटेंशन कब शुरू हुआ था?

    यह प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था।

    Q2. अब तक कितना काम पूरा हुआ है?

    करीब 80% काम पूरा हो चुका है।

    Q3. नई लागत कितनी हो गई है?

    अब लागत ₹247 करोड़ हो गई है।

    Q4. देरी की मुख्य वजह क्या है?

    ट्रैफिक, कोविड-19 और डिजाइन बदलाव।

    Q5. यह कब तक पूरा होगा?

    अप्रैल अंत या मई 2026 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है।

  • BMC में बड़ा फेरबदल: Commissioner रिटायरमेंट से पहले 4 Assistant Commissioners ट्रांसफर

    BMC में बड़ा फेरबदल: Commissioner रिटायरमेंट से पहले 4 Assistant Commissioners ट्रांसफर

    Mumbai BMC reshuffle before Commissioner retirement: Gajanan Bellale transferred to A Ward, 4 assistant commissioners reshuffled, major administrative changes update.

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। BMC Commissioner डॉ. भूषण गगराणी के 1 अप्रैल को रिटायर होने से पहले 4 सहायक आयुक्तों (Assistant Commissioners) समेत कई अधिकारियों के ट्रांसफर और जिम्मेदारियों में बदलाव किए गए हैं।

    Commissioner रिटायरमेंट से पहले बड़ा एक्शन (BMC Administrative Reshuffle)

    BMC Commissioner डॉ. भूषण गगराणी 1 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कई अहम बदलाव करते हुए Assistant Commissioners और Executive Engineers की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है।

    गजानन बेल्लाळे की बड़ी जिम्मेदारी (Gajanan Bellale Transfer Update)

    घाटकोपर के ‘N’ वार्ड में Assistant Commissioner के पद पर काम कर रहे गजानन बेल्लाळे को अब ‘A’ वार्ड (Colaba, Nariman Point जैसे प्रमुख इलाके) की जिम्मेदारी दी गई है।

    खास बात यह है कि उनके पास Tax Assessment and Collection (कर निर्धारण व संकलन) विभाग का अतिरिक्त चार्ज भी पहले की तरह बना रहेगा।

    रोहित त्रिवेदी का ट्रांसफर (Rohit Trivedi Posting)

    ‘E’ वार्ड में Assistant Commissioner का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे Executive Engineer रोहित त्रिवेदी का ट्रांसफर अब ‘R/North’ वार्ड में किया गया है, जहां उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    आनंद कंकाळ को फुल टाइम जिम्मेदारी (Anand Kankal Appointment)

    Solid Waste Management विभाग के Executive Engineer आनंद कंकाळ को ‘E’ वार्ड का Full-Time Assistant Commissioner बनाया गया है। यह उनके लिए एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी मानी जा रही है।

    दो इंजीनियर वापस मूल विभाग में (Engineers Sent Back)

    Executive Engineer नयनीश वेंगुर्लेकर और जयदीप मोरे के पास क्रमशः ‘R/North’ और ‘A’ वार्ड का अतिरिक्त कार्यभार था।

    अब इन दोनों से Assistant Commissioner का अतिरिक्त चार्ज हटाकर उन्हें वापस उनके मूल विभाग यानी Municipal Engineer Department में भेज दिया गया है।

    रूपाली सरमळकर को अतिक्रमण विभाग (Encroachment Department Update)

    MPSC द्वारा चयनित रुपाली प्रसाद सरमळकर (पूर्व में रुपाली अशोक शिंदे) को Assistant Commissioner के पद पर नियुक्त किया गया है।

    उन्हें Encroachment Removal (City) विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो शहर में अवैध कब्जों पर कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है।

    कौन अधिकारी कहां ट्रांसफर हुए (Full Transfer List)

    • Gajanan Bellale – Assistant Commissioner (A Ward) + Tax Assessment additional charge
    • Rohit Trivedi – Assistant Commissioner (R/North Ward) (Additional Charge)
    • Anand Kankal – Assistant Commissioner (E Ward) (Full-Time)
    • Naynish Vengurlekar – वापस Municipal Engineer Department
    • Jaydeep More – वापस Municipal Engineer Department

    ऑनलाइन जानकारी और हेल्पफुल लिंक


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. BMC Commissioner कब रिटायर हो रहे हैं?
    ➡️ 1 अप्रैल 2026 को डॉ. भूषण गगराणी रिटायर हो रहे हैं।

    Q2. गजानन बेल्लाळे को कहां ट्रांसफर किया गया है?
    ➡️ उन्हें ‘A’ वार्ड (Colaba, Nariman Point) में Assistant Commissioner बनाया गया है।

    Q3. कितने अधिकारियों की बदली हुई है?
    ➡️ 4 Assistant Commissioners समेत कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

    Q4. आनंद कंकाळ को क्या जिम्मेदारी मिली है?
    ➡️ उन्हें ‘E’ वार्ड का Full-Time Assistant Commissioner बनाया गया है।

    Q5. रूपाली सरमळकर को कौन सा विभाग मिला है?
    ➡️ उन्हें Encroachment Removal (City) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

  • Goregaon – Borivali Greenfield Expressway: मुंबई को मिलेगा 10 मिनट का सुपरफास्ट कनेक्शन

    Goregaon – Borivali Greenfield Expressway: मुंबई को मिलेगा 10 मिनट का सुपरफास्ट कनेक्शन

    Mumbai BMC ने Goregaon East से Borivali East तक 5.5 km Greenfield Expressway का प्रस्ताव दिया है, जो WEH, VDBLR और GMLR को जोड़ेगा। जानें पूरा रूट, फायदे, टाइमलाइन और लेटेस्ट अपडेट।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर के भारी भरकम ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सामने आया है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने गोरेगांव पूर्व (Film City) से बोरीवली पूर्व (Magathane) के बीच करीब 5.5 किलोमीटर लंबा Greenfield Expressway बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह नया कॉरिडोर Western Express Highway (WEH) के पैरेलल बनेगा और शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक रूट्स को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

    🚧 Project Overview: क्या है पूरा प्लान?

    BMC का यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से एक Greenfield Expressway होगा, यानी इसे नए सिरे से बनाया जाएगा। यह सड़क गोरेगांव के Film City एरिया से शुरू होकर सीधे बोरीवली के Magathane तक जाएगी।

    • कुल लंबाई: 5.5 km
    • रूट: Goregaon East (Film City) → Borivali East (Magathane)
    • WEH के पैरेलल नया कॉरिडोर
    • शहर के बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक

    🔗 Connectivity Boost: शहर और सबअर्ब को सुपर कनेक्शन

    यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि मुंबई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का बड़ा लिंक बनने वाला है।

    यह सीधे जोड़ देगा:

    • VDBLR (Versova–Dahisar–Bhayandar Link Road)
    • GMLR (Goregaon–Mulund Link Road)

    इसका मतलब:
    👉 वेस्टर्न सबअर्ब से ईस्टर्न सबअर्ब तक आसान और तेज़ कनेक्टिविटी
    👉 Mulund और Airoli तक सीधा और स्मूद ट्रैवल
    👉 Coastal Road से सीधे Magathane तक पहुंच

    🚇 Twin Tunnel Link: Film City के नीचे बनेगा रास्ता

    इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात है Film City के नीचे बन रही जुड़वां सुरंग (Twin Tunnels)

    • ये टनल्स Goregaon को GMLR से जोड़ेंगी
    • इससे गाड़ियां सीधे Mulund और आगे Navi Mumbai तक जा सकेंगी
    • ट्रैफिक का लोड कई हिस्सों में बंट जाएगा

    ⏱️ Travel Time Impact: 1 घंटे का सफर सिर्फ 10 मिनट!

    BMC के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद:

    • Goregaon से Borivali का सफर:
      ⏳ पहले: 1 घंटा+
      ⚡ अब: लगभग 10 मिनट

    👉 इससे Western Express Highway पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा
    👉 Peak hour congestion में बड़ी राहत मिलेगी

    🏗️ Construction Status: अभी क्या चल रहा है?

    प्रोजेक्ट को लेकर BMC ने कंस्ट्रक्शन प्लान लगभग फाइनल कर लिया है, लेकिन कुछ जरूरी काम अभी बाकी हैं:

    • रास्ते में मौजूद encroachments (कब्ज़े) हटाने की प्रक्रिया जारी
    • इसके बाद तैयार होगा final cost estimate
    • फिर शुरू होगी tender process

    👉 अनुमान:
    📅 प्रोजेक्ट अगले 3 साल में पूरा हो सकता है

    🎯 Project Objective: क्यों जरूरी है ये एक्सप्रेसवे?

    मुंबई में पहले से मौजूद हाईवे और एक्सप्रेसवे पर भारी ट्रैफिक लोड है।

    इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य:

    • Major highways को आपस में जोड़ना
    • Alternative fast route देना
    • Daily commuters का समय बचाना
    • City mobility को स्मार्ट बनाना

    🌐 Related Useful Links


    ❓ FAQ (लोगों के सवाल)

    Q1. Goregaon–Borivali Expressway कितनी लंबी होगी?
    👉 यह एक्सप्रेसवे लगभग 5.5 किलोमीटर लंबी होगी।

    Q2. यह एक्सप्रेसवे किन क्षेत्रों को जोड़ेगा?
    👉 Goregaon East (Film City) को Borivali East (Magathane) से जोड़ेगा।

    Q3. क्या इससे ट्रैफिक कम होगा?
    👉 हां, WEH पर ट्रैफिक लोड कम होगा और वैकल्पिक तेज़ रूट मिलेगा।

    Q4. सफर का समय कितना कम होगा?
    👉 1 घंटे से घटकर लगभग 10 मिनट रह जाएगा।

    Q5. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    👉 अनुमान है कि अगले 3 साल में प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है।

  • Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali West Ekta Nagar illegal furnace factories causing fire hazards and pollution. Despite BMC notice, illegal burning of lead and scrap continues, locals allege inaction.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 31 के झोपड़पट्टी इलाके में अवैध “आग की भट्टी” कारखानों ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद BMC प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर मामला ठंडा करता नजर आ रहा है, जबकि इलाके में कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं।

    🚨 Illegal Furnace Factories से खतरे में जान

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में खुलेआम अवैध भट्टियां चलाई जा रही हैं, जहां सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा जलाया जाता है। इससे जहरीला धुआं निकल रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है।
    बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।

    🔥 Fire Hazard: पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं

    प्रशासनिक और फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के अनुसार, इन अवैध भट्टियों की वजह से इलाके में कई बार आग लग चुकी है। इसके बावजूद इन खतरनाक यूनिट्स को बंद कराने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
    यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

    👥 कौन चला रहा है ये अवैध कारोबार?

    fire-furnace-mafia-Kandivali-BMC-notice-business-people-lives-risk-news

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अजगर, जमाल, अज्जू, लड्डन, नसिबूल्ला और यादव नाम के लोग यहां बेखौफ होकर ये अवैध भट्टी का धंधा चला रहे हैं।
    इनके खिलाफ कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    🏚️ गाला मालिक का चौंकाने वाला बयान

    एक गाला मालिक चौहान से जब इस बारे में शिकायत की गई तो उसने साफ शब्दों में कहा:
    👉 “मुझे ये भट्टी वाले अच्छा खासा भाड़ा देते हैं, वो क्या करते हैं उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं।”

    इस बयान ने साफ कर दिया कि पैसों के लालच में लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

    fire-furnace-mafia-Kandivali-BMC-notice-business-people-lives-risk-ektanagar

    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    कांदिवली BMC प्रशासन ने स्थल निरीक्षण के बाद नोटिस जरूर जारी किया, लेकिन उसके बाद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
    स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि:
    👉 क्या सिर्फ नोटिस देना ही BMC की जिम्मेदारी है?
    👉 कब बंद होंगी ये खतरनाक अवैध भट्टियां?

    😡 स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

    लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई ना होने से लोग हताश और गुस्से में हैं।
    लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


    🔗 Related Useful Links:


    FAQ Section

    Q1. कांदिवली में ये अवैध भट्टियां कहां चल रही हैं?
    👉 एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 32 के झोपड़पट्टी इलाके में।

    Q2. इन भट्टियों में क्या जलाया जाता है?
    👉 सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा।

    Q3. क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
    👉 BMC ने नोटिस जारी किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    Q4. इससे क्या खतरा है?
    👉 आग लगने का खतरा और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं।

    Q5. स्थानीय लोग क्या चाहते हैं?
    👉 अवैध भट्टियों को तुरंत बंद कर सख्त कार्रवाई।

  • Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Mumbai के Kandivali East में कचरे का अंबार, road block और traffic chaos। BMC की लापरवाही से लोगों को बदबू, गंदगी और accident risk का सामना।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट (Kandivali East) में इन दिनों garbage crisis ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लोखंडवाला (Lokhandwala) इलाके के क्रांति नगर रिक्शा स्टैंड के पास 60 फीट चौड़ी सड़क पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे पूरा रास्ता लगभग बंद हो गया है। इस वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को मजबूरी में रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है।

    60 फीट सड़क पर कचरे का कब्जा

    यह सड़क दुर्गा नगर (Durga Nagar) और कुरार (Kurar) को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां रोजाना कचरे का अंबार लगा रहता है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे के ढेर इतने बड़े हैं कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी, बढ़ा हादसों का खतरा

    कचरे की वजह से वाहन चालकों को रॉन्ग साइड से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे accident risk काफी बढ़ गया है।

    लोगों का कहना है कि रोजाना यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    सीवर लाइन की खुदाई से और बिगड़ी स्थिति

    स्थिति और ज्यादा खराब इसलिए हो गई है क्योंकि इसी सड़क पर sewer line के काम के नाम पर खुदाई भी की गई है।

    इससे सड़क और संकरी हो गई है और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है।

    बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों की मुश्किलें

    सबसे खराब हालात बस स्टॉप के पास देखने को मिलते हैं, जहां लोगों को कचरे के ढेर के बीच खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

    • लंबी कतारों में लोग खड़े रहते हैं
    • बदबू और गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ता है
    • health risk भी बढ़ गया है

    यह स्थिति BMC की लापरवाही को साफ दिखाती है।

    रोजाना जमा हो रहा कचरा, कोई सुनवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।

    इसके बावजूद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थानीय नगरसेविका का बयान

    स्थानीय नगरसेविका नीलम गुरौव ने कहा:

    “यह कचरा ‘पी नॉर्थ’ यानी क्रांति नगर स्लम का है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। मेरा मानना है कि कचरा कहीं का भी हो, पूरा इलाका साफ रहना चाहिए और इसमें BMC को मदद करनी चाहिए।”

    रिक्शा चालक ने उठाए सवाल

    एक स्थानीय रिक्शा चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा:

    “BMC को कचरा पेटी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। जब घर-घर से कचरा उठाया जाता है, तो इतना कचरा सड़क पर कैसे आ जाता है? BMC का काम संदिग्ध लग रहा है।”

    जनता की मांग: तुरंत समाधान चाहिए

    Residents की मांग है कि:

    • कचरा तुरंत हटाया जाए
    • कचरा पेटी को relocate किया जाए
    • सड़क की मरम्मत और सफाई की जाए
    • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. Kandivali में garbage problem क्यों बढ़ रही है?
    कचरे का सही disposal न होना और BMC की लापरवाही इसकी मुख्य वजह है।

    Q2. क्या इससे accident risk बढ़ रहा है?
    हाँ, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप BMC के official portal पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q4. क्या इसका जल्दी समाधान होगा?
    अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों का दबाव बढ़ रहा है।

  • कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    Mumbai के Kandivali स्थित Pawar Public School पर RTE छात्रों के parents से books और uniform fees लेने का आरोप। MLA Yogesh Sagar ने विधानसभा में उठाया मामला, free education नियमों का उल्लंघन बताया।

    मुंबई: कांदिवली (Kandivali) के नामी Pawar Public School एक बार फिर विवादों में घिर गया है। Right to Education (RTE) के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों के parents से books, notebooks और school uniform के लिए पैसे मांगे जाने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर चारकोप के MLA योगेश सागर ने महाराष्ट्र विधानसभा में गंभीर सवाल उठाया है और इसे RTE कानून का खुला उल्लंघन बताया है।

    RTE नियमों का उल्लंघन होने का आरोप

    MLA योगेश सागर ने कहा कि भारत के संविधान के तहत शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। RTE Act के मुताबिक, private schools में 25% सीटें economically weaker section (EWS) के बच्चों के लिए reserved होती हैं। इन छात्रों की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है।

    इसके बावजूद Pawar Public School द्वारा parents से पैसे मांगना सीधा कानून का उल्लंघन है। उन्होंने साफ कहा कि RTE students से किसी भी प्रकार की fee लेना illegal है।

    Parents पर दबाव बनाने के आरोप

    इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल प्रशासन parents को individually बुलाकर उन पर पैसे जमा करने का दबाव बना रहा है।

    Parents का कहना है कि उन्हें कोई written notice नहीं दिया गया, बल्कि principal के cabin में बुलाकर books और uniform के नाम पर पैसे भरने के लिए कहा जा रहा है।

    कई parents ने शिकायत की है कि अगर पैसे नहीं दिए तो बच्चों को indirect तरीके से परेशान किया जा सकता है।

    क्या कहता है RTE Act?

    RTE Act और महाराष्ट्र सरकार के guidelines के अनुसार:

    • RTE छात्रों को free education देना अनिवार्य है
    • इसमें books, notebooks, uniform और study material शामिल हैं
    • स्कूल किसी भी तरह का hidden charges या extra fee नहीं ले सकता

    👉 अधिक जानकारी के लिए सरकारी लिंक:

    स्कूल की छवि पर असर

    Pawar Public School कांदिवली और बोरीवली इलाके की reputed schools में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से स्कूल की image पर भी असर पड़ सकता है।

    Parents का कहना है कि “नाम बड़ी चीज है, लेकिन अगर गरीब बच्चों से ही पैसे लिए जाएंगे तो RTE का मकसद ही खत्म हो जाएगा।”

    विधानसभा में उठा मुद्दा

    MLA योगेश सागर ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि:

    • इस मामले की जांच हो
    • दोषी स्कूल प्रशासन पर action लिया जाए
    • RTE students के rights को protect किया जाए

    शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल

    इस पूरे मामले के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि education department इस तरह की शिकायतों पर timely action क्यों नहीं लेता।

    अगर parents बार-बार शिकायत कर रहे हैं, तो monitoring system को और मजबूत करने की जरूरत है।

    Parents की बढ़ती चिंता

    मुंबई जैसे महंगे शहर में गरीब और middle-class families के लिए बच्चों की पढ़ाई पहले ही चुनौती है। ऐसे में RTE ही उनके लिए उम्मीद की किरण होती है।

    लेकिन अगर उसी में irregularities हों, तो parents के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।


    FAQ Section

    Q1. क्या RTE छात्रों से स्कूल फीस ली जा सकती है?
    नहीं, RTE Act के तहत किसी भी प्रकार की फीस लेना illegal है।

    Q2. RTE में क्या-क्या free मिलता है?
    Books, notebooks, uniform और basic study material।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप महाराष्ट्र RTE पोर्टल या स्थानीय शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    Q4. क्या स्कूल action का सामना कर सकता है?
    हाँ, अगर आरोप सही पाए गए तो स्कूल पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Mumbai Health News: Kandivali के Shatabdi Hospital में Union Minister Piyush Goyal ने Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia W6orkstation का उद्घाटन किया। NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम।

    मुंबई: Kandivali स्थित Shatabdi Hospital में हेल्थकेयर सुविधाओं को बड़ा अपग्रेड मिला है। Piyush Goyal ने यहां Advanced Medical Equipment का उद्घाटन किया, जिससे अस्पताल की surgical care और neonatal treatment capabilities और मजबूत होंगी।

    इस अपग्रेड के बाद अस्पताल अब modern healthcare infrastructure और NABH Accreditation की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    कौन-कौन से नए उपकरण हुए लॉन्च

    इस मौके पर अस्पताल में कई महत्वपूर्ण मशीनें शुरू की गईं, जिनमें शामिल हैं:

    • Digital C-Arm Machine
    • Neonatal Ventilator
    • Anesthesia Workstation

    ये सभी उपकरण अस्पताल की emergency care, surgery और newborn treatment को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    Digital C-Arm से सर्जरी होगी और सटीक

    Digital C-Arm Machine अब ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी।

    यह मशीन real-time X-ray imaging देती है, जिससे खासतौर पर orthopaedic और trauma surgeries के दौरान सर्जरी ज्यादा सटीक और सुरक्षित हो सकेगी।

    इससे patient safety और surgical success rate दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।

    Neonatal Ventilator से नवजात बच्चों को मिलेगा जीवनदान

    अस्पताल में लगाया गया Neonatal Ventilator खास तौर पर premature और critically ill newborn babies के लिए बेहद जरूरी है।

    यह मशीन NICU (Neonatal Intensive Care Unit) में उन बच्चों को सांस लेने में मदद करेगी जिन्हें जन्म के तुरंत बाद medical support की जरूरत होती है।

    बता दें कि पिछले साल अगस्त में इस अस्पताल में एक दिन में 35 डिलीवरी हुई थीं, जिससे इसकी जरूरत और ज्यादा समझ आती है।

    Anesthesia Workstation से ऑपरेशन होंगे सुरक्षित

    नई Anesthesia Workstation ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों को anesthesia देने और patient monitoring में मदद करेगी।

    इससे सर्जरी के दौरान:

    • Oxygen supply
    • Anesthetic gases
    • Patient breathing

    इन सभी पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा, जिससे safe surgery environment सुनिश्चित होगा।

    अस्पताल दौरे के दौरान स्टाफ से मिले Piyush Goyal

    उद्घाटन के दौरान Piyush Goyal ने अस्पताल का दौरा किया और doctors, nurses, hospital staff और local representatives से बातचीत की।

    उन्होंने कहा कि अस्पतालों में patient care, cleanliness, discipline और quality standards को हमेशा बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम

    Shatabdi Hospital फिलहाल National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers (NABH) accreditation पाने की प्रक्रिया में है।

    इसके लिए Quality Council of India (QCI) के अधिकारियों ने अस्पताल का 3 महीने तक detailed evaluation किया है।

    इसके बाद एक comprehensive report और gap analysis भी तैयार किया गया है।

    महाराष्ट्र का पहला NABH सरकारी अस्पताल बनने की उम्मीद

    Piyush Goyal ने उम्मीद जताई कि Kandivali का Shatabdi Hospital महाराष्ट्र का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन सकता है जिसे NABH Accreditation मिले

    अगर ऐसा होता है, तो यह public healthcare system में quality standards का नया benchmark सेट करेगा।

    CSR के जरिए मिला आधुनिक उपकरणों का सहयोग

    इस मौके पर यह भी बताया गया कि private companies ने CSR (Corporate Social Responsibility) के तहत अस्पताल को ये आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इससे सरकारी अस्पतालों में भी अब private-level healthcare facilities मिलने लगी हैं।

    Job Related Useful Links (Healthcare Careers)

    अगर आप healthcare field में career बनाना चाहते हैं, तो इन प्लेटफॉर्म्स पर jobs और opportunities देख सकते हैं:


    FAQ

    Q1: Shatabdi Hospital Kandivali में क्या नया शुरू हुआ?

    यहां Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia Workstation जैसे advanced equipment शुरू किए गए हैं।

    Q2: इन उपकरणों से क्या फायदा होगा?

    इससे surgery, emergency care और newborn treatment की quality बेहतर होगी।

    Q3: NABH Accreditation क्या है?

    यह एक quality certification है जो अस्पतालों की सेवाओं और standards को मान्यता देता है।

    Q4: Piyush Goyal ने क्या कहा?

    उन्होंने patient care, cleanliness और quality standards बनाए रखने पर जोर दिया

    Q5: क्या Shatabdi Hospital को NABH मिलेगा?

    अस्पताल evaluation process में है और उम्मीद है कि यह महाराष्ट्र का पहला NABH certified सरकारी अस्पताल बन सकता है

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।